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	<title>Jivika CEO &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<description>Patna News Portal - हर ख़बर पर नज़र</description>
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	<title>Jivika CEO &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>पीएम द्वारा चुनी हुई नवाचारों में शामिल हुई जीविका दीदी की रसोई</title>
		<link>https://www.patnanow.com/jeevika-didis-kitchen-included-in-the-innovations-selected-by-the-pm/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 16 May 2023 01:30:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार के 38 जिलो में स्थापित 97 डीकेआर संचालित 40.15 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हर दिन लगभग 15000 भर्ती मरीजों, उनके परिचारकों, छात्रों, कर्मचारियों और आगंतुकों को स्वच्छता पूर्वक खाद्य प्रदान करते हैं- राहुल कुमार ,सीएईओ जीविका दीदी की रसोई (डीकेआर), एक अनूठी पहल है जो राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों, बैंक, आवासीय विद्यालय एवं अन्य सरकारी कार्यालयों में उच्च गुणवत्ता और स्वच्छ भोजन प्रदान करती है. इस पहल को सिविल सेवा दिवस 2023 के अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा जारी चयनित नवाचारों में शामिल किया गया.  डीकेआर मॉडल एक अद्वितीय उपक्रम का प्रतिनिधित्व करता है जिसने बिहार में महिलाओं को सशक्त बनाते हुए सरकारी अस्पतालों में इनडोर रोगियों एवं SC/ST आवासीय विद्यालयों में छात्रों को स्वच्छ भोजन प्रदान करने के लिए वितरण तंत्र को उल्लेखनीय रूप से बदल दिया है. डीकेआर मॉडल मानकीकृत और एक समान रूप से खाना पकाने और बर्तन परोसने, खरीद और लेखा प्रक्रियाओं, प्रशिक्षित कर्मचारियों और डिजिटल भुगतान विकल्पों के साथ प्रबंधित कैंटीन की श्रृंखला स्थापित करने पर जोर देता है. कार्यक्रम ने न केवल एक मजबूत उद्यमशीलता मंच स्थापित किया है, बल्कि बिहार के गरीब क्षेत्रों की ग्रामीण महिलाओं को आवश्यक कौशल और ज्ञान के साथ खाद्य सेवा उद्यम को पेशेवर रूप से चलाने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रोत्साहन प्रदान किया है, जो मानकीकृत प्रणालियों और सेवाओं के साथ पूर्ण है. डीकेआर कार्यक्रम में तेजी लाने के लिए, एक डिजिटल रूप से सक्षम भुगतान प्रणाली स्थापित की गई है, जो तेजी से सेवा वितरण सुनिश्चित करने और बिक्री प्राप्ति की निगरानी के लिए [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>बिहार के 38 जिलो में स्थापित 97 डीकेआर संचालित</strong></p>



<p><strong>40.15 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार</strong></p>



<p class="has-vivid-purple-color has-text-color"><strong>हर दिन लगभग 15000 भर्ती मरीजों, उनके परिचारकों, छात्रों, कर्मचारियों और आगंतुकों को स्वच्छता पूर्वक खाद्य प्रदान करते हैं- राहुल कुमार</strong> ,सीएईओ </p>



<p>जीविका दीदी की रसोई (डीकेआर), एक अनूठी पहल है जो राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों, बैंक, आवासीय विद्यालय एवं अन्य सरकारी कार्यालयों में उच्च गुणवत्ता और स्वच्छ भोजन प्रदान करती है. इस पहल को सिविल सेवा दिवस 2023 के अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा जारी चयनित नवाचारों में शामिल किया गया.  डीकेआर मॉडल एक अद्वितीय उपक्रम का प्रतिनिधित्व करता है जिसने बिहार में महिलाओं को सशक्त बनाते हुए सरकारी अस्पतालों में इनडोर रोगियों एवं SC/ST आवासीय विद्यालयों में छात्रों को स्वच्छ भोजन प्रदान करने के लिए वितरण तंत्र को उल्लेखनीय रूप से बदल दिया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/4620242b-1fca-4b67-9cb2-01f4a12ba7dd.jpg" alt="" class="wp-image-74431" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/4620242b-1fca-4b67-9cb2-01f4a12ba7dd.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/4620242b-1fca-4b67-9cb2-01f4a12ba7dd-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>डीकेआर मॉडल मानकीकृत और एक समान रूप से खाना पकाने और बर्तन परोसने, खरीद और लेखा प्रक्रियाओं, प्रशिक्षित कर्मचारियों और डिजिटल भुगतान विकल्पों के साथ प्रबंधित कैंटीन की श्रृंखला स्थापित करने पर जोर देता है. कार्यक्रम ने न केवल एक मजबूत उद्यमशीलता मंच स्थापित किया है, बल्कि बिहार के गरीब क्षेत्रों की ग्रामीण महिलाओं को आवश्यक कौशल और ज्ञान के साथ खाद्य सेवा उद्यम को पेशेवर रूप से चलाने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रोत्साहन प्रदान किया है, जो मानकीकृत प्रणालियों और सेवाओं के साथ पूर्ण है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="514" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/91af052b-7a1b-4566-8399-571dc26ec643.jpg" alt="" class="wp-image-74432" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/91af052b-7a1b-4566-8399-571dc26ec643.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/91af052b-7a1b-4566-8399-571dc26ec643-350x277.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>डीकेआर कार्यक्रम में तेजी लाने के लिए, एक डिजिटल रूप से सक्षम भुगतान प्रणाली स्थापित की गई है, जो तेजी से सेवा वितरण सुनिश्चित करने और बिक्री प्राप्ति की निगरानी के लिए एक केंद्रीकृत प्रक्रिया प्रबंधन प्रणाली को लागू कर रही है. जीविका ने एक व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को सावधानीपूर्वक विकसित और औपचारिक रूप दिया है जो डीकेआर की स्थापना और प्रबंधन के लिए व्यापक रूप से प्रक्रिया को चित्रित करता है. दस्तावेज़ सावधानीपूर्वक खाद्य सेवा, सफाई, मानव संसाधन योजना, आईएसओ प्रमाणन और गवर्नेंस से संबंधित प्रक्रियाओं को स्पष्ट करता है.</p>



<p>अप्रैल 2023 तक, कुल 97 डीकेआर, बिहार के 38 जिलो में स्थापित है जिनमे राज्य के विभिन्न अस्पताल, आवासीय विद्यालय, सार्वजनिक कार्यालय, आरबीआई, एसबीआई, एवं निबंधन कार्यालय शामिल है. ये डीकेआर हर दिन लगभग 15000 भर्ती मरीजों, उनके परिचारकों, छात्रों, कर्मचारियों और आगंतुकों को स्वस्वच्छता पूर्वक खाद्य प्रदान करते हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/d4ef3da1-3167-4442-baf8-b6f896f072e6.jpg" alt="" class="wp-image-74433" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/d4ef3da1-3167-4442-baf8-b6f896f072e6.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/d4ef3da1-3167-4442-baf8-b6f896f072e6-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>डीकेआर कार्यक्रम ने 1200 से अधिक ग्रामीण महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए एक मंच के रूप में कार्य किया है, उन्हें अपनी आय में सुधार करने, आत्मविश्वास हासिल करने, पेशेवर कौशल हासिल करने और रोल मॉडल बनने का अवसर प्रदान किया है. डीकेआर नेटवर्क ने ग्रामीण महिला उद्यमियों का सफलतापूर्वक समर्थन किया है, प्रत्येक व्यक्ति को 1.20 लाख रुपये की वार्षिक आय में औसत वृद्धि का अनुभव हुआ है और 40.15 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार का प्रबंधन किया गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/e409a739-8837-475d-bfc1-7f18fb0169e1.jpg" alt="" class="wp-image-74435" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/e409a739-8837-475d-bfc1-7f18fb0169e1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/e409a739-8837-475d-bfc1-7f18fb0169e1-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>जीविका दीदी की रसोई मॉडल की सफलता समाज में समावेशिता और समानता को बढ़ावा देने में उद्यमिता की परिवर्तनकारी शक्ति का एक मिसाल है. इस कार्यक्रम ने न केवल उन लोगों को स्वच्छ भोजन प्रदान किया है जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है बल्कि ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए एक मंच भी तैयार किया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="373" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/e9916d61-ebd7-45b6-93e6-06f714a52e81.jpg" alt="" class="wp-image-74434" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/e9916d61-ebd7-45b6-93e6-06f714a52e81.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/e9916d61-ebd7-45b6-93e6-06f714a52e81-350x201.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>जीविका दीदी की रसोई न केवल बिहार में महिलाओं को सशक्त बना रही है, बल्कि कई अन्य राज्यों में भी इसे दोहराया जा रहा है, जो इसे देश भर के सार्वजनिक अस्पतालों और आवासीय विद्यालयों में इनडोर रोगियों और छात्रों को स्वच्छ भोजन प्रदान करने के लिए वितरण तंत्र को बदलने के लिए एक मॉडल बना रहा है.</p>
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		<title>ये हैं बिहार की कुशल उद्यमी महिलाएं</title>
		<link>https://www.patnanow.com/these-are-the-business-women/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Mar 2023 03:10:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
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		<category><![CDATA[Journalist O P Pandey]]></category>
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					<description><![CDATA[महिला सशक्तिकरण एवम स्वावलंबनसे जीविका दीदियां गढ़ रही हैं इतिहास कुशल उद्यमी के रूप में जीविका दीदियां गांधी मैदान में पटना,24 मार्च. स्वयं सहायता समूह से जुड़कर ग्रामीण महिलायें स्वावलंबन एवं सशक्तिकरण की ओर अग्रसर हैं. इसकी बानगी बिहार दिवस के अवसर पर मुख्य कार्य्रकम स्थल गाँधी मैदान में एस जीविका पवेलियन में ग्रामीण महिलाएं एक कुशल उद्धमी के रूप में ग्रामीण, शिल्प, हुनर, कला एवं व्यंजन के साथ उपस्थित दिखीं. जीविका पवेलियन में विभिन्न विधाओं के अंतर्गत संस्था निर्माण एवम क्षमतावर्धन, वित्तीय समावेशन, दिव्यांगता समावेशन, समामाजिक विकास, जे. वायर्स,सतत जीविकोपार्जन योजना, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान, कृषि, नीरा, जीविका स्किल्स, मधुग्राम महिला प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, शिल्पग्राम महिला प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, शिल्प उत्पादक समूह, पशुधन, कौशिकी महिला मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, स्वास्थ्य-पोषण एवम स्वच्छता, जल-जीवन- हरियाली के स्टॉल लगे हुए थे. इन स्टॉल्स पर जीविका दीदियों द्वारा निर्मित उत्पाद प्रदर्शनी सह बिक्री के लिए भी उपलब्ध थी. साथ ही वैसे युवक &#8211; युवतियां भी रोजगार स्टॉल पर अपने अनुभव साझा कर रहे थे जिन्होंने जीविका के माध्यम से नौकरी पाकर अपने सपनो को साकार किया है. इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य-पोषण एवम स्वच्छता के स्टॉल पर जीविका दीदियों द्वारा निर्मित पौध आधारित मायरा सैनेट्री पैड भी उपलब्ध है. यह पैड पर्यावरण के अनुकूल है जो स्वत: मिट्टी में मिलकर नष्ट हो जाता है. इसके साथ ही जीविका स्वास्थ्य सहायता केंद्र (हेल्प डेस्क) पर आगंतुक अपने स्वास्थ्य की भी जांच निः शुल्क करा रहे थे. वही व्यंजन मेला परिसर में जीविका दीदियों द्वारा संचालित जीविका दीदी की रसोई के छह स्टॉल पर देशी एवम [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>महिला सशक्तिकरण एवम स्वावलंबन<br>से जीविका दीदियां गढ़ रही हैं इतिहास</strong></p>



<p><strong>कुशल उद्यमी के रूप में जीविका दीदियां गांधी मैदान में</strong></p>



<p>पटना,24 मार्च. स्वयं सहायता समूह से जुड़कर ग्रामीण महिलायें स्वावलंबन एवं सशक्तिकरण की ओर अग्रसर हैं. इसकी बानगी बिहार दिवस के अवसर पर मुख्य कार्य्रकम स्थल गाँधी मैदान में एस जीविका पवेलियन में ग्रामीण महिलाएं एक कुशल उद्धमी के रूप में ग्रामीण, शिल्प, हुनर, कला एवं व्यंजन के साथ उपस्थित दिखीं.</p>



<p>जीविका पवेलियन में विभिन्न विधाओं के अंतर्गत संस्था निर्माण एवम क्षमतावर्धन, वित्तीय समावेशन, दिव्यांगता समावेशन, समामाजिक विकास, जे. वायर्स,सतत जीविकोपार्जन योजना, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान, कृषि, नीरा, जीविका स्किल्स, मधुग्राम महिला प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, शिल्पग्राम महिला प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, शिल्प उत्पादक समूह, पशुधन, कौशिकी महिला मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, स्वास्थ्य-पोषण एवम स्वच्छता, जल-जीवन- हरियाली के स्टॉल लगे हुए थे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="338" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-1.jpg" alt="" class="wp-image-72682" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-1-350x182.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इन स्टॉल्स पर जीविका दीदियों द्वारा निर्मित उत्पाद प्रदर्शनी सह बिक्री के लिए भी उपलब्ध थी. साथ ही वैसे युवक &#8211; युवतियां भी रोजगार स्टॉल पर अपने अनुभव साझा कर रहे थे जिन्होंने जीविका के माध्यम से नौकरी पाकर अपने सपनो को साकार किया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas.jpg" alt="" class="wp-image-72683" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य-पोषण एवम स्वच्छता के स्टॉल पर जीविका दीदियों द्वारा निर्मित पौध आधारित मायरा सैनेट्री पैड भी उपलब्ध है. यह पैड पर्यावरण के अनुकूल है जो स्वत: मिट्टी में मिलकर नष्ट हो जाता है. इसके साथ ही जीविका स्वास्थ्य सहायता केंद्र (हेल्प डेस्क) पर आगंतुक अपने स्वास्थ्य की भी जांच निः शुल्क करा रहे थे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-3.jpg" alt="" class="wp-image-72684" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-3.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-3-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>वही व्यंजन मेला परिसर में जीविका दीदियों द्वारा संचालित जीविका दीदी की रसोई के छह स्टॉल पर देशी एवम पौष्टिक व्यंजनों का स्वाद आगंतुक चख रहे हैं. बिहार दिवस के शुभारंभ के अवसर पर जीविका पवेलियन के मुख्य मंच से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जीविका दीदियों, रोजगार प्राप्त युवक-युवतियों एवम जीविकेस संबद्ध संगठनों को प्रशस्ति पत्र देकर जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी,राहुल कुमार, राम निरंजन सिंह, निदेशक, जीविका, राजेश कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी, जीविका एवम महुआ रॉय चौधरी ने सम्मानित किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-2.jpg" alt="" class="wp-image-72685" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-2.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-2-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>तत्पश्चात स्वरांगन के कलाकारों द्वारा लोक गीत एवम नया सवेरा लघु नाटक की प्रस्तुति की गई. नाटक नया सवेरा में जीविका द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में किए जा रहे गतिविधियों को दर्शाया गया. संध्या काल में जीविका स्किल्स के अभ्यर्थियों द्वारा शराबबंदी समेत विभिन्न सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन हेतु लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से लागू नाटक प्रस्तुत किया गया. इस नाटक को देखने के लिए दर्शक भी भारी संख्या में मौजूद थी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="344" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-4.jpg" alt="" class="wp-image-72686" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-4.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-4-350x185.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>जीविका पवेलियन और जीविका दीदियों द्वारा बनाए गए उत्पादों के अवलोकन के लिए श्रीमती कृष्णा बरुआ, राज्य मिशन निदेशक, आसाम का विशेष तौर पर बिहार आगमन हुआ था जिन्होंने जीविका पवेलियन में जीविका दीदियों से मुलाकात किया.</p>



<p><strong>PNCB</strong></p>
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