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	<title>Gyan Bhawan &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>Gyan Bhawan &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>सरस मेला: हर उम्र और तबके के लिए उपलब्ध है जरुरत का सामान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 19 Sep 2025 15:47:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना- बिहार सरस मेला अब समापन की ओर रुख कर चूका है. लिहाजा शिल्प, लोक कला, संस्कृति, परंपरा और स्वाद के कद्रदान सरस मेला के विभिन्न स्टॉल्स से जमकर खरीददारी कर रहे हैं. हर उम्र और हर तबके के पसंद के हस्तशिल्प, उत्पाद एवं व्यंजन बिहार सरस मेला में प्रदर्शनी सह बिक्री के लिए प्रस्तुत है. लोग खरीददारी का कोई मौका चूकना नहीं चाहते हैं . उनके पसंद की हर वस्तु एक ही प्रांगण में मौजूद है. बिहार ग्रामीण जीविकोप्रजन प्रोत्साहन समिति , जीविका (ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार ) के तत्वाधान में बिहार सरस मेला ज्ञान भवन, पटना में 21 सितंबर 2025 से 10 दिनों के लिए आयोजित है. देश के विभिन्न राज्यों से आये ग्रामीण उद्यमी अपने क्षेत्र की कला- संस्कृति तथा हस्तशिल्प का प्रदर्शन सह बिक्री कर रही हैं. बिहार के मिथिलांचल की ओर से मधुबनी चित्रकला, सिक्की कला और मखाना, भागलपुर से सिल्क से बने मनोरम परिधान, कैमूर से दरी और कालीन, मुजफ्फरपुर से लहठी और चूड़ी, पूर्वी चंपारण से आये सीप से बनी कलाकृतियों के साथ-साथ कटिहार के आये बांस से बने गृह सज्जा के उत्पाद, पटना जिले से कांस्य एवं पीतल धातु से बने बर्तन, भोज बक्सर के आचार और दरी, पापड़ , नालंदा और मधेपुरा से आये चमड़े के उत्पाद, सिल्क के धागों से बनी सुन्दर साड़ियाँ, गया जिले के पत्थारकट्टी कला एवं लकड़ियों से बने से बने गृह सज्जा के उत्पादों के सस्थ-साथ भागलपुर, बांका के कतरनी चावल और चुडा ने पूरे सरस मेला को अपनी सुन्दरता और खुशबु से सराबोर कर [&#8230;]]]></description>
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<p>पटना- बिहार सरस मेला अब समापन की ओर रुख कर चूका है. लिहाजा शिल्प, लोक कला, संस्कृति, परंपरा और स्वाद के कद्रदान सरस मेला के विभिन्न स्टॉल्स से जमकर खरीददारी कर रहे हैं. हर उम्र और हर तबके के पसंद के हस्तशिल्प, उत्पाद एवं व्यंजन बिहार सरस मेला में प्रदर्शनी सह बिक्री के लिए प्रस्तुत है. लोग खरीददारी का कोई मौका चूकना नहीं चाहते हैं . उनके पसंद की हर वस्तु एक ही प्रांगण में मौजूद है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="680" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-saras-Mela-September-2025-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-92094" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-saras-Mela-September-2025-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-saras-Mela-September-2025-650x432.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-saras-Mela-September-2025-1536x1020.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बिहार ग्रामीण जीविकोप्रजन प्रोत्साहन समिति , जीविका (ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार ) के तत्वाधान में बिहार सरस मेला ज्ञान भवन, पटना में 21 सितंबर 2025 से 10 दिनों के लिए आयोजित है. देश के विभिन्न राज्यों से आये ग्रामीण उद्यमी अपने क्षेत्र की कला- संस्कृति तथा हस्तशिल्प का प्रदर्शन सह बिक्री कर रही हैं. बिहार के मिथिलांचल की ओर से मधुबनी चित्रकला, सिक्की कला और मखाना, भागलपुर से सिल्क से बने मनोरम परिधान, कैमूर से दरी और कालीन, मुजफ्फरपुर से लहठी और चूड़ी, पूर्वी चंपारण से आये सीप से बनी कलाकृतियों के साथ-साथ कटिहार के आये बांस से बने गृह सज्जा के उत्पाद, पटना जिले से कांस्य एवं पीतल धातु से बने बर्तन, भोज बक्सर के आचार और दरी, पापड़ , नालंदा और मधेपुरा से आये चमड़े के उत्पाद, सिल्क के धागों से बनी सुन्दर साड़ियाँ, गया जिले के पत्थारकट्टी कला एवं लकड़ियों से बने से बने गृह सज्जा के उत्पादों के सस्थ-साथ भागलपुर, बांका के कतरनी चावल और चुडा ने पूरे सरस मेला को अपनी सुन्दरता और खुशबु से सराबोर कर रही है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="657" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-hastshilp-saras-Mela-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-92091" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-hastshilp-saras-Mela-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-hastshilp-saras-Mela-650x417.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-hastshilp-saras-Mela-1536x986.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-hastshilp-saras-Mela-2048x1314.jpg 2048w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बावन बुट्टी, सिक्की कला, सुजनी कला, बंजारा, तंजोर, मिथिला पेंटिंग, मधुबनी पेंटिंग के अंतर्गत उत्पादित परिधान एवं सजावट के सामान आगंतुकों को सजह ही लुभा रहे हैं l<br>अन्य राज्यों की बात करें तो उत्तर प्रदेश से आये शिल्पकारों द्वारा निर्मित मनमोहक दरी और कालीन के साथ-साथ चादर और सोफे पे बिछाए जानेवाले सुन्दर कलाकृतियों और चमरे के उत्पादों के साथ मध्य प्रदेश से आये बूटी प्रिंट की साड़ियाँ, आन्ध्र प्रदेश से आये लकड़ी के गृह सज्जा के उत्पाद, ओड़िसा से आये सवाई घांस से बने साज-सज्जा के उत्पाद एवं सांस्कृतिक परिधान, हरियाणा से एप्लिक कला से सुसज्जित चादर और साड़ियाँ, गुजरात की कच्छ कला से बने परिधान और हस्तशिल्प, झारखंड की आर्टिफिशियल ज्वेलरी , शिल्पकारों द्वारा निर्मित हर्बल औषधि, असाम से आये बांस से बने उत्पाद, पंजाब से आये फुलकारी कला से बने परिधान, किशनगंज का जीविका दीदियों द्वारा उत्पादित चाय के विभिन्न फ्लेवर, बेगुसराय का हर्बल मोमबत्ती, तेलंगाना का हस्तनिर्मित परिधान, रुमाल, तौलिया , पश्चिम बंगाल से आये खजूर के पत्तों से बने मनमोहक कृत्रिम फूलों एवं पत्थर तथा बांस के बने उत्पाद, छत्तीसगढ़ और पंजाब से आये अत्यंत मनमोहक सलवार-सूट, साड़ियाँ , उत्तरखंड के चादर, कवर और दोहर समेत अन्य कई राज्यों का शिल्प सरस मेला परिसर में देश की संस्कृति एवं हस्तशिल्प को पूर्ण रूप से जीवंत प्रदर्शित है .</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="650" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-saras-Mela-September-25-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-92095" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-saras-Mela-September-25-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-saras-Mela-September-25-650x412.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="381" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-National-womens-commission-chairman-in-saras-Mela-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-92093" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-National-womens-commission-chairman-in-saras-Mela-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-National-womens-commission-chairman-in-saras-Mela-650x242.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>शुक्रवार को विजया राहटकर, राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय महिला आयोग ने सरस मेला में सुसज्जित स्टॉल का परिभ्रमण किया और ग्रामीण महिलाओं द्वारा उत्पादित हस्तशिल्प की सराहना की. जीविका दीदियों ने उन्हें हस्तशिल्प उत्पाद देकर सम्मानित भी किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="461" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-saras-Mela-2025-September-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-92092" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-saras-Mela-2025-September-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-saras-Mela-2025-September-650x293.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बिहार सरस मेला में 8 दिन में खरीद-बिक्री का आंकड़ा 2 करोड़ 27 लाख रूपया पार गया है. गुरुवार को लगभग 41 लाख 43 हजार रूपये के उत्पादों की खरीद -बिक्री हुई. 8 दिनों में 2 लाख 6 हजार से अधिक लोग मेला में आए.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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			</item>
		<item>
		<title>सरस मेला घूमने के लिए हो जाइए तैयार</title>
		<link>https://www.patnanow.com/saras-mela-taiyari/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 18 Sep 2023 11:43:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Gyan Bhawan]]></category>
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		<category><![CDATA[saras mela]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। इस साल सरस मेला के प्रथम संस्करण का आयोजन ज्ञान भवन, पटना में होने जा रहा है. मेला 20 सितम्बर से 27 सितम्बर तक आयोजित होगा. आपको बता दें कि बिहार में हर साल दो बार सरस मेले का आयोजन जीविका की तरफ से होता है. इस मेले में देशभर के हस्त निर्मित उत्पादों को लेकर स्थानीय उत्पादक पहुंचते हैं जिसमें लाखों की संख्या में लोग घूमने आते हैं और जमकर खरीदारी भी करते हैं. यह मेला हर साल नए कीर्तिमान बनता है. इससे ग्रामीण इलाके के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलता है और स्थानीय कामगारों के आर्थिक स्थिति भी सुधरती है. आपको बताते हैं इस मेला की कुछ खास बातें. pncb]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><br>पटना।। इस साल सरस मेला के प्रथम संस्करण का आयोजन ज्ञान भवन, पटना में होने जा रहा है. मेला 20 सितम्बर से 27 सितम्बर तक आयोजित होगा. आपको बता दें कि बिहार में हर साल दो बार सरस मेले का आयोजन जीविका की तरफ से होता है. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/pnc-saras-Mela-pic-650x433.jpg" alt="" class="wp-image-78282" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/pnc-saras-Mela-pic-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/pnc-saras-Mela-pic-350x233.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/pnc-saras-Mela-pic-768x512.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/pnc-saras-Mela-pic.jpg 1280w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इस मेले में देशभर के हस्त निर्मित उत्पादों को लेकर स्थानीय उत्पादक पहुंचते हैं जिसमें लाखों की संख्या में लोग घूमने आते हैं और जमकर खरीदारी भी करते हैं. यह मेला हर साल नए कीर्तिमान बनता है. इससे ग्रामीण इलाके के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलता है और स्थानीय कामगारों के आर्थिक स्थिति भी सुधरती है. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="433" height="650" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/pnc-saras-Mela-flower-pot-433x650.jpg" alt="" class="wp-image-78280" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/pnc-saras-Mela-flower-pot-433x650.jpg 433w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/pnc-saras-Mela-flower-pot-233x350.jpg 233w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/pnc-saras-Mela-flower-pot-768x1152.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/pnc-saras-Mela-flower-pot.jpg 853w" sizes="auto, (max-width: 433px) 100vw, 433px" /></figure>



<p>आपको बताते हैं इस मेला की कुछ खास बातें.</p>



<ol class="wp-block-list">
<li>बिहार समेत 21 राज्यों की सहभागिता ..</li>



<li>जम्मू-कश्मीर से लेकर असम राज्य तक की स्वयं सहायता समूह की प्रतिभागी</li>



<li>सिक्किम, झारखण्ड, उत्तरप्रदेश, आँध्रप्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, मेघालय, उत्तराखंड, पंजाब, असम, कर्नाटक, केरल ,पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा, मध्य प्रदेश, तेलंगाना,राजस्थान,जम्मू-कश्मीर के स्टॉल …</li>



<li>स्वयं सहायता समूह से जुडी महिला शिल्पकारों के उत्पादों की खरीद-बिक्री</li>



<li>लगभग 135 स्टॉल …</li>



<li>अचार, पापड़, सत्तू, बरी, दनौरी समेत कई देशी और लजीज व्यंजन के स्टॉल ..</li>



<li>हस्तशिल्प, हैण्डलूम, कालीन, रग्स , मलबरी, सिल्क एवं खादी की साड़िया एवं कपडे, मधुबनी पेंटिंग आदि के स्टॉल..</li>



<li>लाह से बनी चूड़ियाँ, सीप से बने गहने, बांस एवं लकड़ी से बने घर सजाने के उत्पाद, केला के डंठल से बने उत्पाद,</li>



<li>बिहार के सभी 38 जिला से जीविका दीदियों के हस्तशिल्प और देशी व्यंजनों के स्टॉल ..</li>



<li>जीविका दीदी की रसोई, जीविका शिल्पग्राम एवं जीविका मधु ग्राम का स्टॉल ..</li>



<li>महिला विकास निगम और बिहार महिला उद्द्योग संघ के स्टॉल पर राज्य में हो रहे विकासात्मक कार्यों की प्रदर्शनी एवं उत्पादों की बिक्री l</li>



<li>बिहार जीविका द्वारा संचालित सतत जीविकोपार्जन योजना के स्टॉल से गरीबी उन्मूलन एवं स्वरोजगार के लिए किये जा रहे कार्यों की प्रदर्शनी ..</li>



<li>विभिन्न योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक एवं जानकारी देने के लिए भी स्टॉल…</li>



<li>कैशलेश खरीददारी की व्यवस्था …</li>



<li>मेला का समय सुबह 10 बजे से शाम 08 बजे तक…प्रवेश निःशुल्क.</li>
</ol>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>स्वादिष्ट व्यंजन और बेजोड़ हस्तशिल्प का संगम है ये मेला</title>
		<link>https://www.patnanow.com/saras-mela-last-day/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 11 Sep 2022 07:48:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Gyan Bhawan]]></category>
		<category><![CDATA[saras mela 2022]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। ग्रामीण उधमिता को बढ़ावा देने के उदेश्य से ज्ञान भवन में आयोजित सरस मेला का आज आखिरी दिन है. देशभर के शिल्पकार और तरह तरह के स्वादिष्ट व्यंजन भी यहां उपलब्ध हैं जो घूमने आने वाले लोगों को खूब भा रहे हैं. बोरिंग रोड से आई पूनम बताती हैं कि जी तो चाहता है कि सब कुछ खरीद लूं. घर सजाने से लेकर बाहर की दीवारों को खुबसूरत बनाने के हर आइटम यहाँ उपलब्ध है जो आम तौर पर बाज़ार में नहीं मिलते. पापड, अदवरी, दनौरी, ओल के अचार और उद्वंत नगर के खुरमा समेत अन्य व्यंजन पुराने दिनों की याद ताज़ा कर रहे हैं . सरस मेला जीविका द्वारा आयोजित है. इस मेला में बिहार समेत 17 राज्यों के शिल्पकार 135 स्टॉल पर ग्रामीण शिल्प, संस्कृति एवं परंपरा को लेकर उपस्थित हैं. बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश, झारखण्ड, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, हरियाणा, गुजरात, आन्ध्र प्रदेश, आसाम, मध्य प्रदेश, महारष्ट्र, उड़ीसा, पंजाब, राजस्थान,सिक्किम एवं पच्छिम बंगाल से स्वयं सहायता समूह से जुड़े ग्रामीण शिल्पकार अपने यहाँ की शिल्प , संस्कृति, परंपरा एवं व्यंजन को लेकर उपस्थित हैं . मेला में कैशलेश खरीददारी की भी व्यवस्था है . ग्राहक सेवा केंद्र से रुपये की जमा निकासी भी हो रही है. सरस मेला परिसर सेल्फी से लेकर बर्थ डे सेलेब्रेसन का भी केंद्र बना हुआ है . मेला के नवें दिन शनिवार को सरस के कद्रदानो ने खूब खरीददारी की और स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ़ उठाया .2 सितंबर से जारी सरस मेला के आठवें दिन खरीद बिक्री का आंकड़ा लगभग 1 करोड़ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><br>पटना।। ग्रामीण उधमिता को बढ़ावा देने के उदेश्य से ज्ञान भवन में आयोजित सरस मेला का आज आखिरी दिन है. देशभर के शिल्पकार और तरह तरह के स्वादिष्ट व्यंजन भी यहां उपलब्ध हैं जो घूमने आने वाले लोगों को खूब भा रहे हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/IMG-20220910-WA0068.jpg" alt="" class="wp-image-66514" width="375" height="211" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/IMG-20220910-WA0068.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/09/IMG-20220910-WA0068-350x197.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 375px) 100vw, 375px" /></figure>



<p>बोरिंग रोड से आई पूनम बताती हैं कि जी तो चाहता है कि सब कुछ खरीद लूं. घर सजाने से लेकर बाहर की दीवारों को खुबसूरत बनाने के हर आइटम यहाँ उपलब्ध है जो आम तौर पर बाज़ार में नहीं मिलते. पापड, अदवरी, दनौरी, ओल के अचार और उद्वंत नगर के खुरमा समेत अन्य व्यंजन पुराने दिनों की याद ताज़ा कर रहे हैं .</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="446" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/IMG-20220910-WA0064.jpg" alt="" class="wp-image-66519" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/IMG-20220910-WA0064.jpg 446w, https://www.patnanow.com/assets/2022/09/IMG-20220910-WA0064-260x350.jpg 260w" sizes="auto, (max-width: 446px) 100vw, 446px" /><figcaption>पूनम</figcaption></figure>



<p>सरस मेला जीविका द्वारा आयोजित है. इस मेला में बिहार समेत 17 राज्यों के शिल्पकार 135 स्टॉल पर ग्रामीण शिल्प, संस्कृति एवं परंपरा को लेकर उपस्थित हैं. बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश, झारखण्ड, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, हरियाणा, गुजरात, आन्ध्र प्रदेश, आसाम, मध्य प्रदेश, महारष्ट्र, उड़ीसा, पंजाब, राजस्थान,सिक्किम एवं पच्छिम बंगाल से स्वयं सहायता समूह से जुड़े ग्रामीण शिल्पकार अपने यहाँ की शिल्प , संस्कृति, परंपरा एवं व्यंजन को लेकर उपस्थित हैं . </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/IMG-20220910-WA0069.jpg" alt="" class="wp-image-66515" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/IMG-20220910-WA0069.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/09/IMG-20220910-WA0069-350x197.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>मेला में कैशलेश खरीददारी की भी व्यवस्था है . ग्राहक सेवा केंद्र से रुपये की जमा निकासी भी हो रही है. सरस मेला परिसर सेल्फी से लेकर बर्थ डे सेलेब्रेसन का भी केंद्र बना हुआ है . मेला के नवें दिन शनिवार को सरस के कद्रदानो ने खूब खरीददारी की और स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ़ उठाया .<br>2 सितंबर से जारी सरस मेला के आठवें दिन खरीद बिक्री का आंकड़ा लगभग 1 करोड़ 75 लाख रूपया पार कर गया. आठवें दिन शुक्रवार को लगभग 36 हजार ग्रामीण शिल्प के कद्रदान आये और लगभग 33 लाख रुपये की खरीद -बिक्री हुई. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/IMG-20220910-WA0067.jpg" alt="" class="wp-image-66517" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/IMG-20220910-WA0067.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/09/IMG-20220910-WA0067-350x197.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>ओड़िसा से आई हाजी अली उत्पादक समूह के स्टॉल से सर्वाधिक 70 हजार रुपये की खरीद बिक्री हुई . खरीद-बिक्री का आंकड़ा मेला में आये ग्रामीण उधमियों से लिए गए बिक्री रिपोर्ट पर आधारित होती है .<br>स्वच्छता एवं बेहतर साज-सज्जा एवं बेहतर बिक्री को बढ़ावा देने के उदेश्य से जीविका द्वारा प्रतिदिन स्टॉल धारकों को सम्मानित भी किया जा रहा है. शुक्रवार को स्वच्छता के लिए ऋचा स्वयं सहायता समूह, मुज्जफरपुर के स्टॉल, बेहतर साज-सज्जा के लिए मां गायत्री स्वयं सहायता समूह , वैशाली, बिहार एवं सबसे ज्यादा उत्पाद की बिक्री के लिए हाजी अली उत्पादक समूह , उड़ीसा के स्टॉल को सम्मानित किया गया.<br>सरस मेला में अपने हस्तशिल्प को लेकर उपस्थित कई ग्रामीण महिलाओं ने अपने हुनर को जीविका के संबल से राष्ट्रीय पटल पर स्थापित किया है l उन्ही महिलाओं में से एक हैं बक्सर जिला के चौसा प्रखंड स्थित डिहरी गाँव से आई दीपिका देवी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/IMG-20220910-WA0066.jpg" alt="" class="wp-image-66516" width="378" height="213" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/IMG-20220910-WA0066.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/09/IMG-20220910-WA0066-350x197.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 378px) 100vw, 378px" /></figure>



<p> दीपिका देवी काली जीविका स्वयं सहायता समूह से पिछले सात साल से जुड़ी हैं. इन सात सालों में इन्होने अपने आप को अपने परिवार का संबल बनाया है. मायके में सीखे गए हुनर को जीविका के माध्यम से बाज़ार से जोड़ा और अब गाँव की आर्थिक एवं सामजिक तौर पर संपन्न महिलाओं में से एक हैं. समूह से पहले एक लाख रूपया ऋण लेकर हस्तशिल्प का व्यवसाय शुरू किया. व्यवसाय चल पड़ा. अपने द्वारा बनाये गए प्लास्टिक के धागे से झुला, वाल हैंगिग, मोबाइल स्टैंड समेत कई घर सजावट के उत्पादों को सबसे पहले सरस मेला में लेकर आई. सरस मेला से मिले प्रोत्साहन ने इनके व्यवसाय को गति प्रदान की. प्रति दिन 6 से 7 हजार रुपये के उत्पादों की बिक्री हो रही है. दीपिका ने गाँव की दो दर्जन से ज्यादा महिलाओं को प्रशिक्षण एवं रोजगार भी दिया है.<br><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>नई तकनीक से सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से मिलेगा और पारदर्शिता बढ़ेगी &#8211; नीतीश</title>
		<link>https://www.patnanow.com/stpis-patna-center/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nikhil]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 02 Feb 2019 14:46:15 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पटना (पटना नाउ ब्यूरो रिपोर्ट) &#124; CM नीतीश कुमार ने कहा है कि डिजिटल इंडिया का मतलब समावेशी डिजिटल विकास होता है. उन्होंने यह भी कहा कि टेक्नोलॉजी में विश्वास और ईमानदारी बेहद जरुरी है. मुख्यमंत्री ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तकनीक के उपयोग पर बल देते हुए कहा कि नई तकनीक के माध्यम से जहां लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से मिलेगा वहीं इससे पारदर्शिता भी बढ़ेगी.शनिवार को पटना के ज्ञान भवन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भारत सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं कानून एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा एसटीपीआई पटना सेंटर के विस्तारीकरण का शिलान्यास, पंचायत स्तर पर कॉमन सर्विस सेंटर को भारतनेट के साथ संबद्ध कर डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराना, सहज तकनीकी योजना एवं बिहार स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क का लोकार्पण किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत एसटीपीआई के महानिदेशक ओंकार राय ने पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र देकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद एवं उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी का अभिनंदन किया. कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत नीतीश कुमार, रविशंकर प्रसाद एवं सुशील मोदी द्वारा प्रज्वलित कर की गई.कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविशंकर प्रसाद को एसटीपीआई पटना को विस्तारित करने के लिए धन्यवाद व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि अब आधार कार्ड के उपयोग से पारदर्शिता बढ़ी है. डिजिटल क्रांति के आने से बैंकों के ट्रांजेक्शन में बहुत आसानी हुई है. उन्होंने कहा कि सीएससी के माध्यम से सरकार के योजनाओं की जानकारी लोगों को सरलता से मिल रही है. बिहार के 12 करोड़ की आबादी में 8 करोड़ लोग मोबाइल [&#8230;]]]></description>
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<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/02/pnc-stpi-programme-650x366.png" alt="" class="wp-image-38155" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/02/pnc-stpi-programme.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/02/pnc-stpi-programme-350x197.png 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>पटना (पटना नाउ ब्यूरो रिपोर्ट)</strong> | CM नीतीश कुमार ने कहा है कि डिजिटल इंडिया का मतलब समावेशी डिजिटल विकास होता है. उन्होंने यह भी कहा कि टेक्नोलॉजी में विश्वास और ईमानदारी बेहद जरुरी है. मुख्यमंत्री ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तकनीक के उपयोग पर बल देते हुए कहा कि नई तकनीक के माध्यम से जहां लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से मिलेगा वहीं इससे पारदर्शिता भी बढ़ेगी.<br>शनिवार को पटना के ज्ञान भवन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भारत सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं कानून एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा एसटीपीआई पटना सेंटर के विस्तारीकरण का शिलान्यास, पंचायत स्तर पर कॉमन सर्विस सेंटर को भारतनेट के साथ संबद्ध कर डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराना, सहज तकनीकी योजना एवं बिहार स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क का लोकार्पण किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत एसटीपीआई के महानिदेशक ओंकार राय ने पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र देकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद एवं उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी का अभिनंदन किया. कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत नीतीश कुमार, रविशंकर प्रसाद एवं सुशील मोदी द्वारा प्रज्वलित कर की गई.<br>कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविशंकर प्रसाद को एसटीपीआई पटना को विस्तारित करने के लिए धन्यवाद व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि अब आधार कार्ड के उपयोग से पारदर्शिता बढ़ी है. डिजिटल क्रांति के आने से बैंकों के ट्रांजेक्शन में बहुत आसानी हुई है. उन्होंने कहा कि सीएससी के माध्यम से सरकार के योजनाओं की जानकारी लोगों को सरलता से मिल रही है. बिहार के 12 करोड़ की आबादी में 8 करोड़ लोग मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं. डिजिटल क्रांति के तहत लोक निवारण केंद्र भी अहम भूमिका निभा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक सेवा केंद्र को सीएससी से जोड़कर काम करना चाहिए. इससे डिजिटल क्रांति में विकास के साथ साथ सीएससी से जुड़े लोगों को भी लाभ मिलेगा. लोगों को हर तरह का लाभ मिले इसमें आईटी डिपार्टमेंट की बहुत बड़ी भूमिका है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद से सॉफ्टवेर के साथ साथ हार्डवेयर क्षेत्र में भी सहयोग की अपील की और कहा कि हार्डवेयर सेक्टर में नए उद्यमियों के आने से बिहार का विकास होगा और यहां रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी और कानून एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि डिजिटल योजना आम लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने की योजना है. उन्होंने कहा कि आज का समय सूचना का है. उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया का मतलब होता है समावेशी डिजिटल विकास. भारत के 130 करोड़ की आबादी में 121 करोड़ लोग मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं. 123 करोड़ लोग आधार से जुड़े हैं. ऐसे में डिजिटल इंडिया के माध्यम से आंदोलन लाया जा सकता है. उन्होंने ये भी कहा कि टेक्नोलॉजी में विश्वास और ईमानदारी बेहद जरुरी है. उन्होंने कहा कि आनेवाले दिनों में देश के हरेक ब्लॉक में एक गांव को डिजी गांव बनाया जाएगा. साथ ही उन्होंने कहा कि पटना में जल्द ही एग्रीकल्चर सेंटर का भी शिलान्यास किया जाएगा. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि जिस तरह से कल के अंतरिम बजट में 1 लाख डिजिटल विलेज बनाया गया है उसके लिए प्रधानमंत्री को बधाई. उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति ने पूरी दुनिया को बदल कर रख दिया है. अब बिहार में किसी भी काम के लिए दफ्तर में जाकर लाइन लगने की जरूरत नहीं. अब सभी काम घर बैठे ऑनलाइन कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि क्राइम कंट्रोल में भी डिजिटल सेवा से सहयोग लिया जा रहा. अब अपराधियों का देता बेस तैयार किया जा रहा है, इससे अपराध में कमी आएगी. साथ ही अपराधियों को पकड़ने में भी मदद मिलेगी. उनका कहना था कि भ्रष्टाचार को रोकने में भी डिजिटल क्रांति की भी अहम भूमिका है.</p>



<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="585" height="424" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/02/IMG-20190203-WA0008.jpg" alt="" class="wp-image-38156" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/02/IMG-20190203-WA0008.jpg 585w, https://www.patnanow.com/assets/2019/02/IMG-20190203-WA0008-350x254.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 585px) 100vw, 585px" /></figure>



<p><strong>एसटीपीआई पटना का विस्तारीकरण</strong><br>राज्य में आईटी कंपनियों एवं स्टार्ट अप से ऑफिस स्थल की बढती मांग को ध्यान में रखते हुए एसटीपीआई पटना के विस्तारीकरण का अनुरोध राज्य सरकार द्वारा किया गया था. जिसके आलोक में 53 करोड़ की लागत से एक लाख वर्गफीट अतिरिक्त ऑफिस क्षेत्र के निर्माण किये जाने का निर्णय लिया गया है. राज्य सरकार ने इसके निर्माण में होने वाले व्यय की आधी राशि का वहन करने पर सहमति दी है. प्रस्तावित भवन छः मंजिल का होगा जिसमे आईटी, आईटीइएस और इएसडीएम इकाईयों हेतु ऑफिस स्पेस, नेटवर्क ऑपरेशन केंद्र, मिनी डेटा सेंटर, हाई स्पीड डेटा कम्युनिकेशन सुविधा, इन्क्यूबेशन केंद्र, कन्वेंशन सेंटर एवं बिज़नस लाउन्ज समेत अन्य सहायता सुविधा क्षेत्र होगा. इस मौके पर सूचना और प्रोवैद्यिकी सचिव राहुल सिंह ने वर्तमान समय में सूचना और तकनीक का बहुत बड़ा योगदान है. ऐसे में बिहार में इस क्षेत्र में हो रहा लगातार विस्तार बिहार के हित में बड़ा कदम है और इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, और उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी को धन्यवाद दिया. इसका शिलान्यास शनिवार को संपन्न हुआ है. इस विस्तारित पार्क में इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स के लिए सेंटर ऑफ़ एक्सेलेंस की स्थापना किये जाने का निर्णय लिया गया है.<br><strong>सहज तकनीक योजना</strong><br>राज्य सरकार के द्वारा सामाजिक सुरक्षा एवं समावेशी विकास को लक्ष्य बना कर अनेकों जन कल्याणकारी योजनाएं चलाई जाती हैं. ऐसा देखा गया है कि जनता के बीच इनमें से कई योजनाओं के संबंध में जानकारी का अभाव होता है. यदि योजना की जानकारी हो भी तो ऐसी योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने हेतु अपनी अर्हता के संबंध में उन्हें अनभिज्ञता होती है. इसके अतिरिक्त योजनाओं का लाभ प्राप्त करने हेतु आवेदन समर्पित करने की औपचारिक सरकारी प्रक्रिया एवं से स्वीकृत करने में क्षेत्रीय कार्यालयों में होने वाले विलंब अथवा पारदर्शिता के अभाव में in योजनाओं का वांछित परिणाम नहीं प्राप्त हो रहा है. सूचना प्रोवैद्यिकी विभाग के द्वारा एक ऐसा प्लेटफार्म विकसित किया गया है जिसका उपयोग कर कोई भी नागरिक सरकार के द्वारा क्रियान्वित किए जा रहे हैं.विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं हेतु अपनी पात्रता के संबंध में न जानकारी प्राप्त कर सकता है बल्कि सरलतापूर्वक आवेदन भी कर सकता है.<br><strong>बिहार स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (BSWAN)</strong><br>बिहार सरकार के सभी 38 जिलों में 101 अनुमंडल कार्यालयों एवं 534 प्रखंड कार्यालयों को बिहार स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क यानि बिसवान योजना अंतर्गत आपस में जोड़ा जा चूका है, परियोजना की कुल लागत 473.63 करोड़ रूपये है.<br>इस मौके पर पंचायत स्तर पर कॉमन सर्विस सेंटर यानि सीएससी को भारत नेट के साथ संबद्ध कर डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराए जाने का भी शुभारम्भ किया गया. इस सेवा से दूर दराज के इलाकों में बैठे लोगों को भी जहां सरकारी सेवा का लाभ मिलना आसान होगा, वहीं भारत में डिजिटल इंडिया के तहत नागरिकों के दरवाजे पर सरकार के नागरिक और व्यवसाय से नागरिक सेवाओं को भारत सरकार द्वारा आम सेवा केंद्र योजना नामित राष्ट्रीय ई-शासन योजना का एक हिस्सा शुरू किया गया है. इस योजना अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, मनोरंजन, एफएमसीजी उत्पाद, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं, उपयोगिता भुगतान आदि क्षेत्रों में सरकार, सामाजिक और निजी क्षेत्र की सेवाओं को पहुंचा रही है.<br>कार्यक्रम में बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग मंत्री कपिलदेव कामत, दीघा से विधानसभा सदस्य संजीव चौरसिया, कुम्हरार विधानसभा सदस्य अरुण कुमार सिन्हा, बांकीपुर विधानसभा सदस्य नितिन नवीन, बख्तियारपुर विधानसभा सदस्य रणविजय सिंह, एसटीपीआई महानिदेशक डॉ ओंकार राय, सूचना एवं प्रोवैद्यिकी विभाग के सचिव राहुल सिंह, एसटीपीआई के वरिष्ठ निदेश देवेश त्यागी, एसटीपीआई के निदेशक मानस पांडा, बेल्टरों के जेनेरल मैनेजर विशाल आनंद, एच एस द्विवेदी मौजूद थे.</p>
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