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	<title>Hospital for animals &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>राज्य के पशु अस्पतालों में जल्द शुरू होगी डायग्नोस्टिक सेंटर और एक्स-रे की सुविधा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 15 Jan 2026 15:51:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार पशु विज्ञान विवि में फीड इंडस्ट्री और वैज्ञानिकों की बैठक फुलवारी शरीफ। अजीत।। पटना के फुलवारी शरीफ स्थित बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के अंगीभूत बिहार पशुचिकित्सा महाविद्यालय के पशु पोषण विभाग द्वारा गुरुवार को फीड इंडस्ट्री–अकादेमिया इंटरफेस मीट का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में फीड की गुणवत्ता, मानकीकरण और पशुपालकों को बेहतर एवं किफायती पशु आहार उपलब्ध कराने पर विस्तार से चर्चा हुई. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के निदेशक, पशुपालन उज्ज्वल कुमार सिंह ने कहा कि फीड इंडस्ट्री, सरकार और वैज्ञानिकों का एक मंच पर आना सराहनीय पहल है. यह राज्य और पशुपालकों के हित में मील का पत्थर साबित होगी. उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण पशु आहार से पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर होता है और दूध, मांस व अंडा उत्पादन में वृद्धि होती है. उन्होंने फीड निर्माण से लेकर वितरण तक गुणवत्ता नियंत्रण और निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने बताया कि राज्य के सभी जिलों में जल्द ही पशुओं के लिए आधुनिक डायग्नोस्टिक सेंटर और एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. इंद्रजीत सिंह ने कहा कि फीड इंडस्ट्री के माध्यम से ही पशुपालकों और किसानों तक वास्तविक लाभ पहुंच सकता है. उन्होंने बताया कि पशुपालन में लगभग 70 प्रतिशत खर्च फीड पर होता है, इसलिए उचित मूल्य पर उच्च गुणवत्ता वाला फीड उपलब्ध कराना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि बिहार मक्का उत्पादन में अग्रणी है और स्थानीय स्तर पर मक्का उपयोग से फीड की लागत कम की जा सकती है. गुरु अंगद देव पशुचिकित्सा [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>बिहार पशु विज्ञान विवि में फीड इंडस्ट्री और वैज्ञानिकों की बैठक</strong></p>



<p>फुलवारी शरीफ। अजीत।। पटना के फुलवारी शरीफ स्थित बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के अंगीभूत बिहार पशुचिकित्सा महाविद्यालय के पशु पोषण विभाग द्वारा गुरुवार को फीड इंडस्ट्री–अकादेमिया इंटरफेस मीट का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में फीड की गुणवत्ता, मानकीकरण और पशुपालकों को बेहतर एवं किफायती पशु आहार उपलब्ध कराने पर विस्तार से चर्चा हुई.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-veterinary-meeting-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94248" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-veterinary-meeting-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-veterinary-meeting-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-veterinary-meeting-1536x1023.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के निदेशक, पशुपालन उज्ज्वल कुमार सिंह ने कहा कि फीड इंडस्ट्री, सरकार और वैज्ञानिकों का एक मंच पर आना सराहनीय पहल है. यह राज्य और पशुपालकों के हित में मील का पत्थर साबित होगी. उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण पशु आहार से पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर होता है और दूध, मांस व अंडा उत्पादन में वृद्धि होती है. उन्होंने फीड निर्माण से लेकर वितरण तक गुणवत्ता नियंत्रण और निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने बताया कि राज्य के सभी जिलों में जल्द ही पशुओं के लिए आधुनिक डायग्नोस्टिक सेंटर और एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/1000667942-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-94251" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/1000667942-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/1000667942-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/1000667942-1536x1023.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. इंद्रजीत सिंह ने कहा कि फीड इंडस्ट्री के माध्यम से ही पशुपालकों और किसानों तक वास्तविक लाभ पहुंच सकता है. उन्होंने बताया कि पशुपालन में लगभग 70 प्रतिशत खर्च फीड पर होता है, इसलिए उचित मूल्य पर उच्च गुणवत्ता वाला फीड उपलब्ध कराना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि बिहार मक्का उत्पादन में अग्रणी है और स्थानीय स्तर पर मक्का उपयोग से फीड की लागत कम की जा सकती है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1012" height="592" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-meeting-veterinary-college.jpg" alt="" class="wp-image-94247" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-meeting-veterinary-college.jpg 1012w, https://www.patnanow.com/assets/2026/01/pnc-meeting-veterinary-college-650x380.jpg 650w" sizes="(max-width: 1012px) 100vw, 1012px" /></figure>



<p>गुरु अंगद देव पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, लुधियाना के अतिरिक्त निदेशक डॉ. परमिंदर सिंह ने पशुधन एवं कुक्कुट आहार की वर्तमान स्थिति पर व्याख्यान दिया. उन्होंने फीड की उपलब्धता, गुणवत्ता और लागत से जुड़ी चुनौतियों पर प्रकाश डाला. डीन, स्नातकोत्तर शिक्षा प्रो. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि मक्का, सोयाबीन, सरसों खली, डीडीजीएस और राइस पॉलिश जैसे कच्चे माल की वैज्ञानिक जांच आवश्यक है. उन्होंने फीड में पोषक तत्वों के संतुलन और अफ्लाटॉक्सिन नियंत्रण पर जोर दिया.<br>पशु पोषण विभाग के सह-प्राध्यापक डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने विभागीय गतिविधियों और बिहार के लिए विकसित मिनरल मिक्सचर ‘बासुमिन’ की जानकारी दी. स्वागत भाषण सह-प्राध्यापक डॉ. कौशलेंद्र कुमार ने दिया. बैठक में कई फीड उद्योगों ने विश्वविद्यालय के छात्रों को अपने प्लांट में प्रशिक्षण देने पर सहमति जताई. इस मीट में बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों से 28 से अधिक फीड कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए. कार्यक्रम में बिहार पशुचिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. जे.के. प्रसाद, संजय गांधी गव्य प्रौद्योगिकी संस्थान के डीन डॉ. उमेश सिंह, निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. एन.एस. दहिया, निदेशक शोध डॉ. एन.के. सिंह, विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. संजय कुमार सहित बड़ी संख्या में वैज्ञानिक, शिक्षक, उद्योग प्रतिनिधि और छात्र उपस्थित रहे.</p>
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