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	<title>Forest department meeting &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>बिहार के पांच और वेटलैंड्स को रामसर साइट घोषित कराने के लिए प्रयास जारी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 09 Sep 2024 17:35:10 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पटना।। डॉ प्रेम कुमार, मंत्री, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार की अध्यक्षता में बिहार राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण की चतुर्थ बैठक अरण्य भवन, पटना में दिनांक- 09.09.2024 को आयोजित की गई. बैठक में बिहार राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण की तृतीय बैठक की कार्यवाही के अनुपालन की स्थिति डॉ० के० गणेश कुमार, सदस्य सचिव, बिहार राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकारण के द्वारा प्रस्तुत की गई. राज्य के आर्द्रभूमियों के बेहतर प्रबंधन एवं संरक्षण हेतु प्राधिकरण द्वारा सर्वसम्मति से कई निर्णय लिये गये. अगले चरण में राज्य के 100 हे० से बड़े 33 आर्द्रभूमियों की संक्षिप्त दस्तावेज, स्वास्थ्य कार्ड एवं आर्द्रभूमि मित्र तैयार करने हेतु स्वीकृति दी गई. प्राधिकरण द्वारा 36 आर्द्रभूमियों की आर्द्रभूमि (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियम, 2017 के अनुसार आर्द्रभूमि के रूप में अधिसूचना पर आवश्यक कार्रवाई करने हेतु स्वीकृति प्राप्त हुई है. बेगूसराय वन प्रमंडल अन्तर्गत कांवरताल (रामसर साईट) आर्द्रभूमि की समेकित प्रबंधन योजना पर प्राधिकरण से अनुमोदन प्राप्त की गई है. राज्य के 05 महत्वपूर्ण आर्द्रभूमियों (मोनिकामन एवं नरसन चौर (तिरहुत), कठियो चौर (बेगूसराय), सरोतर झील (मोतिहारी), सोनकी सुईया भागर (भोजपुर) को रामसर साईट घोषित करने हेतु कार्रवाई की जायेगी. बैठक में बन्दना प्रेयषी, सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक-सह-मुख्य वन्यप्राणी प्रतिपालक, प्रधान सचिव, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, पर्यटन विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, जल संसाधन विभाग एवं लघु जल संसाधन विभाग के प्रतिनिधि, सदस्य सचिव, बिहार राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण, बिहार, निदेशक, रिमोट सेंसिंग एप्लिकेशन सेन्टर, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के प्रतिनिधि एवं [&#8230;]]]></description>
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<p>पटना।। डॉ प्रेम कुमार, मंत्री, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार की अध्यक्षता में बिहार राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण की चतुर्थ बैठक अरण्य भवन, पटना में दिनांक- 09.09.2024 को आयोजित की गई. बैठक में बिहार राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण की तृतीय बैठक की कार्यवाही के अनुपालन की स्थिति डॉ० के० गणेश कुमार, सदस्य सचिव, बिहार राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकारण के द्वारा प्रस्तुत की गई.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="884" height="552" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000066531.jpg" alt="" class="wp-image-86847" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000066531.jpg 884w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000066531-650x406.jpg 650w" sizes="(max-width: 884px) 100vw, 884px" /></figure>



<p>राज्य के आर्द्रभूमियों के बेहतर प्रबंधन एवं संरक्षण हेतु प्राधिकरण द्वारा सर्वसम्मति से कई निर्णय लिये गये. अगले चरण में राज्य के 100 हे० से बड़े 33 आर्द्रभूमियों की संक्षिप्त दस्तावेज, स्वास्थ्य कार्ड एवं आर्द्रभूमि मित्र तैयार करने हेतु स्वीकृति दी गई. प्राधिकरण द्वारा 36 आर्द्रभूमियों की आर्द्रभूमि (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियम, 2017 के अनुसार आर्द्रभूमि के रूप में अधिसूचना पर आवश्यक कार्रवाई करने हेतु स्वीकृति प्राप्त हुई है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="561" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000066530-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-86849" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000066530-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000066530-650x356.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बेगूसराय वन प्रमंडल अन्तर्गत कांवरताल (रामसर साईट) आर्द्रभूमि की समेकित प्रबंधन योजना पर प्राधिकरण से अनुमोदन प्राप्त की गई है. राज्य के 05 महत्वपूर्ण आर्द्रभूमियों (मोनिकामन एवं नरसन चौर (तिरहुत), कठियो चौर (बेगूसराय), सरोतर झील (मोतिहारी), सोनकी सुईया भागर (भोजपुर) को रामसर साईट घोषित करने हेतु कार्रवाई की जायेगी. बैठक में बन्दना प्रेयषी, सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक-सह-मुख्य वन्यप्राणी प्रतिपालक, प्रधान सचिव, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, पर्यटन विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, जल संसाधन विभाग एवं लघु जल संसाधन विभाग के प्रतिनिधि, सदस्य सचिव, बिहार राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण, बिहार, निदेशक, रिमोट सेंसिंग एप्लिकेशन सेन्टर, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के प्रतिनिधि एवं अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, राँची क्षेत्रीय कार्यालय, सोमनाथ बन्धोपाध्याय, एसोसिएट प्रोफेसर, डॉ रमन कुमार त्रिवेदी, निदेशक, बिहार पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय, डॉ सूर्यभूषण, सहायक प्रोफेसर, विकास प्रबंधन संस्थान, पटना, निदेशक, वेटलैंड इन्टरनेशनल दक्षिण एशिया, जलवायु परिवर्तन संभाग से आर्द्रभूमि विशेषज्ञ, जैव विविधता विशेषज्ञ, GIS Analyst एवं अन्य विशेषज्ञ उपस्थित रहे.</p>



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