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	<title>Jati ganana &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>Jati ganana &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>विपक्ष से छिना जाति गणना का मुद्दा, सीएम ने किया फैसले का स्वागत</title>
		<link>https://www.patnanow.com/modi-cabinet-clears-caste-census/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 01 May 2025 01:01:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
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		<category><![CDATA[Caste Census]]></category>
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					<description><![CDATA[केन्द्र सरकार ने देश में जाति गणना कराने का फैसला किया है. बुधवार को पीएम मोदी की अध्यक्षता में राजनीतिक मामलों की कैबिनेट ने इसे हरी झंडी दे दी. इस बारे में सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की जानकारी देते हुए विभिन्न राज्यों में जातिगत गणना के नाम पर चल रहे जाति सर्वेक्षणों पर सवाल उठाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 246 के तहत जनगणना का अधिकार केवल केंद्र सरकार के पास है, इसलिए राज्यों को जातिवार गणना कराने का अधिकार नहीं है. वैष्णव ने कहा कि कई राज्यों ने सर्वेक्षण के माध्यम से जातियों की जनगणना का दावा किया है, लेकिन उन पर राजनीतिक लाभ के लिए गैर-पारदर्शी तरीके से सर्वेक्षण कराने के आरोप लगे हैं. जाहिर है इस प्रकार के जातीय सर्वे ने समाज में भ्रांति फैलाने का काम किया. कैबिनेट कमेटी की बैठक में लिया गया फैसला जातिवार गणना को लेकर पिछले कुछ वर्षों से तेज हुई राजनीति के बीच केंद्र सरकार की इस घोषणा के अनुसार अगले साल संभावित जनगणना के साथ ही जातिवार गणना भी होगी. यह आजादी के बाद पहली बार होगा जब जातिवार गणना की जाएगी, क्योंकि इससे पहले कई बार जाति सर्वेक्षण हुए हैं, लेकिन पूरी गणना नहीं की गई. इस फैसले के साथ राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल जहां इसे अपनी जीत बता रहे हैं, वहीं भाजपा की ओर से स्पष्ट किया गया कि कांग्रेस की सरकारों ने ही जातिगत गणना का विरोध और कहा गया कि अब पहली [&#8230;]]]></description>
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<p>केन्द्र सरकार ने देश में जाति गणना कराने का फैसला किया है. बुधवार को पीएम मोदी की अध्यक्षता में राजनीतिक मामलों की कैबिनेट ने इसे हरी झंडी दे दी. इस बारे में सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की जानकारी देते हुए विभिन्न राज्यों में जातिगत गणना के नाम पर चल रहे जाति सर्वेक्षणों पर सवाल उठाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 246 के तहत जनगणना का अधिकार केवल केंद्र सरकार के पास है, इसलिए राज्यों को जातिवार गणना कराने का अधिकार नहीं है. वैष्णव ने कहा कि कई राज्यों ने सर्वेक्षण के माध्यम से जातियों की जनगणना का दावा किया है, लेकिन उन पर राजनीतिक लाभ के लिए गैर-पारदर्शी तरीके से सर्वेक्षण कराने के आरोप लगे हैं. जाहिर है इस प्रकार के जातीय सर्वे ने समाज में भ्रांति फैलाने का काम किया. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="440" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/05/pnc-narendra-modi-cabinet-meeting-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-90031" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/05/pnc-narendra-modi-cabinet-meeting-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/05/pnc-narendra-modi-cabinet-meeting-650x279.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>कैबिनेट कमेटी की बैठक में लिया गया फैसला </strong>जातिवार गणना को लेकर पिछले कुछ वर्षों से तेज हुई राजनीति के बीच केंद्र सरकार की इस घोषणा के अनुसार अगले साल संभावित जनगणना के साथ ही जातिवार गणना भी होगी. यह आजादी के बाद पहली बार होगा जब जातिवार गणना की जाएगी, क्योंकि इससे पहले कई बार जाति सर्वेक्षण हुए हैं, लेकिन पूरी गणना नहीं की गई. इस फैसले के साथ राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल जहां इसे अपनी जीत बता रहे हैं, वहीं भाजपा की ओर से स्पष्ट किया गया कि कांग्रेस की सरकारों ने ही जातिगत गणना का विरोध और कहा गया कि अब पहली बार जातिवार गणना होने जा रही है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="724" height="482" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-rail-minister-ashwani-vaishnav.jpg" alt="" class="wp-image-85786" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-rail-minister-ashwani-vaishnav.jpg 724w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-rail-minister-ashwani-vaishnav-650x433.jpg 650w" sizes="(max-width: 724px) 100vw, 724px" /></figure>



<p>इस फैसले के बाद एकबारगी जहां देश का ध्यान पाकिस्तान से हटकर घरेलू राजनीति पर आया, वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक झटके में विपक्ष का बड़ा चुनावी मुद्दा भी छीन लिया. बिहार में अक्टूबर-नवंबर में होने बिहार चुनाव से पहले विपक्षी महागठबंधन इसे प्रमुख मुद्दा बनाने की तैयारी कर रहा था.</p>



<figure class="wp-block-embed is-type-rich is-provider-twitter wp-block-embed-twitter"><div class="wp-block-embed__wrapper">
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true"><p lang="hi" dir="ltr">जाति जनगणना कराने का केंद्र सरकार का फैसला स्वागतयोग्य है। जाति जनगणना कराने की हमलोगों की मांग पुरानी है। यह बेहद खुशी की बात है कि केन्द्र सरकार ने जाति जनगणना कराने का निर्णय किया है। जाति जनगणना कराने से विभिन्न वर्गों के लोगों की संख्या का पता चलेगा जिससे उनके उत्थान एवं…</p>&mdash; Nitish Kumar (@NitishKumar) <a href="https://twitter.com/NitishKumar/status/1917549792462529008?ref_src=twsrc%5Etfw">April 30, 2025</a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
</div></figure>



<p>मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जाति जनगणना कराने का केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि जाति जनगणना कराने की हमलोगों की मांग पुरानी है. जाति जनगणना कराने से विभिन्न वर्गों के लोगों की संख्या का पता चलेगा जिससे उनके उत्थान एवं विकास के लिए योजनाएं बनाने में सहूलियत होगी. इससे देश के विकास को गति मिलेगी. इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अभिनंदन तथा धन्यवाद.</p>



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		<title>सुप्रीम कोर्ट से मिलेगी राहत!</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bihar-govt-in-supreme-court/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 12 May 2023 00:57:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Caste Census]]></category>
		<category><![CDATA[Jati ganana]]></category>
		<category><![CDATA[supreme court]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। बिहार सरकार ने जाति गणना पर पटना हाईकोर्ट के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है. हाईकोर्ट के चार मई के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर बिहार सरकार की अपील में कहा गया है कि रोक से पूरी कवायद पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. राज्य सरकार ने कहा कि जाति आधारित डेटा का संग्रह संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 के तहत एक संवैधानिक आदेश है. कुछ जिलों में 80 प्रतिशत से अधिक सर्वेक्षण कार्य पूरा हो चुका है. पूरी मशीनरी जमीनी स्तर पर काम कर रही है. समय अधिक लगने से सर्वेक्षण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. इधर, पटना हाईकोर्ट में अर्जी दायर करने वाले आवेदक अखिलेश कुमार और यूथ फॉर इक्वलिटी की ओर से भी सुप्रीम कोर्ट में केवियट दायर किया है. बता दें कि पटना हाईकोर्ट ने चार मई के अपने आदेश में राज्य सरकार को जातीय गणना तत्काल बंद करने का निर्देश दिया था. मामले की अगली सुनवाई के लिए तीन जुलाई की तारीख तय की थी. बिहार सरकार ने पटना हाईकोर्ट में मामले की जल्द सुनवाई की याचिका दायर की थी जिसे पटना हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था. अब देखना है कि बिहार सरकार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलती है या नहीं. pncb]]></description>
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<p>पटना।। बिहार सरकार ने जाति गणना पर पटना हाईकोर्ट के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है. हाईकोर्ट के चार मई के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर बिहार सरकार की अपील में कहा गया है कि रोक से पूरी कवायद पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="467" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/pnc-bihar-sarkar-sachivalaya.jpg" alt="" class="wp-image-65680" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/pnc-bihar-sarkar-sachivalaya.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/08/pnc-bihar-sarkar-sachivalaya-350x251.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>राज्य सरकार ने कहा कि जाति आधारित डेटा का संग्रह संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 के तहत एक संवैधानिक आदेश है. कुछ जिलों में 80 प्रतिशत से अधिक सर्वेक्षण कार्य पूरा हो चुका है. पूरी मशीनरी जमीनी स्तर पर काम कर रही है. समय अधिक लगने से सर्वेक्षण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. </p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/jatijanganana.png" alt="" class="wp-image-73927" width="342" height="222" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/jatijanganana.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/jatijanganana-350x228.png 350w" sizes="auto, (max-width: 342px) 100vw, 342px" /></figure>



<p>इधर, पटना हाईकोर्ट में अर्जी दायर करने वाले आवेदक अखिलेश कुमार और यूथ फॉर इक्वलिटी की ओर से भी सुप्रीम कोर्ट में केवियट दायर किया है. बता दें कि पटना हाईकोर्ट ने चार मई के अपने आदेश में राज्य सरकार को जातीय गणना तत्काल बंद करने का निर्देश दिया था. मामले की अगली सुनवाई के लिए तीन जुलाई की तारीख तय की थी. बिहार सरकार ने पटना हाईकोर्ट में मामले की जल्द सुनवाई की याचिका दायर की थी जिसे पटना हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था. अब देखना है कि बिहार सरकार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलती है या नहीं.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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