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	<title>Education news &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>Education news &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>लंबे इंतजार के बाद लाइब्रेरियन के ट्रांसफर का नोटिफिकेशन जारी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 20 Aug 2026 13:15:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार में कार्यरत हैं एक हजार से अधिक लाइब्रेरियन सिर्फ सक्षमता पास लाइब्रेरियन को ही ट्रांसफर का मौका पटना ।। बिहार सरकार ने राज्य के माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत पुस्तकालयाध्यक्षों के स्थानान्तरण और पदस्थापन के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। शिक्षा विभाग द्वारा 20 अगस्त 2026 को जारी &#8220;बिहार राज्य शिक्षक स्थानान्तरण (संशोधन) नियमावली, 2026&#8221; के तहत अब पुस्तकालयाध्यक्षों का तबादला भी शिक्षकों की तर्ज पर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा. शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, ये नियम बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली, 2023 के अंतर्गत सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके और वर्तमान में विद्यालयों में कार्यरत पुस्तकालयाध्यक्षों पर लागू होंगे. इनकी नियुक्ति का अधिकार जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिया गया है. महिला और पुरुष के लिए अलग प्रावधाननए नियमों के अनुसार महिला और पुरुष पुस्तकालयाध्यक्षों के लिए गृह क्षेत्र को लेकर अलग-अलग छूट दी गई है.महिला पुस्तकालयाध्यक्ष अनुरोध करने पर अपने गृह पंचायत को छोड़कर उसी प्रखंड के किसी अन्य विद्यालय में रिक्ति के आधार पर पदस्थापित हो सकेंगी. गंभीर बीमारी या उच्च दिव्यांगता की स्थिति में सक्षम प्राधिकार द्वारा विशेष छूट दी जा सकेगी.वहीं पुरुष पुस्तकालयाध्यक्ष अपने गृह प्रखंड को छोड़कर उसी जिले में या अन्य जिले में रिक्ति होने पर अनुरोध के आधार पर स्थानान्तरण ले सकेंगे. पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन, वरीयता के लिए बनेगा अंकशिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सामान्य, ऐच्छिक, पारस्परिक और प्रशासनिक सभी प्रकार के स्थानान्तरण अब केवल विभागीय पोर्टल के माध्यम से ही होंगे. यदि एक ही पद [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>बिहार में कार्यरत हैं एक हजार से अधिक लाइब्रेरियन</strong> </p>



<p><strong>सिर्फ सक्षमता पास लाइब्रेरियन को ही ट्रांसफर का मौका</strong></p>



<p>पटना ।। बिहार सरकार ने राज्य के माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत पुस्तकालयाध्यक्षों के स्थानान्तरण और पदस्थापन के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। शिक्षा विभाग द्वारा 20 अगस्त 2026 को जारी &#8220;बिहार राज्य शिक्षक स्थानान्तरण (संशोधन) नियमावली, 2026&#8221; के तहत अब पुस्तकालयाध्यक्षों का तबादला भी शिक्षकों की तर्ज पर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="785" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001088617-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98681" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001088617-scaled.jpg 785w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001088617-498x650.jpg 498w" sizes="(max-width: 785px) 100vw, 785px" /></figure>



<p>शिक्षा विभाग के सचिव <em>राजीव रौशन</em> द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, ये नियम बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली, 2023 के अंतर्गत सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके और वर्तमान में विद्यालयों में कार्यरत पुस्तकालयाध्यक्षों पर लागू होंगे. इनकी नियुक्ति का अधिकार जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिया गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-thumbnail-librarian-transfer-notification-scaled.png" alt="" class="wp-image-98673" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-thumbnail-librarian-transfer-notification-scaled.png 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-thumbnail-librarian-transfer-notification-650x433.png 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>महिला और पुरुष के लिए अलग प्रावधान</strong><br>नए नियमों के अनुसार महिला और पुरुष पुस्तकालयाध्यक्षों के लिए गृह क्षेत्र को लेकर अलग-अलग छूट दी गई है.<br><em>महिला पुस्तकालयाध्यक्ष</em> अनुरोध करने पर अपने गृह पंचायत को छोड़कर उसी प्रखंड के किसी अन्य विद्यालय में रिक्ति के आधार पर पदस्थापित हो सकेंगी. गंभीर बीमारी या उच्च दिव्यांगता की स्थिति में सक्षम प्राधिकार द्वारा विशेष छूट दी जा सकेगी.<br>वहीं <em>पुरुष पुस्तकालयाध्यक्ष</em> अपने गृह प्रखंड को छोड़कर उसी जिले में या अन्य जिले में रिक्ति होने पर अनुरोध के आधार पर स्थानान्तरण ले सकेंगे.</p>



<p><strong>पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन, वरीयता के लिए बनेगा अंक</strong><br>शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सामान्य, ऐच्छिक, पारस्परिक और प्रशासनिक सभी प्रकार के स्थानान्तरण अब केवल विभागीय पोर्टल के माध्यम से ही होंगे. यदि एक ही पद के लिए एक से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं तो <em>सेवा अंक, पदस्थापन स्थल अंक और वरीयता अंक</em> के आधार पर वरीयता तय की जाएगी.<br>इसके अलावा दो पुस्तकालयाध्यक्ष आपसी सहमति से भी पोर्टल के जरिए पारस्परिक स्थानान्तरण करवा सकते हैं. पूरी प्रक्रिया विभाग द्वारा निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार संपन्न होगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="708" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-school-library-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98678" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-school-library-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/pnc-school-library-650x449.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>अनुशासनहीनता पर होगी कार्रवाई</strong><br>नियम में यह भी कहा गया है कि यदि किसी पुस्तकालयाध्यक्ष पर वित्तीय अनियमितता, अनुशासनहीनता, पुस्तकालय संचालन में लापरवाही या अमर्यादित व्यवहार का आरोप प्रमाणित होता है, तो जिला शिक्षा पदाधिकारी या जिला पदाधिकारी की अनुशंसा पर उसका प्रशासनिक आधार पर स्थानान्तरण किया जा सकेगा. हालांकि, कार्रवाई से पहले संबंधित कर्मी को 7 दिनों के अंदर कारण बताओ नोटिस देना अनिवार्य होगा.</p>



<p><strong>15 दिनों के अंदर कर सकेंगे अपील</strong><br>अधिसूचना के अनुसार जिला स्थापना समिति के निर्णय से असंतुष्ट पुस्तकालयाध्यक्ष 15 दिनों के भीतर प्रमंडलीय आयुक्त के समक्ष अपील दायर कर सकेंगे. इसी तरह राज्य स्थापना समिति के निर्णय के खिलाफ 15 दिनों में शिक्षा विभाग के सचिव से अपील की जा सकेगी.<br>विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि शिकायतें केवल सेवा अवधि, दिव्यांगता अंक या तथ्यात्मक गलतियों तक ही सीमित रहेंगी. &#8220;वांछित विद्यालय नहीं मिला&#8221; को अपील का आधार नहीं माना जाएगा.</p>



<p>विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि समिति की बैठक से पूर्व वे पोर्टल पर अपने जिले में रिक्त पदों और कार्यरत पुस्तकालयाध्यक्षों की अद्यतन जानकारी अवश्य उपलब्ध कराएं.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>&#8216;लर्निंग आउटकम के आधार पर ही हो शिक्षा व्यवस्था का आंकलन&#8217;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/education-workshop/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Apr 2026 17:57:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar education Department]]></category>
		<category><![CDATA[Education news]]></category>
		<category><![CDATA[Education workshop]]></category>
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					<description><![CDATA[गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु प्रभावी शैक्षणिक प्रबंधन पर एक दिवसीय कार्यशाला पटना।। आज अधिवेशन भवन में शिक्षा विभाग, बिहार सरकार द्वारा आयोजित एक दिवसीय उच्चस्तरीय कार्यशाला में माननीय उप मुख्यमंत्री सह शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने सहभागिता की तथा क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO), जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) एवं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) के साथ सीधा संवाद स्थापित किया. कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राज्य में शिक्षा व्यवस्था को गति प्रदान करना तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु प्रभावी रणनीति तैयार करना रहा. अपने संबोधन में मंत्री ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था का वास्तविक आकलन लर्निंग आउटकम्स के आधार पर ही किया जाना चाहिए. उन्होंने निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि शिक्षक प्रशिक्षण का छात्रों के सीखने के स्तर पर वास्तविक प्रभाव पड़ रहा है या नहीं, तथा इसके लिए नियमित मूल्यांकन की सुदृढ़ व्यवस्था विकसित की जाए. उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए केवल प्रक्रियाएं नहीं, बल्कि उनके परिणामों पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है. इस दिशा में ऑनलाइन माध्यम से लर्निंग आउटकम्स में हो रहे सुधार का निरंतर विश्लेषण किया जाएगा तथा उसके आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे. कार्यशाला के प्रारंभिक सत्र में अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिभागियों के साथ विस्तृत संवाद किया गया. उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए संसाधनों का सटीक आकलन एवं प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है. इस क्रम में सभी अधिकारियों को प्रखंडवार रिक्ति एवं स्वीकृत पदों का अद्यतन करने का निर्देश [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु प्रभावी शैक्षणिक प्रबंधन पर एक दिवसीय कार्यशाला</strong></p>



<p>पटना।। आज अधिवेशन भवन में शिक्षा विभाग, बिहार सरकार द्वारा आयोजित एक दिवसीय उच्चस्तरीय कार्यशाला में माननीय उप मुख्यमंत्री सह शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने सहभागिता की तथा क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO), जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) एवं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) के साथ सीधा संवाद स्थापित किया. कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राज्य में शिक्षा व्यवस्था को गति प्रदान करना तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु प्रभावी रणनीति तैयार करना रहा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/FB_IMG_1777047377896-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96424" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/FB_IMG_1777047377896-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/FB_IMG_1777047377896-650x434.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>अपने संबोधन में मंत्री ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था का वास्तविक आकलन लर्निंग आउटकम्स के आधार पर ही किया जाना चाहिए. उन्होंने निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि शिक्षक प्रशिक्षण का छात्रों के सीखने के स्तर पर वास्तविक प्रभाव पड़ रहा है या नहीं, तथा इसके लिए नियमित मूल्यांकन की सुदृढ़ व्यवस्था विकसित की जाए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000878894-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96422" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000878894-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000878894-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000878894-1536x1023.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए केवल प्रक्रियाएं नहीं, बल्कि उनके परिणामों पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है. इस दिशा में ऑनलाइन माध्यम से लर्निंग आउटकम्स में हो रहे सुधार का निरंतर विश्लेषण किया जाएगा तथा उसके आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="684" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000878807-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96423" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000878807-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000878807-650x434.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000878807-1536x1025.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कार्यशाला के प्रारंभिक सत्र में अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिभागियों के साथ विस्तृत संवाद किया गया. उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए संसाधनों का सटीक आकलन एवं प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है. इस क्रम में सभी अधिकारियों को प्रखंडवार रिक्ति एवं स्वीकृत पदों का अद्यतन करने का निर्देश दिया गया, ताकि कार्यबल का संतुलित उपयोग सुनिश्चित हो सके. उन्होंने मॉडल स्कूलों के संचालन हेतु निर्धारित SOP के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षकों के व्यवस्थित प्रशिक्षण तथा विद्यालय भवनों को नवाचारी एवं आकर्षक स्वरूप में विकसित करने पर विशेष बल दिया. साथ ही सभी कर्मियों के वेतन के समयबद्ध भुगतान को भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="684" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000878812-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96426" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000878812-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000878812-650x434.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000878812-1536x1025.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कार्यशाला के दौरान प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर ने मॉडल स्कूलों एवं Foundational Literacy and Numeracy (FLN) अभियान पर विशेष ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया. उन्होंने सघन नामांकन अभियान चलाकर यह सुनिश्चित करने को कहा कि प्रत्येक बच्चा समय पर विद्यालय से जुड़ सके. इस हेतु टोला सेवक एवं तालीमी मरकज के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी बल दिया गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="684" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000878809-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96427" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000878809-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000878809-650x434.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000878809-1536x1025.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कार्यशाला के एक सत्र में सेंसस निदेशक रंजिता द्वारा स्व-गणना (Self Enumeration) प्रक्रिया पर संक्षिप्त एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिसमें इसके तकनीकी पहलुओं एवं नागरिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="829" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000878893-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96428" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000878893-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/04/1000878893-650x526.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>एक अन्य महत्वपूर्ण सत्र में महानिदेशक सह मुख्य जांच आयुक्त दीपक कुमार सिंह ने अनुशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया को “क्या, कब और कैसे” के आधार पर विस्तार से समझाया. उन्होंने बताया कि किसी भी कार्रवाई के लिए स्पष्ट तथ्यों एवं साक्ष्यों का संकलन, समयबद्ध प्रक्रिया तथा विधिसम्मत एवं पारदर्शी जांच अत्यंत आवश्यक है. प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के पालन को अनिवार्य बताते हुए उन्होंने कहा कि यही निर्णय को टिकाऊ एवं न्यायसंगत बनाता है. प्रशिक्षण के दौरान केस स्टडी के माध्यम से व्यावहारिक समझ भी विकसित की गई.</p>



<p>कार्यशाला के एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्से में अध्ययन दल द्वारा अन्य राज्यों &#8211; केरल, उत्तर प्रदेश, असम, महाराष्ट्र एवं तेलंगाना &#8211; में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों एवं गुणवत्तापूर्ण कार्यों के अनुभव साझा किए गए. इनसे प्राप्त सीख को बिहार में लागू कर शिक्षा प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया गया.</p>



<p>इसके अतिरिक्त कार्यशाला में एसी, डीसी, यूसी, न्यायालयीन वाद (Court Cases), PMS पोर्टल, HRMS पोर्टल, नई शिक्षा नीति (NEP 2020), शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 तथा ई-शिक्षाकोष जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तृत चर्चा एवं प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे प्रशासनिक कार्यों में दक्षता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके.</p>



<p>कार्यशाला में शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं, प्रशासनिक प्रक्रियाओं, कक्षा-कक्ष अवलोकन, शिक्षक प्रशिक्षण एवं गुणवत्ता सुधार से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा की गई. अंततः सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि लंबित कार्यों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें. यह कार्यशाला राज्य की शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी, जवाबदेह एवं परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रभावी पहल सिद्ध होगी.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>बीएड अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर, ब्रिज कोर्स के लिए NIOS ने लॉन्च किया नया पोर्टल</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bridge-course/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 28 Nov 2025 10:31:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
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					<description><![CDATA[बीएड अभ्यर्थियों के लिए NIOS ने जारी की गाइडलाइंस पटना।। बीएड करने के बाद बिहार समेत देश के अन्य राज्यों में प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ा रहे अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है. राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) ने ऐसे शिक्षकों के लिए छह महीने के ब्रिज कोर्स (डिप्लोमा) के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हेतु नया पोर्टल लॉन्च कर दिया है. यह कोर्स उन शिक्षकों के लिए आवश्यक है जिनकी नियुक्ति NCTE की अधिसूचना के अनुसार 8 अप्रैल 2024 से पहले हुई है और जिन्होंने अभी तक अनिवार्य न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता प्राप्त नहीं की है. NIOS से मिली जानकारी के अनुसार प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण से संबंधित दिशा-निर्देश पहले ही जारी कर दिए गए हैं. नए पोर्टल के माध्यम से शिक्षक सरलता से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. वहीं, जिन शिक्षकों ने पहले पंजीकरण किया था लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके थे, उन्हें भी अपनी जानकारी दोबारा अपडेट करने का अवसर दिया गया है. ब्रिज कोर्स से जुड़े सभी सभी दिशा-निर्देश और आवश्यक अपडेट आधिकारिक पोर्टल bridge.nios.ac.in पर उपलब्ध रहेंगे. रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 25 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है. संस्थान ने स्पष्ट किया है कि यह पोर्टल केवलरजिस्ट्रेशन के उद्देश्य से है, जबकि प्रवेश से संबंधित तिथिऔर विस्तृत प्रक्रिया बाद में जारी की जाएगी. क्यों और किसके लिए है ये ब्रिज कोर्स जरूरी ये 6 महीने का ब्रिज कोर्स उन सभी बीएड प्रशिक्षित शिक्षकों के लिए जरूरी है जो कक्षा 1-5 में बहाल होकर पढ़ा रहे हैं. क्योंकि कक्षा एक से पांच में पढ़ाने वाले शिक्षकों को डीएलएड प्रशिक्षित होना [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>बीएड अभ्यर्थियों के लिए NIOS ने जारी की गाइडलाइंस</strong> </p>



<p>पटना।। बीएड करने के बाद बिहार समेत देश के अन्य राज्यों में प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ा रहे अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है. राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) ने ऐसे शिक्षकों के लिए छह महीने के ब्रिज कोर्स (डिप्लोमा) के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हेतु <strong><a href="https://bridge.nios.ac.in/">नया पोर्टल लॉन्च</a> </strong>कर दिया है. यह कोर्स उन शिक्षकों के लिए आवश्यक है जिनकी नियुक्ति NCTE की अधिसूचना के अनुसार 8 अप्रैल 2024 से पहले हुई है और जिन्होंने अभी तक अनिवार्य न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता प्राप्त नहीं की है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><a href="https://bridge.nios.ac.in/"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="542" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/pnc-nios-bridge-course-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93212" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/11/pnc-nios-bridge-course-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/11/pnc-nios-bridge-course-650x344.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></a></figure>



<p>NIOS से मिली जानकारी के अनुसार प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण से संबंधित दिशा-निर्देश पहले ही जारी कर दिए गए हैं. <a href="https://bridge.nios.ac.in/"><strong>नए पोर्टल </strong></a>के माध्यम से शिक्षक सरलता से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. वहीं, जिन शिक्षकों ने पहले पंजीकरण किया था लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके थे, उन्हें भी अपनी जानकारी दोबारा अपडेट करने का अवसर दिया गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="608" height="472" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/01/pnc-classroom-teacher-school.jpg" alt="" class="wp-image-58771" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/01/pnc-classroom-teacher-school.jpg 608w, https://www.patnanow.com/assets/2022/01/pnc-classroom-teacher-school-350x272.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 608px) 100vw, 608px" /></figure>



<p>ब्रिज कोर्स से जुड़े सभी सभी दिशा-निर्देश और आवश्यक अपडेट आधिकारिक पोर्टल <a href="https://bridge.nios.ac.in/"><strong>bridge.nios.ac.in</strong></a> पर उपलब्ध रहेंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="779" height="553" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-shiksha-vibhag-education-department.jpg" alt="" class="wp-image-85473" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-shiksha-vibhag-education-department.jpg 779w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-shiksha-vibhag-education-department-650x461.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 779px) 100vw, 779px" /></figure>



<p>रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 25 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है. संस्थान ने स्पष्ट किया है कि यह पोर्टल केवल<br>रजिस्ट्रेशन के उद्देश्य से है, जबकि प्रवेश से संबंधित तिथि<br>और विस्तृत प्रक्रिया बाद में जारी की जाएगी.</p>



<p><strong>क्यों और किसके लिए है ये ब्रिज कोर्स जरूरी </strong></p>



<p>ये 6 महीने का ब्रिज कोर्स उन सभी बीएड प्रशिक्षित शिक्षकों के लिए जरूरी है जो कक्षा 1-5 में बहाल होकर पढ़ा रहे हैं. क्योंकि कक्षा एक से पांच में पढ़ाने वाले शिक्षकों को डीएलएड प्रशिक्षित होना जरूरी है. ये नियम NCTE का है और इस बारे में सुप्रीम कोर्ट ने भी पिछले साल ही निर्णय सुनाया है कि कक्षा एक से पांच में बहाल बीएड डिग्री धारकों को 6 महीने का ब्रिज कोर्स करना होगा नहीं तो उनकी नौकरी चली जाएगी.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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