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	<description>Patna News Portal - हर ख़बर पर नज़र</description>
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	<item>
		<title>मरे पशुओं की बाढ़ आयी, यही है गंगा की सफाई</title>
		<link>https://www.patnanow.com/ganga-carries-dead-body-of-animals-these-days/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 Jan 2025 05:02:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
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					<description><![CDATA[गंगा में प्रदूषण से मर रही है मछलियाँ मैली होती गंगा में नहाने से हिचकिचाते ग्रामीण, खुजली का सताता है डर मृत पशु से लेकर सफाई पर नहीं हो रहा पुख्ता इंतजाम Patna now special Report आरा,22 जनवरी. बिहार में गंगा की सफाई के लिए कई योजनाएं सामने आई है. गंगा सफाई के लिए पिछले चार दशकों से तरह तरह की योजनाएं बनाई गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर प्रभावी नहीं होने की वजह से योजनाएं फेल होती गई. वही बिहार के भोजपुर जिले में भी गंगा की सफाई के लिए 2019 में नमामि गंगा परियोजना के तहत जिला गंगा समिति की शुरुआत हुई थी. इससे पहले जिले में गंगा की सफाई के लिए कोई ठोस कदम उठाने का प्रमाण अभी तक नहीं मिल पाया है. हालांकि स्थानीय स्तर पर सामाजिक कार्यकर्ताओं का पर्व-त्यौहारों के अवसर पर अपने जरूरत के हिसाब से सफाई हमेशा देखने को मिली है. इस योजना के तहत भोजपुर जिले में पिछले छह वर्षों से गंगा जिला समिति कार्य कर रही है. जिला गंगा समिति के अंतर्गत शाहपुर, आरा और बड़हरा में कार्य किये जा रहे है. इस योजना के गंगा की सफाई, घाट का विकास, सीवरेज उपचार, जैविक कृषि को बढ़ावा, जन जागरूकता, पौधरोपण, अपशिष्ट निगरानी जैसे काम किया जा रहे हैं. इसके साथ ही गंगा नदी के आलावा गंगा की सहायक नदियों में अपशिष्ट पदार्थों पर भी निगरानी करने का काम इस योजना के तहत किया जा रहा है,लेकिन यह काम भोजपुर जिले में कितना हुआ है जान कर आप भी दंग रह जायेंगे. [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>गंगा में प्रदूषण से मर रही है मछलियाँ</strong></p>



<p><strong>मैली होती गंगा में नहाने से हिचकिचाते ग्रामीण, खुजली का सताता है डर</strong></p>



<p><strong>मृत पशु से लेकर सफाई पर नहीं हो रहा पुख्ता इंतजाम</strong></p>



<p><strong>Patna now special Report</strong></p>



<p>आरा,22 जनवरी. बिहार में गंगा की सफाई के लिए कई योजनाएं सामने आई है. गंगा सफाई के लिए पिछले चार दशकों से तरह तरह की योजनाएं बनाई गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर प्रभावी नहीं होने की वजह से योजनाएं फेल होती गई. वही बिहार के भोजपुर जिले में भी गंगा की सफाई के लिए 2019 में नमामि गंगा परियोजना के तहत जिला गंगा समिति की शुरुआत हुई थी. इससे पहले जिले में गंगा की सफाई के लिए कोई ठोस कदम उठाने का प्रमाण अभी तक नहीं मिल पाया है. हालांकि स्थानीय स्तर पर सामाजिक कार्यकर्ताओं का पर्व-त्यौहारों के अवसर पर अपने जरूरत के हिसाब से सफाई हमेशा देखने को मिली है.</p>



<p>इस योजना के तहत भोजपुर जिले में पिछले छह वर्षों से गंगा जिला समिति कार्य कर रही है. जिला गंगा समिति के अंतर्गत शाहपुर, आरा और बड़हरा में कार्य किये जा रहे है. इस योजना के गंगा की सफाई, घाट का विकास, सीवरेज उपचार, जैविक कृषि को बढ़ावा, जन जागरूकता, पौधरोपण, अपशिष्ट निगरानी जैसे काम किया जा रहे हैं. इसके साथ ही गंगा नदी के आलावा गंगा की सहायक नदियों में अपशिष्ट पदार्थों पर भी निगरानी करने का काम इस योजना के तहत किया जा रहा है,लेकिन यह काम भोजपुर जिले में कितना हुआ है जान कर आप भी दंग रह जायेंगे.</p>



<p>दरअसल आरा शहर से होकर गंगा की सहायक नदी गांगी निकलती है, जिसकी स्थिति बद से बदतर होते जा रही है. गंगी की मौजूदा स्थिति सबसे ख़राब है. इसकी स्थिति नाले से भी ख़राब हो गई है. अगर शहर के हर घर से निकलने वाली नली का पानी, शहर के हर बड़े नाले का पानी गांगी नदी में जा कर गिरता है. इतना ही नहीं जब भी आप नदी के पास जाइएगा तो आपको मरे हुए जीव जंतु से लेकर पशु तक दिख ही जाएंगे.</p>



<p>गंगा की यह सहायक गांगी नदी करीब 17 किलोमीटर का रास्ता तय करके केशवपुर गंगा नदी में जाकर मिलती है. गंगा से मिलने के दौरान गांगी नदी अपने साथ इस गन्दगी और मरे हुए जीव जंतुओं को भी अपने साथ गंगा में बहा ले जाती है. यह माजरा केवल गांगी नदी के पास का नहीं है. गांगी पहुंचने से पहले बड़का गांव, मझौंवा, मारुती नगर के रास्ते में भी गांगी की यही स्थिति है. उक्त सभी स्थानों पर मरे हुए पशुओं को फेंक दिया जाता है, जिसके बाद वहीं मरे हुए पशु बहते हुए आगे बढ़ते हैं या कई बार कम पानी के वजह से बीच रास्ते में ही दलदल या किनारों में फँसकर महीनों तक महकते रहते हैं जो एक सक्रमण का खतरा उत्पन्न करते हैं. ऐसे फंसे हुए जानवरों के शवों को कई पक्षी या जानवर खाते है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001144559-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88863" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001144559-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001144559-650x366.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>गांगी से आगे चलते हुए यह नदी केशवपुर बड़हरा पुल पर पहुंचती है. वहां भी गांगी जैसी ही स्थिति है. नदी में कई पशु के मृत शरीर पड़े मिलते है, जिसका पानी गंगा में जा गिरता है. साथ ही गंगा नदी में केशवपुर के समीप कई बार गंगा नदी में भी कई मृत पशुओं के शव मिले है, जिसे कौवा या कुत्ता या अन्य जंतु खाते है. इससे गंगा का पानी दूषित हो रहा है. इस दूषित जल पर जमीनी स्तर पर कोई विचार नही किया जाता है बस कागजी स्तर से सफाई की जा रही है.</p>



<p>वहीं आपको बता दें कि भोजपुर जिले के गंगा किनारे लगभग 34 गांव है. जहां जिला गंगा समिति के द्वारा काम हो रहा है, लेकिन यह काम कितना हुआ है यह भी एक पहेली है. इस योजना के तहत गंगा किनारे बसे हर घाट को पक्का बनाना है, लेकिन पिछले छह वर्षों से अब तक जिले का कोई भी घाट पक्का नहीं हुआ है. लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत गंगा के सतह की सफाई होती है. यह सफाई प्रतिदिन होनी है, लेकिन सफाई प्रतिदिन हो रही है, इसका भी प्रमाण अभी तक सामने नहीं आया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001144557-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88866" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001144557-1-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001144557-1-650x366.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>वहीं सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर कोई पहल नहीं की गई है. गंगा रिवरफ्रंट डेवलपमेंट पर भी अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाये गए है. जैविक खेती को लेकर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठे है. गंगा प्रदुषण में कृषि की भी अहम भूमिका है. किसान खेतों में कई प्रकार के कीटनाशक दवाइयों का इस्तेमाल करते है. गंगा किनारे हो रही खेतों से यह दवाइयों का मिश्रण बाढ़ व बरसात की वजह से गंगा में चला जाता है जिससे गंगा में मछलियों के मरने की संख्या बढ़ी है. ऐसे में कृषि भी गंगा के प्रदुषण की एक बड़ी वजह बनी है. इन प्रदूषणों की वजह से अब जैविक खेती करने की व्यवस्था की जा रही है.</p>



<p><strong>क्या कहते हैं नगर आयुक्त ?</strong></p>



<p>गांगी नदी में मृत पशुओं को फेंकने के मामले में नगर आयुक्त एन. के. भगत ने बताया कि हम लोग यहां के लोगों को कई बार रोकने का प्रयास किए है, लेकिन रात के अंधेरे में लोग पशुओं को मर जाने के बाद फेंक देते है. जबकि अन्य शहरों में पशु मरने के बाद जमीन में दफना देते है. ऐसे में लोगों से कहेंगे गांगी में फेंके नहीं गांगी के किनारे जमीन में दफना दें. वहीं शहर की गंदी नलियों से निकलने वाली गंदगी जो गंगा में गिरती है उसपर नगर आयुक्त ने बताया कि इसके लिए 79 करोड़ का स्ट्रांग ड्रेनेज सिस्टम हमारे यहां स्वीकृत हो चुका है.</p>



<p>उन्होंने बताया कि साथ ही सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगेगा. यह योजना स्वीकृत हो चुका है. जल्द ही काम शूरु हो जाएगा. इस विषय पर थोड़ा सा काम हुआ भी है तो हमारे यहां का जो गंदा पानी जा रहा है उस प्लांट से शुद्ध करके ही पानी फेंका जाएगा. वहीं उन्होंने बताया कि 2024 में यह काम भोजपुर जिले में शुरू की गई थी. इसकी कार्यकारी एजेंसी को पैसा भी ट्रांसफर कर दिया गया है लेकिन 2026 तक यह प्लांट तैयार होने की वे बात बताते हैं. अब सवाल यह है कि क्या निगम क्षेत्र में नगर निगम रात्रि में मवेशियों को ऐसे धड़ल्ले से फेंकने वालों को पकड़ने में विफल है? क्या शहर की सफाई रात्रि में नही होती जो नगर निगम को ऐसे लोग नही दिखते? क्या अरबों रुपये खर्च करने वाले निगम के पास मवेशियों को फेंकने वालों की पहचान करने तक की क्षमता नही है? ये सारे सवाल निगम की कार्यशैली और बजट के पैसों के बारे-न्यारे की प्रत्यक्ष पोल खोलते हैं. हर महीने लगभग पौने तीन करोड़ रुपये खर्च करने वाला निगम जब शहर की गंदगी खत्म नही कर पा रहा है तो गंगा की सफाई पर पलड़ा तो झाड़ेगा ही. वैसे भी निगम के आयुक्त की शुद्धता उनपर लगे कई आरोप बखूबी बता देते हैं.</p>



<p><strong>कृषि पदाधिकारी ने कहा जैविक खेती के लिए 1500 हेक्टेयर में हो रहा काम</strong></p>



<p>वहीं जब कृषि पदाधिकारी शत्रुध्न साहू से जैविक खेती को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि हमारे शाहपुर, आरा और बड़हरा में नमामि गंगा का काम किया जा रहा है, जहां तीनों प्रखंड मिलाकर 15 सौ हेक्टेयर में जैविक खेती करने के लिए प्रयास किया जा रहा है. हमलोग यहां 1967 के साथ जुड़े हुए है. इसमें दो सर्विस प्रोवाइडर सरकार की तरफ से दिया गया है. तो एक हजार हेक्टेयर के लिए आरा और बड़हरा के लिए सिलबायोटेक के द्वारा काम किया जाता है. साथ ही पांच सौ हेक्टेयर शाहपुर वाले क्षेत्र में सतेंद्र ऑर्गेनिक के द्वारा काम किया जा रहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="461" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001144708-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88871" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001144708-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001144708-650x293.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001144708-1536x691.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001144708-2048x922.jpg 2048w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने बताया कि नमामि गंगे के तहत तीनों प्रखंड के 16 पंचायत में काम हो रहा है, जिसमें 29 गांव आते है. इसके लिए वर्मी उत्पादन करवाना है. 800 से ज्यादा हमलोगों ने बनाया है. यह तीन साल के लिए बनाया जाता है. एक ही बार हमलोग किसान को पांच हजार रुपया का अनुदान देते है. इस तरह से 75 कलस्टर बना हुआ है. जैविक खेती के लिए हमलोग जैविक खाद और जैविक दवा देते है जो 6500 का होता है. जो अनुदान में देते है. दूसरे साल में भी 10500 रुपया अनुदान दिया जाता है. उन्होंने बताया कि जितने भी कीटनाशक दवाइयां है वे वायु, मिट्टी गंगा सभी के लिए नुकसानदेह है. वहीं छुटे हुए गांव को दूसरे फेज में आने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा.</p>



<p><strong>NMCG मॉड्यूल तैयार करती है : अमित सिंह </strong></p>



<p>वहीं नमामि गंगे योजना को लेकर परियोजना पदाधिकारी अमित सिंह ने बताया कि यह योजना जिलाधिकारी के अंतर्गत काम होती है. एनएमसीजी मॉड्यूल तैयार करती है. एनएमसीजी के तहत लोगों को जन जागरूक करना, गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए कार्य करना, गंगा किनारे गांव में गंगा आरती करना, खेल के तहत गंगा सफाई को लेकर जागरूकता दिखाना, बच्चों को रैली करना, ग्रामीणों को गंगा के बारे में बताना कि गंगा हमारे लिए क्यों जरूरी है, ये सारे कार्य किये जाते हैं. वहीं गंगा को लेकर हम ज्यादातर स्कूलों और कोचिंग संस्थानों में जाते है और गंगा को लेकर प्रतियोगिता कराते है. सालों भर यह गतिविधियां चलती है. इसके साथ ही योग और गंगा उत्सव जैसे कार्यक्रम किए जाते है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="458" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001144707-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88869" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001144707-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001144707-650x291.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>अमित सिंह ने बताया कि गंगा सफाई में कई चुनौतियां सामने आती है. सबसे पहले तो आरा मुख्यालय से गंगा की दूरी जो लगभग 17 किलोमीटर है और कहीं कहीं उससे भी ज्यादा है. जैविक खेती की बात आती है तो जब तक लोगों को बताएंगे नहीं आखिर जैविक खेती क्या है तब तक लोग जैविक खेती नहीं करेंगे. हमारे यहां यूरिया ज्यादा मात्रा में खेतों में डाला जाता है जो किसी न किसी वजह से गंगा में चला जाता है. इससे गंगा में रहने वाले जीव को नुकसान होता है. हमारे क्षेत्र में जैविक खेती हो रही है. इस बार 50 किसानों की ट्रेनिंग जैविक खेती को लेकर करानी है. इसके साथ ही अब तक तीनों प्रखंड मिलाकर 15 सौ पेड़ लगाए गए है,जो वन विभाग को जिम्मेदारी दी गई थी. इसमें वन विभाग द्वारा आम, सागवान, अर्जुन, महोगनी का पेड़ लगाया गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001144558-2-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88870" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001144558-2-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001144558-2-650x366.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>DDC ने गिनाए 2023 और 2024 के कार्य</strong></p>



<p>वहीं DDC डॉ. अनुपमा सिंह से मिली जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन जल-शक्ति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा निदेशित सभी कार्य जो जिला गंगा समिति, भोजपुर द्वारा घाट पर योग 2023 और 2024, गंगा उत्सव 2024 में कुल 900 से अधिक लोगों की सहभागिता रही, जिसमें बड़हरा प्रखंड में 200 से अधिक छात्र &#8211; छात्राओं ने 11 कि०मी० लम्बी साईकिल रैली के माध्यम से आम जनों का गंगा के प्रति जागरूक करने का कार्य किया. इस कार्यक्रम के माध्यम से जिला स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं पेंटिंग, रंगोली, समान्य ज्ञान प्रतियोगिता जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमें 250 से ऊपर प्रतिभागियों ने भाग लिया.</p>



<p>वहीं जिले के सभी प्रमुख गंगा घाट की समय समय पर साफ सफाई, गंगा-आरती, विशेष अभियान के तहत &#8220;एक पेड़ मां के नाम &#8221; 2024 का आयोजन भोजपुर जिले के तीनों गंगा प्रखंडों में किया गया. स्वच्छता ही सेवा 2023 और 2024 महुली गंगा घाट पर जेटी का कार्य शुरू हो गया है एवं ख्वासपुर तथा सिन्हा घाट हेतु प्रस्ताव भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग को भेजा जा चुका है. शाहपुर एवं आरा प्रखंड के सभी गंगा ग्राम पंचायत के ग्रामों को मॉडल घोषित करते हुए MIS पर मार्क कर दिया गया है. बडहरा प्रखंड में कुल 19 ग्रामों के विरूद्ध 14 ग्रामों को मॉडल घोषित हो चुका है.</p>



<p>वहीं कृषि विभाग के द्वारा गंगा ग्राम के युवाओं हेतु जैविक खेती 2023 पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिला के गंगा ग्रामों में समय-समय पर विभिन्न गतिविधियों के तहत खेलों, गंगा चौपाल, चित्रकला प्रतियोगिता, रैली इत्यादि के द्वारा स्थानीय लोगों के बीच जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="447" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001144706-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88868" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001144706-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/01/1001144706-650x283.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>ग्रामीणों को सताता है खुजली का डर</strong>, <strong>कहते हैं अब नही मिलती हैं गंगा में मछलियां</strong></p>



<p>वहीं ग्रामीणों ने बताया कि पहले गंगा ऐसी नहीं थी. मछली मारने के दौरान मछली मिलती थी, लेकिन अब ज्यादातर मछली मर जाती है. गंगा में प्रदूषण बढ़ गया है. लोग मरे हुए पशुओं को डाल देते है. इसपर रोक लगाना चाहिए. हमलोग पहले नहाते थे, लेकिन अब नहाने नहीं जाते खुजली का डर बना होता है. इसके साथ ही एक व्यक्ति श्राद्धकर्म में पहुंचा था उसने बताया कि पहले गंगा ऐसी नहीं थी, अब नहाने में बहुत समस्या होती है. साफ सफाई कहीं भी नहीं है. गंगा किनारे घाट होना चाहिए जो कहीं देखने को नही मिलता है.</p>



<p>आरा से <strong>शुभम कुमार</strong> की रिपोर्ट</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
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		<title>सुनिश्चित करें कि गंगा नदी से सटे निर्माण न हो: सुप्रीम कोर्ट</title>
		<link>https://www.patnanow.com/ensure-that-construction-is-not-done-adjacent-to-river-ganga-supreme-court/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 02 Dec 2023 09:47:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
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					<description><![CDATA[BREAKING NEWS बिहार सरकार को दिये निर्माण कार्य बंद करने के निर्देश पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत गंगा नदी (पुनरुद्धार, संरक्षण और प्रबंधन) प्राधिकरण आदेश, 2016 के पूर्ण उल्लंघन का आरोप नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि गंगा नदी के किनारे, खासकर पटना और उसके आसपास कोई और निर्माण न हो न्यायालय ने राज्य को निर्देश दिया कि वह 213 चिन्हित अवैध संरचनाओं को हटाने की प्रगति के बारे में उसे रिपोर्ट करे, जो कि पटना में गंगा नदी के बाढ़ क्षेत्र में बनाई गई हैं. जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की खंडपीठ ने एनजीटी के आदेश से उत्पन्न अपील में यह आदेश पारित किया, जिसमें 2020 में पटना निवासी अशोक कुमार सिन्हा के मूल आवेदन का निपटारा किया गया था. इसमें कॉलोनियों के अवैध निर्माण, ईंटों भट्टियां और अन्य संरचनाओं की स्थापना को चुनौती दी गई, जिनमें बिहार सरकार द्वारा बनाई गई 1.5 किलोमीटर की सड़क भी शामिल है, जो कि पटना में गंगा के पारिस्थितिक रूप से नाजुक बाढ़ के मैदानों पर है, जो उपमहाद्वीप में डॉल्फ़िन के सबसे समृद्ध आवासों में से एक है.पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत गंगा नदी (पुनरुद्धार, संरक्षण और प्रबंधन) प्राधिकरण आदेश, 2016 के पूर्ण उल्लंघन का आरोप लगाते हुए अपील दायर की गई.अपीलकर्ता की ओर से बहस करते हुए एडवोकेट आकाश वशिष्ठ ने खंडपीठ को बताया कि बिहार सरकार सक्रिय रूप से गंगा बाढ़ के मैदानों पर हर दिन अवैध निर्माण की अनुमति दे रही है. प्राथमिक चिंता [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p></p>



<p></p>



<p class="has-vivid-red-color has-text-color"><strong>BREAKING NEWS </strong></p>



<p><strong>बिहार सरकार को दिये निर्माण कार्य बंद करने के निर्देश</strong></p>



<p><strong>पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत गंगा नदी (पुनरुद्धार, संरक्षण और प्रबंधन) प्राधिकरण आदेश, 2016 के पूर्ण उल्लंघन का आरोप</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/j-pee-path-650x433.png" alt="" class="wp-image-80668" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/j-pee-path-650x433.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/j-pee-path-350x233.png 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/j-pee-path-768x512.png 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/j-pee-path.png 1200w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि गंगा नदी के किनारे, खासकर पटना और उसके आसपास कोई और निर्माण न हो न्यायालय ने राज्य को निर्देश दिया कि वह 213 चिन्हित अवैध संरचनाओं को हटाने की प्रगति के बारे में उसे रिपोर्ट करे, जो कि पटना में गंगा नदी के बाढ़ क्षेत्र में बनाई गई हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/nitish-1-650x488.png" alt="" class="wp-image-80669" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/nitish-1-650x488.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/nitish-1-350x263.png 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/nitish-1-768x576.png 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/nitish-1.png 1137w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की खंडपीठ ने एनजीटी के आदेश से उत्पन्न अपील में यह आदेश पारित किया, जिसमें 2020 में पटना निवासी अशोक कुमार सिन्हा के मूल आवेदन का निपटारा किया गया था. इसमें कॉलोनियों के अवैध निर्माण, ईंटों भट्टियां और अन्य संरचनाओं की स्थापना को चुनौती दी गई, जिनमें बिहार सरकार द्वारा बनाई गई 1.5 किलोमीटर की सड़क भी शामिल है, जो कि पटना में गंगा के पारिस्थितिक रूप से नाजुक बाढ़ के मैदानों पर है, जो उपमहाद्वीप में डॉल्फ़िन के सबसे समृद्ध आवासों में से एक है.पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत गंगा नदी (पुनरुद्धार, संरक्षण और प्रबंधन) प्राधिकरण आदेश, 2016 के पूर्ण उल्लंघन का आरोप लगाते हुए अपील दायर की गई.अपीलकर्ता की ओर से बहस करते हुए एडवोकेट आकाश वशिष्ठ ने खंडपीठ को बताया कि बिहार सरकार सक्रिय रूप से गंगा बाढ़ के मैदानों पर हर दिन अवैध निर्माण की अनुमति दे रही है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/je-pee-path-650x366.png" alt="" class="wp-image-80667" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/je-pee-path-650x366.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/je-pee-path-350x197.png 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/je-pee-path-768x432.png 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/je-pee-path.png 1200w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>प्राथमिक चिंता यह है कि वे सबसे अधिक प्रभावित और क्षतिग्रस्त क्षेत्रों का सर्वेक्षण नहीं कर रहे हैं. पटना का लगभग पूरा भूजल आर्सेनिक संदूषण से प्रभावित है, जो अत्यधिक कैंसरकारी तत्व है. इसलिए पटना शहर की पीने के पानी की जरूरतें स्वास्थ्य पर निर्भर हैं.अदालत ने पश्चिम बंगाल और झारखंड में गंगा की स्थिति जानना चाहा और कहा कि वह दोनों राज्यों को शामिल करने के लिए अपील का दायरा बढ़ाएगी.</p>



<p><strong>यहां पढ़े आदेश </strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="350" height="650" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/order-350x650.png" alt="" class="wp-image-80673" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/12/order-350x650.png 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/order-188x350.png 188w, https://www.patnanow.com/assets/2023/12/order.png 485w" sizes="(max-width: 350px) 100vw, 350px" /></figure>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भारत में पहली बार गंगा और बाढ़  का पानी, पीने के लिए होगा इस्तेमाल</title>
		<link>https://www.patnanow.com/ganges-and-flood-water-will-be-used-for-drinking-for-the-first-time-in-india/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 24 Nov 2022 07:19:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[driniking water]]></category>
		<category><![CDATA[ganga]]></category>
		<category><![CDATA[Ganges and flood water]]></category>
		<category><![CDATA[Ravindra bharti]]></category>
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					<description><![CDATA[मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 27 नवम्बर 2022 को राजगीर में परियोजना का उद्घाटन करेंगे गया और बोधगया का उद्घाटन 28 नवंबर 2022  पीने के लिए शुद्ध गंगा जल प्राप्त करने के लिए दक्षिण बिहार के प्रमुख जल संकट से जूझ रहे शहर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हर घर गंगाजल का अपना वादा पूरा किया  हर साल लगभग 7.5 मिलियन लोग और तीर्थयात्री, पर्यटक लाभान्वित होंगे  राजगीर, गया और बोधगया को पहले चरण में पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल मिलने की तैयारी  सरप्लस नदी के पानी को 365 दिनों तक स्टोर, ट्रीट और सप्लाई किया जाएगा मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमईआईएल) एक और अद्भुत परियोजना की ओर आकर्षित प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण आध्यात्मिक पर्यटन के केंद्र बोधगया, गया और राजगीर के लोगों को पीने के लिए स्वच्छ, शुद्ध और संसाधित गंगा जल मिलने वाला है. राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इन स्थानों के लिए बाढ़ के पानी को पीने के पानी में बदलने की पहल की क्योंकि उनकी भौगोलिक स्थिति के कारण गंगा के पानी तक उनकी पहुंच नहीं है. बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट &#8216;हर घर गंगाजल&#8217; को सफलतापूर्वक लागू किया, जो बिहार के लाखों निवासियों और राज्य के पर्यटकों के चेहरों पर खुशी लाएगा. इस कार्य के लिए सीएम के साथ-साथ जल संसाधन विकास मंत्री संजय झा और इंजीनियरिंग की दिग्गज कंपनी मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की भी सराहना होनी चाहिए. भले ही गंगा इस क्षेत्र से होकर बहती है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में पानी की अनुपलब्धता के कारण साल भर गंभीर पेयजल समस्या का [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p><strong>मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 27 नवम्बर 2022 को राजगीर में परियोजना का उद्घाटन करेंगे</strong></p>



<p><strong>गया और बोधगया का उद्घाटन 28 नवंबर 2022</strong></p>



<blockquote class="wp-block-quote is-layout-flow wp-block-quote-is-layout-flow"><p> <strong>पीने के लिए शुद्ध गंगा जल प्राप्त करने के लिए दक्षिण बिहार के प्रमुख जल संकट से जूझ रहे शहर</strong></p><p><strong>मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हर घर गंगाजल का अपना वादा पूरा किया</strong></p><p><strong> हर साल लगभग 7.5 मिलियन लोग और तीर्थयात्री, पर्यटक लाभान्वित होंगे</strong></p><p><strong> राजगीर, गया और बोधगया को पहले चरण में पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल मिलने की तैयारी</strong></p><p><strong> सरप्लस नदी के पानी को 365 दिनों तक स्टोर, ट्रीट और सप्लाई किया जाएगा</strong></p><p><strong>मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमईआईएल) एक और अद्भुत परियोजना की ओर आकर्षित</strong></p></blockquote>



<p>प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण आध्यात्मिक पर्यटन के केंद्र बोधगया, गया और राजगीर के लोगों को पीने के लिए स्वच्छ, शुद्ध और संसाधित गंगा जल मिलने वाला है. राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इन स्थानों के लिए बाढ़ के पानी को पीने के पानी में बदलने की पहल की क्योंकि उनकी भौगोलिक स्थिति के कारण गंगा के पानी तक उनकी पहुंच नहीं है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="431" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/11/81c3ef23-cb6e-4a36-bfbc-c51ca8a7691c.jpg" alt="" class="wp-image-69049" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/11/81c3ef23-cb6e-4a36-bfbc-c51ca8a7691c.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/11/81c3ef23-cb6e-4a36-bfbc-c51ca8a7691c-350x232.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट &#8216;हर घर गंगाजल&#8217; को सफलतापूर्वक लागू किया, जो बिहार के लाखों निवासियों और राज्य के पर्यटकों के चेहरों पर खुशी लाएगा. इस कार्य के लिए सीएम के साथ-साथ जल संसाधन विकास मंत्री संजय झा और इंजीनियरिंग की दिग्गज कंपनी मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की भी सराहना होनी चाहिए.</p>



<p>भले ही गंगा इस क्षेत्र से होकर बहती है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में पानी की अनुपलब्धता के कारण साल भर गंभीर पेयजल समस्या का सामना करना पड़ता है. इस समस्या को दूर करने के लिए एक दुर्लभ अवधारणा और भारत में अपनी तरह की पहली परियोजना शुरू की गई, जहां मानसून के दौरान अतिरिक्त नदी के पानी को जलाशयों में संग्रहित किया जाएगा और बाद में 365 दिनों तक लोगों को पीने योग्य पानी की आपूर्ति की जाएगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="487" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/11/338f0b38-51cf-4542-9860-af5b6dd96b7e.jpg" alt="" class="wp-image-69050" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/11/338f0b38-51cf-4542-9860-af5b6dd96b7e.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/11/338f0b38-51cf-4542-9860-af5b6dd96b7e-350x262.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>जल जीवन हरियाली मिशन के तहत देश की अपनी तरह की पहली गंगाजल आपूर्ति योजना का उद्देश्य निर्मित विशाल जलाशयों में चार मानसून महीनों में प्राप्त बाढ़ के पानी का भंडारण करना है. दोनों शहरों में लोगों और पर्यटकों के घरों में आपूर्ति करने से पहले संग्रहीत पानी को संसाधित किया जाएगा और मानव उपभोग के लिए सुरक्षित बनाया जाएगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 27 नवम्बर 2022 को राजगीर में परियोजना का उद्घाटन करेंगे; गया और बोधगया का उद्घाटन 28 नवंबर 2022 को है.</p>



<p>परियोजना का पहला चरण, जो अब पूरी तरह से तैयार है, पौराणिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व वाले तीन शहरों में शुरू किया जा रहा है. उनके पास बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं, जिसके परिणामस्वरूप शुद्ध पानी की उच्च मांग होती है. परियोजना पहले चरण में राजगीर, गया और बोधगया शहरों में संग्रहित पानी की आपूर्ति करके इस मांग को पूरा करेगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="434" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/11/593526b3-1de4-4607-ad9d-67d9f478929f.jpg" alt="" class="wp-image-69051" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/11/593526b3-1de4-4607-ad9d-67d9f478929f.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/11/593526b3-1de4-4607-ad9d-67d9f478929f-350x234.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इस परियोजना के महत्व का अनुमान इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि दिसंबर 2019 में बोधगया में एक विशेष कैबिनेट बैठक बुलाई गई थी, जिसमें माननीय मुख्यमंत्री ने इन ऐतिहासिक शहरों में गंगा जल लाने के अपने संकल्प की घोषणा की थी. 27 और 28 नवंबर को मुख्यमंत्री द्वारा इस मेगा परियोजना के उद्घाटन की घोषणा करते हुए, डब्ल्यूआरडी मंत्री ने कहा कि &#8220;सीएम की दृष्टि और दूरदर्शिता और उनके विभाग के दृढ़ संकल्प ने रिकॉर्ड समय में इस अनूठी जल प्रबंधन पहल को निष्पादित करना संभव बना दिया है.&#8221;</p>



<p></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="434" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/11/4013ac1e-ef37-4787-9068-16981fda139d.jpg" alt="" class="wp-image-69053" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/11/4013ac1e-ef37-4787-9068-16981fda139d.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/11/4013ac1e-ef37-4787-9068-16981fda139d-350x234.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p> वास्तुशिल्प रूप से, परियोजना उल्लेखनीय है, क्योंकि स्थानीय वनस्पतियों और जीवों को परेशान किए बिना प्राकृतिक परिदृश्य का उपयोग करके एक विशाल प्राकृतिक जलाशय बनाया गया था. पटना के मोकामा में हाथीदह घाट से गंगा का पानी उठाया जाएगा और पाइप लाइन के जरिए शहरों में सप्लाई किया जाएगा. 19 और अन्य जैसी चुनौतियों के बावजूद रिकॉर्ड समय में काम पूरा किया. परियोजना बिहार के लोगों की सेवा के लिए तैयार है. हैदराबाद स्थित एमई जो पूरी परियोजना को क्रियान्वित कर रही है, ने बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा तैयार किया है. प्रथम चरण में पटना के मोकामा क्षेत्र के हाथीदह में सबसे पहले इंटेक वेल सह पंप हाउस बनाया गया. हाथीदह से राजगीर में बने डिटेंशन टैंक में पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए पानी भेजा जाता है. कुल चार पंप हाउस बनाए गए हैं. वे हाथीदह, राजगीर, तेतर और गया में हैं. इस परियोजना में राजगीर (9.915 M.Cu.M), तेतर (18.633 M.Cu.M), और गया (0.938 M.Cu.M) में सक्रिय क्षमता वाले तीन भंडारण जलाशय हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="434" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/11/593526b3-1de4-4607-ad9d-67d9f478929f-1.jpg" alt="" class="wp-image-69054" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/11/593526b3-1de4-4607-ad9d-67d9f478929f-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/11/593526b3-1de4-4607-ad9d-67d9f478929f-1-350x234.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इन जलाशयों से राजगीर में 24 एमएलडी, मानपुर में 186.5 एमएलडी और गया में अलग-अलग क्षमता के तीन अलग-अलग जल उपचार संयंत्रों (डब्ल्यूटीपी) में पानी पंप किया जाएगा. इसके अलावा, कंपनी ने 132 केवी/33 केवी और 33 केवी/11 केवी क्षमता के दो बिजली सबस्टेशन बनाए हैं, 151 किमी लंबी पाइपलाइन बिछाई है, चार पुल बनाए हैं और एक रेल ओवर ब्रिज बनाया है. वर्तमान में, हम राजगीर को पीएचईडी  के अनुसार 5 MLD पानी पंप कर रहे हैं और गया और बोधगया में आबादी के लिए 135 LPCD (लीटर प्रति व्यक्ति (प्रति व्यक्ति) प्रति दिन) की आपूर्ति कर रहे हैं. फेज-1 को सफल बनाने के लिए 2,000 से अधिक लोगों ने लगातार 24&#215;7 काम किया! इसके परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और एक परिपत्र अर्थव्यवस्था भी हुई, जहां कई छोटे पैमाने के उद्योग लाभान्वित हुए.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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			</item>
		<item>
		<title>गंगा तक जाने के लिए गंगा दूतों ने बनाया राह</title>
		<link>https://www.patnanow.com/ganga-tak-banaya-ganga-duton-ne-raah/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 29 Oct 2022 05:28:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[गांव -शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
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		<category><![CDATA[BHOJPUR]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
		<category><![CDATA[chhath]]></category>
		<category><![CDATA[CHHATH GHAT]]></category>
		<category><![CDATA[ganga]]></category>
		<category><![CDATA[Gangadoot]]></category>
		<category><![CDATA[Sinha]]></category>
		<category><![CDATA[Sinha ghaat]]></category>
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					<description><![CDATA[आरा, 29 अक्टूबर. नमामि गंगे नेहरू युवा केंद्र के नागा बाबा युवा क्लब सिन्हा के गंगादूतों ने ग्रामीणों के सहयोग से असंभव कार्य को अपने मेहनत के बल पर संभव किया. सिन्हा से सिन्हा गंगा घाट की दूरी लगभग 3 किलो मीटर है. छठ महापर्व के अवसर पर लगभग इस घाट पर 20,000 से अधिक संख्या में श्रद्धालु इकट्ठा होते हैं और मां गंगा में डुबकी लगाकर आस्था के महान पर्व में भगवान भास्कर को अर्घ्य देते हैं. विगत कुछ दिन पहले गंगा नदी का जल स्तर बढने और पूरे इलाके में पानी आ जाने से गंगा घाट जाने वाले रास्ते में कही-कही घुटने भर पानी भर गया जिससे पूरे रास्ते में दलदल और कीचड़ भरा हुआ था जो आज तक सभी के लिए चिंता का विषय बना हुआ था. नागा बाबा युवा क्लब सिन्हा के क्लब अध्यक्ष सनी कुमार सिंह ने नेतृत्व में विगत 2 दिनों से इस मार्ग पर अपने क्लब के युवा साथियों और गंगा दूतों के सहयोग से पाटनी हटाने का कार्य किया जा रहा है. भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष और सिन्हा गांव के निवासी राम अवतार सिंह ने गंगा दूतों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जो काम शासन प्रशासन को करना चाहिए वह काम नमामि गंगे के गंगा दूत कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के सहयोग से यह जो कार्य कर रहे हैं सही में अतुलनीय हैं इस क्लब के जितने भी युवा हैं वह अपने और अपने त्योहारों के बारे में सोच रहे हैं यही सबसे बड़ी बात [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>आरा, 29 अक्टूबर. नमामि गंगे नेहरू युवा केंद्र के नागा बाबा युवा क्लब सिन्हा के गंगादूतों ने ग्रामीणों के सहयोग से असंभव कार्य को अपने मेहनत के बल पर संभव किया. सिन्हा से सिन्हा गंगा घाट की दूरी लगभग 3 किलो मीटर है. छठ महापर्व के अवसर पर लगभग इस घाट पर 20,000 से अधिक संख्या में श्रद्धालु इकट्ठा होते हैं और मां गंगा में डुबकी लगाकर आस्था के महान पर्व में भगवान भास्कर को अर्घ्य देते हैं. विगत कुछ दिन पहले गंगा नदी का जल स्तर बढने और पूरे इलाके में पानी आ जाने से गंगा घाट जाने वाले रास्ते में कही-कही घुटने भर पानी भर गया जिससे पूरे रास्ते में दलदल और कीचड़ भरा हुआ था जो आज तक सभी के लिए चिंता का विषय बना हुआ था.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/PNC_Ganga-duto-ne-banaya-raah-1.jpg" alt="" class="wp-image-68171" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/PNC_Ganga-duto-ne-banaya-raah-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/10/PNC_Ganga-duto-ne-banaya-raah-1-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>नागा बाबा युवा क्लब सिन्हा के क्लब अध्यक्ष सनी कुमार सिंह ने नेतृत्व में विगत 2 दिनों से इस मार्ग पर अपने क्लब के युवा साथियों और गंगा दूतों के सहयोग से पाटनी हटाने का कार्य किया जा रहा है. भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष और सिन्हा गांव के निवासी राम अवतार सिंह ने गंगा दूतों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जो काम शासन प्रशासन को करना चाहिए वह काम नमामि गंगे के गंगा दूत कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के सहयोग से यह जो कार्य कर रहे हैं सही में अतुलनीय हैं इस क्लब के जितने भी युवा हैं वह अपने और अपने त्योहारों के बारे में सोच रहे हैं यही सबसे बड़ी बात है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/PNC_Ganga-duto-ne-banaya-raah.jpg" alt="" class="wp-image-68172" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/PNC_Ganga-duto-ne-banaya-raah.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/10/PNC_Ganga-duto-ne-banaya-raah-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>हमसे जितना सहयोग होगा हम प्रदान करेंगे. क्लब के अध्यक्ष सनी सिंह ने बताया कि सभी के सहयोग से अब मार्ग छठ व्रतियों के जाने योग बन चुका है हम और हमारी पूरी गंगा दूत की टीम हमेशा श्रद्धालुओ के लिए घाट पर सेवा देने के लिए वचनबद्ध है. घाट पर जाने के रास्ते के निर्माण में सनी सिंह ,कौशिक सिन्हा,कंकू तिवारी, चन्दन सिंह, सीटू सिंह,हिमांशु सिंह गोवर्धन यादव रवि शंकर तिवारी, अंकित सिंह ,जिया लाल यादव रामी यादव,शेरू सिन्हा, मिठू, आंसू, गोलू,ने अपना महत्वपूर्ण योगदान श्रमदान कर किया.</p>



<p><strong>PNCB</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक लाभ ही देती है गंगा</title>
		<link>https://www.patnanow.com/ganga-gives-only-benefits/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 14 Aug 2022 08:31:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[गांव -शहर]]></category>
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		<category><![CDATA[Ganga Arti]]></category>
		<category><![CDATA[Mahila Ghat]]></category>
		<category><![CDATA[Namami Gange]]></category>
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					<description><![CDATA[बड़हरा. नमामि गंगे परियोजना नेहरू युवा केंद्र भोजपुर युवा खेल मंत्रालय भारत सरकार के तत्वधान में महुली गंगा घाट पर गंगा शनिवार की शाम आरती का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में भोजपुर जिले के समाजसेवी सूर्यभान सिंह ने किया. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला परियोजना अधिकारी अमित कुमार सिंह ने किया वहीं कार्यक्रम का नेतृत्व एस्पायर हेड सदस्य चंदन कुमार सिंह और मनीष कुमार सिंह ने किया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सूर्यभान सिंह ने कहा कि मां गंगा अपने आगमन से लेकर अभी तक मनुष्य का केवल उधार ही करती है. श्रीरामचंद्र के वंशज सागर के साठ हजार पुत्रों का मां गंगा ने उधार किया और गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक जिस जिस रास्ते से मां गंगा का उद्गम स्थल प्रवाहित होता है वहां के जनसमुदाय को केवल लाभ ही लाभ प्राप्त होता है. गंगा का जल अमृत के समान है आज हम लोगों के कारण इस जल में विभिन्न तरीकों का अपशिष्ट पदार्थ प्रतिदिन प्रवाहित हो रहा है जिसे रोकना हम सभी का कर्तव्य है. जिला परियोजना अधिकारी अमित कुमार सिंह ने कहा कि नमामि गंगे परियोजना हमेशा से लोगों को जागरूक करने के लिए गंगा किनारे विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करते आ रहा है और इन सभी कार्यक्रमों का मात्र एक ही उद्देश्य की गंगा ग्राम के प्रत्येक व्यक्ति गंगा को साफ रखने में अपनी सहभागिता प्रदान करें. गणमान्य अतिथि के रूप में कई लोग उपस्थित रहे इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विक्की कुमार सिंह सनी कुमार सिंह, धनु [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>बड़हरा. नमामि गंगे परियोजना नेहरू युवा केंद्र भोजपुर युवा खेल मंत्रालय भारत सरकार के तत्वधान में महुली गंगा घाट पर गंगा शनिवार की शाम आरती का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में भोजपुर जिले के समाजसेवी सूर्यभान सिंह ने किया. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला परियोजना अधिकारी अमित कुमार सिंह ने किया वहीं कार्यक्रम का नेतृत्व एस्पायर हेड सदस्य चंदन कुमार सिंह और मनीष कुमार सिंह ने किया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सूर्यभान सिंह ने कहा कि मां गंगा अपने आगमन से लेकर अभी तक मनुष्य का केवल उधार ही करती है. श्रीरामचंद्र के वंशज सागर के साठ हजार पुत्रों का मां गंगा ने उधार किया और गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक जिस जिस रास्ते से मां गंगा का उद्गम स्थल प्रवाहित होता है वहां के जनसमुदाय को केवल लाभ ही लाभ प्राप्त होता है. गंगा का जल अमृत के समान है आज हम लोगों के कारण इस जल में विभिन्न तरीकों का अपशिष्ट पदार्थ प्रतिदिन प्रवाहित हो रहा है जिसे रोकना हम सभी का कर्तव्य है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="600" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/PNC_-Ganga-arati-mmahul.jpg" alt="" class="wp-image-65393" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/PNC_-Ganga-arati-mmahul.jpg 600w, https://www.patnanow.com/assets/2022/08/PNC_-Ganga-arati-mmahul-350x350.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2022/08/PNC_-Ganga-arati-mmahul-250x250.jpg 250w" sizes="(max-width: 600px) 100vw, 600px" /><figcaption>Gives </figcaption></figure>



<p>जिला परियोजना अधिकारी अमित कुमार सिंह ने कहा कि नमामि गंगे परियोजना हमेशा से लोगों को जागरूक करने के लिए गंगा किनारे विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करते आ रहा है और इन सभी कार्यक्रमों का मात्र एक ही उद्देश्य की गंगा ग्राम के प्रत्येक व्यक्ति गंगा को साफ रखने में अपनी सहभागिता प्रदान करें. गणमान्य अतिथि के रूप में कई लोग उपस्थित रहे इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विक्की कुमार सिंह सनी कुमार सिंह, धनु कुमार विशु कुमार धूम राजकुमार सागर कुमार पांडे इत्यादि गंगा दूदू का महत्वपूर्ण योगदान रहा.</p>



<p><strong>PNCB</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बाढ़ से बिहार में स्थिति विकराल</title>
		<link>https://www.patnanow.com/flood-in-bihar-2/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 13 Aug 2021 05:32:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[गांव -शहर]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[ARA]]></category>
		<category><![CDATA[bihar floods update]]></category>
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		<category><![CDATA[FLOOD]]></category>
		<category><![CDATA[ganga]]></category>
		<category><![CDATA[Katihar]]></category>
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					<description><![CDATA[सरकारी मदद अभी फाइलों में ही ,नहीं पहुंच पाई मदद लाखों की आबादी के सामने भोजन और आवास का संकट गंगा समेत कई नदियां उफान पर ,पटना राजधानी पर बढ़ा बाढ़ का संकट बिहार में बाढ़ से हालत गंभीर है वहीं सूबे के मुखिया ने बाढ़ प्रभावितों को हर सम्भव सहायता उपलब्ध कराने का आदेश जारी किया है ।बिहार के कई जिलों में गंगा नदी लगभग हर जगह खतरे के निशान को पार कर गई है. गंगा का पानी बक्सर से कटिहार तक, हर जगह खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. बिहार के बक्सर,शाहपुर,आरा, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार जिले में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।पटना में भी गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर जा चुका है जिससे इन शहरों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है.कई जगहों पर जिला प्रशासन ने कई जगह खतरनाक घाट घोषित कर रखा है और बोर्ड लगा दिया है। पटना में गंगा नदी का जलस्तर पिछले 4 दिनों में तेजी से बढ़ रहा है जिससे निचले इलाकों में पानी प्रवेश कर गया है।अब पटना शहर में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. बक्सर में गंगा नदी खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है वही पटना के दीघा इलाके में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर ऊपर था. पटना के गांधी घाट पर गंगा नदी खतरे के निशान से 98 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बिहार की सभी नदियों में भारी बारिश के बाद नदियां उफान पर है ।समस्तीपुर में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>सरकारी मदद अभी फाइलों में ही ,नहीं पहुंच पाई मदद</strong></p>



<p><strong>लाखों की आबादी के सामने भोजन और आवास का संकट </strong></p>



<p><strong>गंगा समेत कई नदियां उफान पर ,पटना राजधानी पर बढ़ा बाढ़ का संकट </strong></p>



<p>बिहार में बाढ़ से हालत गंभीर है वहीं सूबे के मुखिया ने बाढ़ प्रभावितों को हर सम्भव सहायता उपलब्ध कराने का आदेश जारी किया है ।बिहार के कई जिलों में गंगा नदी लगभग हर जगह खतरे के निशान को पार कर गई है. गंगा का पानी बक्सर से कटिहार तक, हर जगह खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. बिहार के बक्सर,शाहपुर,आरा, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार जिले में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।पटना में भी गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर जा चुका है जिससे इन शहरों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है.कई जगहों पर जिला प्रशासन ने कई जगह खतरनाक घाट घोषित कर रखा है और बोर्ड लगा दिया है।</p>



<p>पटना में गंगा नदी का जलस्तर पिछले 4 दिनों में तेजी से बढ़ रहा है जिससे निचले इलाकों में पानी प्रवेश कर गया है।अब पटना शहर में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. बक्सर में गंगा नदी खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है वही पटना के दीघा इलाके में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर ऊपर था. पटना के गांधी घाट पर गंगा नदी खतरे के निशान से 98 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बिहार की सभी नदियों में भारी बारिश के बाद नदियां उफान पर है ।समस्तीपुर में गंगा विकराल रूप धारण कर चुकी है जिससे 1 लाख से अधिक की आबादी त्राहिमाम कर रही है।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="426" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/08/images-1-3-650x426.jpeg" alt="" class="wp-image-54803" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/08/images-1-3-650x426.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/08/images-1-3-350x229.jpeg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2021/08/images-1-3.jpeg 684w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p> लाखों हेक्टेयर में लगी फसल भी बर्बाद हो गई है। बक्सर में सबसे अधिक 4 गुना अधिक पानी आ जाने से कई जगहों पर कटाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। गुरुवार को बक्सर में 1.04 लाख क्यूसेक पानी पहुंचा है जिससे अधिकारियों के होश उड़ गए हैं पटना शहर में पानी न पहुंचे इसके लिए सभी गेट बंद कर दिए गए हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="400" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/08/images-1-2-1.jpeg" alt="" class="wp-image-54804" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/08/images-1-2-1.jpeg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/08/images-1-2-1-350x215.jpeg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="292" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/08/Screenshot_20210813_110011.jpg" alt="" class="wp-image-54806" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/08/Screenshot_20210813_110011.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/08/Screenshot_20210813_110011-350x157.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>
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		<title>पूजा के नाम पर गंदगी फैलाना छोड़िए जनाब</title>
		<link>https://www.patnanow.com/ganga-in-not-your-dustbin/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amit Verma]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 28 Sep 2017 13:27:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[ganga]]></category>
		<category><![CDATA[garbage]]></category>
		<category><![CDATA[murti visarjan]]></category>
		<category><![CDATA[गंगा घाट]]></category>
		<category><![CDATA[पटना नगर निगम]]></category>
		<category><![CDATA[मूर्ति विसर्जन]]></category>
		<category><![CDATA[सीता साहू]]></category>
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					<description><![CDATA[मूर्ति विसर्जन को लेकर पटना नगर निगम प्रशासन ने प्रमुख घाट गाय घाट और भद्र घाट का निरीक्षण किया. साथ ही मूर्ति विसर्जन में कोई परेशानी न हो इसके लिए नगर निगम टीम को घाटों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया. इस मौके पर नगर निगम आयुक्त अभिषेक सिंह और पटना नगर निगम की महापौर सीता साहू समेत नगर निगम की टीम भी मौजूद थी. नगर निगम आयुक्त और महापौर का कहना था कि मूर्ति विसर्जन के लिए दो घाट प्रमुख हैं. दुर्गा पूजा समिति के आयोजक भद्र घाट और गाय घाट में मूर्ति विसर्जन करते हैं. इसलिए दोनों घाटों पर मूर्ति विसर्जन में कोई परेशानी न हो इसके लिए दोनों घाट को दुरुस्त किया जाएगा और लाइट की व्यवस्था की जाएगी. ताकि रात में भी मूर्ति विसर्जन किया जा सके. वही नगर निगम आयुक्त ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि मूर्ति विसर्जन के दौरान मूर्ति के अलावा अन्य पूजन सामग्री को घाट पर रखे गए डस्टबिन में डालें ताकि गंगा में कचरा न जाये और गंगा भी स्वच्छ रह सके. &#160; पटना से अरुण]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मूर्ति विसर्जन को लेकर पटना नगर निगम प्रशासन ने प्रमुख घाट गाय घाट और भद्र घाट का निरीक्षण किया. साथ ही मूर्ति विसर्जन में कोई परेशानी न हो इसके लिए नगर निगम टीम को घाटों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया. इस मौके पर नगर निगम आयुक्त अभिषेक सिंह और पटना नगर निगम की महापौर सीता साहू समेत नगर निगम की टीम भी मौजूद थी.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-23861" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/09/pnc-nagar-ayukt-with-patna-mayor1.jpg" alt="" width="640" height="352" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/09/pnc-nagar-ayukt-with-patna-mayor1.jpg 640w, https://www.patnanow.com/assets/2017/09/pnc-nagar-ayukt-with-patna-mayor1-350x193.jpg 350w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>
<p>नगर निगम आयुक्त और महापौर का कहना था कि मूर्ति विसर्जन के लिए दो घाट प्रमुख हैं. दुर्गा पूजा समिति के आयोजक भद्र घाट और गाय घाट में मूर्ति विसर्जन करते हैं. इसलिए दोनों घाटों पर मूर्ति विसर्जन में कोई परेशानी न हो इसके लिए दोनों घाट को दुरुस्त किया जाएगा और लाइट की व्यवस्था की जाएगी. ताकि रात में भी मूर्ति विसर्जन किया जा सके.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-23862" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/09/pnc-patna-mayor-sita-sahu.jpg" alt="" width="640" height="352" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/09/pnc-patna-mayor-sita-sahu.jpg 640w, https://www.patnanow.com/assets/2017/09/pnc-patna-mayor-sita-sahu-350x193.jpg 350w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>
<p>वही नगर निगम आयुक्त ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि मूर्ति विसर्जन के दौरान मूर्ति के अलावा अन्य पूजन सामग्री को घाट पर रखे गए डस्टबिन में डालें ताकि गंगा में कचरा न जाये और गंगा भी स्वच्छ रह सके.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पटना से अरुण</p>
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