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	<title>Health Department &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>Health Department &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<item>
		<title>सावधान! H3N2 इन्फ्लुएंजा वायरस की बिहार में हो चुकी है एंट्री !</title>
		<link>https://www.patnanow.com/attention-h3n2-entered-in-bihar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 12 Mar 2023 05:15:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
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		<category><![CDATA[Journalist O P Pandey]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना, 12 मार्च. देश के कई राज्यों में अपनी दस्तज के बाद बिहार की राजधानी पटना में भी H3N2 इन्फ्लुएंजा वायरस की एंट्री हो चुकी है. राजधानी पटना में पहला मामलाRMRI (राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इंस्टीच्यूट) में हुई जांच में सामने आया है, जहाँ एक महिला इससे संक्रमित पायी गयी है. बिहार में यह यह पहला मामला है. OPD में इस महीने 21 सैंपलों की जांच हुई, जिसमें एक सैंपल पॉजिटिव पाया गया है. मौसम बदलने के साथ ही पिछले कुछ दिनों में बच्चों में खांसी, जुकाम, बुखार और दस्त के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है. ये मामले लगभग दोगुने हो गये हैं. ये मामले मुख्य रूप से H3N2 के कारण हैं, जो H1N1 का एक नया प्रकार माना जा रहा है. लेकिन संरचनात्मक रूप से भिन्न है. नये वैरिएंट पर इम्युनिटी और वैक्सीनेशन का ज्यादा असर नहीं है. हालांकि, डॉक्टरों की परामर्श है कि किसी को एंटीबायोटिक्स लेने की जरूरत नहीं है. बल्कि मौसमी फल और गुनगुना पानी और साफ-सफाई का ध्यान रखकर ही इससे बचा जा सकता है. खांसी ठीक होने में दो से तीन सप्ताह लग सकते हैं. देश में तेजी से पांव पसार रहे इस वायरस को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने भी सभी राज्यों को पत्र लिख अधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी है. शुक्रवार को एक मीटिंग के बाद केंद्र की ओर से जारी एडवाइजरी के बाद बिहार में भी H3N2 इन्फ्लुएंजा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गयी है. जारी एडवाइजरी कहा गया है कि इस वायरल संक्रमण के मामलों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना, 12 मार्च. देश के कई राज्यों में अपनी दस्तज के बाद बिहार की राजधानी पटना में भी H3N2 इन्फ्लुएंजा वायरस की एंट्री हो चुकी है. राजधानी पटना में पहला मामला<br>RMRI (राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इंस्टीच्यूट) में हुई जांच में सामने आया है, जहाँ एक महिला इससे संक्रमित पायी गयी है. बिहार में यह यह पहला मामला है. OPD में इस महीने 21 सैंपलों की जांच हुई, जिसमें एक सैंपल पॉजिटिव पाया गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="390" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_H3N2.jpg" alt="" class="wp-image-72204" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_H3N2.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_H3N2-350x210.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>मौसम बदलने के साथ ही पिछले कुछ दिनों में बच्चों में खांसी, जुकाम, बुखार और दस्त के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है. ये मामले लगभग दोगुने हो गये हैं. ये मामले मुख्य रूप से H3N2 के कारण हैं, जो H1N1 का एक नया प्रकार माना जा रहा है. लेकिन संरचनात्मक रूप से भिन्न है. नये वैरिएंट पर इम्युनिटी और वैक्सीनेशन का ज्यादा असर नहीं है. हालांकि, डॉक्टरों की परामर्श है कि किसी को एंटीबायोटिक्स लेने की जरूरत नहीं है. बल्कि मौसमी फल और गुनगुना पानी और साफ-सफाई का ध्यान रखकर ही इससे बचा जा सकता है. खांसी ठीक होने में दो से तीन सप्ताह लग सकते हैं.</p>



<p>देश में तेजी से पांव पसार रहे इस वायरस को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने भी सभी राज्यों को पत्र लिख अधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Meeting-do-H3N2-ND.jpg" alt="" class="wp-image-72205" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Meeting-do-H3N2-ND.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_Meeting-do-H3N2-ND-350x233.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>शुक्रवार को एक मीटिंग के बाद केंद्र की ओर से जारी एडवाइजरी के बाद बिहार में भी H3N2 इन्फ्लुएंजा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गयी है. जारी एडवाइजरी कहा गया है कि इस वायरल संक्रमण के मामलों में एंटीबायोटिक मददगार नहीं होगी. ऐसे रोगियों को एंटीबायोटिक दवाओं के बजाय मौसमी फलों के साथ स्वस्थ आहार लेना उचित रहता है. गुनगुने पानी का उपयोग करना लाभप्रद रहेगा. ऐसे रोगियों को बस स्वच्छता बनाए रखनी चाहिए.</p>



<p>PNCB</p>
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		<title>बालू मक्खी से निजात के लिए प्रखंड स्तर तक होगा ये उपाय</title>
		<link>https://www.patnanow.com/baloo-makkhi-ko-marne-ke-liye-taiyari/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 14 Jun 2022 04:15:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[We Care]]></category>
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					<description><![CDATA[कालाजार उन्मूलन के लिये जिले के चार प्रखंडों के छह गांव में होगा दवाओं का छिड़काव 15 जून से शुरू होगा SP पाउडर का छिड़काव, छिड़काव के लिये स्वास्थ्य कर्मियों को किया जा चुका है प्रशिक्षित बक्सर,13 जून. क्या आप जानते हैं कि कलाजार एक मक्खी के जरिए फैलता है? जी हां! चौकिए मत! यह मक्खी है बालू मक्खी जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक कलाजार को भोजन के जरिए फैलाती है. कालाजार को लेकर जिला स्वास्थ्य समिति पूरी तरह से अलर्ट है. इस रोग से लोगों को सुरक्षित रखने के लिए त्वरित गति से विभाग उन्मूलन कार्यक्रम चला रहा है. इससे बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग लोगों को जागरूक कर रहा है साथ ही सिंथेटिक पैराथायराइड (SP) पाउडर का छिड़काव भी शुरू करने की योजना बना रहा है. इसके लिए सबसे पहले सदर प्रखंड के पड़री और छोटका नुआंव गांव को चयनित किया गया है. इन गांवों में घर-घर SP पाउडर का छिड़काव शुरू करने के लिये स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित भी किया जा चुका है. 15 जून से शुरू होने वाला यह अभियान, सात जुलाई तक चलाया जायेगा. इस दौरान जिले के चार प्रखंडों के छह गांवों में दवाओं का छिड़काव किया जायेगा. जिनमें सदर प्रखंड के उक्त दो गावों के अलावा नावानगर के मणियां पंचायत के मणियां व गिरिधर बरांव पंचायत के गिरिधर बरांव में अभियान चलाया जाएगा. साथ ही, सिमरी प्रखंड के बड़का राजपुर व चक्की प्रखंड के चंदा पंचायत के परसियां में भी अभियान चलेगा. लगातार दो साल से मिल रहे हैं नये मामले [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>कालाजार उन्मूलन के लिये जिले के चार प्रखंडों के छह गांव में होगा दवाओं का छिड़काव</strong></p>



<p><strong>15 जून से शुरू होगा SP पाउडर का छिड़काव, छिड़काव के लिये स्वास्थ्य कर्मियों को किया जा चुका है प्रशिक्षित</strong></p>



<p>बक्सर,13 जून. क्या आप जानते हैं कि कलाजार एक मक्खी के जरिए फैलता है? जी हां! चौकिए मत! यह मक्खी है बालू मक्खी जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक कलाजार को भोजन के जरिए फैलाती है. कालाजार को लेकर जिला स्वास्थ्य समिति पूरी तरह से अलर्ट है. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220613-WA0002.jpg" alt="" class="wp-image-63601" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220613-WA0002.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220613-WA0002-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इस रोग से लोगों को सुरक्षित रखने के लिए त्वरित गति से विभाग उन्मूलन कार्यक्रम चला रहा है. इससे बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग लोगों को जागरूक कर रहा है साथ ही सिंथेटिक पैराथायराइड (SP) पाउडर का छिड़काव भी शुरू करने की योजना बना रहा है. इसके लिए सबसे पहले सदर प्रखंड के पड़री और छोटका नुआंव गांव को चयनित किया गया है. इन गांवों में घर-घर SP पाउडर का छिड़काव शुरू करने के लिये स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित भी किया जा चुका है. 15 जून से शुरू होने वाला यह अभियान, सात जुलाई तक चलाया जायेगा. इस दौरान जिले के चार प्रखंडों के छह गांवों में दवाओं का छिड़काव किया जायेगा. जिनमें सदर प्रखंड के उक्त दो गावों के अलावा नावानगर के मणियां पंचायत के मणियां व गिरिधर बरांव पंचायत के गिरिधर बरांव में अभियान चलाया जाएगा. साथ ही, सिमरी प्रखंड के बड़का राजपुर व चक्की प्रखंड के चंदा पंचायत के परसियां में भी अभियान चलेगा.</p>



<p><strong>लगातार दो साल से मिल रहे हैं नये मामले</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220613-WA0003.jpg" alt="" class="wp-image-63600" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220613-WA0003.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220613-WA0003-350x158.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>जिला वेक्टर जनित रोग पदाधिकारी डॉ. शैलेंद्र कुमार ने बताया, पिछले छह सालों में 2020 में कालाजार का एक भी मरीज नहीं मिला था, लेकिन 2021 से फिर से जिले में कालाजार के मामले सामने आने लगे. पिछले वर्ष सदर प्रखंड के छोटका नुआंव में पीकेडीएल का एक मरीज और इस वर्ष मार्च माह में पड़री में कालाजार के एक मरीज की पुष्टि हुई थी. इसके पूर्व वर्ष 2017 में चक्की के परसिया में एक मरीज मिला था. जिसके बाद 2018 में छोटका नुआंव में इसके 7 मरीजों, 2018 में गिरधरबरांव में एक, बड़का राजपुर में एक तथा पड़री में एक कालाजार का मरीज मिला था. वहीं, 2019 में इसका एकमात्र मरीज मणिया में मिला था</p>



<p><strong>लक्षणों की पहचान होना जरूरी</strong></p>



<p>वेक्टर जनित रोग सलाहकार राजीव कुमार ने बताया, लोगों में कालाजार के लक्षणों की पहचान होना बहुत जरूरी है. कालाजार एक वेक्टर जनित रोग और संक्रमण वाली बीमारी है जो परजीवी लिस्मैनिया डोनोवानी के कारण होता है. जिसका असर शरीर पर धीरे-धीरे पड़ता है. कालाजार का यह परजीवी बालू मक्खी के जरिये संक्रमित एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है. इस रोग से ग्रस्त मरीज खासकर गोरे व्यक्तियों के हाथ, पैर, पेट और चेहरे का रंग भूरा हो जाता है. उन्होंने बताया कि रुक-रुक कर बुखार आना, भूख कम लगना, शरीर में पीलापन और वजन घटना, तिल्ली और लीवर का आकार बढ़ना, त्वचा-सूखी, पतली और होना और बाल झड़ना कालाजार के मुख्य लक्षण हैं. इससे पीड़ित होने पर शरीर में तेजी से खून की कमी होने लगती है.</p>



<p>बक्सर से ओ पी <strong>पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>हर घर होगी दस्तक ताकि एक भी लाभुक वंचित ना हो</title>
		<link>https://www.patnanow.com/buxar-no-one-left-so-every-door-will-knock/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Jun 2022 13:05:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[We Care]]></category>
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					<description><![CDATA[सदर प्रखंड के नदांव एचडब्ल्यूसी में संगोष्ठी का हुआ आयोजन कुष्ठ और कालाजार के प्रति ग्रामीणों को किया गया जागरूक बक्सर, 06 जून. जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए वार्ड से जिला स्तर तक कार्य किए जा रहे हैं. ताकि, लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं का लाभ लोगों को मिल सके. वहीं, जिले में नियमित टीकाकरण के लिए जिले में हर घर दस्त अभियान शुरू होने वाला है. जिसके लिए जिले के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स पर सोमवार को आशा कार्यकर्ताओं की बैठक हुई. इसी क्रम में सदर प्रखंड स्थित नदांव हेल्थ सेंटर में भी आशा कार्यकताओं की बैठक हुई. साथ ही, लोगों को गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूक करने के लिए संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया. जिसमें कुष्ठ व कालाजार से बचाव, इलाज और लक्षण की जानकारी पर चर्चा की गई. जिसमें वीवीडीएस अभिषेक कुमार, पीएमडब्ल्यू नागेश दत्त पाण्डेय, सीएचओ प्रियंका कुमारी, एएनएम सुमित्रा कुमारी, आशा कार्यकर्ताओं में सुमित्रा, रमसिला, उर्मिला आदि कई आशा मौजूद रहीं. सर्वे में एक भी घर न छूटे : सीएचओ प्रियंका कुमारी ने आशा कार्यकताओं को बताया, विभाग के निर्देश के अनुसार नियमित टीकाकरण का लाभ सभी लाभार्थी को मिले इसके लिए सर्वे किया जा रहा है। जिसके लिए हर घर दस्तक अभियान 11 जून तक चलाया जायेगा। इस अभियान के तहत बच्चों व गर्भवती महिलाओं की ड्यू लिस्ट को अपडेट किया जाना है। ताकि, एक भी लाभुक टीका का लाभ पाने से वंचित न रहे. इसके अलावा, कोविड-19 टीकाकरण के ऐसे लाभुक जिन्होंने टीके की दूसरी और [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong><em>सदर प्रखंड के नदांव एचडब्ल्यूसी में संगोष्ठी का हुआ आयोजन</em></strong></p>



<p><strong><em>कुष्ठ और कालाजार के प्रति ग्रामीणों को किया गया जागरूक</em></strong></p>



<p>बक्सर, 06 जून. जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए वार्ड से जिला स्तर तक कार्य किए जा रहे हैं. ताकि, लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं का लाभ लोगों को मिल सके. वहीं, जिले में नियमित टीकाकरण के लिए जिले में हर घर दस्त अभियान शुरू होने वाला है. जिसके लिए जिले के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स पर सोमवार को आशा कार्यकर्ताओं की बैठक हुई. इसी क्रम में सदर प्रखंड स्थित नदांव हेल्थ सेंटर में भी आशा कार्यकताओं की बैठक हुई. साथ ही, लोगों को गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूक करने के लिए संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया. जिसमें कुष्ठ व कालाजार से बचाव, इलाज और लक्षण की जानकारी पर चर्चा की गई. जिसमें वीवीडीएस अभिषेक कुमार, पीएमडब्ल्यू नागेश दत्त पाण्डेय, सीएचओ प्रियंका कुमारी, एएनएम सुमित्रा कुमारी, आशा कार्यकर्ताओं में सुमित्रा, रमसिला, उर्मिला आदि कई आशा मौजूद रहीं.</p>



<p><strong>सर्वे में एक भी घर न छूटे :</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="308" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220606-WA0035.jpg" alt="" class="wp-image-63325" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220606-WA0035.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220606-WA0035-350x166.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="308" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220606-WA0038.jpg" alt="" class="wp-image-63323" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220606-WA0038.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220606-WA0038-350x166.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>सीएचओ प्रियंका कुमारी ने आशा कार्यकताओं को बताया, विभाग के निर्देश के अनुसार नियमित टीकाकरण का लाभ सभी लाभार्थी को मिले इसके लिए सर्वे किया जा रहा है। जिसके लिए हर घर दस्तक अभियान 11 जून तक चलाया जायेगा। इस अभियान के तहत बच्चों व गर्भवती महिलाओं की ड्यू लिस्ट को अपडेट किया जाना है। ताकि, एक भी लाभुक टीका का लाभ पाने से वंचित न रहे. इसके अलावा, कोविड-19 टीकाकरण के ऐसे लाभुक जिन्होंने टीके की दूसरी और प्रिकॉशनरी डोज नहीं ली है उनकी भी लिस्टिंग करनी है. इस कार्य को 31 जुलाई तक किया जाना है. जिससे पंचायत और आसपास के गांव के सभी लाभार्थी कोविड का टीका ले सकें. उन्होंने सभी आशा कार्यकर्ताओं से इनको तय सीमा में समाप्त करने की सलाह दी. ताकि, विभाग अपने आगे की रणनीति के तहत कार्य कर सके.</p>



<p> <strong>बीमारियों को शुरू में पहचानना जरूरी :</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="308" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220606-WA0034.jpg" alt="" class="wp-image-63324" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220606-WA0034.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220606-WA0034-350x166.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><br>बैठक के बाद संगोष्ठी में वीवीडीएस अभिषेक कुमार ने बताया, मच्छर और मक्खियों के कारण कई बीमारियों का प्रसार होता है. जिसमें कालाजार भी शामिल है. इस बीमारी के लक्षण की पहचान बहुत जरूरी है. यदि, समय पर रोग पकड़ा नहीं गया, तब एसी स्थिति में मरीज की जान भी जा सकती है. जिसके बाद उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को कालाजार के लक्षणों की पहचान के संबंध में विस्तृत जानकारी दी. तत्पश्चात पारा मेडिकल वर्कर नागेश दत्त पांडेय ने आशा कार्यकर्ताओं का कुष्ठ को लेकर ज्ञान वर्धन किया. साथ ही, गृह भ्रमण के दौरान मरीज की पहचान करने और उनको इलाज के प्रति जागरूक करते हुए वरीय अधिकारियों को सूचित करने की सलाह दी.</p>



<p>बक्सर से<strong> ओ पी पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>स्वास्थ्य विभाग को  जापान से मिलेगा अत्याधुनिक उपकरण</title>
		<link>https://www.patnanow.com/svsthy-vibhag-ko-japan-se-milega-new-upkaran/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Jun 2022 12:52:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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		<category><![CDATA[Japan government]]></category>
		<category><![CDATA[New equipment]]></category>
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					<description><![CDATA[राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने सिविल सर्जन को उपकरणों की मांग आवश्यकताओं का प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का दिया निर्देशपरिवार एवं कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने स्वास्थ विभाग को साझा किया जानकारी आरा, 6 जून- जापान सरकार का उद्यम जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग प्रणाली द्वारा जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों के इलाज के लिए विभिन्न प्रकार के मशीन व उपकरणों को अनुदान स्वरूप उपलब्ध कराया जाएगा. इस संबंध में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त सचिव द्वारा स्वास्थ्य विभाग को इस आशय की जानकारी साझा किया है. जिसके बाद राज्य स्वास्थ समति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने सिविल सर्जन को जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यकता अनुरूप उक्त मशीन उपकरणों की आवश्यक संख्या की मात्रा का प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. इन मशीनों व उपकरणों को कराया जाएगा उपलब्ध: जापान सरकार का उद्यम जापान अंतरराष्ट्रीय सहयोग प्रणाली द्वारा मरीजों को बेहतर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न उपकरणों को उपलब्ध कराया जाएगा. जिसमें वेडसाइड एक्सरे मशीन, पोर्टेबल अल्ट्रासाऊंड स्कैनर, ब्लड गैस एनालाइजर, सीरींज पंप, ऑक्सीजन जनरेटर व नेगेटिव प्रेशर बूथ शामिल है. इन मशीन उपकरणों को सेंट्रल मेडिकल सर्विसेज सोसाइटी के माध्यम से राज्य को उपलब्ध कराया जाएगा उसके बाद राज्य द्वारा संबंधित जिला को मांग के अनुरूप उपकरण की आपूर्ति की जाएगी. उपकरणों की उपलब्धि साबित होगी मरीजों के लिए वरदान:उपकरण मरीजों के इलाज में वरदान साबित हो सकता है. रोड ट्रेफिक एक्सीडेंट के मरीजों में स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के होने का बहुत अधिक संभावना रहता है. ऐसे मरीजों को [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने सिविल सर्जन को उपकरणों की मांग आवश्यकताओं का प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का दिया निर्देश<br>परिवार एवं कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने स्वास्थ विभाग को साझा किया जानकारी</strong><div><br>आरा, 6 जून- जापान सरकार का उद्यम जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग प्रणाली द्वारा जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों के इलाज के लिए विभिन्न प्रकार के मशीन व उपकरणों को अनुदान स्वरूप उपलब्ध कराया जाएगा. इस संबंध में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त सचिव द्वारा स्वास्थ्य विभाग को इस आशय की जानकारी साझा किया है. जिसके बाद राज्य स्वास्थ समति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने सिविल सर्जन को जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यकता अनुरूप उक्त मशीन उपकरणों की आवश्यक संख्या की मात्रा का प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.</div></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="431" height="536" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220606-WA0032-1.jpg" alt="" class="wp-image-63315" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220606-WA0032-1.jpg 431w, https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220606-WA0032-1-281x350.jpg 281w" sizes="(max-width: 431px) 100vw, 431px" /></figure>



<p><div><br><strong>इन मशीनों व उपकरणों को कराया जाएगा उपलब्ध:</strong></div></p>



<p><div><br>जापान सरकार का उद्यम जापान अंतरराष्ट्रीय सहयोग प्रणाली द्वारा मरीजों को बेहतर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न उपकरणों को उपलब्ध कराया जाएगा. जिसमें वेडसाइड एक्सरे मशीन, पोर्टेबल अल्ट्रासाऊंड स्कैनर, ब्लड गैस एनालाइजर, सीरींज पंप, ऑक्सीजन जनरेटर व नेगेटिव प्रेशर बूथ शामिल है. इन मशीन उपकरणों को सेंट्रल मेडिकल सर्विसेज सोसाइटी के माध्यम से राज्य को उपलब्ध कराया जाएगा उसके बाद राज्य द्वारा संबंधित जिला को मांग के अनुरूप उपकरण की आपूर्ति की जाएगी.</div></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="431" height="536" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220606-WA0032-2.jpg" alt="" class="wp-image-63316" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220606-WA0032-2.jpg 431w, https://www.patnanow.com/assets/2022/06/IMG-20220606-WA0032-2-281x350.jpg 281w" sizes="(max-width: 431px) 100vw, 431px" /></figure>



<p><div><br><strong>उपकरणों की उपलब्धि साबित होगी मरीजों के लिए वरदान:</strong><br>उपकरण मरीजों के इलाज में वरदान साबित हो सकता है. रोड ट्रेफिक एक्सीडेंट के मरीजों में स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के होने का बहुत अधिक संभावना रहता है. ऐसे मरीजों को विचलन कराया जाना भी दुष्कर होता है. ऐसी परिस्थिति में उक्त मशीनों में से एक बेडसाइड एक्स रे मशीन काफी मददगार साबित हो सकता है. इस उपकरण से मरीजों को उसके बेड पर ही चिकित्सीय सलाह के अनुसार एक्सरे की सुविधा उपलब्ध होगा. इसी प्रकार पोर्टेबल अल्ट्रासाऊंड स्कैनर मशीन से मरीजों के बेड पर ही आवश्यकतानुसार अल्ट्रासोनोग्राफी की जा सकेगी. इसी प्रकार ब्लड गैस एनालाइजर से मानव रक्त में घुले गैसीय तत्वों का विश्लेषण प्रतिवेदन प्राप्त हो सकेगा. जिसके आधार पर चिकित्सक मरीजों का बेहतर इलाज कर पाएंगे. इसके अलावा ऑक्सीजन जनरेटर एवं नेगेटिव प्रेशर भूत से भी मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध हो सकेगा.</div></p>



<p>आरा से <strong>ओ पी पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पर्यावरण के लिए खतरा है तंबाकू</title>
		<link>https://www.patnanow.com/tambaku-khatra-hai-environment-ke-liye/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 31 May 2022 08:17:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[ARA]]></category>
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		<category><![CDATA[Health Department]]></category>
		<category><![CDATA[Tobacco day]]></category>
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					<description><![CDATA[भोजपुर के 50 प्रतिशत लोग करते हैं तंबाकू का सेवन • “तंबाकू: हमारे पर्यावरण के लिए खतरा” होगी इस वर्ष की थीम• जिले के 43.7 प्रतिशत पुरुष करते हैं तंबाकू का सेवनआरा/ 31 मई: तम्बाकू सेवन के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से प्रत्येक साल 31 मई को विश्व तम्बाकू निषेध दिवस मनाया जाता है. इस वर्ष ‘‘तंबाकू- हमारे पर्यावरण के लिए खतरा ’’ तम्बाकू निषेध दिवस की थीम रखी गयी है. कोरोना संकट काल में किसी भी प्रकार के तम्बाकू उत्पादों का इस्तेमाल लोगों के लिए स्वास्थ्य चुनौतियों को बढ़ा सकता है. इसकी पुष्टि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी की है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार तंबाकू सेवन से विश्व भर में प्रति वर्ष 80 लाख लोगों को अपनी जान गँवानी पड़ती है. तम्बाकू सेवन कई तरह के श्वसन संबंधी रोगों का कारण होता है एवं इससे श्वसन संबंधी रोग कई गुना बढ़ भी जाता है. आज जिले में कई कार्यक्रम:विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर 31 मई को जिले में कई कार्यक्रम आयोजित हैं. प्रभातफेरी, पोस्टर मेकिंग, शपथ ग्रहण समारोह सहित अन्य कार्यक्रम हो रही है.. इस संदर्भ में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने पत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है. जारी पत्र में निर्देशित है कि वैश्विक वयस्क तम्बाकू सर्वेक्षण (GATS 2017) के आंकड़ों के मुताबिक बिहार में 25.9 प्रतिशत वयस्क तथा ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे (GYTS 2019) के आंकड़ों के अनुसार 13 से 15 आयु वर्ग की 7.3 प्रतिशत छात्र/छात्राएं तम्बाकू का सेवन करती हैं. जो राष्ट्रीय औसत 28.4 [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भोजपुर के 50 प्रतिशत लोग करते हैं तंबाकू का सेवन</strong></p>



<p>•<strong> “तंबाकू: हमारे पर्यावरण के लिए खतरा” होगी इस वर्ष की थीम<br>• जिले के 43.7 प्रतिशत पुरुष करते हैं तंबाकू का सेवन<br>आरा/ 31</strong> मई: तम्बाकू सेवन के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से प्रत्येक साल 31 मई को विश्व तम्बाकू निषेध दिवस मनाया जाता है. इस वर्ष ‘‘तंबाकू- हमारे पर्यावरण के लिए खतरा ’’ तम्बाकू निषेध दिवस की थीम रखी गयी है. कोरोना संकट काल में किसी भी प्रकार के तम्बाकू उत्पादों का इस्तेमाल लोगों के लिए स्वास्थ्य चुनौतियों को बढ़ा सकता है. इसकी पुष्टि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी की है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार तंबाकू सेवन से विश्व भर में प्रति वर्ष 80 लाख लोगों को अपनी जान गँवानी पड़ती है. तम्बाकू सेवन कई तरह के श्वसन संबंधी रोगों का कारण होता है एवं इससे श्वसन संबंधी रोग कई गुना बढ़ भी जाता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="374" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220530-WA0038.jpg" alt="" class="wp-image-62986" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220530-WA0038.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220530-WA0038-350x201.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><br><strong>आज जिले में कई कार्यक्रम:</strong><br>विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर 31 मई को जिले में कई कार्यक्रम आयोजित  हैं. प्रभातफेरी, पोस्टर मेकिंग, शपथ ग्रहण समारोह सहित अन्य कार्यक्रम हो रही है.. इस संदर्भ में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने पत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है. जारी पत्र में निर्देशित है कि वैश्विक वयस्क तम्बाकू सर्वेक्षण (GATS 2017) के आंकड़ों के मुताबिक बिहार में 25.9 प्रतिशत वयस्क तथा ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे (GYTS 2019) के आंकड़ों के अनुसार 13 से 15 आयु वर्ग की 7.3 प्रतिशत छात्र/छात्राएं तम्बाकू का सेवन करती हैं. जो राष्ट्रीय औसत 28.4 प्रतिशत एवं 8.5 प्रतिशत से बेहतर है. यह दर्शाता है कि तम्बाकू नियंत्रण की दिशा में सफल एवं सार्थक प्रयास किये जा रहे हैं. विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर कई तरह के जागरूकता कार्यक्रम  किये जाएंगे।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="325" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220530-WA0037-650x325.jpg" alt="" class="wp-image-62987" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220530-WA0037-650x325.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220530-WA0037-350x175.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220530-WA0037.jpg 660w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><br><strong>जिले के 50.6 प्रतिशत पुरुष करते हैं तंबाकू का सेवन:</strong><br>राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के आंकड़ों के अनुसार भोजपुर जिले के 43.7 प्रतिशत पुरुष किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं. जिले की 2.4 प्रतिशत महिलाएं भी तंबाकू सेवन के लत से ग्रसित हैं.</p>



<p><br><strong>ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे-2 के अनुसार:</strong><br>• बिहार में 25.9% लोग किसी न किसी प्रकार के तम्बाकू उत्पाद का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें 20.8 प्रतिशत लोग स्मोकलेस तम्बाकू का इस्तेमाल करते हैं (जैसे खैनी, गुटखा एवं पान मसाला)<br>• बिहार में 15 से 17 साल की आयु के बीच 24% लोग तम्बाकू इस्तेमाल शुरू कर देते हैं<br>• देश में 28.6% लोग किसी न किसी प्रकार के तम्बाकलकू उत्पाद का इस्तेमाल करते हैं<br>• देश में 42.4% पुरुष एवं 14.2% महिलाएं तम्बाकू उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं<br>• देश में 12.2% लोग 15 साल की आयु से पूर्व ही तम्बाकू उत्पादों का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं.</p>



<p>आरा से <strong>ओ पी पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>डॉक्टर अब देख पाएंगे अस्पतालों में अधिक मरीज, बढ़ेगी सुविधा</title>
		<link>https://www.patnanow.com/doctor-can-treat-more-patients-in-hospital/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 May 2022 14:52:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar health department]]></category>
		<category><![CDATA[Facilities]]></category>
		<category><![CDATA[government hospital]]></category>
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		<category><![CDATA[Mangal Pandey Health Minister]]></category>
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					<description><![CDATA[राज्य स्वास्थ्य मंत्री ने की राज्यस्तरीय मासिक समीक्षात्मक बैठक पटना, 24 मई. राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान, पटना के सभागार में मंगलवार को राज्य स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय मासिक समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति एवं अद्यतन स्थिति की समीक्षा हेतु सभी क्षेत्रीय अपर निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं, सिविल सर्जन, क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक की राज्यस्तरीय मासिक समीक्षात्मक बैठक में शामिल हुए. स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने उक्त अवसर पर कहा कि राज्य में स्वास्थ्य संबंधी जो कार्यक्रम चल रहे हैं, उसकी समीक्षा की गयी है. आने वाले समय में चिकित्सकों को अस्पतालों में मरीज देखने में अधिक सुविधा हो ताकि वह अधिक मरीज को देख सकें. दवाईयों की व्यवस्था और बेहतर हो. जो दवाईयां हमारे स्टॉक में उपलब्ध हैं, वो अधिक से अधिक अस्पतालों तक पहुंच सकें. जांच संबंधी सुविधाओं में यदि कठिनाई हो रही हो, तो उसमें और सुधार की जाए. उसके अलावे ऐसे मानक जिनके कारण स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा की जाती है, उस पर भी चर्चा की गयी. मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर, नवजात शिशु मृत्यु दर, टीबी नियंत्रण, मलेरिया नियंत्रण, कालाजार समेत अन्य कार्यक्रमों सबंधी समीक्षा भी की गयी. उन्होंने आगे कहा कि तीन वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में योदगान देने वाले चिकित्सक एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की लगभग 29 हजार बहाली हुई है. मानवबल की कमियों को दूर किया जा रहा है. तीन जिले जो बेहतर कार्य करेंगे उनको सम्मानित किया जाएगा. जहां [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p><strong>राज्य स्वास्थ्य मंत्री ने की राज्यस्तरीय मासिक समीक्षात्मक बैठक</strong></p>



<p>पटना, 24 मई. राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान, पटना के सभागार में मंगलवार को राज्य स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय मासिक समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति एवं अद्यतन स्थिति की समीक्षा हेतु सभी क्षेत्रीय अपर निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं, सिविल सर्जन, क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक की राज्यस्तरीय मासिक समीक्षात्मक बैठक में शामिल हुए.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220524-WA0024.jpg" alt="" class="wp-image-62683" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220524-WA0024.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220524-WA0024-350x233.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने उक्त अवसर पर कहा कि राज्य में स्वास्थ्य संबंधी जो कार्यक्रम चल रहे हैं, उसकी समीक्षा की गयी है. आने वाले समय में चिकित्सकों को अस्पतालों में मरीज देखने में अधिक सुविधा हो ताकि वह अधिक मरीज को देख सकें. दवाईयों की व्यवस्था और बेहतर हो. जो दवाईयां हमारे स्टॉक में उपलब्ध हैं, वो अधिक से अधिक अस्पतालों तक पहुंच सकें. जांच संबंधी सुविधाओं में यदि कठिनाई हो रही हो, तो उसमें और सुधार की जाए. उसके अलावे ऐसे मानक जिनके कारण स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा की जाती है, उस पर भी चर्चा की गयी. मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर, नवजात शिशु मृत्यु दर, टीबी नियंत्रण, मलेरिया नियंत्रण, कालाजार समेत अन्य कार्यक्रमों सबंधी समीक्षा भी की गयी.</p>



<p>उन्होंने आगे कहा कि तीन वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में योदगान देने वाले चिकित्सक एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की लगभग 29 हजार बहाली हुई है. मानवबल की कमियों को दूर किया जा रहा है. तीन जिले जो बेहतर कार्य करेंगे उनको सम्मानित किया जाएगा. जहां भी कमियां हैं उसे दूर किया जा रहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220524-WA0022.jpg" alt="" class="wp-image-62682" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220524-WA0022.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220524-WA0022-350x233.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की अद्यतन स्थिति (एईएस/जेई सहित), स्वास्थ्य कार्यक्रमों हेतु निर्धारित सूचकांकों की प्रगति, कार्यक्रमवार आवंटित राशि की व्यय की अद्यतन स्थिति एवं समय-समय पर मुख्यालय स्तर से निर्गत दिशा-निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा की गई.</p>



<p>बैठक में कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति संजय कुमार सिंह, केशवेंद्र कुमार, अपर-कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति, शशांक शेखर सिन्हा, माननीय स्वास्थ्य मंत्री के आप्त सचिव, कमल नयन, प्रशासी पदाधिकारी, राज्य स्वास्थ्य समिति, राजेश कुमार उप सचिव, राज्य स्वास्थ्य समिति,अविनाश कुमार पाण्डेय, राज्य कार्यक्रम प्रबंधक, राज्य स्वास्थ्य समिति समेत अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे.</p>



<p><strong>PNCB</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>टीकाकरण के सुदृढ़ीकरण के लिए दो दिवसीय कार्यशाला</title>
		<link>https://www.patnanow.com/so-divasiya-vaccination-workshop/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 May 2022 13:16:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[ARA]]></category>
		<category><![CDATA[BHOJPUR]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
		<category><![CDATA[CoVid vaccine]]></category>
		<category><![CDATA[Health Department]]></category>
		<category><![CDATA[Regular vaccination]]></category>
		<category><![CDATA[Vaccine]]></category>
		<category><![CDATA[Vaccine workshop]]></category>
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					<description><![CDATA[नियमित टीकाकरण के सुदृढ़ीकरण एवं टीकाकरण आच्छादन में बढ़ोतरी के लिए प्रशिक्षित होंगे जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी • 26 एवं 27 मई को दो दिवसीय आवासीय कार्यशाला का होगा आयोजन• अपर निदेशक-सह-राज्य प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने पत्र जारी कर दिए निर्देश• नियमित टीकाकरण अभियान को मिलेगी गति आरा/ 24 मई- राज्य सरकार नियमित टीकाकरण के गुणवत्ता की और भी सुदृढ़ीकरण एवं इसके आच्छादन के लिए कृतसंकल्प है. इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए आगामी 26 और 27 मई को जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी का कायॅशाला के माध्यम से उन्मुखीकरण किया जाएगा. साथ ही नियमित टीकाकरण अभियान की समीक्षा भी की जाएगी. इस संबंध में अपर निदेशक-सह-राज्य प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार सिन्हा ने सभी सिविल सर्जन को पत्र जारी कर अपने अपने जिलों के जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी को दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यशाला में भाग लेने के लिए एक दिन पहले पटना भेजना सुनिश्चित करें. कार्यशाला पटना स्थित होटल चाणक्या में निर्धारित की गयी है. नियमित टीकाकरण अभियान को मिलेगी गति:कार्यशाला में सभी प्रतिरक्षण पदाधिकारियों को नियमित टीकाकरण के सूक्ष्म कार्ययोजना के बारे में बताया जाएगा. टीकाकरण के आच्छादन में बढ़ोतरी, नियमित टीकाकरण के बाद होने वाली संभावित परेशानियों का मूल्यांकन एवं प्रबंधन के बारे में इस कार्यशाला में बातें की जाएगी. साथ-साथ टीका के रियल टाइम स्टाक, स्टोरेज तापमान, टीका की जरूरत एवं आपातकालीन प्रबंधन के बारे में भी कायॅक्रम में उपस्थित भागीदारों को अवगत कराया जाएगा. इसके अलवा किसी भी जटिल केस पर नजर रखना एवं ईविन पोर्टल के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी. नियमित टीकाकरण कार्यक्रम है स्वस्थ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>नियमित टीकाकरण के सुदृढ़ीकरण एवं टीकाकरण आच्छादन में बढ़ोतरी के लिए प्रशिक्षित होंगे जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी</strong></p>



<p>• <strong>26 एवं 27 मई को दो दिवसीय आवासीय कार्यशाला का होगा आयोजन<br>• अपर निदेशक-सह-राज्य प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने पत्र जारी कर दिए निर्देश<br>• नियमित टीकाकरण अभियान को मिलेगी गति</strong><div><br>आरा/ 24 मई- राज्य सरकार नियमित टीकाकरण के गुणवत्ता की और भी सुदृढ़ीकरण एवं इसके आच्छादन के लिए कृतसंकल्प है. इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए आगामी 26 और 27 मई को जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी का कायॅशाला के माध्यम से उन्मुखीकरण किया जाएगा. साथ ही नियमित टीकाकरण अभियान की समीक्षा भी की जाएगी. इस संबंध में अपर निदेशक-सह-राज्य प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार सिन्हा ने सभी सिविल सर्जन को पत्र जारी कर अपने अपने जिलों के जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी को दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यशाला में भाग लेने के लिए एक दिन पहले पटना भेजना सुनिश्चित करें. कार्यशाला पटना स्थित होटल चाणक्या में निर्धारित की गयी है.</div></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="528" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220524-WA0021.jpg" alt="" class="wp-image-62679" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220524-WA0021.jpg 528w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220524-WA0021-308x350.jpg 308w" sizes="(max-width: 528px) 100vw, 528px" /></figure>



<p><div><br><strong>नियमित टीकाकरण अभियान को मिलेगी गति:</strong><br>कार्यशाला में सभी प्रतिरक्षण पदाधिकारियों को नियमित टीकाकरण के सूक्ष्म कार्ययोजना के बारे में बताया जाएगा. टीकाकरण के आच्छादन में बढ़ोतरी, नियमित टीकाकरण के बाद होने वाली संभावित परेशानियों का मूल्यांकन एवं प्रबंधन के बारे में इस कार्यशाला में बातें की जाएगी. साथ-साथ टीका के रियल टाइम स्टाक, स्टोरेज तापमान, टीका की जरूरत एवं आपातकालीन प्रबंधन के बारे में भी कायॅक्रम में उपस्थित भागीदारों को अवगत कराया जाएगा. इसके अलवा किसी भी जटिल केस पर नजर रखना एवं ईविन पोर्टल के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी.</div></p>



<p><div><br><strong>नियमित टीकाकरण कार्यक्रम है स्वस्थ जीवन की धुरी:</strong><br>गर्भवती महिलाओं एवं नवजात तथा छोटे बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता के विकास में नियमित टीकाकरण अहम् भूमिका निभाता है. गर्भस्थ शिशु एवं उसकी माता से इसकी शुरुआत होती है. नियमित टीकाकरण विभिन्न बीमारी के संक्रमण के बाद या बीमारी के खिलाफ बच्चों की रक्षा करता है. साथ ही, शरीर की रोग प्रतिरक्षा प्रणाली को भी सुदृढ़ करता है. नियमित टीकाकरण से बच्चों को चेचक, हेपेटाइटिस जैसी अन्य बीमारियों से बचाया जा सकता है. बीसीजी, हेपेटाइटिस ए, हेपेटाइटिस बी, डीटीपी, रोटा वायरस वैक्सीन, इन्फ्लूएंजा व न्यूमोनिया के लिए टीकाकरण किये जाते हैं. बच्चों के लिए नियमित टीकाकरण बहुत जरूरी है. यह शरीर में बीमारियों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता पैदा करता है. साथ ही एंटीबॉडी बनाकर शरीर को सुरक्षित भी रखता है.</div></p>



<p>आरा से <strong>ओ पी पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>प्रदेश में देशी चिकित्सा पद्धति के लिए होगा 45 करोड़ खर्च</title>
		<link>https://www.patnanow.com/45-carore-hoga-deshi-chikitsaa-per-kharch/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 May 2022 07:24:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
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		<category><![CDATA[Bihar health department]]></category>
		<category><![CDATA[Central health minister]]></category>
		<category><![CDATA[Health]]></category>
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		<category><![CDATA[Mangal Pandey Health Minister]]></category>
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					<description><![CDATA[आयुष औषधालय और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की संवरेगी सूरत 38 राजकीय औषधालय और 160 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का होगा कायाकल्प औषधालय और उप स्वास्थ्य केंद्र के जीर्णोद्धार पर खर्च होंगे 6.55 लाख रुपये पटना, 24 मई. बिहार में आने वाले दिनों में चिकित्सा की सूरत बदलने वाली है. सरकार ने चिकित्सा से जुड़े हर पद्धति को सुदृढ़ करने का निश्चय किया है और इसके लिए कंक्रिट योजना भी बनाई है. राज्य सरकार प्रदेश में आयुर्वेद, होमियोपैथी और यूनानी चिकित्सा पद्धति को विकसित करने में लगी हुई है. प्रदेश के 38 आयुष औषधालय व 160 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर करने पर करीब 45 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, केंद्र सरकार देशी चिकित्सा पद्धति को विकसित करने के लिए आयुर्वेद, होमियोपैथी और यूनानी समेत अन्य देसी चिकित्सा को बढ़ावा देने को लेकर कई योजना संचालित कर रही है. इसी योजना के तहत प्रदेश के 38 राजकीय औषधालय और उप स्वास्थ्य केंद्र आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को विकसित करने की मंजूरी प्रदान की गई. राज्य सरकार केंद्र की योजना को साकार करने में लगी हुई है. कायाकल्प : 38 राजकीय औषधालय और 160 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर फिलहाल प्रदेश में आयुष मंत्रालय द्वारा स्वीकृत 160 आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में से 40 सेंटर संचालित हैं. शेष सेंटर को खोलने की प्रक्रिया चल रही है. सेंटरों पर देसी चिकित्सा पद्धति के माध्यम से रोगियों के इलाज किए जा रहें हैं. केंद्र एवं राज्य सरकार ने 38 राजकीय आयुष औषधालय व 160 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आयुष औषधालय और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की संवरेगी सूरत</strong></p>



<p><strong>38 राजकीय औषधालय और 160 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का होगा कायाकल्प</strong></p>



<p><strong>औषधालय और उप स्वास्थ्य केंद्र के जीर्णोद्धार पर खर्च होंगे 6.55 लाख रुपये</strong></p>



<p>पटना, 24 मई. बिहार में आने वाले दिनों में चिकित्सा की सूरत बदलने वाली है. सरकार ने चिकित्सा से जुड़े हर पद्धति को सुदृढ़ करने का निश्चय किया है और इसके लिए कंक्रिट योजना भी बनाई है. राज्य सरकार प्रदेश में आयुर्वेद, होमियोपैथी और यूनानी चिकित्सा पद्धति को विकसित करने में लगी हुई है. प्रदेश के 38 आयुष औषधालय व 160 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर करने पर करीब 45 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, केंद्र सरकार देशी चिकित्सा पद्धति को विकसित करने के लिए आयुर्वेद, होमियोपैथी और यूनानी समेत अन्य देसी चिकित्सा को बढ़ावा देने को लेकर कई योजना संचालित कर रही है. इसी योजना के तहत प्रदेश के 38 राजकीय औषधालय और उप स्वास्थ्य केंद्र आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को विकसित करने की मंजूरी प्रदान की गई. राज्य सरकार केंद्र की योजना को साकार करने में लगी हुई है.</p>



<p><strong>कायाकल्प : 38 राजकीय औषधालय और 160 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="225" height="225" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220523-WA0043.jpg" alt="" class="wp-image-62670" /></figure>



<p>फिलहाल प्रदेश में आयुष मंत्रालय द्वारा स्वीकृत 160 आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में से 40 सेंटर संचालित हैं. शेष सेंटर को खोलने की प्रक्रिया चल रही है. सेंटरों पर देसी चिकित्सा पद्धति के माध्यम से रोगियों के इलाज किए जा रहें हैं. केंद्र एवं राज्य सरकार ने 38 राजकीय आयुष औषधालय व 160 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को खोलने के साथ ही जीर्णोद्धार करने की योजना बनाई है. इसके लिए राज्य सरकार द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष 2021-22 में करीब 28 करोड़ 10 लाख रुपये खर्च करने की मंजूरी भी प्रदान की गई है,जबकि इससे पहले आयुष मंत्रालय द्वारा केन्द्रांश मद की राशि करीब 16 करोड़ 86 लाख रुपये विमुक्त किया जा चुका है.</p>



<p><strong>स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ परिसर में लगेंगे औषधीय पौधे</strong></p>



<p>इन औषधालयों और सेंटरों पर देसी चिकित्सा पद्धति से विभिन्न बीमारियों की जांच और इलाज किया जाएगा. मरीजों को आयुष की दवाएं भी दी जाएंगी. साथ ही परिसर में 15 प्रकार के औषधीय पौधे लगाए जाने की योजना है. मरीजों और आसपास के लोगों को भी औषधीय पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा. साथ ही सेंटर पर योगा की कक्षा भी संचालित की जाएगी. इसके लिए योग के प्रशिक्षक को नियुक्त करने की प्रक्रिया चल रही है.</p>



<p>पटना से <strong>ओ पी पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गर्भवती महिलायें भी ले सकती हैं कोविड टीका, नहीं है कोई नुकसान</title>
		<link>https://www.patnanow.com/covid-vaccination-is-safe-for-pregnent-women/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 14 May 2022 05:57:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[अब तक हुए टीकाकरण में पुरुषों से महिलाओं की संख्या काफी अधिकजिन महिलाओं का प्रिकॉशनरी डोज लेने का समय हो गया है वो अपना टीका अवश्य लेंबक्सर,14 मई. जिले में कोरोना वायरस से संक्रमण प्रसार व उसके प्रभाव को कम करने के लिए टीकाकरण का कार्य निरंतर चल रहा है. समय-समय पर टीकाकरण की गति को बढ़ाने के लिए स्पेशल ड्राइव भी चलाए जाते हैं, ताकि, निर्धारित उम्र वर्ग के लाभार्थियों को टीका देकर लाभान्वित किया जा सके. क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी टीकाकरण को कोविड संक्रमण से बचाव का एकमात्र रास्ता बताया है. लेकिन, कोविड टीका लेने का यह मतलब कतई नहीं है की लोग टीकाकरण के बाद भी संक्रमण को लेकर बेपरवाह हो जाए. टीकाकरण के बाद भी नियमित रूप से मास्क के इस्तेमाल, हाथों को साबुन पानी से धोने या सैनिटाइजर के इस्तेमाल तथा शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करते रहना आवश्यक है. टीकाकरण के प्रति गर्भवतियों को जागरूक करने की पहल ऐसे मामले हैं जिनमें यह देखा जाता है की लाभुक अपरिहार्य कारणों से टीका लेने में कतराते हैं. जिनमें गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं,जो अपने गर्भ में पल रहे बच्चे को लेकर काफी चिंतित रहती हैं. ऐसे में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने गर्भवतियों को जागरूक करने की पहल की है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इसके लिए एडवाइजरी जारी की है, जिसमें बताया है कि कोविड टीकाकरण गर्भवती महिलाओं और उनके होने वाले बच्चे दोनों के लिए सुरक्षित है. कोविड 19 के लक्षण जिन गर्भवती महिलाओं में पाये जाते हैं, [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p><strong>अब तक हुए टीकाकरण में पुरुषों से महिलाओं की संख्या काफी अधिक<br>जिन महिलाओं का प्रिकॉशनरी डोज लेने का समय हो गया है वो अपना टीका अवश्य लें</strong><br>बक्सर,14 मई. जिले में कोरोना वायरस से संक्रमण प्रसार व उसके प्रभाव को कम करने के लिए टीकाकरण का कार्य निरंतर चल रहा है. समय-समय पर टीकाकरण की गति को बढ़ाने के लिए स्पेशल ड्राइव भी चलाए जाते हैं, ताकि, निर्धारित उम्र वर्ग के लाभार्थियों को टीका देकर लाभान्वित किया जा सके. क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी टीकाकरण को कोविड संक्रमण से बचाव का एकमात्र रास्ता बताया है. लेकिन, कोविड टीका लेने का यह मतलब कतई नहीं है की लोग टीकाकरण के बाद भी संक्रमण को लेकर बेपरवाह हो जाए. टीकाकरण के बाद भी नियमित रूप से मास्क के इस्तेमाल, हाथों को साबुन पानी से धोने या सैनिटाइजर के इस्तेमाल तथा शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करते रहना आवश्यक है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220513-WA0060-1.jpg" alt="" class="wp-image-62258" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220513-WA0060-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220513-WA0060-1-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>टीकाकरण के प्रति गर्भवतियों को जागरूक करने की पहल</strong></p>



<p>ऐसे मामले हैं जिनमें यह देखा जाता है की लाभुक अपरिहार्य कारणों से टीका लेने में कतराते हैं. जिनमें गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं,जो अपने गर्भ में पल रहे बच्चे को लेकर काफी चिंतित रहती हैं. ऐसे में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने गर्भवतियों को जागरूक करने की पहल की है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इसके लिए एडवाइजरी जारी की है, जिसमें बताया है कि कोविड टीकाकरण गर्भवती महिलाओं और उनके होने वाले बच्चे दोनों के लिए सुरक्षित है. कोविड 19 के लक्षण जिन गर्भवती महिलाओं में पाये जाते हैं, उन्हें गंभीर बीमारी होने की संभावना अधिक होती है. साथ ही, भ्रूण पर भी इसका प्रभाव हो सकता है. इसलिए गर्भवती महिलाओं को कोविड 19 वैक्सीन लगवाने की सलाह दी गई है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220513-WA0059.jpg" alt="" class="wp-image-62257" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220513-WA0059.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220513-WA0059-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>अवश्य करवाएं गर्भवती महिलाएं कोविड वैक्सीनेशन</strong><br>परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक कोविड 19 वैक्सीन गर्भावस्था के दौरान कभी भी लगवाई जा सकती. इसलिए इसे जल्द से जल्द लगवाने की सलाह दी जा रही है. एडवाइजरी के मुताबिक यदि कोई महिला गर्भावस्था के दौरान कोविड 19 संक्रमण से संक्रमित हो जाती है तो उसे प्रसव के तुरंत बाद वैक्सीन लगायी जानी चाहिए. क्योंकि गर्भावस्था में कोविड 19 वैक्सीन सुरक्षित है. हालांकि, हल्का बुखार, इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द या एक से तीन दिनों तक अस्वस्थ महसूस करने जैसे मामूली असर हो सकते हैं, लेकिन, इससे घबराने की जरूरत नहीं है</p>



<p>महिलाओं ने टीकाकरण में पुरुषों को पछाड़ा</p>



<p>कोविड टीकाकरण अभियान की दौड़ में महिलाएं पुरुषों से काफी आगे हैं. अब तक बक्सर जिले की महिलाओं ने टीके की 11,13,650 विभिन्न डोज ले ली है। वहीं, पुरुषों को 10,74,586 डोज दिए गए हैं. इनमें टीके की पहली, दूसरी और तीसरी डोज की संख्या शामिल है. हालांकि, शुक्रवार की शाम तक जिलेवासियों को 22,11,584 टीके के डोज दिए जा चुके हैं. जिनमें 11,71,608 लोगों को पहली, 10,17,053 लोगों को दूसरी और 22,923 को टीके की तीसरी यानि प्रिकॉशनरी डोज दिया जा चुका है.</p>



<p>बक्सर से<strong> ओ पी पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बेहतर स्वास्थ्य सेवा वाला MOU</title>
		<link>https://www.patnanow.com/mou-se-sudharega-swasthya-seva/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Nov 2021 07:12:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[Better health]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
		<category><![CDATA[bihar government]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar health department]]></category>
		<category><![CDATA[Bodhgaya]]></category>
		<category><![CDATA[Health Department]]></category>
		<category><![CDATA[MOU]]></category>
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					<description><![CDATA[MOU के माध्यम से हम राज्य की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करा पायेंगे- मंगल पांडेय • राज्य स्वास्थ्य समिति एवं आईआईएम, बोध गया के बीच हुआ MOU पर हस्ताक्षर• नेतृत्वक्षमता, कार्यक्षमता एवं गुणवत्ता में वृद्धि के लिए प्रशिक्षित किये जायेंगे स्वास्थ्यकर्मी राज्य स्वास्थ्य समिति एवं आईआईएम, बोध गया के बीच हुआ MOU पर हस्ताक्षर: सोमवार को स्वास्थ्य विभाग सभागार में राज्य स्वास्थ्य समिति एवं आईआईएम, बोध गया के बीच MOU पर हस्ताक्षर किया गया. राज्य स्वास्थ्य समिति की तरफ से संजय कुमार सिंह, कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार एवं आईआईएम, बोध गया की तरफ से संस्थान की निदेशक विनीता सहाय ने एमओयू पर हस्ताक्षर किये. एमओयू का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य क्षेत्र के अंतर्गत राज्य से प्रखंड स्तर तक कार्यरत चिकित्सकों, नर्सों तथा विभिन्न प्रबंधकीय पदों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को प्रशिक्षण के माध्यम से उनके कार्यक्षमता एवं गुणवत्ता में और अधिक वृद्धि किया जाना है जिससे इनके नेतृत्वक्षमता, कार्यशैली एवं कार्यक्रमों को अधिक हितोपयोगी रूप से लागू किया जा सके. आईआईएम, बोध गया के प्रशिक्षण से होगा स्वास्थ्यकर्मियों की कार्यकुशलता में विस्तार:स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा, स्वास्थ्य विभाग के लिए गर्व की बात है की आईआईएम, बोध गया पहली बार बिहार में किसी विभाग के साथ एमओयू कर रही है. इस प्रशिक्षण के माध्यम से सार्थक परिणाम नजर आयेंगे और स्वास्थ्यकर्मी बेहतर तरीके से अपने कार्यों को संपादित कर पाएंगे. वर्तमान में कार्यरत मानव संसाधन के तकनीकी प्रशिक्षण का का प्रावधान प्रत्येक कार्यक्रम अंतर्गत स्वीकृत है और अब मानव संसाधन के कौशल [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>MOU के माध्यम से हम राज्य की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करा पायेंगे- मंगल पांडेय</strong></p>



<p>• <em><strong>राज्य स्वास्थ्य समिति एवं आईआईएम, बोध गया के बीच हुआ MOU पर हस्ताक्षर<br>• नेतृत्वक्षमता, कार्यक्षमता एवं गुणवत्ता में वृद्धि के लिए प्रशिक्षित किये जायेंगे स्वास्थ्यकर्मी<br></strong></em></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/11/IMG-20211122-WA0012.jpg" alt="" class="wp-image-57209" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/11/IMG-20211122-WA0012.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/11/IMG-20211122-WA0012-350x158.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><br><strong>राज्य स्वास्थ्य समिति एवं आईआईएम, बोध गया के बीच हुआ MOU पर हस्ताक्षर:</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/11/IMG-20211122-WA0013.jpg" alt="" class="wp-image-57210" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/11/IMG-20211122-WA0013.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/11/IMG-20211122-WA0013-350x158.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/11/IMG-20211122-WA0014.jpg" alt="" class="wp-image-57211" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/11/IMG-20211122-WA0014.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/11/IMG-20211122-WA0014-350x158.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><br>सोमवार को स्वास्थ्य विभाग सभागार में राज्य स्वास्थ्य समिति एवं आईआईएम, बोध गया के बीच MOU पर हस्ताक्षर किया गया. राज्य स्वास्थ्य समिति की तरफ से संजय कुमार सिंह, कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार एवं आईआईएम, बोध गया की तरफ से संस्थान की निदेशक विनीता सहाय ने एमओयू पर हस्ताक्षर किये. एमओयू का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य क्षेत्र के अंतर्गत राज्य से प्रखंड स्तर तक कार्यरत चिकित्सकों, नर्सों तथा विभिन्न प्रबंधकीय पदों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को प्रशिक्षण के माध्यम से उनके कार्यक्षमता एवं गुणवत्ता में और अधिक वृद्धि किया जाना है जिससे इनके नेतृत्वक्षमता, कार्यशैली एवं कार्यक्रमों को अधिक हितोपयोगी रूप से लागू किया जा सके.</p>



<p><br><strong>आईआईएम, बोध गया के प्रशिक्षण से होगा स्वास्थ्यकर्मियों की कार्यकुशलता में विस्तार:</strong><br>स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा, स्वास्थ्य विभाग के लिए गर्व की बात है की आईआईएम, बोध गया पहली बार बिहार में किसी विभाग के साथ एमओयू कर रही है. इस प्रशिक्षण के माध्यम से सार्थक परिणाम नजर आयेंगे और स्वास्थ्यकर्मी बेहतर तरीके से अपने कार्यों को संपादित कर पाएंगे. वर्तमान में कार्यरत मानव संसाधन के तकनीकी प्रशिक्षण का का प्रावधान प्रत्येक कार्यक्रम अंतर्गत स्वीकृत है और अब मानव संसाधन के कौशल विकास की जरुरत है.<br>इस अवसर पर अनिमेष कुमार पराशर, अपर कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति, राकेश कुमार, उप सचिव, राज्य स्वास्थ्य समिति, विभाग के अधिकारीगण एवं कई मीडियाकर्मी उपस्थित थे.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/11/IMG-20211122-WA0011.jpg" alt="" class="wp-image-57212" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/11/IMG-20211122-WA0011.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/11/IMG-20211122-WA0011-350x158.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>Pncb</p>
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