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	<title>GKC &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>जीकेसी का विश्व के 26 देशों सहित भारत के सभी प्रान्तों में हुआ विस्तार: राजीव रंजन प्रसाद</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Apr 2026 16:42:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[bihar news]]></category>
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		<category><![CDATA[rajeev ranjan]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की पटना में सम्पन्न बैठक को संबोधित करते हुए जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष सह जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि जीकेसी का संगठन आज विश्व के 26 देशों सहित आज भारत के ज्यादातर प्रदेशों में बन चुका है और लगातार संगठन विस्तारीकरण के लिये देश के अलग-अलग हिस्सों में योजनाबद्ध तरीके से कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं . अपने संबोधन में बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रशंसा करते हुए राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि नीतीश कुमार के द्वारा अपने कायस्थ समाज सहित समाज के सभी श्रेणी एवं वर्गों के उन्नयन एवं सुधार के लिए लगातार सफल कार्य किये जा रहे है. हमारे समाज के महान विभूति देश के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डॉ राजेंद्र प्रसाद के जन्म स्थल एवं समाधी स्थल का जीर्णोधार, रख-रखाव एवं सौन्दर्यीकरण के साथ-साथ लोकनायक जयप्रकाश नारायण के जन्मस्थल एवं संपत्तियों के सौन्दर्यीकरण एवं रखरखाव का उचित प्रबंधन श्री नीतीश कुमार जी के द्वारा कराया गया है , जो प्रशंसनीय एवं सराहनीय है. इस अवसर पर जीकेसी की प्रबंध न्यासी रागिनी रंजन ने कहा कि इस संगठन के द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में अनेक कुटीर उद्योग स्थापित किये जा रहे हैं . अन्य राष्ट्रीय एवं सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के लिए गो ग्रीन अभियान एवं जीकेसी पाठशाला भी संचालित किये जा रहे हैं .मेजर जनरल अनुज कुमार माथुर ने भारतीय स्वाधीनता संग्राम एवं देश के नव निर्माण में कायस्थ समाज की भूमिका की विस्तार से चर्चा की. बैठक को संबोधित करने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की पटना में सम्पन्न बैठक को संबोधित करते हुए जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष सह जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि जीकेसी का संगठन आज विश्व के 26 देशों सहित आज भारत के ज्यादातर प्रदेशों में बन चुका है और लगातार संगठन विस्तारीकरण के लिये देश के अलग-अलग हिस्सों में योजनाबद्ध तरीके से कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं .</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-rajeev-ranjan-jdu-in-gkc-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96092" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-rajeev-ranjan-jdu-in-gkc-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-rajeev-ranjan-jdu-in-gkc-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-rajeev-ranjan-jdu-in-gkc-1536x1023.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>अपने संबोधन में बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रशंसा करते हुए राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि नीतीश कुमार के द्वारा अपने कायस्थ समाज सहित समाज के सभी श्रेणी एवं वर्गों के उन्नयन एवं सुधार के लिए लगातार सफल कार्य किये जा रहे है. हमारे समाज के महान विभूति देश के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डॉ राजेंद्र प्रसाद के जन्म स्थल एवं समाधी स्थल का जीर्णोधार, रख-रखाव एवं सौन्दर्यीकरण के साथ-साथ लोकनायक जयप्रकाश नारायण के जन्मस्थल एवं संपत्तियों के सौन्दर्यीकरण एवं रखरखाव का उचित प्रबंधन श्री नीतीश कुमार जी के द्वारा कराया गया है , जो प्रशंसनीय एवं सराहनीय है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-gkc-meeting-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96093" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-gkc-meeting-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-gkc-meeting-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-gkc-meeting-1536x1023.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p> इस अवसर पर जीकेसी की प्रबंध न्यासी रागिनी रंजन ने कहा कि इस संगठन के द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में अनेक कुटीर उद्योग स्थापित किये जा रहे हैं . अन्य राष्ट्रीय एवं सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के लिए गो ग्रीन अभियान एवं जीकेसी पाठशाला भी संचालित किये जा रहे हैं .<br>मेजर जनरल अनुज कुमार माथुर ने भारतीय स्वाधीनता संग्राम एवं देश के नव निर्माण में कायस्थ समाज की भूमिका की विस्तार से चर्चा की. बैठक को संबोधित करने वाले सर्व नवीन कुमार, डॉ आदित्य नाथ, गिरीश माथुर, सपना वर्मा, द्वीपेश भटनागर, श्वेतांक शैलकवाल, अवनीश श्रीवास्तव, दीपक अभिषेक, धनञ्जय प्रसाद, डॉ नम्रता आनन्द, राजेश कुमार डब्लू, कुमार किशोर, मुकेश महान, नवीन श्रीवास्तव, मुकेश श्रीवास्तव, शिवानी गौड़, बलिराम श्रीवास्तव, रवि सहाय, रवि शंकर प्रसाद सिन्हा, संजय कुमार सिन्हा, हरि कृपाल, शारदा श्रीवास्तव, प्रभाकर मनीष, कृष्ण कृपाल सिन्हा, मनीष कुमार, दिवाकर कुमार वर्मा, दीप दृष्टि, आलोक अभिराव, कुमार मानवेन्द्र, सुनील कुमार वर्मा , राष्ट्रीय प्रवक्ता अतुल आनन्द सन्नू थे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-gkc-rajeev-ranjan-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96091" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-gkc-rajeev-ranjan-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-gkc-rajeev-ranjan-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/pnc-gkc-rajeev-ranjan-1536x1023.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बैठक की अध्यक्षता बिहार प्रदेश अध्यक्ष दीपक कुमार अभिषेक एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रदेश महासचिव धनञ्जय प्रसाद ने किया. आशय की जानकारी देते हुए राष्ट्रीय प्रवक्ता अतुल आनन्द सन्नू ने बताया कि कल बापू सभागार देश के कला , संस्कृति, समाजसेवा एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवा देने वाले 26 नामी गिरामी विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा.<br><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>जितेन्द्र कुमार सिन्हा  को परिवर्तन मीडिया सम्मान</title>
		<link>https://www.patnanow.com/parivartan-media-samman/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 29 Aug 2021 10:19:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[GKC]]></category>
		<category><![CDATA[Jitendra sinha]]></category>
		<category><![CDATA[Parivartan media samman]]></category>
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					<description><![CDATA[दीदी जी फाउंडेशन पटना ने पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान देने और निष्पक्ष पत्रकारिता के समाजिक बदलाव लाने के लिए &#8220;दीदीजी परिवर्तन मीडिया सम्मान-2021&#8221; से जितेन्द्र कुमार सिन्हा को अलंकृत किया है. जितेन्द्र सिन्हा को यह सम्मान अमर गायक मुकेश की याद में जीकेसी द्वारा आयोजित ‘एक प्यार का नगमा है’ कार्यक्रम में जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद, प्रबंध न्यासी रागिनी रंजन और दीदीजी फाउंडेशन की संस्थापिका डा. नम्रता आनंद ने संयुक्त रूप से सौंपा. जितेन्द्र कुमार सिंहा सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद कई मीडिया संस्थानों से जुड़ कर स्वतंत्र पत्रकारिता कर रहे हैं. जीकेसी (ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस) कला-संस्कृति प्रकोष्ठ बिहार के सौजन्य से महान पार्श्वगायक मुकेश (मुकेश चंद्रमाथुर) की पुण्यतिथि पर 27 अगस्त (शुक्रवार) को संगीतमय संध्या ‘एक प्यार का नगमा है’ का आयोजन किया गया था, जिसमें नामचीन कलाकारों ने उनके गाये गानों के द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि सुमन अर्पित की. कार्यक्रम का संचालन जीकेसी बिहार कला-संस्कृति प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष अखौरी योगेश कुमार ने किया. कार्यक्रम की शुरुआत मुकेश की तस्वीर पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित करके की गयी. संगीतमय कार्यक्रम में मनीष वर्मा, दिवाकर कुमार वर्मा, कुमार संभव, कुंदन तिवारी, रत्ना गांगुली, डा. नम्रता आनंद, प्रेम कुमार, संपन्नता वरूण, मेघाश्री अंजू, पल्लवी सिन्हाप्रवीण बादल, सुबोध नंदन सिन्हा सहित अन्य कलाकारों ने सदाबहार गीतों के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजली अर्पित की. कार्यक्रम में सभी कलाकारों को भी जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद और दीदीजी फाउंडेशन की संस्थापिका डा. नम्रता आनंद ने मोमेंटो और अभिनंदन पत्र देकर सम्मानित किया. पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>दीदी जी फाउंडेशन पटना ने पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान देने और निष्पक्ष पत्रकारिता के समाजिक बदलाव लाने के लिए &#8220;दीदीजी परिवर्तन मीडिया सम्मान-2021&#8221; से जितेन्द्र कुमार सिन्हा को अलंकृत किया है.</p>



<p>जितेन्द्र सिन्हा को यह सम्मान अमर गायक मुकेश की याद में जीकेसी द्वारा आयोजित ‘एक प्यार का नगमा है’ कार्यक्रम में जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद, प्रबंध न्यासी रागिनी रंजन और दीदीजी फाउंडेशन की संस्थापिका डा. नम्रता आनंद ने संयुक्त रूप से सौंपा.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/08/IMG-20210829-WA0043.jpg" alt="" class="wp-image-55128" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/08/IMG-20210829-WA0043.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/08/IMG-20210829-WA0043-350x263.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>जितेन्द्र कुमार सिंहा सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद कई मीडिया संस्थानों से जुड़ कर स्वतंत्र पत्रकारिता कर रहे हैं.</p>



<p>जीकेसी (ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस) कला-संस्कृति प्रकोष्ठ बिहार के सौजन्य से महान पार्श्वगायक मुकेश (मुकेश चंद्र<br>माथुर) की पुण्यतिथि पर 27 अगस्त (शुक्रवार) को संगीतमय संध्या ‘एक प्यार का नगमा है’ का आयोजन किया गया था, जिसमें नामचीन कलाकारों ने उनके गाये गानों के द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि सुमन अर्पित की. कार्यक्रम का संचालन जीकेसी बिहार कला-संस्कृति प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष अखौरी योगेश कुमार ने किया. कार्यक्रम की शुरुआत मुकेश की तस्वीर पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित करके की गयी.</p>



<p>संगीतमय कार्यक्रम में मनीष वर्मा, दिवाकर कुमार वर्मा, कुमार संभव, कुंदन तिवारी, रत्ना गांगुली, डा. नम्रता आनंद, प्रेम कुमार, संपन्नता वरूण, मेघाश्री अंजू, पल्लवी सिन्हा<br>प्रवीण बादल, सुबोध नंदन सिन्हा सहित अन्य कलाकारों ने सदाबहार गीतों के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजली अर्पित की. कार्यक्रम में सभी कलाकारों को भी जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद और दीदीजी फाउंडेशन की संस्थापिका डा. नम्रता आनंद ने मोमेंटो और अभिनंदन पत्र देकर सम्मानित किया.</p>



<p>पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए पत्रकार (संगम) आभा सिन्हा, मैनेजिंग डायरेक्टर (ATN लाइव) अकरम अली, सहित पत्रकार रवीन्द्र कुमार, रंजीत कुमार सिन्हा, अनुराग सिन्हा, रजनीश कुमार, हर्षित सिन्हा, अमित कुमार, रिजवी जी, अकरम अली, ओम प्रकाश और रजनीश श्रीवास्तव को मीडिया सम्मान से सम्मानित किया गया.</p>



<p><em>pncb</em></p>
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		<item>
		<title>पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी के लिये प्रतिबद्ध है जीकेसी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/go-green-campaign-started-in-lucknow-by-gkc/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 28 Jul 2021 15:51:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[GKC]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ, ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) के सौजन्य से पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी संतुलन के लिए लखनऊ (Lucknow) में पौधारोपण कर गो ग्रीन अभियान की शुरूआत की गयी. जीकेसी के गो-ग्रीन अभियान की शुरूआत जीकेसी की प्रबंध न्यासी और गो-ग्रीन की राष्ट्रीय प्रभारी रागिनी रंजन के मार्गदर्शन में समाज में जागरूकता लाने के उद्देश्य से किया जा रहा है. इसी के तहत गो-ग्रीन अभियान को आगे बढाते हुए लखनऊ में इसकी शुरुआत की गई. जीकेसी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष सुनील श्रीवास्तव की अध्यक्षता में &#8220;गो ग्रीन&#8221; कार्यक्रम का शुभारंभ जीकेसी उत्तर प्रदेश &#8220;कला एवं सांस्कृतिक&#8221; प्रकोष्ठ की प्रदेश कार्यकरणी सदस्य विभा श्रीवास्तव निवास स्थान पर बने चित्रगुप्त मंदिर प्रांगण में पौधारोपण कर किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत श्री चित्रगुप्त जी के मंदिर में श्री चित्रगुप्त जी के पूजन एवं आरती से की गई. पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन जीकेसी के &#8220;गो ग्रीन&#8221; प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव एवं &#8220;कला एवं सांस्कृतिक&#8221; प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्षा श्रीमती मंजू श्रीवास्तव के द्वारा &#8220;कला एवं सांस्कृतिक&#8221; प्रकोष्ठ की प्रदेश कार्यकारणी सदस्या श्रीमती विभा श्रीवास्तव के सहयोग से किया गया. इस कार्यक्रम में जीकेसी महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती ऋतु खरे के साथ जीकेसी के कई पदाधिकारियों ने शिरकत की. सुनील श्रीवास्तव ने बताया कि जीकेसी &#8220;गो ग्रीन&#8221; अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए जीकेसी प्रतिबद्ध है और हर संभव निरंतर प्रयासरत है. pncb]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="372" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnb-gkc-lucknow.jpg" alt="" class="wp-image-54514" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnb-gkc-lucknow.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnb-gkc-lucknow-350x200.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>लखनऊ, ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) के सौजन्य से पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी संतुलन के लिए लखनऊ (Lucknow) में पौधारोपण कर गो ग्रीन अभियान की शुरूआत की गयी. जीकेसी के गो-ग्रीन अभियान की शुरूआत जीकेसी की प्रबंध न्यासी और गो-ग्रीन की राष्ट्रीय प्रभारी रागिनी रंजन के मार्गदर्शन में समाज में जागरूकता लाने के उद्देश्य से किया जा रहा है. इसी के तहत गो-ग्रीन अभियान को आगे बढाते हुए लखनऊ में इसकी शुरुआत की गई.</p>



<p>जीकेसी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष सुनील श्रीवास्तव की अध्यक्षता में &#8220;गो ग्रीन&#8221; कार्यक्रम का शुभारंभ जीकेसी उत्तर प्रदेश &#8220;कला एवं सांस्कृतिक&#8221; प्रकोष्ठ की प्रदेश कार्यकरणी सदस्य विभा श्रीवास्तव निवास स्थान पर बने चित्रगुप्त मंदिर प्रांगण में पौधारोपण कर किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत श्री चित्रगुप्त जी के मंदिर में श्री चित्रगुप्त जी के पूजन एवं आरती से की गई.</p>



<p>पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन जीकेसी के &#8220;गो ग्रीन&#8221; प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव एवं &#8220;कला एवं सांस्कृतिक&#8221; प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्षा श्रीमती मंजू श्रीवास्तव के द्वारा &#8220;कला एवं सांस्कृतिक&#8221; प्रकोष्ठ की प्रदेश कार्यकारणी सदस्या श्रीमती विभा श्रीवास्तव के सहयोग से किया गया.</p>



<p>इस कार्यक्रम में जीकेसी महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती ऋतु खरे के साथ जीकेसी के कई पदाधिकारियों ने शिरकत की. सुनील श्रीवास्तव ने बताया कि जीकेसी &#8220;गो ग्रीन&#8221; अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए जीकेसी प्रतिबद्ध है और हर संभव निरंतर प्रयासरत है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सबका साथ और सबका विकास के साथ काम करने को लेकर प्रतिबद्ध है जीकेसी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/gkc-meeting/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 28 Jul 2021 02:20:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[GKC]]></category>
		<category><![CDATA[जीकेसी]]></category>
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					<description><![CDATA[जीकेसी महाराष्ट्र कार्यकारिणी की पहली बैठक संपन्न कायस्थों को एकजुट होने और राष्ट्र निर्माण में कायस्थों की भूमिका को उन्नत करने की जरूरत : शिशिर सिन्हामुंबई, 26 जुलाई कायस्थों के सामाजिक- आर्थिक और राजनीतिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध अंतरराष्ट्रीय संस्था ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) महाराष्ट्र कार्यकारिणी की पहली बैठक संपन्न हो गयी.(जीकेसी) महाराष्ट्र कार्यकारिणी की पहली बैठक जीकेसी महाराष्ट्र के अध्यक्ष शिशिर सिन्हा की अध्यक्षता में आहूत की गयी। इस दौरान मुख्य अतिथि के तौर पर जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद के अलावा ,रवि व्यास अध्यक्ष भाजपा मीरा-भायंदर जिला, भाजपा कॉर्पोरेटर विजय राय और सुश्री नीला सोन्स, शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के वैश्विक अध्यक्ष दीपक कुमार वर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आलोक अविरल, जीकेसी युवा प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय प्रभारी और बॉलीवुड सिंगर प्रिया मल्लिक और जीकेसी की मुख्य वित्तीय अधिकारी निष्का रंजन मौजूद थी. राजीव रंजन प्रसाद ने लोगों को संबोधित करते हुये जीकेसी के सात मूलभूत सिद्धांत सेवा, सहयोग, संप्रेषण, सरलता, समन्वय, सकारात्मकता और संवेदशनीलता के बारे में विस्तृत जानकारी दी और उन्हें अपने जीवन में आत्सात करने पर जोर दिया. उन्होंने कायस्थों के इतिहास और इस राष्ट्र के निर्माण में उनकी भूमिका के बारे में लोगों को याद दिलाया। उन्होंने कहा कि हाल के तीन चार दशकों में राजनीतिक दलों द्वारा कायस्थ की महिमा का अवमूल्यन किया गया है. हम सभी को मिलकर जीकेसी आगे बढ़ाने के लिए सोच और विचारधारा का ज़मीनी स्तर पर क्रियान्वयन की जरूरत है. जीकेसी सबका साथ और सबका विकास के साथ काम करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं.श्री रवि व्यास- अध्यक्ष भाजपा मीरा-भायंदर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>जीकेसी महाराष्ट्र कार्यकारिणी की पहली बैठक संपन्न</strong></p>



<p>कायस्थों को एकजुट होने और राष्ट्र निर्माण में कायस्थों की भूमिका को उन्नत करने की जरूरत : शिशिर सिन्हा<br>मुंबई, 26 जुलाई कायस्थों के सामाजिक- आर्थिक और राजनीतिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध अंतरराष्ट्रीय संस्था ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) महाराष्ट्र कार्यकारिणी की पहली बैठक संपन्न हो गयी.<br>(जीकेसी) महाराष्ट्र कार्यकारिणी की पहली बैठक जीकेसी महाराष्ट्र के अध्यक्ष शिशिर सिन्हा की अध्यक्षता में आहूत की गयी। इस दौरान मुख्य अतिथि के तौर पर जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद के अलावा ,रवि व्यास अध्यक्ष भाजपा मीरा-भायंदर जिला, भाजपा कॉर्पोरेटर विजय राय और सुश्री नीला सोन्स, शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के वैश्विक अध्यक्ष दीपक कुमार वर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आलोक अविरल, जीकेसी युवा प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय प्रभारी और बॉलीवुड सिंगर प्रिया मल्लिक और जीकेसी की मुख्य वित्तीय अधिकारी निष्का रंजन मौजूद थी.</p>



<p> राजीव रंजन प्रसाद ने लोगों को संबोधित करते हुये जीकेसी के सात मूलभूत सिद्धांत सेवा, सहयोग, संप्रेषण, सरलता, समन्वय, सकारात्मकता और संवेदशनीलता के बारे में विस्तृत जानकारी दी और उन्हें अपने जीवन में आत्सात करने पर जोर दिया. उन्होंने कायस्थों के इतिहास और इस राष्ट्र के निर्माण में उनकी भूमिका के बारे में लोगों को याद दिलाया। उन्होंने कहा कि हाल के तीन चार दशकों में राजनीतिक दलों द्वारा कायस्थ की महिमा का अवमूल्यन किया गया है. हम सभी को मिलकर जीकेसी आगे बढ़ाने के लिए सोच और विचारधारा का ज़मीनी स्तर पर क्रियान्वयन की जरूरत है. जीकेसी सबका साथ और सबका विकास के साथ काम करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं.<br>श्री रवि व्यास- अध्यक्ष भाजपा मीरा-भायंदर जिला, ने आश्वासन दिया कि, आने वाले चुनाव में, वह कायस्थों की उम्मीदवारी पर विचार करने जा रहे हैं.<br>श्री शिशिर सिन्हा-प्रदेश अध्यक्ष महाराष्ट्र ने कहा कि हमें सदस्यता की दिशा में काम करना होगा. 19 दिसंबर को होने वाले विश्व कायस्थ सम्मेलन में हमे अपनी अपनी भागेदारी देनी होगी. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कायस्थों को एकजुट होने और राष्ट्र निर्माण में कायस्थों की भूमिका को उन्नत करने की आवश्यकता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="474" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-gkc-webinar-delhi.jpg" alt="" class="wp-image-54488" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-gkc-webinar-delhi.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-gkc-webinar-delhi-350x255.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>दीपक कुमार वर्मा ने कहा, पर्यावरण, संस्कृति, शिक्षा और स्वास्थ्य जीवन के चार स्तंभ हैं और जीकेसी इसके लिए प्रतिबद्ध हैं.<br>उन्होंने कहा, हम सभी को मुंबई में होने के कारण दो बड़ी जिम्मेदारियां लेनी होंगी:</p>



<p>1. यह सुनिश्चित करने के लिए कि सभी बड़ी हस्तियां जीकेसी के विजन से आश्वस्त हैं और 19 दिसंबर को हमारे समारोह में शामिल हों. 2. हमें इस बात पर काम करना होगा कि हम समारोह के लिए प्रायोजक कैसे प्राप्त कर सकते हैं- यह वह जगह है जहां गवर्निंग काउंसिल मुंबई के जीकेसी टीम के सदस्यों पर बैंकिंग कर रही है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="465" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-gkc-webinar.jpg" alt="" class="wp-image-54489" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-gkc-webinar.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-gkc-webinar-350x250.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>बैठक में जीकेसी महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों के सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने शिरकत की. रवि प्रकाश &#8211; महासचिव महाराष्ट्र, संजय सिन्हा, उपाध्यक्ष नागपुर, नीरज सिन्हा- अध्यक्ष सीसीसी और आई, गौरव सक्सेना आईटी सेल महाराष्ट्र, मनोज सिन्हा- अध्यक्ष नवी मुंबई, अभिनव वर्मा अध्यक्ष ठाणे, नीलेश सिन्हा- महासचिव, ठाणे, सुजीत वर्मा- महासचिव, युवा विंग-महाराष्ट्र, नीरज श्रीवास्तव-अध्यक्ष मुंबई, आशुतोष सिन्हा- अध्यक्ष सांस्कृतिक प्रकोष्ठ, प्रदेश उपाध्यक्ष (कला-संस्कृति प्रकोष्ठ) शालिनी श्रीवास्तव,<br>तन्मय सिन्हा प्रदेश उपाध्यक्ष (कला संस्कृति प्रकोष्ठ) समेत कई अन्य लोग शामिल थे.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>शिक्षित राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कायस्थ समाज की उपेक्षा क्यों : राजीव रंजन</title>
		<link>https://www.patnanow.com/puchta-hai-kayastha-gkc/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 12 Jul 2021 10:06:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[GKC]]></category>
		<category><![CDATA[kayastha]]></category>
		<category><![CDATA[जीकेसी]]></category>
		<category><![CDATA[पूछता है कायस्थ]]></category>
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					<description><![CDATA[ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस के सौजन्य से “पूछता है कायस्थ” सत्र का आयोजन पटना (नयी दिल्ली), 12 जुलाई।। कायस्थों को धीरे-धीरे राजनीति में महत्वपूर्ण भागीदारी से वंचित किए जाने के विरोध में कायस्थ समाज ने अब अपनी आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है. सांस्कृतिक, शैक्षणिक, सामाजिक और राजनीतिक उत्थान के लिए संकल्पित विश्वस्तरीय संगठन ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) इसी क्रम में “पूछता है कायस्थ” सत्र का आयोजन किया, जिसमें कायस्थों के हर क्षेत्र में विकास के अलावा राष्ट्रीय प्रांतीय स्तर पर राजनीति में कायस्थों की उपेक्षा के सवाल पर विस्तृत रूप से चर्चा की गयी. जीकेसी के सौजन्य से कायस्थ समाज के सर्वांगीण विकास को लेकर वर्चुअल सत्र “पूछता है कायस्थ” का आयोजन किया गया, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि पूर्व रेल राज्यमंत्री और कांग्रेस वर्किंग कमिटी सदस्यभक्त चरण दास को आमंत्रित किया गया. सत्र के दौरान उन्होंने विभिन्न पहलुओं पर अपनी राय रखी, वहीं उन्होंने कायस्थ समाज से जुड़े लोगों के सवालों के जवाब दिये. वर्चुअल सत्र में मॉडरेटर के रूप में जीकेसी राजनीतिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिहिर भोले और राजस्थान जीकेसी के प्रदेश अध्यक्ष अनुराग सक्सेना मौजूद थे. सत्र का संचालन जीकेसी डिजिटल-तकनीकी के ग्लोबल अध्यक्ष आनंद सिन्हा, डिजिटल-तकनीकी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन श्रीवास्तव एवं डिजिटल-तकनीकी के ग्लोबल महासचिव सौरभ श्रीवास्तव ने निभायी. उक्त अवसर पर जीकेसी के विभिन्न राज्यों एवं अनेक देशों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे. सबों ने एक स्वर में कहा कि कायस्थ समाज क्षमता, मेधा, योग्यता, संख्या बल एवं तमाम सकारात्मक गुण होने के बाद भी पिछड़ता चला जा रहा है. इसके कहीं [&#8230;]]]></description>
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<p><em>ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस के सौजन्य से “पूछता है कायस्थ” सत्र का आयोजन</em></p>



<p>पटना (नयी दिल्ली), 12 जुलाई।।</p>



<p>कायस्थों को धीरे-धीरे राजनीति में महत्वपूर्ण भागीदारी से वंचित किए जाने के विरोध में कायस्थ समाज ने अब अपनी आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है. सांस्कृतिक, शैक्षणिक, सामाजिक और राजनीतिक उत्थान के लिए संकल्पित विश्वस्तरीय संगठन ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) इसी क्रम में “पूछता है कायस्थ” सत्र का आयोजन किया, जिसमें कायस्थों के हर क्षेत्र में विकास के अलावा राष्ट्रीय प्रांतीय स्तर पर राजनीति में कायस्थों की उपेक्षा के सवाल पर विस्तृत रूप से चर्चा की गयी.</p>



<p>जीकेसी के सौजन्य से कायस्थ समाज के सर्वांगीण विकास को लेकर वर्चुअल सत्र “पूछता है कायस्थ” का आयोजन किया गया, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि पूर्व रेल राज्यमंत्री और कांग्रेस वर्किंग कमिटी सदस्य<br>भक्त चरण दास को आमंत्रित किया गया. सत्र के दौरान उन्होंने विभिन्न पहलुओं पर अपनी राय रखी, वहीं उन्होंने कायस्थ समाज से जुड़े लोगों के सवालों के जवाब दिये. वर्चुअल सत्र में मॉडरेटर के रूप में जीकेसी राजनीतिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिहिर भोले और राजस्थान जीकेसी के प्रदेश अध्यक्ष अनुराग सक्सेना मौजूद थे.</p>



<p>सत्र का संचालन जीकेसी डिजिटल-तकनीकी के ग्लोबल अध्यक्ष आनंद सिन्हा, डिजिटल-तकनीकी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन श्रीवास्तव एवं डिजिटल-तकनीकी के ग्लोबल महासचिव सौरभ श्रीवास्तव ने निभायी.</p>



<p>उक्त अवसर पर जीकेसी के विभिन्न राज्यों एवं अनेक देशों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे. सबों ने एक स्वर में कहा कि कायस्थ समाज क्षमता, मेधा, योग्यता, संख्या बल एवं तमाम सकारात्मक गुण होने के बाद भी पिछड़ता चला जा रहा है. इसके कहीं ना कहीं जिम्मेदार हम ही हैं. यदि कायस्थ समाज समय रहते अब नहीं चेता तो पिछड़ता चला जाएगा.</p>



<p>बिहार , मिजोरम और मणिपुर एआईसीसी प्रभारी भक्त चरण दास ने कहा कि समाज में कायस्थों का स्थान हमेशा रहा है. मंडल आयोग के बाद, धार्मिक प्रतिद्वंद्विता पैदा हुई. हमेशा कायस्थों को बांटने की कोशिश की गई और कायस्थ अब अपनी सफलता के पथ से दूर हो गए हैं. कायस्थों को भी न्याय की आवश्यकता होती है, जिसके लिए सभी कायस्थों को हाथ मिलाकर पूर्वव्यापी समीक्षा करने की आवश्यकता है. कायस्थ कोई जाति नहीं बल्कि सफलता का सूत्र है, जहां वे हमेशा चीजों को होने में विश्वास रखते हैं. मुझे विश्वास है कि कायस्थ एक नई शुरुआत कर सकते हैं और इतिहास रच सकते हैं क्योंकि वे हमेशा समाज में सबसे आगे चलने वाले रहे हैं. कायस्थों ने राष्ट्र निर्माण के साथ-साथ संविधान निर्माण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. यह समाज के दबे कुचले वर्ग, पिछड़ी जातियाँ, अल्पसंख्यक समुदाय के साथ समाज के अन्य समुदायों के उत्थान में अपनी अग्रणी भूमिका का निर्वहन करते आया है. कायस्थ समाज को किसी भी राजनीतिक दल का पिछलग्गू बनना बंद कर देना चाहिए.</p>



<p>जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि कायस्थ समाज एक प्रबुद्ध समाज है. कायस्थ समाज एक सामाजिक एवं प्रगतिशील समाज है. इस समाज ने सदैव ही समाज के हर वर्ग और समुदाय को साथ लेकर चलने, उनका उत्थान करने का काम किया है. कायस्थ समाज ने सत्ता के संचरण के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया है.</p>



<p>उन्होंने कहा कि महाराज ललितादित्य, महाराज प्रतापादित्य ने अपने नेतृत्व से राष्ट्र को नई दिशा देने का काम किया है. सुभाष चंद्र बोस, चितरंजन दास, सूर्यसेन समेत अनेक कायस्थ स्वतंत्रता सेनानियों ने अनेक अवसरों पर स्वतंत्रता आंदोलन में अंग्रेजों से लोहा लेने का काम किया है. फिर भी इतिहासकारों ने हमेशा से कायस्थ समाज के योगदान और भूमिका के साथ छल करने का काम किया है. कायस्थ एक वैश्विक समूह है और इस देश में ही नहीं कायस्थ यूएसए, यूके समय अनेक देशों के साथ-साथ नासा, सिलिकॉन वैली में भी महत्वपूर्ण स्थानों पर है और अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="604" height="404" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-GKC-kayastha-rajeev-ranjan.jpg" alt="" class="wp-image-54053" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-GKC-kayastha-rajeev-ranjan.jpg 604w, https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-GKC-kayastha-rajeev-ranjan-350x234.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 604px) 100vw, 604px" /></figure>



<p>राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि भारतवर्ष का स्वर्णिम इतिहास चाहे वह प्राचीन, मध्य इतिहास हो या आधुनिक इतिहास, साक्षी है कायस्थ समाज की विभूतियों के योगदान की कोई अनदेखी नहीं कर सकता है. देश के पहले राष्ट्रपति डा. राजेन्द्र प्रसाद और दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर<br>शास्त्री कायस्थ थे. बिहार के गौरवशाली निर्माण में कायस्थ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. हमारे गौरवशाली इतिहास में राजा महाराजा ही नही , शिक्षाविद , न्यायविद, प्रतिभाशाली पत्रकार , चिकित्सक, कलाकार,या यूं कहें कि हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन देने वाले एक से एक कुल विभूति हुये हैं. आज हमें अपनी समृद्ध जनसंख्या को एकजुटकर के इतिहास गढ़ने की क्षमता को समझना होगा. अपने कुल और पूर्वजों के गौरवमयी इतिहास से प्रेरित होते हुए राजनैतिक तौर पर भी चैतन्य होने की आवश्यकता है.</p>



<p>कार्यक्रम का प्रारम्भ अनुराग सक्सेना ने किया. उन्होंने कहा, कायस्थ समाज को विभिन्न राजनैतिक दलों की उपेक्षा ने इस तरह क्षुब्ध किया है कि समाज यह सोचने को मजबूर है कि आख़िर इसका क्या कारण है? पूछता है कायस्थ एक मंच है जहाँ सभी दलों के प्रतिनिधि नेतागण अपना विचार रखेंगे और समाज अपने सशक्तिकरण से जुड़े प्रश्न उनके समक्ष उपस्थित करेगा. कायस्थ समाज इतना विवेकशील है कि वह चयन कर सके कि क्या देश और समाज के लिए उपयुक्त है, कौन विश्वास योग्य है और किसके पक्ष में खड़ा होना समाज के हित में है. हमें लक्ष्यभेद का ज्ञान है, इसलिए अब यह अभियान नहीं रुकेगा, लक्ष्य तक पहुँचने के पूर्व कोई विश्राम नहीं होगा. सत्ता में आने पर हिस्सेदारी से लेकर, संगठन और टिकिटों की दृष्टि से कायस्थ समाज को प्रतिनिधित्व देने के लिए आवश्यक रोड मैप भी बताना चाहिए.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="556" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-gkc-webinar-on-kayastha-650x556.jpg" alt="" class="wp-image-54054" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-gkc-webinar-on-kayastha-650x556.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-gkc-webinar-on-kayastha-350x299.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-gkc-webinar-on-kayastha.jpg 720w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>जीकेसी राजनीतिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिहिर भोले ने कहा कि वर्चुअल सत्र की इस बात को बड़ी गम्भीरता से महसूस किया जा रहा है कि कायस्थ भारतीय राजनीति में उपेक्षा के शिकार हो रहे हैं. स्वतंत्रता संग्राम से लेकर कुछ दशकों पहले तक भारतीय राजनीति के पटल पर हमारी उपस्थिति और पहचान दोनों क़ायम थी. कायस्थ, जिन्होंने भारतीय संविधान को बनाने से लेकर देश के सामाजिक, सांस्कृतिक, वैज्ञानिक, प्रशासनिक सभी क्षेत्रों में अपना भरपूर योगदान दिया आज राजनैतिक हाशिए पर हैं . तो क्या हम इस काबिल नहीं कि देश की मौजूदा राजनैतिक प्रक्रिया के भागीदार हों और असेम्बली, पार्लियामेंट, अन्य इलेक्टेड बॉडीज या फिर राजनैतिक पार्टियों के संगठन के पदों के लिए नामित किए जाएँ? ये पूछता है कायस्थ.</p>



<p><em><strong>जितेन्द्र कुमार सिन्हा</strong></em></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आप कितना जानते हैं इन्हें!</title>
		<link>https://www.patnanow.com/gkc-on-dr-rajendra-prasad/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 06 Jul 2021 04:14:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Dr rajendra prasad]]></category>
		<category><![CDATA[First indian president]]></category>
		<category><![CDATA[GKC]]></category>
		<category><![CDATA[kayastha]]></category>
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					<description><![CDATA[26 जनवरी, 1950 को जब भारत को संविधान के रूप में एक गणतंत्र राष्ट्र का दर्जा दिया गया उसी दिन डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के रूप में स्वतंत्र भारत को पहला राष्ट्रपति भी प्राप्त हुआ. राजेन्द्र प्रसाद का जन्म 3 दिसंबर, 1884 को बिहार के एक छोटे से गांव जीरादेई में हुआ था.एक बड़े संयुक्त परिवार के सबसे छोटे सदस्य होने के कारण इनका बचपन बहुत प्यार और दुलार से बीता. संयुक्त परिवार होने के कारण पारिवारिक सदस्यों के आपसी संबंध बेहद मधुर और गहरे थे. इनके पिता का नाम महादेव सहाय था. डॉ राजेंद्र प्रसाद की प्रारंभिक शिक्षा उन्हीं के गांव जीरादेई में हुई. उस समय यह रिवाज था कि शिक्षा का आरंभ फारसी भाषा से ही किया जाएगा. इसीलिए राजेंद्र प्रसाद और उनके चचेरे भाइयों को पढ़ाने एक मौलवी आते थे. पढ़ाई की तरफ इनका रुझान बचपन से ही था. बाल-विवाह की परंपरा का अनुसरण करते हुए मात्र 12 वर्ष की आयु में इनका विवाह राजवंशी देवी से संपन्न हुआ. राजेंद्र प्रसाद जी ने अपने लगातार खराब रहने वाले स्वास्थ्य का असर अपनी पढ़ाई पर नहीं पड़ने दिया. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने कलकत्ता विश्विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में पहला स्थान प्राप्त किया. उन्हें 30 रूपए महीने की छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई. जीरादेई गांव से पहली बार किसी युवक ने कलकत्ता विश्विद्यालय में प्रवेश पाने में सफलता प्राप्त की थी जो निश्चित ही राजेंद्र प्रसाद और उनके परिवार के लिए गर्व की बात थी. सन 1902 में उन्होंने कलकत्ता प्रेसिडेंसी कॉलेज में प्रवेश लिया. सन 1915 में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>26 जनवरी, 1950 को जब भारत को संविधान के रूप में एक गणतंत्र राष्ट्र का दर्जा दिया गया उसी दिन डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के रूप में स्वतंत्र भारत को पहला राष्ट्रपति भी प्राप्त हुआ. राजेन्द्र प्रसाद का जन्म 3 दिसंबर, 1884 को बिहार के एक छोटे से गांव जीरादेई में हुआ था.<br>एक बड़े संयुक्त परिवार के सबसे छोटे सदस्य होने के कारण इनका बचपन बहुत प्यार और दुलार से बीता. संयुक्त परिवार होने के कारण पारिवारिक सदस्यों के आपसी संबंध बेहद मधुर और गहरे थे. इनके पिता का नाम महादेव सहाय था. डॉ राजेंद्र प्रसाद की प्रारंभिक शिक्षा उन्हीं के गांव जीरादेई में हुई. उस समय यह रिवाज था कि शिक्षा का आरंभ फारसी भाषा से ही किया जाएगा. इसीलिए राजेंद्र प्रसाद और उनके चचेरे भाइयों को पढ़ाने एक मौलवी आते थे. पढ़ाई की तरफ इनका रुझान बचपन से ही था. बाल-विवाह की परंपरा का अनुसरण करते हुए मात्र 12 वर्ष की आयु में इनका विवाह राजवंशी देवी से संपन्न हुआ. राजेंद्र प्रसाद जी ने अपने लगातार खराब रहने वाले स्वास्थ्य का असर अपनी पढ़ाई पर नहीं पड़ने दिया. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने कलकत्ता विश्विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में पहला स्थान प्राप्त किया. उन्हें 30 रूपए महीने की छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई. जीरादेई गांव से पहली बार किसी युवक ने कलकत्ता विश्विद्यालय में प्रवेश पाने में सफलता प्राप्त की थी जो निश्चित ही राजेंद्र प्रसाद और उनके परिवार के लिए गर्व की बात थी. सन 1902 में उन्होंने कलकत्ता प्रेसिडेंसी कॉलेज में प्रवेश लिया. सन 1915 में कानून में मास्टर की डिग्री में विशिष्टता पाने के लिए राजेन्द्र प्रसाद को सोने का मेडल मिला. इसके बाद उन्होंने कानून में डॉक्टरेट की उपाधि भी प्राप्त की.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="433" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-dr-rajendra-prasad.jpg" alt="" class="wp-image-53777" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-dr-rajendra-prasad.jpg 433w, https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-dr-rajendra-prasad-253x350.jpg 253w" sizes="auto, (max-width: 433px) 100vw, 433px" /></figure>



<p>डॉ राजेन्द्र प्रसाद का राजनैतिक सफर स्वदेशी आंदोलन के साथ तभी शुरू हो गया था जब उन्होंने गांधी जी से प्रेरित हो विदेशी कपड़ों की आहुति दे दी थी. गोपाल कृष्ण गोखले ने 1905 में सर्वेंट्स ऑफ इण्डिया सोसायटी की शुरुआत की तब राजेंद्र प्रसाद को इसमें सदस्यता लेने के लिए बहुत प्रेरित किया. लेकिन परिवारवालों की इच्छा के विरुद्ध वह कोई भी कदम उठाना नहीं चाहते थे इसलिए उनका प्रस्ताव ठुकरा दिया. इस बीच कानून की डिग्री प्राप्त करने के बाद राजेन्द्र प्रसाद कई प्रसिद्ध वक़ीलों, विद्वानों और लेखकों से मिले. अब तक वह भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य भी बन गए थे. एक समर्पित कार्यकर्ता की छवि के चलते वह जल्द ही गांधी जी के संपर्क में आ गए थे. यही उनके राजनैतिक जीवन की एक सुनहरी शुरुआत थी. चम्पारन आंदोलन के दौरान राजेन्द्र प्रसाद गांधी जी के वफादार साथी बन गए थे. गांधी जी के प्रभाव में आने के बाद उन्होंने अपने पुराने और रूढिवादी विचारधारा का त्याग कर दिया और एक नई ऊर्जा के साथ स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की. राजेन्द्र प्रसाद राष्ट्रीय कॉग्रेस से एक से अधिक बार अध्यक्ष भी रहे. वह संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष थे। उन्होंने संविधान निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। भले ही 15 अगस्त, 1947 को भारत को स्वतंत्रता प्राप्त हुई लेकिन संविधान सभा का गठन उससे कुछ समय पहले ही कर लिया गया था. जिसके अध्यक्ष डॉ राजेन्द्र प्रसाद थे. 26 जनवरी, 1950 को भारत गणतंत्र बना और देश को अपना पहला राष्ट्रपति मिल गया.<br>डॉ राजेन्द्र प्रसाद भारत के एकमात्र राष्ट्रपति थे, जिन्होंने लगातार दो बार राष्ट्रपति का पद प्राप्त किया. राष्ट्रपति के पद पर रहते हुए राजेन्द्र प्रसाद ने सद्भावना के उद्देश्य से कई देशों की यात्राएं भी कीं. उन्होंने इस आण्विक युग में शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया. सन 1962 में अपने राजनैतिक और सामाजिक योगदान के लिए उन्हें भारत के सर्वश्रेष्ठ नागरिक सम्मान “भारत रत्न” से नवाजा गया. डॉ राजेन्द्र प्रसाद का निधन राजनीति से सन्यास लेने के बाद राजेन्द्र प्रसाद ने अपना जीवन पटना के सदाकत आश्रम में बिताया जहां 28 फरवरी, 1963 को उनका निधन हो गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="534" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-rajeev-ranjan-gkc.jpg" alt="" class="wp-image-53780" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-rajeev-ranjan-gkc.jpg 534w, https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-rajeev-ranjan-gkc-312x350.jpg 312w" sizes="auto, (max-width: 534px) 100vw, 534px" /><figcaption><strong>राजीव रंजन</strong></figcaption></figure>



<p><strong><em>साभार राजीव रंजन, GKC</em></strong></p>
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		<title>जितेन्द्र कुमार सिन्हा को मिली बड़ी जिम्मेदारी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/gkc-gives-jitendra-sinha-responsibility/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 28 May 2021 13:33:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[GKC]]></category>
		<category><![CDATA[Jitendra sinha]]></category>
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					<description><![CDATA[ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस बिहार के प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए गए पटना, संवाददाता ।। ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस मीडिया सेल के राष्ट्रीय प्रवक्ता कमल किशोर की अनुशंसा पर बिहार के प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर जितेन्द्र कुमार सिन्हा को मनोनीत किया गया है. यह मनोनयन ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद द्वारा किया गया है. कमल किशोर ने बताया कि जितेन्द्र कुमार सिन्हा लगभग 34 वर्षों तक लगातार मीडिया से जुड़े रहे हैं और इनका अनुभव का लाभ लगभग सभी मीडिया संस्थानों को मिला है और अभी भी लोग इनका सहयोग ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि जितेन्द्र सिन्हा अब सक्रिय रूप से अपने अनुभव का लाभ चित्रांश संगठन को मजबूत करने और गतिविधियों से लोगों को रु ब रु कराने में लगाएंगे. वरीय पत्रकार मुकेश महान ने जितेंद्र सिन्हा को बधाई और शुभकामनाएं दी और कहा कि वे सरकारी सेवा में रहते हुए भी सामाजिक गतिविधियों में हमेशा शामिल होते रहे हैं और विभिन्न संगठनों द्वारा उन्हें सम्मानित और पुरुस्कृत भी किया जाता रहा है.उन्होंने कहा कि जितेंद्र सिन्हा को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाये जाने पर उनका सहयोग निश्चित रूप से सभी चित्रांशों को मिलेगा. जितेन्द्र सिन्हा का ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस बिहार के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोनयन से लोगों की शुभकामनाएं और बधाई देने की तांता लगा हुआ है. pncb]]></description>
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<p><strong> ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस बिहार के प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए गए</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="541" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/05/pnc-gkc-jitendra-sinha.jpg" alt="" class="wp-image-52742" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/05/pnc-gkc-jitendra-sinha.jpg 541w, https://www.patnanow.com/assets/2021/05/pnc-gkc-jitendra-sinha-316x350.jpg 316w" sizes="auto, (max-width: 541px) 100vw, 541px" /></figure>



<p>पटना, संवाददाता ।। ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस मीडिया सेल के राष्ट्रीय प्रवक्ता कमल किशोर की अनुशंसा पर बिहार के प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर जितेन्द्र कुमार सिन्हा को मनोनीत किया गया है. यह मनोनयन ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद द्वारा किया गया है.</p>



<p>कमल किशोर ने बताया कि जितेन्द्र कुमार सिन्हा लगभग 34 वर्षों तक लगातार मीडिया से जुड़े रहे हैं और इनका अनुभव का लाभ लगभग सभी मीडिया संस्थानों को मिला है और अभी भी लोग इनका सहयोग ले रहे हैं.</p>



<p>उन्होंने कहा कि जितेन्द्र सिन्हा अब सक्रिय रूप से अपने अनुभव का लाभ चित्रांश संगठन को मजबूत करने और गतिविधियों से लोगों को रु ब रु कराने में लगाएंगे.</p>



<p>वरीय पत्रकार मुकेश महान ने जितेंद्र सिन्हा को बधाई और शुभकामनाएं दी और कहा कि वे सरकारी सेवा में रहते हुए भी सामाजिक गतिविधियों में हमेशा शामिल होते रहे हैं और विभिन्न संगठनों द्वारा उन्हें सम्मानित और पुरुस्कृत भी किया जाता रहा है.<br>उन्होंने कहा कि जितेंद्र सिन्हा को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाये जाने पर उनका सहयोग निश्चित रूप से सभी चित्रांशों को मिलेगा.</p>



<p>जितेन्द्र सिन्हा का ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस बिहार के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोनयन से लोगों की शुभकामनाएं और बधाई देने की तांता लगा हुआ है.</p>



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		<title>ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक संपन्न</title>
		<link>https://www.patnanow.com/global-kayastha-conference-national-working-committee-meeting-concluded/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nikhil]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 07 Mar 2021 12:56:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
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		<category><![CDATA[Global Kayastha Conference]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
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					<description><![CDATA[नयी दिल्ली &#124; रविवार को नई दिल्ली में ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक संपन्न हुई. इस बैठक में विश्व भर में फैले कायस्थों को संगठित होने के लिये आह्वान किया गया. ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस (Global Kayastha Conference, जीकेसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने यह आह्वान किया. उन्होंने कहा कि यदि हम संगठित होकर काम करें तो कायस्थ समाज अपने स्वर्णिम अध्याय और गौरवशाली अतीत को फिर से पाने में सफल हो जायेगा. जीकेसी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की यह महत्वपूर्ण बैठक दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, 40 मैक्समुलर रोड में हुई. इसकी अध्यक्षता जनता दल यूनाईटेड प्रवक्ता और जीकेसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने की. इस बैठक के मुख्य अतिथि चक्रपाणि जी महाराज थे. भगवान चित्रगुप्त जी के चित्र पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्वलन के बाद राष्ट्रीय गीत और गणेश वंदना से कार्यक्रम की शुरूआत हुई. इसके बाद अभय सिन्हा और माया कुलश्रेष्ठ ने आरती की. बैठक में देश और विदेश भर के सभी पदाधिकारी और सदस्यों ने शिरकत की. कार्यक्रम का स्वागत भाषण दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष विजय चन्द्रदास ने किया जबकि कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजीव रंजन प्रसाद और मनोज श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से किया. मुख्य अतिथि चक्रपाणि ने उद्घाटन संबोधन किया. कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गीत के साथ सम्पन्न हुआ. जीकेसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन ने अपने संबोधन में कहा कि कायस्थ समाज का ऐतिहासिक एवं गौरवशाली इतिहास रहा है. स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, लाल बहादुर शास्त्री, जय प्रकाश नारायण और बाला साहब ठाकरे जैसी [&#8230;]]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="368" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/03/pnc-GKC-to-unite-kayastha-community.jpg" alt="" class="wp-image-51182" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/03/pnc-GKC-to-unite-kayastha-community.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/03/pnc-GKC-to-unite-kayastha-community-350x198.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>नयी दिल्ली </strong>| रविवार को नई दिल्ली में ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक संपन्न हुई. इस बैठक में विश्व भर में फैले कायस्थों को संगठित होने के लिये आह्वान किया गया. ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस (Global Kayastha Conference, जीकेसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने यह आह्वान किया. उन्होंने कहा कि यदि हम संगठित होकर काम करें तो कायस्थ समाज अपने स्वर्णिम अध्याय और गौरवशाली अतीत को फिर से पाने में सफल हो जायेगा.</p>



<p>जीकेसी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की यह महत्वपूर्ण बैठक दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, 40 मैक्समुलर रोड में हुई. इसकी अध्यक्षता जनता दल यूनाईटेड प्रवक्ता और जीकेसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने की. इस बैठक के मुख्य अतिथि चक्रपाणि जी महाराज थे.</p>



<p>भगवान चित्रगुप्त जी के चित्र पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्वलन के बाद राष्ट्रीय गीत और गणेश वंदना से कार्यक्रम की शुरूआत हुई. इसके बाद अभय सिन्हा और माया कुलश्रेष्ठ ने आरती की. बैठक में देश और विदेश भर के सभी पदाधिकारी और सदस्यों ने शिरकत की. कार्यक्रम का स्वागत भाषण दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष विजय चन्द्रदास ने किया जबकि कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजीव रंजन प्रसाद और मनोज श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से किया. मुख्य अतिथि चक्रपाणि ने उद्घाटन संबोधन किया. कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गीत के साथ सम्पन्न हुआ.</p>



<p>जीकेसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन ने अपने संबोधन में कहा कि कायस्थ समाज का ऐतिहासिक एवं गौरवशाली इतिहास रहा है. स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, लाल बहादुर शास्त्री, जय प्रकाश नारायण और बाला साहब ठाकरे जैसी कई विभूतियों ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कायस्थ समाज का नाम ऊंचा किया है.</p>



<p>उन्होंने कहा कि आज के समय में कायस्थ समाज का नाम ऊंचा बरकरार रखने और आगे बढ़ाने की आवश्यकता है. आज हम इतिहास के एक ऐसे दोराहे पर खड़े हैं जिसकी एक राह से हम गुमनामी के अँधेरे सुरंग में गुम होते चले जायेंगे, तो दूसरी राह पर, यदि आपका साथ मुझे मिला, तो हम एक बार फिर न केवल अपने स्वर्णिम इतिहास दुहरायेंगे बल्कि अनेक नयी कामयाबियों के अध्याय, भावी हिन्दुस्तान में रचने में -भी सफल होंगे.</p>



<p>राजीव ने आगे कहा कि कायस्थ एकजुटता इसलिए भी जरुरी है कि भावी पीढ़ियों के उज्जवल भविष्य की बुनियाद रखने का गुरुतर दायित्व भी हमारे और आपके कन्धों पर ही है, इसीलिए सभी एक साथ् आयें क्योंकि अभी नहीं तो कभी नहीं वाली बात होगी.</p>



<p>जीकेसी राष्ट्रीय कार्यसमिति की इस बैठक में राजनीति में कायस्थ की उपेक्षा, ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस की ओर से स्टार्टअप प्लान और कला व संस्कृति को बढ़ावा दिये जाने के बारे में विस्तृत चर्चा की गयी. सभा को जीकेसी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्य इकाई के अध्यक्ष ने भी संबोधित कर कायस्थ समाज के सर्वांगीण विकास के बारे में चर्चा की. कार्यक्रम के दौरान जीकेसी की ओर से आयोजित होने वाली गतिविधियों का वार्षिक कैलेंडर लांच किया गया. इसके अलावा स्लम एरिया के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए रोड मैप की रूपरेखा भी तैयार की गयी.</p>



<p>इस महत्वपूर्ण बैठक में जीकेसी की राज्य इकाइयों, ओवरसीज विंग एवं प्रकोष्ठों के प्रभारियों के नामों की घोषणा की गयी. जीकेसी राज्य इकाइयों के अध्यक्ष के लिए नाम का प्रस्ताव हितेश मोहन (कार्यकारी अध्यक्ष राजस्थान) और मुकेश सहाय (राष्ट्रीय उपाध्याय) ने किया जिसका सभी लोगों द्वारा सर्वसम्मति से स्वागत किया गया.</p>



<p>जेकेसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मीडिया प्रभारी कमल किशोर, दिल्ली मीडिया के प्रदेश अध्यक्ष प्रजेश शंकर, अतुल आनंद ‘सन्नू’ ने बताया कि जीकेसी की प्रबंध न्यासी श्रीमती रागिनी रंजन को महिला प्रकोष्ठ एवं बिहार की प्रभारी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल श्रीवास्तव को मध्य प्रदेश, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिशिर सिन्हा को महाराष्ट्र और गोवा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक अभिषेक को झारखण्ड, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आलोक श्रीवास्तव को राजस्थान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा को मुख्य समन्वयक छत्तीसगढ़ एवं पश्चिम बंगाल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक सिन्हा को लीगल सेल का प्रभार दिया गया है.</p>



<p>इस बैठक को मर्यादा कुलश्रेष्ठ, अशोक श्रीवास्तव, अलीशा शिवम, अभय सिन्हा, नेहा निरुपम, उपासना सहाय, अखिलेश श्रीवास्तव, प्रेम कुमार,, आशुतोष बृजेश, सुशील श्रीवास्तव समेत कई लोगों ने संबोधित किया. धन्यवाद ज्ञापन हरियाणा जीकेसी के अध्यक्ष अमिताभ कश्यप ने दिया.<br>(पटना नाउ रिपोर्ट)</p>
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