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	<title>Higher education &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<description>Patna News Portal - हर ख़बर पर नज़र</description>
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		<title>बिहार की डिग्री अब ऑनलाइन, 30 सितंबर तक सभी यूनिवर्सिटी को NAD पर अपलोड करना अनिवार्य</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 21 Aug 2026 18:11:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार के 17 विश्वविद्यालयों के डिग्री-अंकपत्र अब ऑनलाइन, 30 सितंबर तक NAD पोर्टल पर होगा अपलोड पटना ।। बिहार के छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है. अब राज्य के सभी 17 विश्वविद्यालयों की डिग्री, अंकपत्र और अन्य शैक्षणिक प्रमाण-पत्र National Academic Depository-NAD और Academic Credit Bank-ACB पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध होंगे. राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को बिहार लोक भवन में हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया. क्या हैं नए निर्देश? 1. डेडलाइन तयसभी विश्वविद्यालयों को लंबित डिग्री और अंकपत्र 30 सितंबर 2026 तक NAD और ACB पोर्टल पर अपलोड करने होंगे. प्रगति की समीक्षा अब हर 15 दिन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी. 2. पुराने रिकॉर्ड भी डिजिटल होंगेबिहार की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए पुराने हस्तलिखित और कागजी रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण के लिए पोर्टल 1 सितंबर से 31 अक्टूबर 2026 तक फिर से खोला जाएगा. इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग कर्मी उपलब्ध कराएगा. 3. एक जैसा फॉर्मेट बनेगापुराने अंक-आधारित प्रमाण-पत्रों को एक समान तरीके से अपलोड करने के लिए साझा प्रारूप तैयार किया जाएगा. इसे पटना, मगध, बी.आर.ए. बिहार, वीर कुंवर सिंह और एल.एन. मिथिला विश्वविद्यालय मिलकर अंतिम रूप देंगे. 4. हर यूनिवर्सिटी में IT प्रभारीतकनीकी मदद के लिए प्रत्येक राज्य विश्वविद्यालय में एक IT प्रबंधक तैनात किया जाएगा. ये डिजिटलीकरण, अपलोड और पोर्टल की दिक्कतों में मदद करेंगे. छात्रों को क्या फायदा?अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने कहा कि शैक्षणिक अभिलेखों के डिजिटल होने से छात्रों को डिग्री और प्रमाण-पत्र कहीं से भी आसानी और [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>बिहार के 17 विश्वविद्यालयों के डिग्री-अंकपत्र अब ऑनलाइन, 30 सितंबर तक NAD पोर्टल पर होगा अपलोड</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-dipak-kumar-Singh-meeting-on-degree-scaled.jpeg" alt="" class="wp-image-98699" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-dipak-kumar-Singh-meeting-on-degree-scaled.jpeg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-dipak-kumar-Singh-meeting-on-degree-650x433.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-dipak-kumar-Singh-meeting-on-degree-1536x1024.jpeg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-dipak-kumar-Singh-meeting-on-degree-2048x1365.jpeg 2048w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br><em>पटना </em>।। बिहार के छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है. अब राज्य के सभी 17 विश्वविद्यालयों की डिग्री, अंकपत्र और अन्य शैक्षणिक प्रमाण-पत्र <strong><em>National Academic Depository-NAD</em> और <em>Academic Credit Bank-ACB</em> </strong>पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध होंगे.</p>



<p>राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव <em>दीपक कुमार सिंह</em> की अध्यक्षता में गुरुवार को बिहार लोक भवन में हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया.</p>



<p><strong>क्या हैं नए निर्देश?</strong></p>



<p><em>1. डेडलाइन तय</em><br>सभी विश्वविद्यालयों को लंबित डिग्री और अंकपत्र 30 सितंबर 2026 तक NAD और ACB पोर्टल पर अपलोड करने होंगे. प्रगति की समीक्षा अब हर 15 दिन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-meeting-on-degree-upload-scaled.jpeg" alt="" class="wp-image-98700" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-meeting-on-degree-upload-scaled.jpeg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-meeting-on-degree-upload-650x433.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-meeting-on-degree-upload-1536x1024.jpeg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-meeting-on-degree-upload-2048x1365.jpeg 2048w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><em>2. पुराने रिकॉर्ड भी डिजिटल होंगे</em><br>बिहार की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए पुराने हस्तलिखित और कागजी रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण के लिए पोर्टल <em>1 सितंबर से 31 अक्टूबर 2026</em> तक फिर से खोला जाएगा. इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग कर्मी उपलब्ध कराएगा.</p>



<p><em>3. एक जैसा फॉर्मेट बनेगा</em><br>पुराने अंक-आधारित प्रमाण-पत्रों को एक समान तरीके से अपलोड करने के लिए साझा प्रारूप तैयार किया जाएगा. इसे पटना, मगध, बी.आर.ए. बिहार, वीर कुंवर सिंह और एल.एन. मिथिला विश्वविद्यालय मिलकर अंतिम रूप देंगे.</p>



<p><em>4. हर यूनिवर्सिटी में IT प्रभारी</em><br>तकनीकी मदद के लिए प्रत्येक राज्य विश्वविद्यालय में एक IT प्रबंधक तैनात किया जाएगा. ये डिजिटलीकरण, अपलोड और पोर्टल की दिक्कतों में मदद करेंगे.</p>



<p><em>छात्रों को क्या फायदा?</em><br>अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने कहा कि शैक्षणिक अभिलेखों के डिजिटल होने से छात्रों को डिग्री और प्रमाण-पत्र कहीं से भी आसानी और तुरंत मिल सकेंगे. नौकरी, उच्च शिक्षा और विदेश में पढ़ाई के लिए दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-online-degree-upload-meeting-scaled.jpeg" alt="" class="wp-image-98701" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-online-degree-upload-meeting-scaled.jpeg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-online-degree-upload-meeting-650x433.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-online-degree-upload-meeting-1536x1024.jpeg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-online-degree-upload-meeting-2048x1365.jpeg 2048w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बैठक में सभी विश्वविद्यालयों के परीक्षा नियंत्रक और NAD-ABC के राष्ट्रीय समन्वयक<em> प्रकाश कुमार पाण्डेय</em> भी मौजूद थे.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<item>
		<title>राज्यपाल ने उच्च शिक्षा में सुधार के लिए दिए अहम निर्देश</title>
		<link>https://www.patnanow.com/governor-on-education/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 18:06:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Education reform]]></category>
		<category><![CDATA[Governor syed ata Hasnain]]></category>
		<category><![CDATA[Higher education]]></category>
		<category><![CDATA[Samarth portal]]></category>
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					<description><![CDATA[• समर्थ पोर्टल का अधिकाधिक उपयोग करें और डेटा को सुरक्षित रखें• विद्यार्थियों के साथ संवाद करें, उनकी समस्याओं व अपेक्षाओं को समझें और उनके लिए सकारात्मक माहौल बनायें• पीएच॰डी॰ में नामांकित छात्र जो संविदा पर नियुक्ति में सफल हुए हैं उनके लिए विशेष प्रावधान उन्होंने समर्थ पोर्टल के क्रियान्वयन को उच्च शिक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए इसका अधिकाधिक उपयोग करने तथा विश्वविद्यालयों के आंकड़ों के सावधानीपूर्वक सुरक्षित रखने पर जोर दिया ताकि ताकि भविष्य में डेटा के नुकसान या उसे दोबारा जुटाने की समस्या न हो. उन्होंने कहा कि आगे चलकर समर्थ को विश्वविद्यालयों की सभी प्रमुख गतिविधियों के संचालन का मुख्य डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया जाना चाहिए.जेनरेशन-जी के संदर्भ में राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों को युवाओं की बदलती सोच और आकांक्षाओं को समझना होगा. उन्होंने विद्यार्थियों के साथ संवाद के जरिए उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को समझने तथा उनके लिए सकारात्मक माहौल बनाने पर जोर दिया.राज्यपाल ने कहा कि वैसे अभ्यर्थी जो विभिन्न विश्वविद्यालयों में पीएच॰डी॰ में नामांकित हैं एवं संविदा नियुक्ति में सफल हुए हैं, उनके लिए विशेष निर्देश जारी किया जायेगा, ताकि उन्हें पीएच॰डी॰ बीच में छोड़ना नहीं पड़े एवं वे अपनी संविदा नियुक्ति के साथ-साथ शोध कार्य भी ससमय सम्पन्न कर सकें.राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में पुस्तकालयों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अच्छी और प्रभावी पुस्तकालय विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता का अहम हिस्सा है. उन्होंने विश्वविद्यालयों से पुस्तकालयों की सुविधाओं की समीक्षा करने और जहाँ संभव हो, उनके संचालन का समय बढ़ाने का आग्रह किया, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><br>• <strong>समर्थ पोर्टल का अधिकाधिक उपयोग करें और डेटा को सुरक्षित रखें<br>• विद्यार्थियों के साथ संवाद करें, उनकी समस्याओं व अपेक्षाओं को समझें और उनके लिए सकारात्मक माहौल बनायें<br>• पीएच॰डी॰ में नामांकित छात्र जो संविदा पर नियुक्ति में सफल हुए हैं उनके लिए विशेष प्रावधान</strong></p>



<pre class="wp-block-code"><code>        
पटना।। राज्यपाल-सह-कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने बिहार लोक भवन में राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ आयोजित बैठक में कहा कि बिहार में उच्च शिक्षा की व्यवस्था में बेहतर बदलाव आ रहे हैं. उन्होंने कुलपतियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि व्यवस्था में बड़े बदलाव की नहीं, बल्कि समय-समय पर जरूरी सुधार और बेहतर समन्वय की जरूरत है. उन्होंने कहा कि नीतियाँ बदलती रहती हैं, लेकिन उनका सही अर्थ समझना और सही तरीके से लागू करना जरूरी है.</code></pre>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-governor-syed-ata-Hasnain-1-scaled.jpeg" alt="" class="wp-image-98475" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-governor-syed-ata-Hasnain-1-scaled.jpeg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-governor-syed-ata-Hasnain-1-650x433.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-governor-syed-ata-Hasnain-1-1536x1023.jpeg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने समर्थ पोर्टल के क्रियान्वयन को उच्च शिक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए इसका अधिकाधिक उपयोग करने तथा विश्वविद्यालयों के आंकड़ों के सावधानीपूर्वक सुरक्षित रखने पर जोर दिया ताकि ताकि भविष्य में डेटा के नुकसान या उसे दोबारा जुटाने की समस्या न हो. उन्होंने कहा कि आगे चलकर समर्थ को विश्वविद्यालयों की सभी प्रमुख गतिविधियों के संचालन का मुख्य डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया जाना चाहिए.<br>जेनरेशन-जी के संदर्भ में राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों को युवाओं की बदलती सोच और आकांक्षाओं को समझना होगा. उन्होंने विद्यार्थियों के साथ संवाद के जरिए उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को समझने तथा उनके लिए सकारात्मक माहौल बनाने पर जोर दिया.<br>राज्यपाल ने कहा कि वैसे अभ्यर्थी जो विभिन्न विश्वविद्यालयों में पीएच॰डी॰ में नामांकित हैं एवं संविदा नियुक्ति में सफल हुए हैं, उनके लिए विशेष निर्देश जारी किया जायेगा, ताकि उन्हें पीएच॰डी॰ बीच में छोड़ना नहीं पड़े एवं वे अपनी संविदा नियुक्ति के साथ-साथ शोध कार्य भी ससमय सम्पन्न कर सकें.<br>राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में पुस्तकालयों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अच्छी और प्रभावी पुस्तकालय विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता का अहम हिस्सा है. उन्होंने विश्वविद्यालयों से पुस्तकालयों की सुविधाओं की समीक्षा करने और जहाँ संभव हो, उनके संचालन का समय बढ़ाने का आग्रह किया, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधा मिल सके.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-governor-meeting-s-a-Hasnain-scaled.jpeg" alt="" class="wp-image-98474" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-governor-meeting-s-a-Hasnain-scaled.jpeg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-governor-meeting-s-a-Hasnain-650x433.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-governor-meeting-s-a-Hasnain-1536x1023.jpeg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने विश्वविद्यालयों की सामाजिक जिम्मेदारी पर भी जोर दिया. उन्होंने गाँवों और संस्थानों को गोद लेने की पहल को आगे बढ़ाने तथा टीबी मुक्त भारत और टीबी मुक्त बिहार अभियान में विश्वविद्यालयों की सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि जरूरतमंद टीबी मरीजों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने जैसे प्रयासों में विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.<br>राज्यपाल नेे विश्वविद्यालयों में बेहतर संवाद और सही जानकारी की जरूरत पर भी जोर देते हुए कहा कि कुलपतियों को अपने शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ नियमित संवाद रखना चाहिए और नीतियों से जुड़ी सही जानकारी समय पर साझा करनी चाहिए.<br>बैठक में शैक्षणिक सत्रों को नियमित करने, डिग्रियों को डिजिलॉकर पर उपलब्ध कराने, परीक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाने तथा विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता को विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई.<br>राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा से जुड़ी नीतियों और फैसलों का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को सुविधा देना होना चाहिए. उन्होंने विश्वविद्यालयों से समन्वय के साथ काम करते हुए उच्च शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने का आह्वान किया.<br>इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव  दीपक कुमार सिंह, राज्यपाल के शिक्षा सलाहकार प्रो बिनोद कुमार त्रिपाठी एवं बिहार लोक भवन के अन्य पदाधिकारीगण भी उपस्थित थे.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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			</item>
		<item>
		<title>विश्वविद्यालय शिक्षकों के क्षमता विकास के लिए बिहार लोक भवन ने की पहल</title>
		<link>https://www.patnanow.com/faculty-development-program/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 10:26:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar education]]></category>
		<category><![CDATA[Faculty development program]]></category>
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		<category><![CDATA[MMTTC]]></category>
		<category><![CDATA[Teacher training]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रशिक्षण और पेशेवर विकास की एक व्यवस्थित व्यवस्था होगी तैयार सभी विश्वविद्यालय और महाविद्यालय होंगे शामिल पटना पटना। 12 अगस्त, 2026।। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप राज्य के विश्वविद्यालयों एवं संबद्ध महाविद्यालयों में शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने और उनके निरंतर पेशेवर विकास के लिए बिहार लोक भवन द्वारा एक व्यापक योजना तैयार की गई है. इस संबंध में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की क्षमता, शिक्षण कौशल और अकादमिक दक्षता को लगातार बेहतर बनाना है. उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण और पेशेवर विकास की एक व्यवस्थित व्यवस्था तैयार की जा रही है.उन्होंने बताया कि योजना को बिहार में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा स्थापित मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केन्द्र (MMTTC) के माध्यम से लागू किया जाएगा. ये दोनों केन्द्र पटना विश्वविद्यालय तथा बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर में स्थापित हैं. अपर मुख्य सचिव ने बताया कि पूरी योजना को चार स्तरों में लागू किया जाएगा और इसकी निगरानी बिहार लोक भवन की संचालन समिति करेगी. दोनों MMTTC सभी विश्वविद्यालयों के साथ समन्वय कर प्रशिक्षण कार्यक्रम को विश्वविद्यालय से लेकर महाविद्यालय स्तर तक संचालित करेंगे.उन्होंने ने बताया कि इसके लिए सभी विश्वविद्यालयों में फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) की व्यवस्था की गई है. प्रत्येक विश्वविद्यालय में कुलपति द्वारा नोडल पदाधिकारी और सहायक नोडल पदाधिकारी नामित किए जा चुके हैं. इसी तरह संबद्ध महाविद्यालयों में प्रशिक्षण कार्यक्रम के संचालन के लिए प्राचार्यों द्वारा समन्वयक और [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>प्रशिक्षण और पेशेवर विकास की एक व्यवस्थित व्यवस्था होगी तैयार </strong></p>



<p><strong>सभी विश्वविद्यालय और महाविद्यालय होंगे शामिल <code>पटना </code></strong></p>



<p>पटना। <code>12 अगस्त, 2026।। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप राज्य के विश्वविद्यालयों एवं संबद्ध महाविद्यालयों में शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने और उनके निरंतर पेशेवर विकास के लिए बिहार लोक भवन द्वारा एक व्यापक योजना तैयार की गई है</code>. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="759" height="387" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-bihar-lokbhawan.jpg" alt="" class="wp-image-97122" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-bihar-lokbhawan.jpg 759w, https://www.patnanow.com/assets/2026/06/pnc-bihar-lokbhawan-650x331.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 759px) 100vw, 759px" /></figure>



<p>इस संबंध में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की क्षमता, शिक्षण कौशल और अकादमिक दक्षता को लगातार बेहतर बनाना है. उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण और पेशेवर विकास की एक व्यवस्थित व्यवस्था तैयार की जा रही है.<br>उन्होंने बताया कि योजना को बिहार में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा स्थापित मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केन्द्र (MMTTC) के माध्यम से लागू किया जाएगा. ये दोनों केन्द्र पटना विश्वविद्यालय तथा बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर में स्थापित हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1000" height="680" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/05/pnc-ias-deepak-kumar-singh.jpg" alt="" class="wp-image-90220" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/05/pnc-ias-deepak-kumar-singh.jpg 1000w, https://www.patnanow.com/assets/2025/05/pnc-ias-deepak-kumar-singh-650x442.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /></figure>



<p>अपर मुख्य सचिव ने बताया कि पूरी योजना को चार स्तरों में लागू किया जाएगा और इसकी निगरानी बिहार लोक भवन की संचालन समिति करेगी. दोनों MMTTC सभी विश्वविद्यालयों के साथ समन्वय कर प्रशिक्षण कार्यक्रम को विश्वविद्यालय से लेकर महाविद्यालय स्तर तक संचालित करेंगे.<br>उन्होंने ने बताया कि इसके लिए सभी विश्वविद्यालयों में फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) की व्यवस्था की गई है. प्रत्येक विश्वविद्यालय में कुलपति द्वारा नोडल पदाधिकारी और सहायक नोडल पदाधिकारी नामित किए जा चुके हैं. इसी तरह संबद्ध महाविद्यालयों में प्रशिक्षण कार्यक्रम के संचालन के लिए प्राचार्यों द्वारा समन्वयक और सहायक समन्वयक नियुक्त किए गए हैं.<br>योजना के तहत प्रत्येक विश्वविद्यालय और महाविद्यालय में हर वर्ष छः दिवसीय एफडीपी आयोजित किया जाएगा. इसमें कुल 36 घंटे की अकादमिक गतिविधियाँ होंगी. प्रशिक्षण के विषय यूजीसी द्वारा स्वीकृत मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के अनुरूप होंगे.<br>कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राज्यपाल के शिक्षा सलाहकार प्रो॰ बी॰के॰ त्रिपाठी द्वारा चार दिवसीय कार्ययोजना तैयार की है. इसके तहत सभी विश्वविद्यालयों के नोडल एवं सहायक नोडल पदाधिकारियों तथा संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों, समन्वयकों एवं सहायक समन्वयकों के साथ 10 से 13 अगस्त, 2026 तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विस्तृत चर्चा की जा रही है.<br>इन बैठकों में एफडीपी के संचालन, प्रशिक्षण की रूपरेखा, अकादमिक गतिविधियों, जिम्मेदारियों और आपसी समन्वय की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की जाएगी.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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			</item>
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		<title>बिहार के सभी उच्च शिक्षण संस्थान नैक से मूल्यांकित होंगे</title>
		<link>https://www.patnanow.com/education-meeting-on-higher-education/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 22 Nov 2022 15:47:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को नैक से मूल्यांकित होना चाहिए. इसके लिए राज्य सरकार कृत संकल्पित है. नैक से शिक्षण संस्थानों को काफी फायदा मिलता है. इसके लिए राज्य स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित की जा रही है. चरणबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है. ई लाइब्रेरी के लिए इनफ्लिबनेट के साथ समझौता ज्ञापन किया जा रहा है. सुधार के उपाय पर लगातार प्रयास किया जा रहा है. इसके लिए नैक बेंगलुरु की टीम के साथ भी एक बैठक बुलाए जाने की योजना बनाई जा रही है. राज्य सरकार द्वारा नैक से मूल्यांकन हेतु एक कार्य योजना भी बनाई गई है. सभी संस्थानों को मिलकर प्रयास करना चाहिए कि अधिक से अधिक संस्थान मूल्यांकित हो सके. ये बातें आज उच्च शिक्षा के मदन मोहन झा सभागार में आयोजित कुलपतियों की नैक कराए जाने हेतु वीडियो कांफ्रेंसिंग में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने कही. आज अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बिहार के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों के प्रमुख के साथ एक बैठक आयोजित की गई थी.कार्यक्रम में शिक्षा सचिव ने नैक करवाने हेतु चरणबद्ध तरीके से काम करने की आवश्यकता पर बल दिया. अल्पकालिक, मध्यकालिक, दीर्घकालिक योजना बनाकर कार्य करने को कहा. नैक के समन्वयक / नोडल अधिकारी को पूर्ण सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही.शिक्षा सलाहकार प्रो एन के अग्रवाल ने पावर प्वाइंट के माध्यम से नैक से मूल्यांकन हेतु रोडमैप की प्रस्तुति दी. मूल्यांकन हेतु किए जाने वाले उपायों को बताया. कुलपति पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय प्रो आर के सिंह ने भी अपने [&#8230;]]]></description>
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<p>बिहार के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को नैक से मूल्यांकित होना चाहिए. इसके लिए राज्य सरकार कृत संकल्पित है. नैक से शिक्षण संस्थानों को काफी फायदा मिलता है. इसके लिए राज्य स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित की जा रही है. चरणबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है. ई लाइब्रेरी के लिए इनफ्लिबनेट के साथ समझौता ज्ञापन किया जा रहा है. सुधार के उपाय पर लगातार प्रयास किया जा रहा है. इसके लिए नैक बेंगलुरु की टीम के साथ भी एक बैठक बुलाए जाने की योजना बनाई जा रही है. राज्य सरकार द्वारा नैक से मूल्यांकन हेतु एक कार्य योजना भी बनाई गई है. सभी संस्थानों को मिलकर प्रयास करना चाहिए कि अधिक से अधिक संस्थान मूल्यांकित हो सके. ये बातें आज उच्च शिक्षा के मदन मोहन झा सभागार में आयोजित कुलपतियों की नैक कराए जाने हेतु वीडियो कांफ्रेंसिंग में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने कही. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="354" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/11/pnc-ias-deepak-kumar-singh-on-higher-education.jpg" alt="" class="wp-image-68992" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/11/pnc-ias-deepak-kumar-singh-on-higher-education.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/11/pnc-ias-deepak-kumar-singh-on-higher-education-350x191.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>आज अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बिहार के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों के प्रमुख के साथ एक बैठक आयोजित की गई थी.<br>कार्यक्रम में शिक्षा सचिव ने नैक करवाने हेतु चरणबद्ध तरीके से काम करने की आवश्यकता पर बल दिया. अल्पकालिक, मध्यकालिक, दीर्घकालिक योजना बनाकर कार्य करने को कहा. नैक के समन्वयक / नोडल अधिकारी को पूर्ण सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही.<br>शिक्षा सलाहकार प्रो एन के अग्रवाल ने पावर प्वाइंट के माध्यम से नैक से मूल्यांकन हेतु रोडमैप की प्रस्तुति दी. मूल्यांकन हेतु किए जाने वाले उपायों को बताया. कुलपति पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय प्रो आर के सिंह ने भी अपने अनुभव को बताया. उपस्थित सभी संस्थानों के प्रमुख ने अपने अपने विचारों से सब<span style="font-size: revert; color: initial;">को अवगत कराया.</span></p>



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