<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>flood in bihar &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<atom:link href="https://www.patnanow.com/tag/flood-in-bihar/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<description>Patna News Portal - हर ख़बर पर नज़र</description>
	<lastBuildDate>Wed, 13 Aug 2025 08:49:08 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.7.3</generator>

<image>
	<url>https://www.patnanow.com/assets/2022/08/cropped-PatnaNow_Logo_2022-32x32.png</url>
	<title>flood in bihar &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>सीएम नीतीश ने की बाढ़ राहत और बचाव कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा</title>
		<link>https://www.patnanow.com/nitish-did-a-high-level-review-of-flood-relief-and-rescue-operations/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 13 Aug 2025 08:45:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
		<category><![CDATA[BSDMA]]></category>
		<category><![CDATA[Disaster management Bihar]]></category>
		<category><![CDATA[flood in bihar]]></category>
		<category><![CDATA[nitish kumar cm]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=91450</guid>

					<description><![CDATA[10 जिलों के 54 प्रखंडों की 348 पंचायतों में लगभग 25 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित 52,573 प्रभावित परिवारों के बीच 1,800 क्विंटल चावल और अन्य सामग्री वितरित हथुआ, पटना, सारण, वैशाली, छपरा, लखीसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार जिले विशेष रूप से प्रभावित पटना, 13 अगस्त 2025मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज 1, अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए. उन्होंने राज्य की नदियों के जलस्तर की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली. बैठक में विकास आयुक्त और आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने मुख्यमंत्री को बाढ़ की स्थिति, नदियों के जलस्तर और प्रभावित जिलों की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अधिक वर्षा के कारण गंडक नदी के किनारे स्थित हथुआ, पटना, सारण, वैशाली, छपरा, लखीसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार जिले विशेष रूप से प्रभावित हुए हैं. इन 10 जिलों के 54 प्रखंडों की 348 पंचायतों में लगभग 25 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित है.अब तक NDRF की 7 और SDRF की 9 टीमें राहत व बचाव कार्य में लगी हैं. 60 मोटरबोट और 1,233 नावों के जरिए कार्य जारी है.52,573 प्रभावित परिवारों के बीच 1,800 क्विंटल चावल और अन्य सामग्री वितरित की जा चुकी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ग्रस्त इलाकों में समुचित राहत, पुनर्वास और चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं. पशुओं के लिए चारा और पशुचिकित्सा की व्यवस्था की जाए. प्रभावित लोगों के बीच अनुग्रह अनुदान (GR) राशि [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>10 जिलों के 54 प्रखंडों की 348 पंचायतों में लगभग 25 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित</strong></p>



<p><strong>52,573 प्रभावित परिवारों के बीच 1,800 क्विंटल चावल और अन्य सामग्री वितरित</strong></p>



<p><strong>हथुआ, पटना, सारण, वैशाली, छपरा, लखीसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार</strong> <strong>जिले विशेष रूप से प्रभावित </strong></p>



<p><strong>पटना, 13 अगस्त 2025</strong><br>मुख्यमंत्री<strong> नीतीश कुमार</strong> ने आज 1, अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए. उन्होंने राज्य की नदियों के जलस्तर की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="706" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/70153025-8da6-4543-baa2-ba690826c6a5-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91451" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/70153025-8da6-4543-baa2-ba690826c6a5-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/08/70153025-8da6-4543-baa2-ba690826c6a5-650x448.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बैठक में विकास आयुक्त और आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव <strong> प्रत्यय अमृत</strong> ने मुख्यमंत्री को बाढ़ की स्थिति, नदियों के जलस्तर और प्रभावित जिलों की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अधिक वर्षा के कारण गंडक नदी के किनारे स्थित <strong>हथुआ, </strong><strong>पटना, </strong><strong>सारण, </strong><strong>वैशाली, </strong><strong>छपरा, </strong><strong>लखीसराय, </strong><strong>मुंगेर, </strong><strong>खगड़िया, </strong><strong>भागलपुर और कटिहार</strong> जिले विशेष रूप से प्रभावित हुए हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="460" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/cb6f5271-4852-46c8-b2f2-7ae62f8faaf0-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91452" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/cb6f5271-4852-46c8-b2f2-7ae62f8faaf0-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/08/cb6f5271-4852-46c8-b2f2-7ae62f8faaf0-650x292.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इन 10 जिलों के 54 प्रखंडों की 348 पंचायतों में लगभग 25 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित है.<br>अब तक NDRF की 7 और SDRF की 9 टीमें राहत व बचाव कार्य में लगी हैं. 60 मोटरबोट और 1,233 नावों के जरिए कार्य जारी है.<br>52,573 प्रभावित परिवारों के बीच 1,800 क्विंटल चावल और अन्य सामग्री वितरित की जा चुकी है.</p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ग्रस्त इलाकों में समुचित राहत, पुनर्वास और चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं. पशुओं के लिए चारा और पशुचिकित्सा की व्यवस्था की जाए. प्रभावित लोगों के बीच अनुग्रह अनुदान (GR) राशि के त्वरित वितरण के लिए जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="581" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/606cd3ea-6e13-48e0-a2c5-ee2e6cbfaf3b-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91453" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/606cd3ea-6e13-48e0-a2c5-ee2e6cbfaf3b-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/08/606cd3ea-6e13-48e0-a2c5-ee2e6cbfaf3b-650x369.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बैठक में जल संसाधन विभाग, कृषि विभाग, सड़क निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग और ऊर्जा विभाग के सचिवों ने भी अपने-अपने विभागों से जुड़े राहत और बहाली कार्यों की जानकारी दी.<br>मुख्यमंत्री ने कहा कि नदियों के किनारे जलस्तर बढ़ने पर सरकार पूरी तरह सतर्क है और प्रभावित लोगों को हर संभव मदद तुरंत दी जाएगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="460" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/cb6f5271-4852-46c8-b2f2-7ae62f8faaf0-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91454" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/08/cb6f5271-4852-46c8-b2f2-7ae62f8faaf0-1-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/08/cb6f5271-4852-46c8-b2f2-7ae62f8faaf0-1-650x292.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>बाढ़ के कारण हुई फसल क्षति का त्वरित आकलन कर किसानों के बीच मुआवजा राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए.</li>



<li>सड़क और पुलों को हुए नुकसान की मरम्मत शीघ्र कराई जाए ताकि आवागमन में बाधा न हो.</li>



<li>SVI प्रक्रिया के अनुसार सभी राहत कार्य पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से किए जाएं.</li>
</ul>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>&#8216;बिहार का बाढ़ प्रबंधन मॉडल देश के लिए रोल मॉडल&#8217;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bihar-towards-productive-production-management-in-a-multi-disaster-state/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 07 Jul 2025 12:04:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[गांव -शहर]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[बाढ़ अपडेट]]></category>
		<category><![CDATA[bihar flood]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar: Towards productive production management in a multi-disaster state]]></category>
		<category><![CDATA[bihardmd]]></category>
		<category><![CDATA[BSDMA]]></category>
		<category><![CDATA[CM NITISH]]></category>
		<category><![CDATA[deepak kumar sro]]></category>
		<category><![CDATA[deepakkumarsro]]></category>
		<category><![CDATA[flood in bihar]]></category>
		<category><![CDATA[Kosi flood]]></category>
		<category><![CDATA[nitish kumar]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[sro bsdma deepak]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=90984</guid>

					<description><![CDATA[राज्य के 28 जिले बाढ़ प्रभावित की श्रेणी में आते हैं, जिनमें से 15 जिले अति प्रभावित माने जाते हैं. दीपक कुमार,वरीय शोध पदाधिकारी बिहार राज्य भौगोलिक, आर्थिक एवं सामाजिक रूप से एक बहुआपदा प्रवण क्षेत्र है. यदि केवल बाढ़ की बात करें, तो राज्य की लगभग 74% जनसंख्या और 73% क्षेत्रफल प्रतिवर्ष बाढ़ से प्रभावित होता है, जो कि देश के कुल बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का 17% है.बिहार की प्रमुख नदियाँ गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कमला, भुतही बलान, महानंदा, मैची, अधवारा समूह की धाराएं और कोसी तिब्बत-नेपाल हिमालय से निकलकर तीव्र गति से बिहार के मैदानी इलाकों में प्रवेश करती हैं. इन नदियों के तटीय क्षेत्रों सहित गंगा नदी के किनारे बसे मध्य बिहार के बड़े हिस्से को हर वर्ष बाढ़ जैसी आपदा का सामना करना पड़ता है. वर्तमान में राज्य के 28 जिले बाढ़ प्रभावित की श्रेणी में आते हैं, जिनमें से 15 जिले अति प्रभावित माने जाते हैं. इतिहास में 1987, 2004, 2008, 2017 और 2021 की बाढ़ों ने विशेष रूप से व्यापक जन-धन की क्षति पहुँचाई है. 2008 की कोसी त्रासदी, जो कुसाहा तटबंध टूटने के कारण आई, को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय आपदा घोषित किया गया था. इस आपदा के पश्चात केंद्र सरकार के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा राहत एवं पुनर्वास कार्यक्रम चलाए गए, जिनमें विश्व बैंक जैसी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही. प्रभावी बाढ़ प्रबंधन हेतु सरकार के प्रयास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार ने बाढ़ जैसी आपदाओं से प्रभावी रूप से निपटने हेतु कई ठोस कदम उठाए हैं, [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>राज्य के 28 जिले बाढ़ प्रभावित की श्रेणी में आते हैं, जिनमें से 15 जिले अति प्रभावित माने जाते हैं.</strong></p>



<p><strong>दीपक कुमार,वरीय शोध पदाधिकारी </strong></p>



<p>बिहार राज्य भौगोलिक, आर्थिक एवं सामाजिक रूप से एक बहुआपदा प्रवण क्षेत्र है. यदि केवल बाढ़ की बात करें, तो राज्य की लगभग <strong>74% जनसंख्या</strong> और <strong>73% क्षेत्रफल</strong> प्रतिवर्ष बाढ़ से प्रभावित होता है, जो कि देश के कुल बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का <strong>17%</strong> है.बिहार की प्रमुख नदियाँ  <strong>गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कमला, भुतही बलान, महानंदा, मैची, अधवारा समूह की धाराएं और कोसी</strong>  तिब्बत-नेपाल हिमालय से निकलकर तीव्र गति से बिहार के मैदानी इलाकों में प्रवेश करती हैं. इन नदियों के तटीय क्षेत्रों सहित गंगा नदी के किनारे बसे मध्य बिहार के बड़े हिस्से को हर वर्ष बाढ़ जैसी आपदा का सामना करना पड़ता है. वर्तमान में <strong>राज्य के 28 जिले बाढ़ प्रभावित</strong> की श्रेणी में आते हैं, जिनमें से <strong>15 जिले अति प्रभावित</strong> माने जाते हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="720" height="405" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar-floods-144910297-16x9_0.webp" alt="" class="wp-image-90985" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar-floods-144910297-16x9_0.webp 720w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar-floods-144910297-16x9_0-650x366.webp 650w" sizes="auto, (max-width: 720px) 100vw, 720px" /></figure>



<p>इतिहास में 1987, 2004, 2008, 2017 और 2021 की बाढ़ों ने विशेष रूप से व्यापक जन-धन की क्षति पहुँचाई है. <strong>2008 </strong><strong>की कोसी त्रासदी</strong>, जो कुसाहा तटबंध टूटने के कारण आई, को <strong>भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय आपदा</strong> घोषित किया गया था. इस आपदा के पश्चात केंद्र सरकार के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा राहत एवं पुनर्वास कार्यक्रम चलाए गए, जिनमें <strong>विश्व बैंक</strong> जैसी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="517" height="347" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/deepak.png" alt="दीपक कुमार,वरीय शोध पदाधिकारी " class="wp-image-90986"/></figure>



<p><strong>प्रभावी बाढ़ प्रबंधन हेतु सरकार के प्रयास</strong><strong></strong></p>



<p><strong>मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार</strong> के नेतृत्व में बिहार सरकार ने बाढ़ जैसी आपदाओं से प्रभावी रूप से निपटने हेतु कई ठोस कदम उठाए हैं, जिनमें प्रमुख हैं:</p>



<ul class="wp-block-list">
<li><strong>राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (</strong><strong>BSDMA)</strong> की स्थापना एवं आपदा प्रबंधन विभाग को सुदृढ़ बनाना</li>



<li><strong>अंतर-विभागीय समेकित कार्यक्रम</strong> का क्रियान्वयन एवं समन्वय</li>



<li><strong>राज्य आपदा मोचन बल (</strong><strong>SDRF)</strong> का गठन</li>



<li><strong>आपदा पूर्व सूचना प्रणाली</strong> को सशक्त बनाना</li>



<li>बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में <strong>आश्रय स्थलों</strong> का निर्माण</li>



<li><strong>ऊँचाई वाले सुरक्षित स्थानों</strong> पर पक्के मकानों के लिए योजनाओं का संचालन</li>



<li><strong>सात निश्चय कार्यक्रम</strong> के अंतर्गत बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना</li>



<li><strong>&#8216;</strong><strong>जीविका</strong><strong>&#8216; </strong><strong>परियोजना</strong> के अंतर्गत आजीविका संवर्धन</li>



<li><strong>प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों</strong> को आपदा के समय संचालन योग्य बनाना</li>



<li>तटबंधों का <strong>सुदृढ़ीकरण एवं रखरखाव</strong>, तथा <strong>स्थानीय निगरानी प्रणाली</strong> का सशक्तीकरण</li>
</ul>



<p><strong>जन-जागरूकता और प्रशिक्षण</strong><strong></strong></p>



<p>बाढ़ से निपटने हेतु नागरिकों की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है. इसी उद्देश्य से बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा <strong>जन-जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों</strong> का संचालन किया जा रहा है, जिनमें शामिल हैं:</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>बाढ़ के दौरान <strong>सुरक्षित स्थानों</strong> पर जाने की पूर्व तैयारी</li>



<li>प्रतिवर्ष <strong>बाढ़ पूर्व पखवाड़ा</strong> का आयोजन</li>



<li><strong>मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम</strong> के माध्यम से बच्चों को आपदा के प्रति संवेदनशील बनाना</li>



<li><strong>सुरक्षित तैराकी</strong> कार्यक्रम</li>



<li><strong>आपदा मित्रों</strong>, सामुदायिक स्वास्थ्य कर्मियों, एवं विभिन्न विभागों के कर्मचारियों का प्रशिक्षण</li>



<li><strong>स्थानीय कलाकारों</strong> द्वारा नुक्कड़ नाटक, लोकगीतों के माध्यम से संदेशों का प्रसार</li>



<li><strong>स्थानीय रेडियो</strong>, <strong>मोबाइल संदेश</strong>, <strong>लघु फिल्में</strong>, एवं <strong>होर्डिंग्स</strong> के माध्यम से जागरूकता</li>
</ul>



<p><strong>2024: </strong><strong>बिहार की बाढ़ प्रबंधन में ऐतिहासिक सफलता</strong><strong></strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="851" height="626" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar_-e1728024702748.png" alt="" class="wp-image-90987" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar_-e1728024702748.png 851w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/bihar_-e1728024702748-650x478.png 650w" sizes="auto, (max-width: 851px) 100vw, 851px" /></figure>



<p>वर्ष 2024 में कोसी नदी में <strong>अब तक का सर्वाधिक जल प्रवाह दर्ज</strong> किया गया, जो कोसी बैराज की अधिकतम क्षमता के करीब पहुँच गया था. इसके बावजूद, <strong>किसी भी मानवीय जान का नुकसान नहीं हुआ</strong>, जो कि राज्य की <strong>पूर्व तैयारी</strong><strong>, </strong><strong>सूचना प्रसारण</strong><strong>, </strong><strong>जन-भागीदारी और प्रभावी समन्वय</strong> का परिणाम है.</p>



<p>यह उपलब्धि बिहार के लिए एक <strong>गौरवपूर्ण क्षण</strong> है और यह दर्शाता है कि राज्य अब बाढ़ जैसी आपदा से केवल जूझ नहीं रहा, बल्कि उस पर <strong>विजय प्राप्त कर रहा है</strong>. वर्तमान प्रणाली और प्रबंधन मॉडल को <strong>देश के लिए एक रोल मॉडल</strong> के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है.</p>



<p>pncdesk</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गंडक बराज से छोड़ा गया पानी कई गांव डूबे</title>
		<link>https://www.patnanow.com/water-released-from-gandak-barrage-submerged-many-villages/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 07 Jul 2023 04:45:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[betiya]]></category>
		<category><![CDATA[FLOOD]]></category>
		<category><![CDATA[flood in bihar]]></category>
		<category><![CDATA[gandak baraj]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=76121</guid>

					<description><![CDATA[गंगा, कोसी, बागमती भी है उफान पर बिहार के 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों में भय का महौल बिहार के 8 जिलों में आज भारी बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है. नेपाल और बिहार में लगातार हुई बारिश के बाद कई नदियां उफान पर हैं. गंगा, कोसी और बागमती के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. हालांकि, अब भी बिहार में सामान्य से 24% कम बारिश हुई है. बेतिया में गंडक बराज से छोड़े गए पानी में कई गांव डूब गए हैं. योगापट्टी प्रखंड की 5 पंचायतों के आधा दर्जन गांव से संपर्क टूट गया है. गंडक नदी के जलस्तर में उफान से दियारावर्ती इलाके में चारों तरफ पानी फैल गया है. पानी बढ़ने से सिसवां मंगलपुर पंचायत का मतधातापुर गोड टोली, भस्हवा जरलपुर, खुटवनिया पंचायत का नया टोला, जरलपुर पंचायत का शाही बाजार, गजना बैसिया, ढढवा पंचायत का रमना रेता, भवानीपुर पंचायत का भवानीपुर बालेश्वर सिंह टोला सहित दर्जनों गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है.पानी धीरे-धीरे गांव में घुसने के कगार पर है. नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों में भय का महौल है. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि आने-जाने के लिए केवल एक निजी नाव सहारा है. स्थानीय प्रशासन ने अब तक कोई मदद नहीं की है. मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि एक सिस्टम मध्य उत्तर प्रदेश के ऊपर में बना हुआ है. इसका प्रभाव राज्य के ऊपर पड़ रहा है. इससे अगले 24 घंटों तक बारिश की संभावना है. इसके साथ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p></p>



<p><strong>गंगा, कोसी, बागमती भी है  उफान पर</strong></p>



<p class="has-vivid-red-color has-text-color"><strong>बिहार के 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट</strong></p>



<p><strong>नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों में भय का महौल</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="364" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/betiya-650x364.png" alt="" class="wp-image-76122" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/betiya-650x364.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/betiya-350x196.png 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/betiya-768x430.png 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/betiya.png 972w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>बिहार के 8 जिलों में आज भारी बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है. नेपाल और बिहार में लगातार हुई बारिश के बाद कई नदियां उफान पर हैं. गंगा, कोसी और बागमती के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. हालांकि, अब भी बिहार में सामान्य से 24% कम बारिश हुई है. बेतिया में गंडक बराज से छोड़े गए पानी में कई गांव डूब गए हैं. योगापट्टी प्रखंड की 5 पंचायतों के आधा दर्जन गांव से संपर्क टूट गया है. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="371" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/flood-650x371.png" alt="" class="wp-image-76126" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/flood-650x371.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/flood-350x200.png 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/flood.png 700w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>गंडक नदी के जलस्तर में उफान से दियारावर्ती इलाके में चारों तरफ पानी फैल गया है. पानी बढ़ने से सिसवां मंगलपुर पंचायत का मतधातापुर गोड टोली, भस्हवा जरलपुर, खुटवनिया पंचायत का नया टोला, जरलपुर पंचायत का शाही बाजार, गजना बैसिया, ढढवा पंचायत का रमना रेता, भवानीपुर पंचायत का भवानीपुर बालेश्वर सिंह टोला सहित दर्जनों गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है.पानी धीरे-धीरे गांव में घुसने के कगार पर है. नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों में भय का महौल है. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि आने-जाने के लिए केवल एक निजी नाव सहारा है. स्थानीय प्रशासन ने अब तक कोई मदद नहीं की है. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/gandak-bairaj-650x488.png" alt="" class="wp-image-76124" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/07/gandak-bairaj-650x488.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/gandak-bairaj-350x263.png 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/07/gandak-bairaj.png 720w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि एक सिस्टम मध्य उत्तर प्रदेश के ऊपर में बना हुआ है. इसका प्रभाव राज्य के ऊपर पड़ रहा है. इससे अगले 24 घंटों तक बारिश की संभावना है. इसके साथ ही आकाशीय बिजली भी गिरने की आशंका है.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नेपाल में जल सैलाब से बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर</title>
		<link>https://www.patnanow.com/flood-situation-serious-in-bihar-due-to-water-inundation-in-nepal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 05 Jul 2022 04:18:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[बाढ़ अपडेट]]></category>
		<category><![CDATA[31 person died in lighting]]></category>
		<category><![CDATA[flood in bihar]]></category>
		<category><![CDATA[kosi]]></category>
		<category><![CDATA[mahananda]]></category>
		<category><![CDATA[nepal]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=64182</guid>

					<description><![CDATA[सीतामढ़ी में खतरे के निशान के ऊपर बागमतीखुद अपना घर उजाड़ने को मजबूर लोगवज्रपात से पिछले 5 दिनों में 31 मौत नेपाल में लगातार हो रही बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. सीतामढ़ी में बागमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. यहां नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. बागमती नदी की धारा मेजरगंज प्रखंड में रुसूलपुर गांव के पास पहुंच गई है. रुसूलपुर गांव के पास से बागमती नदी गुजरती है. नेपाल सहित सीतामढ़ी में हुई भारी बारिश के कारण बागमती नदी उफान पर है. जिसके कारण नदी किनारे मिट्टी का कटाव जारी है.जिला प्रशासन ने कटाव रोकने के लिए खानापूर्ति करते हुए नदी में बांस डाल दिया है. बांस के बीच में बोरा में बालू-मिट्टी भरकर रख दिया गया है. नदी किनारे बड़े पेड़ डाल दिए गए हैं, लेकिन कटाव को रोकने के लिए यह नाकाफी हैं. रुसूलपुर गांव में बाढ़ कभी भी आ सकता है. लोग अपने घरों का ईट, झोपड़ी का घास, अन्य सामान दूसरे जगहों पर ले जा रहे हैं. ताकी बाढ़ में यह सब बह न जाए. स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि बहुत मेहनत से कमा के पैसा जमा कर घर बनाए थे. अब खुद इसे तोड़ना पड़ रहा है. बहुत दुख है. बाढ़ के खतरे से बचने के लिए प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. हर बार आश्वासन दिया जाता है, लेकिन प्रशासन कुछ नहीं करता है. राज्य में सोमवार के दिन भी मौसम मेहरबान रहने वाला है. राज्य के सभी जिलों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p></p>



<p><strong>सीतामढ़ी में खतरे के निशान के ऊपर बागमती</strong><br><strong>खुद अपना घर उजाड़ने को मजबूर लोग</strong><br><strong>वज्रपात से पिछले 5 दिनों में 31 मौत</strong><br><br>नेपाल में लगातार हो रही बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. सीतामढ़ी में बागमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. यहां नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. बागमती नदी की धारा मेजरगंज प्रखंड में रुसूलपुर गांव के पास पहुंच गई है. रुसूलपुर गांव के पास से बागमती नदी गुजरती है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="400" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/flood2.png" alt="" class="wp-image-64185" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/flood2.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/07/flood2-350x215.png 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><br>नेपाल सहित सीतामढ़ी में हुई भारी बारिश के कारण बागमती नदी उफान पर है. जिसके कारण नदी किनारे मिट्टी का कटाव जारी है.जिला प्रशासन ने कटाव रोकने के लिए खानापूर्ति करते हुए नदी में बांस डाल दिया है. बांस के बीच में बोरा में बालू-मिट्टी भरकर रख दिया गया है. नदी किनारे बड़े पेड़ डाल दिए गए हैं, लेकिन कटाव को रोकने के लिए यह नाकाफी हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="443" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/BIHAR-flood-650x443.jpg" alt="" class="wp-image-64183" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/BIHAR-flood-650x443.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/07/BIHAR-flood-350x239.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2022/07/BIHAR-flood-130x90.jpg 130w, https://www.patnanow.com/assets/2022/07/BIHAR-flood.jpg 660w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>रुसूलपुर गांव में बाढ़ कभी भी आ सकता है. लोग अपने घरों का ईट, झोपड़ी का घास, अन्य सामान दूसरे जगहों पर ले जा रहे हैं. ताकी बाढ़ में यह सब बह न जाए. स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि बहुत मेहनत से कमा के पैसा जमा कर घर बनाए थे. अब खुद इसे तोड़ना पड़ रहा है. बहुत दुख है. बाढ़ के खतरे से बचने के लिए प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. हर बार आश्वासन दिया जाता है, लेकिन प्रशासन कुछ नहीं करता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="400" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/flood-1.png" alt="" class="wp-image-64184" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/flood-1.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/07/flood-1-350x215.png 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>राज्य में सोमवार के दिन भी मौसम मेहरबान रहने वाला है. राज्य के सभी जिलों में बूंदाबांदी दिखेगी. बीते दिन पटना में दिन में भीषण गर्मी पड़ी, लेकिन रात में बारिश की वजह से राहत मिली. पिछले 5 दिनों से राज्य के अलग-अलग जिलों में बारिश हुई है. मौसम विभाग की मानें तो अगले 5 जुलाई तक अलग-अलग जिलों में बारिश की संभावना है.<br>मौसम विभाग ने राज्य के सभी जिलों में बारिश के साथ साथ वज्रपात की भी आशंका जताई है. मौसम विभाग ने लोगों को बिना काम घर से बाहर न जाने की अपील की है. विभाग ने लोगों को पक्के के मकानों में शरण लेने को कहा है. वज्रपात के कारण पिछले 5 दिनों में 31 जानें ले लीं. बुधवार को 16, गुरुवार को 5, शुक्रवार को 5, शनिवार को 5 लोगों ने जान गवाई थी. वज्रपात से जिनकी भी मौत हुई, बिहार के सीएम  नीतीश कुमार ने उनके परिजनों को 4 लाख रुपए मुआवजा देने की बात कही.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
