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	<title>Governor arif mohammad khan &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>Governor arif mohammad khan &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>&#8216;आलोचना और विरोध में समय बर्बाद नहीं करते थे बाबू जगजीवन राम&#8217;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 06 Jul 2025 16:45:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Politics]]></category>
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		<category><![CDATA[Governor arif mohammad khan]]></category>
		<category><![CDATA[Jagjivan Ram]]></category>
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					<description><![CDATA[बाबू जगजीवन राम जी को ‘भारत रत्न’ दिया जाए: नरेन्द्र पाठक पटना।। आज जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान, पटना में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान की उपस्थिति में बाबू जगजीवन राम की पुण्यतिथि मनायी गयी. इस अवसर पर बाबू जगजीवन राम के चित्र पर माल्यार्पण किया गया.संस्थान के निदेशक डॉ. नरेन्द्र पाठक ने बाबूजी की स्मृतियों को याद करते हुए उनकी कृतियों को बताते हुए राज्यपाल से बाबूजी को भारत रत्न दिये जाने की अनुशंसा करने का आग्रह किया. पाठक ने राज्यपाल को शॉल और पुस्तक देकर सम्मानित किया. इसके अलावा दिव्यांग बच्चों द्वारा राज्यपाल को पौधा देकर सम्मानित किया गया. इस मौके पर अपने संबोधन में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा- भारत के महान सपूतों में बाबूजी की गिनती होती है. वंचितों, शोषितों और देश के दिल में उन्होंने जगह बनाई. हम सभी भारतीय समान रूप से इस देश के नागरिक है. अगर अपनी विरासत से विमुख नहीं होते तो आज समाज का अलग स्वरूप होता. उन्होंने केरल के समाजसेवी नारायण गुरु की चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने जिस प्रकार समाज को नई ऊर्जा दी उसी प्रकार बाबू जगजीवन राम ने भी अपना सर्वस्व जीवन समाज के लिए समर्पित कर दिया. भारतीय संस्कृति मानवता के अंदर दिव्य शक्ति को देखती है.अगर भारतीय ज्ञान समझ गये तो किसी प्रकार के मोह के शिकार नहीं होंगे और आप उसे विस्तार के रूप में देखेंगे.चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार-सह-डीन प्रो. एस.पी. सिंह ने कहा बाबू जगजीवन राम के बारे में जितनी बातें होनी चाहिए, उससे आज भी [&#8230;]]]></description>
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<p><strong><br>बाबू जगजीवन राम जी को ‘भारत रत्न’ दिया जाए: नरेन्द्र पाठक</strong></p>



<p>पटना।। आज जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान, पटना में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान की उपस्थिति में बाबू जगजीवन राम की पुण्यतिथि मनायी गयी. इस अवसर पर बाबू जगजीवन राम के चित्र पर माल्यार्पण किया गया.<br>संस्थान के निदेशक डॉ. नरेन्द्र पाठक ने बाबूजी की स्मृतियों को याद करते हुए उनकी कृतियों को बताते हुए राज्यपाल से बाबूजी को भारत रत्न दिये जाने की अनुशंसा करने का आग्रह किया. पाठक ने राज्यपाल को शॉल और पुस्तक देकर सम्मानित किया. इसके अलावा दिव्यांग बच्चों द्वारा राज्यपाल को पौधा देकर सम्मानित किया गया. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000261278-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-90976" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000261278-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000261278-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000261278-1536x1023.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस मौके पर अपने संबोधन में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा- भारत के महान सपूतों में बाबूजी की गिनती होती है. वंचितों, शोषितों और देश के दिल में उन्होंने जगह बनाई. हम सभी भारतीय समान रूप से इस देश के नागरिक है. अगर अपनी विरासत से विमुख नहीं होते तो आज समाज का अलग स्वरूप होता. उन्होंने केरल के समाजसेवी  नारायण गुरु की चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने जिस प्रकार समाज को नई ऊर्जा दी उसी प्रकार बाबू जगजीवन राम ने भी अपना सर्वस्व जीवन समाज के लिए समर्पित कर दिया. भारतीय संस्कृति मानवता के अंदर दिव्य शक्ति को देखती है.अगर भारतीय ज्ञान समझ गये तो किसी प्रकार के मोह के शिकार नहीं होंगे और आप उसे विस्तार के रूप में देखेंगे.<br>चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार-सह-डीन प्रो. एस.पी. सिंह ने कहा बाबू जगजीवन राम के बारे में जितनी बातें होनी चाहिए, उससे आज भी नई पीढ़ी वंचित है. बिहार विभूतियों की भूमि रही है. ये वही बाबूजी है जिन्हें पंडित मदन मोहन मालवीय जी ने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय आकर पढ़ने का आमंत्रण दिया था. आज समाज बदल गया है. सोचिए, उस जमाने में बाबूजी को कितनी समस्याओं का सामना करना पड़ा होगा. 1928 में कोलकाता में एक सम्मेलन बाबूजी ने कराया था.उसमें नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने उन्हें सुनकर उनसे प्रभावित हुए थे. बाबूजी सामाजिक न्याय के पुरोधा थे.<br>राष्ट्रीय प्रवक्ता, भाजपा डॉ. (प्रो.) गुरु प्रकाश ने कहा कि बाबूजी का सबसे लम्बा संसदीय कार्यकाल था. आपातकाल के दौरान तत्कालीन सूचना एवं प्रसारण मंत्री विधाचरण शुक्ल ने, लोग बाबूजी के कार्यक्रम में ना जाए इसलिए उस जमाने की मशहूर फिल्म बॉबी को रिलीज कर दी गयी लेकिन इसका असर बाबूजी के कार्यक्रम पर नहीं पड़ा. दूसरे दिन अखबारों की पहली खबर बनी- ‘बाबू बिट्स बॉबी’. बाबू जगजीवन राम के बारे में 1971 की लड़ाई में दिए गए अभूतपूर्व योगदान के लिए उस समय के सेनाध्यक्ष जैकब ने अपनी पुस्तक में लिखा है- अब तक के सबसे बेहतर रक्षा मंत्री थे बाबूजी.<br>पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के प्रो. शशि कांत प्रसाद ने कहा कि उस जमाने में छूआछूत की भावना थी, बावजूद इसके बाबूजी ने हार नहीं मानी और राजनीति में एक नये मुकाम को पाया.उनका मानना था कि वैसे समाज का निर्माण होना चाहिए जिससे आर्थिक, धार्मिक, सामाजिक जीवन सुदृढ़ हो जाए.<br>जदयू के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. रत्नेश पटेल ने कहा कि बाबूजी के विचारों पर चलकर हमारी पार्टी ने महादलितों, गरीबों, वंचितों को मुख्यधारा में लाया, जिससे पूरी दुनिया वाकिफ है.<br>इस अवसर पर प्रो. उषा सिन्हा, प्रो. दिलीप कुमार, प्रो. मधु प्रभा सिंह, मुरली मनोहर श्रीवास्तव, मनोज कुमार, नीतू सिन्हा, किरण कुमार, ललन भगत, डॉ. रजनीश कुमार, अजय कुमार त्रिवेदी सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>लीजिए आ गया पूर्वांचल के लिए भोजपुरिया कैलेंडर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 06 Apr 2025 10:16:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[राजभवन में हुआ ‘भोजपुरिया कैलेंडर’ का भव्य लोकार्पण राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने किया लोकार्पण, कहा– यह केवल कैलेंडर नहीं, भारतीय संस्कृति का उत्सव है पटना,6 अप्रैल. भोजपुरी भाषा, भोजपुरी लिपि और भोजपुरी पेंटिंग के योग से बना भोजपुरिया क्षेत्र यानि पूर्वांचल के लिए अपनी भाषा और संस्कृति को समेटे भोजपुरिया कैलेंडर का आगाज शनिवार को हो गया. राजभवन, पटना के ऐतिहासिक दरबार हॉल में ‘भोजपुरिया कैलेंडर’ का भव्य लोकार्पण राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के कर-कमलों से सम्पन्न हुआ. कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसके उपरांत दीप प्रज्वलन कर राज्यपाल ने विधिवत उद्घाटन किया. इस अवसर पर कैलेंडर के निर्माता एवं विश्व रिकॉर्ड होल्डर चित्रकार संजीव सिन्हा, समाजसेवी धीरज कुशवाहा, संभावना आवासीय उच्च विद्यालय, आरा के निदेशक डॉ. कुमार द्विजेन्द्र, प्राचार्या डॉ. अर्चना कुमारी, तथा कला, साहित्य और भोजपुरी भाषा के अनेक सशक्त प्रतिनिधि उपस्थित रहे. भावुकता भरा पलकैलेंडर का अवलोकन करते हुए राज्यपाल भावुक हो उठे. उन्होंने पेंटिंग में बेहराइच का नाम देखकर कहा, “यह मेरा क्षेत्र है, मेरा नाम भी इसमें अंकित है.” उन्होंने अपने उद्बोधन में भारत की सांस्कृतिक विविधता और भाषाई समरसता की सराहना करते हुए कहा, “यह केवल भोजपुरी का नहीं, भारत की विविधता का उत्सव है. हम विविधताओं को अपनाते हैं, यही हमारी विशेषता है.” उन्होंने भारत की प्राचीन सभ्यता और शक-संवत, वेदों की वैज्ञानिकता, समय की चक्रीय अवधारणा और पंचांग की विशिष्टता पर भी विस्तार से प्रकाश डाला. राज्यपाल को किया सम्मानित इस मौके पर राज्यपाल को अंगवस्त्र से सम्मनित सम्भावना आवासीय उच्च विद्यालय आरा के निदेशक डॉ कुमार द्विजेन्द्र ने [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>राजभवन में हुआ ‘भोजपुरिया कैलेंडर’ का भव्य लोकार्पण</strong></p>



<p><strong>राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने किया लोकार्पण, कहा– यह केवल कैलेंडर नहीं, भारतीय संस्कृति का उत्सव है</strong></p>



<p>पटना,6 अप्रैल. भोजपुरी भाषा, भोजपुरी लिपि और भोजपुरी पेंटिंग के योग से बना भोजपुरिया क्षेत्र यानि पूर्वांचल के लिए अपनी भाषा और संस्कृति को समेटे भोजपुरिया कैलेंडर का आगाज शनिवार को हो गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/04/pnc-udghatan-by-arif-mohammad-khan-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-89811" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/04/pnc-udghatan-by-arif-mohammad-khan-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/04/pnc-udghatan-by-arif-mohammad-khan-650x433.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>राजभवन, पटना के ऐतिहासिक दरबार हॉल में ‘भोजपुरिया कैलेंडर’ का भव्य लोकार्पण राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के कर-कमलों से सम्पन्न हुआ. कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसके उपरांत दीप प्रज्वलन कर राज्यपाल ने विधिवत उद्घाटन किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/04/pnc-calendar-vimochan-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-89805" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/04/pnc-calendar-vimochan-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/04/pnc-calendar-vimochan-650x433.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस अवसर पर कैलेंडर के निर्माता एवं विश्व रिकॉर्ड होल्डर चित्रकार संजीव सिन्हा, समाजसेवी धीरज कुशवाहा, संभावना आवासीय उच्च विद्यालय, आरा के निदेशक डॉ. कुमार द्विजेन्द्र, प्राचार्या डॉ. अर्चना कुमारी, तथा कला, साहित्य और भोजपुरी भाषा के अनेक सशक्त प्रतिनिधि उपस्थित रहे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/04/pnc-bhojpuriya-calendar-vimochan-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-89808" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/04/pnc-bhojpuriya-calendar-vimochan-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/04/pnc-bhojpuriya-calendar-vimochan-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>भावुकता भरा पल</strong><br>कैलेंडर का अवलोकन करते हुए राज्यपाल भावुक हो उठे. उन्होंने पेंटिंग में बेहराइच का नाम देखकर कहा, “यह मेरा क्षेत्र है, मेरा नाम भी इसमें अंकित है.”</p>



<p>उन्होंने अपने उद्बोधन में भारत की सांस्कृतिक विविधता और भाषाई समरसता की सराहना करते हुए कहा, “यह केवल भोजपुरी का नहीं, भारत की विविधता का उत्सव है. हम विविधताओं को अपनाते हैं, यही हमारी विशेषता है.”</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/04/pnc-arif-mohammad-khan-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-89809" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/04/pnc-arif-mohammad-khan-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/04/pnc-arif-mohammad-khan-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने भारत की प्राचीन सभ्यता और शक-संवत, वेदों की वैज्ञानिकता, समय की चक्रीय अवधारणा और पंचांग की विशिष्टता पर भी विस्तार से प्रकाश डाला.</p>



<p><strong>राज्यपाल को किया सम्मानित</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/04/pnc-governor-arif-mohammad-khan-bhojpuriya-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-89804" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/04/pnc-governor-arif-mohammad-khan-bhojpuriya-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/04/pnc-governor-arif-mohammad-khan-bhojpuriya-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस मौके पर राज्यपाल को अंगवस्त्र से सम्मनित सम्भावना आवासीय उच्च विद्यालय आरा के निदेशक डॉ कुमार द्विजेन्द्र ने किया. वही सर्जना न्यास के चेयरमैन व कैलेंडर निर्माता विश्व रिकॉर्ड होल्डर चित्रकार संजीव सिन्हा ने उन्हें <strong>भोजपुरिया</strong> पेंटिंग से युक्त एक विशेष अंगवस्त्र, एक सम्मान पत्र, भोजपुरी पेंटिंग, भोजपुरी की किताब लबेद व गीतन के फुलवारी और ब्रोच देकर किया. उपहार दिए गए पेंटिंग परभोजपुरिया कैथी भाषा लिखा हुआ <strong><em>भोजपुरी पेंटिंग</em></strong> का ऐसा समिश्रण था जिसमें पूर्वांचल क्षेत्र में आने वाले सभी जिलों का नाम भी अंकित था. वही धीरज कुशवाहा को भी भोजपुरिया अंगवस्त्र और सम्मान-पत्र और ब्रोच देकर चित्रकार ने सम्मानित किया.</p>



<p>इस मौके पर कवि, साहित्यकार व उपन्यासकार निलय उपाध्याय ने भोजपुरी कैलेंडर पर कहा कि दुनिया को 1-9 अंक देने वाला भोजपुर क्षेत्र से हुआ. मुझे खुशी है कि कैथी, भोजपुरी का जनक वाला क्षेत्र आज भोजपुरिया कैलेंडर को लेकर प्रस्तुत है जो एक नए बहस के लिए तैयार है. आज जिस दौर में प्रकृति खतरे में है, भोजपुरी की गिरती स्तर के बावजूद भोजपुरी संस्कृति को सहेजने का यह कार्य जिस ऐतिहासिक स्थल पर हो रहा है मुझे खुशी इस बात की है कि न सिर्फ यह उचित जगह बल्कि उचित हाथों से अनावरण इस कैलेंडर को और भी ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण बनाएगा.</p>



<p>वरिष्ठ रंगकर्मी व नाट्य गुरु चंद्रभूषण पांडेय ने सर्जना न्यास की स्थापना (2011) से लेकर उसके सामाजिक कार्यों—टेराकोटा, लोककला, नुक्कड़ नाटक और चित्रकारी—का उल्लेख करते हुए बताया कि संस्था नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जनजागरण से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर भोजपुरी कला के पुनर्जीवन में अग्रणी रही है.</p>



<p><strong>पूर्वांचल क्षेत्र के लिए कितना उपयोगी है यह कैलेंडर</strong></p>



<p><em>भोजपुरी महीनों और पंचांग से लोगों को परिचित कराना</em></p>



<p>आज की पीढ़ी अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार जनवरी-फरवरी, मार्च-अप्रैल की जानकारी रखती है, लेकिन चैत्र, बैसाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, सावन, भादो जैसे पारंपरिक महीनों की पहचान धीरे-धीरे समाप्त हो रही है. यह कैलेंडर लोगों को उनके पारंपरिक समय-चक्र से जोड़ने का काम करेगा.</p>



<p><em>पक्ष (शुक्लपक्ष और कृष्णपक्ष) का महत्व समझाना</em></p>



<p>हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महीने के दो भाग होते हैं –<br>शुक्ल पक्ष (जब चंद्रमा बढ़ता है, अमावस्या से पूर्णिमा तक)</p>



<p>कृष्ण पक्ष (जब चंद्रमा घटता है, पूर्णिमा से अमावस्या तक)</p>



<p>आज की पीढ़ी को इनकी जानकारी नहीं है. यह कैलेंडर पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी, चतुर्थी, संक्रांति जैसी तिथियों को दिखाकर पारंपरिक समय-गणना से परिचित कराएगा.</p>



<p><em>भोजपुरी भाषा को मिलेगी नई पहचान</em></p>



<p>भोजपुरी कैलेंडर पूरी तरह भोजपुरी भाषा में होने के कारण लोगों को इसे पढ़ने, लिखने और बोलने के लिए प्रेरित करेगा. इससे भोजपुरी भाषा के संवर्धन में मदद मिलेगी.</p>



<p><em>कैथी लिपि के पुनर्जागरण में सहायक</em></p>



<p>कैथी लिपि, जो कभी बिहार और उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक कार्यों में प्रयुक्त होती थी, अब लगभग विलुप्त हो चुकी है. कैथी एक ऐतिहासिक लिपि है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से उत्तर भारत और बिहार, उत्तर प्रदेश तथा झारखंड के कुछ हिस्सों में किया जाता था. इसका नाम &#8220;कायस्थ&#8221; समुदाय से जुड़ा हुआ माना जाता है, क्योंकि यह समुदाय पारंपरिक रूप से प्रशासकीय और लेखन कार्यों में संलग्न था.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/04/IMG-20250406-WA0017-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-89814" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/04/IMG-20250406-WA0017-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/04/IMG-20250406-WA0017-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>किसने बनाया है यह भोजपुरिया कैलेंडर</strong></p>



<p>भोजपुर के संजीव सिन्हा सिर्फ चित्रकार नहीं, बल्कि भोजपुरी लोकसंस्कृति के सच्चे सिपाही हैं. BFA की पढ़ाई के दौरान ही इनके मन में लोककला के लिए जो जिज्ञासा जगी, वह अब एक आंदोलन बन चुकी है.</p>



<p>2002 में कोहबर चित्रों के जरिए पहचान मिली, फिर गाँव-गाँव घूमकर लोक संस्कृति को कैनवास पर जीवंत करते चले गए. उनकी पेंटिंग्स में सिर्फ रंग नहीं, एक पूरी सभ्यता बोलती है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/04/pnc-calendar-vimochan-bhojpuriya-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-89807" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/04/pnc-calendar-vimochan-bhojpuriya-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/04/pnc-calendar-vimochan-bhojpuriya-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने बिहार से लद्दाख तक साइकिल यात्रा कर भोजपुरी चित्रकला को राष्ट्रव्यापी पहचान दी. 2011 में सर्जना न्यास की स्थापना की, और 2000 से ज्यादा लोगों को प्रशिक्षित कर यह कला अगली पीढ़ी तक पहुँचाई.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/04/pnc-Bihar-governor-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-89806" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/04/pnc-Bihar-governor-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/04/pnc-Bihar-governor-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>2022 में जब बापू के आरा आगमन के 100 साल पूरे हुए, तब संजीव जी ने 15 दिन की मेहनत से विश्व का सबसे बड़ा यरवड़ा चरखा तैयार किया — जिसमें भोजपुरी चित्रकला भी सजी हुई थी. इस चरखे को दो-दो विश्व रिकॉर्ड मिले.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/04/pnc-governor-arif-mohammad-khan-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-89810" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/04/pnc-governor-arif-mohammad-khan-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/04/pnc-governor-arif-mohammad-khan-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>समारोह का संचालन संभावना विद्यालय की प्राचार्या डॉ. अर्चना कुमारी ने किया और कार्यक्रम का कोऑर्डिनेशन रंगकर्मी, निर्देशक व पत्रकार ओ पी पांडेय ने.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="673" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/04/pnc-calender-anavaran-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-89756" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/04/pnc-calender-anavaran-scaled.jpg 673w, https://www.patnanow.com/assets/2025/04/pnc-calender-anavaran-427x650.jpg 427w, https://www.patnanow.com/assets/2025/04/pnc-calender-anavaran-1009x1536.jpg 1009w" sizes="auto, (max-width: 673px) 100vw, 673px" /></figure>



<p>चित्रकार संजीव सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापन में कहा कि यह कैलेंडर मात्र तिथियों का संग्रह नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण का माध्यम है. उन्होंने बताया कि आने वाले समय में सर्जना न्यास कम्युनिटी रेडियो और भोजपुरी कला अनुसंधान संस्थान की स्थापना की दिशा में कार्यरत है.</p>



<p>इस मौके पर उपस्थित गणमान्य शख्सियतों में धीरज कुशवाहा, बृजम पांडेय, रविंद्र भारती, संजीव सिन्हा, ओ. पी. पांडेय, विष्णु शंकर, डॉ. कुमार द्विजेन्द्र, डॉ. अर्चना सिंह, दीपा श्रीवास्तव, श्रील, अखौरी विजय कुमार, चंद्रभूषण पांडेय, लव कुमार, निलय उपाध्याय, भीम यादव, सत्य प्रकाश सिंह, मीरा कुमारी, गौरव कुमार सिंह, दीपक कुमार, डॉ. मधुरिमा कुमारी विक्रांत सहित अनेक सशक्त भोजपुरी योद्धा इस अवसर पर उपस्थित रहे.</p>



<p><strong><em>OP Pandey</em></strong></p>
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		<title>गणतंत्र दिवस के मौके पर राज्यपाल ने गिनाई सरकार की उपलब्धियां</title>
		<link>https://www.patnanow.com/republic-day-parade-patna/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 Jan 2025 17:23:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar politics]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar republic day parade]]></category>
		<category><![CDATA[CM NITISH KUMAR]]></category>
		<category><![CDATA[Governor arif mohammad khan]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। राज्यपाल ने आज गणतंत्र दिवस के मौके पर पटना के गांधी मैदान में झंडा फहराया. गणतंत्र दिवस के जश्न में सीएम नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी समेत मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे. झंडोत्तोलन से पहले IPS भानु प्रताप सिंह ने राज्यपाल को परेड की सलामी दी. सरकार की उपलब्धि गिनाते हुए राज्यपाल ने कहा कि बीते सालों में करीब 9 लाख लोगों को नौकरियां दी गईं. साथ ही शिक्षा, महिला सशक्तिकरण समेत हर क्षेत्र में सरकार ने काम किया है. आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि बिहार में शिक्षकों की बड़े पैमाने पर बहाली हुई. जिसके कारण शिक्षक छात्र अनुपात राष्ट्रीय औसत के बराबर पहुंच गया है. उन्होंने दावा किया कि 12 लाख नौकरियां में से 9 लाख नौकरी दी जा चुकी है. वहीं 25 लाख रोजगार में से 10 लाख रोजगार दिया गया है. इसके बाद 20 कंपनियों की परेड निकाली गई. अब 15 विभाग की झांकियां निकाली गईं. बेस्ट परेड के लिए SSB का चयन हुआ है. वहीं झांकियों में उद्योग विभाग की झांकी फर्स्ट रही, जबकि पशु एवं मत्स्य विभाग और जीविका की झांकी दूसरे और खेल विभाग की तीसरे नंबर पर रहीं. गणतंत्र दिवस के मुख्य कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गांधी मैदान जाने से पहले सीएम ने एक अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास में झंडा फहराया. pncb]]></description>
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<p>पटना।। राज्यपाल ने आज गणतंत्र दिवस के मौके पर पटना के गांधी मैदान में झंडा फहराया. गणतंत्र दिवस के जश्न में सीएम नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी समेत मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे. झंडोत्तोलन से पहले IPS भानु प्रताप सिंह ने राज्यपाल को परेड की सलामी दी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1000326356-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88946" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1000326356-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1000326356-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



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<p>सरकार की उपलब्धि गिनाते हुए राज्यपाल ने कहा कि बीते सालों में करीब 9 लाख लोगों को नौकरियां दी गईं. साथ ही शिक्षा, महिला सशक्तिकरण समेत हर क्षेत्र में सरकार ने काम किया है. आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि बिहार में शिक्षकों की बड़े पैमाने पर बहाली हुई. जिसके कारण शिक्षक छात्र अनुपात राष्ट्रीय औसत के बराबर पहुंच गया है. उन्होंने दावा किया कि 12 लाख नौकरियां में से 9 लाख नौकरी दी जा चुकी है. वहीं 25 लाख रोजगार में से 10 लाख रोजगार दिया गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="674" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/pnc-parade-republic-day-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88933" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/pnc-parade-republic-day-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/pnc-parade-republic-day-650x428.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/pnc-parade-republic-day-1536x1011.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/pnc-parade-republic-day-2048x1348.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



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<p>इसके बाद 20 कंपनियों की परेड निकाली गई. अब 15 विभाग की झांकियां निकाली गईं. बेस्ट परेड के लिए SSB का चयन हुआ है. वहीं झांकियों में उद्योग विभाग की झांकी फर्स्ट रही, जबकि पशु एवं मत्स्य विभाग और जीविका की झांकी दूसरे और खेल विभाग की तीसरे नंबर पर रहीं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/pnc-jhanki-republic-day-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88926" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/pnc-jhanki-republic-day-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/pnc-jhanki-republic-day-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



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<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/pnc-Patna-republic-day-jhanki-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88928" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/pnc-Patna-republic-day-jhanki-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/pnc-Patna-republic-day-jhanki-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/pnc-republic-day-jhanki-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88925" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/pnc-republic-day-jhanki-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/pnc-republic-day-jhanki-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="683" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1000326355-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88947" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1000326355-scaled.jpg 683w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1000326355-434x650.jpg 434w" sizes="auto, (max-width: 683px) 100vw, 683px" /></figure>



<p>गणतंत्र दिवस के मुख्य कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गांधी मैदान जाने से पहले सीएम ने एक अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास में झंडा फहराया.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>अपने मित्र नेयाज अहमद के घर पहुंचे गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान</title>
		<link>https://www.patnanow.com/governor-meets-his-friend/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 31 Dec 2024 13:56:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Governor arif mohammad khan]]></category>
		<category><![CDATA[Phulwari Sharif me governor]]></category>
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					<description><![CDATA[फुलवारी शरीफ फेडरल कॉलोनी अपने मित्र परवेज अहमद के घर मुलाकात करने पहुंचे राज्यपाल फुलवारी शरीफ, अजित।। बिहार के नए गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान लगातार दूसरे दिन फुलवारी शरीफ पहुंचे और अपने मित्रों के घर जाकर उनसे मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना. अचानक अपने घर गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान के आने की कॉल सुनकर सहसा दोस्तों को विश्वास नहीं हो पा रहा था कि उनके घर गवर्नर साहब पहुंचने वाले हैं. मित्रों के यह कहने के बावजूद कि वह खुद आकर गवर्नर हाउस में उनसे मुलाकात कर लेंगे इस पर पलटवार करते हुए अपने पुराने दोस्तों को गवर्नर साहब ने कहा कि वह खुद उनके घर आ रहे हैं. इस तरह की बातें फोन पर हुई उसके बाद गवर्नर साहब का काफिला अचानक फुलवारी शरीफ अपने मित्रों के दरवाजे पर दस्तक देने पहुंच गया. इससे पहले सोमवार की रात पटना पहुंचते ही बिहार के माननीय नए गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान ने अपने पुराने मित्र नियाज अहमद को कॉल लगाकर याद किया. नियाज अहमद ने नए गवर्नर साहब को बताया कि वह फुलवारी शरीफ की एफसीआई रोड में मकान बनाकर रहते हैं. इसके बाद गवर्नर साहब ने कहा कि वह उनसे मिलने उनके घर आ रहे हैं. नियाज अहमद बताते हैं कि उन्होंने अपने मित्र और बिहार के माननीय गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान साहब को कहा कि वह यहां इस गरीब के घर क्यों पहुंच रहे हैं. हम खुद वहां राज भवन आकर मिलेंगे लेकिन गवर्नर साहब ने उनकी नहीं सुनी और उनका काफिला फुलवारी शरीफ एफसीआई रोड उनके घर पहुंच [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>फुलवारी शरीफ फेडरल कॉलोनी अपने मित्र परवेज अहमद के घर मुलाकात करने पहुंचे राज्यपाल </strong></p>



<p>फुलवारी शरीफ, अजित।। बिहार के नए गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान लगातार दूसरे दिन फुलवारी शरीफ पहुंचे और अपने मित्रों के घर जाकर उनसे मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना. अचानक अपने घर गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान के आने की कॉल सुनकर सहसा दोस्तों को विश्वास नहीं हो पा रहा था कि उनके घर गवर्नर साहब पहुंचने वाले हैं. मित्रों के यह कहने के बावजूद कि वह खुद आकर गवर्नर हाउस में उनसे मुलाकात कर लेंगे इस पर पलटवार करते हुए अपने पुराने दोस्तों को गवर्नर साहब ने कहा कि वह खुद उनके घर आ रहे हैं. इस तरह की बातें फोन पर हुई उसके बाद गवर्नर साहब का काफिला अचानक फुलवारी शरीफ अपने मित्रों के दरवाजे पर दस्तक देने पहुंच गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="882" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1000268971-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88446" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1000268971-scaled.jpg 882w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1000268971-560x650.jpg 560w" sizes="auto, (max-width: 882px) 100vw, 882px" /></figure>



<pre class="wp-block-code"><code>मंगलवार को बिहार के नए राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान हारून नगर के पास स्थित फेडरल कॉलोनी में अपने मित्र परवेज अहमद से मुलाकात करने पहुंच गए. परवेज अहमद बड़े कारोबारी हैं. परवेज अहमद ने बताया कि  मंगलवार को सुबह-सुबह उन्हें कॉल आया. नए गवर्नर और उनके पुराने मित्र आरिफ मोहम्मद खान ने उनसे कहा कि वह उनके घर मिलने आना चाहते हैं.इस पर उन्होंने कहा कि वह खुद आकर राजभवन  मिलेंगे लेकिन गवर्नर साहब ने बात  नहीं मानी और कहा कि वह उनके घर आ रहे हैं अपना घर का पता बताइए. मोबाइल पर बातचीत के दौरान उन्हें पता चला कि परवेज अहमद के भाई साहब का भी इंतकाल हो गया है. तब गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान अपने मित्र परवेज अहमद को स्पष्ट रूप से कहे कि वह उनके घर आ रहे हैं और उन्हें ही ऐसी स्थिति में उनके घर आना चाहिए. परवेज अहमद ने बताया कि कृपया पौन  घंटा तक गवर्नर साहब उनके घर पर रहे और कॉलेज से लेकर अब तक की सारी बातों पर चर्चा हुई. दोनों दोस्त पुराने बातचीत के दौरान पुरानी यादों में खो गए. परवेज अहमद ने बताया कि अलीगढ़ में पढ़ाई के दौरान दोनों में काफी दोस्ती थी. कॉलेज में स्टूडेंट्स यूनियन में आरिफ मोहम्मद  खान अध्यक्ष हुआ करते थे और उनकी कमेटी में परवेज अहमद भी थे. कॉलेज के दिनों में उन दोनों में काफी अच्छे मित्रता थी और बाद के दिनों में भी मुलाकात नहीं लेकिन फोन पर बातें हो जाया करते थे. उन्होंने कहा कि बड़े मिलनसार और अच्छे स्वभाव के आरिफ  मोहम्मद खान है जो आज भी अपने मित्रों को नहीं भूलते हमेशा उनकी खैरियत पूछते रहते हैं.</code></pre>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="928" height="560" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1000268970.jpg" alt="" class="wp-image-88445" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1000268970.jpg 928w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/1000268970-650x392.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 928px) 100vw, 928px" /></figure>



<p>इससे पहले सोमवार की रात पटना पहुंचते ही बिहार के माननीय नए गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान ने अपने पुराने मित्र नियाज अहमद को कॉल लगाकर याद किया. नियाज अहमद ने नए गवर्नर साहब को बताया कि वह फुलवारी शरीफ की एफसीआई रोड में मकान बनाकर रहते हैं. इसके बाद गवर्नर साहब ने कहा कि वह उनसे मिलने उनके घर आ रहे हैं. नियाज अहमद बताते हैं कि उन्होंने अपने मित्र और बिहार के माननीय गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान साहब को कहा कि वह यहां इस गरीब के घर क्यों पहुंच रहे हैं. हम खुद वहां राज भवन आकर मिलेंगे लेकिन गवर्नर साहब ने उनकी नहीं सुनी और उनका काफिला फुलवारी शरीफ एफसीआई रोड उनके घर पहुंच गया. अचानक फुलवारी शरीफ में नए गवर्नर साहब के काफिला को देख फुलवार शरीफ में लोग और अचंभित थे कि गवर्नर साहब किनके यहां जा रहे हैं. ट्रैफिक जवान और स्थानीय थाना पुलिस प्रशासन भी दौड़ भाग करने में लगे हुए थे. नियाज अहमद ने बताया कि &#8217;50 साल पुरानी दोस्ती कौन याद रखता है लेकिन ये मिलने आए. यह हमारे लिए बहुत बड़ी बात है. कॉलेज के दोस्त अब राज्यपाल हो गए हैं. वो खुद चलकर हमसे मिलने आए. नियाज अहमद मूल रूप से दरभंगा के बहेड़ी के रहने वाले हैं. नियाज झारखंड सरकार में रेवेन्यू विभाग में अधिकारी थे और 2010 में रिटायर हो गए हैं फिलहाल फुलवारी शरीफ के एफसीआई रोड में मकान बनाकर रहते हैं. उन्होंने आगे बताया कि यह बहुत बड़ी बात है कि कोई 50 साल पुराने दोस्त से मिलने उसके घर आ जाए. आज के समय में लोग 10 साल में एक-दूसरे को भूल जाते हैं.</p>
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