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	<title>K K PATHAK &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>K K PATHAK &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<item>
		<title>5 लाख 40 हजार बच्चों के नाम सरकारी स्कूलों से काट दिए</title>
		<link>https://www.patnanow.com/names-of-5-lakh-40-thousand-children-removed-from-government-schools/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 10 Oct 2023 04:01:21 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अब कैसे ध्यान आया और नाम काटने की नौबत आई सर्वाधिक चौथी कक्षा के 74 हजार 394 छात्र-छात्राओं का कटा नाम विद्यालयों में नामांकन के बावजूद बिना सूचना के लगातार गैरहाजिर थे छात्र पहली कक्षा के 31 हजार 567 दूसरी कक्षा के 49 हजार 214 तीसरी कक्षा के 67 हजार 294 चौथी कक्षा के 74 हजार 394 पांचवी कक्षा के 72 हजार 832 छठी कक्षा के 63 हजार 667 सातवीं कक्षा के 60 हजार 354 आठवीं कक्षा के 58 हजार 563 नौवीं कक्षा के 4 हजार 934 11वीं कक्षा के 3 हजार 765 12वीं कक्षा के 2 हजार 198 पटना. अपर मुख्य सचिव के के पाठक किसी को बख्शने के मूड में नहीं हैं. के के पाठक के आदेश के बाद प्रारंभिक से लेकर माध्यमिक विद्यालयों से अब तक पांच लाख 39 हजार 466 छात्र-छात्राओं के नामांकन रद्द किए जा चुके हैं.ये विद्यार्थी पहली कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा तक के हैं, जो सरकारी विद्यालयों में नामांकन के बावजूद बिना सूचना के लगातार गैरहाजिर थे. शिक्षा विभाग का मानना है कि इनमें दोहरे नामांकन लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या अधिक होगी, जो पढ़ाई के लिए निजी विद्यालयों में नामांकित हैं, लेकिन सरकार की लाभुक योजनाओं का लाभ लेने के लिए अभिभावकों ने उनका सरकारी विद्यालयों में नाम लिखा रखा है. ऐसे विद्यार्थी सरकारी विद्यालयों से लगातार गैरहाजिर चल रहे थे. शिक्षा विभाग की मॉनीटरिंग रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी विद्यालयों में गैरहाजिर चल रहे करीब पांच लाख 40 हजार विद्यार्थियों के नाम काटे जा चुके हैं.उनमें पहली कक्षा के 31 हजार [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<h1 class="wp-block-heading">अब कैसे ध्यान आया और नाम काटने की नौबत आई </h1>



<p></p>



<p><strong>सर्वाधिक चौथी कक्षा के 74 हजार 394 छात्र-छात्राओं का कटा नाम</strong></p>



<p><strong>विद्यालयों में नामांकन के बावजूद बिना सूचना के लगातार गैरहाजिर थे</strong> <strong>छात्र </strong></p>



<p></p>



<blockquote class="wp-block-quote is-layout-flow wp-block-quote-is-layout-flow">
<p><strong>पहली कक्षा के 31 हजार 567</strong></p>



<p><strong> दूसरी कक्षा के 49 हजार 214</strong></p>



<p><strong>तीसरी कक्षा के 67 हजार 294</strong></p>



<p><strong>चौथी कक्षा के 74 हजार 394</strong></p>



<p><strong>पांचवी कक्षा के 72 हजार 832</strong></p>



<p><strong>छठी कक्षा के 63 हजार 667</strong></p>



<p><strong>सातवीं कक्षा के 60 हजार 354</strong></p>



<p><strong>आठवीं कक्षा के 58 हजार 563</strong></p>



<p><strong>नौवीं कक्षा के 4 हजार 934</strong></p>



<p><strong>11वीं कक्षा के 3 हजार 765</strong></p>



<p><strong>12वीं कक्षा के 2 हजार 198 </strong></p>
</blockquote>



<p>पटना.  अपर मुख्य सचिव के के पाठक किसी को बख्शने के मूड में नहीं हैं. के के पाठक के आदेश के बाद प्रारंभिक से लेकर माध्यमिक विद्यालयों से अब तक पांच लाख 39 हजार 466 छात्र-छात्राओं के नामांकन रद्द किए जा चुके हैं.ये विद्यार्थी पहली कक्षा से लेकर बारहवीं कक्षा तक के हैं, जो सरकारी विद्यालयों में नामांकन के बावजूद बिना सूचना के लगातार गैरहाजिर थे.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/10/children-650x488.png" alt="" class="wp-image-79080" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/10/children-650x488.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/children-350x263.png 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/children-768x576.png 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/children.png 1200w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>शिक्षा विभाग का मानना है कि इनमें दोहरे नामांकन लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या अधिक होगी, जो पढ़ाई के लिए निजी विद्यालयों में नामांकित हैं, लेकिन सरकार की लाभुक योजनाओं का लाभ लेने के लिए अभिभावकों ने उनका सरकारी विद्यालयों में नाम लिखा रखा है. ऐसे विद्यार्थी सरकारी विद्यालयों से लगातार गैरहाजिर चल रहे थे.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/10/child-650x293.png" alt="" class="wp-image-79081" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/10/child-650x293.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/child-350x158.png 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/child-768x346.png 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/10/child.png 1000w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>शिक्षा विभाग की मॉनीटरिंग रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी विद्यालयों में गैरहाजिर चल रहे करीब पांच लाख 40 हजार विद्यार्थियों के नाम काटे जा चुके हैं.उनमें पहली कक्षा के 31 हजार 567, दूसरी कक्षा के 49 हजार 214, तीसरी कक्षा के 67 हजार 294, चौथी कक्षा के 74 हजार 394, पांचवी कक्षा के 72 हजार 832, छठी कक्षा के 63 हजार 667, सातवीं कक्षा के 60 हजार 354, आठवीं कक्षा के 58 हजार 563, नौवीं कक्षा के 4 हजार 934, 11वीं कक्षा के 3 हजार 765 और 12वीं कक्षा के 2 हजार 198 विद्यार्थी हैं.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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			</item>
		<item>
		<title>स्कूलों का शौचालय बद से बदतर, सुधारें हालत  : केके पाठक</title>
		<link>https://www.patnanow.com/school-toilets-from-bad-to-worse-improve-condition-kk-pathak/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 17 Aug 2023 04:56:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
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		<category><![CDATA[school School toilets from bad to worse]]></category>
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					<description><![CDATA[सभी डीएम को चिट्ठी लिखी, समाधान भी बताया स्कूलों की सुविधाओं में सुधार की जरुरत विद्यालयों में शौचालयों की साफ-सफाई को लेकर नाराज है पाठक पटना: शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक का स्कूलों पर एक्शन जारी है. स्कूलों का धुआंधार निरीक्षण के बाद सब स्कूलों की सुविधाएं सुधार की बारी है. अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान अधिकांश प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय में शौचालय की स्थिति खराब और बद से बदतर दिखी. ज्यादातर विद्यालय में टॉयलेट इस्तेमाल के लायक ही नहीं ही है, लेकिन अब इसकी तस्वीरें बदलने वाली है. प्रारंभिक और माध्यमिक विद्यालयों में शौचालयों की साफ-सफाई को लेकर जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने दिशा-निर्देश जारी कर जिलाधिकारियों को कहा है कि स्कूलों के निरीक्षण में यह बात सामने आई है कि वहां पर शौचालय बने हुए हैं. लेकिन, अधिकांश उपयोग के लायक नहीं है. निरीक्षण में देखा गया कि इसका मुख्य कारण साफ-सफाई का अभाव है. शौचालयों के साथ ही स्कूल परिसर की सफाई की बात उन्होंने अपने पत्र में कहा है. चिट्ठी में कहा गया है कि इसके लिए जिला और प्रखंड स्तर पर एजेंसी भी तय कर दी गई है. केके पाठक ने अपने पत्र में जिलाधिकारी को स्पष्ट रुपए खर्च करने को लिखा है. खर्च के मद को विस्तृत जानकारी दी गई है.चिट्ठी में कहा गया है कि खनन सेस के अंतर्गत खान एवं भूतत्व विभाग के द्वारा जिलों को दी जाती है. पिछले वर्ष 126 करोड़ इस मद में जिलों को दी गई [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p></p>



<p><strong> सभी डीएम को चिट्ठी लिखी, समाधान भी बताया</strong></p>



<p><strong>स्कूलों की सुविधाओं में  सुधार की जरुरत </strong></p>



<p><strong>विद्यालयों में शौचालयों की साफ-सफाई को लेकर नाराज है पाठक </strong></p>



<p>पटना: शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक का स्कूलों पर एक्शन जारी है. स्कूलों का धुआंधार निरीक्षण के बाद सब स्कूलों की सुविधाएं सुधार की बारी है. अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान अधिकांश प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय में शौचालय की स्थिति खराब और बद से बदतर दिखी. ज्यादातर विद्यालय में टॉयलेट इस्तेमाल के लायक ही नहीं ही है, लेकिन अब इसकी तस्वीरें बदलने वाली है. प्रारंभिक और माध्यमिक विद्यालयों में शौचालयों की साफ-सफाई को लेकर जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने दिशा-निर्देश जारी कर जिलाधिकारियों को कहा है कि स्कूलों के निरीक्षण में यह बात सामने आई है कि वहां पर शौचालय बने हुए हैं. लेकिन, अधिकांश उपयोग के लायक नहीं है. निरीक्षण में देखा गया कि इसका मुख्य कारण साफ-सफाई का अभाव है. शौचालयों के साथ ही स्कूल परिसर की सफाई की बात उन्होंने अपने पत्र में कहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/ke-ke-pathak-1-650x366.png" alt="" class="wp-image-77296" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/ke-ke-pathak-1-650x366.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/ke-ke-pathak-1-350x197.png 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/ke-ke-pathak-1.png 768w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>चिट्ठी में कहा गया है कि इसके लिए जिला और प्रखंड स्तर पर एजेंसी भी तय कर दी गई है. केके पाठक ने अपने पत्र में जिलाधिकारी को स्पष्ट रुपए खर्च करने को लिखा है. खर्च के मद को विस्तृत जानकारी दी गई है.चिट्ठी में कहा गया है कि खनन सेस के अंतर्गत खान एवं भूतत्व विभाग के द्वारा जिलों को दी जाती है. पिछले वर्ष 126 करोड़ इस मद में जिलों को दी गई थी, जिसमें अभी भी 77 करोड़ बची हुई है. मनरेगा के अंतर्गत स्वच्छता मद से भी राशि प्राप्त की जा सकती है. राज्य में 13 आकांक्षी जिले हैं, इस मद से राशि ली जा सकती है या नहीं, इस पर भी विचार करें.निर्देश में कहा गया है कि इन मदों से कितने शौचालयों की सफाई की जा सकती है, इसे सूचीबद्ध करें. शेष राशि विभाग के द्वारा जिलों को उपलब्ध कराया जाएगा.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शिक्षकों को जातीय गणना में शामिल होने का आदेश: के के पाठक</title>
		<link>https://www.patnanow.com/teachers-ordered-to-participate-in-caste-census-kk-pathak/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 02 Aug 2023 06:27:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
		<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
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		<category><![CDATA[K K PATHAK]]></category>
		<category><![CDATA[patna bihar]]></category>
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					<description><![CDATA[हर दिन बदलते आदेश से परेशान है बिहार के शिक्षक शिक्षकों को केवल जातीय जनगणना के कार्य में लगाया जाएसभी जिलों के डीएम को लिखा पत्र पटना: शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने अब एक नया फरमान जारी किया है. उन्होंने सभी जिलों के डीएम को पत्र लिखकर कहा है कि आज से जातीय गणना होने जा रही है जिसमें शिक्षक शामिल होंगे, लेकिन इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि स्कूलों में पठन पाठन का कार्य प्रभावित नहीं हो. सभी स्कूलों में शिक्षक रहने चाहिए. सभी जिलों के डीएम को लिखे गये पत्र में केके पाठक ने कहा है कि आज से जातीय जनगणना फिर से शुरू हो गई है. जनगणना कार्य में शिक्षकों को भी लगाया गया है. इसे लेकर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने सभी जिलाधिकारी को पत्र लिखा है. जिसमें यह कहा गया है कि जातीय जनगणना में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति करते समय इस बात का ध्यान रखा जाए कि कोइ भी स्कूल पूरी तरह शिक्षक विहीन न हो जाए. शिक्षकों को केवल जातीय जनगणना के कार्य में लगाया जाए अन्य कोई प्रशासनिक कार्य इनसे ना लिया जाए. बता दें कि इससे पहले केके पाठक ने आदेश दिया था कि गैर शैक्षणिक कार्यों में शिक्षक शामिल नहीं होंगे. लेकिन अब उन्होंने फिर नया फरमान जारी किया है जिसमें उन्होंने शिक्षकों के जातीय गणना में शामिल होने की बात कही है. यही नहीं सभी तरह के प्रशिक्षण को भी तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है. इस बारे [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><br><strong>हर दिन बदलते आदेश से परेशान है बिहार के शिक्षक </strong></p>



<p><strong>शिक्षकों को केवल जातीय जनगणना के कार्य में लगाया जाए</strong><br><strong>सभी जिलों के डीएम को लिखा पत्र</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="451" height="650" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/F2gT1uvXQAA_NcL-451x650.jpg" alt="" class="wp-image-76901" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/F2gT1uvXQAA_NcL-451x650.jpg 451w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/F2gT1uvXQAA_NcL-243x350.jpg 243w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/F2gT1uvXQAA_NcL-768x1106.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/F2gT1uvXQAA_NcL.jpg 889w" sizes="(max-width: 451px) 100vw, 451px" /></figure>



<p>पटना: शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने अब  एक नया फरमान जारी किया है. उन्होंने सभी जिलों के डीएम को पत्र लिखकर कहा है कि आज से जातीय गणना होने जा रही है जिसमें शिक्षक शामिल होंगे, लेकिन इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि स्कूलों में पठन पाठन का कार्य प्रभावित नहीं हो. सभी स्कूलों में शिक्षक रहने चाहिए. सभी जिलों के डीएम को लिखे गये पत्र में केके पाठक ने कहा है कि आज से जातीय जनगणना फिर से शुरू हो गई है. जनगणना कार्य में शिक्षकों को भी लगाया गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="326" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/ke-ke-pathak-650x326.png" alt="" class="wp-image-76898" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/ke-ke-pathak-650x326.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/ke-ke-pathak-350x175.png 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/ke-ke-pathak-768x385.png 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/ke-ke-pathak.png 998w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इसे लेकर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने सभी जिलाधिकारी को पत्र लिखा है. जिसमें यह कहा गया है कि जातीय जनगणना में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति करते समय इस बात का ध्यान रखा जाए कि कोइ भी स्कूल पूरी तरह शिक्षक विहीन न हो जाए. शिक्षकों को केवल जातीय जनगणना के कार्य में लगाया जाए अन्य कोई प्रशासनिक कार्य इनसे ना लिया जाए. बता दें कि इससे पहले केके पाठक ने आदेश दिया था कि गैर शैक्षणिक कार्यों में शिक्षक शामिल नहीं होंगे. लेकिन अब उन्होंने फिर नया फरमान जारी किया है जिसमें उन्होंने शिक्षकों के जातीय गणना में शामिल होने की बात कही है. यही नहीं सभी तरह के प्रशिक्षण को भी तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है. इस बारे में एससीईआरटी ने भी सभी संबंधित संस्थानों को निर्देश जारी किया है और सभी तरह के प्रशिक्षण को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का निर्देश दिया है.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>227 एफिलिएटेड कॉलेजों पर छाये संकट के बादल</title>
		<link>https://www.patnanow.com/227-affiliated-colleges-are-in-now-in-problem/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 21 Jul 2023 10:52:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
		<category><![CDATA[Big News]]></category>
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		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
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					<description><![CDATA[शिक्षा विभाग का नया फरमान, कागजी कॉलेजों की मान्यता होगी रदद् MJMC केस के निपटारे की कल है अंतिम डेडलाइन महज नाम के स्टूडेंट की संख्या वाले एफिलिएटेड कॉलेजों पर लटकी शिक्षा विभाग की तलवार पटना, 21 जुलाई।। शिक्षा विभाग के नए अपर मुख्य सचिव के. के. पाठक ने फिर एक फरमान जारी कर शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है. अपने नए आदेश में उन्होंने कहा है कि वैसे कॉलेज जहां स्टूडेंट की संख्या महज नाम मात्र की है उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी. इसको लेकर सभी विश्वविद्यालय के कुलपतियों को आदेश जारी किया गया है. शिक्षा विभाग के इस आदेश के बाद उन कॉलेज में हड़कंप ज्यादा मचा हुआ है जहां सिर्फ एग्जाम के समय ही स्टूडेंटों की संख्या दिखती है. वर्तमान में बिहार में कुल 227 एफिलिएटेड कॉलेज हैं. अब इन कॉलेज पर के के पाठक के आदेश की तलवार खींच गई है. गुरुवार की शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिएशिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के. के. पाठक ने सभी कुलपतियों के साथ बैठक कर रहे थे और इसी बैठक के क्रम में उन्होंने सभी कुलपतियों को आदेश जारी किया कि वैसे कॉलेज जो महज कागजों पर चल रहे हैं उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी. इज़के साथ ही एफिलिएटेड अल्पसंख्यक कॉलेज के लिए भी यह निर्देश जारी किया. यह आदेश कागजों पर ही स्टूडेंट दिखाने वाले एफिलिएटेड उन सभी कॉलेजों के लिए जारी किया गया चाहे वह अल्पसंख्यक कॉलेज हो या कोई अन्य. उन्होंने ऐसे कागजों पर स्टूडेंट्स दिखाने वाले तमाम कॉलेजों की वर्तमान स्थिति [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>शिक्षा विभाग का नया फरमान, कागजी कॉलेजों की मान्यता होगी रदद्</strong></p>



<p><strong>MJMC केस के निपटारे की कल है अंतिम डेडलाइन</strong></p>



<p><strong>महज नाम के स्टूडेंट की संख्या वाले एफिलिएटेड कॉलेजों पर लटकी शिक्षा विभाग की तलवार</strong></p>



<p>पटना, 21 जुलाई।। शिक्षा विभाग के नए अपर मुख्य सचिव के. के. पाठक ने फिर एक फरमान जारी कर शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है. अपने नए आदेश में उन्होंने कहा है कि वैसे कॉलेज जहां स्टूडेंट की संख्या महज नाम मात्र की है उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी. इसको लेकर सभी विश्वविद्यालय के कुलपतियों को आदेश जारी किया गया है. शिक्षा विभाग के इस आदेश के बाद उन कॉलेज में हड़कंप ज्यादा मचा हुआ है जहां सिर्फ एग्जाम के समय ही स्टूडेंटों की संख्या दिखती है. वर्तमान में बिहार में कुल 227 एफिलिएटेड कॉलेज हैं. अब इन कॉलेज पर के के पाठक के आदेश की तलवार खींच गई है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="487" height="650" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/PNC_KK-pathak-487x650.jpg" alt="" class="wp-image-76579" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/PNC_KK-pathak-487x650.jpg 487w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/PNC_KK-pathak-262x350.jpg 262w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/PNC_KK-pathak-768x1025.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/PNC_KK-pathak.jpg 794w" sizes="(max-width: 487px) 100vw, 487px" /></figure>



<p>गुरुवार की शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए<br>शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के. के. पाठक ने सभी कुलपतियों के साथ बैठक कर रहे थे और इसी बैठक के क्रम में उन्होंने सभी कुलपतियों को आदेश जारी किया कि वैसे कॉलेज जो महज कागजों पर चल रहे हैं उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी. इज़के साथ ही एफिलिएटेड अल्पसंख्यक कॉलेज के लिए भी यह निर्देश जारी किया.</p>



<p>यह आदेश कागजों पर ही स्टूडेंट दिखाने वाले एफिलिएटेड उन सभी कॉलेजों के लिए जारी किया गया चाहे वह अल्पसंख्यक कॉलेज हो या कोई अन्य. उन्होंने ऐसे कागजों पर स्टूडेंट्स दिखाने वाले तमाम कॉलेजों की वर्तमान स्थिति की जानकारी भी मांगी है.</p>



<p>इसके साथ ही उन्होंने सभी कुलपतियों को मान्यता प्राप्त सभी कॉलेज के शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मियों का अटेंडेंस सीट दोपहर तीन बजे तक शिक्षा विभाग को भेजने का निर्देश जारी किया. यह भी तय है कि अटेंडेंस सीट उपलब्ध नहीं किए जाने पर कार्रवाई निश्चित है.</p>



<p>बताते चलें कि अपर मुख्य सचिव के. के. पाठक ने सभी विश्वविद्यालय के कुलपतियों को MJMC केस का निपटारा करने का भी निर्देश दिया है जिसकी डेडलाइन उन्होंने 22 जुलाई का दिया है. अब देखना होगा कि कल समाप्त हो रही डेडलाइन के बाद MJMC के निपटारे के मुद्दे पर क्या एक्शन होता है.</p>
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		<title>धरना में शामिल शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश</title>
		<link>https://www.patnanow.com/order-to-suspend-the-teachers-involved-in-the-strike-with-immediate-effect/</link>
		
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		<pubDate>Wed, 19 Jul 2023 02:37:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[सीवान के 20 शिक्षकों के ऊपर निलंबन का लटक रहा है तलवार आचार संहिता का उल्लंघन का मामला केके पाठक के आदेश पर कार्रवाई कार्रवाई से शिक्षकों में मचा हड़कंप बिहार के सीवान जिले में कार्यरत 20 शिक्षकों पर शिक्षा विभाग का गाज गिरने वाला है.जल्द ही चिन्हित 20 शिक्षकों को निलंबित किया जाएगा. हालांकि इन्हें कब निलंबित किया जाएगा इसकी कोई तिथि निर्धारित नहीं की गई है.हालांकि विभागीय स्तर पर ऐसे शिक्षकों पर कार्रवाई करने के लिए सुगबुगाहट शुरू है. दरअसल, राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग को लेकर पटना में आयोजित धरना प्रदर्शन में शामिल सीवान के 20 शिक्षकों को निलंबित करने का निर्देश जारी हुआ है. जिसके बाद से शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है. दरअसल, शिक्षा विभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि सरकार की नीतियों का विरोध करना, विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव करना, बिहार पंचायत, नगर प्रारंभिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक, पुस्तकालयध्यक्ष, नियमावली में प्रावधान आचार संहिता के विपरीत है. इसलिए यह आचार संहिता के उल्लंघन का मामला बनता है. जिसके कारण उन्हें निलंबित किया जाएगा. 11 जुलाई को शिक्षक राज्य कर्मी का दर्जा देने सहित अन्य मांगों को लेकर बिहार के माध्यमिक शिक्षक संघ बिहार राज्य पंचायत, नगर निकाय, प्रारंभिक शिक्षक संघ और परिवर्तनकारी शिक्षक संघ के संयुक्त आह्वान पर शिक्षकों ने अपनी मांगों के समर्थन में पटना पहुंचकर विधानसभा का घेराव किया था और पटना के गर्दनीबाग में प्रदर्शन भी किया था. जबकि विभाग ने पहले ही शिक्षकों को चेतावनी दिया था कि वह विरोध प्रदर्शन में [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>सीवान के 20 शिक्षकों के ऊपर निलंबन का लटक रहा है तलवार</strong></p>



<p><strong>आचार संहिता का उल्लंघन का मामला</strong></p>



<p><strong>केके पाठक के आदेश पर कार्रवाई</strong></p>



<p><strong>कार्रवाई से शिक्षकों में मचा हड़कंप</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/TEACHER-2-650x488.png" alt="" class="wp-image-76522" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/TEACHER-2-650x488.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/TEACHER-2-350x263.png 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/TEACHER-2-768x576.png 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/TEACHER-2.png 1200w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>बिहार के सीवान जिले में कार्यरत 20 शिक्षकों पर शिक्षा विभाग का गाज गिरने वाला है.जल्द ही चिन्हित 20 शिक्षकों को निलंबित किया जाएगा. हालांकि इन्हें कब निलंबित किया जाएगा इसकी कोई तिथि निर्धारित नहीं की गई है.हालांकि विभागीय स्तर पर ऐसे शिक्षकों पर कार्रवाई करने के लिए सुगबुगाहट शुरू है. दरअसल, राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग को लेकर पटना में आयोजित धरना प्रदर्शन में शामिल सीवान के 20 शिक्षकों को निलंबित करने का निर्देश जारी हुआ है. जिसके बाद से शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है. दरअसल, शिक्षा विभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि सरकार की नीतियों का विरोध करना, विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव करना, बिहार पंचायत, नगर प्रारंभिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक, पुस्तकालयध्यक्ष, नियमावली में प्रावधान आचार संहिता के विपरीत है. इसलिए यह आचार संहिता के उल्लंघन का मामला बनता है. जिसके कारण उन्हें निलंबित किया जाएगा.</p>



<p>11 जुलाई को शिक्षक राज्य कर्मी का दर्जा देने सहित अन्य मांगों को लेकर बिहार के माध्यमिक शिक्षक संघ बिहार राज्य पंचायत, नगर निकाय, प्रारंभिक शिक्षक संघ और परिवर्तनकारी शिक्षक संघ के संयुक्त आह्वान पर शिक्षकों ने अपनी मांगों के समर्थन में पटना पहुंचकर विधानसभा का घेराव किया था और पटना के गर्दनीबाग में प्रदर्शन भी किया था. जबकि विभाग ने पहले ही शिक्षकों को चेतावनी दिया था कि वह विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे. इसके बावजूद शिक्षक शामिल हुए. जिसके बाद विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने करवाई की आदेश दिया है.</p>



<p>शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी को धरना में शामिल शिक्षकों को चिन्हित करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया. यही नहीं इसमें बर्खास्तगी का भी आदेश दिया गया है. अपर मुख्य सचिवके के पाठक के आदेश के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी मिथिलेश कुमार ने 20 शिक्षकों को चिन्हित कर कार्रवाई शुरू कर दी है. जिसके बाद से शिक्षकों में हड़कंप मच गया है.</p>



<p><strong>pncdesk</strong></p>
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