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	<title>Health &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>लोयला हाई स्कूल में बच्चों की हुई स्वास्थ्य जांच</title>
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		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Jul 2024 03:25:35 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[678 छात्रों की स्वास्थ्य जांच पटना।। लोयला हाई स्कूल, कुर्जी में एक व्यापक मुफ्त स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया. जिसमें 678 छात्रों के लिए आंख, दंत और सामान्य जांच शामिल थी.शिविर का उद्देश्य स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देना और छात्रों की भलाई सुनिश्चित करना है. स्वास्थ्य शिविर का समन्वय स्कूल प्रशासन द्वारा स्थानीय चिकित्सकों के सहयोग से किया गया . चिकित्सा टीम में अनुभवी नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. कुणाल और उनकी टीम, दंत चिकित्सक अर्थात् डॉ. शिप्रा मैतीन और डॉ. मैतीन नितिन और उनकी टीम और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. स्मिता पेड और डॉ. संतोष, प्रतिष्ठित अस्पतालों और क्लीनिकों के मधुमेह विशेषज्ञ डॉ. सुभाष कुमार शामिल थे. पटना में स्वास्थ्य शिविर को छात्रों, अभिभावकों और कर्मचारियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली.इसने नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व पर सफलतापूर्वक प्रकाश डाला और छात्रों को अपने स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए सक्रिय कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित किया.स्कूल प्रशासन ने आयोजन को सफल बनाने में उनके समर्पण और प्रयास के लिए मेडिकल टीम और स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया.PNCDESK]]></description>
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<p><strong>678 छात्रों की स्वास्थ्य जांच</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/IMG-20240727-WA0054-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-85851" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/IMG-20240727-WA0054-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/IMG-20240727-WA0054-650x488.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



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<p>पटना।। लोयला हाई स्कूल, कुर्जी में एक व्यापक मुफ्त स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया. जिसमें 678 छात्रों के लिए आंख, दंत और सामान्य जांच शामिल थी.शिविर का उद्देश्य स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देना और छात्रों की भलाई सुनिश्चित करना है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/IMG-20240727-WA0056-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-85848" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/IMG-20240727-WA0056-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/IMG-20240727-WA0056-650x488.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



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<p>स्वास्थ्य शिविर का समन्वय स्कूल प्रशासन द्वारा स्थानीय चिकित्सकों के सहयोग से किया गया . चिकित्सा टीम में अनुभवी नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. कुणाल और उनकी टीम, दंत चिकित्सक अर्थात् डॉ. शिप्रा मैतीन और डॉ. मैतीन नितिन और उनकी टीम और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. स्मिता पेड और डॉ. संतोष, प्रतिष्ठित अस्पतालों और क्लीनिकों के मधुमेह विशेषज्ञ डॉ. सुभाष कुमार शामिल थे.</p>



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<p>पटना में स्वास्थ्य शिविर को छात्रों, अभिभावकों और कर्मचारियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली.इसने नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व पर सफलतापूर्वक प्रकाश डाला और छात्रों को अपने स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए सक्रिय कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित किया.स्कूल प्रशासन ने आयोजन को सफल बनाने में उनके समर्पण और प्रयास के लिए मेडिकल टीम और स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया.<br><strong>PNCDESK</strong></p>
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			</item>
		<item>
		<title>मरीजों को मिलेगी कतार से मुक्ति, हॉस्पिटल ने लांच किया अपना ऐप</title>
		<link>https://www.patnanow.com/app-launch-of-a-hospital-patient-will-book-their-number-from-home/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 07 Aug 2023 04:19:41 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[घर बैठे ही लगेगा मरीजों का नम्बर और ले सकेंगे परामर्श भी आरा की लेडी डॉक्टर संगीता गुप्ता को मिला एस्पायरिंग लेडी का खिताब आरा,7 अगस्त(ओ पी पांडेय). प्राइवेट अस्पताल हो या फिर सरकारी मरीजों को इलाज के लिए लंबी कतार उन्हें और बीमार कर डालती है. पीड़ित मरीज को जहाँ चिकित्सीय इलाज की जरूरत जल्द होती है वहाँ उन्हें अपनी कतार का इंतजार करना पड़ता है. कतार में या तो मरीज को खुद लगना पड़ता है या फिर उसको लाने वाले परिचारक (अटेंडेंट) को लगना पड़ता है. यह पीड़ादायक इंतजार वर्षो से मरीज करते आ रहे हैं जिसका समाधान करने में अभीतक तंत्र विफल रहा है. हालांकि कई बड़े शहरों में प्राइवेट अस्पतालों ने एप्प के जरिये चिकित्सीय परामर्श कोविड के दौरान दिया चालू किया था. लेकिन अब भोजपुर के मरीजों को इस लंबी कतार और इंतजार से छुटकारा मिलने वाली है. जी हाँ चौंकिये मत! यह कोई कोरी कल्पना नही बल्कि इस परेशानी से छुटकारा दिलाने में मरीजों के हमदर्द का सबसे बड़ा साथी बना है आरा का एक भरोसेमंद अस्पताल &#8220;आर.एल.मेमोरियल हॉस्पिटल.&#8221; इस प्राइवेट हॉस्पिटल ने एक ऐप बना यह सुविधा मरीजों के लिए उपलब्ध कराया है जिससे अब घर बैठे हैं मरीज अपनी नम्बर लगा सकेंगे और ऐप के जरिये घर बैठे ही चिक्तिसीय परामर्श भी ले पाएंगे. R. L. Hospital नाम से ऐप प्ले स्टोर पर उपलब्ध है. आरा के जज कोठी मोड स्थित आर.एल. मेमोरियल हॉस्पिटल द्वारा अपने हॉस्पिटल की ऐप की लॉन्चिंग रविवार की शाम को की गई. ऐप की लॉन्चिंग के मौके [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>घर बैठे ही लगेगा मरीजों का नम्बर और ले सकेंगे परामर्श भी</strong></p>



<p><strong>आरा की लेडी डॉक्टर संगीता गुप्ता को मिला एस्पायरिंग लेडी का खिताब</strong></p>



<p>आरा,7 अगस्त(<strong>ओ पी पांडेय</strong>). प्राइवेट अस्पताल हो या फिर सरकारी मरीजों को इलाज के लिए लंबी कतार उन्हें और बीमार कर डालती है. पीड़ित मरीज को जहाँ चिकित्सीय इलाज की जरूरत जल्द होती है वहाँ उन्हें अपनी कतार का इंतजार करना पड़ता है. कतार में या तो मरीज को खुद लगना पड़ता है या फिर उसको लाने वाले परिचारक (अटेंडेंट) को लगना पड़ता है. यह पीड़ादायक इंतजार वर्षो से मरीज करते आ रहे हैं जिसका समाधान करने में अभीतक तंत्र विफल रहा है. हालांकि कई बड़े शहरों में प्राइवेट अस्पतालों ने एप्प के जरिये चिकित्सीय परामर्श कोविड के दौरान दिया चालू किया था. लेकिन अब भोजपुर के मरीजों को इस लंबी कतार और इंतजार से छुटकारा मिलने वाली है. जी हाँ चौंकिये मत! यह कोई कोरी कल्पना नही बल्कि इस परेशानी से छुटकारा दिलाने में मरीजों के हमदर्द का सबसे बड़ा साथी बना है आरा का एक भरोसेमंद अस्पताल &#8220;आर.एल.मेमोरियल हॉस्पिटल.&#8221; इस प्राइवेट हॉस्पिटल ने एक ऐप बना यह सुविधा मरीजों के लिए उपलब्ध कराया है जिससे अब घर बैठे हैं मरीज अपनी नम्बर लगा सकेंगे और ऐप के जरिये घर बैठे ही चिक्तिसीय परामर्श भी ले पाएंगे. R. L. Hospital नाम से ऐप प्ले स्टोर पर उपलब्ध है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="312" height="650" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/PNC-_R-L-Hospital-app-312x650.jpg" alt="" class="wp-image-77007" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/PNC-_R-L-Hospital-app-312x650.jpg 312w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/PNC-_R-L-Hospital-app-168x350.jpg 168w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/PNC-_R-L-Hospital-app-768x1599.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/PNC-_R-L-Hospital-app-738x1536.jpg 738w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/PNC-_R-L-Hospital-app-984x2048.jpg 984w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/PNC-_R-L-Hospital-app.jpg 1080w" sizes="(max-width: 312px) 100vw, 312px" /></figure>



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<p>आरा के जज कोठी मोड स्थित आर.एल. मेमोरियल हॉस्पिटल द्वारा अपने हॉस्पिटल की ऐप की लॉन्चिंग रविवार की शाम को की गई. ऐप की लॉन्चिंग के मौके पर आर. एल. मेमोरियल हॉस्पिटल के डॉक्टर विजय गुप्ता और डॉ संगीता गुप्ता दोनों मौजूद थे. इस मौके पर दोनों चिकित्सकों ने कहा कि ऐप लॉन्चिंग का मकसद जिले के अलावा दूसरे जिलों के सभी मरीजों को घर बैठे उन सुविधाओं से रू-ब-रू कराना जो अब तक आरा में किसी हॉस्पिटल के द्वारा नहीं किया गया था. इस ऐप के माध्यम से ना केवल मरीज व उनके परिजन घर बैठे नंबर लगा सकेंगे बल्कि चिकित्सीय परामर्श भी ले सकेंगे. आरा शहर के लिए यह अपने आप में एक अनोखा प्रयोग है. डॉ विजय गुप्ता ने कहा कि आर. एल. मेमोरियल हॉस्पिटल अपने स्थापना काल से ही लगातार बेहतर और अपडेट चिकित्सा व्यवस्था के साथ लोगों की सेवा कर रहा है. इस कड़ी में ऐप लॉन्चिंग हमारा एक नया प्रयास है. उन्होंने कहा कि हमारे अस्पताल ने अब कैशलेस इलाज को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है. यही कारण है कि अलग-अलग निजी कंपनियों जैसे icici लुम्बार्ड, केयर हेल्थ, आयुष्मान भारत जो कि लोगों को हेल्थ कार्ड इश्यू कराती है उनसे हमारा टाईअप है और आगे भी कई निजी कंपनियों से हमारी बात चल रही है जो कैशलैस फैसिलिटी के लिए हमारे अस्पताल से संपर्क में हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="337" height="650" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/PNC-_R-L-Hospital-app-01-337x650.jpg" alt="" class="wp-image-77006" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/PNC-_R-L-Hospital-app-01-337x650.jpg 337w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/PNC-_R-L-Hospital-app-01-182x350.jpg 182w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/PNC-_R-L-Hospital-app-01-768x1481.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/PNC-_R-L-Hospital-app-01-797x1536.jpg 797w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/PNC-_R-L-Hospital-app-01-1062x2048.jpg 1062w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/PNC-_R-L-Hospital-app-01.jpg 1080w" sizes="(max-width: 337px) 100vw, 337px" /></figure>



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<p>इस मौके पर डॉ संगीता गुप्ता ने भी प्रेस के लोगों से बात की और पिछले दिनों पटना में एक मीडिया संस्थान की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में एस्पायरिंग वुमन का अवार्ड से नवाजे जाने के लिए भोजपुर के सभी लोगों को आभार प्रकट किया. उन्होंने कहा कि ये भोजपुर की जनता का प्यार ही है जिसने मुझे इस खिताब तक पहुँचाया.</p>



<p>बताते चलें कि यह सम्मानित सम्मान उन्हें पद्मश्री डॉ शांति राय के हाथों मिला था. बता दें कि डॉ संगीता गुप्ता पिछले 12 सालों से लगातार अपने आर.एल. मेमोरियल अस्पताल के बैनर तले भोजपुर सहित अन्य जिलों से आई महिला मरीजों का जो कई तरह की बीमारियों से पीड़ित रहती हैं उनकी सेवा और इलाज करते रही हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/PNC_Dr-Snhita-Gupta-650x488.jpg" alt="" class="wp-image-77008" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/PNC_Dr-Snhita-Gupta-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/PNC_Dr-Snhita-Gupta-350x263.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/PNC_Dr-Snhita-Gupta-768x576.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/PNC_Dr-Snhita-Gupta.jpg 1080w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि एक महिला होने के नाते चिकित्सा क्षेत्र में काम करना काफी चैलेंजिंग होता है लेकिन रोजाना इसमें नया कुछ सीख रही हैं और आने वाले दिनों में भी वह महिलाओं को प्रसूति रोग के अलावा कई अन्य समस्याओं से भी निजात दिलाने की कोशिश करेंगी. मौके पर आरएल हॉस्पिटल के कई कर्मचारी भी मौजूद थे.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>अगर आप भी अपने स्वास्थ्य से परेशान हैं तो</title>
		<link>https://www.patnanow.com/if-you-are-worried-about-your-health-then/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 06 May 2023 06:26:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[सुख समृद्धि]]></category>
		<category><![CDATA[Health]]></category>
		<category><![CDATA[juice]]></category>
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					<description><![CDATA[अपने आँतों में जमी गंदगी ऐसे निकाले जूस के पीने से शरीर में की गंदगी आ जाती है बाहर पेट रहता है दुरुस्त,आप रहेंगे स्वस्थ शरीर को स्वस्थ्य रखने के लिए पाचन तंत्र का मजबूत होना जरूरी है. इसकी गड़बड़ी से ही शरीर की अन्य समस्याएं शुरू होती हैं. मोटापा, थायराइड, अल्सर, डायबिटीज आदि. ऐसे में इसको चुस्त दुरुस्त रखना बहुत जरूरी होता है. आज हम लेख में कुछ ऐसे जूस को पीने के बारे में बताने जा रहे हैं जिसको अपनी डाइट में &#160;शामिल कर लेना चाहिए. इससे आंत की सफाई अच्छे से हो जाती है और हाजमा मजबूत बना रहता है. कौन सा जूस है आंत के लिए बेस्ट नमक पानी बेस्ट है आंत की सफाई के लिए. एक गिलास गुनगुने पानी में आप एक चम्मच नमक घोलकर दीजिए इससे पेट अच्छे से साफ होने लगता है. यह पेट की सफाई के लिए एक बेहतर पानी है. नींबू पानी भी आपके पेट के लिए बहुत अच्छा साबित हो सकता है. यह एसिडिटी पर काबू पाकर पाचन तंत्र को मजबूत करता है. यह हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म कर देता है. इससे आंत की सफाई अच्छे से हो जाती है. सब्जियों का जूस भी आपके हाजमे के लिए बेस्ट साबित हो सकता है. आप पालक, टमाटर, गाजर, लौकी, करेला और बंद गोभी की सब्जी का जूस पीकर अपने हाजमे को बेहतर कर सकते हैं. सेब का जूस भी इसमें आता है. यह भी पेट के लिए बेस्ट है. यह गट को डिटॉक्स करने के लिए फायदेमंद होता है. इससे पेट [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>अपने आँतों में जमी गंदगी ऐसे निकाले </strong></p>



<p><strong>जूस के पीने से शरीर में की गंदगी आ जाती है बाहर</strong></p>



<p><strong>पेट रहता है दुरुस्त,आप रहेंगे स्वस्थ</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/juice-2.png" alt="" class="wp-image-74086" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/juice-2.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/juice-2-350x233.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>शरीर को स्वस्थ्य रखने के लिए पाचन तंत्र का मजबूत होना जरूरी है. इसकी गड़बड़ी से ही शरीर की अन्य समस्याएं शुरू होती हैं. मोटापा, थायराइड, अल्सर, डायबिटीज आदि. ऐसे में इसको चुस्त दुरुस्त रखना बहुत जरूरी होता है. आज हम लेख में कुछ ऐसे जूस को पीने के बारे में बताने जा रहे हैं जिसको अपनी डाइट में &nbsp;शामिल कर लेना चाहिए. इससे आंत की सफाई अच्छे से हो जाती है और हाजमा मजबूत बना रहता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="342" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/juice.png" alt="" class="wp-image-74087" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/juice.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/juice-350x184.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>कौन सा जूस है आंत के लिए बेस्ट</strong></p>



<p><strong>नमक पानी</strong> बेस्ट है आंत की सफाई के लिए. एक गिलास गुनगुने पानी में आप एक चम्मच नमक घोलकर दीजिए इससे पेट अच्छे से साफ होने लगता है. यह पेट की सफाई के लिए एक बेहतर पानी है.</p>



<p><strong>नींबू पानी</strong> भी आपके पेट के लिए बहुत अच्छा साबित हो सकता है. यह एसिडिटी पर काबू पाकर पाचन तंत्र को मजबूत करता है. यह हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म कर देता है. इससे आंत की सफाई अच्छे से हो जाती है.</p>



<p><strong>सब्जियों का जूस</strong> भी आपके हाजमे के लिए बेस्ट साबित हो सकता है. आप पालक, टमाटर, गाजर, लौकी, करेला और बंद गोभी की सब्जी का जूस पीकर अपने हाजमे को बेहतर कर सकते हैं.</p>



<p><strong>सेब का जूस</strong> भी इसमें आता है. यह भी पेट के लिए बेस्ट है. यह गट को डिटॉक्स करने के लिए फायदेमंद होता है. इससे पेट तेजी से साफ होता है.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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		<title>समय पर होगा उपचार तो रोका जा सकता है फाइलेरिया</title>
		<link>https://www.patnanow.com/samay-per-hoga-upchar-to-roka-ja-sakta-hai-fileriya/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 Jun 2022 13:04:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
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		<category><![CDATA[Health]]></category>
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					<description><![CDATA[हाथीपांव के मरीजों के बीच एमएमडीपी किट का होगा वितरण • जिले के सभी प्रखंडों में फाइलेरिया के हाथीपांव मरीजों की हो रही है लाइन लिस्टिंग• मरीजों को एमएमडीपी किट के प्रयोग की दी जाएगी पूरी जानकारी बक्सर, 01 जून. जिले में गंभीर बीमारियों के उन्मूलन के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. इनमें से एक है फाइलेरिया. फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सबसे जरूरी है उसके प्रारंभिक लक्षणों की पहचान होना. यदि, समय पर इस बीमारी का पता लगा लिया जाए, तो उचित प्रबंधन और दवाओं के सेवन से इसे गंभीर रूप लेने से पहले रोका जा सकता है और इसके लक्षणों को कम भी किया जा सकता है. लेकिन जिन मरीजों में यह बीमारी गंभीर रूप ले लेती है, उनको उचित देखभाल के साथ नियमित व्यायाम की भी आवश्यकता होती है. इसी क्रम में जिले के फाइलेरिया के हाथीपांव से ग्रसित लोगों को चिन्हित किया जा रहा है. सर्वे के बाद चिन्हित मरीजों के बीच मार्बीडीटी मैनेजमेंट एंड डिसेबिलिटी प्रिवेंशन (एमएमडीपी) प्रदान किया जा सके. जिससे वे हाथीपांव का रुग्णता प्रबंधन कर सकें. जिलास्तर पर शिविर का होगा आयोजन : जिला वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोलर ऑफिसर डॉ. शैलेंद्र कुमार ने बताया, जिले के हाथीपांव से ग्रसित लोगों की लाइन लिस्टिंग की जा रही है. ताकि, उनको एमएमडीपी किट प्रदान किया जा सके. इसके लिए सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को सूचित किया जा चुका है. इसके लिए जिलास्तर पर शिविर का आयोजन किया जायेगा. किट में मरीजों को बाल्टी, मग, टब, सूती तौलिया, साबुन व एन्टी फंगल [&#8230;]]]></description>
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<p><em><strong>हाथीपांव के मरीजों के बीच एमएमडीपी किट का होगा वितरण</strong></em></p>



<p>• <strong>जिले के सभी प्रखंडों में फाइलेरिया के हाथीपांव मरीजों की हो रही है लाइन लिस्टिंग<br>• मरीजों को एमएमडीपी किट के प्रयोग की दी जाएगी पूरी जानकारी</strong></p>



<p>बक्सर, 01 जून. जिले में गंभीर बीमारियों के उन्मूलन के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. इनमें से एक है फाइलेरिया. फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सबसे जरूरी है उसके प्रारंभिक लक्षणों की पहचान होना. यदि, समय पर इस बीमारी का पता लगा लिया जाए, तो उचित प्रबंधन और दवाओं के सेवन से इसे गंभीर रूप लेने से पहले रोका जा सकता है और इसके लक्षणों को कम भी किया जा सकता है. लेकिन जिन मरीजों में यह बीमारी गंभीर रूप ले लेती है, उनको उचित देखभाल के साथ नियमित व्यायाम की भी आवश्यकता होती है. इसी क्रम में जिले के फाइलेरिया के हाथीपांव से ग्रसित लोगों को चिन्हित किया जा रहा है. सर्वे के बाद चिन्हित मरीजों के बीच मार्बीडीटी मैनेजमेंट एंड डिसेबिलिटी प्रिवेंशन (एमएमडीपी) प्रदान किया जा सके. जिससे वे हाथीपांव का रुग्णता प्रबंधन कर सकें.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="229" height="220" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220601-WA0013.jpg" alt="" class="wp-image-63065" /></figure>



<p><strong>जिलास्तर पर शिविर का होगा आयोजन :</strong></p>



<p>जिला वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोलर ऑफिसर डॉ. शैलेंद्र कुमार ने बताया, जिले के हाथीपांव से ग्रसित लोगों की लाइन लिस्टिंग की जा रही है. ताकि, उनको एमएमडीपी किट प्रदान किया जा सके. इसके लिए सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को सूचित किया जा चुका है. इसके लिए जिलास्तर पर शिविर का आयोजन किया जायेगा. किट में मरीजों को बाल्टी, मग, टब, सूती तौलिया, साबुन व एन्टी फंगल क्रीम दी जाती है. साथ ही, मरीजों को किट के इस्तेमाल की जानकारी दी जाती है. क्योंकि मरीजों को किट के प्रयोग की विधि जाननी बेहद जरूरी होती है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220601-WA0012-650x433.jpg" alt="" class="wp-image-63067" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220601-WA0012-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220601-WA0012-350x233.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220601-WA0012.jpg 678w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>मरीजों को दिखाया जाता है डेमो :</strong></p>



<p>डॉ. शैलेंद्र ने बताया, एमएमडीपी किट का प्रयोग करने के पूर्व मरीजों को डेमो दिखाया जाता है. जिससे वे उपचार की विधि समझ सकें. हाथीपांव के मरीज उपचार के समय पहले पैर पर पानी डाल लें. उसके बाद हांथ में साबुन लेकर उसे खूब रगड़ें और झाग निकालें. जिसके बाद हल्के हांथ से पैर में घुटने से लेकर उंगलियों व तलुए तक साबुन लगायें. जिसके बाद हल्के हाथ से घुटने से पानी डालकर उसे धो लें. जिसके बाद तौलिया लेकर हल्के हाथ से पोंछ लें. ध्यान रहे कि रगड़ना बिल्कुल नहीं है. इसके बाद पैर में जहां पर घाव हो वहां पर क्लोबनी क्रीम लगायें. यदि, मरीज के पैर में घाव नहीं हैं तो पैर में हल्के हांथ से नारियल का तेल लगा सकते हैं.</p>



<p><strong>संक्रमण के पश्चात बीमारी होने में पांच से 15 वर्ष लग सकते हैं :</strong></p>



<p>जिला वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोलर कंसल्टेंट राजीव कुमार ने बताया, फाइलेरिया मच्छर के काटने से होने वाला एक संक्रामक रोग है. जिससे किसी भी उम्र के व्यक्ति फाइलेरिया से संक्रमित हो सकता है. संक्रमण के पश्चात बीमारी होने में 05 से 15 वर्ष लग सकते हैं. उन्होंने बताया, फाइलेरिया मुख्यतः मनुष्य के शरीर के चार अंगों को प्रभावित करता है. जिसमें पैर, हाथ, हाइड्रोसील एवं महिलाओं का स्तन शामिल है. हाइड्रोसील के अलावा फाइलेरिया संक्रमित अन्य अंगों को ऑपरेशन द्वारा ठीक नहीं किया जा सकता है. संक्रमित व्यक्ति को समान्य उपचार के लिए किट उपलब्ध कराई जाती है, जबकि हाइड्रोसील फाइलेरिया संक्रमित व्यक्ति को मुफ्त ऑपरेशन की सुविधा मुहैया कराई जाती है.</p>



<p><strong>PNCB</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>प्रदेश में देशी चिकित्सा पद्धति के लिए होगा 45 करोड़ खर्च</title>
		<link>https://www.patnanow.com/45-carore-hoga-deshi-chikitsaa-per-kharch/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 May 2022 07:24:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[आयुष औषधालय और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की संवरेगी सूरत 38 राजकीय औषधालय और 160 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का होगा कायाकल्प औषधालय और उप स्वास्थ्य केंद्र के जीर्णोद्धार पर खर्च होंगे 6.55 लाख रुपये पटना, 24 मई. बिहार में आने वाले दिनों में चिकित्सा की सूरत बदलने वाली है. सरकार ने चिकित्सा से जुड़े हर पद्धति को सुदृढ़ करने का निश्चय किया है और इसके लिए कंक्रिट योजना भी बनाई है. राज्य सरकार प्रदेश में आयुर्वेद, होमियोपैथी और यूनानी चिकित्सा पद्धति को विकसित करने में लगी हुई है. प्रदेश के 38 आयुष औषधालय व 160 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर करने पर करीब 45 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, केंद्र सरकार देशी चिकित्सा पद्धति को विकसित करने के लिए आयुर्वेद, होमियोपैथी और यूनानी समेत अन्य देसी चिकित्सा को बढ़ावा देने को लेकर कई योजना संचालित कर रही है. इसी योजना के तहत प्रदेश के 38 राजकीय औषधालय और उप स्वास्थ्य केंद्र आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को विकसित करने की मंजूरी प्रदान की गई. राज्य सरकार केंद्र की योजना को साकार करने में लगी हुई है. कायाकल्प : 38 राजकीय औषधालय और 160 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर फिलहाल प्रदेश में आयुष मंत्रालय द्वारा स्वीकृत 160 आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में से 40 सेंटर संचालित हैं. शेष सेंटर को खोलने की प्रक्रिया चल रही है. सेंटरों पर देसी चिकित्सा पद्धति के माध्यम से रोगियों के इलाज किए जा रहें हैं. केंद्र एवं राज्य सरकार ने 38 राजकीय आयुष औषधालय व 160 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आयुष औषधालय और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की संवरेगी सूरत</strong></p>



<p><strong>38 राजकीय औषधालय और 160 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का होगा कायाकल्प</strong></p>



<p><strong>औषधालय और उप स्वास्थ्य केंद्र के जीर्णोद्धार पर खर्च होंगे 6.55 लाख रुपये</strong></p>



<p>पटना, 24 मई. बिहार में आने वाले दिनों में चिकित्सा की सूरत बदलने वाली है. सरकार ने चिकित्सा से जुड़े हर पद्धति को सुदृढ़ करने का निश्चय किया है और इसके लिए कंक्रिट योजना भी बनाई है. राज्य सरकार प्रदेश में आयुर्वेद, होमियोपैथी और यूनानी चिकित्सा पद्धति को विकसित करने में लगी हुई है. प्रदेश के 38 आयुष औषधालय व 160 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर करने पर करीब 45 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, केंद्र सरकार देशी चिकित्सा पद्धति को विकसित करने के लिए आयुर्वेद, होमियोपैथी और यूनानी समेत अन्य देसी चिकित्सा को बढ़ावा देने को लेकर कई योजना संचालित कर रही है. इसी योजना के तहत प्रदेश के 38 राजकीय औषधालय और उप स्वास्थ्य केंद्र आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को विकसित करने की मंजूरी प्रदान की गई. राज्य सरकार केंद्र की योजना को साकार करने में लगी हुई है.</p>



<p><strong>कायाकल्प : 38 राजकीय औषधालय और 160 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="225" height="225" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220523-WA0043.jpg" alt="" class="wp-image-62670" /></figure>



<p>फिलहाल प्रदेश में आयुष मंत्रालय द्वारा स्वीकृत 160 आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में से 40 सेंटर संचालित हैं. शेष सेंटर को खोलने की प्रक्रिया चल रही है. सेंटरों पर देसी चिकित्सा पद्धति के माध्यम से रोगियों के इलाज किए जा रहें हैं. केंद्र एवं राज्य सरकार ने 38 राजकीय आयुष औषधालय व 160 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को खोलने के साथ ही जीर्णोद्धार करने की योजना बनाई है. इसके लिए राज्य सरकार द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष 2021-22 में करीब 28 करोड़ 10 लाख रुपये खर्च करने की मंजूरी भी प्रदान की गई है,जबकि इससे पहले आयुष मंत्रालय द्वारा केन्द्रांश मद की राशि करीब 16 करोड़ 86 लाख रुपये विमुक्त किया जा चुका है.</p>



<p><strong>स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ परिसर में लगेंगे औषधीय पौधे</strong></p>



<p>इन औषधालयों और सेंटरों पर देसी चिकित्सा पद्धति से विभिन्न बीमारियों की जांच और इलाज किया जाएगा. मरीजों को आयुष की दवाएं भी दी जाएंगी. साथ ही परिसर में 15 प्रकार के औषधीय पौधे लगाए जाने की योजना है. मरीजों और आसपास के लोगों को भी औषधीय पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा. साथ ही सेंटर पर योगा की कक्षा भी संचालित की जाएगी. इसके लिए योग के प्रशिक्षक को नियुक्त करने की प्रक्रिया चल रही है.</p>



<p>पटना से <strong>ओ पी पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बचिए इस साइलेंट किलर से</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bachiye-is-silent-kilar-se/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 13 May 2022 04:12:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
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		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Diabetic]]></category>
		<category><![CDATA[Health]]></category>
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					<description><![CDATA[जीवनशैली में बदलाव के कारण लोग हो रहे डायबिटीज के मरीजनियमित व्यायाम को बनायें अपनी दिनचर्या का हिस्साआरा, 13 मई- मधुमेह यानि डायबिटीज आज के लोगों में आम तौर पर पायी जानी वाली स्वास्थ्य समस्या है. इसे “साइलेंट किलर” रोग के नाम से भी जाना जाता है. जीवन शैली में बदलाव व उचित आहार व्यवहार में कमी के कारण यह बीमारी लोगों को अपनी चपेट में लेती है. कोरोना के समय में शुगर रोग से ग्रसित रोगियों को अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत है. खासकर डायबिटीज रोगियों को अपने खानपान व आहार व्यवहार में समन्वय स्थापित करने की जरूरत है. इसे लेकर लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है. क्या है डायबिटीजडायबिटीज मेटाबोलिक बीमारियों का समूह है. जिसमें खून में ब्लड शुगर या ग्लूकोज का स्तर सामान्य से अधिक होता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति ठीक से प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं करती हैं. डायबिटीज में मरीज को बार-बार प्यास लगना, भूख ज्यादा महसूस होना और बार-बार पेशाब लगने की शिकायत होती है. डायबिटीज भी तीन प्रकार के होते हैं,-टाइप 1 डायबिटीज, टाइप 2 डायबिटीज और गैस्टेशनल डायबिटीज । गैस्टेशनल डायबिटीज सामान्यतः गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को होती है। डायबिटीज के कारणडायबिटीज होने के बहुत से कारण होते हैं. उनमें सबसे बड़ा कारण है शरीर का वजन अधिक होना. कई बार हाई ब्लडप्रेशर और कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना भी डायबिटीज का कारण होता है. गर्भावस्था में महिलाओं को डायबिटीज का शिकार होना बच्चे के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. इसके अलावा उम्र अधिक होना, फैमिली [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>जीवनशैली में बदलाव के कारण लोग हो रहे डायबिटीज के मरीज<br>नियमित व्यायाम को बनायें अपनी दिनचर्या का हिस्सा<em><br>आरा, 13 मई- मधुमेह यानि डायबिटीज आज के लोगों में आम तौर पर पायी जानी वाली स्वास्थ्य समस्या है. इसे “साइलेंट किलर” रोग के नाम से भी जाना जाता है. जीवन शैली में बदलाव व उचित आहार व्यवहार में कमी के कारण यह बीमारी लोगों को अपनी चपेट में लेती है. कोरोना के समय में शुगर रोग से ग्रसित रोगियों को अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत है. खासकर डायबिटीज रोगियों को अपने खानपान व आहार व्यवहार में समन्वय स्थापित करने की जरूरत है. इसे लेकर लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है.</em></strong></p>



<p><br><strong> क्या है डायबिटीज</strong><br>डायबिटीज मेटाबोलिक बीमारियों का समूह है. जिसमें खून में ब्लड शुगर या ग्लूकोज का स्तर सामान्य से अधिक होता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति ठीक से प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं करती हैं. डायबिटीज में मरीज को बार-बार प्यास लगना, भूख ज्यादा महसूस होना और बार-बार पेशाब लगने की शिकायत होती है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="341" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220511-WA0002.jpg" alt="" class="wp-image-62235" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220511-WA0002.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220511-WA0002-350x184.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><br>डायबिटीज भी तीन प्रकार के होते हैं,-<br>टाइप 1 डायबिटीज, टाइप 2 डायबिटीज और गैस्टेशनल डायबिटीज । गैस्टेशनल डायबिटीज सामान्यतः गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को होती है।</p>



<p><br><strong>डायबिटीज के कारण</strong><br>डायबिटीज होने के बहुत से कारण होते हैं. उनमें सबसे बड़ा कारण है शरीर का वजन अधिक होना. कई बार हाई ब्लडप्रेशर और कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना भी डायबिटीज का कारण होता है. गर्भावस्था में महिलाओं को डायबिटीज का शिकार होना बच्चे के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. इसके अलावा उम्र अधिक होना, फैमिली हिस्ट्री और दिल के मरीजों को डायबिटीज होने की संभावना अधिक होती है.</p>



<p><br><strong>डायबिटीज से को कैसे करें काबू-</strong><br>डायबिटीज के मरीज अपनी जीवनशैली में बदलाव कर बीमारी पर काबू पा सकते हैं. एक दिन में कम से कम 30-45 मिनट का व्यायाम इस बीमारी से बचा सकती है. खानपान में फल, अनाज और सब्जियां का सेवन करें और कभी भी खाली पेट नहीं रहें. इसके अलावा वजन पर नियंत्रण करना, पर्याप्त नींद लेना और तनाव मुक्त जीवनशैली आपको मधुमेह से दूर रखेगा.<br>हरी पत्तेदार सब्ज़ी व अंकुरित अनाज़ का करें सेवन,-<br>डायबिटीज के मरीज हरी पत्तेवाली सब्जियां, सलाद और अंकुरित अनाज खाएं. रात में खाना जल्दी खाएं और डिनर के बाद टोन्ड दूध जरूर पीयें. हमेशा कम चीनी या बिना चीनी की चाय पीयें. दिन के खाना में दही या छाछ ले सकते हैं। सुबह खाली पेट मेथी के दाने का पानी भी लाभदायी होगा. रोज व्यायाम करें और इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनायें.</p>



<p><br><strong>अस्पतालों में शुगर जांच की सुविधा</strong><br>जिला के सभी प्रखंड अस्पतालों में डायबिटीज रोगियों के समुचित उपचार की व्यवस्था की गई है. डायबिटिक जांच की निशुल्क व्यवस्था है. जरूरत पड़ने पर डायबिटीज रोगी निकट के सरकारी अस्पताल में संपर्क कर सकते हैं जहाँ उन्हें समुचित चिकित्सा उपलब्ध कराई जाती है.</p>



<p>आरा से <strong>ओ पी पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>क्या आपको पता है परिवार नियोजन में क्या है बाधक ?</title>
		<link>https://www.patnanow.com/kya-hai-baadhak-priwar-niyojan-me/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 08 May 2022 07:57:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[We Care]]></category>
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					<description><![CDATA[&#8216;अनमेट नीड&#8217; परिवार नियोजन में बाधक, जागरूकता से ही सुधार संभव सामुदायिक सहभागिता भी परिवार नियोजन कार्यक्रमों की सफलता के लिए बेहद जरूरी जिले में 9.1 प्रतिशत महिलाएं बच्चों में अंतराल एवं परिवार सीमित करना चाहती हैंबक्सर, 08 मई. जिले में परिवार नियोजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए परिवार नियोजन साधनों की उपयोगिता महत्वपूर्ण मानी जाती है. इसको लेकर सरकार द्वारा विभिन्न कार्यक्रम भी चलाये जा रहे हैं. लेकिन सरकारी प्रयासों के इतर सामुदायिक सहभागिता भी परिवार नियोजन कार्यक्रमों की सफलता के लिए बेहद जरूरी है। दो बच्चों में अंतराल एवं शादी के बाद पहले बच्चे के जन्म में अंतराल रखने की सोच के बाद भी महिलाएं परिवार नियोजन साधनों का इस्तेमाल नहीं कर पाती है। इससे ही &#8216;अनमेट नीड&#8217; में वृद्धि होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार विकासशील देशों में 21 करोड़ से अधिक महिलाएं अनचाहे गर्भ से छुटकारा पाना चाहती हैं। लेकिन तब भी उनके द्वारा किसी गर्भनिरोधक साधन का उपयोग नहीं किया जाता है। इसके पीछे आम लोगों में परिवार नियोजन साधनों के प्रति जागरूकता का आभाव प्रदर्शित होता है। अनमेट नीड में 8.1 प्रतिशत की गिरावट :राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के अनुसार जिले में कुल 9.1 प्रतिशत अनमेट नीड है। आशय यह है कि जिले में 9.1 प्रतिशत महिलाएं बच्चों में अंतराल एवं परिवार सीमित करना चाहती हैं, लेकिन किसी कारणवश वह परिवार नियोजन साधनों का इस्तेमाल नहीं कर पा रही है। जो पिछले चार साल में अनमेट नीड में 8.1 प्रतिशत की गिरावट [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>&#8216;अनमेट नीड&#8217; परिवार नियोजन में बाधक, जागरूकता से ही सुधार संभव</strong></p>



<ul class="wp-block-list"><li><strong>सामुदायिक सहभागिता भी परिवार नियोजन कार्यक्रमों की सफलता के लिए बेहद जरूरी</strong></li><li><strong>जिले में 9.1 प्रतिशत महिलाएं बच्चों में अंतराल एवं परिवार सीमित करना चाहती हैं</strong><br>बक्सर, 08 मई. जिले में परिवार नियोजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए परिवार नियोजन साधनों की उपयोगिता महत्वपूर्ण मानी जाती है. इसको लेकर सरकार द्वारा विभिन्न कार्यक्रम भी चलाये जा रहे हैं. लेकिन सरकारी प्रयासों के इतर सामुदायिक सहभागिता भी परिवार नियोजन कार्यक्रमों की सफलता के लिए बेहद जरूरी है। दो बच्चों में अंतराल एवं शादी के बाद पहले बच्चे के जन्म में अंतराल रखने की सोच के बाद भी महिलाएं परिवार नियोजन साधनों का इस्तेमाल नहीं कर पाती है। इससे ही &#8216;अनमेट नीड&#8217; में वृद्धि होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार विकासशील देशों में 21 करोड़ से अधिक महिलाएं अनचाहे गर्भ से छुटकारा पाना चाहती हैं। लेकिन तब भी उनके द्वारा किसी गर्भनिरोधक साधन का उपयोग नहीं किया जाता है। इसके पीछे आम लोगों में परिवार नियोजन साधनों के प्रति जागरूकता का आभाव प्रदर्शित होता है।</li><li><strong>अनमेट नीड में 8.1 प्रतिशत की गिरावट :</strong><br>राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के अनुसार जिले में कुल 9.1 प्रतिशत अनमेट नीड है। आशय यह है कि जिले में 9.1 प्रतिशत महिलाएं बच्चों में अंतराल एवं परिवार सीमित करना चाहती हैं, लेकिन किसी कारणवश वह परिवार नियोजन साधनों का इस्तेमाल नहीं कर पा रही है। जो पिछले चार साल में अनमेट नीड में 8.1 प्रतिशत की गिरावट हुई है। वहीं, जिले में 3.4 प्रतिशत ऐसी महिलाएं भी हैं, जो बच्चों में अंतराल रखने के लिए इच्छुक है। लेकिन फिर भी किसी परिवार नियोजन साधन का प्रयोग नहीं कर रही हैं।</li><li></li><li><br><strong>मिशन विकास परिवार की शुरुआत की गयी :</strong><br>सैंपल रेजिस्ट्रेसन सर्वे-2016 के आंकड़ों के अनुसार बिहार की कुल प्रजनन दर 3.3 है। जिसका अर्थ है बिहार में प्रति महिला बच्चों की संख्या 3.3 है। वहीं, देश की कुल प्रजनन दर 2.2 है। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य के 36 जिलों में परिवार नियोजन कार्यक्रम को विशेष प्रोत्साहित करने के लिए मिशन विकास परिवार की शुरुआत की गयी है। इसके तहत गर्भनिरोधक साधनों के प्रति आम लोगों को जागरूक करने पर बल दिया गया है। इसके लिए आशा एवं एएनएम को प्रत्साहित करने के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि का भी प्रावधान किया गया है। पहले जहां महिला एवं पुरुष नसबंदी के लिए उत्प्रेरक को 300 रुपए दिये जाते थे, अब प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर प्रति महिला नसबंदी 400 रुपया दिया जा रहा है।</li><li><strong>ये हैं अनमेट नीड के कारण</strong> :</li><li>परिवार नियोजन के प्रति पुरुषों का उदासीन होना</li><li>परिवार के सदस्यों या अन्य नजदीकी लोगों द्वारा गर्भनिरोधक का विरोध</li><li>सटीक गर्भनिरोधक साधनों की जानकारी नहीं</li><li>साधनों के साइड इफैक्ट को लेकर भ्रांतियां</li><li>परिवार नियोजन के प्रति सामाजिक एवं पारिवारिक प्रथाएं</li><li>मांग के अनुरूप साधनों की आपूर्ति में कमी<br>सामूहिक सहभागिता की जरूरत :<br>&#8216;अनमेट नीड परिवार नियोजन में काफी बाधक है। इसके लिए जिला स्तर से लेकर सामुदायिक स्तर तक परिवार नियोजन साधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है। वहीं, सरकारी अस्पतालों में हर महीने की 21 तारीख को परिवार नियोजन दिवस का भी आयोजन किया जाता है। इसके लिए सामूहिक सहभागिता की जरूरत है। जिसमें अन्य सहयोगी संस्थाओं द्वारा भी सहयोग किया जा रहा है। इससे शीघ्र ही अनमेट नीड में कमी देखने को मिलेगी।&#8217; &#8211; डॉ. अनिल भट्ट, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, बक्सर</li></ul>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="644" height="362" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220507-WA0045.jpg" alt="" class="wp-image-61828" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220507-WA0045.jpg 644w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220507-WA0045-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 644px) 100vw, 644px" /></figure>



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		<title>कोरोना के टीका के लिए ऐसे हो रहे हैं लोग जागरूक !</title>
		<link>https://www.patnanow.com/corona-vaccine-ke-liye-jagruk-karate-kalakar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 28 Jan 2021 13:21:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
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					<description><![CDATA[भोजपुर जिला मुख्यालय में तीन स्थानों पर हुई नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुतिलोगों को टीका लेने और सामान्य नियमों का पालन करने के लिए किया गया प्रेरित आरा. टीकाकरण के प्रति जिले के लोगों में संशय को दूर करने के उद्देश्य से जिला स्वास्थ समिति के द्वारा सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च के सहयोग से नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया. जिसके माध्यम से लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया गया. बुधवार को जिला मुख्यालय में तीन स्थानों पर नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन किया गया, जिसमें कलाकारों के द्वारा नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति की गयी. नुक्कड़ नाटक की शुरुआत सदर प्रखंड परिसर से की गई, जहां पर नाटक के माध्यम से ओपीडी व इमरजेंसी में आए मरीजों और उनके परिजनों को कोरोना से बचाव, उपचार तथा कोविड-19 टीका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. वहीं, दूसरी नुक्कड़ प्रस्तुति कृषि भवन परिसर में की गयी. जहां काफी संख्या में सरकारी कर्मचारी व लोगों को कोविड-19 टीकाकरण के बारे में जागरूक किया गया. अंत में कलाकारों ने सदर अस्पताल परिसर में आए मरीजों और उनके परिजनों को टीके की अहमियत बताई. नुक्कड़ नाटक की टीम में निर्देशक डॉ अनिल सिंह, कलाकार अंबुज कुमार, भरत आर्य, कुमार नरेंद्र, सुमन कुमार, राम नाथ प्रसाद, भोला सिंह, राजीव रंजन त्रिपाठी, पल्लवी प्रियदर्शिनी और सारिका पाठक शामिल थे. इस दौरान सीफार के डिविजनल कोऑर्डिनेटर प्रोग्राम नवनीत सिन्हा व डिविजनल कोऑर्डिनेटर मीडिया अमित सिंह मौजूद रहे. टीकाकरण से घबराने और डरने की जरूरत नहींनुक्कड़ नाटक के माध्यम से कलाकारों ने आम जनों को यह जानकारी [&#8230;]]]></description>
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<p><em><strong>भोजपुर जिला मुख्यालय में तीन स्थानों पर हुई नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति<br>लोगों को टीका लेने और सामान्य नियमों का पालन करने के लिए किया गया प्रेरित</strong></em></p>



<p>आरा. टीकाकरण के प्रति जिले के लोगों में संशय को दूर करने के उद्देश्य से जिला स्वास्थ समिति के द्वारा सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च के सहयोग से नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया. जिसके माध्यम से लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया गया. बुधवार को जिला मुख्यालय में तीन स्थानों पर नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन किया गया, जिसमें कलाकारों के द्वारा नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति की गयी. नुक्कड़ नाटक की शुरुआत सदर प्रखंड परिसर से की गई, जहां पर नाटक के माध्यम से ओपीडी व इमरजेंसी में आए मरीजों और उनके परिजनों को कोरोना से बचाव, उपचार तथा कोविड-19 टीका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. वहीं, दूसरी नुक्कड़ प्रस्तुति कृषि भवन परिसर में की गयी. जहां काफी संख्या में सरकारी कर्मचारी व लोगों को कोविड-19 टीकाकरण के बारे में जागरूक किया गया. अंत में कलाकारों ने सदर अस्पताल परिसर में आए मरीजों और उनके परिजनों को टीके की अहमियत बताई.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/01/IMG-20210127-WA0014.jpg" alt="" class="wp-image-50728" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/01/IMG-20210127-WA0014.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/01/IMG-20210127-WA0014-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>नुक्कड़ नाटक की टीम में निर्देशक डॉ अनिल सिंह, कलाकार अंबुज कुमार, भरत आर्य, कुमार नरेंद्र, सुमन कुमार, राम नाथ प्रसाद, भोला सिंह, राजीव रंजन त्रिपाठी, पल्लवी प्रियदर्शिनी और सारिका पाठक शामिल थे. इस दौरान सीफार के डिविजनल कोऑर्डिनेटर प्रोग्राम नवनीत सिन्हा व डिविजनल कोऑर्डिनेटर मीडिया अमित सिंह मौजूद रहे.</p>



<p><strong>टीकाकरण से घबराने और डरने की जरूरत नहीं</strong><br>नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कलाकारों ने आम जनों को यह जानकारी दी कि कोविड-19 का टीका पूरी तरह से सुरक्षित है. पूरी जांच-परख के बाद ही टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई है. इससे घबराने और डरने की जरूरत नहीं है. स्वयं परिवार और समाज की सुरक्षा के लिए सभी को यह कोविड-19 का टीका लेना चाहिए. ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके या इसे खत्म किया जा सके. लोगों को यह जानकारी दी गई कि कोरोना का संक्रमण किसी जात-पात, ऊंच-नीच देखकर नहीं होता है बल्कि यह किसी को भी हो सकता है. इससे बचाव के लिए सावधानी अति आवश्यक है. जिले में कोविड-19 टीकाकरण अभियान की शुरुआत की जा चुकी है. प्रथम चरण में स्वास्थ्य कर्मियों को टीकाकरण किया जा रहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/01/IMG-20210127-WA0013.jpg" alt="" class="wp-image-50729" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/01/IMG-20210127-WA0013.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/01/IMG-20210127-WA0013-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>टीकाकरण के प्रति लोगों को किया गया प्रेरित</strong><br>नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कोविड-19 टीकाकरण के प्रति आम लोगों में जो झिझक बनी हुई है उसे दूर करने का प्रयास किया गया. सदर पीएचसी, कृषि भवन व सदर अस्पताल में नुक्कड़ नाटक देखने वाले विभिन्न लोगों ने कहा कि इसके माध्यम से हम लोगों को काफी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है. टीकाकरण को लेकर जो मन में भ्रांतियां थी वह दूर हुई है, और जब भी आम जनों को टीका टिका दिया जाएगा, तो हम बेझिझक जाकर अपना टीकाकरण करवाएंगे और इसके लिए दुसरों को भी प्रेरित करेंगे. साथ ही, यह बताया गया कि कोविड-19 टीकाकरण 2 डोज में पूरा होगा. व्यक्ति को जिस दिन टीका दिया जाएगा उसके 28 दिन बाद दूसरा डोज भी लेना अनिवार्य है. दूसरा डोज लेने के 14 दिन बाद रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होगा. इसलिए सभी को दोनों डोज का टीका लेना अनिवार्य है. अगर सभी लोग दोनों डोज का टीका लेंगे तभी यह टीकाकरण अभियान सफल हो पाएगा.</p>



<p><strong>जन जागरूकता फैलाने में सीफार का सहयोग सराहनीय</strong><br>एसीएमओ डॉ. विनोद कुमार ने कहा कि कोविड-19 को लेकर जन जागरूकता फैलाने में सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च का सहयोग काफी सराहनीय रहा है. कोरोना काल में सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च के द्वारा लगातार मीडिया के माध्यम से जन जागरूकता फैलाने में जो सहयोग किया गया है वह काफी महत्वपूर्ण है. जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार सिन्हा ने कहा वर्तमान में कोविड-19 टीकाकरण को लेकर भी सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च के द्वारा लगातार जागरूकता फैलाया जा रहा है. अब नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भी आम जनों को जागरूक करने की पहल शुरू की गई है. जिसके माध्यम से कोविड-19 टीकाकरण को लेकर आम जनों में फैली भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है. इस दौरान यूनिसेफ के एसएमसी कुमुद रंजन मिश्रा व अन्य अस्पताल कर्मी मौजूद थे.</p>



<p>आरा से <strong>ओ पी पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>
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