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	<title>harihar kshetra &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>जहां मिलता था हाथी से लेकर सूई तक&#8230;सोनपुर मेला &#8211; कब शुरू होगा</title>
		<link>https://www.patnanow.com/sonapur-mela-starts-from-21st-november-2018/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nikhil]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 16 Nov 2018 04:19:00 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पटना (अजीत की रिपोर्ट) ।  विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेला इस बार 21 नवंबर से शुरू होने जा रहा है. यह मेला 25 दिसंबर तक चलेगा. मेला में इस बार 25 नवंबर को विशेष राजकीय कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. कला संस्कृति विभाग की तरफ से आयोजित होने वाले इसे मेला से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं.सोनपुर मेला यह राजधानी पटना से 25 किलोमीटर और वैशाली के हाजीपुर शहर से 3 किलोमीटर दूर है। हर साल कार्तिक पूर्णिमा (नवंबर-दिसंबर) में लगने वाला यह मेला एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला है। यह मेला भले ही पशु मेला के नाम से विख्यात है, लेकिन इस मेले की खासियत यह है कि यहां सूई से लेकर हाथी तक की खरीदारी आप कर सकते हैं. इससे भी बड़ी बात यह कि मॉल कल्चर के इस दौर में बदलते वक्त के साथ इस मेले के स्वरूप और रंग-ढंग में बदलाव जरूर आया है लेकिन इसकी सार्थकता आज भी बनी हुई है. 5-6 किलोमीटर के वृहद क्षेत्रफल में फैला यह मेला हरिहरक्षेत्र मेला और छत्तर मेला मेला के नाम से भी जाना जाता है. हर साल कार्तिक पूर्णिमा के स्नान के साथ यह मेला शुरू हो जाता है और एक महीने तक चलता है। यहां मेले से जुड़े तमाम आयोजन होते हैं. इस मेले में कभी अफगान, इरान, इराक जैसे देशों के लोग पशुओं की खरीदारी करने आया करते थे. कहा जाता है कि चंद्रगुप्त मौर्य ने भी इसी मेले से बैल, घोड़े, हाथी और हथियारों की खरीदारी की थी. 1857 की लड़ाई के लिए [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div dir="auto"><b><img fetchpriority="high" decoding="async" class="size-full wp-image-36678 aligncenter" src="https://www.patnanow.com/assets/2018/11/IMG-20181116-WA0001.jpg" alt="" width="650" height="453" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2018/11/IMG-20181116-WA0001.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2018/11/IMG-20181116-WA0001-350x244.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2018/11/IMG-20181116-WA0001-130x90.jpg 130w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" />पटना (अजीत की रिपोर्ट)</b> ।  विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेला इस बार 21 नवंबर से शुरू होने जा रहा है. यह मेला 25 दिसंबर तक चलेगा. मेला में इस बार 25 नवंबर को विशेष राजकीय कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. कला संस्कृति विभाग की तरफ से आयोजित होने वाले इसे मेला से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं.सोनपुर मेला यह राजधानी पटना से 25 किलोमीटर और वैशाली के हाजीपुर शहर से 3 किलोमीटर दूर है। हर साल कार्तिक पूर्णिमा (नवंबर-दिसंबर) में लगने वाला यह मेला एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला है। यह मेला भले ही पशु मेला के नाम से विख्यात है, लेकिन इस मेले की खासियत यह है कि यहां सूई से लेकर हाथी तक की खरीदारी आप कर सकते हैं.</div>
<div dir="auto">
<div dir="auto">इससे भी बड़ी बात यह कि मॉल कल्चर के इस दौर में बदलते वक्त के साथ इस मेले के स्वरूप और रंग-ढंग में बदलाव जरूर आया है लेकिन इसकी सार्थकता आज भी बनी हुई है.</div>
<div dir="auto">5-6 किलोमीटर के वृहद क्षेत्रफल में फैला यह मेला हरिहरक्षेत्र मेला और छत्तर मेला मेला के नाम से भी जाना जाता है. हर साल कार्तिक पूर्णिमा के स्नान के साथ यह मेला शुरू हो जाता है और एक महीने तक चलता है। यहां मेले से जुड़े तमाम आयोजन होते हैं. इस मेले में कभी अफगान, इरान, इराक जैसे देशों के लोग पशुओं की खरीदारी करने आया करते थे. कहा जाता है कि चंद्रगुप्त मौर्य ने भी इसी मेले से बैल, घोड़े, हाथी और हथियारों की खरीदारी की थी.</div>
<div dir="auto">1857 की लड़ाई के लिए बाबू वीर कुंवर सिंह ने भी यहीं से अरबी घोड़े, हाथी और हथियारों का संग्रह किया था. अब भी यह मेला एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला है. देश-विदेश के लोग अब भी इसके आकर्षण से बच नहीं पाते हैं और यहां खिंचे चले आते हैं.</div>
<div dir="auto">पुराणों के अनुसार भगवान विष्णु के दो भक्त जय और विजय शापित होकर हाथी (गज) और मगरमच्छ (ग्राह) के रूप में धरती पर उत्पन्न हुए थे. एक दिन कोनहारा के तट पर जब गज पानी पीने आया था तो ग्राह ने उसे पकड़ लिया था. फिर गज ग्राह से छुटकारा पाने के लिए कई सालों तक लड़ता रहा. तब गज ने बड़े ही मार्मिक भाव से अपने हरि यानी विष्णु को याद किया.</div>
<div dir="auto">तब कार्तिक पूर्णिमा के दिन विष्णु भगवान ने उपस्थित होकर सुदर्शन चक्र चलाकर उसे ग्राह से मुक्त किया और गज की जान बचाई. इस मौके पर सारे देवताओं ने यहां उपस्थित होकर जयजयकार की थी. लेकिन आज तक यह साफ नहीं हो पाया कि गज और ग्राह में कौन विजयी हुआ और कौन हारा.</div>
<div dir="auto">इस स्थान के बारे में कई धर्मशास्त्रों में चर्चा की गई है. हिंदू धर्म के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के दिन यहां स्नान करने से सौ गोदान का फल प्राप्त होता है. कहा तो यह भी जाता है कि कभी भगवान राम भी यहां पधारे थे और बाबा हरिहरनाथ की पूजा-अर्चना की थी.</div>
<div dir="auto">इसी तरह सिख ग्रंथों में यह जिक्र है कि गुरु नानक यहां आए थे. बौद्ध धर्म के अनुसार अंतिम समय में भगवान बुद्ध इसी रास्ते कुशीनगर गए थे. जहां उनका महापरिनिर्वाण हुआ था. ऐसे और भी न जाने कितने इतिहास यह अपने आप में समेटे हुए है.</div>
<div dir="auto"><b>क्या खास है यहां :</b></div>
<div dir="auto">सोनपुर की इस धरती पर हरिहरनाथ मंदिर दुनिया का इकलौता ऐसा मंदिर है जहां हरि (विष्णु) और हर (शिव) की एकीकृत मूर्ति है. इसके मंदिर के बारे में कहा जाता है कि कभी ब्रह्मा ने इसकी स्थापना की थी. इसके साथ ही संगम किनारे स्थित दक्षिणेश्वर काली की मूर्ति में शुंग काल का स्तंभ है. कुछ मूर्तियां तो गुप्त और पाल काल की भी हैं.</div>
<div dir="auto">विभाग के स्तर पर मेला की तैयारियों को लेकर अंतिम दौर की बैठकें की जा रही हैं. विभागीय सचिव रवि परमार ने बताया कि इस बार मेला के मूल स्वरूप को बनाये रखने पर खासतौर से जोर दिया जायेगा. तमाम आधुनिक और विभिन्न आयामों के रंगों को समाहित करने के साथ ही पशु मेला को खासतौर से तवज्जो दिया जायेगा.</div>
<div dir="auto">पशु मेला में अधिक से अधिक संख्या में पशुओं के रहने समेत तमाम इंतजाम किये जायेंगे. देशी और विदेशी सैलानियों के ठहरने के लिए बनाये जाने वाले कॉटेज में भी सभी सुविधाओं का इंतजाम रहेगा. यहां आने वाले तमाम लोगों की सुविधा का खासतौर से ध्यान रखा जायेगा. साथ ही यहां होने वाले तमाम आयोजनों के लिए भी इंतजाम दुरुस्त किये गये हैं.</div>
</div>
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		<title>सोनपुर मेला आज से, कई रास्ते रहेंगे बंद</title>
		<link>https://www.patnanow.com/sonepur-mela-aaj-se/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amit Verma]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 02 Nov 2017 06:53:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
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		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
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					<description><![CDATA[दुनिया भर में सबसे पुराने पशु मेले के नाम से प्रसिद्ध बिहार का हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला आज से शुरू हो रहा है. तीन दिसंबर तक चलने वाले इस मेले का उद्घाटन डिप्टी सीएम सुशील मोदी करेंगे. इस मेले के दौरान हरिहर क्षेत्र मंदिर के पास गंडक नदी में कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर लाखों लोगों की भीड़ उमड़ती है.  जानकारी के मुताबिक गंगा-गंडक संगम पर पूर्णिमा स्नान के लिए करीब एक लाख लोग श्रद्धालु आ चुके हैं और लोगों का आना लगातार जारी है. सोनपुर मेले के दौरान होने वाले महत्वपूर्ण बदलाव- 2 नवंबर की रात 8 बजे से 5 नवंबर की सुबह 10 बजे तक नए और पुराने गंडक पुल पर वाहनों का परिचालन बंद रहेगा. कार्तिक गंगा स्नान और सोनपुर मेले की संभावित भीड़ के कारण इन दोनों पुलों पर 2-4 नवंबर तक केवल पैदल यात्री ही चलेंगे. छपरा की ओर से हाजीपुर और पटना जाने वाले लोग दीघा और कोइलवर के रास्ते डोरीगंज पुल से जाएंगे. मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, हाजीपुर की ओर से छपरा जाने वाले वाहन रेवाघाट पुल होकर जाएंगे. सोनपुर मेला में वाराणसी,हरिद्वार, पानीपत, सहारनपुर समेत देशभर से ऊनी कपड़ों के व्यापारी आ चुके हैं. मेले की शुरुआत किन्नरों के शिव तांडव नृत्य से होगी. पर्यटन निगम की ओर से की गई विशेष व्यवस्था- बिहार पर्यटन विकास निगम ने इस साल देशी विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विशेष पैकेज शुरू किया है. पर्यटकों को सोनपुर मेले में रात गुजारने के लिए स्विस कॉटेज के इंतजाम भी हैं जिसमें सारी मूलभूत सुविधाएं मिलेगी. पटना [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>दुनिया भर में सबसे पुराने पशु मेले के नाम से प्रसिद्ध बिहार का हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला आज से शुरू हो रहा है. तीन दिसंबर तक चलने वाले इस मेले का उद्घाटन डिप्टी सीएम सुशील मोदी करेंगे. इस मेले के दौरान हरिहर क्षेत्र मंदिर के पास गंडक नदी में कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर लाखों लोगों की भीड़ उमड़ती है.  जानकारी के मुताबिक गंगा-गंडक संगम पर पूर्णिमा स्नान के लिए करीब एक लाख लोग श्रद्धालु आ चुके हैं और लोगों का आना लगातार जारी है.</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-25139" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/11/pnc-sonepur-mela-gandak-nadi-650x433.jpg" alt="" width="650" height="433" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/11/pnc-sonepur-mela-gandak-nadi-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/11/pnc-sonepur-mela-gandak-nadi-225x150.jpg 225w, https://www.patnanow.com/assets/2017/11/pnc-sonepur-mela-gandak-nadi-350x233.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2017/11/pnc-sonepur-mela-gandak-nadi-768x512.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2017/11/pnc-sonepur-mela-gandak-nadi.jpg 800w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p><strong>सोनपुर मेले के दौरान होने वाले महत्वपूर्ण बदलाव-</strong></p>
<ul>
<li>
<h6>2 नवंबर की रात 8 बजे से 5 नवंबर की सुबह 10 बजे तक नए और पुराने गंडक पुल पर वाहनों का परिचालन बंद रहेगा.</h6>
</li>
<li>
<h6>कार्तिक गंगा स्नान और सोनपुर मेले की संभावित भीड़ के कारण इन दोनों पुलों पर 2-4 नवंबर तक केवल पैदल यात्री ही चलेंगे.</h6>
</li>
<li>
<h6>छपरा की ओर से हाजीपुर और पटना जाने वाले लोग दीघा और कोइलवर के रास्ते डोरीगंज पुल से जाएंगे.</h6>
</li>
<li>
<h6>मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, हाजीपुर की ओर से छपरा जाने वाले वाहन रेवाघाट पुल होकर जाएंगे.</h6>
</li>
</ul>
<p>सोनपुर मेला में वाराणसी,हरिद्वार, पानीपत, सहारनपुर समेत देशभर से ऊनी कपड़ों के व्यापारी आ चुके हैं. मेले की शुरुआत किन्नरों के शिव तांडव नृत्य से होगी.</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-25142" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/11/pnc-sonepur-mela-day-before-opening-650x488.jpg" alt="" width="650" height="488" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/11/pnc-sonepur-mela-day-before-opening.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/11/pnc-sonepur-mela-day-before-opening-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-22136" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-AIM-CIVIL-SERVICE-RAHMAN-SIR-MUNNA-SIR-AD-2-650x280.jpg" alt="" width="650" height="280" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-AIM-CIVIL-SERVICE-RAHMAN-SIR-MUNNA-SIR-AD-2.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/08/PNC-AIM-CIVIL-SERVICE-RAHMAN-SIR-MUNNA-SIR-AD-2-350x151.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p><strong>पर्यटन निगम की ओर से की गई विशेष व्यवस्था-</strong></p>
<p>बिहार पर्यटन विकास निगम ने इस साल देशी विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विशेष पैकेज शुरू किया है. पर्यटकों को सोनपुर मेले में रात गुजारने के लिए स्विस कॉटेज के इंतजाम भी हैं जिसमें सारी मूलभूत सुविधाएं मिलेगी. पटना से सोनपुर मेले के लिए केवल 200 रूपए में पर्यटकों को शानदार एसी गाड़ियों में सोनपुर मेला घूमने की सुविधा मिलेगी. इसमें पर्यटकों को पानी और स्नैक्स भी मिलेगा. इस दौरान एक गाइड भी साथ रहेगा जो मेला की पूरी जानकारी देगा. बस की बुकिंग पटना के आर ब्लॉक स्थित होटल कौटिल्य विहार से होगी. बस इसी होटल से खुलेगी और वहीं वापस लाकर छोड़ेगी.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-25141" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/11/pnc-sonepur-mela-day--650x433.jpg" alt="" width="650" height="433" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/11/pnc-sonepur-mela-day-.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/11/pnc-sonepur-mela-day--225x150.jpg 225w, https://www.patnanow.com/assets/2017/11/pnc-sonepur-mela-day--350x233.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p>वहीं राज्य के बाहर देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए सोनपुर मेले में रात गुजारने का इंतजाम भी है. यहां 20 स्विस कॉटेज बनाए गए हैं. यहां इंडियन, चाइनिज और कॉंटिनेंटल भोजन तो मिलेगा ही साथ ही पर्यटकों की सुरक्षा का भी पूरा इंतजाम रहेगा.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अमित वर्मा</p>
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