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	<title>Journalist O P Pandey &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>Journalist O P Pandey &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>CBSE 10वीं रिजल्ट में बेटियों का दबदबा, संभावना स्कूल में लड़कियों ने मारी बाज़ी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 03:59:19 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[⁷uu seआरा,16 अप्रैल(ओ पी पाण्डेय).सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा-2026 के परिणाम में आरा के शांति स्मृति संभावना आवासीय उच्च विद्यालय के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन इस बार खास बात यह रही कि बेटियों ने बेटों को पीछे छोड़ते हुए पूरी तरह दबदबा कायम किया। विद्यालय की छात्रा ज्योति गुप्ता ने 97% अंक हासिल कर स्कूल टॉपर बनते हुए न सिर्फ विद्यालय, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया। खास बात यह रही कि ज्योति ने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में 100 में 100 अंक लाकर एक नया रिकॉर्ड कायम किया। टॉप पोजीशन पर भी लड़कियों का ही कब्जा रहा।स्वर्णिका सिद्धे (93%) ने दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि कौशिकी कुमारी, आराध्या और अन्य छात्राओं ने भी 92% अंक के साथ शीर्ष सूची में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। कुल मिलाकर, टॉपर्स की सूची में लड़कियों की संख्या ज्यादा रही, जिससे यह साफ हो गया कि इस बार “बेटियां पढ़ाई में आगे, लड़के पीछे” का ट्रेंड देखने को मिला। विद्यालय का रिजल्ट शत-प्रतिशत रहा। कुल 285 परीक्षार्थियों में * 21 छात्रों ने 90% से अधिक अंक हासिल किए * 32 छात्रों ने 80-90% के बीच अंक प्राप्त किए * 95 छात्रों ने 70-80% अंक लाए विद्यालय की प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह ने इस सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि यह छात्रों की मेहनत, शिक्षकों की लगन और अनुशासन का परिणाम है। वहीं प्रबंध निदेशक डॉ. कुमार द्विजेंद्र ने कहा कि यह परिणाम स्कूल की गुणवत्ता शिक्षा का प्रमाण है। इस मौके पर सफल छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया और मिठाई खिलाकर उनका [&#8230;]]]></description>
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<p>⁷uu se<br>आरा,16 अप्रैल(<strong>ओ पी पाण्डेय</strong>).सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा-2026 के परिणाम में आरा के शांति स्मृति संभावना आवासीय उच्च विद्यालय के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन इस बार खास बात यह रही कि बेटियों ने बेटों को पीछे छोड़ते हुए पूरी तरह दबदबा कायम किया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="853" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001225412-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96285" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001225412-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001225412-650x542.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001225412-1536x1280.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br>विद्यालय की छात्रा ज्योति गुप्ता ने 97% अंक हासिल कर स्कूल टॉपर बनते हुए न सिर्फ विद्यालय, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया। खास बात यह रही कि ज्योति ने इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में 100 में 100 अंक लाकर एक नया रिकॉर्ड कायम किया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="461" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001225581-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96286" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001225581-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001225581-650x293.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001225581-1536x691.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br>टॉप पोजीशन पर भी लड़कियों का ही कब्जा रहा।<br>स्वर्णिका सिद्धे (93%) ने दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि कौशिकी कुमारी, आराध्या और अन्य छात्राओं ने भी 92% अंक के साथ शीर्ष सूची में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="847" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001222923-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96288" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001222923-scaled.jpg 847w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001222923-538x650.jpg 538w" sizes="(max-width: 847px) 100vw, 847px" /></figure>



<p><br>कुल मिलाकर, टॉपर्स की सूची में लड़कियों की संख्या ज्यादा रही, जिससे यह साफ हो गया कि इस बार “बेटियां पढ़ाई में आगे, लड़के पीछे” का ट्रेंड देखने को मिला। विद्यालय का रिजल्ट शत-प्रतिशत रहा। कुल 285 परीक्षार्थियों में<br>  * 21 छात्रों ने 90% से अधिक अंक हासिल किए<br>  * 32 छात्रों ने 80-90% के बीच अंक प्राप्त किए<br>  * 95 छात्रों ने 70-80% अंक लाए<br></p>



<p>विद्यालय की प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह ने इस सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि यह छात्रों की मेहनत, शिक्षकों की लगन और अनुशासन का परिणाम है। वहीं प्रबंध निदेशक डॉ. कुमार द्विजेंद्र ने कहा कि यह परिणाम स्कूल की गुणवत्ता शिक्षा का प्रमाण है। इस मौके पर सफल छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया और मिठाई खिलाकर उनका उत्साह बढ़ाया गया।<br></p>



<p><strong>बड़ी घोषणा</strong>:<br>विद्यालय प्रबंधन ने ऐलान किया कि जिले में 90% या उससे अधिक अंक लाने वाले छात्रों को कक्षा 11वीं में नामांकन पर 50% फीस छूट दी जाएगी। कुल मिलाकर, इस बार के रिजल्ट ने साफ कर दिया कि संभावना स्कूल में बेटियों का जलवा कायम है और उन्होंने एक नई मिसाल पेश की है।</p>
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		<title>पार्टी मंदिर है, फिर भी निर्दलीय मैदान में&#8230; मनोज उपाध्याय का बड़ा दांव, सियासत गरम</title>
		<link>https://www.patnanow.com/loyal-to-party-but-fighting-as-independent-a-bold-move-4-mlc/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 03:03:42 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[इस बार MLC चुनाव होगा दिलचस्प आरा , 16 अप्रैल (ओ.पी. पाण्डेय). भोजपुर-बक्सर MLC उपचुनाव से पहले जदयू की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. पार्टी के प्रदेश महासचिव मनोज उपाध्याय ने आरा में प्रेस वार्ता कर निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. खास बात यह रही कि उन्होंने एक तरफ संगठन को अपना “मंदिर” बताया, तो दूसरी तरफ टिकट नहीं मिलने पर सीधे चुनावी मैदान में उतरने का फैसला सुना दिया. आरा के पार्क व्यू होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में उपाध्याय ने साफ कहा कि यह फैसला उन्होंने किसी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों के दबाव और समर्थन के आधार पर लिया है. उन्होंने कहा,“संगठन मेरा मंदिर है और नीतीश कुमार जी मेरे आदर्श हैं, लेकिन जब जनप्रतिनिधियों ने लगातार कहा कि इस बार हमें मैदान में उतरना चाहिए, तो मैंने उनकी आवाज को नजरअंदाज नहीं किया।” जनसमर्थन से घबराए लोग फैला रहे अफवाह: उन्होंने मीडिया बंधुओं से बातचीत में यह भी कहा कि कुछ लोग उनके जन समर्थन से इतने घबराए हुए हैं कि शोर मचा रहे हैं कि मनोज उपाध्याय पैसा लेकर बैठ गए हैं . हमारे साथ घूमने वाले लोगों को डराया भी जा रहा है. इसलिए मैं इस बात को आप सभी से शेयर कर रहा हूं कि यदि किसी बातें किसी भी समय आपतक पहुंचे तो एक बार आप जरूर हमसे मेरा पक्ष जान लीजिएगा। मैं चुनाव में किसी के कहने पर बैठने वाला नहीं हूँ। पिछले तीन महीनों से जारी बैठकों का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>इस बार MLC चुनाव होगा दिलचस्प </strong></p>



<p>आरा , 16 अप्रैल <strong>(ओ.पी. पाण्डेय</strong>). भोजपुर-बक्सर MLC उपचुनाव से पहले जदयू की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. पार्टी के प्रदेश महासचिव मनोज उपाध्याय ने आरा में प्रेस वार्ता कर निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. खास बात यह रही कि उन्होंने एक तरफ संगठन को अपना “मंदिर” बताया, तो दूसरी तरफ टिकट नहीं मिलने पर सीधे चुनावी मैदान में उतरने का फैसला सुना दिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="736" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001228024-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96277" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001228024-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001228024-650x467.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>आरा के पार्क व्यू होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में उपाध्याय ने साफ कहा कि यह फैसला उन्होंने किसी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों के दबाव और समर्थन के आधार पर लिया है. उन्होंने कहा,“संगठन मेरा मंदिर है और नीतीश कुमार जी मेरे आदर्श हैं, लेकिन जब जनप्रतिनिधियों ने लगातार कहा कि इस बार हमें मैदान में उतरना चाहिए, तो मैंने उनकी आवाज को नजरअंदाज नहीं किया।”</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="747" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001228018-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96278" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001228018-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001228018-650x474.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="has-light-green-cyan-background-color has-background"><strong>जनसमर्थन से घबराए लोग फैला रहे अफवाह:</strong></p>



<p class="has-light-green-cyan-background-color has-background">उन्होंने मीडिया बंधुओं से बातचीत में यह भी कहा कि कुछ लोग उनके जन समर्थन से इतने घबराए हुए हैं कि शोर मचा रहे हैं कि मनोज उपाध्याय पैसा लेकर बैठ गए हैं . हमारे साथ घूमने वाले लोगों को डराया भी जा रहा है. इसलिए मैं इस बात को आप सभी से शेयर कर रहा हूं कि यदि किसी बातें किसी भी समय आपतक पहुंचे तो एक बार आप जरूर हमसे मेरा पक्ष जान लीजिएगा। मैं चुनाव में किसी के कहने पर बैठने वाला नहीं हूँ।</p>



<p>पिछले तीन महीनों से जारी बैठकों का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि वार्ड सदस्यों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय निकाय के जनप्रतिनिधियों का उन्हें जबरदस्त समर्थन मिल रहा है. उन्होंने कहा कि 35 वर्षों की समाजसेवा के अनुभव के साथ वे अब सीधे सदन में जाकर क्षेत्र की आवाज उठाना चाहते हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="592" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001228005-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96280" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001228005-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001228005-650x376.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001228005-1536x888.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>टिकट नहीं मिलने के मुद्दे पर उन्होंने पार्टी लाइन से हटकर स्पष्ट रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि“मैंने अपनी बात पार्टी नेतृत्व तक रखी, लेकिन जब टिकट नहीं मिला तो जनप्रतिनिधियों ने साफ कहा कि इस बार धनबल और बाहुबल नहीं, जनता का बल दिखेगा.” जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें बागी माना जाएगा, तो उन्होंने बेबाक जवाब दिया कि“हां, माना जाएगा, लेकिन उन्होंने कहा कि पार्टी भले मान ले पर यह बगावत नहीं है, यह जनता की आवाज है.”</p>



<p>उन्होंने यह भी साफ किया कि वे पार्टी छोड़ने वाले नहीं हैं. उन्होंने कहा“जो मेरा मंदिर है, उसे कैसे छोड़ सकता हूं?” मनोज उपाध्याय ने अपने चुनावी आत्मविश्वास को भी खुलकर जाहिर किया। उन्होंने कहा कि “मेरा बल न पैसा है, न बाहुबल… मेरा बल जनता का प्यार, विश्वास और समर्थन है. जनप्रतिनिधियों के सामने झुका हुआ मेरा सिर ही मेरी ताकत है.”</p>



<p>उन्होंने वार्ड महासंघ के समर्थन का हवाला देते हुए दावा किया कि वे चुनाव में मजबूत स्थिति में हैं और जीत के बाद क्षेत्र की आवाज को सदन में मजबूती से उठाएंगे. गौरतलब है कि भोजपुर-बक्सर MLC उपचुनाव में करीब 5,200 वार्ड सदस्य मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं. ऐसे में जनप्रतिनिधियों का समर्थन इस चुनाव में गेम चेंजर साबित हो सकता है. प्रेस वार्ता में त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता मौजूद रहे.</p>
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		<title>बिहार में चमका भोजपुर: अक्षत आनंद ने टॉप कर बढ़ाया मान</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bhojpur-sparks-in-bihar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Apr 2026 06:11:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
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					<description><![CDATA[छोटे से गांव से बड़ा कमाल: अक्षत आनंद बने बिहार के टॉपर आरा, 3 फरवरी(ओ पी पाण्डेय). कहते हैं कि मेहनत हमेशा रंग लाती है। यह सिर्फ प्रोत्साहन देने वाली बात नहीं, बल्कि जीवन की सच्चाई है. इसी सच को साबित करते हुए बिहार सरकार के अधीन संचालित सिमुलतला आवासीय विद्यालय, जमुई की कक्षा 6 प्रवेश परीक्षा के 26 मार्च 2026 को जारी परिणाम में भोजपुर के होनहार छात्र अक्षत आनंद ने पूरे राज्य में प्रथम स्थान हासिल कर नया इतिहास रच दिया. उनकी इस शानदार सफलता से न केवल भोजपुर, बल्कि पूरा बिहार गौरवान्वित महसूस कर रहा है. अक्षत आनंद की इस शानदार उपलब्धि की खबर मिलते ही उनके घर और क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया। परिजनों, शिक्षकों और शुभचिंतकों द्वारा उन्हें लगातार बधाइयाँ दी जा रही हैं. सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर तक हर जगह उनकी सफलता की चर्चा हो रही है. ग्रामीण परिवेश से निकलकर इतनी बड़ी परीक्षा में टॉप करना युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है. अक्षत के पिता डॉ. आनंद कुमार ठाकुर शिक्षा जगत से जुड़े एक समर्पित शिक्षक हैं. वे भोजपुर के चरपोखरी ब्लॉक के जैतपुरा गाँव के निवासी हैं. वे पूर्व में सर्वोदय +2 विद्यालय, पिरौटा (भोजपुर) में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और वर्तमान में गांधी उच्च विद्यालय, खगौल, दानापुर (पटना) में माध्यमिक शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं. पिता की शैक्षणिक पृष्ठभूमि और अनुशासन ने अक्षत की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अक्षत की मेहनत, लगन और लक्ष्य [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>छोटे से गांव से बड़ा कमाल: अक्षत आनंद बने बिहार के टॉपर<br></strong></p>



<p>आरा, 3 फरवरी(<strong>ओ पी पाण्डेय</strong>). कहते हैं कि मेहनत हमेशा रंग लाती है। यह सिर्फ प्रोत्साहन देने वाली बात नहीं, बल्कि जीवन की सच्चाई है. इसी सच को साबित करते हुए बिहार सरकार के अधीन संचालित सिमुलतला आवासीय विद्यालय, जमुई की कक्षा 6 प्रवेश परीक्षा के 26 मार्च 2026 को जारी परिणाम में भोजपुर के होनहार छात्र अक्षत आनंद ने पूरे राज्य में प्रथम स्थान हासिल कर नया इतिहास रच दिया. उनकी इस शानदार सफलता से न केवल भोजपुर, बल्कि पूरा बिहार गौरवान्वित महसूस कर रहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="776" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001182709-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96088" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001182709-scaled.jpg 776w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001182709-493x650.jpg 493w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001182709-1164x1536.jpg 1164w" sizes="auto, (max-width: 776px) 100vw, 776px" /></figure>



<p></p>



<p>अक्षत आनंद की इस शानदार उपलब्धि की खबर मिलते ही उनके घर और क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया। परिजनों, शिक्षकों और शुभचिंतकों द्वारा उन्हें लगातार बधाइयाँ दी जा रही हैं. सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर तक हर जगह उनकी सफलता की चर्चा हो रही है. ग्रामीण परिवेश से निकलकर इतनी बड़ी परीक्षा में टॉप करना युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="979" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001182710-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96089" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001182710-scaled.jpg 979w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001182710-621x650.jpg 621w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1001182710-1468x1536.jpg 1468w" sizes="auto, (max-width: 979px) 100vw, 979px" /></figure>



<p>अक्षत के पिता डॉ. आनंद कुमार ठाकुर शिक्षा जगत से जुड़े एक समर्पित शिक्षक हैं. वे भोजपुर के चरपोखरी ब्लॉक के जैतपुरा गाँव के निवासी हैं. वे पूर्व में सर्वोदय +2 विद्यालय, पिरौटा (भोजपुर) में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और वर्तमान में गांधी उच्च विद्यालय, खगौल, दानापुर (पटना) में माध्यमिक शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं. पिता की शैक्षणिक पृष्ठभूमि और अनुशासन ने अक्षत की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.</p>



<p>स्थानीय लोगों का कहना है कि अक्षत की मेहनत, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही उन्हें इस मुकाम तक लेकर आया है। उनकी सफलता से यह साबित होता है कि अगर हौसले बुलंद हों, तो संसाधनों की कमी भी रास्ता नहीं रोक सकती.</p>



<p>शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सिमुलतला आवासीय विद्यालय की परीक्षा राज्य की सबसे कठिन और प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं में से एक है, जिसमें सफलता प्राप्त करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जाती है. ऐसे में अक्षत आनंद का टॉपर बनना उनकी असाधारण प्रतिभा और कड़ी मेहनत का प्रमाण है.</p>



<p>अक्षत आनंद की यह उपलब्धि आने वाले समय में हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा बनेगी और यह संदेश देगी कि दृढ़ निश्चय और निरंतर प्रयास से हर लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है.</p>
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		<title>साहित्यिक महोत्सव में रैप का रंग, स्लो चीता ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध</title>
		<link>https://www.patnanow.com/sahitya-ke-manch-per-rap-ka-jalwa/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 16 Mar 2026 04:14:25 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल में स्लो चीता का रैप, संगीत की लय में झूमे दर्शक नालंदा, 16मार्च।(ओ पी पाण्डेय) नालंदा इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल में उस समय माहौल पूरी तरह संगीतमय हो उठा, जब ‘स्लो चीता’ के नाम से मशहूर रैपर चैतन्य शर्मा ने अपनी दमदार प्रस्तुति से मंच पर ऊर्जा की लहर दौड़ा दी। साहित्य के इस प्रतिष्ठित मंच पर रैप संगीत की आधुनिक धुनों ने ऐसा रंग जमाया कि दर्शक देर तक तालियों और उत्साह के साथ झूमते नजर आए। अपनी अनोखी शैली और तेज़ लय वाले रैप के लिए पहचाने जाने वाले चैतन्य शर्मा ने शुरुआत अपने लोकप्रिय गीत “चीता” से की। जैसे ही यह गीत गूंजा, पूरे सभागार में जोश का माहौल बन गया। इसके बाद “ऑल आई नीड” की प्रस्तुति ने दर्शकों को और भी रोमांचित कर दिया। कार्यक्रम के दौरान जब उन्होंने “मिर्जापुर” गीत प्रस्तुत किया, तो पूरा सभागार मानो उनकी लय के साथ थिरकने लगा। दर्शकों ने तालियों और उत्साह के साथ उनका भरपूर स्वागत किया। चैतन्य शर्मा की प्रस्तुति ने यह भी दिखाया कि रैप केवल युवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा अभिव्यक्ति का माध्यम बन चुका है जो हर पीढ़ी को जोड़ने की क्षमता रखता है। उनकी ऊर्जावान परफॉर्मेंस ने कुछ समय के लिए पूरे माहौल को संगीत और लय में डुबो दिया। नालंदा इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल में यह प्रस्तुति साहित्य और आधुनिक संगीत के अद्भुत मेल का उदाहरण बनकर सामने आई, जिसे दर्शकों ने लंबे समय तक यादगार बताया।]]></description>
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<p><strong>नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल में स्लो चीता का रैप, संगीत की लय में झूमे दर्शक</strong></p>



<p>नालंदा, 16मार्च।(<strong>ओ पी पाण्डेय</strong>) नालंदा इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल में उस समय माहौल पूरी तरह संगीतमय हो उठा, जब ‘स्लो चीता’ के नाम से मशहूर रैपर चैतन्य शर्मा ने अपनी दमदार प्रस्तुति से मंच पर ऊर्जा की लहर दौड़ा दी। साहित्य के इस प्रतिष्ठित मंच पर रैप संगीत की आधुनिक धुनों ने ऐसा रंग जमाया कि दर्शक देर तक तालियों और उत्साह के साथ झूमते नजर आए।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="435" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097308-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95615" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097308-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097308-650x276.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097308-1536x652.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097308-2048x870.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>अपनी अनोखी शैली और तेज़ लय वाले रैप के लिए पहचाने जाने वाले चैतन्य शर्मा ने शुरुआत अपने लोकप्रिय गीत “चीता” से की। जैसे ही यह गीत गूंजा, पूरे सभागार में जोश का माहौल बन गया। इसके बाद “ऑल आई नीड” की प्रस्तुति ने दर्शकों को और भी रोमांचित कर दिया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="620" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001112698-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95737" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001112698-scaled.jpg 620w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001112698-393x650.jpg 393w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001112698-930x1536.jpg 930w" sizes="auto, (max-width: 620px) 100vw, 620px" /></figure>



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<p>कार्यक्रम के दौरान जब उन्होंने “मिर्जापुर” गीत प्रस्तुत किया, तो पूरा सभागार मानो उनकी लय के साथ थिरकने लगा। दर्शकों ने तालियों और उत्साह के साथ उनका भरपूर स्वागत किया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="700" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001112700-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95738" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001112700-scaled.jpg 700w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001112700-444x650.jpg 444w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001112700-1050x1536.jpg 1050w" sizes="auto, (max-width: 700px) 100vw, 700px" /></figure>



<p>चैतन्य शर्मा की प्रस्तुति ने यह भी दिखाया कि रैप केवल युवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा अभिव्यक्ति का माध्यम बन चुका है जो हर पीढ़ी को जोड़ने की क्षमता रखता है। उनकी ऊर्जावान परफॉर्मेंस ने कुछ समय के लिए पूरे माहौल को संगीत और लय में डुबो दिया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="825" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001112699-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95739" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001112699-scaled.jpg 825w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001112699-524x650.jpg 524w" sizes="auto, (max-width: 825px) 100vw, 825px" /></figure>



<p>नालंदा इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल में यह प्रस्तुति साहित्य और आधुनिक संगीत के अद्भुत मेल का उदाहरण बनकर सामने आई, जिसे दर्शकों ने लंबे समय तक यादगार बताया।</p>
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		<title>कविताओं में जीवंत हुआ नालंदा का गौरव, कवि सम्मेलन में गूंजा ‘ज्ञान’ का स्वर</title>
		<link>https://www.patnanow.com/kavitao-me-jiwant-hua-nalanda/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 16 Mar 2026 04:05:03 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[शब्दों की सरगम में डूबा नालंदा, कवियों की आवाज़ में झलकी मिट्टी की महक कविता, विरासत और भावनाओं का संगम: नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल में सजी काव्य संध्या नालंदा,16 मार्च(ओ पी पाण्डेय)। इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल के अंतिम दिन एम्फीथियेटर में सजी काव्य संध्या ने साहित्य और संवेदना का ऐसा वातावरण रचा कि देर शाम तक श्रोता शब्दों की उस मधुर धारा में डूबे रहे। देश के प्रतिष्ठित युवा कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से नालंदा की विरासत, मिट्टी और मानवीय भावनाओं को स्वर दिया। साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार से सम्मानित और डार्क हॉर्स, औघड़ तथा विश्वगुरु जैसी चर्चित पुस्तकों के लेखक कवि नीलोत्पल मृणाल ने अपनी संवेदनशील कविता से श्रोताओं को गहराई से छू लिया। उनकी पंक्तियाँ &#8211;“थोड़ा सा नदी का पानी,मुट्ठी भर रेत रख लो,धान-गेहूं-सरसों वालेपीले-हरे खेत रख लो…आने वाली पीढ़ियों कोचल कर दिखाएंगे-दुनिया ऐसी हुआ करती थी।” -ने बदलते समय के बीच स्मृतियों और प्रकृति को बचाए रखने का भाव जगाया। नई दिल्ली में रहकर भी अपनी मिट्टी से जुड़े रहने वाले नालंदा के कवि संजीव कुमार मुकेश ने अपनी कविताओं में राजगीर, मगध और बिहार की गौरवशाली पहचान को स्वर दिया। उनकी पंक्तियाँ-“मगध का, राष्ट्र का, जन-जन का है अभिमान नालंदा,विरासत, संस्कृति, जन-मन का गौरव गान नालंदा…पुनः फैला रहा है विश्व भर में ‘ज्ञान’ नालंदा।” &#8211; सुनते ही सभागार तालियों से गूंज उठा। उन्होंने राजगीर की आध्यात्मिकता को भी शब्द दिए-“जब मोह मनुज के ज्ञान को रुद्ध कर देता है,तब मगध का रज गौतम को बुद्ध कर देता है।” कवि सम्मेलन का संचालन मेरठ के चर्चित हास्य [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>शब्दों की सरगम में डूबा नालंदा, कवियों की आवाज़ में झलकी मिट्टी की महक</strong></p>



<p><strong>कविता, विरासत और भावनाओं का संगम: नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल में सजी काव्य संध्या</strong></p>



<p>नालंदा,16 मार्च(ओ पी पाण्डेय)। इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल के अंतिम दिन एम्फीथियेटर में सजी काव्य संध्या ने साहित्य और संवेदना का ऐसा वातावरण रचा कि देर शाम तक श्रोता शब्दों की उस मधुर धारा में डूबे रहे। देश के प्रतिष्ठित युवा कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से नालंदा की विरासत, मिट्टी और मानवीय भावनाओं को स्वर दिया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001107950-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95721" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001107950-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001107950-650x434.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार से सम्मानित और डार्क हॉर्स, औघड़ तथा विश्वगुरु जैसी चर्चित पुस्तकों के लेखक कवि नीलोत्पल मृणाल ने अपनी संवेदनशील कविता से श्रोताओं को गहराई से छू लिया। उनकी पंक्तियाँ &#8211;<br>“थोड़ा सा नदी का पानी,<br>मुट्ठी भर रेत रख लो,<br>धान-गेहूं-सरसों वाले<br>पीले-हरे खेत रख लो…<br>आने वाली पीढ़ियों को<br>चल कर दिखाएंगे-<br>दुनिया ऐसी हुआ करती थी।”</p>



<p>-ने बदलते समय के बीच स्मृतियों और प्रकृति को बचाए रखने का भाव जगाया।</p>



<figure class="wp-block-gallery has-nested-images columns-default is-cropped wp-block-gallery-1 is-layout-flex wp-block-gallery-is-layout-flex">
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" data-id="95722" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001107922-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95722" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001107922-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001107922-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>
</figure>



<p>नई दिल्ली में रहकर भी अपनी मिट्टी से जुड़े रहने वाले नालंदा के कवि संजीव कुमार मुकेश ने अपनी कविताओं में राजगीर, मगध और बिहार की गौरवशाली पहचान को स्वर दिया। उनकी पंक्तियाँ-<br>“मगध का, राष्ट्र का, जन-जन का है अभिमान नालंदा,<br>विरासत, संस्कृति, जन-मन का गौरव गान नालंदा…<br>पुनः फैला रहा है विश्व भर में ‘ज्ञान’ नालंदा।”</p>



<p>&#8211; सुनते ही सभागार तालियों से गूंज उठा।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="851" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001107942-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95723" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001107942-scaled.jpg 851w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001107942-540x650.jpg 540w" sizes="auto, (max-width: 851px) 100vw, 851px" /></figure>



<p>उन्होंने राजगीर की आध्यात्मिकता को भी शब्द दिए-<br>“जब मोह मनुज के ज्ञान को रुद्ध कर देता है,<br>तब मगध का रज गौतम को बुद्ध कर देता है।”</p>



<p>कवि सम्मेलन का संचालन मेरठ के चर्चित हास्य कवि डॉ. प्रतीक गुप्ता ने अपने चुटीले अंदाज में किया। उन्होंने श्रोताओं से संवाद करते हुए कहा-<br>“साहित्यिक उत्सव मनाकर खुश हो ना,<br>ऊँची हस्तियाँ यहाँ बुलाकर खुश हो ना,<br>पूछ रहा हूँ राजगीर में मैं-<br>नालंदा की माटी को माथे से लगाकर खुश हो ना।”</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001107939-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95724" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001107939-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001107939-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>दरभंगा से आईं चर्चित कवयित्री डॉ. तिष्या श्री ने अपनी सुरीली आवाज़ और भावपूर्ण प्रस्तुति से काव्य संध्या को और भी मधुर बना दिया। उनकी पंक्तियाँ-<br>“बड़े आसान लफ़्ज़ों में उसे सरेआम लिखती हूँ,<br>सुनो तो गीत लगता है मगर पैग़ाम लिखती हूँ…<br>मुहब्बत जब कहे कोई, उसी का नाम लिखती हूँ।”</p>



<p>&#8211; ने श्रोताओं के दिलों को छू लिया।</p>



<p>कवियों की रचनाओं, शब्दों की लय और भावनाओं की गर्माहट ने ऐसा समां बाँधा कि देर शाम तक लोग काव्य-रस में डूबे रहे।</p>



<p>कार्यक्रम के अंत में सभी कवियों को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ और प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावशेष का प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान आयोजक वैशाली सेता और अदिति नंदन द्वारा प्रदान किया गया।</p>



<p>कुल मिलाकर, यह काव्य संध्या केवल कविताओं का पाठ नहीं थी, बल्कि नालंदा की मिट्टी, उसकी स्मृति और उसके ज्ञान की उस परंपरा का उत्सव थी, जो आज भी शब्दों के माध्यम से दुनिया भर में फैल रही है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बॉक्स ऑफिस पर क्या कह गए अमोल पालेकर !</title>
		<link>https://www.patnanow.com/what-amol-palekar-said-about-the-box-office/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 16 Mar 2026 03:51:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल में अमोल पालेकर का सिनेमा पर बेबाक संवाद सिनेमा की असली सफलता दर्शकों के दिल में होती है, बॉक्स ऑफिस में नहीं : अमोल पालेकर नालंदा, 16 मार्च (ओ पी पाण्डेय)। नालंदा इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल में आयोजित एक विशेष सत्र में हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता अमोल पालेकर केंद्र में रहे। इस अवसर पर उन्होंने सिनेमा, फिल्म आलोचना और अपने रचनात्मक अनुभवों पर खुलकर विचार साझा किए। सत्र में उनकी धर्मपत्नी और लेखिका संध्या गोखले तथा वरिष्ठ फिल्म पत्रकार अजय ब्रह्मात्मज भी उनके साथ संवाद में शामिल रहे। बातचीत के दौरान अमोल पालेकर ने अपने लंबे फिल्मी अनुभव और अपनी लिखी पुस्तक का जिक्र करते हुए कहा कि किसी भी फिल्म की सफलता या असफलता का आकलन केवल उसके बॉक्स ऑफिस कलेक्शन से नहीं किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, किसी फिल्म का वास्तविक मूल्य उसके विषय, संवेदनशीलता, सामाजिक प्रभाव और दर्शकों के मन पर पड़ने वाले स्थायी असर से तय होता है। उन्होंने यह भी कहा कि एक फिल्म समीक्षक की भूमिका सिर्फ यह बताने तक सीमित नहीं होनी चाहिए कि फिल्म हिट है या फ्लॉप। बल्कि उसका काम यह समझना और समझाना भी है कि कोई फिल्म अपने समय और समाज से किस तरह संवाद स्थापित करती है। इस दौरान अमोल पालेकर ने अपनी फिल्मों और अभिनय यात्रा से जुड़े कई रोचक अनुभव भी साझा किए। उनकी सहज और आत्मीय बातचीत ने दर्शकों को लंबे समय तक बांधे रखा और पूरे माहौल को जीवंत बना दिया। कार्यक्रम के अंत में पटना कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल में अमोल पालेकर का सिनेमा पर बेबाक संवाद</strong></p>



<p><strong>सिनेमा की असली सफलता दर्शकों के दिल में होती है, बॉक्स ऑफिस में नहीं : अमोल पालेकर</strong></p>



<p>नालंदा, 16 मार्च <strong>(ओ पी पाण्डेय</strong>)। नालंदा इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल में आयोजित एक विशेष सत्र में हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता अमोल पालेकर केंद्र में रहे। इस अवसर पर उन्होंने सिनेमा, फिल्म आलोचना और अपने रचनात्मक अनुभवों पर खुलकर विचार साझा किए। सत्र में उनकी धर्मपत्नी और लेखिका संध्या गोखले तथा वरिष्ठ फिल्म पत्रकार अजय ब्रह्मात्मज भी उनके साथ संवाद में शामिल रहे।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001110404-scaled.png" alt="" class="wp-image-95730" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001110404-scaled.png 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001110404-650x434.png 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001108348-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95715" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001108348-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001108348-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001108348-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br>बातचीत के दौरान अमोल पालेकर ने अपने लंबे फिल्मी अनुभव और अपनी लिखी पुस्तक का जिक्र करते हुए कहा कि किसी भी फिल्म की सफलता या असफलता का आकलन केवल उसके बॉक्स ऑफिस कलेक्शन से नहीं किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, किसी फिल्म का वास्तविक मूल्य उसके विषय, संवेदनशीलता, सामाजिक प्रभाव और दर्शकों के मन पर पड़ने वाले स्थायी असर से तय होता है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001108353-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95716" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001108353-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001108353-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001108353-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने यह भी कहा कि एक फिल्म समीक्षक की भूमिका सिर्फ यह बताने तक सीमित नहीं होनी चाहिए कि फिल्म हिट है या फ्लॉप। बल्कि उसका काम यह समझना और समझाना भी है कि कोई फिल्म अपने समय और समाज से किस तरह संवाद स्थापित करती है।</p>



<p>इस दौरान अमोल पालेकर ने अपनी फिल्मों और अभिनय यात्रा से जुड़े कई रोचक अनुभव भी साझा किए। उनकी सहज और आत्मीय बातचीत ने दर्शकों को लंबे समय तक बांधे रखा और पूरे माहौल को जीवंत बना दिया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001108358-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95717" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001108358-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001108358-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001108358-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कार्यक्रम के अंत में पटना कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स के विद्यार्थियों द्वारा आयोजित लाइव पेंटिंग सत्र में बनाई गई एक विशेष कलाकृति अमोल पालेकर को भेंट की गई। इसके साथ ही उन्हें पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और नालंदा की सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाती स्थानीय कलाकारों द्वारा मिट्टी से निर्मित एक प्रतिमा देकर सम्मानित किया गया।</p>



<p>यह सत्र सिनेमा, कला और समाज के गहरे संबंधों को रेखांकित करते हुए नालंदा इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल को और भी सार्थक बना गया।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>राजगीर में साहित्य का महाकुंभ: राष्ट्रवाद से क्षेत्रीय भाषाओं तक गूंजे विचार</title>
		<link>https://www.patnanow.com/rajgir-me-sahitya-ka-mahakumb/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 15 Mar 2026 05:01:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Journalist O P Pandey]]></category>
		<category><![CDATA[Nalanda Intenational Litereture Festival]]></category>
		<category><![CDATA[NILF]]></category>
		<category><![CDATA[NILF2026]]></category>
		<category><![CDATA[oppandeyreport]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[पटना नाउ]]></category>
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					<description><![CDATA[राष्ट्रवाद, सिनेमा, क्षेत्रीय साहित्य और संकट के समय लेखन पर गहन मंथन राजगीर में तीसरे दिन कई महत्वपूर्ण सत्र आयोजित, देशभर के लेखकों और विचारकों ने साहित्य, समाज और समकालीन चुनौतियों पर रखे विचार राजगीर, 15 मार्च। राजगीर स्थित अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर राजगीर में आयोजित नालंदा अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव के तीसरे दिन साहित्य, राष्ट्रवाद, सिनेमा, क्षेत्रीय भाषाओं और संकट के समय लेखन की भूमिका जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। देश के विभिन्न हिस्सों से आए लेखकों, विचारकों और विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा करते हुए समकालीन समाज और साहित्य के संबंधों पर महत्वपूर्ण विमर्श प्रस्तुत किया। राष्ट्रवाद पर गंभीर बहसदिन का पहला सत्र “क्या राष्ट्र को राष्ट्रवाद की आवश्यकता है या राष्ट्रवाद ही राष्ट्र को कमजोर बनाता है?” विषय पर आयोजित हुआ। इसमें लेखक-चिंतक उदय माहूरकर और लेखिका लिपिका भूषण ने राष्ट्रवाद की अवधारणा पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रवाद केवल राजनीतिक विचार नहीं, बल्कि समाज की सांस्कृतिक पहचान, इतिहास और सामूहिक चेतना से जुड़ा व्यापक विषय है। चर्चा के दौरान महात्मा गांधी के सेवा मॉडल, अहिंसा और सामाजिक समरसता जैसे सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर स्वस्थ बहस की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही डिजिटल माध्यमों के बढ़ते प्रभाव और अश्लील सामग्री के दुष्प्रभावों को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए सामाजिक जागरूकता और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने की बात कही गई। कहानी केवल मनोरंजन नहीं, समाज का आईनादूसरे सत्र में “पर्दे पर कहानी कहने की कला: सिनेमा, डिजिटल मंच और साहित्य के माध्यम से बिहार की नई कल्पना” विषय [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>राष्ट्रवाद, सिनेमा, क्षेत्रीय साहित्य और संकट के समय लेखन पर गहन मंथन</strong></p>



<p><strong><em>राजगीर में तीसरे दिन कई महत्वपूर्ण सत्र आयोजित, देशभर के लेखकों और विचारकों ने साहित्य, समाज और समकालीन चुनौतियों पर रखे विचार</em></strong></p>



<p>राजगीर, 15 मार्च। राजगीर स्थित अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर राजगीर में आयोजित नालंदा अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव के तीसरे दिन साहित्य, राष्ट्रवाद, सिनेमा, क्षेत्रीय भाषाओं और संकट के समय लेखन की भूमिका जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। देश के विभिन्न हिस्सों से आए लेखकों, विचारकों और विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा करते हुए समकालीन समाज और साहित्य के संबंधों पर महत्वपूर्ण विमर्श प्रस्तुत किया।</p>



<p><strong>राष्ट्रवाद पर गंभीर बहस</strong><br>दिन का पहला सत्र “क्या राष्ट्र को राष्ट्रवाद की आवश्यकता है या राष्ट्रवाद ही राष्ट्र को कमजोर बनाता है?” विषय पर आयोजित हुआ। इसमें लेखक-चिंतक उदय माहूरकर और लेखिका लिपिका भूषण ने राष्ट्रवाद की अवधारणा पर विस्तार से चर्चा की।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104180-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95687" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104180-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104180-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104180-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रवाद केवल राजनीतिक विचार नहीं, बल्कि समाज की सांस्कृतिक पहचान, इतिहास और सामूहिक चेतना से जुड़ा व्यापक विषय है। चर्चा के दौरान महात्मा गांधी के सेवा मॉडल, अहिंसा और सामाजिक समरसता जैसे सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर स्वस्थ बहस की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही डिजिटल माध्यमों के बढ़ते प्रभाव और अश्लील सामग्री के दुष्प्रभावों को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए सामाजिक जागरूकता और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने की बात कही गई।</p>



<p><strong>कहानी केवल मनोरंजन नहीं, समाज का आईना</strong><br>दूसरे सत्र में “पर्दे पर कहानी कहने की कला: सिनेमा, डिजिटल मंच और साहित्य के माध्यम से बिहार की नई कल्पना” विषय पर चर्चा हुई। इसमें अभिनेत्री और रंगमंच निर्देशक भाषा सुंभली तथा पटकथा लेखिका संध्या गोखले ने कहानी कहने की कला और उसकी सामाजिक जिम्मेदारी पर अपने विचार रखे।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104198-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95688" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104198-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104198-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104198-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>वक्ताओं ने कहा कि कहानी कहना केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज की वास्तविकताओं, विचारों और सच्चाइयों को सामने लाने का सशक्त साधन भी है। आज के दौर में चलचित्रों और डिजिटल मंचों का प्रभाव पहले की तुलना में कहीं अधिक बढ़ गया है, इसलिए रचनाकारों की सामाजिक जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी हो जाती है।</p>



<p><strong>साहित्य समाज को देता है दिशा</strong><br>तीसरे सत्र “साहित्य समाज को कैसे आकार देता है” में लेखक शांतनु गुप्ता और लेखिका अमी गणात्रा ने साहित्य की सामाजिक भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि साहित्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह समाज की सोच, मूल्यों और चेतना को दिशा देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। भारतीय ग्रंथों और परंपरागत ज्ञान में समाज को मार्गदर्शन देने की क्षमता निहित है, इसलिए नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना आवश्यक है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104536-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95690" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104536-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104536-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104536-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104539-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95689" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104539-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104539-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104539-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>क्षेत्रीय साहित्य का बढ़ता विस्तार</strong><br>दोपहर के बाद आयोजित सत्र “समकालीन लेखन और क्षेत्रीय कथाओं का भविष्य” में ओड़िया लेखक, आलोचक और कवि मनोरंजन दास, लेखिका-इतिहासकार सुमेधा वर्मा और लेखक-कवि नीलोत्त्पल मृणाल ने अपने विचार साझा किए।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001105085-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95683" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001105085-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001105085-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001105085-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>वक्ताओं ने कहा कि प्रगतिशील होने का अर्थ अपनी जड़ों और स्थानीय अनुभवों से दूरी बनाना नहीं है। क्षेत्रीय साहित्य समाज की वास्तविकताओं, संस्कृति और लोक जीवन को सामने लाने का सशक्त माध्यम है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104998-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95693" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104998-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104998-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104998-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br>चर्चा में यह भी कहा गया कि समय के साथ साहित्य की विषयवस्तु, पाठक वर्ग और उसे पढ़ने-समझने के तरीके बदल रहे हैं। अनुवाद और डिजिटल माध्यमों के कारण क्षेत्रीय साहित्य अब व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँच रहा है। नीलोत्पल मृणाल, जो अपने चर्चित उपन्यास डार्क हॉर्स, औघड़ और युवा जादूगर के लिए जाने जाते हैं, को साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।</p>



<p><strong>संकट के समय लेखन बना प्रतिरोध की आवाज</strong><br>अंतिम सत्र “संकट के समय लेखन: प्रतिरोध के रूप में साहित्य” विषय पर आयोजित हुआ। इसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी नितेश्वर कुमार, लेखक मृत्युंजय शर्मा और लेखक-शिक्षाविद जितेंद्र कुमार शर्मा ने अपने विचार रखे।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104976-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95686" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104976-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104976-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104976-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>वक्ताओं ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में लेखन केवल व्यक्तिगत अनुभव तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह समाज के सामूहिक संघर्ष, पीड़ा और आकांक्षाओं की आवाज बन जाता है। साहित्य कई बार सामाजिक चेतना जगाने और परिवर्तन की दिशा देने का माध्यम बनता है।</p>



<p><strong>कवि सम्मेलन और सांस्कृतिक संध्या ने बांधा समां</strong><br>दिन के अंत में आयोजित कवि सम्मेलन और सांस्कृतिक संध्या ने पूरे वातावरण को साहित्यिक ऊर्जा से भर दिया। कवि संजीव कुमार मुकेश, नीलोत्त्पल मृणाल, श्रीपति गुप्ता और कवयित्री तिश्या श्री ने अपनी रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104973-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95691" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104973-1-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001104973-1-650x488.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br>इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त रैपर स्लो चीता की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में नई ऊर्जा भर दी। उनकी प्रस्तुति ने विशेष रूप से युवाओं को आकर्षित किया और साहित्य तथा संगीत के इस अनूठे संगम ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल में आज शब्दों की शाम, देश के चर्चित कवि देंगे प्रस्तुति</title>
		<link>https://www.patnanow.com/nilf-me-aaj-shabdo-ki-shaam-aaj/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 14 Mar 2026 05:42:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
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		<category><![CDATA[Devendra Singh]]></category>
		<category><![CDATA[Journalist O P Pandey]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[पटना नाउ]]></category>
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					<description><![CDATA[राजगीर, 14 मार्च। नालंदा इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल के तीसरे दिन शनिवार को एम्पीथियेटर में संध्या 7 बजे अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस काव्य संध्या में देश के चर्चित और युवा कवि अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। कार्यक्रम में बेस्टसेलर पुस्तकों डार्क हॉर्स, औघड़ और विश्वगुरु के लेखक तथा साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार से सम्मानित कवि नीलोत्पल मृणाल अपनी काव्य प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही नालंदा के मूल निवासी और “गाँव का लड़का” नाम से चर्चित कवि एवं गीतकार संजीव कुमार मुकेश भी मंच से अपनी कविताएँ सुनाएंगे। मेरठ के प्रसिद्ध हास्य कवि डॉ. प्रतीक गुप्ता, जो “सब कुछ ऑरिजनल है” के लिए जाने जाते हैं, अपने व्यंग्य और हास्य से श्रोताओं को गुदगुदाएंगे। वहीं दरभंगा की चर्चित कवयित्री डॉ. तिष्या श्री, जिन्हें “बिहार की बेटी” के नाम से पहचान मिली है, अपनी संवेदनशील कविताओं से श्रोताओं को भावुक करेंगी। राजगीर की पंच पहाड़ियों के बीच आयोजित इस कवि सम्मेलन में कविता के विविध रंग देखने को मिलेंगे। यहाँ गाँव की सोंधी खुशबू के साथ हास्य और व्यंग्य की शीतल फुहार भी होगी। गीतों की मिठास, प्रेम और मनुहार के साथ यह काव्य संध्या श्रोताओं को शब्दों की दुनिया में डुबो देगी। PNCB]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>राजगीर, 14 मार्च। नालंदा इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल के तीसरे दिन शनिवार को एम्पीथियेटर में संध्या 7 बजे अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस काव्य संध्या में देश के चर्चित और युवा कवि अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।</p>



<p><br>कार्यक्रम में बेस्टसेलर पुस्तकों डार्क हॉर्स, औघड़ और विश्वगुरु के लेखक तथा साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार से सम्मानित कवि नीलोत्पल मृणाल अपनी काव्य प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही नालंदा के मूल निवासी और “गाँव का लड़का” नाम से चर्चित कवि एवं गीतकार संजीव कुमार मुकेश भी मंच से अपनी कविताएँ सुनाएंगे।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001103848-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95677" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001103848-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001103848-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001103848-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p><br>मेरठ के प्रसिद्ध हास्य कवि डॉ. प्रतीक गुप्ता, जो “सब कुछ ऑरिजनल है” के लिए जाने जाते हैं, अपने व्यंग्य और हास्य से श्रोताओं को गुदगुदाएंगे। वहीं दरभंगा की चर्चित कवयित्री डॉ. तिष्या श्री, जिन्हें “बिहार की बेटी” के नाम से पहचान मिली है, अपनी संवेदनशील कविताओं से श्रोताओं को भावुक करेंगी।</p>



<p><br>राजगीर की पंच पहाड़ियों के बीच आयोजित इस कवि सम्मेलन में कविता के विविध रंग देखने को मिलेंगे। यहाँ गाँव की सोंधी खुशबू के साथ हास्य और व्यंग्य की शीतल फुहार भी होगी। गीतों की मिठास, प्रेम और मनुहार के साथ यह काव्य संध्या श्रोताओं को शब्दों की दुनिया में डुबो देगी।</p>



<p><strong>PNCB</strong> </p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नालंदा की धरती पर लौटा ज्ञान का उत्सव, राजगीर में सजा इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल 2026</title>
		<link>https://www.patnanow.com/sahitya-se-saja-nalanda-ki-dharti/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 12 Mar 2026 13:23:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[ARA]]></category>
		<category><![CDATA[BHOJPUR]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
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		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[rajgir]]></category>
		<category><![CDATA[Rajgir convention centre]]></category>
		<category><![CDATA[पटना नाउ]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=95614</guid>

					<description><![CDATA[नालंदा की विरासत के संग सजा ‘लिट भी और लिट्टी भी’, राजगीर में शुरू हुआ इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल देशभर के साहित्यकारों ने जलाया ज्ञान का दीप, 12 से 15 मार्च तक इतिहास, साहित्य और संस्कृति पर होंगे सत्र राजगीर, 12 मार्च। नालंदा की ऐतिहासिक धरती पर आयोजित नालंदा इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल 2026 का उद्घाटन राजगीर स्थित कन्वेंशन सेंटर के ओपन मंच पर भव्य तरीके से किया गया। 12-15 मार्च तक चलने वाले इस लिटरेचर कार्यक्रम का शुभारंभ देश के प्रतिष्ठित साहित्यकारों और विद्वानों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर अजय सिंह(राष्ट्रपति के पूर्व प्रेस सलाहकार), ओम थानवी(जनसत्ता के पूर्व एडिटर), अजय ब्रह्मात्मज(सिनेमा साहित्य के दिग्गज लेखक ), डॉ. कविता शर्मा (पूर्व प्राचार्य, हिंदू कॉलेज), आकाश पसरीचा, डॉ. आनंद सिंह (सीनियर प्रोफेसर), संजीव मुकेश, पंकज कुमार, गगन, निर्मल वैद्य, वैशाली सत्ता, अदिति नंदन और शैलेश कुमार समेत कई साहित्यिक हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम में ज्ञान निकेतन की छात्राओं ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में यह भी उल्लेख किया गया कि डॉ. कविता शर्मा, आकाश पसरीचा और डॉ. आनंद सिंह जैसी प्रतिष्ठित हस्तियों ने नालंदा पर महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखकर इस ऐतिहासिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का कार्य किया है। वहीं नालंदा कॉलेज के प्राचार्य सत्र के पहले पैनल में पैनलिस्ट के रूप में शामिल हुए। मंच संचालन बिहार के चर्चित उद्घोषक शैलेश कुमार ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा,“इस बिहार की पावन धरती, इस नालंदा की धरा पर आप सभी का हार्दिक स्वागत है। मुझे मंच संचालन की जिम्मेदारी मिली है, [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>नालंदा की विरासत के संग सजा ‘लिट भी और लिट्टी भी’, राजगीर में शुरू हुआ इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल</strong><br><br><strong>देशभर के साहित्यकारों ने जलाया ज्ञान का दीप, 12 से 15 मार्च तक इतिहास, साहित्य और संस्कृति पर होंगे सत्र</strong></p>



<p>राजगीर, 12 मार्च। नालंदा की ऐतिहासिक धरती पर आयोजित नालंदा इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल 2026 का उद्घाटन राजगीर स्थित कन्वेंशन सेंटर के ओपन मंच पर भव्य तरीके से किया गया। 12-15 मार्च तक चलने वाले इस लिटरेचर कार्यक्रम का शुभारंभ देश के प्रतिष्ठित साहित्यकारों और विद्वानों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="462" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097273-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95623" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097273-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097273-650x293.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097273-1536x694.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097273-2048x925.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



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<p>इस अवसर पर अजय सिंह(राष्ट्रपति के पूर्व प्रेस सलाहकार), ओम थानवी(जनसत्ता के पूर्व एडिटर), अजय ब्रह्मात्मज(सिनेमा साहित्य के दिग्गज लेखक ), डॉ. कविता शर्मा (पूर्व प्राचार्य, हिंदू कॉलेज), आकाश पसरीचा, डॉ. आनंद सिंह (सीनियर प्रोफेसर), संजीव मुकेश, पंकज कुमार, गगन, निर्मल वैद्य, वैशाली सत्ता, अदिति नंदन और शैलेश कुमार समेत कई साहित्यिक हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम में ज्ञान निकेतन की छात्राओं ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="462" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097299-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95616" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097299-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097299-650x293.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097299-1536x694.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097299-2048x925.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कार्यक्रम में यह भी उल्लेख किया गया कि डॉ. कविता शर्मा, आकाश पसरीचा और डॉ. आनंद सिंह जैसी प्रतिष्ठित हस्तियों ने नालंदा पर महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखकर इस ऐतिहासिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का कार्य किया है। वहीं नालंदा कॉलेज के प्राचार्य सत्र के पहले पैनल में पैनलिस्ट के रूप में शामिल हुए।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="462" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097300-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95617" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097300-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097300-650x293.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097300-1536x694.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097300-2048x925.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मंच संचालन बिहार के चर्चित उद्घोषक शैलेश कुमार ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा,“इस बिहार की पावन धरती, इस नालंदा की धरा पर आप सभी का हार्दिक स्वागत है। मुझे मंच संचालन की जिम्मेदारी मिली है, लेकिन मेरे सामने बैठे लोग मुझसे कहीं अधिक विद्वान और अपने आप में प्रकाश स्तंभ हैं। नालंदा इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल 2026, जिसे अमात्य फाउंडेशन ने आपके बीच समर्पित किया है, हमें धीरे-धीरे उस काल की ओर ले जाने का प्रयास कर रहा है, जब पाँचवीं शताब्दी में नालंदा में जमीन पर इसी तरह बैठकर ज्ञान की चर्चा और अध्ययन हुआ करता था। आज हम उसी परंपरा को फिर से जीवंत करने का प्रयास कर रहे हैं।”</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097272-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95624" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097272-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097272-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097272-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="744" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097309-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95618" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097309-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097309-650x473.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने अमात्य फाउंडेशन की टीम की सराहना करते हुए कहा कि जिस तरह किसी उजड़े हुए गांव को कुछ उत्साही लोग फिर से संवारने का प्रयास करते हैं, उसी तरह वैशाली सत्ता, अदिति नंदन और दिव्या भारद्वाज की टीम ने इस फेस्टिवल की परिकल्पना को साकार किया है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="752" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097310-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95619" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097310-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097310-650x477.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कार्यक्रम के दौरान बिहार की साहित्यिक परंपरा का भी उल्लेख हुआ। उन्होंने पुराने दिनों की बात को याद करते हुए कहा कि एक बार नेहरू जी जब सीढी चढ़ते हुए लड़खड़ाए तो राष्ट्रकवि दिनकर ने उन्हें संभालते हुए कहा कि जब राजनीति लड़खड़ाती है तो साहित्य समाज को संभालने का काम करता है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="881" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097314-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95625" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097314-scaled.jpg 881w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097314-559x650.jpg 559w" sizes="auto, (max-width: 881px) 100vw, 881px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="764" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097311-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95620" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097311-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097311-650x485.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इसी धरती ने वीर कुंवर सिंह जैसे स्वतंत्रता सेनानी और देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद जैसे महान व्यक्तित्व दिए हैं। फेस्टिवल का टैगलाइन “Lit भी और Litti भी” खास आकर्षण का केंद्र रहा, जो बिहार की साहित्यिक समृद्धि के साथ-साथ यहां के प्रसिद्ध व्यंजन लिट्टी-चोखा की पहचान को भी दर्शाता है। इस फेस्टिवल में आने वाले सारे अतिथियों को बिहार की खास व्यंजनों को खास बिहारी शेफ़ो द्वारा परोसा भी जाएगा।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="578" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097312-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95621" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097312-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097312-650x367.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097312-1536x868.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस मौके पर लेखिका वैशाली सेता ने अपने नाम से जुड़ा एक दिलचस्प अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि मुंबई में जन्मी और गुजरात से जुड़ी होने के कारण बचपन में उन्हें अपने नाम “वैशाली” से चिढ़ होती थी, क्योंकि महाराष्ट्र में कई कैफे का नाम भी वैशाली होता है। लेकिन 2007 में अदिति नंदन के संपर्क में आने और बिहार आने के बाद उन्हें पता चला कि विश्व के पहले गणराज्य का नाम वैशाली था। ये जानने के बाद उन्हें अपने नाम प्यार हो गया और इसके बाद इस गौरवशाली गणराज्य के पन्नो को उन्होंने बिहार के कोने कोने से खोजना शुरू किया। उनके दोस्त अदिति नंदन और कई लोगों ने मिलकर काम करना शुरू किया ताकि बिहार के उस गौरव को फिर से दुनिया में फैले सारे बिहार एक मंच पर आकर सार्थक के सकें। तब से लगातार वे बिहार में हीं हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="577" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097313-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95622" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097313-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097313-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097313-1536x866.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि आज जिस परिसर में यह लिटरेचर फेस्टिवल हो रहा है, वहां कार्यक्रम होते देखना उनके लिए भावुक क्षण है। उन्होंने बताया कि बिहार ज्ञान और इतिहास की धरती है, जहां करीब 400 स्थानों पर आदि मानवों द्वारा बनाए गए शैलचित्र मौजूद हैं, जिन्हें उन्होंने बिहार सरकार को सौंपकर धरोहर के रूप में संरक्षित करने की पहल की है। फेस्टिवल के पहले दिन साहित्य, इतिहास और संस्कृति से जुड़े कई सत्रों में देशभर से आए विद्वानों ने अपने विचार साझा किए.</p>



<p><strong><em>ओपी पांडे </em></strong></p>
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			</item>
		<item>
		<title>8 अरब 69 करोड़ का बजट पास… लेकिन वीकेएसयू के छात्रों की नौकरी कहाँ?</title>
		<link>https://www.patnanow.com/8-69-billion-approved-yet-students-ask-where-is-the-benefit/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 12 Mar 2026 07:11:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
		<category><![CDATA[Big News]]></category>
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		<category><![CDATA[पटना नाउ]]></category>
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					<description><![CDATA[सीनेट बैठक के बीच आइसा का घेराव, छात्रों ने पूछा &#8211; अरबों खर्च के बाद भी सुविधाएँ क्यों नहीं? आरा,12 मार्च (ओ पी पाण्डेय ). वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय की सीनेट बैठक में एक तरफ वर्ष 2026–27 के लिए 8 अरब 69 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पास हुआ, वहीं दूसरी ओर छात्रों ने इस बजट की उपयोगिता पर सवाल खड़ा कर दिया. सीनेट की बैठक जहां विकास योजनाओं और शैक्षणिक सुधारों के दावों के साथ संपन्न हुई, वहीं परिसर के बाहर छात्र संगठन आइसा ने 21 सूत्री मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन और सीनेट का घेराव किया. छात्र नेताओं का कहना है कि हर साल विश्वविद्यालय का बजट करोड़ों-अरबों में बनता है, लेकिन जमीनी स्तर पर छात्रों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।बजट अरबों का, लेकिन छात्रों को नहीं मिल रहा लाभ. आइसा के बिहार राज्य सचिव सब्बीर कुमार ने कहा किहर साल विश्वविद्यालय का बजट करोड़ों-अरबों में पास होता है, लेकिन छात्रों को बुनियादी सुविधाएँ तक नहीं मिलतीं। कई सत्रों की फेलोशिप लंबित है, प्रयोगशालाएँ जर्जर हैं और कई कॉलेजों में छात्राओं के लिए सेनेटरी पैड तक की व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्र-विरोधी बजट का आइसा विरोध करता है और इसे छात्रों के हित में सुधारने की जरूरत है। सीनेट का घेराव, नारों से गूंजा कैंपसबुधवार को आइसा के नेतृत्व में जीरो माइल से विरोध मार्च निकाला गया, जो विश्वविद्यालय कैंपस पहुंचकर सीनेट बैठक स्थल तक गया। इस दौरान छात्र “नई शिक्षा नीति वापस लो”, “सीबीसीएस नहीं चलेगा”, “छात्र संघ चुनाव कराओ” [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>सीनेट बैठक के बीच आइसा का घेराव, छात्रों ने पूछा &#8211; अरबों खर्च के बाद भी सुविधाएँ क्यों नहीं?</strong></p>



<p>आरा,12 मार्च (<strong>ओ पी पाण्डेय</strong> ). वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय की सीनेट बैठक में एक तरफ वर्ष 2026–27 के लिए 8 अरब 69 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पास हुआ, वहीं दूसरी ओर छात्रों ने इस बजट की उपयोगिता पर सवाल खड़ा कर दिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="598" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096319-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95602" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096319-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096319-650x380.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096319-1536x898.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



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<p>सीनेट की बैठक जहां विकास योजनाओं और शैक्षणिक सुधारों के दावों के साथ संपन्न हुई, वहीं परिसर के बाहर छात्र संगठन आइसा ने 21 सूत्री मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन और सीनेट का घेराव किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="566" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096321-scaled.png" alt="" class="wp-image-95604" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096321-scaled.png 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096321-650x359.png 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



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<p>छात्र नेताओं का कहना है कि हर साल विश्वविद्यालय का बजट करोड़ों-अरबों में बनता है, लेकिन जमीनी स्तर पर छात्रों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।<br>बजट अरबों का, लेकिन छात्रों को नहीं मिल रहा लाभ. आइसा के बिहार राज्य सचिव सब्बीर कुमार ने कहा कि<br>हर साल विश्वविद्यालय का बजट करोड़ों-अरबों में पास होता है, लेकिन छात्रों को बुनियादी सुविधाएँ तक नहीं मिलतीं। कई सत्रों की फेलोशिप लंबित है, प्रयोगशालाएँ जर्जर हैं और कई कॉलेजों में छात्राओं के लिए सेनेटरी पैड तक की व्यवस्था नहीं है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096271-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95598" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096271-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096271-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096271-1536x864.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096271-2048x1152.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि छात्र-विरोधी बजट का आइसा विरोध करता है और इसे छात्रों के हित में सुधारने की जरूरत है।</p>



<p><strong>सीनेट का घेराव, नारों से गूंजा कैंपस</strong><br>बुधवार को आइसा के नेतृत्व में जीरो माइल से विरोध मार्च निकाला गया, जो विश्वविद्यालय कैंपस पहुंचकर सीनेट बैठक स्थल तक गया। इस दौरान छात्र “नई शिक्षा नीति वापस लो”, “सीबीसीएस नहीं चलेगा”, “छात्र संघ चुनाव कराओ” और “एकेडमिक कैलेंडर लागू करो” जैसे नारों के साथ प्रदर्शन करते रहे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096267-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95599" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096267-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096267-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096267-1536x864.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096267-2048x1152.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>सीनेट प्रतिनिधियों और छात्रों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, जिसके बाद आइसा प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों का ज्ञापन परीक्षा नियंत्रक को सौंपा. विश्वविद्यालय प्रशासन ने मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096272-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95597" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096272-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096272-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096272-1536x864.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001096272-2048x1152.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>21 मांगों को लेकर आंदोलन</strong><br>आइसा जिला सचिव विकास कुमार ने कहा कि घेराव विश्वविद्यालय की 21 सूत्री मांगों को लेकर किया गया.<br>इनमें प्रमुख मांगें हैं:</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>विश्वविद्यालय में सरकारी डेटा बैंक की स्थापना</li>



<li>छात्रों के लिए परिवहन सुविधा</li>



<li>छात्राओं के लिए कॉमन रूम</li>



<li>सभी कॉलेजों में छात्रावास</li>



<li>मूल प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन व डाक से भेजने की व्यवस्था</li>



<li>त्रुटिपूर्ण अंक पत्र सुधार के लिए तय तिथि</li>



<li>उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।</li>
</ul>



<p><strong>बड़ा सवाल</strong><br>सीनेट बैठक में विश्वविद्यालय प्रशासन ने विकास, तकनीकी सुधार और नए कोर्स शुरू करने की योजनाओं की बात कही. लेकिन छात्रों के प्रदर्शन के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब बजट 8 अरब से ज्यादा है, तो क्या विश्वविद्यालय से पढ़ने वाले युवाओं को बेहतर शिक्षा, सुविधाएँ और रोजगार के अवसर मिल पा रहे हैं?</p>
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