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	<title>Environment &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के बारे में जानेंगे बच्चे, लोगों को करेंगे जागरूक</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 16 May 2025 13:37:32 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पटना।। बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् द्वारा राज्य के विद्यालयों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं में पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण के प्रति जागरूकता अभिवर्धित करने के उद्देश्य से 17 मई, 2025 को ज्ञान भवन, पटना में प्रातः 09ः30 बजे से संध्या 06 बजे तक कई कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं. (क) स्थल चित्रकारी प्रतियोगिता-प्रातः 09ः30 बजे से 10ः30 बजे तक वर्ग 01 से 10 तक के छात्र-छात्राओं के लिए. इस प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु राज्य से 1350 से अधिक छात्र-छात्राओं द्वारा निबंधन कराया गया है.पाँच वर्गों में विभक्त इस प्रतियोगिता में वर्ग 01,02,03,04 एवं 05 के अन्तर्गत क्रमशः कक्षा 01 एवं 02; कक्षा 03 एवं 04; कक्षा 05 एवं 06; कक्षा 07 एवं 08 तथा कक्षा 09 एवं 10 के प्रतिभागी भाग लेंगे.(ख) निबंध लेखन प्रतियोगिता-पूर्वाहनः 11ः30 बजे से मध्याह्न 12ः00 बजे तक वर्ग 09 से 10 तक तथा वर्ग 11 एवं 12 के छात्र-छात्राओं के लिए.प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मीडिया कंसल्टेंट वीरेंद्र कुमार ने बताया कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए राज्य के 500 से अधिक छात्र-छात्राओं ने अपना निबंधन कराया है. लेख का विषय प्रतियोगिता स्थल पर ही घोषित किया जायेगा. 300 शब्दों के लेख को प्रतिभागी छात्र हिन्दी अथवा अंग्रेजी भाषा में लिख सकते हैं.(ग) क्विज प्रतियोगितायह प्रतियोगिता वर्ग 09 से 12 तक के छात्र-छात्राओं के लिए होगी. यह प्रतियोगिता अपराह्न 02ः00 बजे से संध्या 06 बजे तक चलेगी. इस प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु राज्य में करीब 250 प्रतिभागियों ने निबंधन कराया है. क्विज प्रतियोगिता का संचालन मशहूर क्विज मास्टर वेंक्टेश श्रीनिवासन, [&#8230;]]]></description>
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<p>पटना।। बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् द्वारा राज्य के विद्यालयों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं में पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण के प्रति जागरूकता अभिवर्धित करने के उद्देश्य से 17 मई, 2025 को ज्ञान भवन, पटना में प्रातः 09ः30 बजे से संध्या 06 बजे तक कई कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="300" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/04/pnc-Bihar-Pollution-control-Board-BPCB-pAtna.jpg" alt="" class="wp-image-45016" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/04/pnc-Bihar-Pollution-control-Board-BPCB-pAtna.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/04/pnc-Bihar-Pollution-control-Board-BPCB-pAtna-350x162.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>(क) स्थल चित्रकारी प्रतियोगिता-<br>प्रातः 09ः30 बजे से 10ः30 बजे तक वर्ग 01 से 10 तक के छात्र-छात्राओं के लिए. इस प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु राज्य से 1350 से अधिक छात्र-छात्राओं द्वारा निबंधन कराया गया है.<br>पाँच वर्गों में विभक्त इस प्रतियोगिता में वर्ग 01,02,03,04 एवं 05 के अन्तर्गत क्रमशः कक्षा 01 एवं 02; कक्षा 03 एवं 04; कक्षा 05 एवं 06; कक्षा 07 एवं 08 तथा कक्षा 09 एवं 10 के प्रतिभागी भाग लेंगे.<br>(ख) निबंध लेखन प्रतियोगिता-<br>पूर्वाहनः 11ः30 बजे से मध्याह्न 12ः00 बजे तक वर्ग 09 से 10 तक तथा वर्ग 11 एवं 12 के छात्र-छात्राओं के लिए.<br>प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मीडिया कंसल्टेंट वीरेंद्र कुमार ने बताया कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए राज्य के 500 से अधिक छात्र-छात्राओं ने अपना निबंधन कराया है. लेख का विषय प्रतियोगिता स्थल पर ही घोषित किया जायेगा. 300 शब्दों के लेख को प्रतिभागी छात्र हिन्दी अथवा अंग्रेजी भाषा में लिख सकते हैं.<br>(ग) क्विज प्रतियोगिता<br>यह प्रतियोगिता वर्ग 09 से 12 तक के छात्र-छात्राओं के लिए होगी. यह प्रतियोगिता अपराह्न 02ः00 बजे से संध्या 06 बजे तक चलेगी. इस प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु राज्य में करीब 250 प्रतिभागियों ने निबंधन कराया है. क्विज प्रतियोगिता का संचालन मशहूर क्विज मास्टर वेंक्टेश श्रीनिवासन, बेगलुरू द्वारा किया जायेगा.  प्रारंभ में 30 प्रश्नों में सर्वाधिक सही उत्तर देने वाले प्रतिभागी ही अगले चरणों की प्रतियोगिता में भाग ले सकेंगे. क्विज प्रतियोगिता में सर्वोत्तम अंक लाने वाले तीन प्रतिभागियों को क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार से पुरस्कृत किया जायेगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="300" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/04/PNC-GYAN-BHAWAN-BAPU-SABHAGAR-PATNA.jpg" alt="" class="wp-image-44006" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/04/PNC-GYAN-BHAWAN-BAPU-SABHAGAR-PATNA.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/04/PNC-GYAN-BHAWAN-BAPU-SABHAGAR-PATNA-350x162.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>स्थल चित्रकारी व निबंध लेखन प्रतियोगिता में प्राप्त चित्रांकन तथा लेख के मूल्यांकन के पश्चात प्रत्येक वर्ग से सर्वोत्तम चित्रकारी / निबंध लिखने वाले तीन-तीन प्रतिभागियों को क्रमशः प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय पुरस्कार से पुरस्कृत किया जायेगा. सभी पुरस्कार विश्व पर्यावरण दिवस 05 जून, 2025 के अवसर पर ज्ञान भवन, पटना में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में प्रदान किये जायेंगे.<br>सफल घोषित प्रतिभागियों का नाम राज्य पर्षद् की वेबसाईट-<a href="https://bspcb.bihar.gov.in/">https://bspcb.bihar.gov.in/</a> पर प्रदर्शित किया जायेगा.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>पर्यावरण के लिए बढ़े कदम, हुआ वृक्षारोपण</title>
		<link>https://www.patnanow.com/hua-vriksharopan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 02 Jul 2024 04:54:40 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आरा,1 जुलाई. ग्लोबल वार्मिंग और बदलते जलवायु परिवर्तन ने आमजनों को हैरत में डाल दिया है. पिछले चार सालों में बढ़ी 5 डिग्री की गर्मी ने यह साबित कर दिया है कि आने वाले दिन मानव के लिए और भी मुश्किल वाले होंगे. पर्यावरणविद से लेकर रास्ट्राध्यक्ष जहाँ इस जलवायु परिवर्तन से चिंतित हो इसके समाधान में लगे हैं वहीं छोटे स्तर पर हर जगह जागरूक नागरिक भी इस जलवायु परिवर्तन से लड़ने की तरकीब सोच रहे हैं. सर्वविदित है कि पेड़ों के काटने और जल के दोहन का ही असर है कि आज भारी गर्मी और जल संकट का सामना मानव कर रहे हैं. जंगलो का सफाया कर कंक्रीट के मानवों द्वारा निर्मित जंगलों ने आज कृषि के लिए भूमि का भी संकट खड़ा कर दिया जिससे आने वाले समय मे अनाज का संकट भी मानवों को झेलना पड़ेगा. इस दिशा में सुधार करने के लिए पर्यावरण से बिना जुड़े मानव अपने अस्तित्व की कल्पना भी नही कर सकता है. इसलिए भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री ने कहा कि हर लोगों को माँ के नाम एक पेड़ जरूर लगाना चाहिए. एक माँ वो हैं जो हमे जन्म देती है और एक माँ वो है जो हमे पहचान देती है और हमारे अस्तित्व को जिंदा रखती है वो है धरती माँ. माँ और धरती माँ के लिए देश के सवेदनशील लोगों ने काम करना शुरू कर दिया है. वृक्षारोपण का कार्यक्रम देश भर जारी है. इसी क्रम में भारतीय स्टेट बैंक दिवस के अवसर पर सोमवार को जिला मुख्यालय आरा के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>आरा,1 जुलाई. ग्लोबल वार्मिंग और बदलते जलवायु परिवर्तन ने आमजनों को हैरत में डाल दिया है. पिछले चार सालों में बढ़ी 5 डिग्री की गर्मी ने यह साबित कर दिया है कि आने वाले दिन मानव के लिए और भी मुश्किल वाले होंगे. पर्यावरणविद से लेकर रास्ट्राध्यक्ष जहाँ इस जलवायु परिवर्तन से चिंतित हो इसके समाधान में लगे हैं वहीं छोटे स्तर पर हर जगह जागरूक नागरिक भी इस जलवायु परिवर्तन से लड़ने की तरकीब सोच रहे हैं. सर्वविदित है कि पेड़ों के काटने और जल के दोहन का ही असर है कि आज भारी गर्मी और जल संकट का सामना मानव कर रहे हैं. जंगलो का सफाया कर कंक्रीट के मानवों द्वारा निर्मित जंगलों ने आज कृषि के लिए भूमि का भी संकट खड़ा कर दिया जिससे आने वाले समय मे अनाज का संकट भी मानवों को झेलना पड़ेगा. इस दिशा में सुधार करने के लिए पर्यावरण से बिना जुड़े मानव अपने अस्तित्व की कल्पना भी नही कर सकता है. इसलिए भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री ने कहा कि हर लोगों को माँ के नाम एक पेड़ जरूर लगाना चाहिए. एक माँ वो हैं जो हमे जन्म देती है और एक माँ वो है जो हमे पहचान देती है और हमारे अस्तित्व को जिंदा रखती है वो है धरती माँ.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="473" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/1000670079-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-85230" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/1000670079-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/1000670079-650x300.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="576" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/1000670050-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-85229" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/1000670050-scaled.jpg 576w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/1000670050-366x650.jpg 366w" sizes="auto, (max-width: 576px) 100vw, 576px" /></figure>



<p>माँ और धरती माँ के लिए देश के सवेदनशील लोगों ने काम करना शुरू कर दिया है. वृक्षारोपण का कार्यक्रम देश भर जारी है. इसी क्रम में भारतीय स्टेट बैंक दिवस के अवसर पर सोमवार को जिला मुख्यालय आरा के न्यू पुलिस लाईन ग्राउन्ड में फलदार पौधों का वृक्षारोपण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ. भारतीय स्टेट बैंक, आरा शाखा से मुख्य प्रबंधक मृत्युंजय कुमार पांडेय, प्रबंधक सत्येन्द्र कुमार, संतोष कुमार सिंह, उमेश कुमार मिश्र एवं अन्य बैंक के कर्मचारी भी शामिल हुए. वृक्षारोपरण में पुलिस विभाग से यातायात पुलिस उपाधीक्षक, मनोज कुमार सुधांधु, सार्जेंट सुभाष कुमार, धर्मराज कुमार, नीरज एवं अन्य कर्मचारी शामिल हुए. फलदार पौधों में आम, जामुन एवं अमरूद्ध जैसे कई पौधों का रोपण किया गया. वृक्षारोपण के इस कार्यक्रम में अग्रणी भूमिका SBI केमुख्य प्रबंधक मृत्युंजय कुमार पांडेय,  प्रबंधक सत्येंद्र कुमार और यातायात पुलिस उपाधीक्षक, मनोज कुमार सुधांधु का रहा. ऐसे कार्यक्रमों को लगातार हर व्यक्ति द्वारा अगर चालू किया गया और वृक्षों को लगाने के बाद बचा लिया गया तो हम अपने अस्तित्व को समय रहते बचाने में कामयाब हो जाएंगे</p>



<p>आरा से <strong>ओ पी पांडेय</strong> की रिपोर्ट.</p>
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		<title>पौधों को जीवित रखने वाले विद्यार्थियों को मिलेंगे 10 अतिरिक्त मार्क्स</title>
		<link>https://www.patnanow.com/student-will-get-10-marks-extra-for-saving-trees/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 06 Jun 2024 09:50:08 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पर्यावरण के लिए विद्यालय की अद्भुत घोषणा आरा, 6 जून. बढ़ती गर्मी और नित बनते कंक्रीट के जंगल की गगनचुंबी इमारते जिसे हम विकास का व्यापक पैमाना मान चुके हैं आज वह मुसीबत बन गयी है. लगातार धरती से पानी का दोहन और प्राकृतिक संसाधनों को कम्पनियों के माध्यम से जो जनता के बीच एक बाजारवाद कायम किया गया है वह आज हमारे ही जीवन पर भारी पड़ गया है. अब हमें पंचतत्वों को बचाना ही होगा अन्यथा मानव जीवन का मिटना तय है. पंचतत्वों को बचाने की दिशा में सबसे पहला प्रयास और हमारा साथी पेड़-पौधे ही बन सकते हैं जो ऑक्सीजन, कार्बन और जल का एक अच्छा घटक है. पेड़ों को बचाने के लिए विश्व पर्यावरण दिवस पर यूथ हॉस्टल असोसिएशन की आरा इकाई ने वृहस्पति वार को वृक्षारोपण का एक कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें आरा के अग्रणी स्कूल सम्भावना आवासीय विद्यालय ने घोषणा किया कि जो छात्र या छात्राएँ पेड़ लगा कर उसे जीवित रखेंगे और इस बात की सूचना प्रमाण के साथ स्कूल प्रबंधन को देंगे उन्हें विद्यालय की ओर से परीक्षाफल के दौरान 10 मार्क्स अतिरिक्त दिया जाएगा. विश्व पर्यावरण दिवस पर यूथ हॉस्टल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया भोजपुर इकाई द्वारा स्थानीय शांति स्मृति संभावना आवासीय उच्च विद्यालय ,मझौंवां, आरा में कार्यक्रम आयोजित हुआ. कार्यक्रम की अध्यक्षता यूथ हॉस्टल के अध्यक्ष, नेत्र सर्जन डॉक्टर एस. के. रूंगटा ने किया. कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय परिसर में फूलदार पौधा रोपण कर किया गया. तत्पश्चात विद्यालय के जुबली हॉल में छात्र-छात्राओं के बीच इस वर्ष के विषय &#8220;हमारी धरती [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>पर्यावरण के लिए विद्यालय की अद्भुत घोषणा</strong></p>



<p>आरा, 6 जून. बढ़ती गर्मी और नित बनते कंक्रीट के जंगल की गगनचुंबी इमारते जिसे हम विकास का व्यापक पैमाना मान चुके हैं आज वह मुसीबत बन गयी है. लगातार धरती से पानी का दोहन और प्राकृतिक संसाधनों को कम्पनियों के माध्यम से जो जनता के बीच एक बाजारवाद कायम किया गया है वह आज हमारे ही जीवन पर भारी पड़ गया है. अब हमें पंचतत्वों को बचाना ही होगा अन्यथा मानव जीवन का मिटना तय है. पंचतत्वों को बचाने की दिशा में सबसे पहला प्रयास और हमारा साथी पेड़-पौधे ही बन सकते हैं जो ऑक्सीजन, कार्बन और जल का एक अच्छा घटक है. पेड़ों को बचाने के लिए विश्व पर्यावरण दिवस पर यूथ हॉस्टल असोसिएशन की आरा इकाई ने वृहस्पति वार को वृक्षारोपण का एक कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें आरा के अग्रणी स्कूल सम्भावना आवासीय विद्यालय ने घोषणा किया कि जो छात्र या छात्राएँ पेड़ लगा कर उसे जीवित रखेंगे और इस बात की सूचना प्रमाण के साथ स्कूल प्रबंधन को देंगे उन्हें विद्यालय की ओर से परीक्षाफल के दौरान 10 मार्क्स अतिरिक्त दिया जाएगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="577" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/1000616985-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-84638" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/1000616985-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/06/1000616985-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/06/1000616985-1536x866.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>विश्व पर्यावरण दिवस पर यूथ हॉस्टल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया भोजपुर इकाई द्वारा स्थानीय शांति स्मृति संभावना आवासीय उच्च विद्यालय ,मझौंवां, आरा में कार्यक्रम आयोजित हुआ. कार्यक्रम की अध्यक्षता यूथ हॉस्टल के अध्यक्ष, नेत्र सर्जन डॉक्टर एस. के. रूंगटा ने किया. कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय परिसर में फूलदार पौधा रोपण कर किया गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="577" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/1000616958-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-84639" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/1000616958-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/06/1000616958-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/06/1000616958-1536x866.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>तत्पश्चात विद्यालय के जुबली हॉल में छात्र-छात्राओं के बीच इस वर्ष के विषय &#8220;हमारी धरती हमारा भविष्य&#8221; पर भाषण एवं पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन हुआ. स्कूल की छात्राओं द्वारा स्वागत गीत के बाद यूथ हॉस्टल एसोसिएशन ऑफ इंडिया भोजपुर की चेयरमैन सह प्राचार्या डॉक्टर अर्चना सिंह ने आगत अतिथियों का स्वागत किया साथ ही छात्र-छात्राओं का भी उन्होंने स्वागत किया जिन्होंने स्कूल बंद रहने के बावजूद भी पर्यावरण दिवस पर उपस्थित रहे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="577" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/1000616930-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-84640" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/1000616930-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/06/1000616930-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/06/1000616930-1536x866.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>5 जून प्रतिवर्ष आता है लेकिन अब केवल कहने की जरूरत नहीं बल्कि कुछ करने की जरूरत है लगातार बढ़ते तापमान ने विश्व को सकते में डाल दिया है. इससे बचने का सबसे आसान उपाय है कि हम सभी घर पर,बगीचे में, छोटे जगहों पर पौधारोपण आवश्य करें. विश्व स्तर पर पानी के लिए मारामारी चल रही है जिसका असर शहर से लेकर देहात तक दिख रहा है. अब पानी के लिए विश्व युद्ध होने की आशंका बढ़ गई है. इसीलिए भी पानी का संरक्षण जरूरी है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="577" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/1000616906-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-84641" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/1000616906-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/06/1000616906-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/06/1000616906-1536x866.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबंधन की जानकारी में जो पौधा रोपण कर उसे जीवंत रखेगा उसको 10 मार्क्स अतिरिक्त दिए जाएंगे. अपने अध्यक्षीय भाषण में डॉक्टर एस. के. रूंगटा ने विद्यालय प्रबंधन की विशेषताएं, छात्र-छात्राओं की गतिविधियां को काफी सराहा साथ ही अपने जीवन में आप कैसे सफल हो सकते हैं परामर्श और सुझाव दिए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/1000616883-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-84642" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/1000616883-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/06/1000616883-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/06/1000616883-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>डॉक्टर रूंगटा ने बताया कि 500 करोड़ पौधे प्रतिवर्ष लगाने की जरूरत है. जिसे केवल सरकार पर थोपा नहीं जा सकता. इसके लिए हर लोगों को अपनी जिम्मेदारी समझनी पड़ेगी. तब शुद्ध ऑक्सीजन और पीने के लिए पानी प्राप्त होगा. विद्यालय के निदेशक डॉ० कुमार द्विजेंद्र ने भी बताया कि जल, जंगल और जीव हमारे जीवन में कितना उपयोगी है.</p>



<p>वही डॉक्टर विवेक राज डेंटल सर्जन ने कहा कि पौधारोपण के साथ-साथ स्वयं को भी स्वस्थ रखना जरूरी है. मुंह हम सभी के शरीर का प्रवेश द्वार है. जो कुछ भी हम खाते हैं मुह के माध्यम से भीतर जाता है. इसलिए मुख की सफाई अति आवश्यक है.</p>



<p>सभी प्रतिभागियों को यूथ हॉस्टल के पदाधिकारियों के द्वारा पुरस्कृत किया गया. भाषण प्रतियोगिता में प्रथम अस्मिता, द्वितीय आलोक अतुल्य, तृतीय ऋतुराज वही पेंटिंग प्रतियोगिता में आर्यन प्रथम, सहला जमी द्वितीय, और शाश्वत तृतीय स्थान पर रहे।इन सभी विजेताओं को को मोमेंट और मेडल देकर सम्मानित किया गया.</p>



<p>इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत और पर्यावरण गीत भी प्रस्तुत किया. जिसमें रिया ,सुप्रिया, श्रेया, वेदिका , सारिका, खुशी, रितिका, मनीषा, पलक ने प्रस्तुत किया. मंच का संचालन अरविंद ओझा और धन्यवाद ज्ञापन सचिव विष्णु शंकर ने किया. प्रमुख उपस्थित लोगों में अध्यक्ष डॉ० एस के रुंगटा, डॉ० कुमार द्विजेंद्र , चेयरमैन डा० अर्चना सिंह, अजय कृष्णा अग्रवाल, सरदार गुरु चरण सिंह, कृष्ण माधव अग्रवाल (टिंकू जी),डा० दिनेश प्रसाद सिन्हा , संजीव सिन्हा, जयशंकर सिंह, अंकित मिश्रा, रंजीत कुमार, अनुराग सिंह, ऋषिकेश ओझा रहे.</p>



<p>आरा से <strong>ओ पी पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>
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		<item>
		<title>&#8216;बिहार में बर्ड टूरिज्म की व्यापक संभावनाएं&#8217;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bird-tourism-in-bihar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 05 Feb 2024 17:06:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bird tourism]]></category>
		<category><![CDATA[Eco tourism]]></category>
		<category><![CDATA[Environment]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। बिहार में 4000 वर्ग किलोमीटर से भी अधिक वेटलैंड्स हैं जिनकी वजह से हर साल लाखों की संख्या में देसी और विदेशी पक्षी बिहार का रुख करते हैं और लंबा समय यहां बिताते हैं. इन देसी विदेशी पंछियों की वजह से वातावरण बेहद आकर्षक हो जाता है. वेटलैंड्स और विभिन्न पक्षियों की वजह से पर्यटन की व्यापक संभावनाओं को लेकर बिहार के वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से कार्यशाला का आयोजन हो रहा है. पटना में आयोजित इस तीन दिवसीय लेकर कार्यशाला के पहले दिन पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार सरकार के द्वारा बॉम्बे नेचुरूल हिस्ट्री सोसाईटी, मुंबई के सहयोग से तीन दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय पक्षी-कार्यशाला (5-7 फरवरी, 2024) का उद्घाटन विभाग के सचिव, वंदना प्रेयषी के द्वारा किया गया. वंदना प्रेयषी ने कहा कि बिहार राज्य में पाँच पक्षी-आश्रयणी, एक-एक पक्षी संरक्षण आरक्ष एवं सामुदायिक संरक्षण आरक्ष हैं. राज्य में 4000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र आर्द्र-भूमि है जो प्रवासी-पक्षियों के लिए सर्वोत्तम अधिवास है. इनके संरक्षण के लिए विभाग ने सक्रिय भूमिका निभायी है. उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्यशाला में न सिर्फ देश के विभिन्न राज्यों से बल्कि कई देशों से पक्षी-विशेषज्ञ एकत्रित हुए हैं. उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला से पक्षी-संरक्षण के क्षेत्र में चुनौतियों की पहचान होगी और उसका सही समाधान और तदनुरूप कार्य-योजना बनेगी. पक्षी-संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है. राज्य में पक्षी-पर्यटन की प्रचुर संभावनाएं हैं, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं आय के अवसर भी सृजित होंगे. इस अवसर पर विंग्स ऑफ सुंदरबन और भागलपुर [&#8230;]]]></description>
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<p>पटना।। बिहार में 4000 वर्ग किलोमीटर से भी अधिक वेटलैंड्स हैं जिनकी वजह से हर साल लाखों की संख्या में देसी और विदेशी पक्षी बिहार का रुख करते हैं और लंबा समय यहां बिताते हैं. इन देसी विदेशी पंछियों की वजह से वातावरण बेहद आकर्षक हो जाता है. वेटलैंड्स और विभिन्न पक्षियों की वजह से पर्यटन की व्यापक संभावनाओं को लेकर बिहार के वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से कार्यशाला का आयोजन हो रहा है. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="432" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/02/PNC-adra-bhumi-bird-tourism-650x432.jpg" alt="" class="wp-image-82460" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/02/PNC-adra-bhumi-bird-tourism.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/02/PNC-adra-bhumi-bird-tourism-350x233.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2024/02/PNC-adra-bhumi-bird-tourism-768x511.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2024/02/PNC-adra-bhumi-bird-tourism-1536x1021.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>पटना में आयोजित इस तीन दिवसीय लेकर कार्यशाला के पहले दिन पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार सरकार के द्वारा बॉम्बे नेचुरूल हिस्ट्री सोसाईटी, मुंबई के सहयोग से तीन दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय पक्षी-कार्यशाला (5-7 फरवरी, 2024) का उद्घाटन विभाग के सचिव, वंदना प्रेयषी के द्वारा किया गया. वंदना प्रेयषी ने कहा कि बिहार राज्य में पाँच पक्षी-आश्रयणी, एक-एक पक्षी संरक्षण आरक्ष एवं सामुदायिक संरक्षण आरक्ष हैं. राज्य में 4000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र आर्द्र-भूमि है जो प्रवासी-पक्षियों के लिए सर्वोत्तम अधिवास है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="419" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/03/pnc-wetland-and-birds.jpg" alt="" class="wp-image-59577" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/03/pnc-wetland-and-birds.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/03/pnc-wetland-and-birds-350x226.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इनके संरक्षण के लिए विभाग ने सक्रिय भूमिका निभायी है. उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्यशाला में न सिर्फ देश के विभिन्न राज्यों से बल्कि कई देशों से पक्षी-विशेषज्ञ एकत्रित हुए हैं. उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला से पक्षी-संरक्षण के क्षेत्र में चुनौतियों की पहचान होगी और उसका सही समाधान और तदनुरूप कार्य-योजना बनेगी. पक्षी-संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है. राज्य में पक्षी-पर्यटन की प्रचुर संभावनाएं हैं, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं आय के अवसर भी सृजित होंगे. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="449" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/08/pnc-birds-in-the-sky-1.jpg" alt="" class="wp-image-48685" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/08/pnc-birds-in-the-sky-1.jpg 449w, https://www.patnanow.com/assets/2020/08/pnc-birds-in-the-sky-1-262x350.jpg 262w" sizes="auto, (max-width: 449px) 100vw, 449px" /></figure>



<p>इस अवसर पर विंग्स ऑफ सुंदरबन और भागलपुर बर्ड-एटलस का पोस्टर का विमोचन सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार के कर कमलों के द्वारा किया गया.</p>



<p>इस अवसर पर प्रभात कुमार गुप्ता, प्रधान मुख्य वन संरक्षक-सह-मुख्य वन्यप्राणी प्रतिपालक, बिहार ने अपने उद्बोधन में बताया कि विभाग के द्वारा 2015 से कदवा दियारा, भागलपुर में स्थानीय गैर सरकारी संगठन, जो वर्षों से इस क्षेत्र में कार्य कर रहे थे, के साथ मिलकर गरूड़-संरक्षण का कार्य वैज्ञानिक विधि से शुरू किया गया और गरूड़-बचाव एवं पुर्नवास केन्द्र भी स्थापित किया गया. परिणामस्वरूप गरूड़ की संख्या में वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि होने लगी. विदित हो कि गरूड़ के समूह दुनिया में मात्र तीन स्थान पर ही है. इस सफलता ने कदवा दियारा को अन्तर्राष्ट्रीय बर्ड मैप पर ला दिया. उन्होंने कहा कि पक्षी-संरक्षण के क्षेत्र में शोध एवं विस्तार के उद्देश से बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाईटी के सहयोग से वर्ष 2020 में भागलपुर में बर्ड रिंगिंग एवं मॉनिटीरिंग स्टेशन स्थापित किया गया. राज्य में वर्ष 2022 से प्रत्येक वर्ष जल-पक्षी गणना की जा रही है और सुखद रूप से उनकी संख्या में प्रत्येक वर्ष वृद्धि हो रही है. वर्ष 2021 से पक्षी-महोत्सव आयोजन की परंपरा शुरू की गयी है जिससे लोगों में जागरूकता बढ़े. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="482" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/05/pnc-duck-near-sachivalaya.jpg" alt="" class="wp-image-52739" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/05/pnc-duck-near-sachivalaya.jpg 482w, https://www.patnanow.com/assets/2021/05/pnc-duck-near-sachivalaya-281x350.jpg 281w" sizes="auto, (max-width: 482px) 100vw, 482px" /></figure>



<p>मो० साजिद सुल्तान, सहायक वन महानिरीक्षक, NTCA, भारत सरकार ने लदाख में उनके द्वारा ब्लैक नेक्ड क्रेन के संरक्षण के बारे में विस्तार से बताया.</p>



<p>बांग्लादेश वन विभाग के पक्षी-विशेषज्ञ मो अलामा शिबली सादिक ने बताया कि बांग्लादेश में 700 से अधिक प्रजातियों के पक्षी हैं. उन्होंने इस बात पर बल दिया पक्षी अन्तर्राष्ट्रीय सीमा को नहीं जानते है और एक देश से दूसरे देश जाते है. देशों के बीच आपसी सहयोग से उनका बेहतर संरक्षण होगा. भूटान के वन विभाग की प्रतिनिधि सुश्री शेरिंग पेल्डन ने इस प्रकार के अन्तर्राष्ट्रीय कार्यशाला के आयोजन को पक्षी-संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया.</p>



<p>आज कार्यशाला के पहले दिन पक्षी-संरक्षण के विषय पर विमर्श किया गया. अगले दिन पक्षियों के गैर-कानूनी शिकार, व्यापार तथा उसके रोकथाम के विषय पर विमर्श होना है। इस कार्यशाला में भूटान के  शांतालाल गजमेर, नेपाल के मोहन विक्रम श्रेष्ठ, कजाकिस्तान के आर्टीयोम खोखो, श्रीलंका की गायोमिनी पानागोडा, सेवानिवृत अपर महानिदेशक, वाईल्ड लाइफ,  सौमित्र दास गुप्ता, भरत ज्योति, सेवानिवृत निदेशक, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय अकादमी, राजेश कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, पश्चिम बंगाल, गीतांजली कँवर, वर्ल्ड वाइल्ड फंड, डॉ धनंजय मोहन एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक, उत्तराखंड सहित अनेक पक्षी-विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए और पक्षी-संरक्षण के विषय पर आपसी विमर्श किया. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/02/1000079435-650x293.jpg" alt="" class="wp-image-82462" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/02/1000079435.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/02/1000079435-350x158.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2024/02/1000079435-768x346.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इस कार्यशाला में आठ देशों (नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, श्रीलंका, म्यानमार, कजाकिस्तान, सिंगापुर तथा नीदरलैंड) के 15 पक्षी-विशेषज्ञों ने भी भाग लिया.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong> </p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>VKSU कैम्पस से बिना इजाजत काटे गए 6200 पेड़, वन विभाग मौन</title>
		<link>https://www.patnanow.com/6200-trees-has-been-cut-down-of-vksu/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Feb 2023 06:00:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[विश्वविद्यालय के अस्तित्व बचाने को लेकर 20 को बनेगी मानव श्रृंखला कृषि विभाग की जमीन विश्वविद्यालय को देने की मांग अवैध ढंग से पेड़ों की कटाई और बिना परमिट निर्माण का मामला भी गूंजा आरा, 13 फरवरी. वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय के भोजपुरी विभाग के सभागार में पिछले दिनों शिक्षकों, छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बौद्धिक जनों की एक संयुक्त बैठक संपन्न हुई जिसमें शाहाबाद के एकमात्र विश्वविद्यालय के अस्तित्व पर गहराए संकट और प्रशासन की एकतरफा कार्रवाई पर मंथन किया गया. बैठक की शुरुआत करते हुये भोजपुरी विभागाध्यक्ष दिवाकर पाण्डेय ने विश्वविद्यालय की जमीन को तीन भागों में खंडित किये जाने से उत्पन्न संकट से सभी को अवगत कराया. सीनेटर डॉ विनोद कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि कई साल के संघर्ष के बाद यहाँ विश्वविद्यालय की स्थापना हुई थी मगर एक अविवेकपूर्ण जिद ने विश्वविद्यालय को तीन भागों में बांटने की जो योजना बनायीं है उससे आने वाले समय में विश्वविद्यालय अव्यवहारिक होकर बंद हो जायेगा. उन्होंने कहा कि अगर जीरो माईल स्थित जमीन पर मेडिकल कॉलेज बनता है तो बदले में सरकार पुनर्विचार करते हुए बगल में कृषि विभाग परिसर की स्काडा वाली जमीन विश्वविद्यालय को दे वरना एक बार फिर जनांदोलन तय है. सीनेटर संतोष तिवारी ने बताया कि हड़बड़ी में जिस तरीके से बिना वर्क आर्डर निर्गत किये 6200 पेड़ अवैध तरीके से काटे गये और पुणे की एक कम्पनी को करोड़ों का काम सौंपा गया यह मंशा खतरनाक है. उन्होंने वन विभाग द्वारा की गयी आपत्ति को आधार बनाकर राज्यपाल और मुख्यमंत्री [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>विश्वविद्यालय के अस्तित्व बचाने को लेकर 20 को बनेगी मानव श्रृंखला</strong></p>



<p><strong>कृषि विभाग की जमीन विश्वविद्यालय को देने की मांग</strong></p>



<p><strong>अवैध ढंग से पेड़ों की कटाई और बिना परमिट निर्माण का मामला भी गूंजा</strong></p>



<p>आरा, 13 फरवरी. वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय के भोजपुरी विभाग के सभागार में पिछले दिनों शिक्षकों, छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बौद्धिक जनों की एक संयुक्त बैठक संपन्न हुई जिसमें शाहाबाद के एकमात्र विश्वविद्यालय के अस्तित्व पर गहराए संकट और प्रशासन की एकतरफा कार्रवाई पर मंथन किया गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="486" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Meeting-for-Save-VKSU-3.jpg" alt="" class="wp-image-71491" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Meeting-for-Save-VKSU-3.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Meeting-for-Save-VKSU-3-350x262.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>बैठक की शुरुआत करते हुये भोजपुरी विभागाध्यक्ष दिवाकर पाण्डेय ने विश्वविद्यालय की जमीन को तीन भागों में खंडित किये जाने से उत्पन्न संकट से सभी को अवगत कराया. सीनेटर डॉ विनोद कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि कई साल के संघर्ष के बाद यहाँ विश्वविद्यालय की स्थापना हुई थी मगर एक अविवेकपूर्ण जिद ने विश्वविद्यालय को तीन भागों में बांटने की जो योजना बनायीं है उससे आने वाले समय में विश्वविद्यालय अव्यवहारिक होकर बंद हो जायेगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="486" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Meeting-for-Save-VKSU-1.jpg" alt="" class="wp-image-71492" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Meeting-for-Save-VKSU-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Meeting-for-Save-VKSU-1-350x262.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि अगर जीरो माईल स्थित जमीन पर मेडिकल कॉलेज बनता है तो बदले में सरकार पुनर्विचार करते हुए बगल में कृषि विभाग परिसर की स्काडा वाली जमीन विश्वविद्यालय को दे वरना एक बार फिर जनांदोलन तय है. सीनेटर संतोष तिवारी ने बताया कि हड़बड़ी में जिस तरीके से बिना वर्क आर्डर निर्गत किये 6200 पेड़ अवैध तरीके से काटे गये और पुणे की एक कम्पनी को करोड़ों का काम सौंपा गया यह मंशा खतरनाक है. उन्होंने वन विभाग द्वारा की गयी आपत्ति को आधार बनाकर राज्यपाल और मुख्यमंत्री से काम रुकवाने की अपील की है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="486" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Meeting-for-Save-VKSU.jpg" alt="" class="wp-image-71493" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Meeting-for-Save-VKSU.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Meeting-for-Save-VKSU-350x262.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>युवा जदयू के जयंत यादव ने इस पूरे प्रकरण को शर्मनाक बताते हुए छात्रहित के विरुद्ध बताया तथा इसे करोड़ों की राशि का बंदरबांट करार दिया. छात्र नेता और आरएसएस के प्रमुख सूरज सिंह परमार ने कहा कि सभी छात्रों, अभिभावकों और विश्वविद्यालय के पूर्ववर्ती छात्रों का आह्वान करते हुए एकजुट होने की अपील छात्रनेता कृष्णा तिवारी ने कहा कि सभी चाहते हैं कि मेडिकल कॉलेज बने जरुर मगर भव्य बने ना कि विश्वविद्यालय की जमीन को काटकर छोटे स्तर का बने.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="486" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Meeting-for-Save-VKSU-001.jpg" alt="" class="wp-image-71494" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Meeting-for-Save-VKSU-001.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Meeting-for-Save-VKSU-001-350x262.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>सामाजिक कार्यकर्त्ता विजय मेहता ने आह्वान किया कि प्रशासन की एकतरफा कार्रवाई का विरोध सामाजिक और न्यायिक स्तर दोनों तरीके से अंतिम दम तक होगा. जमीन के मुद्दे पर अनशन करने वाले अनिरुद्ध सिंह ने भी कहा कि मेडिकल कॉलेज का विरोध नहीं हो रहा मगर विश्वविद्यालय के तीन टुकड़े करना तो सही नहीं है. भोजपुरी छात्र संघ के रवि प्रकाश सूरज ने कहा कि तीन टुकड़ों में विश्वविद्यालय की जमीन और अवैध ढंग से पेड़ों की कटाई का मामले पर याचिका दायर हो रही है फैसला आने तक बिना वर्क आर्डर के काम कर रही कम्पनी को काम बंद करना होगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="486" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Meeting-for-Save-VKSU-2.jpg" alt="" class="wp-image-71495" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Meeting-for-Save-VKSU-2.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Meeting-for-Save-VKSU-2-350x262.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>अध्यक्षीय भाषण में प्रो बलिराज ठाकुर ने चेताने के अंदाज़ में कहा कि अगर विश्वविद्यालय के अस्तित्व पर संकट खड़ा हुआ तो शाहाबाद के हर जनप्रतिनिधि के अस्तित्व पर भी जनता संकट खड़ा कर देगी. शाहाबाद क्रांति और शिक्षा की उर्वर भूमि है और हम विश्वविद्यालय को खंडहर होते नहीं देख सकते.</p>



<p>बैठक के अंत में सर्वसम्मति से यह तय हुआ कि आन्दोलन के अगले चरण में अवैध ढंग से पेड़ों की कटाई और कम्पनी द्वारा साईट पर निर्माण कार्य शुरू करने के विरोध में आगामी 20 फरवरी को मानव श्रृंखला बनाकर विरोध किया जायेगा. साथ ही सभी जनप्रतिनिधियों से मिलकर मेडिकल कॉलेज के बदले कृषि विभाग की जमीन को विश्वविद्यालय को दिए जाने की अपील की जाएगी.</p>



<p>बैठक में सीनेटर प्रो अलाउद्दीन अज़ीज़ी, जगजीवन कॉलेज की डॉ माधुरी कुमारी. प्रो देवेन्द्र प्रसाद सिंह, डॉ अजय कुमार मिश्र, ओम प्रकाश दूबे , अखिल भारतीय विद्यार्थी परिश्स्द के छोटू सिंह, सोहित सिन्हा, भोजपुरी छात्र संघ के स्यंदन सुमन के अलावा कई छात्र संगठनों से जुड़े छात्र अमित कुमार गौतम. सुशील कुमार, रवि रंजन, अभिषेक प्रीतम, शशि शेखर सिंह, अंकुर कुशवाहा, अमरजीत, अरविन्द कुमार आदि ने भी अपने विचार रखे.</p>



<p>आरा से<strong> ओ पी पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>
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		<title>भारत लौटे पीएम, दुनिया को दिया पंचामृत</title>
		<link>https://www.patnanow.com/pm-modi-return-india/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 03 Nov 2021 07:19:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Carbon emission]]></category>
		<category><![CDATA[Environment]]></category>
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		<category><![CDATA[पंचामृत]]></category>
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					<description><![CDATA[भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार्बन उत्सर्जक देश है, पहले नंबर पर चीन है, फिर अमेरिका जलवायु परिवर्तन पर भारत का &#8216;बड़ा&#8217; एलान- 2070 तक नेट ज़ीरो लक्ष्य जलवायु परिवर्तन पर पंचामृत की सौगात देना चाहता हूं- नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री मोदी का पंचामृत&#8211; वर्ष 2070 तक भारत, नेट जीरो का लक्ष्य हासिल करेगा&#8211; भारत, 2030 तक अपनी जीवाश्म रहित ऊर्जा क्षमता को 500 गीगावाट तक पहुंचाएगा&#8211; भारत, 2030 तक अपनी 50 प्रतिशत ऊर्जा जरूरतें, रिन्यूएबल एनर्जी से पूरी करेगा&#8211; भारत अब से लेकर 2030 तक के कुल प्रोजेक्टेड कार्बन एमिशन में एक अरबटन की कमी करेगा&#8211; 2030 तक भारत, अपनी अर्थव्यवस्था की कार्बन इंटेन्सिटी को 45 प्रतिशतसे भी कम करेगा ग्लासगो में जलवायु परिवर्तन पर आयोजित सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत 2070 तक कार्बन उत्सर्जन पर नेट जीरो लक्ष्य हासिल कर लेगा. प्रधानमंत्री मोदी ने ये अहम एलान ग्लासगो में जलवायु परिवर्तन पर शिखर सम्मेलन के पहले दिन किया. उन्होंने कहा कि मैं भारत की ओर से,इस चुनौती से निपटने के लिए पांच अमृत तत्व रखना चाहता हूं, पंचामृत की सौगात देना चाहता हूं. पीएम मोदी ने पर्यावरण हित के लिए उठाए गए भारत के फैसलों का जिक्र किया, वहीं उन्होंने पूरी दुनिया को भी पेरिस एग्रीमेंट की याद दिलाई. भारत अकेला ऐसा देश है जिसने पेरिस एग्रीमेंट के वक्त किए गए वादों को पूरा किया.पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान वन वर्ड मूवमेंट शुरू करने का प्रस्ताव रखा. वो एक शब्द है- लाइफ. “लाइफ स्टाइल फॉर इन्वायरमेंट” सबके लिए जरुरी है उन्होंने इस [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार्बन उत्सर्जक देश है, पहले नंबर पर चीन है, फिर अमेरिका</strong></p>



<p><strong>जलवायु परिवर्तन पर भारत का &#8216;बड़ा&#8217; एलान- 2070 तक नेट ज़ीरो लक्ष्य</strong></p>



<p><strong>जलवायु परिवर्तन पर पंचामृत की सौगात देना चाहता हूं- नरेंद्र मोदी</strong></p>



<blockquote class="wp-block-quote is-layout-flow wp-block-quote-is-layout-flow"><p>प्रधानमंत्री मोदी का पंचामृत<br>&#8211; वर्ष 2070 तक भारत, नेट जीरो का लक्ष्य हासिल करेगा<br>&#8211; भारत, 2030 तक अपनी जीवाश्म रहित ऊर्जा क्षमता को 500 गीगावाट तक पहुंचाएगा<br>&#8211; भारत, 2030 तक अपनी 50 प्रतिशत ऊर्जा जरूरतें, रिन्यूएबल एनर्जी से पूरी करेगा<br>&#8211; भारत अब से लेकर 2030 तक के कुल प्रोजेक्टेड कार्बन एमिशन में एक अरब<br>टन की कमी करेगा<br>&#8211; 2030 तक भारत, अपनी अर्थव्यवस्था की कार्बन इंटेन्सिटी को 45 प्रतिशत<br>से भी कम करेगा</p></blockquote>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="317" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/11/g-20pm.jpg" alt="" class="wp-image-56916" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/11/g-20pm.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/11/g-20pm-350x171.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><br>ग्लासगो में जलवायु परिवर्तन पर आयोजित सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत 2070 तक कार्बन उत्सर्जन पर नेट जीरो लक्ष्य हासिल कर लेगा. प्रधानमंत्री मोदी ने ये अहम एलान ग्लासगो में जलवायु परिवर्तन पर शिखर सम्मेलन के पहले दिन किया. उन्होंने कहा कि मैं भारत की ओर से,इस चुनौती से निपटने के लिए पांच अमृत तत्व रखना चाहता हूं, पंचामृत की सौगात देना चाहता हूं. पीएम मोदी ने पर्यावरण हित के लिए उठाए गए भारत के फैसलों का जिक्र किया, वहीं उन्होंने पूरी दुनिया को भी पेरिस एग्रीमेंट की याद दिलाई. भारत अकेला ऐसा देश है जिसने पेरिस एग्रीमेंट के वक्त किए गए वादों को पूरा किया.पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान वन वर्ड मूवमेंट शुरू करने का प्रस्ताव रखा. वो एक शब्द है- लाइफ. “लाइफ स्टाइल फॉर इन्वायरमेंट” सबके लिए जरुरी है उन्होंने इस मंत्र के जरिए पूरी दुनिया को महात्मा गांधी की बड़ी सीख याद दिला दी है. उन्होंने कहा की महात्मा गांधी पर्यावरण की रक्षा तो चाहते ही थे साथ ही साथ इसे एक जन<br>आंदोलन का रूप देना चाहते हैं.जो आज पूरे विश्व के लिए जरूरी है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/11/pm-narendra-glasgo-_pnc.jpg" alt="" class="wp-image-56917" width="650" height="323" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/11/pm-narendra-glasgo-_pnc.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/11/pm-narendra-glasgo-_pnc-350x174.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption><strong>भारतीय मूल के लोगों से मुलाकात करते पीएम नरेन्द्र मोदी</strong></figcaption></figure>



<p><br>पीएम के इस संकल्प को बहुत बड़ी बात माना जा रही&nbsp; है क्योंकि भारत ने पहली बार नेट ज़ीरो के लक्ष्य को लेकर कोई निश्चित बात की है.नेट जीरो का मतलब होता है कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन को पूरी तरह से ख़त्म कर देना जिससे कि धरती के वायुमंडल को गर्म करने वाली ग्रीन हाउस गैसों में इस वजह से और वृद्धि नहीं हो पाएगी. जलवायु परिवर्तन पर आयोजित सम्मेलन में 120 से ज़्यादा नेता उपस्थित थे<br>आपको बता दें, कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार्बन उत्सर्जक देश है, पहले नंबर पर चीन है, फिर अमेरिका. यूरोपीय संघ को एक साथ लेने पर भारत की गिनती चौथे नंबर पर होती है.वर्ष 2019 में भारत ने प्रति व्यक्ति के हिसाब से 119 टन उत्सर्जन किया था. वहीं इस वर्ष अमेरिका के लिए ये आँकड़ा 1515 टन और रूस के लिए 1215 टन था.चीन ने वर्ष 2060 तक इस लक्ष्य को हासिल करने का ऐलान किया हुआ है. अमेरिका और यूरोपीय संघ इसे 2050 तक हासिल कर लेना चाहते हैं.</p>



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