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	<title>Jagjivan ram institute &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>Jagjivan ram institute &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>&#8216;कभी चुनाव नहीं लड़ने वाले जेपी थे नया समाज निर्माण के राही&#8217;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/book-release-on-jp/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Jan 2025 16:11:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
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					<description><![CDATA[जेपी के नैतिक उत्तराधिकारी हैं नीतीश: हरिवंश पटना।। आज जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान, पटना में रामवृक्ष बेनीपुरी द्वारा संपादित पुस्तक ‘‘जयप्रकाश की विचारधारा’’ का लोकार्पण संपन्न हुआ. राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने अपने संबोधन में कहा कि देश के अनूठे विशिष्ट लोगों में से थे बेनीपुरी जी. उन्होंने जयप्रकाश की विचारधारा का संपादन किया और उनके साथ रहकर समाज को नई दिशा देने का काम किया. जेपी जातीय, आर्थिक, लैंगिक संतुलन के पुरोधा थे. जेपी आंदोलन से बहुत लोग निकले लेकिन नीतीश आज भी उनके अनुयायी बने हुए हैं. जेपी इंसान को बदलने की राजनीति करते थे. उन्होंने कभी चुनाव नहीं लड़ा. कभी सदन नहीं गए. वे नये समाज बनाने के राही थे. उन्होंने कभी किसी की आलोचना नहीं की और आपको बता दूं आंदोलन एक दिन में नहीं होता. जेपी युवाओं को आगे लाये ताकि बेहतर इंसान बन सके और बेहतर इंसान ही अच्छी सोसाइटी का निर्माण कर सकती है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में जातीय, आर्थिक, लैंगिक न्याय का जो संतुलन बनाया उसका परिणाम बिहार निरंतर विकास कर रहा है. बिहार में जहां जेपी के गांव से पटना आने के लिए दो-दो दिन लग जाया करते थे. आज संपूर्ण बिहार से लोग आसानी से कम समय में पटना पहुंच जाते हैं. वैसे तो जेपी का पटना ही कर्मभूमि रहा लेकिन देश के विभिन्न हिस्सों में आज भी जेपी प्रासंगिक है. इस पुस्तक के पुनर्प्रकाशन के लिए मैं संस्थान के निदेशक को हार्दिक बधाई देता हूं. पूर्व शिक्षा मंत्री रामचंद्र पूर्वे ने अपने संबोधन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>जेपी के नैतिक उत्तराधिकारी हैं नीतीश: हरिवंश</strong></p>



<p>पटना।। आज जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान, पटना में रामवृक्ष बेनीपुरी द्वारा संपादित पुस्तक ‘‘जयप्रकाश की विचारधारा’’ का लोकार्पण संपन्न हुआ.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1000291166-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88678" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1000291166-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1000291166-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1000291166-1536x1023.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने अपने संबोधन में कहा कि देश के अनूठे विशिष्ट लोगों में से थे बेनीपुरी जी. उन्होंने जयप्रकाश की विचारधारा का संपादन किया और उनके साथ रहकर समाज को नई दिशा देने का काम किया. जेपी जातीय, आर्थिक, लैंगिक संतुलन के पुरोधा थे. जेपी आंदोलन से बहुत लोग निकले लेकिन नीतीश आज भी उनके अनुयायी बने हुए हैं. जेपी इंसान को बदलने की राजनीति करते थे. उन्होंने कभी चुनाव नहीं लड़ा. कभी सदन नहीं गए. वे नये समाज बनाने के राही थे. उन्होंने कभी किसी की आलोचना नहीं की और आपको बता दूं आंदोलन एक दिन में नहीं होता. जेपी युवाओं को आगे लाये ताकि बेहतर इंसान बन सके और बेहतर इंसान ही अच्छी सोसाइटी का निर्माण कर सकती है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में जातीय, आर्थिक, लैंगिक न्याय का जो संतुलन बनाया उसका परिणाम बिहार निरंतर विकास कर रहा है. बिहार में जहां जेपी के गांव से पटना आने के लिए दो-दो दिन लग जाया करते थे. आज संपूर्ण बिहार से लोग आसानी से कम समय में पटना पहुंच जाते हैं. वैसे तो जेपी का पटना ही कर्मभूमि रहा लेकिन देश के विभिन्न हिस्सों में आज भी जेपी प्रासंगिक है. इस पुस्तक के पुनर्प्रकाशन के लिए मैं संस्थान के निदेशक को हार्दिक बधाई देता हूं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1000291169-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88677" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1000291169-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1000291169-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1000291169-1536x1023.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>पूर्व शिक्षा मंत्री रामचंद्र पूर्वे ने अपने संबोधन में पुस्तक की चर्चा करते हुए अनेक तथ्यों को उजागर किया और उन्होंने कहा कि गांधी मैदान में उतनी बड़ी जनसभा आज तक नहीं देखने को मिली, जितनी बड़ी 13 अप्रैल, 1946 को जेपी के लिए उस तपती धूप में एक बड़ा जनसमूह उमड़ पड़ा था.<br>बेनीपुरी जी के नाती राजीव महंत ने कहा कि यह मेरे लिए गौरव का क्षण है कि मेरे नानाजी की पुस्तक पुनर्प्रकाशित हो रही है तथा उन्होंने बेनीपुरी जी के कई अन्य पहलुओं को हमारे समक्ष रखा.<br>लोकार्पण-सह-परिचर्चा कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बिहार विधान सभा के उप सभापति प्रो. रामवचन राय ने कहा कि इस पुस्तक के पुनर्प्रकाशन के लिए मैं इतना ही कहूंगा कि एक खोयी हुई रौशनी वापस आयी है. मुझे याद है बेनीपुरी जी ने किस प्रकार जेपी को जेल से भगाने की योजना बनायी थी. दीपावली का समय था, कार्यक्रम चल रहा था. जेपी को बीमार बताकर और योजना के तहत उन्हें जेल से भगाने में कामयाब हुए थे. जेपी मूल्यों के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने एक कविता के साथ समापन किया- ‘‘इस देश पर उधार है बूढ़ा आदमी.’’<br>कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए संस्थान के निदेशक डॉ. नरेन्द्र पाठक ने कहा कि जयप्रकाश जी की पुस्तक की रचना जो रामवृक्ष बेनीपुरी जी द्वारा की गई. ‘जयप्रकाश की विचारधारा’ इस पुस्तक की रचना में एक ऐसा संदर्भ जिसने बेनीपुरी जी को झकझोर कर रख दिया. जेपी के अनुयायी ने अपने खून से बेनीपुरी जी को एक खत लिखकर इस पुस्तक की रचना करने का आग्रह किया था ताकि जयप्रकाश जी की कृतियों को जनमानस जान सकें. फिर क्या रामवृक्ष बेनीपुरी जी, जो कि जेपी के काफी करीब थे, ने इस पुस्तक की रचना की. इस पुस्तक की रचना में उन तथ्यों को उजागर किया, जिन तथ्यों से लोग काफी दूर थे. वर्ष 1948 में प्रकाशित इस पुस्तक की अनुपलब्धता को देखते हुए हमारे संस्थान ने इसका पुनर्प्रकाशन करने का निर्णय लिया. सभी स्तर पर सहयोग मिला और यह पुस्तक अब आपके समक्ष प्रस्तुत है.<br>मंच संचालन लेखक मुरली मनोहर श्रीवास्तव ने किया.<br>कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजय पासवान, सचिव शिक्षा विभाग बैजनाथ यादव, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. रेखा कुमारी, उप निदेशक उच्च शिक्षा, शिक्षा विभाग दीपक कुमार सिंह, प्रो. वीरेन्द्र झा, डॉ. मधुबाला, डॉ. विद्यार्थी विकास, भैरव लाल दास, मिथिलेश, रजनीश उपाध्याय, अरुण नारायण, राष्ट्रीय कुंवर वाहिनी के अध्यक्ष धीरज कुमार सिंह सहित कई बुद्धिजीवी, साहित्यकार एवं पत्रकार उपस्थित रहे.<br><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>जगजीवन राम संस्थान और एमिटी विश्वविद्यालय के बीच हुआ एमओयू</title>
		<link>https://www.patnanow.com/jagjivan-ram-and-amity-mou/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 06 Jul 2024 12:54:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Amity University mou]]></category>
		<category><![CDATA[Jagjivan ram institute]]></category>
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					<description><![CDATA[संस्थान में बाबू जगजीवन राम की पुण्यतिथि मनाई गयी पटना।। आज जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान, पटना में बाबू जगजीवन राम की पुण्यतिथि मनायी गयी. इस अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण किया गया. इस कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक ने बाबू जगजीवन राम के संघर्ष को प्रमुखता से बताया. इसके साथ ही, जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान तथा अमिटी विश्वविद्यालय के बीच हुआ एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया. हस्ताक्षर के दौरान उच्च शिक्षा निदेशक, डॉ. रेखा कुमारी, अमिटी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) विवेकानन्द पाण्डेय, अमिटी विश्वविद्यालय के डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. एन.के. यादव एवं संस्थान के निदेशक डॉ. नरेन्द्र पाठक मौजूद थे. एम ओ यू के तहत क्या होगा गतिविधियों को सुचारू रूप से सुनिश्चित करने के लिए दोनों संस्थानों के समन्वयक का विवरण कुलपति, अमिटी यूनिवर्सिटी, पटना और अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार सरकार की देखरेख में किया जाएगा.इस एमओयू समझौते की सहयोगी परियोजनाओं के लिए व्यय, यदि संयुक्त रूप से लिया जाता है, तो आपसी चर्चा के बाद आपसी सहमति से, केस-टू-केस आधार पर तय किया जाएगा. यह एमओयू पांच वर्ष के लिए किया गया है. संस्थान की कार्य योजना में वर्णित विधायी उन्मुखीकरण, समाजवादी गैलरी एवं दस्तावेजीकरण, बाबू जगजीवन राम से जुड़े दस्तावेजों के संग्रहण एवं उनके फोटो गैलरी का निर्माण सहित कई कार्य योजना पर माननीय सदस्यों की सहमति प्राप्त हुई. मौखिक अभिलेखागार के निर्माण की भी सहमति प्रदान की गयी.कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजय पासवान, ई. राजेन्द्र प्रसाद, डॉ. मुंशी प्रसाद, डॉ. मधुबाला, कुमार विनय, [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>संस्थान में बाबू जगजीवन राम की पुण्यतिथि मनाई गयी</strong> </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="446" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/pnc-jagjivan-ram-shodh-sansthan.jpg" alt="" class="wp-image-73733" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/pnc-jagjivan-ram-shodh-sansthan.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/pnc-jagjivan-ram-shodh-sansthan-350x240.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/pnc-jagjivan-ram-shodh-sansthan-130x90.jpg 130w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>पटना।। आज जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान, पटना में बाबू जगजीवन राम की पुण्यतिथि मनायी गयी. इस अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण किया गया. इस कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक ने बाबू जगजीवन राम के संघर्ष को प्रमुखता से बताया. इसके साथ ही, जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान तथा अमिटी विश्वविद्यालय के बीच हुआ एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया. हस्ताक्षर के दौरान उच्च शिक्षा निदेशक, डॉ. रेखा कुमारी, अमिटी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) विवेकानन्द पाण्डेय, अमिटी विश्वविद्यालय के डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. एन.के. यादव एवं संस्थान के निदेशक डॉ. नरेन्द्र पाठक मौजूद थे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="583" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/1000237028-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-85359" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/1000237028-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/1000237028-650x370.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>एम ओ यू के तहत क्या होगा</strong></p>



<p>गतिविधियों को सुचारू रूप से सुनिश्चित करने के लिए दोनों संस्थानों के समन्वयक का विवरण कुलपति, अमिटी यूनिवर्सिटी, पटना और अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार सरकार की देखरेख में किया जाएगा.<br>इस एमओयू समझौते की सहयोगी परियोजनाओं के लिए व्यय, यदि संयुक्त रूप से लिया जाता है, तो आपसी चर्चा के बाद आपसी सहमति से, केस-टू-केस आधार पर तय किया जाएगा. यह एमओयू पांच वर्ष के लिए किया गया है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="628" height="299" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-jagjivan-ram-punyatithi-jrsass.jpg" alt="" class="wp-image-85360"/></figure>



<p>संस्थान की कार्य योजना में वर्णित विधायी उन्मुखीकरण, समाजवादी गैलरी एवं दस्तावेजीकरण, बाबू जगजीवन राम से जुड़े दस्तावेजों के संग्रहण एवं उनके फोटो गैलरी का निर्माण सहित कई कार्य योजना पर माननीय सदस्यों की सहमति प्राप्त हुई. मौखिक अभिलेखागार के निर्माण की भी सहमति प्रदान की गयी.<br>कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजय पासवान, ई. राजेन्द्र प्रसाद, डॉ. मुंशी प्रसाद, डॉ. मधुबाला, कुमार विनय, डॉ. श्वेता चंद्रा आदि सहित कई लोगों ने बाबू जगजीवन राम के चित्र पर पुष्प अर्पित किए.<br><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>&#8216;हकलाओ मगर प्यार से&#8217;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/stammering-conference/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 25 Dec 2023 17:05:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
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		<category><![CDATA[Stammering]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। जगजीवनराम इंस्टीट्यूट ऑफ पार्लियामेंट्री स्टडी एंड रिसर्च सेन्टर में हो रहे, The Indian stammering association (TISA) का 13th national conference का तीसरा और समापन दिन था, जिसमें तीसा के फाउंडर डॉ सत्येन्द्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में योगा एवं ध्यान से आरंभ करते हुए, हकलाने वाले प्रतिभागियों के द्वारा रोल प्ले के माध्यम से हकलाने वाले व्यक्तियों को सभी क्षेत्रों में एक आप आदमी की तरह समान अवसर प्रदान करने का संदेश दिया. वीडियो कॉन्फ्रेंस व पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से तीसा के अनेक अनुभवी वरिष्ठ सदस्यों ने हकलाने को काबू करने, हकलाने के परे देखने की सोच, एक आम आदमी की तरह हकलाने वाले व्यक्तियों के लिए भी विभिन क्षेत्रों में नौकरियों, बिजनेस, एंटरप्रेन्योर के अवसरों के बारे में जानकारी दी और प्रतिभागियों के मन में चल रहे नौकरी पाने से सम्बंधित सवालों के जवाब दिए और उनका मनोबल बढ़ाया. कार्यक्रम में प्रतिभागी ओपन माइक सेशन में भाग लिए जिसमें उन्होंने बोलने का अभ्यास, अपने जीवन के अच्छे-बुरे अनुभव को साझा किया, और इको पार्क में हकलाने के प्रति जागरूकता के लिए लोगों से बातचीत की व हकलाने वालों की बात को ध्यान से सुनने और समझने का संदेश दिया तथा हकलाने की मानसिकता से राहत के लिए &#8220;हकलाओ मगर प्यार से का नारा दिया&#8221;. इस बीच जगजीवनराम इंस्टीट्यूट ऑफ पार्लियामेंट्री स्टडीज एंड पॉलिटिकल रिसर्च के डायरेक्टर डॉ नरेन्द्र पाठक और बिहार सरकार विभिन्न वरिष्ठ अतिथियों ने तीसा के प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाया तथा समाज को हकलाने से संबंधित जागरूक होने के लिए कहा. इस मौके पर डॉ सचिन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। जगजीवनराम इंस्टीट्यूट ऑफ पार्लियामेंट्री स्टडी एंड रिसर्च सेन्टर में हो रहे, The Indian stammering association (TISA) का 13th national conference का तीसरा और समापन दिन था, जिसमें तीसा के फाउंडर डॉ सत्येन्द्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में योगा एवं ध्यान से आरंभ करते हुए, हकलाने वाले प्रतिभागियों के द्वारा रोल प्ले के माध्यम से हकलाने वाले व्यक्तियों को सभी क्षेत्रों में एक आप आदमी की तरह समान अवसर प्रदान करने का संदेश दिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="339" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/PNC-conference-on-stammering-jagjivan-ram-institute-650x339.jpg" alt="" class="wp-image-81145" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/PNC-conference-on-stammering-jagjivan-ram-institute-650x339.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/PNC-conference-on-stammering-jagjivan-ram-institute-350x182.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/PNC-conference-on-stammering-jagjivan-ram-institute-768x400.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/PNC-conference-on-stammering-jagjivan-ram-institute-1536x800.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/PNC-conference-on-stammering-jagjivan-ram-institute-2048x1067.jpg 2048w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>वीडियो कॉन्फ्रेंस व पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से तीसा के अनेक अनुभवी वरिष्ठ सदस्यों ने हकलाने को काबू करने, हकलाने के परे देखने की सोच, एक आम आदमी की तरह हकलाने वाले व्यक्तियों के लिए भी विभिन क्षेत्रों में नौकरियों, बिजनेस, एंटरप्रेन्योर के अवसरों के बारे में जानकारी दी और प्रतिभागियों के मन में चल रहे नौकरी पाने से सम्बंधित सवालों के जवाब दिए और उनका मनोबल बढ़ाया. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="486" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/PNC-jagjivan-ram-institute-Patna-stammering-650x486.jpg" alt="" class="wp-image-81147" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/PNC-jagjivan-ram-institute-Patna-stammering-650x486.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/PNC-jagjivan-ram-institute-Patna-stammering-350x262.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/PNC-jagjivan-ram-institute-Patna-stammering-768x575.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/PNC-jagjivan-ram-institute-Patna-stammering-1536x1149.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/PNC-jagjivan-ram-institute-Patna-stammering-2048x1532.jpg 2048w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>कार्यक्रम में प्रतिभागी ओपन माइक सेशन में भाग लिए जिसमें उन्होंने बोलने का अभ्यास, अपने जीवन के अच्छे-बुरे अनुभव को साझा किया, और इको पार्क में हकलाने के प्रति जागरूकता के लिए लोगों से बातचीत की व हकलाने वालों की बात को ध्यान से सुनने और समझने का संदेश दिया तथा हकलाने की मानसिकता से राहत के लिए &#8220;हकलाओ मगर प्यार से का नारा दिया&#8221;. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="472" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/PNC-conference-on-stammering-650x472.jpg" alt="" class="wp-image-81146" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/PNC-conference-on-stammering-650x472.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/PNC-conference-on-stammering-350x254.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/PNC-conference-on-stammering-768x558.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/PNC-conference-on-stammering-1536x1116.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/PNC-conference-on-stammering-2048x1488.jpg 2048w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इस बीच जगजीवनराम इंस्टीट्यूट ऑफ पार्लियामेंट्री स्टडीज एंड पॉलिटिकल रिसर्च के डायरेक्टर डॉ नरेन्द्र पाठक और बिहार सरकार विभिन्न वरिष्ठ अतिथियों ने तीसा के प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाया तथा समाज को हकलाने से संबंधित जागरूक होने के लिए कहा. इस मौके पर डॉ सचिन ने कहा कि तीसा बिल्कुल मुफ्त है, इसमें कोई भी हकलाने वाला व्यक्ति stammer.in वेबसाइट के माध्यम से जुड़ सकता है. इस तरह तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन हुआ.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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