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	<title>Jharakhand &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>36वें राष्ट्रीय खेलों में दिख रही है आश्चर्यजनक प्रतिभा :अर्चित आनंद  </title>
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		<pubDate>Sat, 01 Oct 2022 08:40:50 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सर्वश्रेष्ठ एथलेटिक आयोजन बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही सरकार तलवारबाजी इवेंट में है जूरी ऑफ अपील हैं अर्चित गुजरात में विश्व स्तरीय एथलेटिक सुविधाएं हैं और खेल जगत एक पुनरुत्थान का अनुभव कर रहा है.राष्ट्रीय खेलों को अब तक का सर्वश्रेष्ठ एथलेटिक आयोजन बनाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है और प्रतिभा इस खेल में दिख रही है। केंद्र सरकार की खेल नीतियों ने खिलाड़ियों का सम्मान किया है. यहां सिर्फ खेलने आये खिलाड़ियों में एक उत्सव का रूप दिख रहा है.जो इस देश की सभ्यता और संस्कृति को दर्शाता है. हम सब गुजरात आकर बहुत खुश हैं. इस 36वें राष्ट्रीय खेल में तलवारबाजी के इवेंट में जूरी ऑफ अपील हैं अर्चित आनंद। आनंद भारतीय तलवार बाजी एसोसिएशन की कार्यकारिणी सदस्य हैं तथा झारखंड फेंसिंग एसोसिएशन में भी उच्च पदाधिकारी,रॉकमैंस क्रिकेट क्लब के संचालक हैं। आनंद को झारखंड तलवारबाजी एसोसिएशन के सदस्यों ने खेलों में शामिल किये जाने की शुभकामनाएं दी हैं. अर्चित आनन्द ने बताया कि राष्ट्रीय खेलों में 34 से अधिक खेलों का प्रतिनिधित्व किया गया है, जो छह शहरों में हों रहे हैं. इनडोर और आउटडोर दोनों प्रतियोगिताओं में, पूरे देश के एथलीटों को एथलेटिक्स, हॉकी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, लॉन टेनिस, टेबल टेनिस, जूडो, कुश्ती, कबड्डी, खो-खो, मल्लखंभ और योग सहित खेलों में अपने कौशल का प्रदर्शन दिखा रहे हैं. इस साल गुजरात के अलावा गोवा इस सीट के लिए एक और मजबूत उम्मीदवार था. जब प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी 2010 में गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तो उन्होंने &#8220;खेल महाकुंभ&#8221; पहल का [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>सर्वश्रेष्ठ एथलेटिक आयोजन बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही सरकार</strong></p>



<p><strong>तलवारबाजी इवेंट में है जूरी ऑफ अपील हैं अर्चित </strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="450" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/4b78c851-c8c5-4fc1-b4ae-1ff97344606b.jpg" alt="" class="wp-image-67198" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/4b78c851-c8c5-4fc1-b4ae-1ff97344606b.jpg 450w, https://www.patnanow.com/assets/2022/10/4b78c851-c8c5-4fc1-b4ae-1ff97344606b-263x350.jpg 263w" sizes="(max-width: 450px) 100vw, 450px" /></figure>



<p>गुजरात में विश्व स्तरीय एथलेटिक सुविधाएं हैं और खेल जगत एक पुनरुत्थान का अनुभव कर रहा है.राष्ट्रीय खेलों को अब तक का सर्वश्रेष्ठ एथलेटिक आयोजन बनाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है और प्रतिभा इस खेल में दिख रही है। केंद्र सरकार की खेल नीतियों ने खिलाड़ियों का सम्मान किया है. यहां सिर्फ खेलने आये खिलाड़ियों में एक उत्सव का रूप दिख रहा है.जो इस देश की सभ्यता और संस्कृति को दर्शाता है. हम सब गुजरात आकर बहुत खुश हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="450" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/archit-aannad.jpg" alt="" class="wp-image-67196" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/archit-aannad.jpg 450w, https://www.patnanow.com/assets/2022/10/archit-aannad-263x350.jpg 263w" sizes="(max-width: 450px) 100vw, 450px" /></figure>



<p>इस 36वें राष्ट्रीय खेल में तलवारबाजी के इवेंट में जूरी ऑफ अपील हैं अर्चित आनंद। आनंद भारतीय तलवार बाजी एसोसिएशन की कार्यकारिणी सदस्य हैं तथा झारखंड फेंसिंग एसोसिएशन में भी उच्च पदाधिकारी,रॉकमैंस क्रिकेट क्लब के संचालक हैं। आनंद को झारखंड तलवारबाजी एसोसिएशन के सदस्यों ने खेलों में शामिल किये जाने की शुभकामनाएं दी हैं. अर्चित आनन्द ने बताया कि राष्ट्रीय खेलों में 34 से अधिक खेलों का प्रतिनिधित्व किया गया है, जो छह शहरों में हों रहे हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="354" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/archit.png" alt="" class="wp-image-67197" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/archit.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/10/archit-350x191.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption>तलवारबाजी के इवेंट में जूरी ऑफ अपील अर्चित आनंद व अन्य </figcaption></figure>



<p>इनडोर और आउटडोर दोनों प्रतियोगिताओं में, पूरे देश के एथलीटों को एथलेटिक्स, हॉकी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, लॉन टेनिस, टेबल टेनिस, जूडो, कुश्ती, कबड्डी, खो-खो, मल्लखंभ और योग सहित खेलों में अपने कौशल का प्रदर्शन दिखा रहे हैं. इस साल गुजरात के अलावा गोवा इस सीट के लिए एक और मजबूत उम्मीदवार था. जब प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी 2010 में गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तो उन्होंने &#8220;खेल महाकुंभ&#8221; पहल का अनावरण किया। खेल महाकुंभ की अपार सफलता के परिणामस्वरूप गुजरात ने एक फलता-फूलता खेल पारिस्थितिकी तंत्र बनाया है.</p>



<p> अर्चित आनन्द के कैमरे से नए भारत की नई वन्दे भारत की कुछ तस्वीरें </p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/c2584e72-5956-4f4f-8a2b-3f957143a290-1.jpg" alt="" class="wp-image-67199" width="651" height="489" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/c2584e72-5956-4f4f-8a2b-3f957143a290-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/10/c2584e72-5956-4f4f-8a2b-3f957143a290-1-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 651px) 100vw, 651px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/f198f696-b237-451d-94d2-9e26f2a4aa2c.jpg" alt="" class="wp-image-67200" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/f198f696-b237-451d-94d2-9e26f2a4aa2c.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/10/f198f696-b237-451d-94d2-9e26f2a4aa2c-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>PNCDESK</p>
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		<title>जंगल पुकारते हैं &#8230;.जंगल गाथा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 14 Aug 2021 10:26:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
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					<description><![CDATA[लेखक : गुंजन सिन्हा जंगल गाथा पुस्तक के बारे में&#8230;..यह गाथा है एक महाविनाश की &#8211; मेहनतकश मजदूरिन से वेश्या बनी बिरसी मुन्डाइन की, किसान से कैदी बने धनेसर उरांव की, तीन पीढ़ियों से विस्थापन झेल रहे सुघड़ खरवार की, बंजर बना दिए गए घनघोर जंगलों की, निरीह जंगली जानवरों की जो बिला वजह मारे गए, उन तितलियों की जो जंगली पगडंडियों पर गोल बना बैठती थीं, मंडल, कुटकू, कोयल, कोइना, हरया, कारो नदियों की.……जंगल पुकारते हैं. कभी अपने नैसर्गिक स्पर्श से हमें स्वस्थ कर देने के लिए, कभी अपने घाव, कष्ट, अपना क्षत-विक्षत अस्तित्व दिखाने के लिए. ..निजी अनुभवों और विभिन्न स्रोतों से प्राप्त जानकारियों पर आधारित यह किताब जंगलों और उनसे जुड़े मुद्दों की बात करती है, जैसे &#8211; जंगलों का नाश, जानवर, अविकास, अंधविश्वास, आदिवासी, नक्सल, आबो-हवा, विस्थापन, डायन-हत्या, प्रकृति का निर्मम दोहन और इन सब के बीच मानव मन को चंगा करने की जंगलों की जादुई शक्ति.यह किताब उनके लिए है जिन्हें जिंदगी कोई भारी भरकम पुस्तक पढ़ने नहीं देती. उन्हें भी जंगल पुकारते हैं. यह पुकार कभी पिकनिक पर जाने की इच्छा के रूप में जगती है, कभी यूँही एक आवारगी जगाती है. इंसान के अन्दर यह खास आवारगी उसकी भटकन है, अपनी उदास रूह की तलाश में. आदिम इन्सान की रूह शहर और सभ्यता के रोजमर्रे में कहीं खो गई है.इस पुस्तक को पढ़ कर आपको जंगल की याद आएगी. अत्याचारों का शोर सुनाई देगा और उसके बीच किसी कोयल की कूक, किसी आमापाको की हूक भी सुनाई देगी. और सबसे बढ़ कर सुनाई [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="332" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/08/Screenshot_2021_0813_214500-1.jpg" alt="" class="wp-image-54847" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/08/Screenshot_2021_0813_214500-1.jpg 332w, https://www.patnanow.com/assets/2021/08/Screenshot_2021_0813_214500-1-194x350.jpg 194w" sizes="(max-width: 332px) 100vw, 332px" /></figure>



<p><strong>लेखक : गुंजन सिन्हा </strong></p>



<p><strong>जंगल गाथा पुस्तक के बारे में&#8230;..</strong><br>यह गाथा है एक महाविनाश की &#8211; मेहनतकश मजदूरिन से वेश्या बनी बिरसी मुन्डाइन की, किसान से कैदी बने धनेसर उरांव की, तीन पीढ़ियों से विस्थापन झेल रहे सुघड़ खरवार की, बंजर बना दिए गए घनघोर जंगलों की, निरीह जंगली जानवरों की जो बिला वजह मारे गए, उन तितलियों की जो जंगली पगडंडियों पर गोल बना बैठती थीं, मंडल, कुटकू, कोयल, कोइना, हरया, कारो नदियों की.<br>……जंगल पुकारते हैं. कभी अपने नैसर्गिक स्पर्श से हमें स्वस्थ कर देने के लिए, कभी अपने घाव, कष्ट, अपना क्षत-विक्षत अस्तित्व दिखाने के लिए. ..<br>निजी अनुभवों और विभिन्न स्रोतों से प्राप्त जानकारियों पर आधारित यह किताब जंगलों और उनसे जुड़े मुद्दों की बात करती है, जैसे &#8211; जंगलों का नाश, जानवर, अविकास, अंधविश्वास, आदिवासी, नक्सल, आबो-हवा, विस्थापन, डायन-हत्या, प्रकृति का निर्मम दोहन और इन सब के बीच मानव मन को चंगा करने की जंगलों की जादुई शक्ति.<br>यह किताब उनके लिए है जिन्हें जिंदगी कोई भारी भरकम पुस्तक पढ़ने नहीं देती. उन्हें भी जंगल पुकारते हैं. यह पुकार कभी पिकनिक पर जाने की इच्छा के रूप में जगती है, कभी यूँही एक आवारगी जगाती है. इंसान के अन्दर यह खास आवारगी उसकी भटकन है, अपनी उदास रूह की तलाश में. आदिम इन्सान की रूह शहर और सभ्यता के रोजमर्रे में कहीं खो गई है.<br>इस पुस्तक को पढ़ कर आपको जंगल की याद आएगी. अत्याचारों का शोर सुनाई देगा और उसके बीच किसी कोयल की कूक, किसी आमापाको की हूक भी सुनाई देगी. और सबसे बढ़ कर सुनाई देगी, आपकी अपनी रूह की पुकार.<br>आप भी कह उठेंगे &#8211;<br>“अनंत तक फैली सृष्टि – ऊपर आसमान, नीचे धरती, चारो ओर जंगल, पहाड़ियों, बहती जा रही रजत जलधार – इन सबके केंद्र में मैं ही हूँ – मैं अकेला, सबका स्वामी. सबकुछ मेरे लिए है! मेरी प्रतीक्षा में है! अनंत काल से! ये पहाड़ियां, उनके बीच रुकी थमी सी यह नदी, ये दरख़्त, और यह क्षण – सब इस इंतज़ार में थे कि मैं यहाँ आऊंगा इन्हें देखने. मेरे ही इंतज़ार में पहाड़ियों के पीछे सूरज ठिठका हुआ है!” <br>पेशे से पत्रकार गुंजन समाज, अविकास एवं पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर लिखते रहे हैं. उनके कई लेख, शोध पत्र और कहानियाँ प्रकाशित हुई हैं. स्त्रियों की स्थिति और उनकी आधुनिक नैतिक दुविधा पर केन्द्रित उपन्यास वेटिंग इन द वाइल्ड कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के अंग्रेजी स्नातकोत्तर सिलेबस में है.<br>ईमेल – gunjansinha1@yahoo.com</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="512" height="544" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/08/gunjan-sinha-1.jpg" alt="" class="wp-image-54846" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/08/gunjan-sinha-1.jpg 512w, https://www.patnanow.com/assets/2021/08/gunjan-sinha-1-329x350.jpg 329w" sizes="(max-width: 512px) 100vw, 512px" /><figcaption>वरिष्ठ पत्रकार गुंजन सिन्हा </figcaption></figure>



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