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	<title>Highcourt order &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>&#8216;हाईकोर्ट के आदेश का स्वागत, नियमित भुगतान के लिए तैयार हो स्पष्ट रोडमैप&#8217;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[dnv md]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 05 May 2024 08:51:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन ऑफ बिहार (फुटैब) ने राजभवन, कुलपतियों और शिक्षा विभाग के बीच जारी गतिरोध को दूर करने के उद्देश्य से पटना उच्च न्यायालय के आदेशों का स्वागत किया है. बता दें कि शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों के बैंक खातों पर रोक लगा दिया था जिसके परिणाम स्वरूप विश्वविद्यालयों का कामकाज ठप हो गया था. ऐसी कार्रवाई बिना किसी ठोस कारण के और शायद ऐसा करने की किसी शक्ति के बिना, बैंक खातों पर रोक लगाई गई, जिससे शिक्षकों और कर्मचारियों को महीनों तक पारिवारिक पेंशन सहित उनके वेतन, पेंशन से वंचित रखा गया. फुटाब के कार्यकारी अध्यक्ष कन्हैया बहादुर सिन्हा और महासचिव संजय कुमार सिंह , विधान पार्षद ने कहा कि कोर्ट ने अकाउंट फ्रीजिंग को तत्काल वापस लेने का सही आदेश दिया है. कन्हैया बहादुर ने कहा कि यह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि अपमानजनक भी है कि विश्वविद्यालयों को अपने वैधानिक कामकाज को सुनिश्चित करने के लिए अदालत की शरण में जाना पड़ा, यह पूरे देश में इस तरह का पहला मामला है. उन्होंने कहा, प्रतिशोध पूर्ण आदेश व्यक्ति के सभी अच्छे कार्यों को निष्प्रभावी कर देते हैं. उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश से 6 तारीख को विश्वविद्यालयों और सरकारी अधिकारियों के बीच बैठक होनी है. एजेंडा प्रसारित कर दिया गया है. लेकिन दुर्भाग्य से कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे जैसे एसोसिएशन के गठन और उसकी सदस्यता ग्रहण करने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने जैसे असंवैधानिक पत्र को वापस लेना और विभाग के अव्यवहारिक आदेशों का विरोध करने वालों के वेतन और पेंशन पर [&#8230;]]]></description>
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<p>पटना।। फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन ऑफ बिहार (फुटैब) ने राजभवन, कुलपतियों और शिक्षा विभाग के बीच जारी गतिरोध को दूर करने के उद्देश्य से पटना उच्च न्यायालय के आदेशों का स्वागत किया है. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/high-court-650x488.png" alt="" class="wp-image-77741" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/high-court-650x488.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/high-court-350x263.png 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/high-court.png 730w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>बता दें कि शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों के बैंक खातों पर रोक लगा दिया था जिसके परिणाम स्वरूप विश्वविद्यालयों का कामकाज ठप हो गया था. ऐसी कार्रवाई बिना किसी ठोस कारण के और शायद ऐसा करने की किसी शक्ति के बिना, बैंक खातों पर रोक लगाई गई, जिससे शिक्षकों और कर्मचारियों को महीनों तक पारिवारिक पेंशन सहित उनके वेतन, पेंशन से वंचित रखा गया. फुटाब के कार्यकारी अध्यक्ष कन्हैया बहादुर सिन्हा और महासचिव संजय कुमार सिंह , विधान पार्षद ने कहा कि कोर्ट ने अकाउंट फ्रीजिंग को तत्काल वापस लेने का सही आदेश दिया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="343" height="558" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/05/PNC-futab-on-highcourt-order.jpg" alt="" class="wp-image-84036"/></figure>



<p>कन्हैया बहादुर ने कहा कि यह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि अपमानजनक भी है कि विश्वविद्यालयों को अपने वैधानिक कामकाज को सुनिश्चित करने के लिए अदालत की शरण में जाना पड़ा, यह पूरे देश में इस तरह का पहला मामला है. उन्होंने कहा, प्रतिशोध पूर्ण आदेश व्यक्ति के सभी अच्छे कार्यों को निष्प्रभावी कर देते हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="389" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/01/PNC-Shiksha-vibhag-education-department-1.jpg" alt="" class="wp-image-58656" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/01/PNC-Shiksha-vibhag-education-department-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/01/PNC-Shiksha-vibhag-education-department-1-350x209.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश से 6 तारीख को विश्वविद्यालयों और सरकारी अधिकारियों के बीच बैठक होनी है. एजेंडा प्रसारित कर दिया गया है. लेकिन दुर्भाग्य से कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे जैसे एसोसिएशन के गठन और उसकी सदस्यता ग्रहण करने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने जैसे असंवैधानिक पत्र को वापस लेना और विभाग के अव्यवहारिक आदेशों का विरोध करने वालों के वेतन और पेंशन पर रोक लगाने वाले आदेशों को वापस लेना तथा वेतन और पेंशन का मासिक भुगतान का विषय एजेंडे से गायब हैं.<br>वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए अभी तक कोई अनुदान जारी नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विभाग वित्तीय वर्ष के अंत तक भी बजट समीक्षा बैठकें आयोजित करता रहता है, हमेशा दो तीन महीने के अंतराल पर अनुदान तदर्थ रुप में विमुक्त होती है. उन्होंने मांग की कि ऐसे कई मामलों में उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार भुगतान को नियमित करने के लिए एक स्पष्ट रोड मैप तैयार किया जाए.<br>उन्होंने कहा कि जब तक शिक्षकों-छात्रों से संबंधित मुद्दों का समाधान नहीं हो जाता, केवल अहं की संतुष्टि के लिए कुलपतियों के साथ बैठकें करने से परिसर में सामान्य स्थिति नहीं लौटेगी.<br>उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश का साफ मतलब है कि बीच में आए मुद्दों को टुकड़ों में नहीं बल्कि समग्रता में सुलझाया जाए.</p>



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