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	<title>George Fernandis &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>George Fernandis &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>नीतीश के कूचे से बड़े बेआबरू होकर निकले ये दिग्गज</title>
		<link>https://www.patnanow.com/these-stalwarts-came-out-of-nitishs-journey-in-a-very-dishonorable-manner/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 Feb 2023 04:01:59 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नीतीश कुमार की नीति के शिकार आरसीपी सिंह पर आंख बंद कर विश्वास करते थे नीतीश कुमार प्रशांत किशोर भी कहे जाने लगे थे नीतीश कुमार के राजनीतिक वारिस उपेंद्र कुशवाहा तीन बार साथ आए, हर बार निराश होकर लौटे शरद यादव को उम्र के आखिरी पड़ाव में थामना पड़ा आरजेडी का दामन आखिरी समय में जॉर्ज फर्नांडिस की भी हुई थी फजीहत समता पार्टी और उसके बाद जनता दल यूनाइटेड और अब नए नए दल का बनना .इस दल में कभी दिग्गज नेताओं का बोलबाला था लेकिन वक्त इस करवट बैठा जो दिग्गज थे आज फजीहत के बाद किनारे कर दिए गए बिसरा दिए गये.जॉर्ज फर्नांडिस न केवल जेडीयू बल्कि समता पार्टी के भी संस्थापक सदस्य थे. 2003 में उन्हें जदयू&#160; का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया. जॉर्ज उस समय सर्वमान्य नेता थे, लेकिन चलती नीतीश कुमार की ही थी. इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के नाते अपने किसी करीबी नेता को राज्यसभा का टिकट तक नहीं दे सकते थे. साल 2005 में जैसे ही नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री बने, पार्टी की कमान जॉर्ज फर्नांडिस की जगह शरद यादव को दे दी गई. स्थिति यह तक हो गई कि पार्टी के पैट्रॉन को लोकसभा का चुनाव निर्दलीय लड़ना पड़ा. हालांकि बाद में नीतीश कुमार ने उन्हें राज्यसभा भेजा. शरद यादव की भी गिनती कभी सीएम नीतीश के सबसे पसंदीदा और करीबी नेता के रूप में होती थी. वे न केवल लंबे समय तक जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे बल्कि लंबे [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="has-vivid-red-color has-text-color"><strong>नीतीश कुमार की नीति के शिकार </strong></p>



<p><strong>आरसीपी सिंह पर आंख बंद कर विश्वास करते थे नीतीश कुमार</strong></p>



<p><strong>प्रशांत किशोर भी कहे जाने लगे थे नीतीश कुमार के राजनीतिक वारिस</strong></p>



<p><strong>उपेंद्र कुशवाहा तीन बार साथ आए, हर बार निराश होकर लौटे</strong></p>



<p><strong>शरद यादव को उम्र के आखिरी पड़ाव में थामना पड़ा आरजेडी का दामन</strong></p>



<p><strong>आखिरी समय में जॉर्ज फर्नांडिस की भी हुई थी फजीहत</strong></p>



<p></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/jdu-politics-41.jpg" alt="" class="wp-image-71704" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/jdu-politics-41.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/jdu-politics-41-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>समता पार्टी और उसके बाद जनता दल यूनाइटेड और अब नए नए दल का बनना .इस दल में कभी दिग्गज नेताओं का बोलबाला था लेकिन वक्त इस करवट बैठा जो दिग्गज थे आज फजीहत के बाद किनारे कर दिए गए बिसरा दिए गये.जॉर्ज फर्नांडिस न केवल जेडीयू बल्कि समता पार्टी के भी संस्थापक सदस्य थे. 2003 में उन्हें जदयू&nbsp; का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया. जॉर्ज उस समय सर्वमान्य नेता थे, लेकिन चलती नीतीश कुमार की ही थी. इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के नाते अपने किसी करीबी नेता को राज्यसभा का टिकट तक नहीं दे सकते थे. साल 2005 में जैसे ही नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री बने, पार्टी की कमान जॉर्ज फर्नांडिस की जगह शरद यादव को दे दी गई. स्थिति यह तक हो गई कि पार्टी के पैट्रॉन को लोकसभा का चुनाव निर्दलीय लड़ना पड़ा. हालांकि बाद में नीतीश कुमार ने उन्हें राज्यसभा भेजा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/nitish-1.png" alt="" class="wp-image-71705" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/nitish-1.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/nitish-1-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>शरद यादव की भी गिनती कभी सीएम नीतीश के सबसे पसंदीदा और करीबी नेता के रूप में होती थी. वे न केवल लंबे समय तक जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे बल्कि लंबे समय तक उन्हें एनडीए का संयोजक भी बनाया गया. 2017 में नीतीश कुमार ने महागठबंधन से अलग होकर भाजपा से हाथ मिलाया और एनडीए में शामिल होकर सरकार बना ली. तब नीतीश कुमार के इस फैसले से दोनों के बीच दूरियां बढ़ने लगी. उन्हें पार्टी से साइडलाइन कर दिया गया. नीतीश कुमार खुद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए. बाद में शरद यादव ने नीतीश के फैसले को वोट पर डाका बताया और जेडीयू छोड़ दी. उन्होंने अपनी नई पार्टी भी बनाई. राजनीति के अंतिम पड़ाव में उन्होंने आरजेडी के टिकट से चुनाव लड़ा.</p>



<p>बिहार की सियासत में दिग्विजय सिंह का अपना सियासी कद रहा है. समाजवादी राजनीति के बड़े चेहरे माने जाते थे. अटल सरकार में विदेश राज्यमंत्री रह चुके हैं और नीतीश कुमार के करीबी नेता माने जाते थे. 2009 के लोकसभा चुनाव में नीतीश ने दिग्विजय सिंह को बांका से टिकट नहीं दिया, जिसके बाद निर्दलीय चुनाव लड़कर जीतने में सफल रहे. हालांकि, इसके बाद खुद को स्थापित नहीं कर सके. ऐसे ही अली अनवर जेडीयू में कभी पसमांदा सियासत के मुस्लिम चेहरे थे, जो नीतीश के करीबी नेताओं में गिने जाते थे. नीतीश कुमार ने उन्हें राज्यसभा भेजा, लेकिन शरद यादव के साथ नजदीकियां बढ़ाई तो उन्हें भी बाहर का रास्ता दिखा दिया. अली अनवर बिहार की सियासत में पूरी तरह से गुमनाम जिंदगी जी रहे हैं.</p>



<p>जेडीयू में कभी आरसीपी सिंह को नीतीश कुमार का सबसे करीबी और भरोसेमंद नेता कहा जाता था. नीतीश कुमार के बाद पार्टी में किसी की चलती थी तो वे आरसीपी सिंह थे. नीतीश कुमार, आरसीपी सिंह पर कितना भरोसा करते थे इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि उन्होंने अपने बाद पहली बार किसी को पार्टी की कमान दी तो वे आरसीपी सिंह ही थे. 2020 में उन्हें जेडीयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया. इतना ही नहीं आरसीपी सिंह को ब्यूरोक्रेट से राजनेता बनाने का श्रेय भी नीतीश कुमार को ही जाता है. आरसीपी सिंह जेडीयू में रहते हुए दो-दो बार राज्यसभा के सांसद बने. केंद्र में में मंत्री बने. लेकिन जैसे ही उन्होंने पार्टी पर अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू की, उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.</p>



<p>चुनावी रणनीतिकार रहे प्रशांत किशोर को 2018 में पहले जेडीयू का सदस्य बनाया गया. इसके बाद उन्हें सीधा जेडीयू का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बना दिया गया. खुद नीतीश कुमार ने इसकी घोषणा की. उस दौरान उन्हें जेडीयू में नीतीश कुमार का वारिस भी कहा जाने लगा था. सीधा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने पर ऐसा कहा जाने लगा था कि नीतीश कुमार के बाद पार्टी का कोई भी फैसला प्रशांत किशोर ही लेंगे. खबरें तो यहां तक आने लगी थी कि 2019 के लोकसभा चुनाव से संबंधित सारा फैसला प्रशांत किशोर ही लेंगे. इन खबरों के बाद प्रशांत किशोर का कद अचानक बिहार की सियासत में बढ़ने लगा. बैकडोर पॉलिटिक्स करने वाले प्रशांत किशोर अचानक मुखर होकर बयान देने लगे. इसके बाद हालात ये बने कि दो साल के भीतर 2020 में उन्हें पार्टी से अपना इस्तीफा देना पड़ा.</p>



<p>सबसे ताजा मामला उपेंद्र कुशवाहा का है. नीतीश कुमार और उपेंद्र कुशवाहा की करीबियत का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि 2009 में नीतीश कुमार ने सार्वजनिक मंच से कुशवाहा को जेडीयू में शामिल हो जाने का आग्रह किया था. नीतीश कुमार ने न केवल उपेंद्र कुशवाहा को सबसे युवा विधायक होने के बाद भी विधानसभा में विपक्ष नेता बनाया, बल्कि उन्हें राज्यसभा सांसद भी बनाया. साल 2021 में जब उपेंद्र कुशवाहा तीसरी बार पार्टी में शामिल हुए तो उन्हें विधान परिषद का सदस्य बनाने के साथ जेडीयू संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष भी बनाया. लेकिन इस बीच उपेंद्र कुशवाहा खुद को जेडीयू में नंबर-2 प्रोजेक्ट करने लगे. कभी डिप्टी सीएम तो कभी मिनिस्टर बनने का बयान देने लगे. इसके बाद उन्हें पार्टी से किनारे कर दिया गया और मजबूरन उन्हें भी पार्टी से इस्तीफा देना पड़ा. अब उन्होने दूसरी बार अपनी नई पार्टी बना ली हैं.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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			</item>
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		<title>नहीं रहे जॉर्ज फर्नांडीज &#124; बिहार में दो दिनों (29 एवं 30 जनवरी) की राजकीय शोक की घोषणा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Nikhil]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 29 Jan 2019 06:05:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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		<category><![CDATA[जॉर्ज फर्नांडिस नहीं रहे]]></category>
		<category><![CDATA[पटना नाउ]]></category>
		<category><![CDATA[मैक्स हॉस्पिटल नई दिल्ली]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना (राजेश तिवारी की रिपोर्ट) &#124; भारत के पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस का मंगलवार तड़के दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में निधन हो गया. वे 88 वर्ष के थे. फर्नांडिस लंबे समय से बीमार चल रहे थे. वह अल्जाइमर से ग्रस्त थे, साथ ही उन्हें स्वाइन फ्लू भी था. वाजपेई सरकार में रक्षा मंत्री रहे जॉर्ज फर्नांडीज एक जुझारू नेता के रूप में जाने जाते थे. वे कई बार लोकसभा राज्यसभा का सांसद भी रहे थे. जॉर्ज फर्नांडिस सबसे पहले साल 1967 में लोकसभा सांसद चुने गए. उनके कार्यकाल के दौरान ही पोखरण में परमाणु टेस्टिंग और करगिल युद्ध हुआ था. 2004 में ताबूत घोटाला सामने आने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया. बाद में दो अलग-अलग कमिशन ऑफ इन्क्वायरी में उन्हें निर्दोष करार दिया. आखिरी बार अगस्त 2009 से जुलाई 2010 तक राज्यसभा के सांसद थे लेकिन अल्जाइमर नामक बीमारी से ग्रस्त होने के बाद राजनीति से कट गए थे. ऐसे बने फर्नांडिस एक बड़े नेता1974 की रेल हड़ताल के बाद वह कद्दावर नेता के तौर पर उभरे और उन्होंने बेबाकी के साथ इमर्जेंसी लगाए जाने का विरोध किया. 1975 में इंदिरा गांधी की ओर से लगाए गए आपातकाल के दौरान उन्हें जेल में डाल दिया गया था. उन पर सरकारी प्रतिष्ठानों और रेलवे पटरियों को उड़ाने के लिए ‘बड़ौदा डायनामाइट षड्यंत्र’ रचने का आरोप लगाया गया था. इन सब के चलते जॉर्ज फर्नांडिस इमर्जेंसी के वक्त के हीरो के तौर पर उभरे. 1977 में उन्होंने जेल से चुनाव लड़ा और रिकॉर्ड वोटों से जीते.जब 1977 में मोरारजी देसाई [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image"><img decoding="async" width="624" height="351" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/01/105380282_gettyimages-72141421.jpg" alt="" class="wp-image-38078" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/01/105380282_gettyimages-72141421.jpg 624w, https://www.patnanow.com/assets/2019/01/105380282_gettyimages-72141421-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 624px) 100vw, 624px" /><figcaption> <br><strong>नहीं रहे जॉर्ज फर्नांडीज | दिल्ली मे ली आखिरी सांस | कई दिनों से थे बीमार | अल्जाइमर बीमारी से ग्रसित थे  </strong></figcaption></figure>



<p><strong>पटना (राजेश तिवारी की रिपोर्ट</strong>) | भारत के पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस का मंगलवार तड़के दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में निधन हो गया. वे 88 वर्ष के थे. फर्नांडिस लंबे समय से बीमार चल रहे थे. वह अल्जाइमर से ग्रस्त थे, साथ ही उन्हें स्वाइन फ्लू भी था. वाजपेई सरकार में रक्षा मंत्री रहे जॉर्ज फर्नांडीज एक जुझारू नेता के रूप में जाने जाते थे. वे कई बार लोकसभा राज्यसभा का सांसद भी रहे थे. जॉर्ज फर्नांडिस सबसे पहले साल 1967 में लोकसभा सांसद चुने गए. उनके कार्यकाल के दौरान ही पोखरण में परमाणु टेस्टिंग और करगिल युद्ध हुआ था. 2004 में ताबूत घोटाला सामने आने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया. बाद में दो अलग-अलग कमिशन ऑफ इन्क्वायरी में उन्हें निर्दोष करार दिया. आखिरी बार अगस्त 2009 से जुलाई 2010 तक राज्यसभा के सांसद थे लेकिन अल्जाइमर नामक बीमारी से ग्रस्त होने के बाद राजनीति से कट गए थे. </p>



<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="646" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/01/DyFP6qMVAAAlwA3-650x646.jpg" alt="" class="wp-image-38072" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/01/DyFP6qMVAAAlwA3-650x646.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/01/DyFP6qMVAAAlwA3-350x348.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2019/01/DyFP6qMVAAAlwA3.jpg 670w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="477" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/01/DyDT_aCUYAEp46v-650x477.jpg" alt="" class="wp-image-38071" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/01/DyDT_aCUYAEp46v.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/01/DyDT_aCUYAEp46v-350x257.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>ऐसे बने फर्नांडिस एक बड़े नेता</strong><br>1974 की रेल हड़ताल के बाद वह कद्दावर नेता के तौर पर उभरे और उन्होंने बेबाकी के साथ इमर्जेंसी लगाए जाने का विरोध किया. 1975 में इंदिरा गांधी की ओर से लगाए गए आपातकाल के दौरान उन्हें जेल में डाल दिया गया था. उन पर सरकारी प्रतिष्ठानों और रेलवे पटरियों को उड़ाने के लिए ‘बड़ौदा डायनामाइट षड्यंत्र’ रचने का आरोप लगाया गया था.  इन सब के चलते जॉर्ज फर्नांडिस इमर्जेंसी के वक्त के हीरो के तौर पर उभरे. 1977 में उन्होंने जेल से चुनाव लड़ा और रिकॉर्ड वोटों से जीते.<br>जब 1977 में मोरारजी देसाई के नेतृत्व में जनता पार्टी की सरकार बनी तो उन्हें मंत्री बनाया गया. इस दौरान उनका सबसे बड़ा कदम था कि उन्होंने कोका कोला और आईबीएम को झुकने पर मजबूर कर दिया था. इन कंपनियों ने अपने भारतीय सहयोगियों में अपनी हिस्सेदारी कम करने से मना कर दिया था. कोक ने उस वक्त भारत छोड़ दिया था. उसके 20 साल बाद कंपनी ने वापस भारत में एंट्री की.<br><strong>किंग जॉर्ज V की फैन थी मां,&nbsp;उन्हीं के नाम पर नाम रखा जॉर्ज </strong><br>3 जून, 1930 को जन्मे जॉर्ज फर्नांडिस 10 भाषाओं के जानकार थे- हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, मराठी, कन्नड़, उर्दू, मलयाली, तुलु, कोंकणी और लैटिन. उनकी मां किंग जॉर्ज पंचम की बड़ी प्रशंसक थीं. उन्हीं के नाम पर अपने छह बच्चों में से सबसे बड़े का नाम उन्होंने जॉर्ज रखा था.<br></p>



<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="244" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/01/DyFymzWU8AAbSb2-650x244.jpg" alt="" class="wp-image-38073" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/01/DyFymzWU8AAbSb2.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/01/DyFymzWU8AAbSb2-350x131.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हुए अत्यंत भावविह्वल, कहा अपना अभिभावक खो दिया</strong><br>मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिल्ली स्थित पंचशील पार्क में मंगलवार को स्व जॉर्ज फर्नांडिस के आवास पर जाकर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किया एवं उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी. उन्होंने स्व फर्नांडिस की धर्म पत्नी से मुलाकात कर अपनी शोक संवेदना व्यक्त की. भाव विह्वल होते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि फर्नांडिस का निधन उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है. उनके निधन से उन्होंने अपना अभिभावक खो दिया है. पत्रकारों से बात करते हुए अपने शोक का उदगार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जॉर्ज साहब के निधन से आमजन सभी अत्यंत मर्माहत हैं. पिछले कुछ दिनों से वे बीमार चल रहे थे. जॉर्ज साहब का जो योगदान इस देश की राजनीति में रहा है और जो कुछ भी उन्होंने समाज के लिए किया है वह सदैव याद रखा जाएगा. सिद्धांत एवं समाजवादी विचारधारा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सदैव रही. उनकी इक्षा-शक्ति काफी मजबूत थी. अपनी युवावस्था से ही उन्होंने जिस ढंग से लोगों के हक की लड़ाई लड़ी उसे भुलाया नहीं जा सकता है.<br></p>



<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="633" height="224" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/01/pnc-nitish-tweet-on-george-fernandis.png" alt="" class="wp-image-38087" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/01/pnc-nitish-tweet-on-george-fernandis.png 633w, https://www.patnanow.com/assets/2019/01/pnc-nitish-tweet-on-george-fernandis-350x124.png 350w" sizes="(max-width: 633px) 100vw, 633px" /></figure>



<p>नीतीश कुमार ने कहा कि संसद में उनका काफी योगदान रहा है. रक्षा मंत्री, रेल मंत्री एवं अन्य मंत्रालयों के मंत्री के तौर पर उनकी भूमिका भुलाई नहीं जा सकती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जॉर्ज साहब हमलोगों के न सिर्फ नेता थे बल्कि अभिभावक भी थे. 1994 में उन्हीं के नेतृत्व में नई पार्टी बनी. उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में जो कुछ भी सीखने का अवसर मिला और आज जो कुछ भी लोगों की सेवा करने की कोशिश करते हैं इसमें उनका ही योगदान रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि वे उनके अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। उनके पुत्र अमेरिका में हैं जो बुधवार तक आ पाएंगे. उनके आने के बाद ही अंतिम संस्कार होगा. उन्होंने आगे कहा कि वे जॉर्ज साहब के आदर्शों एवं उनके बताए रास्ते ओर हमेशा चलते रहेंगे. <br>इस अवसर पर बिहार सरकार के जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, सांसद आर सी पी सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन, बिहार राज्य योजना पर्षद सदस्य संजय झा एवं अन्य लीग मौजूद थे. </p>



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<iframe loading="lazy" title="George Fernandis पर भावुक हुए CM नीतीश कुमार | कहा अभिभावक खो दिया" width="640" height="360" src="https://www.youtube.com/embed/j91D9y0W_9I?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe>
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<p><em><strong>दिवंगत नेता जॉर्ज फर्नांडिस के सम्मान में बिहार सरकार ने दो दिनों (29 एवं 30 जनवरी) की राजकीय शोक की घोषणा की है</strong></em>.</p>



<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="461" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/01/DyFZe0zV4AAt9m_-650x461.jpg" alt="" class="wp-image-38074" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/01/DyFZe0zV4AAt9m_.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/01/DyFZe0zV4AAt9m_-350x248.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="436" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/01/DyFZgUvUcAAM5Kv-650x436.jpg" alt="" class="wp-image-38075" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/01/DyFZgUvUcAAM5Kv.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/01/DyFZgUvUcAAM5Kv-350x235.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="548" height="141" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/01/pnc-narendra-modi-on-george-fernandis.png" alt="" class="wp-image-38076" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/01/pnc-narendra-modi-on-george-fernandis.png 548w, https://www.patnanow.com/assets/2019/01/pnc-narendra-modi-on-george-fernandis-350x90.png 350w" sizes="(max-width: 548px) 100vw, 548px" /></figure>



<p><strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया शोक</strong><br>प्रधानमंत्री ने समाजवादी नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया और कहा कि &#8220;वे गरीबों एवं वंचितों के अधिकारों की सर्वाधिक प्रभावी आवाज़ थे. मोदी ने अपने शोक संदेश में कहा कि जॉर्ज साहब भारत के सर्वश्रेष्ठ राजनीतिक नेताओं में से एक थे. बेबाक एवं निर्भीक, बेलागलपेट एवं दूरदर्शी फर्नांडिस ने हमारे देश के लिए अमूल्य योगदान दिया.  वे गरीबों एवं वंचितों के अधिकारों की सर्वाधिक प्रभावी आवाज़ों में से एक थे. उनके निधन से मैं बहुत दुखी हूं.&#8221;<br></p>



<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="385" src="https://www.patnanow.com/assets/2017/04/PNC-RAHUL-GANDHI-650x385.jpg" alt="" class="wp-image-16475" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/04/PNC-RAHUL-GANDHI.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/04/PNC-RAHUL-GANDHI-350x207.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image"><img loading="lazy" decoding="async" width="583" height="136" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/01/pnc-Rahul-Gandhi-on-george-fernandis.png" alt="" class="wp-image-38077" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/01/pnc-Rahul-Gandhi-on-george-fernandis.png 583w, https://www.patnanow.com/assets/2019/01/pnc-Rahul-Gandhi-on-george-fernandis-350x82.png 350w" sizes="(max-width: 583px) 100vw, 583px" /></figure>



<p><strong>कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने जताया शोक</strong><br>कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस के निधन पर शोक व्यक्त किया. गांधी ने ट्वीट कर कहा कि मुझे पूर्व सांसद एवं केंद्रीय मंत्री जॉर्ज फर्नांडिसजी के निधन के बारे में सुनकर बहुत दुख हुआ. दु:ख की इस घड़ी में उनके परिवार और मित्रों के प्रति मेरी संवेदनाएं.</p>
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