युवा रचनाकार अनूप की कविता ‘पुरुष’

पुरुष मैं पुरुष हूँऔर मैं भी प्रताड़ित होता हूँमैं भी घुटता हूँ पिसता हूँटूटता हूँ, बिखरता हूँभीतर ही भीतररो नहीं पाता, कह नहीं पातापत्थर हो चुका,तरस जाता हूँ पिघलने को,क्योंकि मैं पुरुष हूँ ! मैं भी सताया जाता हूँजला दिया जाता हूँउस “दहेज” की आग मेंजो कभी मांगा ही नहीं था,स्वाह कर दिया जाता हैमेरे उस मान सम्मानको तिनका तिनकाकमाया था जिसे मैंनेमगर आह भी नहीं भर सकताक्योंकि पुरुष हूँ ! मैं भी देता हूँ आहुति“विवाह” की अग्नि मेंअपने रिश्तों कीहमेशा धकेल दिया जाता हूँरिश्तों का वज़न बांध करज़िम्मेदारियों के उस कुँए मेंजिसे भरा नहीं जा सकतामेरे अंत तक भीकभी दर्द अपना बता नहीं सकताकिसी भी तरह जता नहीं सकताबहुत मजबूत होने काठप्पा लगाए जीता हूँक्योंकि मैं पुरुष हूँ ! सुना है जब मन भरता हैतब वो आंखों से बहता है“मर्द होकर रोता है”“मर्द को दर्द कब होता है”टूट जाता है मन सेआंखों का वो रिश्तासब कुछ देकर बन नहीं पाता फरिश्ताक्योंकि मैं पुरुष हूँ ! –अनूप नारायण सिंह

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आठ पत्रकारों और एक यूट्यूबर को तेज प्रताप ने भेजा मानहानि का कानूनी नोटिस

सुखियों में बने रहने के लिए कुछ भी कर गुजरते हैं तेजप्रताप बिहार के वरिष्ठ पत्रकारों को लिया निशाने पर 50 करोड़ की मानहानि का किया है दावा   राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव खुद को सुर्खियों में बनाए रखते हैं। कभी बयानों को लेकर तो कभी अपनी कार्यशैली के कारण उनकी चर्चा होती ही रहती है। पत्रकारों का स्टिंग करने के बाद अब तेज प्रताप ने नौ पत्रकारों के खिलाफ मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। इस नोटिस को खुद तेज प्रताप ने ट्वीट करते हुए लिखा कि पत्रकारों को मैंने मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा। तेज प्रताप की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता नवल किशोर झा ने यह नोटिस तैयार किया है। इस नोटिस में नौ लोगों का नाम है। इन नौ लोगों को अलग अलग चैनलों और वेबसाइटों का पत्रकार बताया गया है। ये हैं नाम … तेज प्रताप की नोटिस में डिजिटल मीडिया के जर्नलिस्ट प्रशांत राय, आलोक, राष्ट्रीय चैनल से जुड़े सुजीत कुमार, न्यूज एजेंसी के मुकेश, डिजिटल मीडिया से जुड़े गणेश, राष्ट्रीय चैनल के प्रकाश कुमार, राष्ट्रीय चैनल से ही जुड़े प्रकाश कुमार और बिहार के बड़े पत्रकारों में शुमार कन्हैया भेलारी का नाम है. तेज प्रताप ने खुद ही ट्वीट कर इसकी जानकारी भी साझा की. PNCDESK

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पब्लिक की आवाज बने सरदाना सदा के लिए हुए खामोश

गृह मंत्री ने गहरी संवेदना व्यक्त की जिंदगी की ताल ठोक अलविदा हुए रोहित सरदाना नई दिल्ली, 30 अप्रैल. 2018 में गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार से नवाजे गए तथा ‘ताल ठोक के’ और ‘दंगल’ जैसे टीवी शो को जनता की जुबान पर लाने वाले मशहूर पत्रकार व न्यूज एंकर रोहित सरदाना का शुक्रवार को ह्रदय गति रुकने से निधन हो गया. वे आजतक न्यूज चैनल के एकंर थे. उन्होंने इसके पूर्व जी न्यूज में लंबे समय तक बतौर एंकर ही काम किया था. ताल ठोक के नाम से आने वाला प्रोग्राम लोगों के बीच काफी फेमस था और एक बेवाक एंकर के तौर पर वे हमेशा समकालीन मुद्दों को उठाया करते थे. रोहित सरदाना कोरोना वायरस से भी संक्रमित थे. हार्ट अटैक के बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था, लेकिन होनी को शायद यही मंजूर था… जी न्यूज में लंबे समय तक उनके साथ काम करने वाले उनके सहयोगी मित्रों में एक वरिष्ठ पत्रकार सुधीर चौधरी ने ट्वीट कर उनके निधन पर अपनी अभिव्यक्ति रोंगटे खड़े कर देने वाला लिखा. ट्वीट में उन्होंने लिखा  कि थोड़ी पहले जितेंद्र शर्मा का फोन आया जिसके बाद खबर सुनकर उनके हाथ काँपने लगे. यह खबर हमारे मित्र और सहयोगी रोहित सरदाना की मृत्यु की ख़बर थी. ये वायरस हमारे इतने क़रीब से किसी को उठा ले जाएगा ये कल्पना नहीं की थी. इसके लिए मैं तैयार नहीं था. यह भगवान की नाइंसाफ़ी है….ॐ शान्ति.’  उनके निधन की खबर पाते हीं न सिर्फ मीडिया जगत को साँप सूंघ गया बल्कि आम जनता की भी जैसे

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