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		<title>बंद उद्योगों को मिलेगा दोबारा शुरू करने का मौका</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 19 Aug 2025 13:11:13 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पटना, 19 अगस्त।। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) ने बियाडा एमनेस्टी नीति 2025 जारी की है. इस नीति का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक भूखंडों पर चल रही मुकदमेबाजी को कम करना और मुकदमेबाजी पर खर्च हो रहे पैसे और समय को बचाना है. इसके साथ ही वैसी इकाइयां जो काफी समय से बंद या खाली पड़ी हैं, उनकी औद्योगिक भूमि को फिर से उद्योग के काम में लाना है. इससे बंद पड़ी उद्योगों को दोबारा शुरू करने का मौका दिया जाएगा. यह नीति 31 दिसंबर 2025 तक लागू होगी. सरल शब्दों में कहा जाए तो बियाडा एमनेस्टी पॉलिसी 2025 उन उद्योगों को मौका देती है जिनका आवंटन विवादों या काम न होने की वजह से अटक गया है. इस नीति से वे अपनी समस्याओं को सुलझाकर दोबारा उद्योग चला सकते हैं, जिससे बिहार में औद्योगीकरण और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा. बिहार में उद्योग से जुड़ी मुकदमेबाजी लगातार बढ़ रही है. इससे उद्योग लगाने में परेशानी होती है, इसलिए यह नीति एक समाधान के रूप में लाई गई है. इसके तहत जो इकाइयां इस नीति का लाभ लेना चाहती हैं, वे स्वेच्छा से आगे आ सकती हैं. उनसे उम्मीद की जाती है कि वे उद्योग शुरू करने या आगे बढ़ाने के लिए कदम उठाएं. इससे औद्योगिक विकास होगा और लोगों के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बनेंगे. पिछले कुछ सालों में बियाडा ने देखा कि कई औद्योगिक इकाइयां या तो बिल्कुल काम नहीं कर रही थीं, या बहुत कम उत्पादन कर रही थीं. इस पर बियाडा ने इन [&#8230;]]]></description>
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<ul class="wp-block-list">
<li><strong>बियाडा ने जारी की एमनेस्टी नीति</strong></li>



<li><strong>31 दिसंबर 2025 तक लागू</strong></li>
</ul>



<p>पटना, 19 अगस्त।। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) ने बियाडा एमनेस्टी नीति 2025 जारी की है. इस नीति का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक भूखंडों पर चल रही मुकदमेबाजी को कम करना और मुकदमेबाजी पर खर्च हो रहे पैसे और समय को बचाना है. इसके साथ ही वैसी इकाइयां जो काफी समय से बंद या खाली पड़ी हैं, उनकी औद्योगिक भूमि को फिर से उद्योग के काम में लाना है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="640" height="360" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/03/biada.png" alt="" class="wp-image-59835" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/03/biada.png 640w, https://www.patnanow.com/assets/2022/03/biada-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></figure>



<p>इससे बंद पड़ी उद्योगों को दोबारा शुरू करने का मौका दिया जाएगा. यह नीति 31 दिसंबर 2025 तक लागू होगी. सरल शब्दों में कहा जाए तो बियाडा एमनेस्टी पॉलिसी 2025 उन उद्योगों को मौका देती है जिनका आवंटन विवादों या काम न होने की वजह से अटक गया है. इस नीति से वे अपनी समस्याओं को सुलझाकर दोबारा उद्योग चला सकते हैं, जिससे बिहार में औद्योगीकरण और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="984" height="620" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/pnc-factory-industry-production.jpg" alt="" class="wp-image-91460" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/pnc-factory-industry-production.jpg 984w, https://www.patnanow.com/assets/2025/08/pnc-factory-industry-production-650x410.jpg 650w" sizes="(max-width: 984px) 100vw, 984px" /></figure>



<p>बिहार में उद्योग से जुड़ी मुकदमेबाजी लगातार बढ़ रही है. इससे उद्योग लगाने में परेशानी होती है, इसलिए यह नीति एक समाधान के रूप में लाई गई है. इसके तहत जो इकाइयां इस नीति का लाभ लेना चाहती हैं, वे स्वेच्छा से आगे आ सकती हैं. उनसे उम्मीद की जाती है कि वे उद्योग शुरू करने या आगे बढ़ाने के लिए कदम उठाएं. इससे औद्योगिक विकास होगा और लोगों के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बनेंगे.</p>



<p>पिछले कुछ सालों में बियाडा ने देखा कि कई औद्योगिक इकाइयां या तो बिल्कुल काम नहीं कर रही थीं, या बहुत कम उत्पादन कर रही थीं. इस पर बियाडा ने इन इकाइयों का निरीक्षण किया और नोटिस जारी किए. कारण बताओ नोटिस प्राप्त होने या कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर विभिन्न इकाइयों का आवंटन रद्द कर दिया गया. इसके परिणामस्वरूप कई शिकायतें दर्ज की गईं.</p>



<p>संपूर्ण तथ्यों पर विचार करने और इस बात पर विचार करने के बाद कि बहुत अधिक मुकदमेबाजी हुई है, इस पर विचार किया गया कि एक नीति बनाई जाए जिसके तहत रद्द की गई इकाइयों को उद्योग स्थापित करने और एक निश्चित समयावधि के भीतर परीक्षण के अधीन अथवा वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने के लिए माफी दी जाएगी जो निर्धारित शपथ पत्र, प्रशासनिक प्रभार, लागू शुल्क और बैंक गारंटी प्रस्तुत करने पर निर्भर करेगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="432" src="https://www.patnanow.com/assets/2017/10/PNC-3BIA-PRESIDENT-KPS-KESHRI-KA-PRESS-CONFRENCE-650x432.jpg" alt="" class="wp-image-24168" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/10/PNC-3BIA-PRESIDENT-KPS-KESHRI-KA-PRESS-CONFRENCE.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/10/PNC-3BIA-PRESIDENT-KPS-KESHRI-KA-PRESS-CONFRENCE-225x150.jpg 225w, https://www.patnanow.com/assets/2017/10/PNC-3BIA-PRESIDENT-KPS-KESHRI-KA-PRESS-CONFRENCE-350x233.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption class="wp-element-caption">BIA PRESIDENT KPS KESHRI (File)</figcaption></figure>



<p><strong>बीआईए ने बियाडा एमनेस्टी पॉलिसी 2025 का किया स्वागत</strong></p>



<p>पटना, 19 अगस्त। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) की ओर से जारी की गई एमनेस्टी पॉलिसी – 2025 का बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीआईए) ने स्वागत किया है.<br>एसोसिएशन के अध्यक्ष केपीएस केशरी ने कहा कि बीआईए सरकार से यह मांग करता रहा है कि जिन औद्योगिक इकाइयों का संचालन किसी परिस्थिति के कारण बंद हो गया था और जिनका भू-आवंटन बियाडा ने रद्द कर दिया, लेकिन इकाई प्रबंधन उन्हें फिर से शुरू करने का इच्छुक है, उन्हें एक और अवसर मिलना चाहिए. मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में राज्य के औद्योगिक विकास के संबंध में बंद पड़े उद्योगों को अपना उद्योग शुरू करने के लिए दोबारा मौका दिए जाने की घोषणा की थी. उसी घोषणा के अनुपालन में बियाडा ने अब एमनेस्टी पॉलिसी 2025 अधिसूचित कर दी है.</p>



<p>नीति के अनुसार, उन सभी इकाइयों जिनका भूखंड किसी तीसरे पक्ष को आवंटित ना हुआ हो और भू आवंटन रद्द कर दिया गया है, को मौका दिया जाएगा.केपीएस केशरी ने कहा कि यह कदम निश्चित रूप से बंद पड़े उद्योगों को पुनर्जीवित करने में मदद करेगा और बिहार में औद्योगिकरण को गति देगा. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जिन भूखंडों का आवंटन पहले ही किसी तीसरे पक्ष को हो चुका है, उन्हें उसी औद्योगिक क्षेत्र में अन्य उपयुक्त भूखंड देकर या किसी और तरीके से भरपाई की जाए.</p>



<p>बीआईए अध्यक्ष ने यह भी बताया कि संगठन ने इस नीति को लेकर कई व्यवहारिक सुझाव दिए थे, जिनमें से अधिकांश को पॉलिसी में शामिल किया गया है. हालांकि बैंक गारंटी की शर्त पर उनकी सहमति नहीं थी, लेकिन उनका मानना है कि यह प्रावधान उन उद्यमियों के लिए है जो वास्तव में अपने प्रोजेक्ट के प्रति गंभीर रुचि रखते हैं.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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