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	<title>Jivika CEO Rahul Kumar &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>Jivika CEO Rahul Kumar &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>धरोहरों को बचाने एवं उन्हें पुनर्जीवित करने में बड़ा प्लेटफार्म है सरस मेला</title>
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		<pubDate>Thu, 28 Dec 2023 02:43:41 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[29 दिसम्बर तक चलेगा सरस मेला 12 दिनों में लगभग 12 करोड़ 47 लाख 72 हजार रुपये के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद– बिक्री शिल्प, कलाकृतियाँ , लोक कला एवं देशी व्यंजनों की बड़े पैमाने पर खरीद-बिक्री पटना- सरस मेला अब समापन की ओर अग्रसर है। 15 दिसंबर 2023 से जारी बिहार सरस मेला का 29 दिसंबर को समापन होना है।लिहाजा लोग जमकर खरीददारी कर रहे हैं। मेला में लोग अपनी संस्कृति, शिल्प, लोक कला , परंपरा एवं देशी स्वाद से रूबरू होने के लिए प्रतिदिन पधार रहे हैं। मेला 15 दिनों का है. 12 दिन में 8 लाख से अधिक लोग आए . ग्रामीण शिल्प,संस्कृति एवं लोक कला और देशी व्यंजनों के प्रति लोगों को आकर्षण इस बात का प्रमाण है कि लोग अपने पूरानी संस्कृति एवं परंपरा की ओर लौट रहे हैं. लिहाजा बिहार सरस मेला अपने धरोहरों को बचाने एवं उन्हें पुनर्जीवित करने में बड़ा प्लेटफार्म और माध्यम बना है ।बिहार सरस मेला बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन समिति (जीविका ) द्वारा आयोजित है. बिहार सरस मेला में बिहार समेत 22 राज्यों की स्वयं सहायता समूह से जुडी महिलायें हस्तशिल्प को लेकर 5 सौ से अधिक स्टॉल्स परउपस्थित हैं. बिहार के सभी 38 जिला से 191 स्वयं सहायता समूह से जुडी ग्रामीण महिलाएं अपने-अपने क्षेत्र की संस्कृति, लोक कला,कलाकृतियाँ एवं देशी व्यंजनों को लेकर उपस्थित हैं । जहाँ स्टॉल धारक के साथ ही आगंतुक भी एक दुसरे के शिल्प , स्वाद, संस्कृति से परिचित हो रहे हैं. अन्य 22 जिलों से 66 स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिला उद्यमी [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>29 दिसम्बर  तक चलेगा सरस मेला </strong></p>



<p><strong>12 दिनों में लगभग 12 करोड़ 47 लाख 72 हजार रुपये के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद– बिक्री</strong></p>



<p><strong>शिल्प, कलाकृतियाँ , लोक कला एवं देशी व्यंजनों की बड़े पैमाने पर खरीद-बिक्री </strong></p>



<p>पटना- सरस मेला अब समापन की ओर अग्रसर है। 15 दिसंबर 2023 से जारी बिहार सरस मेला का 29 दिसंबर को समापन होना है।लिहाजा लोग जमकर खरीददारी कर रहे हैं। मेला में लोग अपनी संस्कृति, शिल्प, लोक कला , परंपरा एवं देशी स्वाद से रूबरू होने के लिए प्रतिदिन पधार रहे हैं। मेला 15 दिनों का है. 12 दिन में 8 लाख से अधिक लोग आए . ग्रामीण शिल्प,संस्कृति एवं लोक कला और देशी व्यंजनों के प्रति लोगों को आकर्षण इस बात का प्रमाण है कि लोग अपने पूरानी संस्कृति एवं परंपरा की ओर लौट रहे हैं. लिहाजा बिहार सरस मेला अपने धरोहरों को बचाने एवं उन्हें पुनर्जीवित करने में बड़ा प्लेटफार्म और माध्यम बना है ।बिहार सरस मेला बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन समिति (जीविका ) द्वारा आयोजित है. बिहार सरस मेला में बिहार समेत 22 राज्यों की स्वयं सहायता समूह से जुडी महिलायें हस्तशिल्प को लेकर 5 सौ से अधिक स्टॉल्स परउपस्थित हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/DDUGKY-EVENT-650x293.jpg" alt="" class="wp-image-81221" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/DDUGKY-EVENT-650x293.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/DDUGKY-EVENT-350x158.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/DDUGKY-EVENT-768x346.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/DDUGKY-EVENT.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>बिहार के सभी 38 जिला से 191 स्वयं सहायता समूह से जुडी ग्रामीण महिलाएं अपने-अपने क्षेत्र की संस्कृति, लोक कला,कलाकृतियाँ एवं देशी व्यंजनों को लेकर उपस्थित हैं । जहाँ स्टॉल धारक के साथ ही आगंतुक भी एक दुसरे के शिल्प , स्वाद, संस्कृति से परिचित हो रहे हैं. अन्य 22 जिलों से 66 स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिला उद्यमी भी हस्तशिल्प को लेकर उपस्थित हैं. 151 स्वरोजगारी भी विभिन्न स्टॉल पर उत्पादों को लेकर प्रस्तुत हैं. विभिन्न विभागों, संस्थानों एवं बैंको के 50 स्टॉल से विभिन्न योजनाओं &nbsp;की जानकारी दी जा रही है. इसके साथ ही विभिन्न जिलों से उप विकास आयुक्त के माध्यम से आई महिला उद्यमी 50 स्टॉल पर भी हस्तशिल्प,कलाकृतियाँ एवं व्यंजनों की खरी-बिक्री कर रही हैं.</p>



<p>12 दिनों में लगभग 12 करोड़ 47 लाख 72 हजार रुपये के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद – बिक्री हुई है. बिहार सरस मेला के आयोजन के 12 वे दिन 26 सितम्बर मंगलवार को 1 करोड़ 18 लाख 43 हजार रुपये के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद-बिक्री हुई है । सरस मेला में सुसज्जित सभी स्टॉल पर उपलब्ध शिल्प, कलाकृतियाँ , लोक कला एवं देशी व्यंजनों की बड़े पैमाने पर खरीद-बिक्री हो रही है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/Visiters-650x293.jpg" alt="" class="wp-image-81224" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/Visiters-650x293.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/Visiters-350x158.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/Visiters-768x346.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/Visiters.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>कई स्टॉल ऐसे हैं जहाँ प्रतिदिन 50 से 60 हजार रुपये से ज्यादा के उत्पादों एवं व्यंजनों की खरीद-बिक्री हो रही है. ओड़िसा के कटक जिला अंतर्गत बक्सी बाज़ार से आई हाजी अली स्वयं सहायता समूह की सदस्य आलिया बेगम ने अपने स्टॉल से अब तक 6 लाख रुपये से ज्यादा केपरिधानों की बिक्री की हैं. उनके स्टॉल से कॉटन, सिल्क एवं चंदेरी से बनी हुई सूट, साडी, दुपट्टा, कुर्ती मैटेरियल , चादर, तकिया कवर, सोफे कवर , आदि की बिक्री हो रही हैl सरस मेला में कैशलेश खरीददारी की व्यवस्था है.विभिन्न स्टॉल्स पर उपस्थित ग्रामीण परिवेश से बाहर निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाली जीविका दीदियाँ बिहार में महिला सशक्तिकरण एवं स्वावलंबन की झलक प्रदर्शित कर रही हैं.सरस मेला के अन्य आकर्षणों में जीविका दीदियों द्वारा संचालित दीदी की रसोई, जीविका शिल्पग्राम एवं जीविका मधु ग्राम का स्टॉल है. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/Seminar-650x293.jpg" alt="" class="wp-image-81225" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/Seminar-650x293.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/Seminar-350x158.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/Seminar-768x346.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/Seminar.jpg 1280w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>महिला विकास निगम और बिहार महिला उद्योग संघ के स्टॉल भी सुसज्जित हैं. बिहार जीविका द्वारा संचालित सतत जीविकोपार्जन योजना के स्टॉल से गरीबी उन्मूलन एवं स्वरोजगार के लिए किये जा रहे कार्यों की प्रदर्शनी एवं गरीबी रेखा से बाहर निकलकर सूक्ष्म उद्धमी के तौर पर पहचान बना रही जीविका दीदियों द्वारा गढ़े गए उत्पादों की बिक्री हो रही है.संध्या समय में सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत मुख्य मंच पर गायक शक्ति सिंह द्वारा “संदेशे आते हैं और दिल दिया है जान भी देंगे” की प्रस्तुति ने दर्शकों की वह वाही लुटी. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="467" height="650" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/Cultural-Program-467x650.jpg" alt="" class="wp-image-81226" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/Cultural-Program-467x650.jpg 467w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/Cultural-Program-252x350.jpg 252w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/Cultural-Program.jpg 676w" sizes="(max-width: 467px) 100vw, 467px" /></figure>



<p>इससे पूर्व दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना अंतर्गत जीविका द्वारा रोजगार एवं प्रशिक्षण विषय पर लघु की प्रस्तुति की गई. नाटक में जीविका से संबद्ध स्वयं सहायता समूह की बैठक का क्रियान्वयन एवं गाँव के बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार एवं मार्गदर्शन हेतु संचार बनाने की कला को प्रदर्शित किया गया. उसके बाद डान बास्को स्कुल की छात्राओं ने नागपुरी एवं क्लासिकल नृत्य की प्रस्तुति दी. छात्र-छात्राओं द्वारा होटल प्रबंधक को लेकर रैम्प वॉल्क भी पेश किया गया. प्रस्तुति देने वाले छात्र-छात्राओं में मुस्कान, सरिता, चांदनी, श्रुति, सीता एवं हिमाचल आदि रही. नुक्कड़ नाटक के तहत महिला एवं बाल विकास के तत्वाधान में प्रहरी संस्था के कलाकारों द्वारा द्वारा बाल विवाह एवं दहेज़ प्रथा उन्मूलन के साथ ही सामजिक कुरीतियों के निवारण हेतु दर्शकों को जागरूक किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/Visiters-1-650x293.jpg" alt="" class="wp-image-81230" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/Visiters-1-650x293.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/Visiters-1-350x158.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/Visiters-1-768x346.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/Visiters-1-1536x691.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/Visiters-1.jpg 1600w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>सेमिनार हॉल में जीविका से संबद्ध महिला किसान उत्पादक कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के बीच एक्सपोजर परिभ्रमण कार्यक्रम के तहत जिलों में चल रही गतिविधियों पर चर्चा हुई. इस कार्यक्रम में बिहार के विभिन्न जिलो से आई महिला किसान उत्पादक कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शिरकत की. इस कार्यक्रम के समन्वयक श्री देवेश कुमार, परियोजना प्रबंधक- मार्केटिंग एंड इनोवेशन,जीविका रहे. इसके बाद अटल इनोवेशन मिशन द्वारा स्टार्टअप ओ लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.फन ज़ोन, फ़ूड जोन , पालना घर एवं बाइस्कोप के प्रति आगंतुकों का आकर्षण बना हुआ है. सरस मेला परिसर में विभिन्न स्थानों पर बने सेल्फी ज़ोन पर लोग अपने परिजनों के साथ फोटोग्राफी कर रहे हैं.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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		<title>राजधानी पटना में हुआ नीराथॉन का आयोजन</title>
		<link>https://www.patnanow.com/neerathon-was-organized-in-the-capital-patna/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 21 May 2023 07:23:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
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		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[dr chandrashekhar singh]]></category>
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					<description><![CDATA[नीरा के प्रचार-प्रसार के लिए अधिकारी और कर्मचारी उतरे सड़क पर नीरा बर्फी, नीरा लड्डू, नीरा पेड़ा, नीरा आईस्क्रीम की खूब हुई बिक्री 220 काउंटर के माध्यम से लगभग 3,00,554 लीटर नीरा की बिक्री पटना जिला में प्रतिदिन औसतन 14000 हजार लीटर नीरा का खपत पटना के तत्वाधान में जीविका की पटना जिला इकाई द्वारा&#160; नीराथॉन का आयोजन चिड़ियाघर गेट न.-२ से नए सचिवालय तक नीरा के प्रचार-प्रसार हेतु किया गया।&#160; साथ ही साथ 3 नीरा साइकिल एक्सप्रेस का भी का विमोचन एवं न्यू सचिवालय के नजदीक स्थायी नीरा विपणन क्रय केन्द्र का उद्घाटन जिलाधिकारी के द्वारा किया गया। जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह ने कहा की पहले जनता ताड़ के पेड़ से ताड़ी का सेवन करती थी जो सेहत के लिए बहुत ही हानिकारक थी। सतत जीविकोपार्जन योजना माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी का ड्रीम प्रोजेक्ट है. जबसे बिहार में शराबबंदी हुई है और जब से ताड़ी का कारोबार बंद करने का निर्णय लिया है. तब से नीरा का खपत काफी बढ़ गया है. कैफे के माध्यम से नीरा पेय के अतिरिक्त नीरा से बने विभिन्न उत्पाद जैसे-नीरा बर्फी, नीरा लड्डू, नीरा पेड़ा, नीरा आईस्क्रीम, आदि का उत्पाद सह बिक्री की जा रही है. डीएम डॉ सिंह एवं उपस्थित सभी वरिष्ट पदाधिकारियों ने अमृत-तुल्य रस नीरा एवं नीरा से बने हुए व्यंजनों का स्वाद चखा और कहा की नीरा स्वास्थ्यवर्धक एवं पौष्टिक प्राकृतिक पेय है. यह सभी उम्र के लोगों के लिए लाभकारी है. नीराथॉन में सीईओ जीविका राहुल कुमार, उप विकास आयुक्त, पटना तनय सुल्तानिया, डीपीएम, जीविका मुकेश [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>नीरा के प्रचार-प्रसार के लिए अधिकारी और कर्मचारी  उतरे सड़क पर</strong></p>



<p><strong>नीरा बर्फी, नीरा लड्डू, नीरा पेड़ा, नीरा आईस्क्रीम की खूब हुई बिक्री</strong></p>



<p><strong>220 काउंटर के माध्यम से लगभग 3,00,554 लीटर नीरा की बिक्री</strong></p>



<p><strong>पटना जिला में प्रतिदिन औसतन 14000 हजार लीटर नीरा का खपत</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="391" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/3bddefc8-46c6-4d97-9e51-c4cb1b6b2c6d.jpg" alt="" class="wp-image-74624" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/3bddefc8-46c6-4d97-9e51-c4cb1b6b2c6d.jpg 391w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/3bddefc8-46c6-4d97-9e51-c4cb1b6b2c6d-228x350.jpg 228w" sizes="(max-width: 391px) 100vw, 391px" /></figure>



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<p>पटना के तत्वाधान में जीविका की पटना जिला इकाई द्वारा&nbsp; नीराथॉन का आयोजन चिड़ियाघर गेट न.-२ से नए सचिवालय तक नीरा के प्रचार-प्रसार हेतु किया गया।&nbsp; साथ ही साथ 3 नीरा साइकिल एक्सप्रेस का भी का विमोचन एवं न्यू सचिवालय के नजदीक स्थायी नीरा विपणन क्रय केन्द्र का उद्घाटन जिलाधिकारी के द्वारा किया गया। जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह ने कहा की पहले जनता ताड़ के पेड़ से ताड़ी का सेवन करती थी जो सेहत के लिए बहुत ही हानिकारक थी। सतत जीविकोपार्जन योजना माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी का ड्रीम प्रोजेक्ट है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="434" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/neera.jpg" alt="" class="wp-image-74622" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/neera.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/neera-350x234.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>जबसे बिहार में शराबबंदी हुई है और जब से ताड़ी का कारोबार बंद करने का निर्णय लिया है. तब से नीरा का खपत काफी बढ़ गया है. कैफे के माध्यम से नीरा पेय के अतिरिक्त नीरा से बने विभिन्न उत्पाद जैसे-नीरा बर्फी, नीरा लड्डू, नीरा पेड़ा, नीरा आईस्क्रीम, आदि का उत्पाद सह बिक्री की जा रही है. डीएम डॉ सिंह एवं उपस्थित सभी वरिष्ट पदाधिकारियों ने अमृत-तुल्य रस नीरा एवं नीरा से बने हुए व्यंजनों का स्वाद चखा और कहा की नीरा स्वास्थ्यवर्धक एवं पौष्टिक प्राकृतिक पेय है. यह सभी उम्र के लोगों के लिए लाभकारी है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="501" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/neera2.jpg" alt="" class="wp-image-74617" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/neera2.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/neera2-350x270.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>नीराथॉन में सीईओ जीविका राहुल कुमार, उप विकास आयुक्त, पटना तनय सुल्तानिया, डीपीएम, जीविका मुकेश कुमार सासमल साथ में अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण सहित 300 से ज्यादा जीविका कर्मी, जीविका दीदियाँ एवं टैपर्स शामिल हुए. डीएम डॉ सिंह ने कहा की अबतक जीविका ने 220 काउंटर के माध्यम से लगभग 3,00,554 लीटर नीरा की बिक्री की है. जबकि जुलाई 2023 तक 5,00,000 लीटर नीरा के बिक्री के साथ जन-जन तक पहुचाने का लक्ष्य है। नीरा साइकिल एक्सप्रेस में ऑडियो के तहत नीरा के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु हर गली, मोहल्ले में जन-जन तक इसकी पहुँच बढ़ेगी। पहले लोग नीरा का नाम सुनते थे पर अब ये सभी इलाके में मिलना शुरू हो गया है. जीविका के द्वारा पटना जिला के प्रमुख चयनित जगहों पर उत्पाद समूह बनाकर लक्षित समुदाय के पर्स &nbsp;के द्वारा नीरा का स्थाई विपणन केंद्र के माध्यम से नीरा एवं उससे बने उत्पादों विपणन हो रहा है. कैफे के माध्यम से नीरा पेय के अतिरिक्त नीरा से बने विभिन्न उत्पाद जैसे-नीरा बर्फी, नीरा लड्डू, नीरा पेड़ा, नीरा आईस्क्रीम, आदि का उत्पाद सह बिक्री की जा रही है। जीविका नीरा कैफे का संचालन बिहार में सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम है। कैफे स्थानीय महिलाओ को आत्मनिर्भर एवं उद्यमी बनने का अवसर प्रदान करती है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="434" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/neera1.jpg" alt="" class="wp-image-74618" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/neera1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/neera1-350x234.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>सीईओ जीविका राहुल कुमार ने कहा नीरा पुरे राज्य में इस साल एक करोड़ लीटर से भी जयादा नीरा बिक्रय करने का लक्ष्य रखा गया है जिसमे अभीतक70 लाख लीटर से भी जयादा नीरा का बिक्री स्थाई एवं अस्थाई केन्द्रों के माध्यम से लक्षित समुदायों के द्वारा की जा रही है. जीविका के द्वारा उत्पादक समूह बनाकर प्रशिक्षण के साथ नीरा के बिक्री हेतु सभी प्रकार के सहयोग दी जा रही है। एक पौष्टिक प्राकृतिक पेय है जिसमे बहुत ही फायदेमंद रासायनिक पदार्थ जैसे कैल्शियम पोटैशियम पाए जाते है आज के इस प्रोग्राम का उद्देश्य नीरा का प्रचार-प्रसार एवं शहरी इलाके के लोगो को भी जागरूक करना था. पटना जिला के अन्तर्गत जीविका-प्रोत्साहित सामुदायिक संगठनों के माध्यम से वर्तमान वर्ष में 220 नीरा कैफे के अन्तर्गत 3,00,554 लीटर नीरा की बिक्री की जा चुकी है। पटना जिला में प्रतिदिन औसतन 14000 हजार लीटर नीरा का खपत है.</p>



<p><strong>रवीन्द्र भारती </strong></p>
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		<title>पीएम द्वारा चुनी हुई नवाचारों में शामिल हुई जीविका दीदी की रसोई</title>
		<link>https://www.patnanow.com/jeevika-didis-kitchen-included-in-the-innovations-selected-by-the-pm/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 16 May 2023 01:30:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार के 38 जिलो में स्थापित 97 डीकेआर संचालित 40.15 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हर दिन लगभग 15000 भर्ती मरीजों, उनके परिचारकों, छात्रों, कर्मचारियों और आगंतुकों को स्वच्छता पूर्वक खाद्य प्रदान करते हैं- राहुल कुमार ,सीएईओ जीविका दीदी की रसोई (डीकेआर), एक अनूठी पहल है जो राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों, बैंक, आवासीय विद्यालय एवं अन्य सरकारी कार्यालयों में उच्च गुणवत्ता और स्वच्छ भोजन प्रदान करती है. इस पहल को सिविल सेवा दिवस 2023 के अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा जारी चयनित नवाचारों में शामिल किया गया.  डीकेआर मॉडल एक अद्वितीय उपक्रम का प्रतिनिधित्व करता है जिसने बिहार में महिलाओं को सशक्त बनाते हुए सरकारी अस्पतालों में इनडोर रोगियों एवं SC/ST आवासीय विद्यालयों में छात्रों को स्वच्छ भोजन प्रदान करने के लिए वितरण तंत्र को उल्लेखनीय रूप से बदल दिया है. डीकेआर मॉडल मानकीकृत और एक समान रूप से खाना पकाने और बर्तन परोसने, खरीद और लेखा प्रक्रियाओं, प्रशिक्षित कर्मचारियों और डिजिटल भुगतान विकल्पों के साथ प्रबंधित कैंटीन की श्रृंखला स्थापित करने पर जोर देता है. कार्यक्रम ने न केवल एक मजबूत उद्यमशीलता मंच स्थापित किया है, बल्कि बिहार के गरीब क्षेत्रों की ग्रामीण महिलाओं को आवश्यक कौशल और ज्ञान के साथ खाद्य सेवा उद्यम को पेशेवर रूप से चलाने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रोत्साहन प्रदान किया है, जो मानकीकृत प्रणालियों और सेवाओं के साथ पूर्ण है. डीकेआर कार्यक्रम में तेजी लाने के लिए, एक डिजिटल रूप से सक्षम भुगतान प्रणाली स्थापित की गई है, जो तेजी से सेवा वितरण सुनिश्चित करने और बिक्री प्राप्ति की निगरानी के लिए [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>बिहार के 38 जिलो में स्थापित 97 डीकेआर संचालित</strong></p>



<p><strong>40.15 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार</strong></p>



<p class="has-vivid-purple-color has-text-color"><strong>हर दिन लगभग 15000 भर्ती मरीजों, उनके परिचारकों, छात्रों, कर्मचारियों और आगंतुकों को स्वच्छता पूर्वक खाद्य प्रदान करते हैं- राहुल कुमार</strong> ,सीएईओ </p>



<p>जीविका दीदी की रसोई (डीकेआर), एक अनूठी पहल है जो राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों, बैंक, आवासीय विद्यालय एवं अन्य सरकारी कार्यालयों में उच्च गुणवत्ता और स्वच्छ भोजन प्रदान करती है. इस पहल को सिविल सेवा दिवस 2023 के अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा जारी चयनित नवाचारों में शामिल किया गया.  डीकेआर मॉडल एक अद्वितीय उपक्रम का प्रतिनिधित्व करता है जिसने बिहार में महिलाओं को सशक्त बनाते हुए सरकारी अस्पतालों में इनडोर रोगियों एवं SC/ST आवासीय विद्यालयों में छात्रों को स्वच्छ भोजन प्रदान करने के लिए वितरण तंत्र को उल्लेखनीय रूप से बदल दिया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/4620242b-1fca-4b67-9cb2-01f4a12ba7dd.jpg" alt="" class="wp-image-74431" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/4620242b-1fca-4b67-9cb2-01f4a12ba7dd.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/4620242b-1fca-4b67-9cb2-01f4a12ba7dd-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>डीकेआर मॉडल मानकीकृत और एक समान रूप से खाना पकाने और बर्तन परोसने, खरीद और लेखा प्रक्रियाओं, प्रशिक्षित कर्मचारियों और डिजिटल भुगतान विकल्पों के साथ प्रबंधित कैंटीन की श्रृंखला स्थापित करने पर जोर देता है. कार्यक्रम ने न केवल एक मजबूत उद्यमशीलता मंच स्थापित किया है, बल्कि बिहार के गरीब क्षेत्रों की ग्रामीण महिलाओं को आवश्यक कौशल और ज्ञान के साथ खाद्य सेवा उद्यम को पेशेवर रूप से चलाने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रोत्साहन प्रदान किया है, जो मानकीकृत प्रणालियों और सेवाओं के साथ पूर्ण है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="514" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/91af052b-7a1b-4566-8399-571dc26ec643.jpg" alt="" class="wp-image-74432" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/91af052b-7a1b-4566-8399-571dc26ec643.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/91af052b-7a1b-4566-8399-571dc26ec643-350x277.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>डीकेआर कार्यक्रम में तेजी लाने के लिए, एक डिजिटल रूप से सक्षम भुगतान प्रणाली स्थापित की गई है, जो तेजी से सेवा वितरण सुनिश्चित करने और बिक्री प्राप्ति की निगरानी के लिए एक केंद्रीकृत प्रक्रिया प्रबंधन प्रणाली को लागू कर रही है. जीविका ने एक व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को सावधानीपूर्वक विकसित और औपचारिक रूप दिया है जो डीकेआर की स्थापना और प्रबंधन के लिए व्यापक रूप से प्रक्रिया को चित्रित करता है. दस्तावेज़ सावधानीपूर्वक खाद्य सेवा, सफाई, मानव संसाधन योजना, आईएसओ प्रमाणन और गवर्नेंस से संबंधित प्रक्रियाओं को स्पष्ट करता है.</p>



<p>अप्रैल 2023 तक, कुल 97 डीकेआर, बिहार के 38 जिलो में स्थापित है जिनमे राज्य के विभिन्न अस्पताल, आवासीय विद्यालय, सार्वजनिक कार्यालय, आरबीआई, एसबीआई, एवं निबंधन कार्यालय शामिल है. ये डीकेआर हर दिन लगभग 15000 भर्ती मरीजों, उनके परिचारकों, छात्रों, कर्मचारियों और आगंतुकों को स्वस्वच्छता पूर्वक खाद्य प्रदान करते हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/d4ef3da1-3167-4442-baf8-b6f896f072e6.jpg" alt="" class="wp-image-74433" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/d4ef3da1-3167-4442-baf8-b6f896f072e6.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/d4ef3da1-3167-4442-baf8-b6f896f072e6-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>डीकेआर कार्यक्रम ने 1200 से अधिक ग्रामीण महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए एक मंच के रूप में कार्य किया है, उन्हें अपनी आय में सुधार करने, आत्मविश्वास हासिल करने, पेशेवर कौशल हासिल करने और रोल मॉडल बनने का अवसर प्रदान किया है. डीकेआर नेटवर्क ने ग्रामीण महिला उद्यमियों का सफलतापूर्वक समर्थन किया है, प्रत्येक व्यक्ति को 1.20 लाख रुपये की वार्षिक आय में औसत वृद्धि का अनुभव हुआ है और 40.15 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार का प्रबंधन किया गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/e409a739-8837-475d-bfc1-7f18fb0169e1.jpg" alt="" class="wp-image-74435" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/e409a739-8837-475d-bfc1-7f18fb0169e1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/e409a739-8837-475d-bfc1-7f18fb0169e1-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>जीविका दीदी की रसोई मॉडल की सफलता समाज में समावेशिता और समानता को बढ़ावा देने में उद्यमिता की परिवर्तनकारी शक्ति का एक मिसाल है. इस कार्यक्रम ने न केवल उन लोगों को स्वच्छ भोजन प्रदान किया है जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है बल्कि ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए एक मंच भी तैयार किया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="373" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/e9916d61-ebd7-45b6-93e6-06f714a52e81.jpg" alt="" class="wp-image-74434" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/e9916d61-ebd7-45b6-93e6-06f714a52e81.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/e9916d61-ebd7-45b6-93e6-06f714a52e81-350x201.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>जीविका दीदी की रसोई न केवल बिहार में महिलाओं को सशक्त बना रही है, बल्कि कई अन्य राज्यों में भी इसे दोहराया जा रहा है, जो इसे देश भर के सार्वजनिक अस्पतालों और आवासीय विद्यालयों में इनडोर रोगियों और छात्रों को स्वच्छ भोजन प्रदान करने के लिए वितरण तंत्र को बदलने के लिए एक मॉडल बना रहा है.</p>
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		<item>
		<title>ये हैं बिहार की कुशल उद्यमी महिलाएं</title>
		<link>https://www.patnanow.com/these-are-the-business-women/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Mar 2023 03:10:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[बाढ़ अपडेट]]></category>
		<category><![CDATA[Jivika CEO]]></category>
		<category><![CDATA[Jivika CEO Rahul Kumar]]></category>
		<category><![CDATA[jivika patna]]></category>
		<category><![CDATA[Journalist O P Pandey]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[पटना नाउ]]></category>
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					<description><![CDATA[महिला सशक्तिकरण एवम स्वावलंबनसे जीविका दीदियां गढ़ रही हैं इतिहास कुशल उद्यमी के रूप में जीविका दीदियां गांधी मैदान में पटना,24 मार्च. स्वयं सहायता समूह से जुड़कर ग्रामीण महिलायें स्वावलंबन एवं सशक्तिकरण की ओर अग्रसर हैं. इसकी बानगी बिहार दिवस के अवसर पर मुख्य कार्य्रकम स्थल गाँधी मैदान में एस जीविका पवेलियन में ग्रामीण महिलाएं एक कुशल उद्धमी के रूप में ग्रामीण, शिल्प, हुनर, कला एवं व्यंजन के साथ उपस्थित दिखीं. जीविका पवेलियन में विभिन्न विधाओं के अंतर्गत संस्था निर्माण एवम क्षमतावर्धन, वित्तीय समावेशन, दिव्यांगता समावेशन, समामाजिक विकास, जे. वायर्स,सतत जीविकोपार्जन योजना, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान, कृषि, नीरा, जीविका स्किल्स, मधुग्राम महिला प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, शिल्पग्राम महिला प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, शिल्प उत्पादक समूह, पशुधन, कौशिकी महिला मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, स्वास्थ्य-पोषण एवम स्वच्छता, जल-जीवन- हरियाली के स्टॉल लगे हुए थे. इन स्टॉल्स पर जीविका दीदियों द्वारा निर्मित उत्पाद प्रदर्शनी सह बिक्री के लिए भी उपलब्ध थी. साथ ही वैसे युवक &#8211; युवतियां भी रोजगार स्टॉल पर अपने अनुभव साझा कर रहे थे जिन्होंने जीविका के माध्यम से नौकरी पाकर अपने सपनो को साकार किया है. इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य-पोषण एवम स्वच्छता के स्टॉल पर जीविका दीदियों द्वारा निर्मित पौध आधारित मायरा सैनेट्री पैड भी उपलब्ध है. यह पैड पर्यावरण के अनुकूल है जो स्वत: मिट्टी में मिलकर नष्ट हो जाता है. इसके साथ ही जीविका स्वास्थ्य सहायता केंद्र (हेल्प डेस्क) पर आगंतुक अपने स्वास्थ्य की भी जांच निः शुल्क करा रहे थे. वही व्यंजन मेला परिसर में जीविका दीदियों द्वारा संचालित जीविका दीदी की रसोई के छह स्टॉल पर देशी एवम [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>महिला सशक्तिकरण एवम स्वावलंबन<br>से जीविका दीदियां गढ़ रही हैं इतिहास</strong></p>



<p><strong>कुशल उद्यमी के रूप में जीविका दीदियां गांधी मैदान में</strong></p>



<p>पटना,24 मार्च. स्वयं सहायता समूह से जुड़कर ग्रामीण महिलायें स्वावलंबन एवं सशक्तिकरण की ओर अग्रसर हैं. इसकी बानगी बिहार दिवस के अवसर पर मुख्य कार्य्रकम स्थल गाँधी मैदान में एस जीविका पवेलियन में ग्रामीण महिलाएं एक कुशल उद्धमी के रूप में ग्रामीण, शिल्प, हुनर, कला एवं व्यंजन के साथ उपस्थित दिखीं.</p>



<p>जीविका पवेलियन में विभिन्न विधाओं के अंतर्गत संस्था निर्माण एवम क्षमतावर्धन, वित्तीय समावेशन, दिव्यांगता समावेशन, समामाजिक विकास, जे. वायर्स,सतत जीविकोपार्जन योजना, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान, कृषि, नीरा, जीविका स्किल्स, मधुग्राम महिला प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, शिल्पग्राम महिला प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, शिल्प उत्पादक समूह, पशुधन, कौशिकी महिला मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, स्वास्थ्य-पोषण एवम स्वच्छता, जल-जीवन- हरियाली के स्टॉल लगे हुए थे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="338" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-1.jpg" alt="" class="wp-image-72682" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-1-350x182.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इन स्टॉल्स पर जीविका दीदियों द्वारा निर्मित उत्पाद प्रदर्शनी सह बिक्री के लिए भी उपलब्ध थी. साथ ही वैसे युवक &#8211; युवतियां भी रोजगार स्टॉल पर अपने अनुभव साझा कर रहे थे जिन्होंने जीविका के माध्यम से नौकरी पाकर अपने सपनो को साकार किया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas.jpg" alt="" class="wp-image-72683" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य-पोषण एवम स्वच्छता के स्टॉल पर जीविका दीदियों द्वारा निर्मित पौध आधारित मायरा सैनेट्री पैड भी उपलब्ध है. यह पैड पर्यावरण के अनुकूल है जो स्वत: मिट्टी में मिलकर नष्ट हो जाता है. इसके साथ ही जीविका स्वास्थ्य सहायता केंद्र (हेल्प डेस्क) पर आगंतुक अपने स्वास्थ्य की भी जांच निः शुल्क करा रहे थे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-3.jpg" alt="" class="wp-image-72684" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-3.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-3-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>वही व्यंजन मेला परिसर में जीविका दीदियों द्वारा संचालित जीविका दीदी की रसोई के छह स्टॉल पर देशी एवम पौष्टिक व्यंजनों का स्वाद आगंतुक चख रहे हैं. बिहार दिवस के शुभारंभ के अवसर पर जीविका पवेलियन के मुख्य मंच से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जीविका दीदियों, रोजगार प्राप्त युवक-युवतियों एवम जीविकेस संबद्ध संगठनों को प्रशस्ति पत्र देकर जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी,राहुल कुमार, राम निरंजन सिंह, निदेशक, जीविका, राजेश कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी, जीविका एवम महुआ रॉय चौधरी ने सम्मानित किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-2.jpg" alt="" class="wp-image-72685" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-2.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-2-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>तत्पश्चात स्वरांगन के कलाकारों द्वारा लोक गीत एवम नया सवेरा लघु नाटक की प्रस्तुति की गई. नाटक नया सवेरा में जीविका द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में किए जा रहे गतिविधियों को दर्शाया गया. संध्या काल में जीविका स्किल्स के अभ्यर्थियों द्वारा शराबबंदी समेत विभिन्न सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन हेतु लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से लागू नाटक प्रस्तुत किया गया. इस नाटक को देखने के लिए दर्शक भी भारी संख्या में मौजूद थी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="344" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-4.jpg" alt="" class="wp-image-72686" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-4.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Jivika-bihar-divas-4-350x185.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>जीविका पवेलियन और जीविका दीदियों द्वारा बनाए गए उत्पादों के अवलोकन के लिए श्रीमती कृष्णा बरुआ, राज्य मिशन निदेशक, आसाम का विशेष तौर पर बिहार आगमन हुआ था जिन्होंने जीविका पवेलियन में जीविका दीदियों से मुलाकात किया.</p>



<p><strong>PNCB</strong></p>
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