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		<title>दिल में छेद वाले 29 बच्चों का हुआ इलाज, अहमदाबाद से पटना पहुंचे</title>
		<link>https://www.patnanow.com/29-bachon-ka-hua-dil-me-chhed-ka-operation/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Jun 2022 04:00:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
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					<description><![CDATA[अहमदाबाद से जन्म से दिल में छेद की बीमारी का इलाज कराकर पटना पहुंचे 29 बच्चे बाल हृदय योजना के तहत सरकार ने आने जाने समेत इलाज का खर्च किया वहनप्रशान्ति मेडिकल सर्विसेज एंड रिसर्च फाउण्डेशन के सहयोग से हुआ इलाज पटना,4 जून. जन्म से दिल में छेद की बीमारी का इलाज कराकर अहमदाबाद से 29 बच्चे गुरुवार की देर रात को वायुयान से पटना लौटे. सभी बच्चे पूरी तरह से स्वाथ्य हैं. सभी बच्चे को देर रात को ही अपने अभिभावक के साथ उनके घर के लिए रवाना कर दिया गया. पिछले माह मई में इन बच्चों को इलाज के लिए अहमदाबाद भेजा गया था. प्रशान्ति मेडिकल सर्विसेज एंड रिसर्च फाउण्डेशन के सहयोग से बच्चों का इलाज कराया गया। अहमदाबाद के श्री सत्य साईं ह्रदय अस्पताल में बच्चों का आपरेशन किया गया. ‘‘बाल हृदय योजना’’ कार्यक्रम के तहत दी जा रही सुविधा सुशासन के कार्यक्रम (2020-2025) के अन्तर्गत आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय-2 में शामिल ‘‘सबके लिए अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधा’’ अन्तर्गत हृदय में छेद के साथ जन्में बच्चों के निःशुल्क उपचार की व्यवस्था हेतु स्वीकृत नई योजना ‘‘बाल हृदय योजना’’ कार्यक्रम के तहत यह सुविधा प्रदान की जा रही है। अभी तक 300 से अधिक बच्&#x200d;चों का हो चुका है सफल आपरेशन राज्य सरकार हृदय में छेद की समस्या से जूझ रहे बच्चों के इलाज के लिए फरवरी 2021 में बाल हृदय योजना की शुरुआत की थी। पहले बैच में 2 अप्रैल को 21 बच्चे को इलाज के लिए अहमदाबाद भेजा गया। अभी तक राज्य सरकार के खर्च पर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>अहमदाबाद से जन्म से दिल में छेद की बीमारी का इलाज कराकर पटना पहुंचे 29 बच्चे</strong></p>



<p><strong>बाल हृदय योजना के तहत सरकार ने आने जाने समेत इलाज का खर्च किया वहन<br>प्रशान्ति मेडिकल सर्विसेज एंड रिसर्च फाउण्डेशन के सहयोग से हुआ इलाज</strong></p>



<p>पटना,4 जून. जन्म से दिल में छेद की बीमारी का इलाज कराकर अहमदाबाद से 29 बच्चे गुरुवार की देर रात को वायुयान से पटना लौटे. सभी बच्चे पूरी तरह से स्वाथ्य हैं. सभी बच्चे को देर रात को ही अपने अभिभावक के साथ उनके घर के लिए रवाना कर दिया गया. पिछले माह मई में इन बच्चों को इलाज के लिए अहमदाबाद भेजा गया था. प्रशान्ति मेडिकल सर्विसेज एंड रिसर्च फाउण्डेशन के सहयोग से बच्चों का इलाज कराया गया। अहमदाबाद के श्री सत्य साईं ह्रदय अस्पताल में बच्चों का आपरेशन किया गया.</p>



<p><strong>‘‘बाल हृदय योजना’’ कार्यक्रम के तहत दी जा रही सुविधा</strong></p>



<p>सुशासन के कार्यक्रम (2020-2025) के अन्तर्गत आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय-2 में शामिल ‘‘सबके लिए अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधा’’ अन्तर्गत हृदय में छेद के साथ जन्में बच्चों के निःशुल्क उपचार की व्यवस्था हेतु स्वीकृत नई योजना ‘‘बाल हृदय योजना’’ कार्यक्रम के तहत यह सुविधा प्रदान की जा रही है।</p>



<p><strong>अभी तक 300 से अधिक बच्&#x200d;चों का हो चुका है सफल आपरेशन</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="315" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220603-WA0021.jpg" alt="" class="wp-image-63081" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220603-WA0021.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220603-WA0021-350x170.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>राज्य सरकार हृदय में छेद की समस्या से जूझ रहे बच्चों के इलाज के लिए फरवरी 2021 में बाल हृदय योजना की शुरुआत की थी। पहले बैच में 2 अप्रैल को 21 बच्चे को इलाज के लिए अहमदाबाद भेजा गया। अभी तक राज्य सरकार के खर्च पर तीन सौ से अधिक बच्चों के ह्रदय की छेद का सफल आपरेशन किया जा चुका है।</p>



<p>राज्य सरकार द्वारा 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चे के साथ माँ के अतिरिक्त एक और परिजन के खर्च भी वहन करती है। राज्य के बाहर के चिन्हित चैरिटेबल ट्रस्ट अस्पताल/ निजी अस्पताल में चिकित्सा के लिए आने जाने के लिए परिवहन भाड़े के रूप में बाल हृदय रोगी के लिये 5,000 रूपये एवं अटेंडेंट के लिए अधिकतम धन राशि भी 5,000 हजार रूपये से बढ़ाकर 10,000 रूपये कर दी गई है, जिसका वहन राज्य सरकार करती है। उनके साथ एक समन्वयक भी रहेंगे, जो इलाज के बाद बच्चों के साथ वापस आएंगे। बच्चों का नि:शुल्क उपचार किया जाएगा।</p>



<p>बच्चों में होने वाले जन्मजात रोगों में हृदय में छेद होना एक गंभीर समस्या/बीमारी है। एक अध्ययन के अनुसार जन्म लेने वाले 1000 बच्चों में से 9 बच्चे जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित होते हैं, जिनमें से लगभग 25 प्रतिशत नवजात बच्चों को प्रथम वर्ष में शल्य क्रिया की आवश्यकता रहती है.</p>



<p><strong>PNCB</strong></p>
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