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	<title>Jan suraj yatra &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>Jan suraj yatra &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<item>
		<title>राजनीति के किंग खान !</title>
		<link>https://www.patnanow.com/king-khan-of-politics/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 09 Sep 2024 08:15:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
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					<description><![CDATA[किसने ने की अपनी तुलना शाहरुख खान से ? प्रशांत किशोर ने शाहरुख खान और अभिषेक बच्चन का नाम लेकर कसा तेजस्वी यादव पर तंज, बोले &#8211; लालू यादव के लड़के हैं इसलिए राजद के नेता बने हुए हैं, बस यही पहचान है पटना,9 सितंबर(ओ पी पांडेय). राजनीति का किंग खान कौन है क्या आप जानते हैं? चकरा गए! अरे भाई चकराइये मत… राजनीति का जो किंग है वही किंग खान है… समझ रहे हम आपको उस नाम को सुनने की उत्सुकता है. दरअसल किंग खान का नाम इसलिए सामने आया है क्योंकि राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले PK यानि प्रशांत किशोर ने अपने आपकी तुलना सफलता का मानक बने बॉलीवुड के किंग, शाहरुख खान से की है. शाहरुख को इसीलिए लोग किंग खान भी कहते हैं. आइये जानते हैं क्यों की अपनी तुलना PK ने बादशाह खान से… दरअसल जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर(PK) सोमवार को सासाराम में लोगों को एक सभा में सम्बोधित करते हुए बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान और अभिषेक बच्चन का उदाहरण देते हुए राजद में चल रहे परिवारवाद पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि शाहरुख खान ने सबसे पहले टीवी के फौजी और सर्कस सीरियल में काम करके अपने करियर की शुरुआत की. इसके बाद उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से स्वयं के लिए अपना रास्ता बनाया. उन्होंने कहा कि जब उन्होंने शुरुआत की तब अभिषेक बच्चन की तरह उनके पास कोई विकल्प नहीं था. किंग खान को शुरुआत में जिस तरह का भी काम मिला उसको उन्होंने चुना और उसमें अपनी काबिलियत [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>किसने ने की अपनी तुलना शाहरुख खान से ?</strong></p>



<p><em>प्रशांत किशोर ने शाहरुख खान और अभिषेक बच्चन का नाम लेकर कसा तेजस्वी यादव पर तंज, बोले &#8211; लालू यादव के लड़के हैं इसलिए राजद के नेता बने हुए हैं, बस यही पहचान है</em></p>



<p>पटना,9 सितंबर(<strong>ओ पी पांडेय</strong>). राजनीति का किंग खान कौन है क्या आप जानते हैं? चकरा गए! अरे भाई चकराइये मत… राजनीति का जो किंग है वही किंग खान है… समझ रहे हम आपको उस नाम को सुनने की उत्सुकता है. दरअसल किंग खान का नाम इसलिए सामने आया है क्योंकि राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले PK यानि प्रशांत किशोर ने अपने आपकी तुलना सफलता का मानक बने बॉलीवुड के किंग, शाहरुख खान से की है. शाहरुख को इसीलिए लोग किंग खान भी कहते हैं. आइये जानते हैं क्यों की अपनी तुलना PK ने बादशाह खान से…</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="236" height="236" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000829527.jpg" alt="" class="wp-image-86840" /></figure>



<p>दरअसल जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर(PK) सोमवार को सासाराम में लोगों को एक सभा में सम्बोधित करते हुए बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान और अभिषेक बच्चन का उदाहरण देते हुए राजद में चल रहे परिवारवाद पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि शाहरुख खान ने सबसे पहले टीवी के फौजी और सर्कस सीरियल में काम करके अपने करियर की शुरुआत की. इसके बाद उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से स्वयं के लिए अपना रास्ता बनाया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="684" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000829504-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-86841" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000829504-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000829504-650x434.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000829504-1536x1025.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि जब उन्होंने शुरुआत की तब अभिषेक बच्चन की तरह उनके पास कोई विकल्प नहीं था. किंग खान को शुरुआत में जिस तरह का भी काम मिला उसको उन्होंने चुना और उसमें अपनी काबिलियत के दम पर अपना नाम बनाया. बॉलीवुड में कई वर्षो तक काम करने के बाद और कई सुपरहिट मूवीज देने के बाद शाहरूख ने अपनी पसंद के डायरेक्टर, प्रोडक्शन हाउस और स्क्रिप्ट को चुनना शुरू किया, जबकि अभिषेक बच्चन की पहचान उनके पिता से है कि वे अमिताभ बच्चन के बेटे हैं, इसलिए उनको हमेशा से अपनी पसंद का काम चुनने का मौका मिला.</p>



<p>उन्होंने कहा कि उसी तरह तेजस्वी की भी पहचान सिर्फ यह है कि वह लालू के बेटे है. तेजस्वी को तो जीडीपी और जीडीपी विकास दर में भी फर्क नहीं पता. यह बिहार का दुर्भाग्य है कि ज्ञान और बुद्ध की धरती पर हमने अनपढ़ और बदमाश लोगों को अपना नेता बना रखा है.</p>



<p>उन्होंने कहा कि किंग खान ने जिस तरह से बॉलीवुड में अपना रास्ता और अपनी पहचान खुद बनाई है, उसी तरह राजनीति में प्रशांत किशोर ने अपनी पहचान खुद बनाई है. इसलिए हमारा रास्ता सीधा नहीं है. अब जनता को तय करना है कि उन्हें किस पर भरोसा है उन पर जो बापू के नाम से राजनीति में आगे बढ़े हैं या उस PK पर है या नही जिसने अपनी बुद्धि और मेहनत से अपने लिए राजीनीति में रास्ता बनाया है.</p>
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		<title>जनता ने नेताजी को चांदी से तौला, फिर भी नही बदली इलाके की तस्वीर</title>
		<link>https://www.patnanow.com/janta-ne-taula-chandi-se-phir-bhi-nahi-badli-tasveer/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 05 Jan 2023 16:51:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रशांत किशोर का बीजेपी नेता राधा मोहन सिंह पर तंज, कहा &#8211; राधा मोहन सिंह को चांदी के सिक्कों से मोतिहारी के लोगों ने तौला था, फिर भी स्थिति जस की तस क्यों? मोतिहारी (पूर्वी चंपारण), 5 जनवरी. &#8220;बिहार की शिक्षा व्यवस्था खराब इसलिए नहीं है कि सरकार इसे ठीक नहीं करना चाहती. शिक्षा व्यवस्था खराब इसलिए है क्योंकि आपको अपने बच्चों के भविष्य की फिक्र नहीं है. आज तक आपने सुना है कि शिक्षा के लिए लोग सड़क जाम या धरना प्रदर्शन पर बैठे हों? बिहार के लोग अगर अपने बच्चों का ख्याल नहीं रखेंगे तो और कोई नहीं रखेगा&#8221; उक्त बातें जनता को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कही. जन सुराज पदयात्रा के दौरान वे मोतिहारी प्रखंड के चंद्रहिया गांव में आम सभा को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि आपके गांव में जो लड़के सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं उसकी पढ़ाई की क्या हालत है, उसे आप गांव वालों से बेहतर और कौन जान सकता है.अगर आप अपने बच्चों को शिक्षा देंगे ही नहीं तो वो मजबूरी में मजदूर ही बनेंगे। मैं आपसे आपके गांव वोट मांगने नहीं आया हूं, बस आपको ये समझाने आया हूं कि होशियार हो जाइए वरना नेताओ के चक्कर में जात-धर्म में पड़ कर आपकी और आपके बच्चों की जिंदगी बर्बाद हो जाएगी. प्रशांत किशोर ने जन सुराज पदयात्रा के 96वें दिन की शुरुआत चकिया प्रखंड अंतर्गत हरपुर पंचायत स्थित पदयात्रा शिविर में सर्वधर्म प्रार्थना से की. इसके बाद प्रशांत किशोर सैकड़ों पदयात्रियों के साथ ब्रह्मस्थान से निकले. आज जन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>प्रशांत किशोर का बीजेपी नेता राधा मोहन सिंह पर तंज, कहा &#8211; राधा मोहन सिंह को चांदी के सिक्कों से मोतिहारी के लोगों ने तौला था, फिर भी स्थिति जस की तस क्यों?</strong></p>



<p>मोतिहारी (पूर्वी चंपारण), 5 जनवरी. &#8220;बिहार की शिक्षा व्यवस्था खराब इसलिए नहीं है कि सरकार इसे ठीक नहीं करना चाहती. शिक्षा व्यवस्था खराब इसलिए है क्योंकि आपको अपने बच्चों के भविष्य की फिक्र नहीं है. आज तक आपने सुना है कि शिक्षा के लिए लोग सड़क जाम या धरना प्रदर्शन पर बैठे हों? बिहार के लोग अगर अपने बच्चों का ख्याल नहीं रखेंगे तो और कोई नहीं रखेगा&#8221; उक्त बातें जनता को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कही. जन सुराज पदयात्रा के दौरान वे मोतिहारी प्रखंड के चंद्रहिया गांव में आम सभा को संबोधित कर रहे थे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/PNC_-pK.jpg" alt="" class="wp-image-70548" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/PNC_-pK.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/01/PNC_-pK-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि आपके गांव में जो लड़के सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं उसकी पढ़ाई की क्या हालत है, उसे आप गांव वालों से बेहतर और कौन जान सकता है.अगर आप अपने बच्चों को शिक्षा देंगे ही नहीं तो वो मजबूरी में मजदूर ही बनेंगे। मैं आपसे आपके गांव वोट मांगने नहीं आया हूं, बस आपको ये समझाने आया हूं कि होशियार हो जाइए वरना नेताओ के चक्कर में जात-धर्म में पड़ कर आपकी और आपके बच्चों की जिंदगी बर्बाद हो जाएगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/PNC_-pK-1.jpg" alt="" class="wp-image-70549" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/PNC_-pK-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/01/PNC_-pK-1-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>प्रशांत किशोर ने जन सुराज पदयात्रा के 96वें दिन की शुरुआत चकिया प्रखंड अंतर्गत हरपुर पंचायत स्थित पदयात्रा शिविर में सर्वधर्म प्रार्थना से की. इसके बाद प्रशांत किशोर सैकड़ों पदयात्रियों के साथ ब्रह्मस्थान से निकले. आज जन सुराज पदयात्रा पूर्वी चंपारण के बथना, पंडितपुर, सलेमपुर होते हुए मोतिहारी शहर के हवाई अड्डा मैदान में रात्रि विश्राम के लिए पहुंची. प्रशांत अबतक पदयात्रा के माध्यम से लगभग 1200 किमी से अधिक पैदल चल चुके हैं. इसमें 550 किमी से अधिक पश्चिम चंपारण में पदयात्रा हुई और शिवहर में उन्होंने 140 किमी से अधिक की पदयात्रा की. पूर्वी चंपारण में अबतक 500 किमी से अधिक पैदल चल चुके हैं. दिन भर की पदयात्रा के दौरान प्रशांत किशोर ने 4 आमसभाओं को संबोधित किया और 5 पंचायत, 9 गांव से गुजरते हुए 16 किमी की उन्होंने पदयात्रा तय की. इसके साथ ही प्रशांत किशोर ने स्थानीय लोगों के साथ संवाद स्थापित किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/PNC_-pK-2.jpg" alt="" class="wp-image-70550" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/PNC_-pK-2.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/01/PNC_-pK-2-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>जन सुराज पदयात्रा के दौरान एक आमसभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि मैं जब मोतिहारी में चल रहा हूं तो किसी ने मुझे आकर बताया कि मोतिहारी के लोगों ने 5 बार से सांसद रहे राधा मोहन सिंह को चांदी के सिक्कों से मोतिहारी के लोगों ने तौला था. मैं बोलता हूं आपने उन्हें चांदी के सिक्कों से तौला चाहे नहीं तौला, पर लोगों ने वोट करके उन्हें सोने के तिजोरी में बैठा तो दिया. आज बिहार में बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, किसानी, यूरिया और न जाने कितनी परेशानियों से लोग घिरे हैं. फिर भी आप लोग एक ही व्यक्ति को 5 बार से कैसे जीता रहें है? गलती हम में है, जो हम काम नहीं करने वाले नेताओं को सत्ता की कुर्सी में बार बार-बार बैठाते हैं.</p>



<p>जन सुराज पदयात्रा के दौरान पिपराकोठी प्रखंड के पंडितपुर गांव में आम सभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में शायद ही ऐसा कोई परिवार होगा जिसके घर से कोई आदमी रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में नहीं गया होगा. आज बिहार में एक बार कोई जवान हो गया तो अपने पीठ पर झोला लेकर रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में चला जाता है. अगर आपने उन्हें ट्रेन में जाते देखा होगा, तो पाया होगा कि भेड़-बकरी की तरह ट्रेन से जा रहे होते हैं दूसरे राज्यों में मजदूरी करने.</p>



<p>उन्होंने कहा कि गरीब घर के माँ-बाप अपने बेटे को पेट काट करके भूखे पेट बच्चों को जवान करते हैं, फिर मजबूरी में काम करने के लिए दूसरे राज्यों में भेज देते हैं. पूरी जवानी दूसरे राज्यों में काम करते है और साल में एक बार छठ में आते है. परदेश में छोटे-छोटे कमरों में 4 से 5 लोग रहते हैं और 12 से 14 घंटे ओवर टाइम काम करते हैं ताकि 12-15 हज़ार रुपये मिल सके, जिसमें से 5 से 6 हज़ार अपने घरों में भेज सके ताकि उनका बच्चा घर पर भूखे पेट न सोए.</p>



<p><strong>PNCB</strong></p>
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			</item>
		<item>
		<title>पदयात्रा बदलेगी बिहार की राजनीतिक तस्वीर !</title>
		<link>https://www.patnanow.com/padyatra-badlegi-bihar-ki-rajniti/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 27 Jul 2022 00:35:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[ऐतिहासिक होगी प्रशांत किशोर की पदयात्रा अब तक बिहार के किसी नेता ने नहीं की हैइतनी लंबी पैदल यात्रा पटना, 27 जुलाई (ओ पी पांडेय). क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी पदयात्रा भी कुछ बदलाव ला सकती है? अगर नही तो एक बार सोचिये क्योंकि बिहार पदयात्रा से बिहार की राजनीति में एक बदलाव के बयार का कयास लगाया जा रहा है. राजनीतिक दिग्गजों के बीच इस पदयात्रा को लेकर हलचल तेज है और इस पदयात्रा को करने जा रहे हैं राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले प्रशांत किशोर. ऐसे में यह पदयात्रा और भी महत्वपूर्ण हो जाता है और उसमें भी तब जब पदयात्रा से पहले उनके जैसी शख्सियत जनता के बीच संवाद कर रहा हो. ऐसे में राजनीतिक दिग्गजों के कान खड़े होना तो लाज़मी है. बिहार में &#8216;जन सुराज&#8217; अभियान के तहत प्रशांत किशोर इन दिनों जनता के बीच हैं. वे निरंतर उनसे संपर्क और स्वाद कर रहे हैं. वे बताते हैं कि इस अभियान का उद्देश्य बिहार को विकास के मामलों में देश के अग्रणी राज्यों के साथ खड़ा करना है. इसके लिए बिहार में एक नई राजनीतिक व्यवस्था बनाने के लिए उन्होंने नारा दिया है &#8211; &#8220;सही लोग, सही सोच और सामूहिक प्रयास.&#8221; क्या है सही लोग, सही सोच और सामूहिक प्रयास? प्रशांत किशोर बिहार के अलग-अलग जिलों में प्रवास कर रहे हैं और सही लोगों की तलाश कर रहे हैं. उनका मानना है कि सही लोग समाज के बीच में ही रहने वाले लोग हैं, उनको खोजने के लिए समाज को मथना पड़ेगा. [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>ऐतिहासिक होगी प्रशांत किशोर की पदयात्रा</strong></p>



<p><strong>अब तक बिहार के किसी नेता ने नहीं की है<br>इतनी लंबी पैदल यात्रा</strong></p>



<p>पटना, 27 जुलाई (<strong>ओ पी पांडेय</strong>). क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी पदयात्रा भी कुछ बदलाव ला सकती है? अगर नही तो एक बार सोचिये क्योंकि बिहार पदयात्रा से बिहार की राजनीति में एक बदलाव के बयार का कयास लगाया जा रहा है. राजनीतिक दिग्गजों के बीच इस पदयात्रा को लेकर हलचल तेज है और इस पदयात्रा को करने जा रहे हैं राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले प्रशांत किशोर. ऐसे में यह पदयात्रा और भी महत्वपूर्ण हो जाता है और उसमें भी तब जब पदयात्रा से पहले उनके जैसी शख्सियत जनता के बीच संवाद कर रहा हो. ऐसे में राजनीतिक दिग्गजों के कान खड़े होना तो लाज़मी है.</p>



<p>बिहार में &#8216;जन सुराज&#8217; अभियान के तहत प्रशांत किशोर इन दिनों जनता के बीच हैं. वे निरंतर उनसे संपर्क और स्वाद कर रहे हैं. वे बताते हैं कि इस अभियान का उद्देश्य बिहार को विकास के मामलों में देश के अग्रणी राज्यों के साथ खड़ा करना है. इसके लिए बिहार में एक नई राजनीतिक व्यवस्था बनाने के लिए उन्होंने नारा दिया है &#8211; &#8220;सही लोग, सही सोच और सामूहिक प्रयास.&#8221;</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="434" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC-_Jan-suraj-yatra-1.jpg" alt="" class="wp-image-64865" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC-_Jan-suraj-yatra-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC-_Jan-suraj-yatra-1-350x234.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>क्या है सही लोग, सही सोच और सामूहिक प्रयास?</strong></p>



<p>प्रशांत किशोर बिहार के अलग-अलग जिलों में प्रवास कर रहे हैं और सही लोगों की तलाश कर रहे हैं. उनका मानना है कि सही लोग समाज के बीच में ही रहने वाले लोग हैं, उनको खोजने के लिए समाज को मथना पड़ेगा. इसी से सही लोग निकल कर सामने आएंगे. प्रशांत किशोर अपने संबोधनों में बताते हैं कि सही सोच से मतलब है &#8216;सुराज&#8217; यानी सुशासन. ऐसा सुराज जो किसी व्यक्ति या दल का न होकर जनता का हो उसी का नाम &#8216;जन सुराज&#8217; है. सामूहिक प्रयास से आशय है कि एक ऐसे राजनीतिक मंच की परिकल्पना जो लोगों को उनकी क्षमता के अनुसार बिहार को विकसित करने के लिए सामूहिक प्रयास करने का अवसर प्रदान करे और इससे जुड़ने वाले लोग ही यह निर्णय करें कि एक नया राजनीतिक दल बनाया जाए अथवा नहीं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC-_Jan-suraj-yatra-3.jpg" alt="" class="wp-image-64866" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC-_Jan-suraj-yatra-3.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC-_Jan-suraj-yatra-3-350x233.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>प्रशांत किशोर ने 5 मई 2022 को पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी थी कि 2 अक्तूबर 2022 से वो बिहार में पदयात्रा करेंगे. यह पदयात्रा लगभग 3000 किलोमीटर लंबी होगी और अनुमान है कि इसे पूरा करने में 12 से 15 महीनों का समय लग सकता है. इस पदयात्रा के माध्यम से प्रशांत किशोर बिहार के समाज और बिहार की समस्याओं को सीधे जनता के बीच जाकर समझना चाहते हैं. उनका मानना है कि अगर समस्याओं को समझना है और उसका समाधान निकालना है तो ये दोनों जनता के पास है. इसके लिए समाज में लोगों के बीच जाना पड़ेगा और उसमें से सही लोगों को एक मंच पर लाना पड़ेगा. पदयात्रा के दौरान प्रशांत किशोर बिहार के हर जिले में एक लंबा समय बिताएंगे. वे वहां के सभी लोगों से मिलने का प्रयास करेंगे जो बिहार के विकास लिए सकारात्मक प्रयास करना चाहते हैं.</p>



<p><strong>आइये जानें पदयात्राओं का क्या है इतिहास ?</strong></p>



<p>हमारे देश में पदयात्रा का इतिहास काफी पुराना रहा है और नेताओं ने कई बड़ी और ऐतिहासिक पदयात्राएं की हैं. आजादी से पहले महात्मा गांधी ने चांपरण सत्याग्रह के दौरान, दांडी मार्च के दौरान और अन्य कई मौकों और पदयात्राएं की थी. इसका परिणाम भी सकारात्मक निकला था. आजादी के बाद भी देश के कई नेताओं ने पदयात्रा की है. इस सूची में सबसे बड़ा नाम पूर्व प्रधानमंत्री और नेता चंद्रशेखर का आता है. चंद्रशेखर ने 1983 में कन्याकुमारी से दिल्ली के राजघाट तक की पैदल यात्रा की थी. इस पदयात्रा को &#8216;भारत यात्रा&#8217; का नाम दिया गया था. इस दौरान चंद्रशेखर ने 4260 किमी की दूरी पैदल चल कर तय की थी. इस यात्रा के 7 साल बाद 1990 में चंद्रशेखर देश के प्रधानमंत्री बने थे. चर्चित पदयात्राओं की सूची में दूसरा नाम नेता सह अभिनेता सुनील दत्त का आता है. सुनील दत्त ने 1987 में पंजाब में 2000 किमी की लंबी पदयात्रा की थी. उस दौरान पंजाब में चरमपंथी ताकतें मजबूत थी. उन्होंने इस पदयात्रा के माध्यम से लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की थी.</p>



<p>इसके बाद पदयात्राओं की सूची में आंध्र प्रदेश के नेताओं कानाम आता है. इसमें 2003 में पूर्व मुख्यमंत्री वाईएसआर रेड्डी की 1500 किमी लंबी पदयात्रा, 2013 पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की 1700 किमी लंबी पदयात्रा और 2017 से 2019 के बीच वर्तमान मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी की 3648 किमी लंबी पदयात्रा शामिल है. इन नेताओं को पदयात्रा का लाभ भी मिला और ये तीनों पदयात्रा के बाद होने वाले विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल कर मुख्यमंत्री बने थे. वही मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने 2017 से 2018 के बीच &#8216;नर्मदा यात्रा&#8217; के नाम से 3300 किमी लंबी पदयात्रा 192 दिनों में पूरी की थी. इसका परिणाम भी 2018 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में दिखा. कांग्रेस पार्टी मध्य प्रदेश में 15 साल बाद सत्ता में वापस लौटी. हालांकि पार्टी सत्ता को बहुत दिनों तक संभाल कर नहीं रख पाई और 2 साल के भीतर फिर से भाजपा सरकार वापस आ गई.</p>



<p><strong>पदयात्राओं का बिहार में इतिहास</strong></p>



<p>बिहार में नेताओं के पदयात्रा का कोई बड़ा उदाहरण नहीं मिलता है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 2017 में चंपारण सत्याग्रह के 100 साल पूरे होने पर 7 किमी की एक सांकेतिक पदयात्रा में शामिल हुए थे. इस पदयात्रा में उनके साथ तत्कालीन उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी शामिल हुए थे. बिहार के वरिष्ठ पत्रकार बताते हैं कि बिहार की राजनीति में किसी नेता ने बड़ी पदयात्रा नहीं की है. पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर और लालू यादव जनता के बीच अक्सर पैदल चलते थे, लेकिन उसे एक संरचित पदयात्रा नहीं कहा जा सकता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC-_Jan-suraj-yatra-.jpg" alt="" class="wp-image-64867" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC-_Jan-suraj-yatra-.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC-_Jan-suraj-yatra--350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>राजनीति को अपने उंगलियों के इशारे पर बदलने वाले प्रशांत किशोर अगर 3000 किमी लंबी बिहार की इस पदयात्रा पूरी करते हैं तो पदयात्राओं के मामले में बिहार में एक नया कीर्तिमान स्थापित होगा. ये पदयात्रा बिहार की राजनीति का भूगोल बदलता है या नही, सामाजिक और राजनीतिक समीकरण बदलता है या नही, ये तो आने वाला समय बताएगा, लेकिन अभी से ही बिहार से लेकर देश की राजधानी तक की राजनीति में एक हलचल मची है और सबकी निगाहें प्रशांत किशोर पर हैं.</p>
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		<title>जन-सुराज नई राजनीतिक व्यवस्था की खोज तो नही !</title>
		<link>https://www.patnanow.com/kahi-jan-suraj-nayi-rajnitik-vyvstha-ki-khoj-to-nahi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 14 Jul 2022 11:42:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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		<category><![CDATA[Politics]]></category>
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					<description><![CDATA[जन-सुराज के लिए लोगों को परखते राजनीति के चाणक्य &#8220;अगर कोई व्यक्ति या दल ये समझता है कि वो अकेले बिहार में परिवर्तन ला सकता है तो ये गलत है. किसी भी बदलाव के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत होती है और जब सही लोग सही सोच के साथ सामूहिक प्रयास करेंगे तभी बिहार को देश के अग्रणी राज्यों की सूची में शामिल कराया जा सकता है&#8221;- प्रशांत किशोर पटना,14 जुलाई (ओ पी पांडेय) . &#8220;जब तक आपको यकीन न हो जाए कि मैं यहीं रहूंगा और बिहार के लिए ही काम करूंगा तब तक आप हमारे साथ मत जुड़िए&#8221;, उक्त बातें कहते हैं राजनीति के सबसे बड़े चाणक्य कहे जाने वाले प्रशांत किशोर अपनी &#8220;जन सुराज&#8221; के दौरान लोगों से संवाद करने में. इतनी दृढ़ता और ईमानदारी से लोगों के समक्ष अपनी बात को रखते हुए प्रशांत किशोर ने बिहार के 9 जिलों में लोगों से अबतक संवाद स्थापित किया है. वैशाली से &#8220;जन सुराज&#8221; अभियान की शुरुआत करने के बाद प्रशांत किशोर अब तक सीवान, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सारण और समस्तीपुर सहित 9 जिलों में जा चुके है. आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी जाने का योजना है. प्रशांत किशोर की मानें तो सितंबर अंत तक वैसे सभी लोगों से मिलने का प्रयास करेंगे जिन्होंने उनसे संपर्क किया है या जिनसे उन्होंने संपर्क किया है. फिर उसके बाद पदयात्रा के समय सभी जिलों के एक लंबा समय बिताने की योजना है. तब हर उस सही व्यक्ति से मिलेंगे जो बिहार की बेहतरी [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जन-सुराज के लिए लोगों को परखते राजनीति के चाणक्य</strong></p>



<p class="has-cyan-bluish-gray-color has-text-color"><strong><em>&#8220;अगर कोई व्यक्ति या दल ये समझता है कि वो अकेले बिहार में परिवर्तन ला सकता है तो ये गलत है. किसी भी बदलाव के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत होती है और जब सही लोग सही सोच के साथ सामूहिक प्रयास करेंगे तभी बिहार को देश के अग्रणी राज्यों की सूची में शामिल कराया जा सकता है&#8221;- प्रशांत किशोर</em></strong></p>



<p>पटना,14 जुलाई (<strong>ओ पी पांडेय</strong>) . &#8220;जब तक आपको यकीन न हो जाए कि मैं यहीं रहूंगा और बिहार के लिए ही काम करूंगा तब तक आप हमारे साथ मत जुड़िए&#8221;, उक्त बातें कहते हैं राजनीति के सबसे बड़े चाणक्य कहे जाने वाले प्रशांत किशोर अपनी &#8220;जन सुराज&#8221; के दौरान लोगों से संवाद करने में. इतनी दृढ़ता और ईमानदारी से लोगों के समक्ष अपनी बात को रखते हुए प्रशांत किशोर ने बिहार के 9 जिलों में लोगों से अबतक संवाद स्थापित किया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Jan-Suraj-2.jpg" alt="" class="wp-image-64424" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Jan-Suraj-2.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Jan-Suraj-2-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>वैशाली से &#8220;जन सुराज&#8221; अभियान की शुरुआत करने के बाद प्रशांत किशोर अब तक सीवान, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सारण और समस्तीपुर सहित 9 जिलों में जा चुके है. आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी जाने का योजना है. प्रशांत किशोर की मानें तो सितंबर अंत तक वैसे सभी लोगों से मिलने का प्रयास करेंगे जिन्होंने उनसे संपर्क किया है या जिनसे उन्होंने संपर्क किया है. फिर उसके बाद पदयात्रा के समय सभी जिलों के एक लंबा समय बिताने की योजना है. तब हर उस सही व्यक्ति से मिलेंगे जो बिहार की बेहतरी के लिए कुछ अच्छा कर रहे हैं या करना चाहते हैं.</p>



<p><strong>क्या है जन सुराज ?</strong><br>जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है जनता द्वारा सुचारू रूप से चलने वाला राज. प्रशांत किशोर वर्तमान राजनीतिक परिवेश से दुखित हैं औऱ वे चाहते हैं कि राजनीति में जन भागीदारी का होना बेहद जरूरी है. सालों तक चुनावी रणनीतिकार के तौर पर काम कर चुके प्रशांत किशोर इन दिनों जेठ और आषाढ़ की तपतपाती धूप और उमस भरी गर्मी में बिहार के अलग-अलग जिलों में जा इसी सोच के साथ लोगों से संवाद स्थापित कर रहे हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="593" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Jan-Suraj.jpg" alt="" class="wp-image-64425" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Jan-Suraj.jpg 593w, https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Jan-Suraj-346x350.jpg 346w" sizes="(max-width: 593px) 100vw, 593px" /></figure>



<p>5 मई को &#8216;जन सुराज&#8217; अभियान की घोषणा के बाद प्रशांत किशोर जन सुराज की सोच के साथ बिहार के लोगों के साथ लगातार संवाद स्थापित कर रहे हैं. उनकी योजना है कि 2 अक्तूबर से प्रस्तावित पदयात्रा से पहले हर उस व्यक्ति, संगठन और समूहों से मिलने का प्रयास किया जाए जो जन सुराज की सोच को समझना चाहते हैं और बिहार की बेहतरी के लिए कुछ करना चाहते हैं. इसी उद्देश्य से सबसे पहले वे 29 मई को वैशाली पहुंचे और 5 दिनों तक जिले के अलग-अलग प्रखंड और गांव में जाकर हजारों लोगों से संवाद स्थापित किया. इसके बाद से उनका ये सिलसिला निरंतर जारी है.</p>



<p><strong>जन सुराज में शामिल होने वाले लोग</strong></p>



<p>प्रशांत किशोर हर जिले में जिन समूहों से मिल रहे हैं उनमें समाज के अलग अलग क्षेत्रों में अच्छा काम करने वाले लोगों की एक लंबी सूची है. वे समाजसेवियों, चिकित्सकों, अधिवक्ताओं, महिला सशक्तिकरण की मिशाल पेश कर रहीं महिलाओं, युवाओं, पत्रकारों, पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े जनप्रतिनिधियों जैसे जिला परिषद के सदस्य, मुखिया, ब्लॉक प्रमुख, सरपंच, पंचायत समिति के सदस्य और समाज के अलग अलग वर्गों से आने वाले लोगों से मिल रहे हैं और उनसे जन सुराज पर संवाद कर रहे हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="434" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Jan-Suraj-3.jpg" alt="" class="wp-image-64426" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Jan-Suraj-3.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Jan-Suraj-3-350x234.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>बाकि राजनीतिक कार्यक्रमों से अलग यह कार्यक्रम वहां के स्थानीय लोग ही आयोजित करते हैं और प्रशांत किशोर को बुलाते हैं. प्रशांत किशोर कार्यक्रम की शुरुआत आमतौर पर अपने परिचय से करते हैं और लोगों को जन सुराज की सोच के बारे में विस्तार से बताते हैं. वे कहते हैं कि इस अभियान का उद्देश्य किसी दल के लिए कार्यकर्ता खोजना नहीं है, बल्कि एक नई राजनीतिक व्यवस्था बनना है और उसके लिए संस्थापक खोजना है. इन कार्यक्रमों की सबसे बड़ी खासियत ये होती है कि वो जितना समय अपने संबोधन में लगाते हैं उससे ज्यादा समय लोगों के सवालों का जवाब देते हैं. कार्यक्रम में शामिल कोई भी व्यक्ति प्रशांत किशोर से किसी भी तरह का सवाल पूछता है और प्रशांत सभी के सवालों का जवाब देते हैं और सबको संतुष्ट करने का प्रयास करते हैं.</p>



<p>वे अपने संबोधन में &#8216;सही लोग, सही सोच और सामूहिक प्रयास&#8217; के नारे पर जोर देते हुए कहते हैं कि यह अभियान सही लोगों को खोजने का है, इसीलिए समाज में घूम रहे हैं. वे कहते हैं कि समाज को मथने से ही सही लोगों का चुनाव संभव है. सही सोच का मतलब वे बताते हैं कि वैसे लोग जो बिहार की खुशहाली और बेहतरी में अपनी खुशहाली और बेहतरी देखते हों, जो सचमुच चाहते हों की बिहार भी विकास के सभी मापदंडों में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो और बिहार के लोगों को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ सेवाओं के लिए पलायन नहीं करना पड़े, और इन सब के लिए सामूहिक प्रयास ही एकमात्र रास्ता है.</p>



<p><strong>बदलाव के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत</strong></p>



<p>आमतौर पर किशोर जिन जिलों में जाते हैं वहाँ सर्किट हाउस में ही ठहरते हैं. उनके दिन की शुरुआत 8 बजे सुबह से हो जाती है. सर्किट हाउस में उनसे मुलाकात करने लोग आते रहते हैं और फिर 10 बजे से जो संवाद कार्यक्रमों के लिए निकलते हैं तो यह कार्यक्रम देर रात 10-11 बजे तक लगातार चलता हैं. कार्यक्रमों के बीच में ही दोपहर और रात का भोजन भी करते है. हर जिले में प्रशांत किशोर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मीडिया के साथियों के साथ भी संवाद करते हैं और जन सुराज की सोच को उनके सामने रखते हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="478" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Jan-Suraj-1.jpg" alt="" class="wp-image-64427" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Jan-Suraj-1.jpg 478w, https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Jan-Suraj-1-279x350.jpg 279w" sizes="(max-width: 478px) 100vw, 478px" /></figure>



<p>वे कहते हैं, &#8220;अगर कोई व्यक्ति या दल ये समझता है कि वो अकेले बिहार में परिवर्तन ला सकता है तो ये गलत है. किसी भी बदलाव के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत होती है और जब सही लोग सही सोच के साथ सामूहिक प्रयास करेंगे तभी बिहार को देश के अग्रणी राज्यों की सूची में शामिल कराया जा सकता है.</p>



<p><strong>लोगों की प्रतिकिया और प्रशांत का ताल ठोक जवाब</strong></p>



<p>प्रशांत किशोर के कार्यक्रम में शामिल होने वाले बताते हैं कि प्रशांत किशोर ने बहुत कठिन काम का बीड़ा उठाया है, उनकी सोच साफ और स्पष्ट है, लेकिन वे इसमें कितना सफल होंगे ये इस बात पर निर्भर करता है कि वो बिहार में कितने समय तक रहते हैं. प्रशांत किशोर लोगों की इस शंका को मिटाते हुए कहते भी हैं कि &#8220;जब तक आपको यकीन न हो जाए कि मैं यहीं रहूंगा और बिहार के लिए ही काम करूंगा तब तक आप हमारे साथ मत जुड़िए.&#8221;</p>



<p>साल दो साल में जब मैं यहां काम करूंगा तब आपको विश्वास हो जाएगा कि मैं कहीं नहीं जा रहा हूं और बिहार के लिए समर्पित तौर पर काम कर रहा हूं. किशोर कहते हैं कि मेरी कथनी नहीं, करनी पर भरोसा कीजिए. आमलोगों का ये भी मानना है कि बिहार ने जिन नेताओं पर भरोसा किया, जिनको जीताया उसके बाद भी बिहार आज देश के सबसे पिछड़े राज्यों में शामिल है.</p>



<p>इस पूरे अभियान के जरिये सही लोगों को एक साथ एक मंच पर लाने की सोच रखने वाले राजनीति के चाणक्य लोगों को एक साथ जोड़ पाएंगे या नही ये तो आने वाल वक्त ही बताएगा. लेकिन राजनीति के लिए नया फर्श तलाशने वाले प्रशांत किशोर इस बार बड़े ही आत्मविश्वास से लबरेज हैं और बिहार की जनता की तरसती आँखे भी इस नई आशा की रौशनी को टटोल अपने निर्णय के इन्तजार में सही समय के मौके की ताक में है.</p>
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		<title>&#8216;नीतीश कुमार से अपने संबंधों का पहले खुलासा करें पीके &#8216;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/rjd-on-pk-plan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 May 2022 06:47:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Jan suraj yatra]]></category>
		<category><![CDATA[pk]]></category>
		<category><![CDATA[Prashant Kishore]]></category>
		<category><![CDATA[rjd]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता एजाज़ अहमद ने प्रशांत किशोर से पूछा है कि बिहार में जन-सुराज से पहले वह ये स्पष्ट करें, कि उनका नीतीश कुमार और अमित शाह से कैसा संबंध रहा है ? क्योंकि जब उन्हें जदयू से हटाया गया था तब नीतीश कुमार जी ने कहा था कि हमने प्रशांत किशोर को जदयू में अमित शाह के कहने पर शामिल किया था. क्या अभी भी उनका और उनकी कंपनी का नीतीश कुमार के साथ वैसा ही संबंध है जहां तक जन- सुराज की बात है, उन्हें पहले जनसरोकार के मुद्दे पर जनता के बीच जाना होगा. राजद प्रवक्ता ने कहा कि पीके ने सिर्फ सोशल मीडिया के माध्यम से अपने को स्थापित किया है, लेकिन जनता के बीच में कैसे प्रस्तुत करेगे ये देखना है. इधर भारतीय जनता पार्टी ने भी प्रशांत किशोर पर निशाना साधा है भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा कि पहले भी प्रशांत किशोर कुछ घोषणाएं कर चुके हैं लेकिन उसका क्या हश्र हुआ यह सब लोग जानते हैं. उन्होंने कहा कि बिहार में अगर वह कोई पॉलिटिकल पार्टी लॉन्च भी करते हैं तो उनकी भूमिका महज एक वोट कटवा की ही रहेगी. आपको बता दें कि प्रशांत किशोर ने आज एक ट्वीट करके यह जानकारी दी है कि वे जल्द ही बिहार से अपनी जन सुराज यात्रा शुरू करने वाले हैं. पीके की इस घोषणा के बाद बिहार के सियासी दलों में बेचैनी बढ़ गई है. पीके की इस घोषणा के बारे में पूरी खबर पढ़ने के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता एजाज़ अहमद ने प्रशांत किशोर से पूछा है कि बिहार में जन-सुराज से पहले वह ये स्पष्ट करें, कि उनका नीतीश कुमार और अमित शाह से कैसा संबंध रहा है ? क्योंकि जब उन्हें जदयू से हटाया गया था तब नीतीश कुमार जी ने कहा था कि हमने प्रशांत किशोर को जदयू में अमित शाह के कहने पर शामिल किया था. क्या अभी भी उनका और उनकी कंपनी का नीतीश कुमार के साथ वैसा ही संबंध है जहां तक जन- सुराज की बात है, उन्हें पहले जनसरोकार के मुद्दे पर जनता के बीच जाना होगा. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="394" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/pnc-rjd-ejaj-Ahmed.jpg" alt="" class="wp-image-61522" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/pnc-rjd-ejaj-Ahmed.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/pnc-rjd-ejaj-Ahmed-350x212.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption><strong>एजाज अहमद</strong></figcaption></figure>



<p>राजद प्रवक्ता ने कहा कि पीके ने सिर्फ सोशल मीडिया के माध्यम से अपने को स्थापित किया है, लेकिन जनता के बीच में कैसे प्रस्तुत करेगे ये देखना है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="640" height="360" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/pk1.png" alt="" class="wp-image-60920" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/pk1.png 640w, https://www.patnanow.com/assets/2022/04/pk1-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /><figcaption><strong>Prashant Kishor</strong></figcaption></figure>



<p>इधर भारतीय जनता पार्टी ने भी प्रशांत किशोर पर निशाना साधा है भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा कि पहले भी प्रशांत किशोर कुछ घोषणाएं कर चुके हैं लेकिन उसका क्या हश्र हुआ यह सब लोग जानते हैं. उन्होंने कहा कि बिहार में अगर वह कोई पॉलिटिकल पार्टी लॉन्च भी करते हैं तो उनकी भूमिका महज एक वोट कटवा की ही रहेगी.</p>



<p><a href="https://bit.ly/3LBFOQG">आपको बता दें कि प्रशांत किशोर ने आज एक ट्वीट करके यह जानकारी दी है कि वे जल्द ही बिहार से अपनी जन सुराज यात्रा शुरू करने वाले हैं.  पीके की इस घोषणा के बाद बिहार के सियासी दलों में बेचैनी बढ़ गई है. पीके की इस घोषणा के बारे में पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इस लिंक पर- https://bit.ly/3LBFOQG</a></p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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