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		<title>छत्रसाल सिंह बने पूर्व मध्य रेल के नए महाप्रबंधक</title>
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		<dc:creator><![CDATA[dnv md]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 Jul 2024 10:52:25 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[हाजीपुर ।। छत्रसाल सिंह ने दिनांक 13.07.2024 को पूर्व मध्य रेल के नए महाप्रबंधक का पदभार ग्रहण कर लिया है. इसके पूर्व वे रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली में एडिशनल मेंबर (ट्रैफिक ट्रांसपोर्टेशन) के पद पर पदस्थापित थे. Ecr के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चन्द्र ने बताया कि छत्रसाल सिंह ‘‘भारतीय रेलवे यातायात सेवा‘‘ (IRTS) के 1988 बैच के एक ख्याति प्राप्त अधिकारी हैं. उन्होंने आई.आई.टी, रूड़की से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त किया है. सरस्वती चंद्र ने बताया कि छत्रसाल सिंह भारतीय रेलवे के कई महत्वपूर्ण पदों पर अपना योगदान दे चुके हैं. उन्होंने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, उत्तर मध्य रेलवे, उत्तर पश्चिम रेलवे और उत्तर रेलवे में परिचालन, वाणिज्यिक और संरक्षा विभागों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है. उन्होंने रेलवे बोर्ड में निदेशक (कम्प्यूटराईजेशन एंड इनफार्मेशन सिस्टम) एवं क्रिस, नई दिल्ली में महाप्रबंधक के रूप में भी कार्य किया है. छत्रसाल सिंह दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में मंडल रेल प्रबंधक तथा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक जैसे पदों पर भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दे चुके हैं. pncb]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="481" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/01/pnc-Hajipur-ECR-railway-hq.jpg" alt="" class="wp-image-58906" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/01/pnc-Hajipur-ECR-railway-hq.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/01/pnc-Hajipur-ECR-railway-hq-350x259.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>हाजीपुर ।। छत्रसाल सिंह ने दिनांक 13.07.2024 को पूर्व मध्य रेल के नए महाप्रबंधक का पदभार ग्रहण कर लिया है. इसके पूर्व वे रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली में एडिशनल मेंबर (ट्रैफिक ट्रांसपोर्टेशन) के पद पर पदस्थापित थे. Ecr के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चन्द्र ने बताया कि  छत्रसाल सिंह ‘‘भारतीय रेलवे यातायात सेवा‘‘ (IRTS) के 1988 बैच के एक ख्याति प्राप्त अधिकारी हैं. उन्होंने आई.आई.टी, रूड़की से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त किया है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="814" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/1000245974-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-85508" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/1000245974-scaled.jpg 814w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/1000245974-517x650.jpg 517w" sizes="(max-width: 814px) 100vw, 814px" /></figure>



<p>सरस्वती चंद्र ने बताया कि छत्रसाल सिंह भारतीय रेलवे के कई महत्वपूर्ण पदों पर अपना योगदान दे चुके हैं. उन्होंने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, उत्तर मध्य रेलवे, उत्तर पश्चिम रेलवे और उत्तर रेलवे में परिचालन, वाणिज्यिक और संरक्षा विभागों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है. उन्होंने रेलवे बोर्ड में निदेशक (कम्प्यूटराईजेशन एंड इनफार्मेशन सिस्टम) एवं क्रिस, नई दिल्ली में महाप्रबंधक के रूप में भी कार्य किया है. छत्रसाल सिंह दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में मंडल रेल प्रबंधक तथा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक जैसे पदों पर भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दे चुके हैं.</p>



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		<title>भोजपुरी पेंटिंग के लिए आज हो सकता है गोल्डन दिन, रेलवे की ओर से आज वार्ता</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bhojpuri-painting-ke-liye-aaj-jo-sakta-hai-golden-day/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 09 Jul 2021 05:23:20 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[38 दिनों से चल रहे कलाकरों का आन्दोलन आज हो सकता है समाप्त आरा, 9 जुलाई. भोजपुरवासियों के लिए आज का दिन गोल्डन दिन साबित हो सकता है. कारण है आज रेलवे द्वारा पेश की भोजपुरी पेंटिंग को लेकर आंदोलनकारियों के साथ अहम बैठक जो दोपहर होने वाली है. बैठक में भोजपुरी पेंटिंग को लेकर रेलवे द्वारा क्या स्वीकारोक्ति होती है यह तो बैठक के बाद ही पता चलेगा. लेकिन एक बात तो साफ है कि भोजपुरी पेंटिंग को उचित सम्मान दिलाने के लिए संघर्षरत भोजपुरी कला संरक्षण मोर्चा द्वारा 38 दिनों से लगातार आन्दोलन इस बार आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं. रेलवे द्वारा दो बार पहले भी बैठक हो चुका है लेकिन कलाकारों की मांगों पर अबतक रेलवे द्वारा कोई लिखित आदेश न मिलने का कारण कलाकार लगातार लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों के लिए रेलवे परिसर में ही अड़े हुए हैं. जिन्हें अब न सिर्फ विभिन्न दलों का समर्थन मिल रहा है बल्कि आम जनता का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है. आन्दोलनकारियों ने गुरुवार को 38वें दिन भी आरा रेलवे स्टेशन पर जनता से संवाद करते हुए पूर्व मध्य रेलवे प्रशासन को जगाने के लिए शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन किया. मनोवैज्ञानिक अरविंद राय ने कहा कि भोजपुरी संस्कृति प्रत्येक भोजपुरिया लोगों के रोम-रोम में बसी हुई है. वह लोकगायन हो या लोक चित्रांकन. मोर्चा के कोषाध्यक्ष सह चित्रकार कमलेश कुंदन ने आक्रोश के साथ कहा कि असली संघर्ष तो सच को ही करना होता है. झूठ तो हर कदम पर बिक जाता है. मंच [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>38 दिनों से चल रहे कलाकरों का आन्दोलन आज हो सकता है समाप्त</strong></p>



<p>आरा, 9 जुलाई. भोजपुरवासियों के लिए आज का दिन गोल्डन दिन साबित हो सकता है. कारण है आज रेलवे द्वारा पेश की भोजपुरी पेंटिंग को लेकर आंदोलनकारियों के साथ अहम बैठक जो दोपहर होने वाली है. बैठक में भोजपुरी पेंटिंग को लेकर रेलवे द्वारा क्या स्वीकारोक्ति होती है यह तो बैठक के बाद ही पता चलेगा. लेकिन एक बात तो साफ है कि भोजपुरी पेंटिंग को उचित सम्मान दिलाने के लिए संघर्षरत भोजपुरी कला संरक्षण मोर्चा द्वारा 38 दिनों से लगातार आन्दोलन इस बार आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं. रेलवे द्वारा दो बार पहले भी बैठक हो चुका है लेकिन कलाकारों की मांगों पर अबतक रेलवे द्वारा कोई लिखित आदेश न मिलने का कारण कलाकार लगातार लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों के लिए रेलवे परिसर में ही अड़े हुए हैं. जिन्हें अब न सिर्फ विभिन्न दलों का समर्थन मिल रहा है बल्कि आम जनता का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-style-default"><img decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/PNC_Revolution-for-painting.jpg" alt="" class="wp-image-53941" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/PNC_Revolution-for-painting.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/07/PNC_Revolution-for-painting-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-large is-style-default"><img decoding="async" src="https://www.patnanow.com/dff98a50-2089-4f65-b9dd-80e76dceab47" alt="" /></figure>



<p>आन्दोलनकारियों ने गुरुवार को 38वें दिन भी आरा रेलवे स्टेशन पर जनता से संवाद करते हुए पूर्व मध्य रेलवे प्रशासन को जगाने के लिए शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन किया. मनोवैज्ञानिक अरविंद राय ने कहा कि भोजपुरी संस्कृति प्रत्येक भोजपुरिया लोगों के रोम-रोम में बसी हुई है. वह लोकगायन हो या लोक चित्रांकन. मोर्चा के कोषाध्यक्ष सह चित्रकार कमलेश कुंदन ने आक्रोश के साथ कहा कि असली संघर्ष तो सच को ही करना होता है. झूठ तो हर कदम पर बिक जाता है. मंच संचालन करते हुए चित्रकार रौशन राय ने कहा कि हमारी लोक चित्रकला में पीड़िया और कोहबर का स्वरुप निर्विवाद रूप से उच्च स्तरीय है. इसमें लोगों को आकर्षित करने की पर्याप्त क्षमता है. रंगकर्मी आकांक्षा प्रियदर्शिनी ने कहा कि रेलवे प्रशासन द्वारा अवसर दिए जाने के बाद हमारी उच्च स्तरीय प्रस्तुति भोजपुरी पेंटिंग को राष्ट्रीय क्षितिज पर स्थापित कर देगी.</p>



<p>रेल प्रशासन द्वारा शुक्रवार को 12 .30 बजे दिन में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी का आंदोलन स्थल पर आने की सूचना मिलने की खबर के बाद वरिष्ठ रंगकर्मी अशोक मानव ने कहा कि लगता है रेलवे प्रशासन तक हमारी आवाज पहुंच गई है. रेलवे द्वारा वार्ता का यह सकारात्मक कदम भोजपुरी पेंटिंग के लिए मील का पत्थर साबित होगा. मोर्चा के संयोजक भास्कर मिश्र ने कहा कि भोजपुरी पेंटिंग के लिए संचालित इस आंदोलन को सफल होने के बाद इस मोर्चे द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रभावी कार्य सम्पादित होंगे जो न केवल जिले के बल्कि देश के कलाकारों के लिए पथ प्रदर्शक का कार्य करेंगे. वरिष्ठ रंगकर्मी डॉ अनिल सिंह ने कहा कि हम कलाकारों की आवाज कमजोर नहीं बल्कि तीक्ष्ण होती है. हम शोर नहीं मचाते बल्कि लक्ष्य को केंद्रित कर सटीक चोट करते हैं.<br>रंगकर्मी रविंद्र भारती ने कहा कि भोजपुरी पेंटिंग भोजपुरिया लोगों की वो पहचान है जो देश ही नहीं अपितु विदेशों में भी एक अलग महत्व प्रदान कराएगी. सामाजिक कार्यकर्ता अनिल राज ने लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि हमें अपनी लोकसंस्कृति के लिए संवेदनशील होना होगा. रंगकर्मी मनोज कुमार सिंह ने कहा कि सदियों बाद इतिहास हमें हमारी लोकसंस्कृति की उपस्थिति से ही जानेगा. धन्यवाद ज्ञापन करते हुए रंगकर्मी किशन सिंह ने कहा कि भोजपुरी भाषी लोगों के लिए यह गर्व की बात है कि जिले के विभिन्न विधाओं के कलाकारों के साथ सामाजिक कार्यकर्ता और बुद्धिजीवियों का समूह उनकी सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध होकर संघर्ष कर रहा है. कार्यक्रम को सफल बनाने में मनीष कुमार महाराणा, राकेश कुमार पांडेय, पल्लवी प्रियदर्शिनी महत्वपूर्ण थे.</p>



<p>आरा से <strong>ओ पी पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>
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		<title>भोजपुरी आन्दोलन को दबाने के लिए गिरफ्तार किए गए 5 कलाकार, आज कोर्ट में पेशी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/5-artist-arrested-for-crush-the-revolution-of-bhojpuri/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 26 Jun 2021 05:16:24 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[रँगजुलुस निकालने दौरान RPF ने कलाकरों को किया गिरफ्तार,स्टेशन पर घंटों हंगामा,3 घण्टे हिरासत में रखने के बाद पुलिस ने छोड़ा आरा, 26 जून. 24 दिन से भोजपुरी पेंटिंग की अस्मिता के लिए शांतिपूर्ण आन्दोलन कर रहे कलाकारों में से 5 कलाकारों को शुक्रवार को रेल प्रशासन ने गिरफ्तार कर लगभग 3 घण्टे तक अपने कस्टडी में रखा. बाद में कलाकारों को रेल प्रशासन ने छोड़ दिया. भोजपुरी संरक्षण मोर्चा ने शुक्रवार अपने निर्धारित समय से 25वें दिन गीत-गायन के जरिये अपना विरोध प्रदर्शन किया और फिर रेलवे प्लेटफार्म पर रँगजुलुस के रूप में प्रदर्शन करने लगे. प्लेटफार्म नम्बर एक से शूरु हुआ यह रंग जुलूस जैसे ही प्लेटफार्म नम्बर तीन पर पहुँचा कि रेलवे पुलिस फोर्स ने आन्दोलनकारी 5 कलाकारों को गिरफ्तार कर लिया. कलाकारों के गिरफ्तारी के बाद यह खबर जंगल मे आग की तरह सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गयी. सोशल मीडिया पर भोजपुरी भाषा से जुड़े देश विदेश में रहने वालों ने इस घटना को कायराना और बेहद शर्मनाक बताया. रेल प्रशासन द्वारा किये गए इस गिरफ्तारी से भोजपुरिया क्षेत्र के लोग आक्रोशित हो गए. कलाकारों के गिरफ्तारी के बाद ऐसा हो सकता है कि यह आंदोलन प्रदेश में भी शामिल हो जाये. लोगों में आक्रोश इस बात का ही कि उनके जायज मांग को भी सरकार नही सुन रही है. शांति तरीके से आन्दोलन के बाद भी गिरफ्तारी सरकार के तानाशाही रवैये का प्रमाण है. कलाकारों को पुलिस ने रँगजुलुस निकालने के दौरान ऐसे पकड़ा और धक्का-मुक्की किया जैसे वे किसी [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>रँगजुलुस निकालने दौरान RPF ने कलाकरों को किया गिरफ्तार,<br>स्टेशन पर घंटों हंगामा,3 घण्टे हिरासत में रखने के बाद पुलिस ने छोड़ा</strong></p>



<p>आरा, 26 जून. 24 दिन से भोजपुरी पेंटिंग की अस्मिता के लिए शांतिपूर्ण आन्दोलन कर रहे कलाकारों में से 5 कलाकारों को शुक्रवार को रेल प्रशासन ने गिरफ्तार कर लगभग 3 घण्टे तक अपने कस्टडी में रखा. बाद में कलाकारों को रेल प्रशासन ने छोड़ दिया. भोजपुरी संरक्षण मोर्चा ने शुक्रवार अपने निर्धारित समय से 25वें दिन गीत-गायन के जरिये अपना विरोध प्रदर्शन किया और फिर रेलवे प्लेटफार्म पर रँगजुलुस के रूप में प्रदर्शन करने लगे. प्लेटफार्म नम्बर एक से शूरु हुआ यह रंग जुलूस जैसे ही प्लेटफार्म नम्बर तीन पर पहुँचा कि रेलवे पुलिस फोर्स ने आन्दोलनकारी 5 कलाकारों को गिरफ्तार कर लिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-style-default"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="376" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_Artist-attestedAra1.jpg" alt="" class="wp-image-53596" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_Artist-attestedAra1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_Artist-attestedAra1-350x202.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>कलाकारों के गिरफ्तारी के बाद यह खबर जंगल मे आग की तरह सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गयी. सोशल मीडिया पर भोजपुरी भाषा से जुड़े देश विदेश में रहने वालों ने इस घटना को कायराना और बेहद शर्मनाक बताया. रेल प्रशासन द्वारा किये गए इस गिरफ्तारी से भोजपुरिया क्षेत्र के लोग आक्रोशित हो गए. कलाकारों के गिरफ्तारी के बाद ऐसा हो सकता है कि यह आंदोलन प्रदेश में भी शामिल हो जाये. लोगों में आक्रोश इस बात का ही कि उनके जायज मांग को भी सरकार नही सुन रही है. शांति तरीके से आन्दोलन के बाद भी गिरफ्तारी सरकार के तानाशाही रवैये का प्रमाण है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-style-default"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="276" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_Artist-attestedAra3.jpg" alt="" class="wp-image-53597" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_Artist-attestedAra3.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_Artist-attestedAra3-350x149.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-large is-style-default"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="367" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_Artist-attestedAra-2.jpg" alt="" class="wp-image-53598" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_Artist-attestedAra-2.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_Artist-attestedAra-2-350x198.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>कलाकारों को पुलिस ने रँगजुलुस निकालने के दौरान ऐसे पकड़ा और धक्का-मुक्की किया जैसे वे किसी अपराधी को पकड़ रहे हों. कलाकारों ने अपनी गिरफ्तारी देते हुए उनसे बार बार आग्रह किया कि उन्हें छुआ न जाये लेकिन बावजूद इसके कलाकारों के हाथ पैर पकड़ कर उन्हें पुलिस टांग कर अपने चैंबर में ले आयी.</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-style-default"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="365" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_Artist-attestedAra.jpg" alt="" class="wp-image-53600" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_Artist-attestedAra.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_Artist-attestedAra-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>कलाकारों की गिरफ्तारी की चहुँ ओर निंदा</strong>,<br>रेल प्रशासन द्वारा कलाकारों की गिरफ्तारी की जहां सभी ओर से निंदा किया जा रहा है वही दूसरी ओर इस प्रशासनिक रवैये से लोग आक्रोशित हैं और हो सकता है कि इसका प्रतिशोध जगह-जगह आन्दोलन के रूप में देखने को मिले.</p>



<p><strong>भोजपुरिया जन मोर्चा</strong> के <strong><em>विनोद सिंह</em></strong> ने कहा कि सरकार भोजपुरी अस्मिता के साथ खिलवाड़ कर रही है. <strong>डॉ कुमार शीलभद्र</strong> ने कहा कि दमन से विद्रोही पैदा होते हैं. हमें बाध्य नहीं किया जाए कि हम अपने अधिकार के लिए कठोर कदम उठाने पर मजबूर हो जाये. रंगकर्मी <strong>मनोज कुमार सिंह </strong>ने कहा कि यह चित्रकला हमें पूर्वजों से विरासत में मिली है. प्रत्येक व्यक्ति अपनी सामर्थ्य के अनुसार इसकी रक्षा का प्रयास करें। रंगकर्मी <strong>रतन देवा</strong> ने कहा कि लिखित आश्वासन या कार्यादेश के बाद ही यह आंदोलन समाप्त होगा. रंगकर्मी <strong>अशोक मानव</strong> ने कहा कि यह स्थानीय संस्कृति की रक्षा के साथ साथ स्थानीय कलाकारों की रोटी की रक्षा की भी लड़ाई है.</p>



<p>सामाजिक कार्यकर्ता <strong>अभिषेक द्विवेदी</strong> ने कहा कि रेलवे परिसर में भोजपुरी पेंटिंग के सम्मान के लिए संघर्षरत 5 कलाकारो को रेल प्रशासन द्वारा गिरफ्तार करने की जितनी भी निंदा की जाए वह कम है. भोजपुरिया लोगों को रेलवे पुलिस ने ललकारने का काम किया गया है. इस गिरफ्तारी के बाद अब आन्दोलन को और उग्र किया जाएगा जिसकी जिम्मेवारी सरकार और रेल प्रशासन की होगी. समाजसेवी <strong>समीर श्रीवास्तव </strong>ने कहा कि 5 कलाकारो को रेल प्रशासन द्वारा गिरफ्तार कर रेल प्रशासन ने अच्छा नहीं किया है. अगर प्रशासन जल्द से जल्द उन्हें नहीं छोड़ती है तो उग्र आंदोलन करने के लिए हम सभी साथी बाध्य हो जायेगे. इसकी जिम्ममेदारी  प्रशासन की होगी.</p>



<p>उधर इस आंदोलन को समर्थन करने वाली <strong>समाजवादी लोक परिषद</strong> पार्टी ने भी भोजपुर के 5 कलाकार साथियों के गिरफ्तार किए जाने की घोर निंदा की और कहा कि पिछले 24 दिनों से &#8220;भोजपुरी संरक्षण मोर्चा&#8221; के कलाकारों की भोजपुरी पेंटिंग को सम्मान दिलाने की मुहिम में आज 25वें दिन रेल प्रशासन द्वारा 5 कलाकारों की गिरफ्तारी बेहद शर्मनाक है. कला-संस्कृति की परंपराएँ किसी समाज-सभ्यता के अस्तित्व का गवाह होतीं हैं. उसके संवाहकों (कलाकारों) पर आघात अर्थात अस्तित्व पर विनाशकारी प्रहार. प्रशासन अपराधियों से अधिक कलाकारों को ख़तरा समझता है,इससे ज्यादा गौरव वाली बात और क्या होगी…</p>



<p>समाजवादी लोक परिषद पार्टी भोजपुरी अस्तित्व के संरक्षण के हर आंदोलन में सदैव भागीदार है और रहेगा. प्रशासन इन कलाकारों को अविलंब रिहा करे, यही हमारी माँग है.</p>



<p>जुलूस के कार्यक्रम में कमल कुमार राय, संजय कुमार सिंह, किशन सिंह, मनोज श्रीवास्तव, घनश्याम पाठक, सुरेश सिंह, रूपा कुमारी, निराला कुमार, पूर्व पार्षद डॉ शशि सक्सेना, कमलेश नाथ पांडेय, नागेंद्र कुमार प्रमुख थे.</p>



<p>कलाकारों ने कहा कि उन्होंने मोर्चा के बैनर के तहत अपने कार्यक्रम के बारे में पहले से GM और DRM तक इसकी सूचना स्टेशन प्रबंधक के माध्यम से भेजा था लेकिन इस सूचना की कोई भी जानकारी RPF को नही थी जिसके कारण उनलोगों ने कलाकारों के प्रदर्शन के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया. कलाकारों की गिरफ्तारी के बाद जितना सोशल मीडिया पर लोग सक्रिय थे उससे ज्यादा RPF कार्यालय के बाहर गिरफ्तार कलाकारों की रिहाई के किये लोग नारे लगाने लगे. जो भी भोजपुरी पेंटिंग की बात सुनता वह कलाकारों के संग खड़ा हो जाता. हालांकि हंगामे को देखते हुए रेल प्रशासन ने गिरफ्तार लोगों को अपने कस्टडी में 3 घण्टे तक रखने के बाद रिहा कर दिया. जिन्हें आज रेलवे कोर्ट में पेश किया जाएगा.</p>



<p>आरा से <strong>ओ पी पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>
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		<title>23वें दिन भूख हड़ताल करने को विवश हुए कलाकार</title>
		<link>https://www.patnanow.com/23ve-din-bhukh-hadtal-ko-vivsh-kalakar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 23 Jun 2021 13:39:11 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भोजपुरी पेंटिंग के सम्मान के लिए 22 दिनों से लगातार जारी था आन्दोलन आरा 23 जून. 22 दिनों से भोजपुरी पेंटिंग को सम्मान दिलाने के लिए चित्रों के जरिये शान्तिपूर्ण आन्दोलन के बाद भी रेलवे प्रशासन व सरकार के उदासीन रवैये से क्षुब्ध कलाकारों ने विवश हो 23 वें दिन भूख हड़ताल का रास्ता चुना जो 24 जून को भी जारी रहेगा. भोजपुरी कला संरक्षण मोर्चा द्वारा भोजपुरी चित्रकला को सम्मान दिलाने के लिए बुधवार को 8 लोगों ने आरा रेलवे स्टेशन के पूछताछ केंद्र के पास उपवास रखा. उपवास का यह कार्यक्रम सुबह 9.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहा. उपवास करने वालों में अशोक मानव,भास्कर मिश्र, विजय मेहता, कमलेश कुंदन, रौशन राय, डॉ जितेन्द्र शुक्ल, काजल सिन्हा एवं अनिल राज थे. आज के कार्यक्रम का संचालन करते हुए वरिष्ठ रंगकर्मी कृष्णेन्दु ने कहा कि चित्र की महत्ता जीवन के हर अवसर पर है. कलाकारों के साथ-साथ आम जनों व स्थानीय राजनीतिक दलों के नेताओं में भी भोजपुरी के साथ इस सौतेलेपन व्यवहार के प्रति गुस्सा भरा है जो आने वाले दिनों में आक्रोश का रूप ले सकता है. सोशल मीडिया की खबर सुन भूख हड़ताल में शामिल हुई भोजपुरी अभिनेत्रीदो दिवसीय उपवास के इस कार्यक्रम के पहले दिन 8 उपवास करने वालों में सोशल मीडिया और अखबार में खबरों को पJढ़ने के बाद भूख हड़ताल में एक लड़की काजल सिन्हा शामिल हुई. काजल बेबी काजल के नाम से एक सिंगर के रूप में जानी जाती हैं और विष्णु शंकर बेलू के निर्देशन में बनी भोजपुरी फिल्म &#8220;अनाथों [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भोजपुरी पेंटिंग के सम्मान के लिए 22 दिनों से लगातार जारी था आन्दोलन</strong></p>



<p>आरा 23 जून. 22 दिनों से भोजपुरी पेंटिंग को सम्मान दिलाने के लिए चित्रों के जरिये शान्तिपूर्ण आन्दोलन के बाद भी रेलवे प्रशासन व सरकार के उदासीन रवैये से क्षुब्ध कलाकारों ने विवश हो 23 वें दिन भूख हड़ताल का रास्ता चुना जो 24 जून को भी जारी रहेगा. भोजपुरी कला संरक्षण मोर्चा द्वारा भोजपुरी चित्रकला को सम्मान दिलाने के लिए बुधवार को 8 लोगों ने आरा रेलवे स्टेशन के पूछताछ केंद्र के पास उपवास रखा. उपवास का यह कार्यक्रम सुबह 9.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहा. उपवास करने वालों में अशोक मानव,भास्कर मिश्र, विजय मेहता, कमलेश कुंदन, रौशन राय, डॉ जितेन्द्र शुक्ल, काजल सिन्हा एवं अनिल राज थे. आज के कार्यक्रम का संचालन करते हुए वरिष्ठ रंगकर्मी कृष्णेन्दु ने कहा कि चित्र की महत्ता जीवन के हर अवसर पर है. कलाकारों के साथ-साथ आम जनों व स्थानीय राजनीतिक दलों के नेताओं में भी भोजपुरी के साथ इस सौतेलेपन व्यवहार के प्रति गुस्सा भरा है जो आने वाले दिनों में आक्रोश का रूप ले सकता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-style-default"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="311" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_painting-ke-liye-fastingAra.jpg" alt="" class="wp-image-53536" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_painting-ke-liye-fastingAra.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_painting-ke-liye-fastingAra-350x167.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>सोशल मीडिया की खबर सुन भूख हड़ताल में शामिल हुई भोजपुरी अभिनेत्री</strong><br>दो दिवसीय उपवास के इस कार्यक्रम के पहले दिन 8 उपवास करने वालों में सोशल मीडिया और अखबार में खबरों को पJढ़ने के बाद भूख हड़ताल में एक लड़की काजल सिन्हा शामिल हुई. काजल बेबी काजल के नाम से एक सिंगर के रूप में जानी जाती हैं और विष्णु शंकर बेलू के निर्देशन में बनी भोजपुरी फिल्म &#8220;अनाथों के नाथ भोले नाथ&#8221; में मुख्य भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री है. काजल अपने पिताजी बबलू सिन्हा के साथ बड़े ही साधारण तरीके से आयी थी. उसके जाने के बाद पता चला कि वह भोजपुरी फ़िल्म से एक अभिनेत्री के रूप में डेब्यू कर रही है. यह भोजपुरी भाषा और उसकी संस्कृति से लगाव ही था कि एक फ़िल्म की अभिनेत्री बिना किसी आमंत्रण और नखरे के अपनी सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिए भूख हड़ताल पर बैठी और अपना समर्थन देकर चलते बनी.</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-style-default"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="300" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_painting-ke-liye-fastingAra2.jpg" alt="" class="wp-image-53537" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_painting-ke-liye-fastingAra2.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_painting-ke-liye-fastingAra2-350x162.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>22वें दिन हुई वृहत बैठक,जिसमे उपवास का लिया गया निर्णय<br>भोजपुरी कला संरक्षण मोर्चा द्वारा भोजपुरी चित्रकला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए 22वें दिन मंगलवार को देर शाम वीर कुँवर सिंह स्टेडियम,आरा में बैठक संपन्न हुआ. इस बैठक में स्थानीय कलाकारों के अलावा विभिन्न राजनीतिक और सांस्कृतिक संघटनों के 50 से ज्यादा सक्रिय सदस्य उपस्थित हुए. बैठक की अध्यक्षता और विषय प्रवेश करते हुए मोर्चा के संयोजक भास्कर मिश्र ने कहा कि हमारा विरोध किसी भी अन्य संस्कृति या कला से नहीं बल्कि अपनी संस्कृति के लिए सम्मान की रक्षा के लिए है. मंच संचालन करते हुए वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता और रंगकर्मी अशोक मानव ने कहा कि यह आंदोलन समस्त भोजपुरी भाषी लोगों का है. एक बार सफलता मिलने के बाद पीढ़ियों तक इसका लाभ मिलेगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-style-default"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_painting-ke-liye-fastingAra1.jpg" alt="" class="wp-image-53538" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_painting-ke-liye-fastingAra1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_painting-ke-liye-fastingAra1-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>चित्रकार रौशन राय ने कहा कि भोजपुरी चित्रकला के अंतर्गत हमारे घरों में शुभ अवसर पर बनने वाला कोहबर एवं पीड़िया मुख्य रूप से आता है. पूर्व वार्ड पार्षद डॉ जितेंद्र शुक्ल ने कहा कि चरणबद्ध तरीके से चल रहे इस आंदोलन को और तीव्र करने की आवश्यकता है इसके लिए स्थानीय सांसद सह मंत्री और विधायक सह मंत्री का सहयोग अपेक्षित है. वरिष्ठ भाजपा नेता अखिलानंद ओझा ने कहा कि इस कार्य को सफल बनाने के लिए पूर्व मध्य रेलवे के जी एम या डी आर एम महोदय से व्यक्तिगत तौर पर मिलने से बात बन सकती है.</p>



<p>रंगकर्मी संजय कुमार पॉल ने कहा कि आंदोलन को तीव्र और समाज के हर तबके के लोग को जागरूक करने के लिए मशाल जुलूस निकाला जाए. रंगकर्मी सुधीर शर्मा ने कहा कि जी एम या डी आर एम महोदय को रंगारंग प्रदर्शन करते हुए आरा भ्रमण के दौरान भोजपुरी चित्रकला उपहार स्वरूप दिया जाए. रंगकर्मी बम ओझा ने कहा कि समाज के प्रबुद्ध साहित्यकारों, चित्रकारों, कलाकारों एवं पत्रकारों को भी इस आंदोलन से जोड़ा जाए. रंगकर्मी श्याम शर्मीला ने कहा कि वरीय अधिकारियों से मिलने के बाद अगर सकारात्मक परिणाम नहीं आये तभी हमलोग कठोर पहल करें. रंगकर्मी किशन सिंह ने कहा कि बिना कठोर और सक्रिय आंदोलन के रेल प्रशासन हमारी बात नहीं सुनेगा. रंगकर्मी मनोज सिंह ने कहा कि हमें गाँधी जी के अहिंसात्मक आंदोलन के स्वरूप से ही निश्चित विजय प्राप्त होगी. प्रदर्शन के दौरान अभियान गीत की भी प्रस्तुति कलात्मक ढंग से की जाएगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-style-default"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_painting-ke-liye-fastingAra3.jpg" alt="" class="wp-image-53539" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_painting-ke-liye-fastingAra3.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_painting-ke-liye-fastingAra3-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>जदयू के अभय विश्वास भट्ट ने कहा कि स्थानीय सांसद और विधायक महोदय द्वारा इस मुद्दे पर मौन धारण करना अत्यंत दुखद है. मोर्चा के कोषाध्यक्ष कमलेश कुंदन ने कहा कि हर भोजपुरिया के घर में भोजपुरी चित्रकला का चित्रांकन होना चाहिए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका महत्व समझ सकें. सामाजिक कार्यकर्ता अनिल राज ने कहा कि रेल प्रशासन द्वारा सकारात्मक आश्वासन नहीं मिलने पर पूरे शहर में रंग जुलूस निकालकर लोगों को और संवेदनशील बनाने की जरूरत है.</p>



<p>धन्यवाद ज्ञापन करते हुए मोर्चा के उप संयोजक विजय मेहता ने कहा कि अब आर-पार की लड़ाई की स्थिति में यह आंदोलन आ गया है. 22 दिनों से चल रहे इस आंदोलन पर अबतक कोई भी निर्णय नहीं लिया जाना यह साबित करता है कि रेलवे प्रशासन कान में तेल डाल कर सोया है.</p>



<p>सर्वसम्मति से बुधवार से आरा रेलवे स्टेशन पर दो दिवसीय उपवास का निर्णय लिया गया. वरिष्ठ रंगकर्मी रवींद्र भारती ने कहा कि वरीय अधिकारियों की उदासीनता हमारे कलाकारों के उत्साह को आक्रोश में परिणत होने पर मजबूर कर देगा. बैठक को सफल बनाने में वरिष्ठ रंगकर्मी कृष्णेन्दु,संजय कुमार सिंह, किशन सिंह,संजय सिंह, के पी शास्त्री, भरत आर्य,शालिनी श्रीवास्तव, प्रशंसा पटेल, राजू कुमार मिश्र, मो महबूब आलम,सुनील पाठक, हरिश्चंद्र शाह,रतन देवा, कमलदीप कुमार संजय राय,संस्कार कृष्ण,मनोज श्रीवास्तव आदि प्रमुख थें.</p>



<p>आरा से <strong>ओ पी पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>
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