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		<title>कठपुतलियों से होगी पढ़ाई!</title>
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		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 19 Jul 2025 07:32:57 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[बच्चे अब कठपुतलियों से करेंगे पढ़ाई भोजपुर की महिला शिक्षिकाओं ने राष्ट्रीय मंच पर रचा शिक्षण का नया प्रयोग आरा, 19 जुलाई(ओपी पांडेय)। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत बच्चों को पढ़ाने का तरीका अब बदल रहा है. अब किताबों के साथ-साथ कठपुतलियों की मदद से भी बच्चे गणित, विज्ञान और पर्यावरण जैसे विषय सीखेंगे. यह कोई मंचीय प्रयोग नहीं, बल्कि एक सुनियोजित पहल है, जिसमें परंपरागत कठपुतली कला को शिक्षण का माध्यम बनाया जा रहा है. नई दिल्ली स्थित सीसीआरटी (सांस्कृतिक स्रोत और प्रशिक्षण केंद्र) द्वारा हाल ही में एक राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें देशभर से चुने गए शिक्षकों को कठपुतली के जरिए पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया गया. इस कार्यशाला में बिहार के 11 शिक्षक शामिल हुए, जिनमें भोजपुर जिले की तीन महिला शिक्षिकाओं पूजा कुमारी (उत्क्रमित मध्य विद्यालय, इसाढ़ी), याशिका (एनपीएस, नयका टोला) और सुनैना कुमारी (बुढ़वल, जगदीशपुर) ने भाग लिया. शिक्षा और कला का संगम कार्यशाला में शिक्षकों को पुतली निर्माण, संवाद लेखन, कहानी प्रस्तुति और विभिन्न शैक्षणिक विषयों को नाटकीय शैली में प्रस्तुत करने की विधियाँ सिखाई गईं. उन्हें बताया गया कि किस तरह कठपुतलियों के माध्यम से बच्चों की जिज्ञासा को जगाया जा सकता है और विषयों को अधिक प्रभावी और यादगार बनाया जा सकता है. प्रशिक्षण पूरा करने पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किया गया. बच्चों के साथ संवाद का नया जरिया पूजा कुमारी ने बताया कि यह तरीका बच्चों से संवाद स्थापित करने का अनोखा और सजीव माध्यम है.“अब हम सिर्फ शिक्षक नहीं रहेंगे, बल्कि बच्चों के सहयात्री बनेंगे. [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>बच्चे अब कठपुतलियों से करेंगे पढ़ाई <br>भोजपुर की महिला शिक्षिकाओं ने राष्ट्रीय मंच पर रचा शिक्षण का नया प्रयोग</strong></p>



<p>आरा, 19 जुलाई(<strong>ओपी पांडेय</strong>)। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत बच्चों को पढ़ाने का तरीका अब बदल रहा है. अब किताबों के साथ-साथ कठपुतलियों की मदद से भी बच्चे गणित, विज्ञान और पर्यावरण जैसे विषय सीखेंगे. यह कोई मंचीय प्रयोग नहीं, बल्कि एक सुनियोजित पहल है, जिसमें परंपरागत कठपुतली कला को शिक्षण का माध्यम बनाया जा रहा है.</p>



<p>नई दिल्ली स्थित सीसीआरटी (सांस्कृतिक स्रोत और प्रशिक्षण केंद्र) द्वारा हाल ही में एक राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें देशभर से चुने गए शिक्षकों को कठपुतली के जरिए पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया गया. इस कार्यशाला में बिहार के 11 शिक्षक शामिल हुए, जिनमें भोजपुर जिले की तीन महिला शिक्षिकाओं पूजा कुमारी (उत्क्रमित मध्य विद्यालय, इसाढ़ी), याशिका (एनपीएस, नयका टोला) और सुनैना कुमारी (बुढ़वल, जगदीशपुर) ने भाग लिया.</p>



<p><strong>शिक्षा और कला का संगम</strong></p>



<p>कार्यशाला में शिक्षकों को पुतली निर्माण, संवाद लेखन, कहानी प्रस्तुति और विभिन्न शैक्षणिक विषयों को नाटकीय शैली में प्रस्तुत करने की विधियाँ सिखाई गईं. उन्हें बताया गया कि किस तरह कठपुतलियों के माध्यम से बच्चों की जिज्ञासा को जगाया जा सकता है और विषयों को अधिक प्रभावी और यादगार बनाया जा सकता है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="940" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000123610-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91176" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000123610-scaled.jpg 940w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000123610-597x650.jpg 597w" sizes="(max-width: 940px) 100vw, 940px" /></figure>



<p>प्रशिक्षण पूरा करने पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किया गया.</p>



<p><strong>बच्चों के साथ संवाद का नया जरिया</strong></p>



<p>पूजा कुमारी ने बताया कि यह तरीका बच्चों से संवाद स्थापित करने का अनोखा और सजीव माध्यम है.“अब हम सिर्फ शिक्षक नहीं रहेंगे, बल्कि बच्चों के सहयात्री बनेंगे. उन्हें रटाने की बजाय समझने और महसूस करने की ओर ले जाएंगे,”उन्होंने कहा. पूजा का हाल ही में प्रधान शिक्षक के पद पर चयन हुआ है और वे जल्द ही भोजपुर में योगदान देंगी.</p>



<p><strong>नई शिक्षा नीति के भीतर रचनात्मकता की राह</strong></p>



<p>यह पहली बार है जब कठपुतली कला को औपचारिक रूप से शिक्षा प्रणाली का हिस्सा बनाया गया है। पहले यह कला लोककथाओं और मंचीय प्रस्तुतियों तक सीमित थी, लेकिन अब यह कक्षा की चौखट लांघ चुकी है. नई शिक्षा नीति का मूल उद्देश्य है. समझ आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना, और इसमें यह प्रयोग एक अहम कदम साबित हो सकता है.</p>



<p>भोजपुर की इन तीन शिक्षिकाओं की भागीदारी यह दिखाती है कि शिक्षा में बदलाव सिर्फ कागज़ पर नहीं हो रहा, बल्कि ज़मीन पर भी कुछ नया आकार ले रहा है और इसमें ग्रामीण शिक्षक भी बराबरी की भूमिका निभा रहे हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="887" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000121546-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91174" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000121546-scaled.jpg 887w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000121546-563x650.jpg 563w" sizes="(max-width: 887px) 100vw, 887px" /></figure>



<p> <strong><em>राष्ट्रीय प्रशिक्षण के बाद प्रमाणपत्र के साथ शिक्षिका पूजा कुमारी</em></strong></p>
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		<title>शिक्षकों का समय पर भुगतान न होने से बिफरा फुटाब</title>
		<link>https://www.patnanow.com/smay-per-bhugtan-na-hone-se-bigada-futab/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 31 Dec 2024 09:48:59 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[फरवरी में पारित बजट के बाद भी अबतक भुगतान नही नौकरशाही द्वारा जानबूझकर पैदा की जा रही समस्या नही हुआ निदान तो हो सकता है बड़ा आंदोलन : फुटाब आरा, 31 दिसम्बर. बिहार राज्य विश्वविद्यालय शिक्षक महासंघ (फुटाब) ने सरकार से मांग किया है कि विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों को मासिक वेतन और पेंशन के अनियमित भुगतान के कारणों पर एक श्वेत पत्र जारी किया जाए कि जब विश्वविद्यालयों का बजट इस वर्ष फरवरी/मार्च में पारित हो चुका है फिर भी नियमित भुगतान क्यों नहीं हो रहा है? फुटाब के कार्यकारी अध्यक्ष कन्हैया बहादुर सिन्हा और महासचिव संजय कुमार सिंह, एमएलसी ने कहा है कि पूरे वर्ष 2024 में शिक्षकों और सरकार के बीच लगातार रस्साकशी के बाद, 4+3+1 महीने के अंतराल पर मासिक अनुदान जारी हुआ. अब नवंबर और दिसंबर का भुगतान भी जारी होना बाकी है. आगे बताया कि शिक्षकों के पास नए साल का स्वागत करने के लिए कुछ भी नया नहीं है. उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि केवल पांच विश्वविद्यालयों के लिए अनुदान उपलब्ध है और अन्य के लिए संसाधन जुटाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन महासंघ ने अनुदान को टुकड़ों में जारी करने पर आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय और सरकार में शीर्ष पदों पर बैठे लोग समय पर परीक्षा और परिणाम प्रकाशित करने का श्रेय तो ले रहे हैं, लेकिन वे यह भूल रहे हैं कि शिक्षकों पर किस तरह का दबाव है, इसके वावजूद शैक्षणिक सत्र को नियमित करने मे सार्थक योगदान [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>फरवरी में पारित बजट के बाद भी अबतक भुगतान नही</strong></p>



<p><strong>नौकरशाही द्वारा जानबूझकर पैदा की जा रही समस्या</strong></p>



<p><strong>नही हुआ निदान तो हो सकता है बड़ा आंदोलन : फुटाब</strong></p>



<p>आरा, 31 दिसम्बर. बिहार राज्य विश्वविद्यालय शिक्षक महासंघ (फुटाब) ने सरकार से मांग किया है कि विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों को मासिक वेतन और पेंशन के अनियमित भुगतान के कारणों पर एक श्वेत पत्र जारी किया जाए कि जब विश्वविद्यालयों का बजट इस वर्ष फरवरी/मार्च में पारित हो चुका है फिर भी नियमित भुगतान क्यों नहीं हो रहा है?</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="325" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_VKSUAra.jpg" alt="" class="wp-image-53470" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_VKSUAra.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_VKSUAra-350x175.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>फुटाब के कार्यकारी अध्यक्ष कन्हैया बहादुर सिन्हा और महासचिव संजय कुमार सिंह, एमएलसी ने कहा है कि पूरे वर्ष 2024 में शिक्षकों और सरकार के बीच लगातार रस्साकशी के बाद, 4+3+1 महीने के अंतराल पर मासिक अनुदान जारी हुआ. अब नवंबर और दिसंबर का भुगतान भी जारी होना बाकी है. आगे बताया कि शिक्षकों के पास नए साल का स्वागत करने के लिए कुछ भी नया नहीं है.</p>



<p>उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि केवल पांच विश्वविद्यालयों के लिए अनुदान उपलब्ध है और अन्य के लिए संसाधन जुटाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन महासंघ ने अनुदान को टुकड़ों में जारी करने पर आपत्ति जताई है.</p>



<p>उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय और सरकार में शीर्ष पदों पर बैठे लोग समय पर परीक्षा और परिणाम प्रकाशित करने का श्रेय तो ले रहे हैं, लेकिन वे यह भूल रहे हैं कि शिक्षकों पर किस तरह का दबाव है, इसके वावजूद शैक्षणिक सत्र को नियमित करने मे सार्थक योगदान कर रहें हैं.</p>



<p>उन्होंने आगे कहा कि शिक्षक संगठन फुटाब और फुस्ताब विश्वविद्यालयों पर थोपी गई इस उदासीन, कष्टप्रद और अपमानजनक व्यवस्था को समाप्त करने के लिए शांतिपूर्ण विरोध/ कलम बंद हड़ताल या कोई अन्य रास्ता अपनाने का फैसला कर सकते हैं. जरूरत पड़ने पर वे नौकरशाही द्वारा जानबूझकर पैदा की जा रही अनिश्चितताओं का स्थायी समाधान करने के लिए कानूनी उपाय भी अपना सकते हैं.</p>



<p>उन्होंने उम्मीद जताई है कि नए राज्यपाल सह कुलाधिपति वित्तीय, शैक्षणिक और प्रशासनिक क्षेत्र में व्याप्त विसंगतियों पर गौर करेंगे, ताकि नई शिक्षा नीति के वांछित लक्ष्य को हासिल किया जा सके.</p>



<p><strong>pncb</strong></p>
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			</item>
		<item>
		<title>छात्रों व शिक्षकों के अधिकार हुए फुस्स</title>
		<link>https://www.patnanow.com/chhatron-v-shikshko-ke-adhikar-huye-fuss/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 04 Nov 2024 14:49:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
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					<description><![CDATA[मानवाधिकार हनन पर कार्रवाई तय पी यू सी एल ने जारी की बिहार के छात्रों शिक्षकों के मानवाधिकार हनन संबंधी रिपोर्ट Patna now special reportपटना,4 नवम्बर(ओ पी पांडेय). अभिवंचित समाज के मानवाधिकार की रक्षा के प्रति समर्पित संस्था पीयूसीएल के द्वारा छात्रों-शिक्षकों के मानवाधिकार हनन पर स्वतः संज्ञान जाँच रिपोर्ट जारी करने का निर्णय लिया गया. पीयूसीएल ,बिहार राज्य इकाई की बैठक में समाचार माध्यमों से मिली जानकारी के आधार पर बिहार सरकार के प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्तर तक के विद्यालयों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं का नामांकन रद्द किए जाने को असंवैधानिक और शिक्षा अधिकार के हनन के रूप में देखा गया. इसके साथ ही ग्रीष्मावकाश रद्द किए जाने को भी अशैक्षिक कार्रवाई के रूप में देखा गया एवं न्यायिक फ़ैसलों के विरूद्ध भी माना गया। ग्रीष्मावकाश में कक्षा-संचालन के कारण सैकड़ों छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के बीमार पड़ने तथा दर्जनों की मृत्यु की खबरों को नौकरशाही के अमानवीय और आपराधिक कृत्य के रूप में देखा गया. इन मामलों को मानवाधिकार की दृष्टि से गंभीर माना गया. अत: बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के द्वारा संचालित प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक राजकीयकृत विद्यालयों के 2 करोड़ 80 लाख से ज्यादा शिक्षार्थियों व 6 लाख 37 हजार शिक्षकों के मानवाधिकार हनन के मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए पीयूसीएल, बिहार राज्य इकाई के द्वारा उपर्युक्त मामलों के अध्ययन, तथ्य-संग्रह, निष्कर्ष और अनुमोदन के लिए डॉ. अनिल कुमार राय और श्री पुष्पराज की दो सदस्यीय समिति गठित की गई. इस द्वि सदस्यी जाँच रिपोर्ट के अनुसार शिक्षा का अधिकार, शिक्षकों के [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>मानवाधिकार हनन पर कार्रवाई तय</strong></p>



<p><strong>पी यू सी एल ने जारी की बिहार के छात्रों शिक्षकों के मानवाधिकार हनन संबंधी रिपोर्ट</strong></p>



<p class="has-black-color has-text-color has-link-color wp-elements-f5b107cff8674df218428a5366c12358"><strong>Patna now special report</strong><br>पटना,4 नवम्बर(ओ पी पांडेय). अभिवंचित समाज के मानवाधिकार की रक्षा के प्रति समर्पित संस्था पीयूसीएल के द्वारा छात्रों-शिक्षकों के मानवाधिकार हनन पर स्वतः संज्ञान जाँच रिपोर्ट जारी करने का निर्णय लिया गया. पीयूसीएल ,बिहार राज्य इकाई की बैठक में समाचार माध्यमों से मिली जानकारी के आधार पर बिहार सरकार के प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्तर तक के विद्यालयों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं का नामांकन रद्द किए जाने को असंवैधानिक और शिक्षा अधिकार के हनन के रूप में देखा गया. इसके साथ ही ग्रीष्मावकाश रद्द किए जाने को भी अशैक्षिक कार्रवाई के रूप में देखा गया एवं न्यायिक फ़ैसलों के विरूद्ध भी माना गया। ग्रीष्मावकाश में कक्षा-संचालन के कारण सैकड़ों छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के बीमार पड़ने तथा दर्जनों की मृत्यु की खबरों को नौकरशाही के अमानवीय और आपराधिक कृत्य के रूप में देखा गया. इन मामलों को मानवाधिकार की दृष्टि से गंभीर माना गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-medha-diwas-students-performance.jpg" alt="" class="wp-image-69325" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-medha-diwas-students-performance.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-medha-diwas-students-performance-350x233.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>अत: बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के द्वारा संचालित प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक राजकीयकृत विद्यालयों के 2 करोड़ 80 लाख से ज्यादा शिक्षार्थियों व 6 लाख 37 हजार शिक्षकों के मानवाधिकार हनन के मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए पीयूसीएल, बिहार राज्य इकाई के द्वारा उपर्युक्त मामलों के अध्ययन, तथ्य-संग्रह, निष्कर्ष और अनुमोदन के लिए डॉ. अनिल कुमार राय और श्री पुष्पराज की दो सदस्यीय समिति गठित की गई.</p>



<p>इस द्वि सदस्यी जाँच रिपोर्ट के अनुसार शिक्षा का अधिकार, शिक्षकों के संघ-निर्माण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को जान-बूझकर कुचला गया है संविधान और मानवाधिकार की दृष्टि से आपराधिक कृत्य है. यह आपराधिक कृत्य पूर्व अपर मुख्य सचिव के. के. पाठक पर कार्रवाई सुनिश्चित हो,उनके प्रतारणात्मक रवैये के कारण कई शिक्षकों और छात्रों की जानें गयीं.</p>



<p>उच्च अधिकारियों को यह अनुदेश दिया जाना चाहिए कि वे अपने कनिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मियों से भी शिष्टाचारपूर्वक एवं सदाशयता से पेश आएँ. ग्रीष्मावकाश के दौरान कार्यपालन करते हुए मृत शिक्षकों को ड्यूटी पर मरनेवाले कर्मचारियों की श्रेणी में परिगणित किया जाये और उनके परिजनों को उसी तरह मुआवज़ा, आश्रित को अनुकंपा के आधार पर नौकरी एवं अन्य सुविधाएँ प्रदान की जायें. यदि शिक्षक नियोजित हैं तो भी. ग्रीष्मावकाश के दौरान कक्षा संचालन के क्रूर आदेश के कारण जो शिक्षक, कर्मी और छात्र बीमार हुए, उन्हें भी मुआवज़ा दिया जाये.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="347" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-mid-day-meal-students.jpg" alt="" class="wp-image-69331" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-mid-day-meal-students.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/12/pnc-mid-day-meal-students-350x187.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>के. के. पाठक के कार्यकाल में जिन शिक्षकों पर बोलने, विरोध करने, सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देने आदि का अभियोग लगाकर वेतन बंद करने, निलंबित करने या बर्खास्त करने की कार्रवाई हुई है, उसे अविलंब वापस लिया जाये.अपनी भूल को स्वीकार करते हुए विभाग शिक्षकों से माफ़ी माँगे. शिक्षा विभाग के अनुचित आदेश के कारण लाखों बच्चे स्कूल से बाहर हुए और ग्रीष्मावकाश में स्कूल खोले जाने के कारण अनेक बच्चे बीमार हुए और मृत्यु को प्राप्त हुए. शिक्षा विभाग अपने इस अपराध को स्वीकार करते हुए अभिभावकों से माफ़ी माँगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/05/PNC-teachers-virodh-with-Kali-patti-1-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-84453" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/05/PNC-teachers-virodh-with-Kali-patti-1-1-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/05/PNC-teachers-virodh-with-Kali-patti-1-1-650x488.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>के. के. पाठक के आदेश के कारण जिन बच्चों का नाम स्कूल से काट दिया गया, उनकी सूची से पुनर्नामांकित बच्चों की सूची का मिलान किया जाये और जो बच्चे पुनर्नामांकन से वंचित रह गये हैं, उन्हें बिना शर्त यथाशीघ्र विद्यालय में प्रवेश दिया जाए. ऐसे बच्चों के लिए विशेष कक्ष का संचालन करके शैक्षिक क्षतिपूर्ति की जाये. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के पद पर रहते हुए के. के. पाठक के द्वारा स्वयं या उनके निर्देश पर अनेक असंगत और न्याय-विरोधी आदेश पारित किए गए थे. इसलिए उनके कार्यकाल के आदेशों-निर्देशों की पुनर्समीक्षा की जाये और असंगत एवं न्याय-विरोधी आदेशों को निरस्त किया जाए.</p>



<p>राइट टू एजुकेशन फोरम भोजपुर के संयोजक रवि प्रकाश सूरज ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि इस जाँच रिपोर्ट का अवलोकन किया जाए और प्रकाशन सुनिश्चित हो ताकि मृत शिक्षकों एवं पीड़ितों को समुचित न्याय प्राप्त हो सके.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बच्चों में सीखने की लालसा पैदा करनी होगी  -फादर ए. क्रिस्टु</title>
		<link>https://www.patnanow.com/kristu-translate-text-with-your-camera-the-desire-to-learn-must-be-created-in-children-father-a-christu/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 Jul 2024 09:09:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[PATNA]]></category>
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					<description><![CDATA[संत माइकल हाई स्कूल में प्रदर्शनी में कक्षा 4 और 5 के छात्रों की दिखी रचनात्मकता विज्ञान और सामाजिक अध्ययन प्रदर्शनी 2024-25 का आयोजन छात्रों में सीखने के प्रति प्रेम को बढ़ावा देने वाले नवोन्मेषी और आकर्षक शैक्षणिक अभ्यास के माध्यम से, जहाँ छात्र अपनी रुचियों को पहचान सकते हैं और अपने भविष्य के लिए आवश्यक कौशल विकसित कर सकते हैं, संत माइकल हाई स्कूल, पटना के प्राथमिक विभाग ने अपनी वार्षिक विज्ञान और सामाजिक अध्ययन प्रदर्शनी का आयोजन किया। इस प्रदर्शनी में कक्षा 4 और 5 के छात्रों की रचनात्मकता और नवोन्मेषता का प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शनी 27 जुलाई, 2024 को सुबह 9:00 बजे से 11:30 बजे तक स्कूल के परिसर में आयोजित की गई, जिसमें दर्शकों को विविध प्रकार की परियोजनाओं ने आकर्षित किया, जिनसे छात्रों की विज्ञान और सामाजिक अध्ययन में प्रमुख अवधारणाओं की समझ उजागर हुई। मीता सिंह- विज्ञान शिक्षिका, लोयोला हाई स्कूल, डॉ. बेनी ललित मिन्ज &#8211; प्रोफेसर (SXCE), श्रीमती संजना तिर्के &#8211; प्रोफेसर (SXCE), और श्रीमती सौंदर्या कुमारी &#8211; एम.एड. (SXCE) ने इस प्रदर्शनी का मूल्यांकन किया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य, फादर ए. क्रिस्टु सवरिराजन, उप-प्राचार्या, सिस्टर मैगदली बेक और निर्णायक दल के सदस्यों, शिक्षकों और छात्रों ने किया। इस वर्ष की प्रदर्शनी में छात्रों द्वारा बनाई गई परियोजनाओं का जीवंत संग्रह प्रदर्शित किया गया, जो विभिन्न वैज्ञानिक घटनाओं और सामाजिक अध्ययन के विषयों को दर्शाते हैं। परस्पर संवादात्मक प्रदर्शन से लेकर ज्ञानपूर्ण प्रस्तुतियों तक, छात्रों ने अपने ज्ञान को उत्साह और रचनात्मकता के साथ दर्शाया। छात्रों ने वैज्ञानिक सिद्धांतों को प्रदर्शित करने [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>संत माइकल हाई स्कूल में प्रदर्शनी में कक्षा 4 और 5 के छात्रों की दिखी रचनात्मकता</strong> <br><strong>विज्ञान और सामाजिक अध्ययन प्रदर्शनी 2024-25 का आयोजन </strong><br></p>



<p><br>छात्रों में सीखने के प्रति प्रेम को बढ़ावा देने वाले नवोन्मेषी और आकर्षक शैक्षणिक अभ्यास के माध्यम से, जहाँ छात्र अपनी रुचियों को पहचान सकते हैं और <strong>अपने भविष्य के लिए आवश्यक कौशल विकसित कर सकते हैं,</strong> संत माइकल हाई स्कूल, पटना के प्राथमिक विभाग ने अपनी वार्षिक विज्ञान और सामाजिक अध्ययन प्रदर्शनी का आयोजन किया। </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="472" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/IMG-20240727-WA0044-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-85833" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/IMG-20240727-WA0044-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/IMG-20240727-WA0044-650x299.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/IMG-20240727-WA0044-1536x708.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



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<p>इस प्रदर्शनी में कक्षा 4 और 5 के छात्रों की रचनात्मकता और नवोन्मेषता का प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शनी 27 जुलाई, 2024 को सुबह 9:00 बजे से 11:30 बजे तक स्कूल के परिसर में आयोजित की गई, जिसमें दर्शकों को विविध प्रकार की परियोजनाओं ने आकर्षित किया, जिनसे छात्रों की विज्ञान और सामाजिक अध्ययन में प्रमुख अवधारणाओं की समझ उजागर हुई।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="472" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/IMG-20240727-WA0045-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-85836" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/IMG-20240727-WA0045-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/IMG-20240727-WA0045-650x299.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/IMG-20240727-WA0045-1536x708.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मीता सिंह- विज्ञान शिक्षिका, लोयोला हाई स्कूल, डॉ. बेनी ललित मिन्ज &#8211; प्रोफेसर (SXCE), श्रीमती संजना तिर्के &#8211; प्रोफेसर (SXCE), और श्रीमती सौंदर्या कुमारी &#8211; एम.एड. (SXCE) ने इस प्रदर्शनी का मूल्यांकन किया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य, फादर ए. क्रिस्टु सवरिराजन, उप-प्राचार्या, सिस्टर मैगदली बेक और निर्णायक दल के सदस्यों, शिक्षकों और छात्रों ने किया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="472" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/IMG-20240727-WA0043-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-85841" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/IMG-20240727-WA0043-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/IMG-20240727-WA0043-650x299.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/IMG-20240727-WA0043-1536x708.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस वर्ष की प्रदर्शनी में छात्रों द्वारा बनाई गई परियोजनाओं का जीवंत संग्रह प्रदर्शित किया गया, जो विभिन्न वैज्ञानिक घटनाओं और सामाजिक अध्ययन के विषयों को दर्शाते हैं। परस्पर संवादात्मक प्रदर्शन से लेकर ज्ञानपूर्ण प्रस्तुतियों तक, छात्रों ने अपने ज्ञान को उत्साह और रचनात्मकता के साथ दर्शाया। छात्रों ने वैज्ञानिक सिद्धांतों को प्रदर्शित करने के लिए हाथों से प्रयोग किए और मॉडल प्रस्तुत किए।<br>सामाजिक विज्ञान प्रदर्शनी की प्रमुख विशेषताओं में एक सक्रिय ज्वालामुखी मॉडल, एक सौर मंडल , पृथ्वी की वायुमंडलीय परतें, प्रमुख भू आकृतियाँ, सात बहनें, लैंगिक असमानता, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और जल ऊर्जा, सिंधु घाटी सभ्यता, जलियांवाला बाग, द्वितीय विश्व युद्ध, राज्य और राजधानी पहचानने वाला, भूकंप प्रतिरोधी शहर, बाँध, पिरामिड, कारगिल युद्ध, सौर ऊर्जा सिंचाई प्रणाली, थर्मल ऊर्जा, आदि शामिल हैं। विज्ञान प्रदर्शनी में वर्षा जल संचयन, परिवहन के साधन, सतत कृषि, उत्सर्जन प्रणाली का मॉडल, जल विद्युत संयंत्र, सेंसर डिटेक्टर, दृष्टिहीनों के चश्मे, इलेक्ट्रिक लिफ्ट, बर्मूडा त्रिकोण, सौर ऊर्जा सिंचाई, भूकंप अलार्म, माइक्रोस्कोप, आदि शामिल थे, जिन्हें छात्रों ने स्व-निर्देशित और आयोजित किया।</p>



<p><br>छात्र आगंतुकों के सामने अपनी परियोजनाएँ प्रस्तुत करने में बारी-बारी से लगे रहे, अपनी शोध प्रक्रिया और निष्कर्षों की जानकारी साझा किया, जिसने छात्रों को सार्वजनिक भाषण कौशल को विकसित करने और अपने कार्य में आत्मविश्वास बढ़ाने का एक मंच प्रदान किया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="448" height="299" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/IMG-20240727-WA0040.jpg" alt="" class="wp-image-85839"/></figure>



<p>यह प्रदर्शनी न केवल छात्रों की मेहनत को उजागर करती है, बल्कि छात्र-आधारित अधिगम के महत्त्व की भी पुष्टि करती है। प्राचार्य, फादर ए. क्रिस्टु सवरिराजन ने छात्रों और उनकी परियोजनाओं के प्रति उनके समर्पण को देखकर बेहद गर्व का अनुभव किया।<br>इस प्रदर्शनी में माता-पिता तथा अभिभावकों को आमंत्रित किया गया था, ताकि वे छात्रों की मेहनत को महसूस कर सकें और हमारे युवा शिक्षार्थियों की सफलता तथा ज्ञान प्रदर्शन में उनका प्रोत्साहन एवं समर्थन कर सकें। </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="448" height="299" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/IMG-20240727-WA0039.jpg" alt="" class="wp-image-85838"/></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/IMG-20240727-WA0048-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-85837" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/IMG-20240727-WA0048-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/IMG-20240727-WA0048-650x650.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>यह प्रदर्शनी एक बड़ी सफलता थी, जिसने छात्रों को अपने ज्ञान को प्रदर्शित करने और सब के साथ अपनी खोजों को साझा करने का अवसर दिया।</p>



<p>Pnc desk </p>
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		<title>शिक्षा मंत्री की शिक्षकों से अपील</title>
		<link>https://www.patnanow.com/appeal-to-teachers/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 15 Feb 2024 10:48:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
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					<description><![CDATA[बहकावे या उकसावे में न आएं शिक्षक पटना, 15 फरवरी. शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी बनने हेतु सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण करना है. अभी तक इस हेतु तीन ऑनलाइन परीक्षा का प्रावधान है. शिक्षकों की तरफ से लगातार मांग की जा रही थी कि ऑनलाइन परीक्षाओं के साथ ऑफलाइन (लिखित) परीक्षा हो, अन्यथा पुराने शिक्षकों को कठिनाई होगी. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने इनकी परेशानी को देखते हुए दो बार ऑफलाइन (लिखित) सक्षमता परीक्षा भी आयोजित करने का निर्णय लिया है. चौधरी ने शिक्षकों से अपील किया है कि वे धैर्य रखें और किसी बहकावे में नहीं आएँ. कुछ लोग अपना हित साधने के लिए उन्हें उकसा सकते हैं. सरकार उनके हितों का ख्याल रखेगी. हाल के दिनों में शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार हुआ है तथा सुदूर इलाके के विद्यालय भी पूरे समय तक चलते हैं. इससे सरकारी शिक्षा व्यवस्था में बिहारवासियों का भरोसा बढ़ा है. इसे बरकरार रखने की जरूरत है. pncb]]></description>
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<p><strong>बहकावे या उकसावे में न आएं शिक्षक</strong></p>



<p>पटना, 15 फरवरी. शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी बनने हेतु सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण करना है. अभी तक इस हेतु तीन ऑनलाइन परीक्षा का प्रावधान है. शिक्षकों की तरफ से लगातार मांग की जा रही थी कि ऑनलाइन परीक्षाओं के साथ ऑफलाइन (लिखित) परीक्षा हो, अन्यथा पुराने शिक्षकों को कठिनाई होगी. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने इनकी परेशानी को देखते हुए दो बार ऑफलाइन (लिखित) सक्षमता परीक्षा भी आयोजित करने का निर्णय लिया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/02/1000476493-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-82632" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/02/1000476493.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/02/1000476493-350x197.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2024/02/1000476493-768x433.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>चौधरी ने शिक्षकों से अपील किया है कि वे धैर्य रखें और किसी बहकावे में नहीं आएँ. कुछ लोग अपना हित साधने के लिए उन्हें उकसा सकते हैं. सरकार उनके हितों का ख्याल रखेगी. हाल के दिनों में शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार हुआ है तथा सुदूर इलाके के विद्यालय भी पूरे समय तक चलते हैं. इससे सरकारी शिक्षा व्यवस्था में बिहारवासियों का भरोसा बढ़ा है. इसे बरकरार रखने की जरूरत है.</p>



<p><strong>pncb</strong></p>
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		<title>राजकीय सम्मान की राशि विद्यालय को किया दान</title>
		<link>https://www.patnanow.com/award-money-donate-to-school/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 08 Sep 2023 15:46:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[राजकीय सम्मान पानी वाली शिक्षिका नीतू शाही ने सम्मान की राशि ₹15000 सरकारी विद्यालय के विकास में दान कर दिया फुलवारी शरीफ,(अजीत): शिक्षक दिवस के अवसर पर पटना में फुलवारी शरीफ प्रखंड कॉलोनी सरकारी विद्यालय की शिक्षिका नीतू शाही को राजकीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया . नीतीश शाही ने बताया कि उन्होंने सम्मान की राशि ₹15000 को अपने विद्यालय के विकास मद में समर्पित कर दिया है .उन्होंने बताया की इस राशि को स्कूल के शिक्षा समिति के सदस्य सचिव को जमा करा दिया जिससे हमारे विद्यालय में जो कमी है पूरा हो सके. शिक्षिका नीतू शाही ने बताया कि राजकीय सम्मान मिलने से बच्चों में खुशी की लहर है. इस सम्मान का असली हकदार मेरे स्कूल के बच्चें ही है जो मेरे द्वारा किया गया कार्य में अपना योगदान देते है. चाहे सीखने का हो या सिखाने का हमेशा बच्चे तैयार रहते है. शुक्रवार को इस सम्मान मिलने की खुशी में विद्यालय में समारोह का आयोजन हुआ. बता दे की फुलवारी शरीफ के प्रखंड कॉलोनी में सरकारी विद्यालय के शिक्षक का नीतू सही अपने द्वारा लगातार पौधारोपण का रिकॉर्ड बना चुकी है उन्होंने अब तक 10000 से अधिक पौधारोपण का काम पूरा कर लिया है इसके अलावा स्कूल में बराबर सांस्कृतिक सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन करती है जिससे बच्चों का सहमति विकास हो सके शिक्षिका हेतु साहित्य के द्वारा किए जा रहे हैं पर्यावरण संरक्षण और विद्यालय में बच्चों के लिए किया जा रहे हैं कार्यों को देखते हुए सरकार ने उन्हें शिक्षक दिवस पर राजकीय समारोह सम्मानित [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>राजकीय सम्मान पानी वाली शिक्षिका नीतू शाही ने सम्मान की राशि ₹15000 सरकारी विद्यालय के विकास में दान कर दिया</strong></p>



<p>फुलवारी शरीफ,(<strong>अजीत</strong>): शिक्षक दिवस के अवसर पर पटना में फुलवारी शरीफ प्रखंड कॉलोनी सरकारी विद्यालय की शिक्षिका नीतू शाही को राजकीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया . नीतीश शाही ने बताया कि उन्होंने सम्मान की राशि ₹15000 को अपने विद्यालय के विकास मद में समर्पित कर दिया है .उन्होंने बताया की इस राशि को स्कूल के शिक्षा समिति के सदस्य सचिव को जमा करा दिया जिससे हमारे विद्यालय में जो कमी है पूरा हो सके.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="465" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_donate-amount-to-school-650x465.jpg" alt="" class="wp-image-77953" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_donate-amount-to-school-650x465.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_donate-amount-to-school-350x250.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_donate-amount-to-school-768x549.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_donate-amount-to-school.jpg 1074w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>शिक्षिका नीतू शाही ने बताया कि राजकीय सम्मान मिलने से बच्चों में खुशी की लहर है. इस सम्मान का असली हकदार मेरे स्कूल के बच्चें ही है जो मेरे द्वारा किया गया कार्य में अपना योगदान देते है. चाहे सीखने का हो या सिखाने का हमेशा बच्चे तैयार रहते है. शुक्रवार को इस सम्मान मिलने की खुशी में विद्यालय में समारोह का आयोजन हुआ.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="552" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_donate-amount-to-school-01-650x552.jpg" alt="" class="wp-image-77954" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_donate-amount-to-school-01-650x552.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_donate-amount-to-school-01-350x297.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/PNC_donate-amount-to-school-01.jpg 766w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>बता दे की फुलवारी शरीफ के प्रखंड कॉलोनी में सरकारी विद्यालय के शिक्षक का नीतू सही अपने द्वारा लगातार पौधारोपण का रिकॉर्ड बना चुकी है उन्होंने अब तक 10000 से अधिक पौधारोपण का काम पूरा कर लिया है इसके अलावा स्कूल में बराबर सांस्कृतिक सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन करती है जिससे बच्चों का सहमति विकास हो सके शिक्षिका हेतु साहित्य के द्वारा किए जा रहे हैं पर्यावरण संरक्षण और विद्यालय में बच्चों के लिए किया जा रहे हैं कार्यों को देखते हुए सरकार ने उन्हें शिक्षक दिवस पर राजकीय समारोह सम्मानित किया है.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>टीबीटी अवार्ड के ये छः शिक्षक हुए चयनित</title>
		<link>https://www.patnanow.com/these-r-the-tb-awardee-of-bhojpur/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 30 Aug 2023 11:14:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
		<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
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		<category><![CDATA[School education]]></category>
		<category><![CDATA[TBT Award]]></category>
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		<category><![CDATA[पटना नाउ]]></category>
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					<description><![CDATA[टीबीटी अवार्ड 2023 में भोजपुर जिला के छः शिक्षक शिक्षिकाएं शामिल आरा, 30 अगस्त. शिक्षा की लगातार गिरती स्थिति से चिंतित और इसकी छवि को सुधारने में सकारात्मक सोच वाले लोगों के हमेशा समाज में अपना योगदान रहता है. उनके सकारात्मक और इनोवेटिव तरीके ने न सिर्फ शिक्षा बल्कि सोच में भी बदलाव लाने का काम किया है. ऐसे लोगों में से 6 शिक्षकों का चयन भोजपुर जिले से टीबीटी अवार्ड के लिए होना भोजपुर के लिए गर्व की बात है. सरकारी विद्यालय के शिक्षकों के द्वारा स्वत: प्रेरित होकर नि:शुल्क ऑनलाइन शिक्षण एवं प्रशिक्षण गतिविधियों में उत्कृष्टता के आधार पर भोजपुर जिला के छः शिक्षकों का चयन टीबीटी अवार्ड्स 2023 के लिए किया गया है, जिसको लेकर जिला के शिक्षकों में काफी हर्ष है. क्या है टीबीटी अवार्ड टीबीटी अवार्ड्स सरकारी विद्यालय के उन शिक्षकों को शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदान किया जाता है जो साल भर ऑनलाइन शिक्षण एवं प्रशिक्षण गतिविधियों से जुड़कर सृजनात्मक तरीके से बच्चों के भविष्य निर्माण का कार्य करते हैं. बताते चलें कि राज्य के 40 से अधिक शिक्षाविद व उच्च पदस्थ शिक्षा पदाधिकारी इस समारोह के हिस्सा बनते हैं. सरकारी विद्यालय के शिक्षकों के द्वारा बनाया व संचालित सोशल मीडिया के सबसे बड़े प्लेटफार्म &#8220;द बिहार टीचर्स हिस्ट्री मेकर्स&#8221; के द्वारा बिहार के 38 जिलों से चयनित शिक्षकों को 10 सितंबर दिन रविवार को अनुग्रह नारायण सिंह कॉलेज, पटना के विशाल सभागार में एक बड़े आयोजन के साथ इन शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा. इस अवार्ड के लिए भोजपुर जिला से कुल [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>टीबीटी अवार्ड 2023 में भोजपुर जिला के छः शिक्षक शिक्षिकाएं शामिल</strong></p>



<p>आरा, 30 अगस्त. शिक्षा की लगातार गिरती स्थिति से चिंतित और इसकी छवि को सुधारने में सकारात्मक सोच वाले लोगों के हमेशा समाज में अपना योगदान रहता है. उनके सकारात्मक और इनोवेटिव तरीके ने न सिर्फ शिक्षा बल्कि सोच में भी बदलाव लाने का काम किया है. ऐसे लोगों में से 6 शिक्षकों का चयन भोजपुर जिले से टीबीटी अवार्ड के लिए होना भोजपुर के लिए गर्व की बात है.</p>



<p>सरकारी विद्यालय के शिक्षकों के द्वारा स्वत: प्रेरित होकर नि:शुल्क ऑनलाइन शिक्षण एवं प्रशिक्षण गतिविधियों में उत्कृष्टता के आधार पर भोजपुर जिला के छः शिक्षकों का चयन टीबीटी अवार्ड्स 2023 के लिए किया गया है, जिसको लेकर जिला के शिक्षकों में काफी हर्ष है.</p>



<p><strong>क्या है टीबीटी अवार्ड</strong></p>



<p>टीबीटी अवार्ड्स सरकारी विद्यालय के उन शिक्षकों को शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदान किया जाता है जो साल भर ऑनलाइन शिक्षण एवं प्रशिक्षण गतिविधियों से जुड़कर सृजनात्मक तरीके से बच्चों के भविष्य निर्माण का कार्य करते हैं. बताते चलें कि राज्य के 40 से अधिक शिक्षाविद व उच्च पदस्थ शिक्षा पदाधिकारी इस समारोह के हिस्सा बनते हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="459" height="650" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/PNC_TBT-award-459x650.jpg" alt="" class="wp-image-77695" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/PNC_TBT-award-459x650.jpg 459w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/PNC_TBT-award-247x350.jpg 247w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/PNC_TBT-award-768x1086.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/PNC_TBT-award-1086x1536.jpg 1086w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/PNC_TBT-award.jpg 1131w" sizes="auto, (max-width: 459px) 100vw, 459px" /></figure>



<p>सरकारी विद्यालय के शिक्षकों के द्वारा बनाया व संचालित सोशल मीडिया के सबसे बड़े प्लेटफार्म &#8220;द बिहार टीचर्स हिस्ट्री मेकर्स&#8221; के द्वारा बिहार के 38 जिलों से चयनित शिक्षकों को 10 सितंबर दिन रविवार को अनुग्रह नारायण सिंह कॉलेज, पटना के विशाल सभागार में एक बड़े आयोजन के साथ इन शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा.</p>



<p>इस अवार्ड के लिए भोजपुर जिला से कुल छः शिक्षकों ने अपनी मेहनत और लगन की बदौलत इस उत्कृष्ट अवार्ड के लिए होने वाले समारोह में अपना बनाया है जो भोजपुर के लिए गर्व की बात है.</p>



<p><strong>ये हैं चयनित शिक्षक</strong></p>



<p>अपनी उत्कृष्ट शिक्षा के जरिये योगदान देने वाले शिक्षकों में<br>1) डॉ शिव कुमार प्रसाद , उत्क्रमित मध्य विद्यालय जैतपुर,<br>2) सुनिता कुमारी, उच्च विद्यालय,कारीसाथ उदवंतनगर,<br>3) मुन्ना कुमार सिंह, मध्य विद्यालय कारीसाथ,<br>4) बबिता कुमारी, उ मध्य विद्यालय, चौराई, 5) सुषमा चौधरी, उमवि कारीसाथ, अनिता पाडेय,<br>6) उ म विद्यालय कारीसाथ उदवंतनगर, भोजपुर, शामिल हैं. इन शिक्षकों ने नि:स्वार्थ भाव से रात-दिन मेहनत करके विद्यालयों को एक अलग पहचान दी है.</p>



<p>शिक्षकों ने बच्चों के भविष्य को सजाने और संवारने के लिए काफी मेहनत किया है. टीवीटी मंच के जिला मोटीवेटर डॉ शिव कुमार प्रसाद एवं सुनिता कुमारी ने 38 जिलों से चयनित इन शिक्षकों के साथ-साथ जिला के सभी छ: शिक्षकों के भी स्वर्णिम भविष्य की उज्जवल कामना करते हुए उनके चयन की आधिकारिक पुष्टि की है.</p>



<p>आरा से <strong>ओ पी पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>
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			</item>
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		<title>शिक्षक संघ ने दी आन्दोलन तेज करने की चेतावनी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/teachers-warning-to-government/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Aug 2023 01:57:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar teachers]]></category>
		<category><![CDATA[Bspta]]></category>
		<category><![CDATA[education]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों के अनियमित निरीक्षण एवं पदाधिकारियों द्वारा मानमाना आदेश दिये जाने पर बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष ब्रजनन्दन शर्मा, कार्यवाहक अध्यक्ष मनोज कुमार, वरीय उपाध्यक्ष नूनूमणि सिंह, राम अवतार पाण्डेय, उपाध्यक्ष घनश्याम प्रसाद यादव एवं महासचिव नागेन्द्र नाथ शर्मा ने कहा कि राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा व्यापक पैमाने पर विद्यालयों का निरीक्षण करवाया जा रहा है जो प्रशंसनीय है, परन्तु निरीक्षण के क्रम में इस बात का ख्याल नहीं रखा जा रहा है कि निरीक्षणकर्ता किस स्तर के पदाधिकारी हैं. कार्यकारी अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि काफी नीचे के स्तर के लोगों (यथा टोला सेवक, तालिमी मरकज, साधनसेवी, प्रधानमंत्री पोषण योजना, विकास मित्र, पंचायत सचिव आदि) द्वारा प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक तक के विद्यालयों का निरीक्षण कराया जा रहा है जो शिक्षकों को अपमानित करने वाला कदम है. किसी भी राज्य अथवा देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार शिक्षकों को अपमानित करके नहीं किया जा सकता है बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार हेतु शिक्षकों को सम्मानित / प्रोत्साहित महादेव मिश्र किया जाना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न स्तर के पदाधिकारियों द्वारा अनाप शनाप आदेश निर्गत हो रहा है जिसके कारण शिक्षा विभाग में अराजकता की स्थिति उत्पन्न होने से इन्कार नहीं किया जा सकता जैसे जब राज्य सरकार ने अपने महिला कर्मियों को माह में दो दिन विशेष अवकाश की सुविधा दे रखी है तो शिक्षा विभाग के माननीय अपर उपाध्यक्ष मुख्य सचिव के आदेश पर जिला कार्यक्रम [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों के अनियमित निरीक्षण एवं पदाधिकारियों द्वारा मानमाना आदेश दिये जाने पर बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष ब्रजनन्दन शर्मा, कार्यवाहक अध्यक्ष मनोज कुमार, वरीय उपाध्यक्ष नूनूमणि सिंह,  राम अवतार पाण्डेय, उपाध्यक्ष घनश्याम प्रसाद यादव एवं महासचिव नागेन्द्र नाथ शर्मा ने कहा कि राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा व्यापक पैमाने पर विद्यालयों का निरीक्षण करवाया जा रहा है जो प्रशंसनीय है, परन्तु निरीक्षण के क्रम में इस बात का ख्याल नहीं रखा जा रहा है कि निरीक्षणकर्ता किस स्तर के पदाधिकारी हैं. कार्यकारी अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि काफी नीचे के स्तर के लोगों (यथा टोला सेवक, तालिमी मरकज, साधनसेवी, प्रधानमंत्री पोषण योजना, विकास मित्र, पंचायत सचिव आदि) द्वारा प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक तक के विद्यालयों का निरीक्षण कराया जा रहा है जो शिक्षकों को अपमानित करने वाला कदम है. किसी भी राज्य अथवा देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार शिक्षकों को अपमानित करके नहीं किया जा सकता है बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार हेतु शिक्षकों को सम्मानित / प्रोत्साहित महादेव मिश्र किया जाना आवश्यक है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="426" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/pnc-bsta-primary-teacher-association-meeting.jpg" alt="" class="wp-image-73736" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/pnc-bsta-primary-teacher-association-meeting.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/pnc-bsta-primary-teacher-association-meeting-350x229.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न स्तर के पदाधिकारियों द्वारा अनाप शनाप आदेश निर्गत हो रहा है जिसके कारण शिक्षा विभाग में अराजकता की स्थिति उत्पन्न होने से इन्कार नहीं किया जा सकता जैसे जब राज्य सरकार ने अपने महिला कर्मियों को माह में दो दिन विशेष अवकाश की सुविधा दे रखी है तो शिक्षा विभाग के माननीय अपर उपाध्यक्ष मुख्य सचिव के आदेश पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), वैशाली के द्वारा उक्त छुट्टी को रद्द कर एक दिन के वेतन काटने का आदेश दिया गया है जो राज्य सरकार के आदेश का उलंघन्न है. साथ ही विद्यालय अवधि के पश्चात (04:00 बजे अपराह्न से महासचिव 06:00 बजे अपराह्न तक) प्रारंभिक विद्यालय के प्रधानाध्यापकों को संकुल / चिन्हित विद्यालय में बुलाकर विडियों कॉन्फ्रेसिंग में शामिल होने का आदेश दिया गया है जो उनके साथ घोर अन्याय है. सुदूर क्षेत्रों में कहीं-कहीं 10-10 किलोमीटर प्रधानाध्यापकों उपमहासचिव को विडियो कॉन्फ्रेसिंग में शामिल होने के लिए जाना पड़ रहा है जिसमें शिक्षकों को विशेष कर शिक्षिकाओं को काफी परेशानी हो रही है और उनकी सुरक्षा की भी समस्या उत्पन्न हो गयी है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="378" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/05/pnc-bihar-prathmik-shikshak-sangh-primary-teacher.jpg" alt="" class="wp-image-52187" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/05/pnc-bihar-prathmik-shikshak-sangh-primary-teacher.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/05/pnc-bihar-prathmik-shikshak-sangh-primary-teacher-350x204.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>आन्दोलन तेज करने की चेतावनी </strong></p>



<p>शिक्षक नेताओं ने कहा कि संगठन द्वारा मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और मुख्य सचिव, बिहार सरकार को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि अपने स्तर से पहल कर शिक्षा विभाग में उत्पन्न इस अराजकता की स्थिति कोषाध्यक्ष एवं नियम विरूद्ध कार्य पर रोक लगाते हुए शिक्षा विभाग द्वारा पूर्व में निर्धारित मानक के अनुरूप सक्षम पदाधिकारियों द्वारा विद्यालयों का निरीक्षण करने का आदेश दिया जाय. एक तरफ जहाँ राज्य के शिक्षक स्थानीय निकाय द्वारा नियुक्त शिक्षकों को राज्य कर्मी का दर्जा, पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने की माँग को लेकर आंदोलित है सरकार उनसे वार्ता करने में टाल-मटोल की नीति अपना रही है वही दूसरी ओर तरह-तरह के तुगलकी फरमान जारी किया जा रहा है जिससे बाध्य होकर शिक्षक आन्दोलन को और तेज करने को विवश होंगे. आंदोलन के कारण उत्पन्न स्थिति के लिए सरकार खुद जिम्मेवार होगी.</p>
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		<item>
		<title>बिहार से छात्रों का पलायन रोकने वाला कोचिंग क्लास</title>
		<link>https://www.patnanow.com/coaching-class-who-will-stop-migration-from-bihar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 29 Apr 2023 11:31:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
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					<description><![CDATA[कक्षा XI (JEE/NEET) के लिए 10 मई से शुरू होगा दूसरा बैच आरा, 28 अप्रैल. मेडिकल, इंजीनियरिंग और कई तकनीकि कोर्सों के लिए बिहार के छात्र सबसे ज्यादा कोटा पलायन करते हैं. यह पलायन कोटा में अध्ययन कस बेहतरीन सुविधा और शिक्षा में गुणवत्ता के कारण है. जानकर हैरानी होगी कि कोटा के बेहतरीन कोचिंग और शिक्षण संस्थानों में बिहार के ही शिक्षक शिक्षण का कार्य करते हैं. बिहार में एक निजी कोचिंग संस्थान ने इसी उद्देश्य से बिहार में कोचिंग क्लासेज की शुरुआत की जिसके बाद कोटा पलायन में छात्रों की संख्या कम हुई. अब इसी उद्देश्य से पुनः एक कोचिंग क्लासेज ने बिहार में अपनी शुरुआत की है जिसके आरा शाखा में 250 बच्चें हैं. पिछले साल अक्टूबर महीने में खुले इस कॉरपोरेट सेंटर में शिक्षण की गुणवत्ता छात्रों की संख्या बयां कर रही है. शिक्षण संस्थान का नाम है आचार्य क्लासेस,जो IIT, JEE मेंस, एडवांस NEET और CBSE बोर्डों की तैयारी के लिए राज्य स्तरीय संस्थान है. आचार्य क्लासेज के डायरेक्टर कुमार सौरभ ने बताया कि संस्थान के पास अपना एक NEEV प्रोग्राम है जो कक्षा VIII-X से सम्बंधित फाउंडेशन प्रोग्राम है. संस्थान का छपरा, बेगूसराय, आरा, आदि में स्टडी सेंटर्स चल रहे हैं. बिहार के विभिन्न शहरों में हमारे वर्चुअल सेंटर भी हैं. आचार्य क्लासेज का लक्ष्य बिहार के प्रत्येक टू टियर और थ्री टियर शहरों में पहुंचना है ताकि पटना, वाराणसी, कोटा आदि में छात्रों की भारी भीड़ को जाने से रोकना है. संस्थान का उद्देश्य बिहार के हर शहर में सस्ती कीमत पर क्वालिटी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>कक्षा XI (JEE/NEET) के लिए 10 मई से शुरू होगा दूसरा बैच</strong></p>



<p>आरा, 28 अप्रैल. मेडिकल, इंजीनियरिंग और कई तकनीकि कोर्सों के लिए बिहार के छात्र सबसे ज्यादा कोटा पलायन करते हैं. यह पलायन कोटा में अध्ययन कस बेहतरीन सुविधा और शिक्षा में गुणवत्ता के कारण है. जानकर हैरानी होगी कि कोटा के बेहतरीन कोचिंग और शिक्षण संस्थानों में बिहार के ही शिक्षक शिक्षण का कार्य करते हैं. बिहार में एक निजी कोचिंग संस्थान ने इसी उद्देश्य से बिहार में कोचिंग क्लासेज की शुरुआत की जिसके बाद कोटा पलायन में छात्रों की संख्या कम हुई. अब इसी उद्देश्य से पुनः एक कोचिंग क्लासेज ने बिहार में अपनी शुरुआत की है जिसके आरा शाखा में 250 बच्चें हैं. पिछले साल अक्टूबर महीने में खुले इस कॉरपोरेट सेंटर में शिक्षण की गुणवत्ता छात्रों की संख्या बयां कर रही है. शिक्षण संस्थान का नाम है आचार्य क्लासेस,जो IIT, JEE मेंस, एडवांस NEET और CBSE बोर्डों की तैयारी के लिए राज्य स्तरीय संस्थान है.</p>



<p>आचार्य क्लासेज के डायरेक्टर कुमार सौरभ ने बताया कि संस्थान के पास अपना एक NEEV प्रोग्राम है जो कक्षा VIII-X से सम्बंधित फाउंडेशन प्रोग्राम है. संस्थान का छपरा, बेगूसराय, आरा, आदि में स्टडी सेंटर्स चल रहे हैं. बिहार के विभिन्न शहरों में हमारे वर्चुअल सेंटर भी हैं. आचार्य क्लासेज का लक्ष्य बिहार के प्रत्येक टू टियर और थ्री टियर शहरों में पहुंचना है ताकि पटना, वाराणसी, कोटा आदि में छात्रों की भारी भीड़ को जाने से रोकना है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="411" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/PNC_Achraya-clases-Ara.jpg" alt="" class="wp-image-73829" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/04/PNC_Achraya-clases-Ara.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/04/PNC_Achraya-clases-Ara-350x221.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>संस्थान का उद्देश्य बिहार के हर शहर में सस्ती कीमत पर क्वालिटी बेस्ड शिक्षा, सर्वोत्तम सुविधाएं और सर्वोत्तम वातावरण प्रदान करना है.</p>



<p>संस्थान ने 150 से अधिक छात्रों के साथ 10 अप्रैल ​​को इस साल नया बैच (कक्षा VIII-X) प्रारंभ किया.</p>



<p>संस्थान ने 11 अप्रैल को ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के पहले बैच का शुभारंभ किया. अब कक्षा XI (JEE/NEET) के लिए दूसरा बैच 10 मई को शुरू होगा. संस्थान ने<br>स्कॉलरशिप की व्यवस्था रखी है. पटना नाउ ने जब अगले बैच में छात्रों की संख्या की बात पूछा तो पता चला कि 10 मई वाले बैच के लिए मात्र 30 सीटें ही अब उपलब्ध हैं. पटना नाउ से बात चीत के दौरान आचार्य क्लासेज के दिगंता कोटोकी, विकास कुमार, सुरेन्द्र यादव और निक्की झा मौजूद थे.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>संभावना के संस्थापक की 16वीं पुण्यतिथि मनी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/16th-death-anniversary-of-sharda-babu/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Mar 2023 01:51:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[ARA]]></category>
		<category><![CDATA[BHOJPUR]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
		<category><![CDATA[education]]></category>
		<category><![CDATA[Journalist O P Pandey]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[Sambhavna school]]></category>
		<category><![CDATA[पटना नाउ]]></category>
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					<description><![CDATA[स्व. शारदा प्रसाद सिंह की 16 वीं पुण्यतिथि मनी शहर के संभावना आवासीय उच्च विद्यालय में आयोजित हुआ कार्यक्रम आरा,15 मार्च. शहर के शुभ नारायण नगर मझौंवा स्थित &#8216;शांति स्मृति&#8217; संभावना आवासीय उच्च विद्यालय में मंगलवार को पूर्व सहकारिता पदाधिकारी सह संभावना आवासीय उच्च विद्यालय के संस्थापक स्व. शारदा प्रसाद सिंह की 16वीं पुण्यतिथि मनाई गई. इस मौके पर विद्यालय के निदेशक डॉ. कुमार द्विजेंद्र, प्राचार्या डाॅ. अर्चना सिंह समेत सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उनके तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि व्यक्त की. इस मौके पर विद्यालय के निदेशक डॉ. कुमार द्विजेंद्र ने कहा कि बाबूजी की प्रेरणा से आज संभावना स्कूल भोजपुर जिले ही नहीं बल्कि सूबे में अपना नाम रोशन कर रहा था. यहां से शिक्षा प्राप्त कर होनहार छात्र उच्च पदों पर आसीन होकर देश में विद्यालय का नाम बढा रहे हैं. प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह ने कहा कि बाबूजी का शिक्षा के प्रति विशेष लगाव था उनका कहना था कि शिक्षा के माध्यम से ही हमारा समाज व देश तरक्की कर सकता है उनके अधूरे कार्यों को पूरा करना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी. आज लोगों को उनके पद चिह्नों पर चलने एवं विचारों को आत्मसात करने की जरूरत है. PNCB]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>स्व. शारदा प्रसाद सिंह की 16 वीं पुण्यतिथि मनी</strong></p>



<p><strong>शहर के संभावना आवासीय उच्च विद्यालय में आयोजित हुआ कार्यक्रम</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="338" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_16th-punyatithi-Sharda-babu.jpg" alt="" class="wp-image-72278" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_16th-punyatithi-Sharda-babu.jpg 338w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_16th-punyatithi-Sharda-babu-197x350.jpg 197w" sizes="auto, (max-width: 338px) 100vw, 338px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="314" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_16th-punyatithi-Sharda-babu-7.jpg" alt="" class="wp-image-72279" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_16th-punyatithi-Sharda-babu-7.jpg 314w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_16th-punyatithi-Sharda-babu-7-183x350.jpg 183w" sizes="auto, (max-width: 314px) 100vw, 314px" /></figure>



<p>आरा,15 मार्च. शहर के शुभ नारायण नगर मझौंवा स्थित &#8216;शांति स्मृति&#8217; संभावना आवासीय उच्च विद्यालय में मंगलवार को पूर्व सहकारिता पदाधिकारी सह संभावना आवासीय उच्च विद्यालय के संस्थापक स्व. शारदा प्रसाद सिंह की 16वीं पुण्यतिथि मनाई गई. इस मौके पर विद्यालय के निदेशक डॉ. कुमार द्विजेंद्र, प्राचार्या डाॅ. अर्चना सिंह समेत सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उनके तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि व्यक्त की.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_16th-punyatithi-Sharda-babu-6.jpg" alt="" class="wp-image-72280" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_16th-punyatithi-Sharda-babu-6.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_16th-punyatithi-Sharda-babu-6-350x158.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_16th-punyatithi-Sharda-babu-4.jpg" alt="" class="wp-image-72281" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_16th-punyatithi-Sharda-babu-4.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_16th-punyatithi-Sharda-babu-4-350x158.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इस मौके पर विद्यालय के निदेशक डॉ. कुमार द्विजेंद्र ने कहा कि बाबूजी की प्रेरणा से आज संभावना स्कूल भोजपुर जिले ही नहीं बल्कि सूबे में अपना नाम रोशन कर रहा था. यहां से शिक्षा प्राप्त कर होनहार छात्र उच्च पदों पर आसीन होकर देश में विद्यालय का नाम बढा रहे हैं. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_16th-punyatithi-Sharda-babu-5.jpg" alt="" class="wp-image-72282" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_16th-punyatithi-Sharda-babu-5.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_16th-punyatithi-Sharda-babu-5-350x263.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_16th-punyatithi-Sharda-babu-3.jpg" alt="" class="wp-image-72283" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_16th-punyatithi-Sharda-babu-3.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_16th-punyatithi-Sharda-babu-3-350x158.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह ने कहा कि बाबूजी का शिक्षा के प्रति विशेष लगाव था उनका कहना था कि शिक्षा के माध्यम से ही हमारा समाज व देश तरक्की कर सकता है उनके अधूरे कार्यों को पूरा करना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी. आज लोगों को उनके पद चिह्नों पर चलने एवं विचारों को आत्मसात करने की जरूरत है.</p>



<p><strong>PNCB</strong></p>
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