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	<title>Kaithi lipi &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>Kaithi lipi &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>कैथी लिपि अब नहीं बनेगी परेशानी, राजस्व विभाग दे रहा ट्रेनिंग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 21 Jan 2026 01:30:19 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भूमि सर्वेक्षण में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों के समाधान की दिशा में राजस्व विभाग की पहल कैथी लिपि विशेषज्ञों के लिए पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का शुभारंभ पटना : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के तत्वावधान में कैथी लिपि विशेषज्ञों के लिए आयोजित पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत मंगलवार को राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना में हुई. इस प्रशिक्षण का उद्देश्य राज्य में भूमि सर्वेक्षण एवं अन्य राजस्व कार्यों में कैथी लिपि से संबंधित आ रही समस्याओं का समाधान करना है. कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए संस्थान के प्राचार्य दिव्य राज गणेश ने कहा कि बिहार में अधिकांश पुराने खतियान कैथी लिपि में उपलब्ध हैं, जिसके कारण आम रैयतों के साथ-साथ विभागीय कार्यों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. विशेष रूप से राज्य में चल रहे भूमि सर्वेक्षण कार्य में कैथी लिपि के कारण कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आ रहीं हैं. इन्हीं समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से विभाग द्वारा कैथी लिपि के जानकार विशेषज्ञों का चयन कर उन्हें आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है. उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा कुल 31 कैथी लिपि जानने वाले विशेषज्ञों का चयन किया गया है, जो राज्य के विभिन्न जिलों से आए हैं. इन विशेषज्ञों के लिए कैथी लिपि से अनुवाद कार्य की दर भी निर्धारित कर दी गई है. विभाग ने प्रति पृष्ठ 220 रुपये की दर तय की है, जो सरकारी एवं निजी दोनों प्रकार के कार्यों के लिए मान्य होगी. विशेष कार्य पदाधिकारी अनुपम प्रकाश ने प्रशिक्षणार्थियों को राजस्व एवं भूमि सुधार [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भूमि सर्वेक्षण में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों के समाधान की दिशा में राजस्व विभाग की पहल</strong></p>



<p><strong>कैथी लिपि विशेषज्ञों के लिए पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का शुभारंभ</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="740" height="260" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg" alt="" class="wp-image-94380" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar.jpg 740w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-revenue-and-land-reforms-department-Bihar-650x228.jpg 650w" sizes="(max-width: 740px) 100vw, 740px" /></figure>



<p>पटना : राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के तत्वावधान में कैथी लिपि विशेषज्ञों के लिए आयोजित पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत मंगलवार को राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना में हुई. इस प्रशिक्षण का उद्देश्य राज्य में भूमि सर्वेक्षण एवं अन्य राजस्व कार्यों में कैथी लिपि से संबंधित आ रही समस्याओं का समाधान करना है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/1000679969-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94443" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/1000679969-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/1000679969-650x434.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए संस्थान के प्राचार्य दिव्य राज गणेश ने कहा कि बिहार में अधिकांश पुराने खतियान कैथी लिपि में उपलब्ध हैं, जिसके कारण आम रैयतों के साथ-साथ विभागीय कार्यों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. विशेष रूप से राज्य में चल रहे भूमि सर्वेक्षण कार्य में कैथी लिपि के कारण कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आ रहीं हैं. इन्हीं समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से विभाग द्वारा कैथी लिपि के जानकार विशेषज्ञों का चयन कर उन्हें आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="796" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/pnc-revenue-and-land-reforms-department.jpg" alt="" class="wp-image-93213" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/pnc-revenue-and-land-reforms-department.jpg 796w, https://www.patnanow.com/assets/2025/11/pnc-revenue-and-land-reforms-department-650x627.jpg 650w" sizes="(max-width: 796px) 100vw, 796px" /></figure>



<p>उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा कुल 31 कैथी लिपि जानने वाले विशेषज्ञों का चयन किया गया है, जो राज्य के विभिन्न जिलों से आए हैं. इन विशेषज्ञों के लिए कैथी लिपि से अनुवाद कार्य की दर भी निर्धारित कर दी गई है. विभाग ने प्रति पृष्ठ 220 रुपये की दर तय की है, जो सरकारी एवं निजी दोनों प्रकार के कार्यों के लिए मान्य होगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/1000679968-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94445" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/1000679968-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/1000679968-650x434.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>विशेष कार्य पदाधिकारी अनुपम प्रकाश ने प्रशिक्षणार्थियों को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की संरचना, कार्यप्रणाली तथा विभिन्न स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी दी। वहीं, दूसरे सत्र में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के शोध छात्र प्रीतम कुमार तथा छपरा निवासी कैथी लिपि विशेषज्ञ वकार अहमद ने कैथी लिपि से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा की. इस दौरान प्रशिक्षार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देकर उनके संशयों का समाधान भी किया गया.<br>यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कैथी लिपि से जुड़े विशेषज्ञों को सुदृढ़ करने के साथ-साथ भूमि सर्वेक्षण एवं राजस्व कार्यों को अधिक सुगम, सटीक और समयबद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.</p>



<p><strong>क्या बोले उपमुख्यमंत्री सह राजस्व विभाग मंत्री </strong></p>



<p>उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग<br>विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि राज्य में बड़ी संख्या में रैयत ऐसे हैं जिनके भूमि संबंधी पुराने दस्तावेज कैथी लिपि में होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. उनकी इस समस्या के समाधान के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा कैथी लिपि विशेषज्ञों का पैनल तैयार किया जा रहा है. इन विशेषज्ञों को विधिवत प्रशिक्षण देकर कम दर पर अनुवाद की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि आम जनता को राहत मिले और भूमि सर्वेक्षण सहित राजस्व से संबंधित अन्य कार्य अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो सकें.</p>



<p><strong>pncb</strong></p>
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		<title>कैथी लिपि के अभिलेखों का देवनागरी में होगा अनुवाद</title>
		<link>https://www.patnanow.com/kaithi-into-devnagri-by-bhashini/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 04 Jul 2025 13:04:24 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[• ऐतिहासिक अभिलेख अब होंगे आम जनता के लिए सुलभ• सभी विभागों के लिए अच्छा कदम : मुख्य सचिव पटना।। बिहार की समृद्ध विरासत को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए एक ऐतिहासिक पहल की गई है. बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन (डीआईबीडी) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है. इसके तहत एआई के माध्यम से कैथी लिपि में लिखे गए पुराने अभिलेखों का देवनागरी में लिप्यंतरण किया जाएगा. यह एमओयू डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन के सीईओ अमिताभ नाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह की ओर से हस्ताक्षरित किया गया. मुख्य सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने कहा कि ये बेहद ही सराहनीय शुरुआत है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने अपने विभाग की समस्या को ध्यान में रखते हुए इस पर बड़ी पहल की है. ये भविष्य में सभी विभागों के लिए एक अच्छा कदम साबित होगा। सभी विभाग भाषिणी के माध्यम से कनेक्ट हो सकेंगे. इसके साथ ही शिक्षा, समाज कल्याण, पर्यटन विभाग को इस सुविधा का इस्तेमाल कर लाभान्वित होने का पूरा मौका है. मुख्य सचिव ने कहा कि भाषिणी के साथ सहयोग बिहार सरकार के कई विभागों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। प्रशासनिक एवं अन्य समस्याओं के लिए तकनीकी समाधान निकाले जा सकते हैं. कैथी लिपि में बहुत सारे रिकॉर्ड्स हैं, जिसे पढ़ने के लिए काफी मुश्किलातों का सामना [&#8230;]]]></description>
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<p><br>• <strong>ऐतिहासिक अभिलेख अब होंगे आम जनता के लिए सुलभ<br>• सभी विभागों के लिए अच्छा कदम : मुख्य सचिव</strong></p>



<p>पटना।। बिहार की समृद्ध विरासत को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए एक ऐतिहासिक पहल की गई है. बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन (डीआईबीडी) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है. इसके तहत एआई के माध्यम से कैथी लिपि में लिखे गए पुराने अभिलेखों का देवनागरी में लिप्यंतरण किया जाएगा. यह एमओयू डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन के सीईओ अमिताभ नाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह की ओर से हस्ताक्षरित किया गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="681" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-revenue-department-on-kaithi-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-90951" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-revenue-department-on-kaithi-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-revenue-department-on-kaithi-650x432.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मुख्य सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने कहा कि ये बेहद ही सराहनीय शुरुआत है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने अपने विभाग की समस्या को ध्यान में रखते हुए इस पर बड़ी पहल की है. ये भविष्य में सभी विभागों के लिए एक अच्छा कदम साबित होगा। सभी विभाग भाषिणी के माध्यम से कनेक्ट हो सकेंगे. इसके साथ ही शिक्षा, समाज कल्याण, पर्यटन विभाग को इस सुविधा का इस्तेमाल कर लाभान्वित होने का पूरा मौका है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="681" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-kaithi-into-devnagri-lipi-revenue-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-90952" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-kaithi-into-devnagri-lipi-revenue-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-kaithi-into-devnagri-lipi-revenue-650x432.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मुख्य सचिव ने कहा कि भाषिणी के साथ सहयोग बिहार सरकार के कई विभागों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। प्रशासनिक एवं अन्य समस्याओं के लिए तकनीकी समाधान निकाले जा सकते हैं. कैथी लिपि में बहुत सारे रिकॉर्ड्स हैं, जिसे पढ़ने के लिए काफी मुश्किलातों का सामना करना पड़ता है. रिटायर्ड कर्मियों पर विभागों की आज भी निर्भरता रहती है लेकिन आशा है कि इस तकनीक के माध्यम से अब ये खत्म होगी और लोगों की क्षमता विकसित हो सकेगी. इसके साथ ही उन्होंने पाली के स्क्रिप्ट को हिन्दी और अंग्रेजी में रुपांतरित करने पर भी जोर दिया. साथ ही बिहार स्पेसिफिक हैकथॉन लॉन्च कराने का भी निर्देश दिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="681" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-revenue-department-and-bhashini-mou-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-90950" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-revenue-department-and-bhashini-mou-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-revenue-department-and-bhashini-mou-650x432.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>वहीं, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने कहा कि यह पहल विशेष सर्वेक्षण की वर्तमान प्रक्रिया में भी सहायक होगी क्योंकि अधिकतर पुराने कैडस्ट्रल एवं पुनरीक्षण सर्वे अभिलेख कैथी लिपि में हैं, जिन्हें पढ़ने में काफी कठिनाई हो रही है.</p>



<p>वहीं, डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन के सीईओ अमिताभ नाग ने कहा कि भाषा किसी भी चीज में बाधा न रहे, इस पर जोर दिया जा रहा है.सभी को अपनी भाषा में लिखना-पढ़ना और बोलना आना चाहिए. यह पहल न केवल ऐतिहासिक ज्ञान को बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण है बल्कि इसे आधुनिक तकनीक के माध्यम से अधिक सुलभ भी बनाएगी. बिहार का नेतृत्व प्रशंसनीय है.</p>



<p>एमओयू कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. राजेंदर, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव हरजोत कौर बम्हरा समेत सभी विभागों के एसीएस/पीएस/सचिव सहित राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे.</p>



<p>इस कार्यक्रम के बाद राजस्व सर्वे प्रशिक्षण संस्थान में डीआईबीडी की तरफ से राज्यम कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न तकनीकी विशेषज्ञों, अधिकारियों के साथ विभिन्न विभागों के कर्मियों ने भाग लिया. कार्यशाला में ज्ञान साझा करने, क्षमता निर्माण और भाषिणी के भाषा प्रौद्योगिकी ढांचे को राज्य विभागों में एकीकृत करने की योजना पर चर्चा की गई.</p>



<p>इस कार्यशाला में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने कहा कि भाषिणी ने कैथी लिपि के अभिलेखों की देवनागरी में अनुवाद पर काम शुरू कर दिया है. हालांकि, दूसरे विभाग भी इनका लाभ उठा सकते हैं. भाषिणी हमारी सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने में भी काफी मददगार साबित हो सकती है. उन्होंने पाली के आलेखों को हिन्दी में रुपांतरित करने पर बल दिया.</p>



<p>इस कार्यशाला में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह, सीआईडी के एडीजी पारसनाथ, भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशक जे. प्रियदर्शिनी, विशेष सचिव अरुण कुमार सिंह, डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन के सीईओ अमिताभ नाग समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>अब नहीं परेशान करेगी &#8216;कैथी&#8217;, जमीन के सारे रहस्य खोलेगी ये मैजिक बुक</title>
		<link>https://www.patnanow.com/kaithi-book-published/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 05 Dec 2024 12:11:50 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पटना।। भूमि के पुराने रिकॉर्ड्स में बड़ी बाधा बन रही कैथी लिपि को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बड़ी पहल की है. बिहार में विगत सर्वे खतियान एवं अनेक पुराने दस्तावेजों के कैथी लिपि में लिखे रहने के कारण विशेष सर्वेक्षण प्रक्रिया में आम रैयतों के साथ-साथ सर्वे कर्मियों को भी अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. इन समस्याओं को देखते हुए राजस्व विभाग द्वारा कैथी लिपि से संबंधित एक पुस्तिका प्रकाशित करने का निर्णय लिया. पुराने कैथी में लिखित दस्तावेजों को हिंदी लिपि में रूपांतरित करने के लिए लोग निजी व्यक्तियों या पुराने सरकारी कर्मियों का सहारा लेते थे एवं इसके लिए कभी कभी उनसे अनावश्यक राशि की वसूली भी कर ली जाती थी. अधिकांश लोगों ने इस संबंध में विभाग और क्षेत्रीय कार्यालयों में अपनी समस्याएं रखी थीं. इसी के आलोक में विभाग ने इस पुस्तिका के प्रकाशन का निर्णय लिया. यह पुस्तिका विभागीय वेबसाइट पर भी उपलब्ध है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल ने अपने कार्यालय कक्ष में कैथी लिपि पर लिखी गई इस पुस्तिका का अनावरण किया. इस अवसर पर विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह, सचिव जय सिंह, भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशक जे प्रियदर्शिनी उपस्थित थीं. इस पुस्तिका की मदद से आम रैयत भी इस लिपि के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकता है और अपने राजस्व दस्तावेजों का अवलोकन कर सकता है. इस कार्य के लिए बनारस हिंदू विश्व विद्यालय के शोध छात्र श्री प्रीतम कुमार की सेवाएं ली गईं. विभाग द्वारा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। भूमि के पुराने रिकॉर्ड्स में बड़ी बाधा बन रही कैथी लिपि को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बड़ी पहल की है. बिहार में विगत सर्वे खतियान एवं अनेक पुराने दस्तावेजों के कैथी लिपि में लिखे रहने के कारण विशेष सर्वेक्षण प्रक्रिया में आम रैयतों के साथ-साथ सर्वे कर्मियों को भी अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. इन समस्याओं को देखते हुए राजस्व विभाग द्वारा कैथी लिपि से संबंधित एक पुस्तिका प्रकाशित करने का निर्णय लिया. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="528" height="608" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1000225248.jpg" alt="" class="wp-image-87988"/></figure>



<p>पुराने कैथी में लिखित दस्तावेजों को हिंदी लिपि में रूपांतरित करने के लिए लोग निजी व्यक्तियों या पुराने सरकारी कर्मियों का सहारा लेते थे एवं इसके लिए कभी कभी उनसे अनावश्यक राशि की वसूली भी कर ली जाती थी. अधिकांश लोगों ने इस संबंध में विभाग और क्षेत्रीय कार्यालयों में अपनी समस्याएं रखी थीं. इसी के आलोक में विभाग ने इस पुस्तिका के प्रकाशन का निर्णय लिया. यह पुस्तिका विभागीय वेबसाइट पर भी उपलब्ध है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-revenue-department-kaithi-lipi-book-release-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87986" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-revenue-department-kaithi-lipi-book-release-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-revenue-department-kaithi-lipi-book-release-650x434.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-revenue-department-kaithi-lipi-book-release-1536x1025.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-revenue-department-kaithi-lipi-book-release-2048x1367.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल ने अपने कार्यालय कक्ष में कैथी लिपि पर लिखी गई इस पुस्तिका का अनावरण किया. इस अवसर पर विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह, सचिव जय सिंह, भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशक जे प्रियदर्शिनी उपस्थित थीं. इस पुस्तिका की मदद से आम रैयत भी इस लिपि के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकता है और अपने राजस्व दस्तावेजों का अवलोकन कर सकता है. इस कार्य के लिए बनारस हिंदू विश्व विद्यालय के शोध छात्र श्री प्रीतम कुमार की सेवाएं ली गईं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="913" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-kaithi-lipi-book-release-by-mantri-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87985" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-kaithi-lipi-book-release-by-mantri-scaled.jpg 913w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-kaithi-lipi-book-release-by-mantri-579x650.jpg 579w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-kaithi-lipi-book-release-by-mantri-1369x1536.jpg 1369w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-kaithi-lipi-book-release-by-mantri-1826x2048.jpg 1826w" sizes="auto, (max-width: 913px) 100vw, 913px" /></figure>



<p>विभाग द्वारा तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 7 जिलों यथाः- पश्चिम चंपारण, दरभंगा, समस्तीपुर, सीवान, सारण, मुंगेर एवं जमुई के बंदोबस्त कार्यालयों में पदस्थापित विशेष सर्वेक्षण कर्मियों को दिया जा चुका है. विभाग द्वारा राज्य के अन्य सभी जिलों में भी प्रशिक्षण देने का कार्यक्रम तैयार कर लिया गया है. विभाग द्वारा उठाए गए इस कदम से राज्य के सभी वैसे रैयत लाभान्वित होंगे जिनके पास भू- स्वामित्व से संबंधित पुराने दस्तावेज कैथी लिपि में लिखे हुए हैं और उसके आधार पर ही उनकी भूमि के स्वामित्व का निर्धारण वर्तमान सर्वे की प्रक्रिया में किया जाना है.</p>



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