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	<title>IIT KANPUR &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>आईआईटी में इंजीनियरिंग के साथ संस्कृत-समुद्री परंपरा भी पढ़ेंगे छात्र</title>
		<link>https://www.patnanow.com/along-with-engineering-students-should-also-study-sanskrit-sea-tradition/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 04 Sep 2023 07:18:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[IIT KANPUR]]></category>
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					<description><![CDATA[भारतीय गणित, भारतीय मनोविज्ञान, भारतीय रसायन विज्ञान, पदार्थ विज्ञान और धातु विज्ञान, भारतीय वास्तुकला और वास्तु शास्त्र, प्राचीन भारतीय खगोल विज्ञान, पशु आयुर्वेद, योग और भारत की सतत समुद्री परंपरा का विकास को पढ़ाया जाएगा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कानपुर में अब इंजीनियरिंग के साथ भारतीय गणित, भारतीय मनोविज्ञान, भारतीय रसायन विज्ञान, पदार्थ विज्ञान और धातु विज्ञान, भारतीय वास्तुकला और वास्तु शास्त्र, प्राचीन भारतीय खगोल विज्ञान, पशु आयुर्वेद, योग और भारत की सतत समुद्री परंपरा का विकास को पढ़ाया जाएगा. आईआईटी कानपुर ने हाल ही में भारतीय ज्ञान प्रणाली के लिए सिक्सा रिसर्च सेंटर का उद्घाटन किया था. आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर प्रो. अभय करंदीकर ने सिक्सा सेंटर के बारे में जानकारी देते हुए कहा है कि समग्र उन्नति के लिए भारतीय ज्ञान प्रणाली के सिक्सा अध्ययन केंद्र के माध्यम से, हमारा लक्ष्य भारत की विशाल ज्ञान प्रणाली को अपने शैक्षणिक पाठ्यक्रम और अनुसंधान में एकीकृत करना और इसे दुनिया के लिए असाना बनाना है. यह सेंटर रिसर्च और डेवलेपमेंट के लिए एक मंच प्रदान करेगा, और हमें उम्मीद है कि हम आईआईटी कानपुर को वैश्विक स्तर पर आईकेएस अध्ययन के लिए एक अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित करेंगे. 12 से अधिक विभाग और लगभग 20 फैकल्टी मेंबर सिक्सा सेंटर का हिस्सा हैं, जो आईआईटी कानपुर को दुनिया में आईकेएस अध्ययन में सबसे आगे ले जाएगा. अपने भाषण में प्रो. करंदीकर ने इसके बारे में बताया कि इस केंद्र का लक्ष्य आईकेएस में एक अकादमिक कार्यक्रम शुरू करना और क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रभाव पैदा करना है. केंद्र स्वास्थ्य [&#8230;]]]></description>
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<p class="has-vivid-purple-color has-text-color"><strong>भारतीय गणित, भारतीय मनोविज्ञान, भारतीय रसायन विज्ञान, पदार्थ विज्ञान और धातु विज्ञान, भारतीय वास्तुकला और वास्तु शास्त्र, प्राचीन भारतीय खगोल विज्ञान, पशु आयुर्वेद, योग और भारत की सतत समुद्री परंपरा का विकास को पढ़ाया जाएगा</strong></p>



<p>इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कानपुर में अब इंजीनियरिंग के साथ भारतीय गणित, भारतीय मनोविज्ञान, भारतीय रसायन विज्ञान, पदार्थ विज्ञान और धातु विज्ञान, भारतीय वास्तुकला और वास्तु शास्त्र, प्राचीन भारतीय खगोल विज्ञान, पशु आयुर्वेद, योग और भारत की सतत समुद्री परंपरा का विकास को पढ़ाया जाएगा. आईआईटी कानपुर ने हाल ही में भारतीय ज्ञान प्रणाली के लिए सिक्सा रिसर्च सेंटर का उद्घाटन किया था.</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-resized"><img fetchpriority="high" decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/IIT-650x390.png" alt="" class="wp-image-77806" width="587" height="352" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/IIT-650x390.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/IIT-350x210.png 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/IIT-768x461.png 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/IIT.png 1280w" sizes="(max-width: 587px) 100vw, 587px" /></figure>



<p>आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर प्रो. अभय करंदीकर ने सिक्सा सेंटर के बारे में जानकारी देते हुए कहा है कि समग्र उन्नति के लिए भारतीय ज्ञान प्रणाली के सिक्सा अध्ययन केंद्र के माध्यम से, हमारा लक्ष्य भारत की विशाल ज्ञान प्रणाली को अपने शैक्षणिक पाठ्यक्रम और अनुसंधान में एकीकृत करना और इसे दुनिया के लिए असाना बनाना है. यह सेंटर रिसर्च और डेवलेपमेंट के लिए एक मंच प्रदान करेगा, और हमें उम्मीद है कि हम आईआईटी कानपुर को वैश्विक स्तर पर आईकेएस अध्ययन के लिए एक अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित करेंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="593" height="475" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/IIT1.png" alt="" class="wp-image-77807" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/IIT1.png 593w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/IIT1-350x280.png 350w" sizes="(max-width: 593px) 100vw, 593px" /></figure>



<p>12 से अधिक विभाग और लगभग 20 फैकल्टी मेंबर सिक्सा सेंटर का हिस्सा हैं, जो आईआईटी कानपुर को दुनिया में आईकेएस अध्ययन में सबसे आगे ले जाएगा. अपने भाषण में प्रो. करंदीकर ने इसके बारे में बताया कि इस केंद्र का लक्ष्य आईकेएस में एक अकादमिक कार्यक्रम शुरू करना और क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रभाव पैदा करना है. केंद्र स्वास्थ्य और कल्याण, गणित और खगोल विज्ञान, संस्कृत और भाषाई अध्ययन, चेतना अध्ययन, पुरातत्व-धातु विज्ञान और सामग्री, दर्शन, ध्वनिकी और संगीत, और जल प्रबंधन प्रणाली सहित विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान करेगा. भारतीय ज्ञान प्रणाली (आईकेएस) में गणित, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, चिकित्सा, खगोल विज्ञान, वास्तुकला, दर्शन, कला, भाषाएं, साहित्य, सांस्कृतिक और सामाजिक प्रथाएं, परंपराएं आदि भारत में विकसित ज्ञान को शामिल करता है. ऐतिहासिक रूप से, आईकेएस के पास ज्ञान उत्पन्न करने, मान्य करने और प्रचार करने के लिए अपना स्वयं का निगम, तरीके और मानदंड हैं. भारत सरकार ने विभिन्न भारतीय ज्ञान प्रणाली (आईकेएस) विषयों पर क्यूरेटेड सामग्री वीडियो और समर्थन सामग्री विकसित करने के लिए आईआईटी कानपुर, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी बीएचयू वाराणसी, आर्यभट्ट कॉलेज (डीयू) और ट्रिनिटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पुणे समेत देशभर से 17 केंद्रों का चयन किया. इन संस्थानों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है.</p>



<p><strong>pncdesk</strong></p>
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		<title>हर दिन आएंगे 50 हजार ज्यादा मामले कोरोना मचाएगा कोहराम: आईआईटी कानपुर</title>
		<link>https://www.patnanow.com/50-thousand-more-cases-will-come-every-day-corona-will-create-havoc-iit-kanpur/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 15 Apr 2023 06:37:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
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					<description><![CDATA[कोविड का नया वैरिएंट है जो तेज गति से फैलता है एक्सपर्ट ने चेताया सावधानी बरतें लोग नहीं होगा ज्यादा खतरनाक वायरस से लड़ने की प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता अब 5 फीसदी लोगों में कम कोरोना के बढ़ते मामले एक बार फिर से डराने लगे हैं. भारत में हर दिन अब 10 हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं. ऐसे में अब आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर डॉ. मनिंद्र अग्रवाल ने डराने वाली भविष्यवाणी की है. उनका कहना है कि मई के मध्य में कोविड के मामले अपने चरम पर पहुंचने की उम्मीद है. एक मैथमेटिक्स मॉडल के आधार पर की गई भविष्यवाणी से पता चला है कि मई में लगभग 50 से 60 हजार कोविड मामले दर्ज किए जाने की संभावना है. हालांकि, एक सप्ताह के बाद एक सटीक भविष्यवाणी की जाएगी जब टीम के पास रिसर्च करने के लिए पर्याप्त डेटा होगा. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में कोरोना के 10 हजार 753 नए मामले दर्ज हुए हैं जिसके बाद देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 53 हजार 720 हो गई है. हालांकि, बीते दिन की तुलना में आज मामले कम दर्ज हुए हैं. आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर ने कोविड मामलों में उछाल के दो कारणों का हवाला दिया है. पहला कारण यह है कि वायरस से लड़ने की प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता अब 5 फीसदी लोगों में कम हो गई है. वहीं, दूसरी वजह कोविड का नया वैरिएंट है जो तेज गति से फैलता है.प्रोफेसर अग्रवाल ने कहा कि भारत [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><br></p>



<h2 class="has-vivid-red-color has-text-color wp-block-heading"><strong>कोविड का नया वैरिएंट है जो तेज गति से फैलता है</strong></h2>



<p></p>



<p><strong>एक्सपर्ट ने चेताया सावधानी बरतें लोग</strong></p>



<p><strong>नहीं होगा ज्यादा खतरनाक</strong></p>



<p><strong>वायरस से लड़ने की प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता अब 5 फीसदी लोगों में कम</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/corona1.png" alt="" class="wp-image-73145" width="744" height="458" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/corona1.png 600w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/corona1-350x215.png 350w" sizes="(max-width: 744px) 100vw, 744px" /></figure>



<p><br>कोरोना के बढ़ते मामले एक बार फिर से डराने लगे हैं. भारत में हर दिन अब 10 हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं. ऐसे में अब आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर डॉ. मनिंद्र अग्रवाल ने डराने वाली भविष्यवाणी की है. उनका कहना है कि मई के मध्य में कोविड के मामले अपने चरम पर पहुंचने की उम्मीद है. एक मैथमेटिक्स मॉडल के आधार पर की गई भविष्यवाणी से पता चला है कि मई में लगभग 50 से 60 हजार कोविड मामले दर्ज किए जाने की संभावना है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/corona.png" alt="" class="wp-image-73492" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/corona.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/corona-350x263.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>हालांकि, एक सप्ताह के बाद एक सटीक भविष्यवाणी की जाएगी जब टीम के पास रिसर्च करने के लिए पर्याप्त डेटा होगा. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में कोरोना के 10 हजार 753 नए मामले दर्ज हुए हैं जिसके बाद देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 53 हजार 720 हो गई है. हालांकि, बीते दिन की तुलना में आज मामले कम दर्ज हुए हैं. आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर ने कोविड मामलों में उछाल के दो कारणों का हवाला दिया है. पहला कारण यह है कि <strong>वायरस से लड़ने की प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता अब 5 फीसदी लोगों में कम</strong> हो गई है. वहीं, दूसरी वजह <strong>कोविड का नया वैरिएंट है जो तेज गति से फैलता है</strong>.<br>प्रोफेसर अग्रवाल ने कहा कि भारत में 90 प्रतिशत से ऊपर और उत्तर प्रदेश में लगभग 95 प्रतिशत लोगों में नेचुरल इम्यूनिटी है. अग्रवाल ने कहा कि आने वाले महीनों में 50 हजार कोरोना मामले दर्ज होंगे. हालांकि, उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश के लिए कोई बड़ी बात नहीं है, जिसकी जनसंख्या इतनी अधिक है. उनका कहना है कि ज्यादातर मामलों में लक्षण हल्के होते हैं और खांसी-जुकाम की शिकायत करने वाले लोगों का इलाज घर पर ही किया जा रहा है. ऐसे में कोविड को सामान्य फ्लू की तरह माना जाना चाहिए और यह उतना खतरनाक नहीं होगा जितना दूसरी लहर में था.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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