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	<title>HIGH COURT ORDER &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>राजीव नगर के पीड़ितों को मिलेगा  5-5 लाख रुपए मुआवजा</title>
		<link>https://www.patnanow.com/the-victims-of-rajiv-nagar-will-get-rs-5-lakh-compensation/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 25 May 2023 06:55:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[राजीव नगर के पीड़ितों को हाईकोर्ट​​​ ने दिया 5-5 लाख रुपए मुआवजा देने का निर्देश नेपाली नगर में तोड़े गए मकानों का दें मुआवजा 2000 से ज्यादा परिवार वालों को मिली राहत 2018 से पहले बने मकानों का होगा सेटलमेंट हाईकोर्ट ने कहा नेपाली नगर में प्रशासन की कार्रवाई पूरी तरह से गलत है. लोगों को न नोटिस दिया. ना अपील करने का वक्त दिया. जिन घरों पर प्रशासन ने कार्रवाई की है वो अतिक्रमणकारी नहीं हैं. नेपाली नगर के लोगों के लिए ही दीघा स्पेशल सेटलमेंट एक्ट और स्कीम बनी थी. राज्य सरकार ने पालन नहीं किया. अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को हाईकोर्ट ने रद्द किया है. राजीव नगर आवास बोर्ड की जमीन पर बने अवैध अतिक्रमण पर पटना हाईकोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाया है. आवास बोर्ड और प्रशासन की ओर से लगाई गई याचिका को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है. न्यायधीश संदीप कुमार की बेंच ने तोड़े गए मकान के बदले पांच-पांच लाख मुआवजा देने का निर्देश दिया है. साथ ही 2018 के पहले बने हुए मकानों का सेटलमेंट करने का निर्देश भी जारी किया है. याचिका पर करीब चार महीने पहले न्यायधीश संदीप कुमार की बेंच में सुनवाई पूरी हो गई थी. कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था. लंबे इंतजार के बाद गुरुवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया. इससे 400 एकड़ में रहे रहे 2000 से ज्यादा परिवार वालों को राहत मिली है.21 जुलाई 2022 को जिला प्रशासन की टीम नेपाली नगर में अतिक्रमण हटाने पहुंची थी. टीम का कहना था कि लोगों को नोटिस [&#8230;]]]></description>
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<p></p>



<p><strong>राजीव नगर के पीड़ितों को हाईकोर्ट​​​ ने दिया 5-5 लाख रुपए मुआवजा देने का  निर्देश</strong></p>



<p><strong>नेपाली नगर में तोड़े गए मकानों का दें मुआवजा</strong></p>



<p><strong>2000 से ज्यादा परिवार वालों को मिली राहत</strong></p>



<p><strong>2018 से पहले बने मकानों का होगा सेटलमेंट</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="600" height="450" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/nepali-nagr-1.png" alt="" class="wp-image-74682" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/nepali-nagr-1.png 600w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/nepali-nagr-1-350x263.png 350w" sizes="(max-width: 600px) 100vw, 600px" /></figure>



<p class="has-pale-cyan-blue-background-color has-background">हाईकोर्ट ने कहा</p>



<p class="has-pale-cyan-blue-background-color has-background">नेपाली नगर में प्रशासन की कार्रवाई पूरी तरह से गलत है.</p>



<p class="has-pale-cyan-blue-background-color has-background">लोगों को न नोटिस दिया. ना अपील करने का वक्त दिया.</p>



<p class="has-pale-cyan-blue-background-color has-background">जिन घरों पर प्रशासन ने कार्रवाई की है वो अतिक्रमणकारी नहीं हैं.</p>



<p class="has-pale-cyan-blue-background-color has-background">नेपाली नगर के लोगों के लिए ही दीघा स्पेशल सेटलमेंट एक्ट और स्कीम बनी थी. राज्य सरकार ने पालन नहीं किया.</p>



<p class="has-pale-cyan-blue-background-color has-background">अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को हाईकोर्ट ने रद्द किया है.</p>



<p>राजीव नगर आवास बोर्ड की जमीन पर बने अवैध अतिक्रमण पर पटना हाईकोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाया है. आवास बोर्ड और प्रशासन की ओर से लगाई गई याचिका को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है. न्यायधीश संदीप कुमार की बेंच ने तोड़े गए मकान के बदले पांच-पांच लाख मुआवजा देने का निर्देश दिया है. साथ ही 2018 के पहले बने हुए मकानों का सेटलमेंट करने का निर्देश भी जारी किया है. याचिका पर करीब चार महीने पहले न्यायधीश संदीप कुमार की बेंच में सुनवाई पूरी हो गई थी. कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था. लंबे इंतजार के बाद गुरुवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="640" height="360" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/rajiv-nagar.png" alt="" class="wp-image-74683" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/rajiv-nagar.png 640w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/rajiv-nagar-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></figure>



<p> इससे 400 एकड़ में रहे रहे 2000 से ज्यादा परिवार वालों को राहत मिली है.21 जुलाई 2022 को जिला प्रशासन की टीम नेपाली नगर में अतिक्रमण हटाने पहुंची थी. टीम का कहना था कि लोगों को नोटिस दे दिया गया है. सभी अवैध कब्जा बनाकर रह रहे हैं. वहीं लोगों का कहना था कि हमें कोई नोटिस नहीं दिया गया है. हम यहां कई सालों से रह रहे हैं. इसके बाद भी नेपाली नगर की 40 एकड़ की जमीन को कब्जे में लेने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी. पुलिस की कार्रवाई का लोगों ने विरोध किया था. पुलिस और अतिक्रमणकारियों के बीच झड़प भी हुई थी. कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे. इस पूरे मामले को लेकर राजीव नगर थाने में दो अलग-अलग केस दर्ज किए गए थे.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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			</item>
		<item>
		<title>लोक गायिका पद्मभूषण शारदा सिन्हा की पेंशन का फौरन भुगतान करें : हाई कोर्ट</title>
		<link>https://www.patnanow.com/pay-the-pension-of-folk-singer-padmabhushan-sharda-sinha-immediately-high-court/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 28 Apr 2023 04:53:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
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					<description><![CDATA[कला के विकास की बात करने वाली सुशासन की सरकार की खुली पोल पांच वर्षों से लंबित है पेंशन ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी में बतौर संगीत शिक्षिका थी कार्यरत गायिका शारदा सिन्हा को भारत सरकार द्वारा पद्मश्री और पद्मभूषण पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है. उन्होंने हिंदी, भोजपुरी, मैथिली समेत तमात भाषाओं में गीत गाए हैं. छठ का पर्व तो शारदा सिन्हा के गीतों के बिना अधूरा माना जाता है.लेकिन अपने ही राज्य में उन्हें जीवन यापन के लिए पेशन का भुगतान नहीं किया जारहा है.मामला जब कोर्ट में पहुंचा तब जाकर आदेश हुआ कि जल्द से जल्द उनका पेंशन दिया जाए. पटना हाईकोर्ट ने बिहार कोकिला के नाम से मशहूर लोक गायिका पद्मभूषण शारदा सिन्हा को उनकी सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन नहीं देने के मामले में शिक्षा विभाग एवं ललित  नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी से जवाब तलब किया है.न्यायाधीश पूर्णेंदु सिंह की एकलपीठ ने उनकी पेंशन का भुगतान फौरन किए जाने का निर्देश दिया है. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विकास कुमार ने कोर्ट को बताया कि 1979 में याचिकाकर्ता की नियुक्ति ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी में बतौर संगीत शिक्षिका के तौर पर हुई थी और वह समस्तीपुर स्थित महिला महाविद्यालय से 2017 में रिटायर हुई थीं. उसके बाद विश्वविद्यालय शिक्षकों की नियुक्तियों में गड़बड़ी पाते हुए एक जांच बिठाई गई. इसमें सात लोगों की नियुक्तियों में गड़बड़ी पाई गई। जांच में शारदा सिन्हा का भी नाम आया लेकिन इसका कोई आधार नहीं है।.कोर्ट ने उच्च शिक्षा निदेशक को आदेश दिया कि प्रख्यात लोक गायिका शारदा सिन्हा की पेंशन का फौरन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p></p>



<p><strong>कला के विकास की बात करने वाली सुशासन की सरकार की खुली पोल</strong></p>



<p><strong>पांच वर्षों से लंबित है पेंशन</strong></p>



<p><strong>ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी में बतौर संगीत शिक्षिका थी कार्यरत </strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/sharda.jpg" alt="" class="wp-image-73784" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/sharda.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/sharda-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="285" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/09/PNC-Sharda-Sinha-starnded-in-her-house-650x285.png" alt="" class="wp-image-41460" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/09/PNC-Sharda-Sinha-starnded-in-her-house.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/09/PNC-Sharda-Sinha-starnded-in-her-house-350x153.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p class="has-vivid-red-color has-text-color"><strong>गायिका शारदा सिन्हा को भारत सरकार द्वारा पद्मश्री और पद्मभूषण पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है. उन्होंने हिंदी, भोजपुरी, मैथिली समेत तमात भाषाओं में गीत गाए हैं. छठ का पर्व तो शारदा सिन्हा के गीतों के बिना अधूरा माना जाता है.लेकिन अपने ही राज्य में उन्हें जीवन यापन के लिए पेशन का भुगतान नहीं किया जारहा है.मामला जब कोर्ट में पहुंचा तब जाकर आदेश हुआ कि जल्द से जल्द उनका पेंशन दिया जाए.</strong></p>



<p> पटना हाईकोर्ट ने बिहार कोकिला के नाम से <strong>मशहूर लोक गायिका पद्मभूषण शारदा सिन्हा</strong> को उनकी सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन नहीं देने के मामले में शिक्षा विभाग एवं ललित  नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी से जवाब तलब किया है.न्यायाधीश पूर्णेंदु सिंह की एकलपीठ ने उनकी पेंशन का भुगतान फौरन किए जाने का निर्देश दिया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/images-1.jpg" alt="" class="wp-image-73783" width="686" height="384"/></figure>



<p>याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विकास कुमार ने कोर्ट को बताया कि 1979 में याचिकाकर्ता की नियुक्ति ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी में बतौर संगीत शिक्षिका के तौर पर हुई थी और वह समस्तीपुर स्थित महिला महाविद्यालय से 2017 में रिटायर हुई थीं. उसके बाद विश्वविद्यालय शिक्षकों की नियुक्तियों में गड़बड़ी पाते हुए एक जांच बिठाई गई. इसमें सात लोगों की नियुक्तियों में गड़बड़ी पाई गई। जांच में शारदा सिन्हा का भी नाम आया लेकिन इसका कोई आधार नहीं है।.कोर्ट ने उच्च शिक्षा निदेशक को आदेश दिया कि प्रख्यात लोक गायिका शारदा सिन्हा की पेंशन का फौरन भुगतान करने का आदेश दिया है.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कोर्ट अवमानना पड़ी भारी, 9 जनवरी को पेशी का आदेश</title>
		<link>https://www.patnanow.com/court-avmanana-pada-bhari-sarkar-ke-peshi-ka-aadesh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Jan 2023 03:26:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
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		<category><![CDATA[कोर्ट अवमानना]]></category>
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					<description><![CDATA[वेतन और पेंशन लटकाने पर कोर्ट नाराज सरकार को उपस्थित होने का आदेश विश्वविद्यालयों 6 सालों से अधर में लटका है 7 वें वेतन पेंशन का बकाया आरा, 7 जनवरी. विश्वविद्यालय शिक्षकों के 6 साल से अधर में लटके 7वें वेतन पेंशन के बकाए पर कोर्ट के आदेश के बाद सरकार के कच्छप गति और कान पर जूं न रेंगने पर कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सरकार को 9 जनवरी को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है. आगामी सोमवार को वर्षों से लंबित इस मामले में निजात मिलने की आशंका है. विश्वविद्यालय शिक्षकों को नियमित पेंशन/वेतन भुगतान संबंधी पटना उच्च न्यायालय के 2018 के एक आदेश का अनुपालन नहीं होने के विरूद्ध दायर अवमानना याचिका 341/2021, अमरेश शांडिल्य बनाम बिहार सरकार में पटना उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने अतिरिक्त मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह को आगामी सोमवार (9 जनवरी ) को न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है. बिहार राज्य विश्वविद्यालय शिक्षक महासंघ (फुटाब) ने एक विज्ञप्ति जारी कर इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के के.के. सिन्हा, महासचिव,सेवानिवृत्त शिक्षक संघ द्वारा दायर याचिका CWJC 17619/2016 को एक जनहित याचिका में परिवर्तित करते हुए, तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश एमआर शाह और न्यायमूर्ति आशुतोष कुमार की एक खंडपीठ द्वारा 8 अक्तूबर 2018 को पारित आदेश में माननीय न्यायालय ने सरकार को निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को पेंशन आदि का भुगतान प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह तक सुनिश्चित करने हेतु राज्य सरकार सेवानिवृत्त कर्मचारियों को देय वेतन/पेंशन का [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>वेतन और पेंशन लटकाने पर कोर्ट नाराज सरकार को उपस्थित होने का आदेश</strong></p>



<p><strong>विश्वविद्यालयों 6 सालों से अधर में लटका है 7 वें वेतन पेंशन का बकाया</strong></p>



<p>आरा, 7 जनवरी. विश्वविद्यालय शिक्षकों के 6 साल से अधर में लटके 7वें वेतन पेंशन के बकाए पर कोर्ट के आदेश के बाद सरकार के कच्छप गति और कान पर जूं न रेंगने पर कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सरकार को 9 जनवरी को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है. आगामी सोमवार को वर्षों से लंबित इस मामले में निजात मिलने की आशंका है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="598" height="299" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/sambhavana-2.jpg" alt="" class="wp-image-66680" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/sambhavana-2.jpg 598w, https://www.patnanow.com/assets/2022/09/sambhavana-2-350x175.jpg 350w" sizes="(max-width: 598px) 100vw, 598px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-large is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/02/PNC-PATNA-HIGH-COURT-PIC-650x366.png" alt="" class="wp-image-38510" width="366" height="205" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/02/PNC-PATNA-HIGH-COURT-PIC.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/02/PNC-PATNA-HIGH-COURT-PIC-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 366px) 100vw, 366px" /></figure>



<p>विश्वविद्यालय शिक्षकों को नियमित पेंशन/वेतन भुगतान संबंधी पटना उच्च न्यायालय के 2018 के एक आदेश का अनुपालन नहीं होने के विरूद्ध दायर अवमानना याचिका 341/2021, अमरेश शांडिल्य बनाम बिहार सरकार में पटना उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने अतिरिक्त मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह को आगामी सोमवार (9 जनवरी ) को न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है.</p>



<p>बिहार राज्य विश्वविद्यालय शिक्षक महासंघ (फुटाब) ने एक विज्ञप्ति जारी कर इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के के.के. सिन्हा, महासचिव,सेवानिवृत्त शिक्षक संघ द्वारा दायर याचिका CWJC 17619/2016 को एक जनहित याचिका में परिवर्तित करते हुए, तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश एमआर शाह और न्यायमूर्ति आशुतोष कुमार की एक खंडपीठ द्वारा 8 अक्तूबर 2018 को पारित आदेश में माननीय न्यायालय ने सरकार को निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को पेंशन आदि का भुगतान प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह तक सुनिश्चित करने हेतु राज्य सरकार सेवानिवृत्त कर्मचारियों को देय वेतन/पेंशन का अनुदान अग्रिम रूप से जारी करे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="325" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_VKSUAra.jpg" alt="" class="wp-image-53470" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_VKSUAra.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_VKSUAra-350x175.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>कार्यकारी अध्यक्ष कन्हैया बहादुर सिन्हा और संजय कुमार सिंह, एमएलसी, महासचिव, फ़ुटाब, ने कहा कि माननीय न्यायालय ने 22 दिसंबर 2022 को अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए टिप्पणी की और कहा कि जब सरकारी कर्मचारियों को समय पर पेंशन भुगतान हो जाता है तो विश्वविद्यालय कर्मियों को क्यों नहीं किया जाता है? सरकार द्वारा अपना जवाब निर्धारित तिथि को दाखिल नहीं करने पर कोर्ट ने नाराज़गी व्यक्त करते हुए जुर्माना लगाना चाहा ,लेकिन राज्य के वकील के आग्रह पर इसके लिए समय देने पर सहमति बनी.</p>



<p>इस मामले में 3 जनवरी 2023 को मामले की फिर से सुनवाई हुई. महासंघ ने बताया कि सरकार के हलफनामे से संतुष्ट नहीं होने पर अदालत ने अतिरिक्त मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग को आने वाले सोमवार (9/1/23) को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेशी के लिए बुलाया है. फुटाब नेताओं ने मौजूदा स्थिति के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि 8 अक्टूबर 2018 के अदालत के आदेश के बाद से कुछ भी सुधार नहीं हुआ है. राज्य का बजट जिसमें विश्वविद्यालयों का बजट भी शामिल है, हालांकि हर साल फरवरी/मार्च में पारित किया जाता है लेकिन विश्वविद्यालयों के लिए बजटीय आवंटन को अगस्त/सितंबर से पहले शिक्षा और वित्त विभाग द्वारा मंजूरी नहीं दी जाती है जिससे बड़ी कठिनाई उत्पन्न हो जाती है. ऐसी शिथिलता समक्ष से परे है.</p>



<p>विश्वविद्यालयों के लिए वित्त वर्ष 2022-23 के बजट को अंतिम रूप देने का हवाला देते हुए, उन्होंने बताया कि तीन महीने का एडहॉक अनुदान जून में जारी किया गया था और अगस्त 2022 से फरवरी 2023 के आवंटन को पत्र संख्या 89 दिनांक 22/10/22 के माध्यम से अंतिम रूप दिया गया था.</p>



<p>आश्चर्यजनक रूप से जेपी विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पूर्णिया विश्वविद्यालय, संस्कृत विश्वविद्यालय के लिए अगस्त से अक्टूबर तक केवल तीन महीने की पेंशन और बीएन मंडल विश्वविद्यालय के लिए दिसंबर तक आवंटित किया गया, आवंटन आदेश में इसका कोई कारण नहीं बताया गया. दिसंबर के अनुदान में तो जेपी विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पूर्णिया विश्वविद्यालय और संस्कृत विश्वविद्यालय में पेंशन मद में शून्य आवंटन था. न तो विश्वविद्यालय और न ही सरकार इसके लिए कोई तर्क देती है. यहां तक कि डी.ए. अप-टू-डेट नहीं है.</p>



<p>1/1/16 से पहले सेवानिवृत्त हो चुके लोगों के लिए 7 वें वेतन पेंशन का बकाया सभी विश्वविद्यालयों को अभी तक जारी नहीं किया गया है और 1/1/16 के बाद सेवानिवृत्त होने वालों के लिए बकाया को आंशिक रूप से जारी किया गया है, जो उन्हें 1/1/16 से अप्रैल 2019 तक के पूर्ण सेवानिवृत्ति लाभों से वंचित करता है.</p>



<p>उन्होंने आरोप लगाया कि पारंपरिक विश्वविद्यालय सरकार की प्राथमिकता सूची से बाहर हो गए हैं. इस तथ्य के बावजूद कि केवल ये विश्वविद्यालय हीं 2030 तक राष्ट्रीय औसत तक जीईआर तक पहुंचने के सरकार के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद कर सकते हैं और गरीब और वंचित वर्ग की उच्च शिक्षा की महत्वाकांक्षाओं को पूरा कर सकते हैं. समाजिक न्याय की अवधारणा की नीति पर चलने का दावा करने वाली सरकार का यह संवैधानिक दायित्व भी है कि वह शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग के प्रति भी न्याय करे.</p>



<p>आरा से <strong>ओ पी पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>
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			</item>
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		<title>नगर निकाय चुनाव पर सबसे बड़ा अपडेट</title>
		<link>https://www.patnanow.com/high-court-on-nikay-chunav/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[dnv md]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 04 Oct 2022 09:49:12 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[Nagar nigam chunav]]></category>
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					<description><![CDATA[आज की सबसे बड़ी खबर पटना हाई कोर्ट से है. हाईकोर्ट ने आरक्षित सीटों पर चुनाव नहीं कराने का आदेश जारी किया है. हाईकोर्ट ने कहा कि बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को नहीं माना जिसकी वजह से आरक्षित सीटों पर चुनाव कराने की इजाजत नहीं दी जा सकती. पटना हाईकोर्ट ने बिहार निर्वाचन आयोग पर भी सवाल खड़े किए हैं. स्थानीय निकाय के चुनाव में अब ओबीसी और ईबीसी पदों के आरक्षण नहीं होने पर इन्हें सामान्य सीट के रूप मे अधिसूचित कर चुनाव कराए जाएंगे. चीफ जस्टिस संजय करोल एवं संजय कुमार की खंडपीठ ने सुनील कुमार व अन्य की याचिकाओं पर सभी पक्षों को सुनने के बाद 29 सितम्बर, 2022 को फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे आज सुनाया गया. दरअसल बिहार में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को नहीं मानने की वजह से हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश जारी किया है. दिसंबर 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि स्थानीय निकायों में ईबीसी के लिए आरक्षण की अनुमति तब तक नहीं दी जा सकती, जब तक कि सरकार 2010 में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा निर्धारित तीन जांच की अर्हता पूरी नहीं कर लेती. तीन जांच के प्रावधानों के तहत ईबीसी के पिछड़ापन पर आंकड़े जुटाने के लिए एक विशेष आयोग गठित करने और आयोग के सिफरिशों के मद्देनजर प्रत्येक स्थानीय निकाय में आरक्षण का अनुपात तय करने की जरूरत है. साथ ही ये भी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि SC/ST/EBC के लिए आरक्षण की सीमा कुल उपलब्ध सीटों के 50% की सीमा को [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>आज की सबसे बड़ी खबर पटना हाई कोर्ट से है. हाईकोर्ट ने आरक्षित सीटों पर चुनाव नहीं कराने का आदेश जारी किया है. हाईकोर्ट ने कहा कि बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को नहीं माना जिसकी वजह से आरक्षित सीटों पर चुनाव कराने की इजाजत नहीं दी जा सकती. पटना हाईकोर्ट ने बिहार निर्वाचन आयोग पर भी सवाल खड़े किए हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="340" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/08/PNC-Patna-High-Court-1-650x340.png" alt="" class="wp-image-40842" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/08/PNC-Patna-High-Court-1.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/08/PNC-Patna-High-Court-1-350x183.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>स्थानीय निकाय के चुनाव में अब ओबीसी और ईबीसी पदों के आरक्षण नहीं होने पर इन्हें सामान्य सीट के रूप मे अधिसूचित कर चुनाव कराए जाएंगे. चीफ जस्टिस संजय करोल एवं संजय कुमार की खंडपीठ ने सुनील कुमार व अन्य की याचिकाओं पर सभी पक्षों को सुनने के बाद 29 सितम्बर, 2022 को फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे आज सुनाया गया. दरअसल बिहार में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को नहीं मानने की वजह से हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश जारी किया है. दिसंबर 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि स्थानीय निकायों में ईबीसी के लिए आरक्षण की अनुमति तब तक नहीं दी जा सकती, जब तक कि सरकार 2010 में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा निर्धारित तीन जांच की अर्हता पूरी नहीं कर लेती. तीन जांच के प्रावधानों के तहत ईबीसी के पिछड़ापन पर आंकड़े जुटाने के लिए एक विशेष आयोग गठित करने और आयोग के सिफरिशों के मद्देनजर प्रत्येक स्थानीय निकाय में आरक्षण का अनुपात तय करने की जरूरत है. साथ ही ये भी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि SC/ST/EBC के लिए आरक्षण की सीमा कुल उपलब्ध सीटों के 50% की सीमा को नहीं पार करे.</p>



<p><strong>जदयू ने केंद्र सरकार को ठहराया जिम्मेदार</strong> </p>



<p>जदयू नेता उपेन्द्र कुशवाहा ने इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि जदयू जल्द ही केन्द्र सरकार और भाजपा की साज़िश के खिलाफ आंदोलन करेगा.</p>



<figure class="wp-block-embed is-type-rich is-provider-twitter wp-block-embed-twitter"><div class="wp-block-embed__wrapper">
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true"><p lang="hi" dir="ltr">केन्द्र सरकार और भाजपा के इस साज़िश के खिलाफ जद (यू.) आंदोलन करेगा। शीघ्र ही पार्टी कार्यक्रम की घोषणा करेगी। <a href="https://t.co/zPCsyOWLP1">https://t.co/zPCsyOWLP1</a></p>&mdash; Upendra Kushwaha (@UpendraKushRLM) <a href="https://twitter.com/UpendraKushRLM/status/1577215724967596033?ref_src=twsrc%5Etfw">October 4, 2022</a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
</div></figure>



<p><strong>कुशवाहा के बयान पर भाजपा ने सरकार पर बोला हमला </strong></p>



<p>हाईकोर्ट के आदेश के बाद पहले उपेंद्र कुशवाहा ने केंद्र सरकार पर हमला बोला जिसके जवाब में भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि बिहार सरकार बिना तैयारी के कोर्ट कैसे चली गई. भाजपा प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा कि बिना तैयारी के चुनाव प्रक्रिया शुरू ही क्यों की गई. </p>



<figure class="wp-block-embed is-type-rich is-provider-twitter wp-block-embed-twitter"><div class="wp-block-embed__wrapper">
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true"><p lang="hi" dir="ltr">जेडीयू नेता शर्म करें कि पिछड़ा- अति पिछड़ा समाज की हकमारी करके अब दांत निपोरकर विक्टिम कार्ड खेलना चाह रहे हैं। <br><br>वाह भाई! चोरी भी और सीनाजोरी भी।<br><br>नीतीश कुमार जवाब दो- आयोग का गठन क्यों नहीं किया? बिना तैयारी के चुनावी प्रक्रिया क्यों शुरू की? बिना तैयारी के कोर्ट में क्यों गए? <a href="https://t.co/8rjCUqh3gA">https://t.co/8rjCUqh3gA</a></p>&mdash; Nikhil Anand (Modi Ka Parivar) (@NikhilAnandBJP) <a href="https://twitter.com/NikhilAnandBJP/status/1577222578111856640?ref_src=twsrc%5Etfw">October 4, 2022</a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
</div></figure>



<p>कोर्ट के इस आदेश के बाद 10 अक्टूबर को होने वाला पहला चरण का चुनाव टल सकता है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<item>
		<title>अवैध निर्माण पर चलेगा नगर परिषद का हथौड़ा</title>
		<link>https://www.patnanow.com/phulwari-awaidh-nirman-tutega/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amit Verma]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Nov 2017 18:32:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[APARTMENT TUTEGA]]></category>
		<category><![CDATA[HIGH COURT ORDER]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[अवैध निर्माण]]></category>
		<category><![CDATA[फुलवारीशरीफ]]></category>
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					<description><![CDATA[छह अपार्टमेन्ट में ही अवैध निर्माण रॉयल पाम  का टूटेगा दो फ्लोर अन्य पांच अपार्टमेन्ट का टूटेगा सिर्फ बालकनी और छज्जा पटना हाइकोर्ट के आदेश पर नगरपरिषद फुलवारी शरीफ क्षेत्र अधिकार में नियम कानून ताक पर रख कर कराये गये बारह अर्पाटमेन्ट  के अवैध निर्माण पर कारवाई शुरू हो  गयी . मंगलवार को सबसे पहले साकेत बिहार स्थित रॉयल पाम का उपरी दो फलोर पर चलेगा नगर परिषद का हथौडा . इसके लिए नगर परिषद ने जेसीबी , हथौड़ा और मजदूरों को अलर्ट पर रखा है तथा जिला प्रशासन से भी बल एवं दण्डाधिकारी मौजूद रहेंगे. सूत्रोॆ की मानें तो बारह में छह अपार्टमेन्ट पर कार्रवाई होगी . शेष छह अर्पाटन्ट की समंजन रिर्पार्ट कोर्ट को दी जा चुकी है . पटना हाईकोर्ट के आदेश के सम्बन्ध में नगर परिषद का कोई भी अधिकारी बात करने को तैयार नहीं है. इन छह अर्पामेन्टो में पांच अर्पामेन्टो में परिवार रह रहे है जब कि रायल पाम में कोई परिवार नही रहता है . हाई कोर्ट के आदेश के बाद नगर परिषद के पदाधिकारी से लेकर कर्मचारीयों में भी हडकंप मचा हुआ है . इस बाबत कोई भी कुछ भी बोलने केलिए तैयार नही है . सूत्र बताते है कि अवैध निर्माण 7 नवंबर से लेकर 23 नंवबर तक तोडा जाना है . नगर  परिषद की माने तो पूर्नेन्दू नगर के सारण विहार अर्पाटमेंट की उचाई 2 प्वाइंट 83 मीटर ,  फ्रंट  में 0 प्वाइंट 25 मीटर  , पीछे केहिस्सेका 0प्वाइंट 36 मीटर , साइड में 0प्वाइंट 36 मीटर भाग तोडा जायेगा. [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>छह अपार्टमेन्ट में ही अवैध निर्माण</strong></p>
<p><strong>रॉयल पाम  का टूटेगा दो फ्लोर</strong></p>
<p><strong>अन्य पांच अपार्टमेन्ट का टूटेगा सिर्फ बालकनी और छज्जा</strong></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-15096" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/03/PNC-PATNA-HIGH-COURT-PIC-650x474.jpg" alt="" width="650" height="474" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/03/PNC-PATNA-HIGH-COURT-PIC.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/03/PNC-PATNA-HIGH-COURT-PIC-350x255.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p>पटना हाइकोर्ट के आदेश पर नगरपरिषद फुलवारी शरीफ क्षेत्र अधिकार में नियम कानून ताक पर रख कर कराये गये बारह अर्पाटमेन्ट  के अवैध निर्माण पर कारवाई शुरू हो  गयी . मंगलवार को सबसे पहले साकेत बिहार स्थित रॉयल पाम का उपरी दो फलोर पर चलेगा नगर परिषद का हथौडा . इसके लिए नगर परिषद ने जेसीबी , हथौड़ा और मजदूरों को अलर्ट पर रखा है तथा जिला प्रशासन से भी बल एवं दण्डाधिकारी मौजूद रहेंगे. सूत्रोॆ की मानें तो बारह में छह अपार्टमेन्ट पर कार्रवाई होगी . शेष छह अर्पाटन्ट की समंजन रिर्पार्ट कोर्ट को दी जा चुकी है . पटना हाईकोर्ट के आदेश के सम्बन्ध में नगर परिषद का कोई भी अधिकारी बात करने को तैयार नहीं है.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-25317" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/11/pnc-phulwari-ke-ekta-nagar-ke-royal-palm-apartment-ka-do-floor-tutega.jpg" alt="" width="591" height="600" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/11/pnc-phulwari-ke-ekta-nagar-ke-royal-palm-apartment-ka-do-floor-tutega.jpg 591w, https://www.patnanow.com/assets/2017/11/pnc-phulwari-ke-ekta-nagar-ke-royal-palm-apartment-ka-do-floor-tutega-345x350.jpg 345w" sizes="(max-width: 591px) 100vw, 591px" /></p>
<p>इन छह अर्पामेन्टो में पांच अर्पामेन्टो में परिवार रह रहे है जब कि रायल पाम में कोई परिवार नही रहता है . हाई कोर्ट के आदेश के बाद नगर परिषद के पदाधिकारी से लेकर कर्मचारीयों में भी हडकंप मचा हुआ है . इस बाबत कोई भी कुछ भी बोलने केलिए तैयार नही है . सूत्र बताते है कि अवैध निर्माण 7 नवंबर से लेकर 23 नंवबर तक तोडा जाना है .</p>
<p>नगर  परिषद की माने तो पूर्नेन्दू नगर के सारण विहार अर्पाटमेंट की उचाई 2 प्वाइंट 83 मीटर ,  फ्रंट  में 0 प्वाइंट 25 मीटर  , पीछे केहिस्सेका 0प्वाइंट 36 मीटर , साइड में 0प्वाइंट 36 मीटर भाग तोडा जायेगा. पूर्णनेन्दू नगर के ही लक्षमी इंक्लेव की उचाई 3 प्वाइंट 13 मीटर ,फ्रंट  0 प्वाइंट 81मीटर  ,बाये से 0 प्वाइंट 69 मीटर एंव दाये से 1प्वाइंट14 मीटर का हिस्सा टूटेगा. पूर्णनेन्दू नगर के रघुराज टावर की उंचाई 4 मीटर ,फ्रंट 0प्वाइंट34मीटर ,पीछेसे 0 प्वाइंट  6 मीटर , बायेसे 0 प्वाइंट 48मीटर , दाये से 0  प्वाइंट 43मीटर , अर्पर्णा आर्किटेक्ट अर्पाटमेंट  की उंचाई 3 प्वाइंट  70मीटर , फ्रंट 0 प्वाइंट 76 मीटर , पीछेसे 0 प्वाइंट 66  बाये से  0 प्वाइंट 91 का भाग तोडा जायेगा.  हाईकोर्टने इस मामले में याचिकाकर्ता की सुनावाई करते हुये नगर परिषद को कडी फटकार लगायी थी. माननीय हाई कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि अवैध निर्माण को तोड कर 24 नवंबर को हर हाल में नगर कार्यपालक पदाधिकारी को कोर्ट में पेश होना होगा .</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पटना से अजीत</p>
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