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		<title>IGIMS में शुरू हुआ लीवर ट्रांसप्लांट ओपीडी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[dnv md]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Sep 2021 17:36:03 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आईजीआईएमएस में सर्जिकल गस्ट्रो इंटरोलॉजी और  लिवर प्रत्यारोपण वाह्य रोग का शुभारंभसर्जिकल गस्ट्रो इंटरोलॉजी और लिवर प्रत्यारोपण में आने वाले खर्च की राशि दस लाख का अनुदान सरकार दे &#8211; मनीष मंडल  पटना ।। शनिवार को आईजीआईएमएस में सर्जिकल गैस्ट्रो इंटरोलॉजी और लिवर प्रत्यारोपण विभाग द्वारा लीवर प्रत्यारोपण वाह्य रोग का शुभारंभ किया गया. डॉ मनीष मंडल , संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि संस्थान में कई मरीज लीवर प्रत्यारोपण के लिए विभिन्न विभागों में भटकते रहते हैं. ऐसे मरीजों की तादात् दिन ब दिन बढ़ती जा रही है. अगर बिहार के आँकड़े देखे तो दस मरीज पिछले वित्तीय वर्ष में लीवर प्रत्यारोपण के लिए पंजीकृत कराये गये , जो कि दूसरे लोग से ब्रेन डेथ मरीज से ) लीवर लेकर प्रत्यारोपण करना चाह रहे थे और इस साल अप्रैल से अब तक पाँच लोग पंजीकृत हुए हैं. अगर IGIMS के आँकड़े देखें तो लगभग 100 से ज्यादा मरीजों को लीवर प्रत्यारोपण की जरूरत होती है पर जब उन्हें पता चलता है कि संस्थान में लगभग 10 लाख रूपये में तथा बिहार के बाहर लगभग 20 से 25 लाख रूपये में लीवर प्रत्यारोपण संभव हो पायेगा तो पैसे के आभाव में मरीज इलाज छोड़ देते हैं. डॉ मंडल ने कहा कि ऐसे मरीजों को संस्थान के वाह्य रोग विभाग के कमरा न. 24 में लीवर प्रत्यारोपण क्लीनिक द्वारा हर शनिवार को 10 से 12 बजे के बीच देखा जायेगा ताकि अन्य मरीजों को अलग &#8211; अलग विभाग में भटकना ना पड़े. इस स्पेशल वाह्य रोग विभाग में लीवर प्रत्यारोपण सर्जन हिपेटोलोजिस्ट के साथ मरीज की [&#8230;]]]></description>
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<p>आईजीआईएमएस में सर्जिकल गस्ट्रो इंटरोलॉजी और  लिवर प्रत्यारोपण वाह्य रोग का शुभारंभ<br>सर्जिकल गस्ट्रो इंटरोलॉजी और लिवर प्रत्यारोपण में आने वाले खर्च की राशि दस लाख का अनुदान सरकार दे &#8211; मनीष मंडल </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="409" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/07/pnc-patna-IGIMS-new.jpg" alt="" class="wp-image-47762" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/07/pnc-patna-IGIMS-new.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/07/pnc-patna-IGIMS-new-350x220.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption>IGIMS</figcaption></figure>



<p>पटना ।। शनिवार को आईजीआईएमएस  में सर्जिकल गैस्ट्रो इंटरोलॉजी और लिवर प्रत्यारोपण विभाग द्वारा लीवर प्रत्यारोपण वाह्य रोग का शुभारंभ किया गया. डॉ मनीष मंडल , संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि संस्थान में कई मरीज लीवर प्रत्यारोपण के लिए विभिन्न विभागों में भटकते रहते हैं. ऐसे मरीजों की तादात् दिन ब दिन बढ़ती जा रही है. अगर बिहार के आँकड़े देखे तो दस मरीज पिछले वित्तीय वर्ष में लीवर प्रत्यारोपण के लिए पंजीकृत कराये गये , जो कि दूसरे लोग से ब्रेन डेथ मरीज से ) लीवर लेकर प्रत्यारोपण करना चाह रहे थे और इस साल अप्रैल से अब तक पाँच लोग पंजीकृत हुए हैं. अगर IGIMS के आँकड़े देखें तो लगभग 100 से ज्यादा मरीजों को लीवर प्रत्यारोपण की जरूरत होती है पर जब उन्हें पता चलता है कि संस्थान में लगभग 10 लाख रूपये में तथा बिहार के बाहर लगभग 20 से 25 लाख रूपये में लीवर प्रत्यारोपण संभव हो पायेगा तो पैसे के आभाव में मरीज इलाज छोड़ देते हैं. डॉ मंडल ने कहा कि ऐसे मरीजों को संस्थान के वाह्य रोग विभाग के कमरा न. 24 में लीवर प्रत्यारोपण क्लीनिक द्वारा हर शनिवार को 10 से 12 बजे के बीच देखा जायेगा ताकि अन्य मरीजों को अलग &#8211; अलग विभाग में भटकना ना पड़े. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="409" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/09/IMG-20210911-WA0104.jpg" alt="" class="wp-image-55387" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/09/IMG-20210911-WA0104.jpg 409w, https://www.patnanow.com/assets/2021/09/IMG-20210911-WA0104-239x350.jpg 239w" sizes="(max-width: 409px) 100vw, 409px" /></figure>



<p>इस स्पेशल वाह्य रोग विभाग में लीवर प्रत्यारोपण सर्जन हिपेटोलोजिस्ट के साथ मरीज की विस्तृत देख रेख के साथ उचित जाँच व सलाह देंगे. इनके इलाज में प्रत्यारोपण कोडिनेटर मरीज को हर संभव मदद जाँच और इलाज के दौरान करेंगे तथा इनका ब्यौरा कम्प्यूटर के माध्यम से डाटा तैयार करेंगे ताकि हर मरीज के हर जाँच व इलाज की पूर्ण जानकारी का डेटा संस्थान में उपलब्ध रहे. इसमें ऐसे मरीज जब भी वाह्य रोग विभाग में दुबारा आयेंगे तो कम्प्यूटर के माध्यम से ही उनका सारा जाँच व इलाज का ब्यौरा संबधित चिकित्सक कमरा नं. 24 में देखकर इलाज कर सकेंगे. डॉ मंडल ने बताया कि सरकार से आग्रह किया जायेगा कि लीवर प्रत्यारोपण में अन्य प्रत्यारोपण की तरह 10 लाख रूपये अनुदान देने की व्यवस्था की जाए ताकि ऐसे मरीज को लीवर प्रत्यारोपण कर जान बचाई जा सके तथा बिहार के बाहर मरीज को न जाना पड़े । इस मौके पर डॉ मनीष मंडल , डॉ संजय कुमार , डॉ साकेत कुमार , डॉ अमरजीत कुमार राज , डॉ राकेश कुमार सिंह , डॉ ओम प्रकाश , डॉ मनीष साह समेत संस्थान के कई चिकित्सक मौजुद थे.</p>



<p><strong><em>अजीत</em></strong></p>
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