<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Education department &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<atom:link href="https://www.patnanow.com/tag/education-department/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<description>Patna News Portal - हर ख़बर पर नज़र</description>
	<lastBuildDate>Sat, 28 Feb 2026 01:35:31 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.8.3</generator>

<image>
	<url>https://www.patnanow.com/assets/2022/08/cropped-PatnaNow_Logo_2022-32x32.png</url>
	<title>Education department &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>&#8216;छोटे कदम, बड़े बदलाव&#8217;: प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग से निरंतर नवाचार की लहर</title>
		<link>https://www.patnanow.com/pbl-mela-education-department/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 28 Feb 2026 01:35:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar teachers]]></category>
		<category><![CDATA[Education department]]></category>
		<category><![CDATA[Middle school]]></category>
		<category><![CDATA[Pbl Mela]]></category>
		<category><![CDATA[Project based learning]]></category>
		<category><![CDATA[sunil kumar]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=95331</guid>

					<description><![CDATA[&#8216;शिक्षक और विद्यार्थी मिलकर बिहार को गुणवत्तापूर्ण एवं नवाचारी शिक्षा का सशक्त उदाहरण बनाएंगे&#8216; प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग कार्यक्रम के तहत राज्य स्तरीय दो दिवसीय मेला में बोले शिक्षा मंत्री पटना।। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि विज्ञान एवं गणित प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (पीबीएल) मेला में राज्य के सभी जिलों से आए विद्यार्थियों और शिक्षकों की रचनात्मकता, जिज्ञासा और नवाचार की भावना को देखकर अत्यंत गर्व और संतोष का अनुभव हुआ. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शिक्षक और विद्यार्थी मिलकर बिहार को गुणवत्तापूर्ण एवं नवाचारी शिक्षा का सशक्त उदाहरण बनाएंगे. शिक्षा मंत्री गुरुवार को राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद् (एससीईआरटी) द्वारा महेंद्रू में आयोजित पीबीएल कार्यक्रम के तहत राज्य स्तरीय मेला सह प्रदर्शनी के उद्घाटन के दौरान उक्त बातें कहीं. इसके पूर्व उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया. उसके बाद शिक्षा मंत्री, अपर मुख्य सचिव डॉ. बी राजेंद्र, प्रो. अरिंदम बोस सहित अन्य अतिथियों ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया एवं बच्चों से संवाद किया. इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह आयोजन स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि बिहार में शिक्षा सहभागिता, प्रयोग एवं वास्तविक जीवन से जुड़ी सीख की दिशा में आगे बढ़ रही है. जब बच्चे स्वयं मॉडल बनाकर, प्रयोग कर एवं अपनी समझ प्रस्तुत करते हैं, तब सीखना अधिक प्रभावी और स्थायी बनता है. इस पहल के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास तथा सहयोगात्मक सीखने की संस्कृति विकसित हो रही है. उन्होंने कहा कि हमारा सामूहिक लक्ष्य है कि आगामी राष्ट्रीय सर्वेक्षण ‘परख’ में बिहार न केवल राष्ट्रीय औसत [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>&#8216;<strong>शिक्षक और विद्यार्थी मिलकर बिहार को गुणवत्तापूर्ण एवं नवाचारी शिक्षा का सशक्त उदाहरण बनाएंगे</strong>&#8216;</p>



<p><strong>प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग कार्यक्रम के तहत राज्य स्तरीय दो दिवसीय मेला में बोले शिक्षा मंत्री </strong></p>



<p>पटना।। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि विज्ञान एवं गणित प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (पीबीएल) मेला में राज्य के सभी जिलों से आए विद्यार्थियों और शिक्षकों की रचनात्मकता, जिज्ञासा और नवाचार की भावना को देखकर अत्यंत गर्व और संतोष का अनुभव हुआ. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शिक्षक और विद्यार्थी मिलकर बिहार को गुणवत्तापूर्ण एवं नवाचारी शिक्षा का सशक्त उदाहरण बनाएंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000763508-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95338" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000763508-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000763508-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000763508-1536x864.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000763508-2048x1152.jpg 2048w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>शिक्षा मंत्री गुरुवार को राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद् (एससीईआरटी) द्वारा महेंद्रू में आयोजित पीबीएल कार्यक्रम के तहत राज्य स्तरीय मेला सह प्रदर्शनी के उद्घाटन के दौरान उक्त बातें कहीं. इसके पूर्व उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया. उसके बाद शिक्षा मंत्री, अपर मुख्य सचिव डॉ. बी राजेंद्र, प्रो. अरिंदम बोस सहित अन्य अतिथियों ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया एवं बच्चों से संवाद किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="780" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000763510-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95341" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000763510-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000763510-650x495.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह आयोजन स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि बिहार में शिक्षा सहभागिता, प्रयोग एवं वास्तविक जीवन से जुड़ी सीख की दिशा में आगे बढ़ रही है. जब बच्चे स्वयं मॉडल बनाकर, प्रयोग कर एवं अपनी समझ प्रस्तुत करते हैं, तब सीखना अधिक प्रभावी और स्थायी बनता है. इस पहल के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास तथा सहयोगात्मक सीखने की संस्कृति विकसित हो रही है. उन्होंने कहा कि हमारा सामूहिक लक्ष्य है कि आगामी राष्ट्रीय सर्वेक्षण ‘परख’ में बिहार न केवल राष्ट्रीय औसत को पार करें, बल्कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों में अपनी सशक्त पहचान स्थापित करें. वहीं अपर मुख्य सचिव डॉ. बी राजेंद्र ने कहा कि शिक्षकों और विद्यार्थियों में पठन-पाठन की ललक होनी चाहिए तभी हम आगे बढ़ सकते हैं. यह प्रयास बेहतर है इसे निरंतर जारी रखने की जरूरत है. एससीईआरटी के निदेशक  दिनेश कुमार ने कहा कि विज्ञान एवं गणित प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग मेला विद्यालयों में सीखने की बदलती दिशा का सशक्त प्रमाण है। यह पहल कक्षा को संवाद, खोज एवं प्रयोग का जीवंत मंच बना रही है, जहां विद्यार्थी स्वयं सीखने की प्रक्रिया के केंद्र में हैं. शिक्षकों की सक्रिय भूमिका एवं सामूहिक प्रयासों से सीखना अधिक अर्थपूर्ण बन रहा है। ऐसे प्रयास राज्य में गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुख शिक्षा की सुदृढ़ नींव तैयार कर रहे हैं.<br>विदित हो कि बिहार के सरकारी विद्यालयों के कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों के लिए विज्ञान एवं गणित विषय में संचालित प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (पीबीएल) कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य स्तरीय दो दिवसीय मेला सह प्रदर्शनी का आयोजन मंत्रा सोशल सर्विसेज के सहयोग से एससीईआरटी परिसर में गरुवार को किया गया, जिसमें शिक्षा मंत्री, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव सहित अन्य अतिथियों को पुस्तक भेंट कर स्वागत किया गया.<br>इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में विज्ञान से संबंधित विद्वानों का एक पैनल डिस्कशन भी आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षाविदों एवं शोधकर्ताओं ने ‘अनुभव से नेतृत्व’ विषय पर अपने विचार साझा किए. इस चर्चा के दौरान विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा उन्हें विज्ञान के व्यावहारिक अनुप्रयोगों से अवगत कराया गया. साथ ही ‘किलकारी’ के प्रतिभावान प्रशिक्षुओं द्वारा विज्ञान विषय पर नाट्य प्रस्तुति भी दी गई.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000763509-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95340" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000763509-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000763509-650x365.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000763509-1536x864.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/02/1000763509-2048x1152.jpg 2048w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस राज्य स्तरीय विज्ञान मेला सह प्रदर्शनी ने बिहार के विज्ञान एवं गणित शिक्षकों के प्रयासों को प्रदर्शित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया. इसमें राज्य के सभी 38 जिलों से चयनित छात्र-छात्राओं एवं विज्ञान तथा गणित शिक्षकों द्वारा तैयार प्रोजेक्ट्स प्रदर्शित किए गए.कार्यक्रम के दौरान राज्य स्तरीय मूल्यांकन समिति द्वारा सभी प्रोजेक्ट्स का सूक्ष्म अवलोकन किया गया तथा विद्यार्थियों से जानकारी प्राप्त की गई. सभी बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए विभिन्न जिलों से आए विद्यालयों को गणित एवं विज्ञान विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत एवं सम्मानित किया गया।<br>गणित विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विद्यालयों का चयन किया गया, जिसमें उत्क्रमित मध्य विद्यालय, हरिपुर कैमूर, पो. मध्य विद्यालय, इटहरी, बांका, उ० म० वि० पहाडपुर कटिहार, उ० म० वि० डुमरा टोल, समस्तीपुर, मध्य विद्यालय दतियाना, पटना शामिल हैं। इसी प्रकार विज्ञान विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए चयनित विद्यालयों में मध्य विद्यालय रामनगर, मुंगेर, मध्य विद्यालय बीहट, बेगूसराय, बुनियादी विद्यालय,वृंदावन, उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बंधु बिगहा, अरवल, और मध्य विद्यालय कुड़वा गयाजी शामिल है। वहीं राज्य स्तरीय विज्ञान मेला सह प्रदर्शनी में प्रतिभाग करने वाले सभी छात्र-छात्राओं एवं विज्ञान तथा गणित शिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया.<br>इस मौके पर संयुक्त निदेशक (डायट) समर बहादुर, संयुक्त निदेशक (प्रशासन) सुषमा कुमारी, विभागाध्यक्ष स्नेहाशीष दास, इम्तियाज आलम एवं विभा रानी, सभी जिलों के जिला शिक्षक शिक्षा समन्वयक, साइंस फॉर सोसाइटी के प्रोफेसर अरुण कुमार, मंत्रा सोशल सर्विसेज के प्रतिनिधि सौरभ सिंह,  नीरज दास गुरु, सभी जिलों से आए अभिभावक उपस्थित रहे.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सरकार के सारे दावे फेल, हजारों शिक्षकों को नहीं मिला वेतन</title>
		<link>https://www.patnanow.com/teacher-without-salary/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 Oct 2025 17:47:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[MONEY MATTERS]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[BIHAR TEACHER]]></category>
		<category><![CDATA[Education department]]></category>
		<category><![CDATA[Teacher salary]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=92323</guid>

					<description><![CDATA[पटना।। बिहार सरकार के दावों पर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं क्योंकि इस बार दुर्गा पूजा में भी बिहार के हजारों शिक्षकों को वेतन नहीं मिला. यानी बिना वेतन ही दशहरा बीत गया शिक्षकों का. यह बात दीगर है कि बिहार सरकार ने 25 सितंबर से ही बिहार के कर्मचारियों को वेतन देने का आदेश जारी किया था लेकिन बड़ी संख्या में विशेष रूप से शिक्षकों और प्रधान शिक्षकों को सितंबर माह का वेतन नहीं मिला. इनमें से हजारों शिक्षक ऐसे भी हैं जिन्हें करीब 3 महीने से वेतन नहीं मिला है. उसके लिए कई बार निर्देश जारी होने के बावजूद इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई. ये हाल तब है जबकि शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को समय पर वेतन और बकाया भुगतान का आदेश जारी किया है. कई शिक्षकों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि वह लगातार जिला शिक्षा कार्यालय के चक्कर काटते रहे लेकिन इसका कोई फायदा नहीं मिला. खासकर उन शिक्षकों और प्रधान शिक्षकों को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी है जिनका तबादला जून या जुलाई महीने में हुआ.दुर्गा पूजा जैसे बड़े पर्व पर भी शिक्षकों को वेतन नहीं मिला है. सिर्फ यही नहीं विशिष्ट शिक्षकों के लिए सरकार ने अब तक वेतन संरक्षण या सेवा निरंतरता की घोषणा नहीं की है जिससे लाखों शिक्षक बेहद निराश और हताश हैं. उन्हें अब भी पुराने वेतन और भत्ते से गुजारा करना पड़ रहा है.बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ समेत कई संगठनों ने 5 अक्टूबर को इन सब के विरोध में पटना में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। बिहार सरकार के दावों पर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं क्योंकि इस बार दुर्गा पूजा में भी बिहार के हजारों शिक्षकों को वेतन नहीं मिला. यानी बिना वेतन ही दशहरा बीत गया शिक्षकों का.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="779" height="553" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-shiksha-vibhag-education-department.jpg" alt="" class="wp-image-85473" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-shiksha-vibhag-education-department.jpg 779w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-shiksha-vibhag-education-department-650x461.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 779px) 100vw, 779px" /></figure>



<p>यह बात दीगर है कि बिहार सरकार ने 25 सितंबर से ही बिहार के कर्मचारियों को वेतन देने का आदेश जारी किया था लेकिन बड़ी संख्या में विशेष रूप से शिक्षकों और प्रधान शिक्षकों को सितंबर माह का वेतन नहीं मिला. इनमें से हजारों शिक्षक ऐसे भी हैं जिन्हें करीब 3 महीने से वेतन नहीं मिला है. उसके लिए कई बार निर्देश जारी होने के बावजूद इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="1016" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/10/1000429302-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-92327" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/10/1000429302-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/10/1000429302-650x645.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>ये हाल तब है जबकि शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को समय पर वेतन और बकाया भुगतान का आदेश जारी किया है. कई शिक्षकों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि वह लगातार जिला शिक्षा कार्यालय के चक्कर काटते रहे लेकिन इसका कोई फायदा नहीं मिला. खासकर उन शिक्षकों और प्रधान शिक्षकों को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी है जिनका तबादला जून या जुलाई महीने में हुआ.<br>दुर्गा पूजा जैसे बड़े पर्व पर भी शिक्षकों को वेतन नहीं मिला है. सिर्फ यही नहीं विशिष्ट शिक्षकों के लिए सरकार ने अब तक वेतन संरक्षण या सेवा निरंतरता की घोषणा नहीं की है जिससे लाखों शिक्षक बेहद निराश और हताश हैं. उन्हें अब भी पुराने वेतन और भत्ते से गुजारा करना पड़ रहा है.<br>बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ समेत कई संगठनों ने 5 अक्टूबर को इन सब के विरोध में पटना में धरना और प्रदर्शन करने की घोषणा की है.<br>बता दें कि बिहार में इस वर्ष विधानसभा का चुनाव होना है और चुनाव की घोषणा अब किसी भी दिन हो सकती है. चुनाव की घोषणा होने के बाद चुनाव आचार संहिता लागू होने पर कर्मचारियों को अगले कई महीने तक इंतजार करना पड़ेगा.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>&#8217;24 हजार से ज्यादा शिक्षकों का हुआ तबादला, बाकी को फिर से करना होगा आवेदन&#8217;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/education-minister-pc/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Sep 2025 08:17:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[जॉब/करियर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[BIHAR TEACHER]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar teacher transfer]]></category>
		<category><![CDATA[Education department]]></category>
		<category><![CDATA[Sunil Kumar pc]]></category>
		<category><![CDATA[Teacher transfer]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=92176</guid>

					<description><![CDATA[शिक्षा मंत्री सुनील कुमार की प्रेस कॉन्फ्रेंस लगभग 24600 शिक्षकों का इस बार हुआ ट्रांसफर बाकी 17000 को फिर से मिलेगा आवेदन का मौका पटना।। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने आज एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि अंतर जिला तबादला के लिए 5 से 13 सितम्बर तक ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर कुल 41,689 शिक्षकों (महिला 17,960 और पुरुष-23,729) ने ट्रांसफर के लिए आवेदन किया था. शिक्षकों को तीन जिला चुनने का विकल्प दिया गया था. उन्होंने बताया कि शिक्षकों द्वारा चुने गए तीन जिले और वहां उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर सॉफ्टवेयर के जरिए जिला आवंटन किया गया है. इस प्रक्रिया में लगभग 24,600 शिक्षकों का ट्रांसफर उनके पसंद के जिलों में से किसी एक जिले में हो गया है. इनमें करीब 9,900 महिला और 14,700 पुरुष शिक्षक शामिल हैं. शिक्षा मंत्री ने कहा कि दिव्यांग शिक्षकों को भी प्राथमिकता दी गई है. कुल 61 दिव्यांग महिला शिक्षिकाओं में से 92 प्रतिशत और पुरुष दिव्यांग शिक्षकों में 83 प्रतिशत को पसंद का जिला मिला है. उन्होंने कहा कि लगभग 17,000 शिक्षकों को अभी जिला आवंटित नहीं किया जा सका है. अब इनसे 23 से 28 सितम्बर तक फिर से तीन नए जिलों का विकल्प मांगा जाएगा. इसके बाद जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात और खाली पदों को देखते हुए अंतिम विद्यालय आवंटन करेगी. TRE4 और STET पर क्या बोले शिक्षा मंत्री एक तरफ वैकेंसी बढ़ाने को लेकर शिक्षक अभ्यर्थी पटना में आए दिन आंदोलन कर रहे हैं. दूसरी तरफ आज शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने साफ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>शिक्षा मंत्री सुनील कुमार की प्रेस कॉन्फ्रेंस </strong></p>



<p><strong>लगभग 24600 शिक्षकों का इस बार हुआ ट्रांसफर </strong></p>



<p><strong>बाकी 17000 को फिर से मिलेगा आवेदन का मौका </strong></p>



<p>पटना।। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने आज एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि अंतर जिला तबादला के लिए 5 से 13 सितम्बर तक ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर कुल 41,689 शिक्षकों (महिला 17,960 और पुरुष-23,729) ने ट्रांसफर के लिए आवेदन किया था. शिक्षकों को तीन जिला चुनने का विकल्प दिया गया था.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="635" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-shiksha-mantri-Sunil-Kumar-education-department-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-92184" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-shiksha-mantri-Sunil-Kumar-education-department-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-shiksha-mantri-Sunil-Kumar-education-department-650x403.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने बताया कि शिक्षकों द्वारा चुने गए तीन जिले और वहां उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर सॉफ्टवेयर के जरिए जिला आवंटन किया गया है. इस प्रक्रिया में लगभग 24,600 शिक्षकों का ट्रांसफर उनके पसंद के जिलों में से किसी एक जिले में हो गया है. इनमें करीब 9,900 महिला और 14,700 पुरुष शिक्षक शामिल हैं. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="779" height="553" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-shiksha-vibhag-education-department.jpg" alt="" class="wp-image-85473" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-shiksha-vibhag-education-department.jpg 779w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-shiksha-vibhag-education-department-650x461.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 779px) 100vw, 779px" /></figure>



<p>शिक्षा मंत्री ने कहा कि दिव्यांग शिक्षकों को भी प्राथमिकता दी गई है. कुल 61 दिव्यांग महिला शिक्षिकाओं में से 92 प्रतिशत और पुरुष दिव्यांग शिक्षकों में 83 प्रतिशत को पसंद का जिला मिला है.</p>



<p>उन्होंने कहा कि लगभग 17,000 शिक्षकों को अभी जिला आवंटित नहीं किया जा सका है. अब इनसे 23 से 28 सितम्बर तक फिर से तीन नए जिलों का विकल्प मांगा जाएगा. इसके बाद जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात और खाली पदों को देखते हुए अंतिम विद्यालय आवंटन करेगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="647" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-education-department-pc-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-92185" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-education-department-pc-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-education-department-pc-650x411.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-education-department-pc-1536x971.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>TRE4 और STET पर क्या बोले शिक्षा मंत्री </strong></p>



<p>एक तरफ वैकेंसी बढ़ाने को लेकर शिक्षक अभ्यर्थी पटना में आए दिन आंदोलन कर रहे हैं. दूसरी तरफ आज शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने साफ कर दिया है कि TRE4 के तहत 26000 से ज्यादा वैकेंसी आएगी. वहीं STET के लिए आवेदन 27 सितंबर तक लिए जाएंगे जबकि परीक्षा 12 से 31 अक्टूबर के बीच होगी. उन्होंने कहा कि STET का रिजल्ट 15 नवंबर को जारी किया जाएगा.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कठपुतलियों से होगी पढ़ाई!</title>
		<link>https://www.patnanow.com/puppet-will-teach-students/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 19 Jul 2025 07:32:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ACADEMIC]]></category>
		<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[ARA]]></category>
		<category><![CDATA[BHOJPUR]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
		<category><![CDATA[education]]></category>
		<category><![CDATA[Education department]]></category>
		<category><![CDATA[Journalist O P Pandey]]></category>
		<category><![CDATA[oppandeyarticle]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[Pooja Kumari]]></category>
		<category><![CDATA[Puppet]]></category>
		<category><![CDATA[Teacher Pooja Kumari]]></category>
		<category><![CDATA[कठपुतली]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=91173</guid>

					<description><![CDATA[बच्चे अब कठपुतलियों से करेंगे पढ़ाई भोजपुर की महिला शिक्षिकाओं ने राष्ट्रीय मंच पर रचा शिक्षण का नया प्रयोग आरा, 19 जुलाई(ओपी पांडेय)। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत बच्चों को पढ़ाने का तरीका अब बदल रहा है. अब किताबों के साथ-साथ कठपुतलियों की मदद से भी बच्चे गणित, विज्ञान और पर्यावरण जैसे विषय सीखेंगे. यह कोई मंचीय प्रयोग नहीं, बल्कि एक सुनियोजित पहल है, जिसमें परंपरागत कठपुतली कला को शिक्षण का माध्यम बनाया जा रहा है. नई दिल्ली स्थित सीसीआरटी (सांस्कृतिक स्रोत और प्रशिक्षण केंद्र) द्वारा हाल ही में एक राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें देशभर से चुने गए शिक्षकों को कठपुतली के जरिए पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया गया. इस कार्यशाला में बिहार के 11 शिक्षक शामिल हुए, जिनमें भोजपुर जिले की तीन महिला शिक्षिकाओं पूजा कुमारी (उत्क्रमित मध्य विद्यालय, इसाढ़ी), याशिका (एनपीएस, नयका टोला) और सुनैना कुमारी (बुढ़वल, जगदीशपुर) ने भाग लिया. शिक्षा और कला का संगम कार्यशाला में शिक्षकों को पुतली निर्माण, संवाद लेखन, कहानी प्रस्तुति और विभिन्न शैक्षणिक विषयों को नाटकीय शैली में प्रस्तुत करने की विधियाँ सिखाई गईं. उन्हें बताया गया कि किस तरह कठपुतलियों के माध्यम से बच्चों की जिज्ञासा को जगाया जा सकता है और विषयों को अधिक प्रभावी और यादगार बनाया जा सकता है. प्रशिक्षण पूरा करने पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किया गया. बच्चों के साथ संवाद का नया जरिया पूजा कुमारी ने बताया कि यह तरीका बच्चों से संवाद स्थापित करने का अनोखा और सजीव माध्यम है.“अब हम सिर्फ शिक्षक नहीं रहेंगे, बल्कि बच्चों के सहयात्री बनेंगे. [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>बच्चे अब कठपुतलियों से करेंगे पढ़ाई <br>भोजपुर की महिला शिक्षिकाओं ने राष्ट्रीय मंच पर रचा शिक्षण का नया प्रयोग</strong></p>



<p>आरा, 19 जुलाई(<strong>ओपी पांडेय</strong>)। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत बच्चों को पढ़ाने का तरीका अब बदल रहा है. अब किताबों के साथ-साथ कठपुतलियों की मदद से भी बच्चे गणित, विज्ञान और पर्यावरण जैसे विषय सीखेंगे. यह कोई मंचीय प्रयोग नहीं, बल्कि एक सुनियोजित पहल है, जिसमें परंपरागत कठपुतली कला को शिक्षण का माध्यम बनाया जा रहा है.</p>



<p>नई दिल्ली स्थित सीसीआरटी (सांस्कृतिक स्रोत और प्रशिक्षण केंद्र) द्वारा हाल ही में एक राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें देशभर से चुने गए शिक्षकों को कठपुतली के जरिए पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया गया. इस कार्यशाला में बिहार के 11 शिक्षक शामिल हुए, जिनमें भोजपुर जिले की तीन महिला शिक्षिकाओं पूजा कुमारी (उत्क्रमित मध्य विद्यालय, इसाढ़ी), याशिका (एनपीएस, नयका टोला) और सुनैना कुमारी (बुढ़वल, जगदीशपुर) ने भाग लिया.</p>



<p><strong>शिक्षा और कला का संगम</strong></p>



<p>कार्यशाला में शिक्षकों को पुतली निर्माण, संवाद लेखन, कहानी प्रस्तुति और विभिन्न शैक्षणिक विषयों को नाटकीय शैली में प्रस्तुत करने की विधियाँ सिखाई गईं. उन्हें बताया गया कि किस तरह कठपुतलियों के माध्यम से बच्चों की जिज्ञासा को जगाया जा सकता है और विषयों को अधिक प्रभावी और यादगार बनाया जा सकता है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="940" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000123610-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91176" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000123610-scaled.jpg 940w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000123610-597x650.jpg 597w" sizes="auto, (max-width: 940px) 100vw, 940px" /></figure>



<p>प्रशिक्षण पूरा करने पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किया गया.</p>



<p><strong>बच्चों के साथ संवाद का नया जरिया</strong></p>



<p>पूजा कुमारी ने बताया कि यह तरीका बच्चों से संवाद स्थापित करने का अनोखा और सजीव माध्यम है.“अब हम सिर्फ शिक्षक नहीं रहेंगे, बल्कि बच्चों के सहयात्री बनेंगे. उन्हें रटाने की बजाय समझने और महसूस करने की ओर ले जाएंगे,”उन्होंने कहा. पूजा का हाल ही में प्रधान शिक्षक के पद पर चयन हुआ है और वे जल्द ही भोजपुर में योगदान देंगी.</p>



<p><strong>नई शिक्षा नीति के भीतर रचनात्मकता की राह</strong></p>



<p>यह पहली बार है जब कठपुतली कला को औपचारिक रूप से शिक्षा प्रणाली का हिस्सा बनाया गया है। पहले यह कला लोककथाओं और मंचीय प्रस्तुतियों तक सीमित थी, लेकिन अब यह कक्षा की चौखट लांघ चुकी है. नई शिक्षा नीति का मूल उद्देश्य है. समझ आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना, और इसमें यह प्रयोग एक अहम कदम साबित हो सकता है.</p>



<p>भोजपुर की इन तीन शिक्षिकाओं की भागीदारी यह दिखाती है कि शिक्षा में बदलाव सिर्फ कागज़ पर नहीं हो रहा, बल्कि ज़मीन पर भी कुछ नया आकार ले रहा है और इसमें ग्रामीण शिक्षक भी बराबरी की भूमिका निभा रहे हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="887" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000121546-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-91174" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000121546-scaled.jpg 887w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000121546-563x650.jpg 563w" sizes="auto, (max-width: 887px) 100vw, 887px" /></figure>



<p> <strong><em>राष्ट्रीय प्रशिक्षण के बाद प्रमाणपत्र के साथ शिक्षिका पूजा कुमारी</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बिहार के इन स्कूलों में 5728 हेडमास्टर की हुई पोस्टिंग</title>
		<link>https://www.patnanow.com/headmaster-posting/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 12 Jul 2025 01:52:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[जॉब/करियर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar school principal]]></category>
		<category><![CDATA[BIHAR TEACHER]]></category>
		<category><![CDATA[Career]]></category>
		<category><![CDATA[Education department]]></category>
		<category><![CDATA[Headmaster posting]]></category>
		<category><![CDATA[JOBS]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=91082</guid>

					<description><![CDATA[पटना।। बिहार के नये सृजित और उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 5728 प्रधानाध्यापकों की तैनाती कर दी गई है. काफी वक्त से बीपीएससी परीक्षा पास करने वाले शिक्षक अभ्यर्थियों को अपनी पोस्टिंग का इंतजार था. शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बीपीएससी से अनुशंसित प्रधानाध्यापकों की पोस्टिंग की प्रक्रिया पूरी हो गयी है. पोस्टिंग की जानकारी SMS के जरिए अनुशंसित प्रधानाध्यापकों को दे दी गई है. इसके पहले शिक्षा विभाग ने एक जुलाई को 5 हजार 971 अभ्यर्थियों से 5-5 प्रखंड का विकल्प मांगा था. 2 से 5 जुलाई तक ई-शिक्षा कोष पोर्टल और सॉफ्टवेयर से प्रखंडों का विकल्प लिया गया था. अब उन 35000 से ज्यादा शिक्षकों को अपनी पोस्टिंग का इंतजार है जो हेड टीचर की परीक्षा पास कर चुके हैं. pncb]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। बिहार के नये सृजित और उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 5728 प्रधानाध्यापकों की तैनाती कर दी गई है. काफी वक्त से बीपीएससी परीक्षा पास करने वाले शिक्षक अभ्यर्थियों को अपनी पोस्टिंग का इंतजार था.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="585" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/pnc-bpsc-and-bihar-education-department.jpg" alt="" class="wp-image-74839" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/pnc-bpsc-and-bihar-education-department.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/pnc-bpsc-and-bihar-education-department-350x315.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बीपीएससी से अनुशंसित प्रधानाध्यापकों की पोस्टिंग की प्रक्रिया पूरी हो गयी है.</p>



<p>पोस्टिंग की जानकारी SMS के जरिए अनुशंसित प्रधानाध्यापकों को दे दी गई है. इसके पहले शिक्षा विभाग ने एक जुलाई को 5 हजार 971 अभ्यर्थियों से 5-5 प्रखंड का विकल्प मांगा था. 2 से 5 जुलाई तक ई-शिक्षा कोष पोर्टल और सॉफ्टवेयर से प्रखंडों का विकल्प लिया गया था. अब उन 35000 से ज्यादा शिक्षकों को अपनी पोस्टिंग का इंतजार है जो हेड टीचर की परीक्षा पास कर चुके हैं. </p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शिक्षकों के लिए म्यूचुअल ट्रांसफर बाध्य नहीं</title>
		<link>https://www.patnanow.com/education-department-clarification-on-mutual-transfer/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Jul 2025 10:26:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[जॉब/करियर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar education]]></category>
		<category><![CDATA[BIHAR TEACHER]]></category>
		<category><![CDATA[Education department]]></category>
		<category><![CDATA[Mutual transfer]]></category>
		<category><![CDATA[Teacher transfer]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=90927</guid>

					<description><![CDATA[पटना।। बिहार में सरकारी शिक्षकों के म्युचुअल ट्रांसफर के आदेश को लेकर मचे हंगामे के बीच शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि म्यूचुअल ट्रांसफर सिर्फ वैकल्पिक है. इसके लिए कोई भी शिक्षक बाध्य नहीं है. यह शिक्षा विभाग की ओर से सिर्फ एक विकल्प के रूप में उपलब्ध कराया गया है. इस बीच पूर्व घोषित आधार पर शिक्षकों का स्थानांतरण जारी है. सोमवार को 10322 महिला शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया है. हालांकि मंगलवार शाम तक ऐसे तमाम शिक्षक ई शिक्षाकोष पर ट्रांसफर डिटेल्स देखने के लिए परेशान रहे, लेकिन उन्हें शाम तक ट्रांसफर की सूचना ई शिक्षाकोष के जरिए नहीं मिल पाई है. इधर शिक्षा विभाग ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यमसे TRE-1 एवं TRE-2 के तहत 216732 विद्यालय अध्यापकों की बहाली की गयी है और इन्हें बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आवंटित जिलों में सॉफ्टवेयर के माध्यम से Randomisation के आधार पर माह नवम्बर, 2023 एवं माह जनवरी, 2024 को विद्यालय का आवंटन किया गया है. इनमें से 1,73,076 विद्यालय अध्यापकों द्वारा आवंटित जिला/विद्यालय में योगदान दिया गया. ऐसे में बड़ी संख्या में शिक्षकों को उनके च्वॉइस के अनुरूप जिला/विद्यालय नहीं प्राप्त हुआ है. इसके बाद विभागीय पत्रांक 2035 एवं 2036 दिनांक 21.11.2024 के द्वारा विशेष समस्या के कारण सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए स्थानांतरण हेतु नियमित शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक एवं विद्यालय अध्यापकों से निम्नलिखित 07 श्रेणियों में ऑनलाईन आवेदन प्राप्त किये गए :- 1. असाध्य रोग (विभिन्न प्रकार के कैंसर) 2. स्वयं/पति-पत्नी / बच्चों की गंभीर रूग्णता (किडनी रोग, हृदय रोग, [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। बिहार में सरकारी शिक्षकों के म्युचुअल ट्रांसफर के आदेश को लेकर मचे हंगामे के बीच शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि म्यूचुअल ट्रांसफर सिर्फ वैकल्पिक है. इसके लिए कोई भी शिक्षक बाध्य नहीं है. यह शिक्षा विभाग की ओर से सिर्फ एक विकल्प के रूप में उपलब्ध कराया गया है. इस बीच पूर्व घोषित आधार पर शिक्षकों का स्थानांतरण जारी है. सोमवार को 10322 महिला शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया है. हालांकि मंगलवार शाम तक ऐसे तमाम शिक्षक ई शिक्षाकोष पर ट्रांसफर डिटेल्स देखने के लिए परेशान रहे, लेकिन उन्हें शाम तक ट्रांसफर की सूचना ई शिक्षाकोष के जरिए नहीं मिल पाई है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="738" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000251222-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-90932" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000251222-scaled.jpg 738w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/1000251222-468x650.jpg 468w" sizes="auto, (max-width: 738px) 100vw, 738px" /></figure>



<p>इधर शिक्षा विभाग ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यमसे TRE-1 एवं TRE-2 के तहत 216732 विद्यालय अध्यापकों की बहाली की गयी है और इन्हें बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आवंटित जिलों में सॉफ्टवेयर के माध्यम से Randomisation के आधार पर माह नवम्बर, 2023 एवं माह जनवरी, 2024 को विद्यालय का आवंटन किया गया है. इनमें से 1,73,076 विद्यालय अध्यापकों द्वारा आवंटित जिला/विद्यालय में योगदान दिया गया. ऐसे में बड़ी संख्या में शिक्षकों को उनके च्वॉइस के अनुरूप जिला/विद्यालय नहीं प्राप्त हुआ है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="462" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-education-department-press-release-on-mutual-transfer-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-90929" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-education-department-press-release-on-mutual-transfer-scaled.jpg 462w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-education-department-press-release-on-mutual-transfer-293x650.jpg 293w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-education-department-press-release-on-mutual-transfer-694x1536.jpg 694w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-education-department-press-release-on-mutual-transfer-925x2048.jpg 925w" sizes="auto, (max-width: 462px) 100vw, 462px" /></figure>



<p>इसके बाद विभागीय पत्रांक 2035 एवं 2036 दिनांक 21.11.2024 के द्वारा विशेष समस्या के कारण सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए स्थानांतरण हेतु नियमित शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक एवं विद्यालय अध्यापकों से निम्नलिखित 07 श्रेणियों में ऑनलाईन आवेदन प्राप्त किये गए :-</p>



<p>1. असाध्य रोग (विभिन्न प्रकार के कैंसर)</p>



<p>2. स्वयं/पति-पत्नी / बच्चों की गंभीर रूग्णता (किडनी रोग, हृदय रोग, लीवर रोग)</p>



<p>3. स्वयं/पति-पत्नी / बच्चों कीदिव्यांगता के आधार पर स्वयं नियुक्त शिक्षक/शिक्षिका</p>



<p>4. ऑटिज्म/मानसिक दिव्यांगता(स्वयं/पति-पत्नी / बच्चों)</p>



<p>5. विधवा एवं परित्यक्ता महिला शिक्षिका के लिए</p>



<p>6. पति/पत्नी के पदस्थापन के आधार पर शिक्षक/शिक्षिका दोनों के लिए</p>



<p>7. ऐच्छिक स्थान से वर्तमान पदस्थापन की दूरी शिक्षक / शिक्षिका दोनों के लिए</p>



<p>शिक्षा विभाग ने आगे कहा कि उपरोक्त 07 श्रेणियों में लगभग 1.90 लाख आवेदन प्राप्त हुए. प्रथम चरण में श्रेणी के तहत प्राप्त आवेदनों के आधार पर अन्तर जिला स्थानांतरण मुख्यालय के द्वारा किया गया है. अन्तर जिला स्थानांतरित शिक्षक तथा उक्त श्रेणियों के तहत जिला के अन्दर स्थानांतरण हेतु प्राप्त आवेदनों के आधार पर विद्यालय का आवंटन जिला द्वारा किया गया है. विद्यालय आवंटन के उपरांत कतिपय शिक्षकों द्वारा अवगत कराया गया है कि उनके द्वारा दिये गये 10 विकल्प में से कोई विकल्प प्राप्त नहीं हुआ है. इस संबंध में विभागीय पत्रांक 45/गो०, दिनांक-25.06.2025 के द्वारा विस्तृत दिशा-निदेश निर्गत किया गया है एवं ऑनलाईन शिकायत दर्ज करने की सुविधा ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर उपलब्ध करायी गयी है. यह स्पष्ट किया गया है कि स्थापना से संबंधित मामलों का निपटारा हेतु जिला स्थापना समिति के समक्ष रखा जाएगा एवं जिला स्थापना समिति द्वारा इन प्राप्त शिकायतों का निराकरण किया जायेगा.</p>



<p>सातवीं श्रेणी (दूरी के आधार पर स्थानान्तरण) के तहत प्राप्त आवेदनों में से शिक्षिकाओं को अन्तर जिला स्थानांतरण करते हुए जिला एवं विद्यालय का आवंटन मुख्यालय के स्तर से किया गया है. वर्तमान में पुरूष शिक्षकों का अन्तर जिला स्थानान्तरण लम्बित है, जो विद्यालयों में रिक्ति, जिलावार छात्र शिक्षक अनुपात एवं संबंधित विद्यालय में प्रतिस्थानी शिक्षक की उपलब्धता के विश्लेषण के उपरान्त किया जाएगा.</p>



<p>इसके इतर शिक्षा विभाग के पत्रांक 46/गो०, दिनांक 26.06.2025 के माध्यम से शिक्षकों के पारस्परिक स्थानान्तरण का विकल्प उपलब्ध कराते हुए दिशा-निदेश निर्गत किया गया है. यह एक विकल्प मात्र है, जिसके उपयोग के लिए शिक्षक बाध्य नहीं है. यदि अभी भी स्थानान्तरण के संबंध में किसी शिक्षक को किसी प्रकार की समस्या है तो वे ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं एवं जिला स्तरीय समिति द्वारा सभी मामलों पर एक-एक कर विचार किया जाएगा.</p>



<p>शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार द्वारा शैक्षणिक कार्यहित एवं शिक्षकों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए पूर्ण पारदर्शिता के साथ स्थानान्तरण की कार्रवाई की गयी है, ताकि अधिकाधिक शिक्षक मनोकूल विद्यालय में पदस्थापित होकर पूर्ण मनोयोग से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ट्रांसफर वाले शिक्षकों के लिए सरकार ने जारी की गाइडलाइंस</title>
		<link>https://www.patnanow.com/guidelines-on-transfer/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 21 Jun 2025 13:41:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[जॉब/करियर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Acs s Siddharth]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar education]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar teachers]]></category>
		<category><![CDATA[Education department]]></category>
		<category><![CDATA[Teacher transfer]]></category>
		<category><![CDATA[Transfer policy]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=90798</guid>

					<description><![CDATA[पटना।। बिहार में आजकल शिक्षकों के ट्रांसफर की बड़ी चर्चा है. करीब 20 साल से एक ही जगह पदस्थापित शिक्षकों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हो रही है. ट्रांसफर का मौका उन शिक्षकों को भी मिला जिनका प्रोबेशन पीरियड भी पूरा नहीं हुआ था. शिक्षा विभाग एक लाख उन्नीस हजार शिक्षकों के ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी करने में लगा है. इस बीच जिन शिक्षकों का तबादला हुआ है वे शिक्षा विभाग का आभार जता रहे हैं. वहीं ऐसे शिक्षक भी हैं जो मनचाही जगह पर पोस्टिंग नहीं मिलने पर नाराजगी जता रहे हैं. शिक्षा विभाग ने आज ट्रांसफर वाले सभी शिक्षकों के लिए दिशानिर्देश जारी किया है. प्राइमरी एजुकेशन डायरेक्टर साहिला की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ये प्रक्रिया 30 जून तक पूरी की जाएगी. 30 जून तक ट्रांसफर आदेश नहीं मानने वाले शिक्षकों के लिए एक जुलाई से यह ट्रांसफर आदेश रद्द कर दिया जाएगा. आदेश में कहा गया है कि विशेष कारणों से स्थानान्तरण हेतु इच्छुक शिक्षकों से प्राप्त अभ्यावेदन के आलोक में स्थानान्तरण / पदस्थापन आदेश ई-शिक्षाकोष के माध्यम से निर्गत किया गया है उक्त स्थानान्तरण शिक्षकों से प्राप्त शपथ-पत्र के आलोक में किया गया है. स्थानांतरण आदेश के आलोक में शिक्षकों द्वारा स्थानान्तरित विद्यालय में योगदान की प्रक्रिया निम्नवत होगी :- इस आदेश से यह स्पष्ट है कि जो शिक्षक तय समय में नए विद्यालय में योगदान नहीं करेंगे उन्हें पुराने विद्यालय में ही कम से कम 1 साल तक रहना पड़ेगा. pncb]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। बिहार में आजकल शिक्षकों के ट्रांसफर की बड़ी चर्चा है. करीब 20 साल से एक ही जगह पदस्थापित शिक्षकों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हो रही है. ट्रांसफर का मौका उन शिक्षकों को भी मिला जिनका प्रोबेशन पीरियड भी पूरा नहीं हुआ था. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="779" height="553" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-shiksha-vibhag-education-department.jpg" alt="" class="wp-image-85473" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-shiksha-vibhag-education-department.jpg 779w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-shiksha-vibhag-education-department-650x461.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 779px) 100vw, 779px" /></figure>



<p>शिक्षा विभाग एक लाख उन्नीस हजार शिक्षकों के ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी करने में लगा है. इस बीच जिन शिक्षकों का तबादला हुआ है वे शिक्षा विभाग का आभार जता रहे हैं. वहीं ऐसे शिक्षक भी हैं जो मनचाही जगह पर पोस्टिंग नहीं मिलने पर नाराजगी जता रहे हैं. शिक्षा विभाग ने आज ट्रांसफर वाले सभी शिक्षकों के लिए दिशानिर्देश जारी किया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="790" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/06/1000233357-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-90801" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/06/1000233357-scaled.jpg 790w, https://www.patnanow.com/assets/2025/06/1000233357-501x650.jpg 501w, https://www.patnanow.com/assets/2025/06/1000233357-1185x1536.jpg 1185w" sizes="auto, (max-width: 790px) 100vw, 790px" /></figure>



<p>प्राइमरी एजुकेशन डायरेक्टर साहिला की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ये प्रक्रिया 30 जून तक पूरी की जाएगी. 30 जून तक ट्रांसफर आदेश नहीं मानने वाले शिक्षकों के लिए एक जुलाई से यह ट्रांसफर आदेश रद्द कर दिया जाएगा. आदेश में कहा गया है कि विशेष कारणों से स्थानान्तरण हेतु इच्छुक शिक्षकों से प्राप्त अभ्यावेदन के आलोक में स्थानान्तरण / पदस्थापन आदेश ई-शिक्षाकोष के माध्यम से निर्गत किया गया है  उक्त स्थानान्तरण शिक्षकों से प्राप्त शपथ-पत्र के आलोक में किया गया है. स्थानांतरण आदेश के आलोक में शिक्षकों द्वारा स्थानान्तरित विद्यालय में योगदान की प्रक्रिया निम्नवत होगी :-</p>



<ol class="wp-block-list">
<li>सम्बन्धित शिक्षक ई-शिक्षाकोष पर लॉग इन करके अपना स्थानान्तरण आदेश डाउनलोड करेंगे. वे ई-शिक्षाकोष पोर्टल से ही योगदान प्रतिवेदन का प्रपत्र भी डाउनलोड करेंगे एवं उस पर हस्ताक्षर कर नवपदस्थापित विद्यालय के प्रधानाध्यापक से प्रतिहस्ताक्षर कराएँगे.</li>



<li>सम्बन्धित शिक्षक स्वयं द्वारा हस्ताक्षरित एवं नवपदस्थापित विद्यालय के प्रधानाध्यापक द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित योगदान प्रतिवेदन ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड करेंगे.</li>



<li>वैसे शिक्षक, जो स्थानान्तरित विद्यालय में योगदान के लिए इच्छुक नहीं हो, वे ई- शिक्षाकोष पर उपलब्ध घोषणा पत्र (declaration) की प्रति डाउनलोड कर हस्ताक्षर करेंगे एवं हस्ताक्षरित प्रति ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड करेंगे। ऐसे शिक्षक अपने पूर्व पदस्थापन के विद्यालय में अगले आदेश तक यथावत बने रहेंगे. स्पष्ट किया जाता है कि स्थानान्तरित विद्यालय में योगदान नहीं करने वाले ऐसे शिक्षक अगले एक वर्ष तक ऐच्छिक स्थानान्तरण हेतु आवेदन नहीं कर सकेंगे.</li>



<li>वैसे शिक्षक, जो सम्प्रति अवकाश में हैं, जैसे- अध्ययन अवकाश, मातृत्व अवकाश, उपार्जित अवकाश, आदि, वे स्थानान्तरित विद्यालय में योगदान हेतु ई-शिक्षाकोष पर उपलब्ध योगदान प्रतिवेदन हस्ताक्षर कर नव पदस्थापित विद्यालय के प्रधानाध्यापक को ई-मेल या अन्य माध्यम से भेजेंगे  ऐसे शिक्षकों को योगदान हेतु भौतिक रूप से विद्यालय में उपस्थित रहने की आवश्यकता नहीं होगी. सम्बन्धित प्रधानाध्यापक ई-मेल या अन्य माध्यम से प्राप्त योगदान प्रतिवेदन पर &#8220;on leave&#8221; अंकित करते हुए प्रतिहस्ताक्षर करेंगे एवं उसे पुनः संबंधित शिक्षक को उसी माध्यम से वापस करेंगे जिस माध्यम से उन्हें योगदान प्रतिवेदन प्राप्त हुआ था. संबंधित शिक्षक प्रधानाध्यापक द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित योगदान प्रतिवेदन ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड करेंगे.</li>



<li>संबंधित शिक्षक अपने योगदान की तिथि की प्रविष्टि अपने लॉगिन से ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर करते हुए योगदान प्रतिवेदन अपलोड करेंगे. योगदान की तिथि की प्रविष्टि के साथ ही वे अपने पूर्व पदस्थापन के विद्यालय से स्वतः विरमित समझे जायेंगे </li>



<li>स्थानान्तरण आदेश के आलोक में योगदान करने/ योगदान नहीं करने की कार्रवाई दिनांक 30.06.2025 (सोमवार) तक पूर्ण की जाएगी.</li>



<li>दिनांक 30.6.2025 तक योगदान करने अथवा योगदान नहीं करने सम्बन्धी घोषणा नहीं समर्पित करने वाले शिक्षक का स्थानान्तरण दिनांक 01.07.2025 के प्रभाव से रद्द कर दिया जाएगा.</li>
</ol>



<p>इस आदेश से यह स्पष्ट है कि जो शिक्षक तय समय में नए विद्यालय में योगदान नहीं करेंगे उन्हें पुराने विद्यालय में ही कम से कम 1 साल तक रहना पड़ेगा.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>डीओ ऑफिस से वेतन पहुँचने में लग जाता है एक माह</title>
		<link>https://www.patnanow.com/one-month-spend-to-reach-payment-to-the-beneficiaries/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 12 Sep 2024 11:40:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[गांव -शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[ARA]]></category>
		<category><![CDATA[BHOJPUR]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
		<category><![CDATA[CM]]></category>
		<category><![CDATA[DEO]]></category>
		<category><![CDATA[DEO Bhojpur]]></category>
		<category><![CDATA[Education department]]></category>
		<category><![CDATA[Journalist O P Pandey]]></category>
		<category><![CDATA[Night Guard]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[Ratri Prahari]]></category>
		<category><![CDATA[पटना नाउ]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=86905</guid>

					<description><![CDATA[हाल रात्रि प्रहरियों के वेतन का हाय रे वेतन ! कछुए की चाल से भी धीमी तेरी रफ्तार क्यों! आरा,11 सितंबर. डिजिटल जमाने में सबकुछ डिजिटल यानि कि ऑनलाइन हो रहा है लेकिन अभी भी बहुत से काम ऐसे हैं जिनका डिजिटलीकरण अभी तक या तो हो नही पाया है या विभाग की करने की मंशा नही है. उनमें से एक है स्कूलों में अपने जान को जोखिम में डाल सेवा देने वाले रात्रि प्रहरियों का. बुधवार को हाई स्कूल रात्रि प्रहरी संघ ने वेतन को लेकर जिला मुख्यालयों पर अलग-अलग जगह धरना दिया. रात्रि प्रहरियों के अनुसार उनका वेतन का बकाया 10 से 15 महीने तक रहता है. रात्रि प्रहरियों का वेतन ऊँट के मुँह में जीरे की तरह मात्र ₹-5000 ही है लेकिन वह भी उन्हें समय से मयस्सर नही होता है. वेतन अगर आ भी जाये तो भी समय से नहीं मिलता है. डीओ ऑफिस से इन तक वेतन पहुँचने में एक माह लग जाता है. रात्रि प्रहरियों का कार्य भी कठिन और जोखिम भरा है. बीते कई सालों में स्कूल से चोरी की घटनाएं और रात्रि प्रहरियों पर हमले भी हुए हैं. इतना कुछ जोखिम के बात भी इन प्रहरियों की सिर्फ एक ही मांग है कि तय वेतन की राशि समय पर इन्हें ऑन लाइन के मध्यम सरकार कर दे. वे अपने न्यूनतम मजदूरी की मांग करते हैं. अपने वेतन को डिजिटल कराने की मांग को ले इन्होंने एक दिवसीय धरना दिया जिसमें अध्यक्ष गजेद्र कुमार, सचिव कमलेश कुमार, कोषाध्यक्ष राकेश कुमार, जयनाथ राम, हरेंद्र [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>हाल रात्रि प्रहरियों के वेतन का</strong></p>



<p><strong>हाय रे वेतन ! कछुए की चाल से भी धीमी तेरी रफ्तार क्यों!</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="658" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000837942-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-86909" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000837942-scaled.jpg 658w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000837942-418x650.jpg 418w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000837942-987x1536.jpg 987w" sizes="auto, (max-width: 658px) 100vw, 658px" /></figure>



<p>आरा,11 सितंबर. डिजिटल जमाने में सबकुछ डिजिटल यानि कि ऑनलाइन हो रहा है लेकिन अभी भी बहुत से काम ऐसे हैं जिनका डिजिटलीकरण अभी तक या तो हो नही पाया है या विभाग की करने की मंशा नही है. उनमें से एक है स्कूलों में अपने जान को जोखिम में डाल सेवा देने वाले रात्रि प्रहरियों का. बुधवार को हाई स्कूल रात्रि प्रहरी संघ ने वेतन को लेकर जिला मुख्यालयों पर अलग-अलग जगह धरना दिया. रात्रि प्रहरियों के अनुसार उनका वेतन का बकाया 10 से 15 महीने तक रहता है. रात्रि प्रहरियों का वेतन ऊँट के मुँह में जीरे की तरह मात्र ₹-5000 ही है लेकिन वह भी उन्हें समय से मयस्सर नही होता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="468" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000837937-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-86910" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000837937-1-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000837937-1-650x297.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000837937-1-1536x702.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000837937-1-2048x936.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>वेतन अगर आ भी जाये तो भी समय से नहीं मिलता है. डीओ ऑफिस से इन तक वेतन पहुँचने में एक माह लग जाता है. रात्रि प्रहरियों का कार्य भी कठिन और जोखिम भरा है. बीते कई सालों में स्कूल से चोरी की घटनाएं और रात्रि प्रहरियों पर हमले भी हुए हैं. इतना कुछ जोखिम के बात भी इन प्रहरियों की सिर्फ एक ही मांग है कि तय वेतन की राशि समय पर इन्हें ऑन लाइन के मध्यम सरकार कर दे. वे अपने न्यूनतम मजदूरी की मांग करते हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="684" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000837943-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-86908" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000837943-scaled.jpg 684w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000837943-434x650.jpg 434w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000837943-1025x1536.jpg 1025w" sizes="auto, (max-width: 684px) 100vw, 684px" /></figure>



<p>अपने वेतन को डिजिटल कराने की मांग को ले इन्होंने एक दिवसीय धरना दिया जिसमें अध्यक्ष गजेद्र कुमार, सचिव कमलेश कुमार, कोषाध्यक्ष राकेश कुमार, जयनाथ राम, हरेंद्र कुमार, रवि कुमार, रमाकांत सिंह, प्रताप कुमार, चपू कुमार, जनार्दन राय आदि थे. मांग हो भी क्यों न डिजिटल जमाने में डिजिटल नही तो और क्या चलेगा ? देखना होगा इनकी मांगों को विभाग और सरकार कबतक संज्ञान में लेती है.</p>



<p><strong>pncb</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शिक्षा विभाग ने बनाई कमेटी, पदस्थापन और अवकाश तालिका पर लेगी फैसला</title>
		<link>https://www.patnanow.com/education-committee/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 02 Jul 2024 15:08:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Baidyanath yadav]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar teachers]]></category>
		<category><![CDATA[Education committee]]></category>
		<category><![CDATA[Education department]]></category>
		<category><![CDATA[Sajjan r]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=85253</guid>

					<description><![CDATA[पटना।। बिहार के लाखों सरकारी शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग से आज कई खबरें निकल कर आई हैं. पिछले कुछ समय से माध्यमिक शिक्षा निदेशक का पद सन्नी सिन्हा के अपने रेलवे कैडर में वापस लौटने की वजह से खाली पड़ा था. अब सरकार ने फिलहाल इसे शिक्षा सचिव बैद्यनाथ यादव के हवाले कर दिया है. स्थाई व्यवस्था होने तक बैद्यनाथ यादव ही माध्यमिक शिक्षा निदेशक के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे. वहीं, अपर सचिव-सह-निदेशक, राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद् आइएएस सज्जन आर को अपने कार्यों के अतिरिक्त प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य पाठ्य-पुस्तक प्रकाशन निगम लिमिटेड, पटना के पद का दायित्व (वित्तीय अधिकार सहित) दिया गया है. शिक्षा विभाग ने बनाई समिति शिक्षा विभाग ने आज एक महत्वपूर्ण समिति का गठन किया हैं जिससे नियोजित शिक्षकों समेत लाखों शिक्षकों का हित जुड़ा हुआ है. (1) बिहार शिक्षा सेवा (प्रशासन उप संवर्ग) के कैडर के पुनर्गठन, (2) शिक्षकों के स्थानांतरण एवं पदस्थापन, (3) अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति तथा (4) अवकाश तालिका के निर्माण हेतु नीति निर्धारण के लिए सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार, पटना की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है :- (i) सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार, पटना अध्यक्ष (ii) राज्य परियोजना निदेशक, बि०शि०परि० परिषद्, पटना सदस्य (iii) निदेशक, प्राथमिक शिक्षा, शिक्षा विभाग, बिहार, पटना सदस्य (iv) निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, शिक्षा विभाग, बिहार, पटना सदस्य यह समिति 15 (पन्द्रह) दिनों के अंदर उक्त बिन्दुओं पर विचारण कर विभाग में प्रतिवेदन समर्पित करेगी. साक्षरता परीक्षा पास करने के बाद अपनी पोस्टिंग के इंतजार में बैठे नियोजित शिक्षकों के लिए [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। बिहार के लाखों सरकारी शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग से आज कई खबरें निकल कर आई हैं. पिछले कुछ समय से माध्यमिक शिक्षा निदेशक का पद सन्नी सिन्हा के अपने रेलवे कैडर में वापस लौटने की वजह से खाली पड़ा था. अब सरकार ने फिलहाल इसे शिक्षा सचिव बैद्यनाथ यादव के हवाले कर दिया है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="887" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-baidyanath-yadav-ias-education-department-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-85266" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-baidyanath-yadav-ias-education-department-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-baidyanath-yadav-ias-education-department-650x563.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>स्थाई व्यवस्था होने तक बैद्यनाथ यादव ही माध्यमिक शिक्षा निदेशक के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="476" height="336" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-sajjan-r-ias-education-department.jpg" alt="" class="wp-image-85267"/></figure>



<p>वहीं, अपर सचिव-सह-निदेशक, राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद् आइएएस सज्जन आर को अपने कार्यों के अतिरिक्त प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य पाठ्य-पुस्तक प्रकाशन निगम लिमिटेड, पटना के पद का दायित्व (वित्तीय अधिकार सहित) दिया गया है.</p>



<p><strong>शिक्षा विभाग ने बनाई समिति </strong></p>



<p>शिक्षा विभाग ने आज एक महत्वपूर्ण समिति का गठन किया हैं जिससे नियोजित शिक्षकों समेत लाखों शिक्षकों का हित जुड़ा हुआ है. (1) बिहार शिक्षा सेवा (प्रशासन उप संवर्ग) के कैडर के पुनर्गठन, (2) शिक्षकों के स्थानांतरण एवं पदस्थापन, (3) अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति तथा (4) अवकाश तालिका के निर्माण हेतु नीति निर्धारण के लिए सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार, पटना की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है :-</p>



<p>(i) सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार, पटना अध्यक्ष</p>



<p>(ii) राज्य परियोजना निदेशक, बि०शि०परि० परिषद्, पटना सदस्य</p>



<p>(iii) निदेशक, प्राथमिक शिक्षा, शिक्षा विभाग, बिहार, पटना सदस्य</p>



<p>(iv) निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, शिक्षा विभाग, बिहार, पटना सदस्य</p>



<p>यह समिति 15 (पन्द्रह) दिनों के अंदर उक्त बिन्दुओं पर विचारण कर विभाग में प्रतिवेदन समर्पित करेगी. साक्षरता परीक्षा पास करने के बाद अपनी पोस्टिंग के इंतजार में बैठे नियोजित शिक्षकों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यही कमिटी उनकी पोस्टिंग पर मोहर लगाएगी जिसके लिए 15 दिन का समय दिया गया है. यह कमिटी अवकाश तालिका पर भी फैसला लेगी. आगामी वर्ष के लिए अवकाश तालिका तय करने की जिम्मेदारी इस समिति की होगी.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>



<ol class="wp-block-list" start="2"></ol>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>फुटाब ने की शिक्षा मंत्री और नये एसीएस की सराहना</title>
		<link>https://www.patnanow.com/futab-appreciates-minister-and-acs/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 13 Jun 2024 18:06:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Education department]]></category>
		<category><![CDATA[Futab]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=84834</guid>

					<description><![CDATA[फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटीज टीचर्स एसोसिएशन ऑफ बिहार (फुटाब) ने राजभवन, विश्वविद्यालयों और शिक्षा विभाग के बीच कई महीनों से चल रहे गतिरोध के समाधान का स्वागत किया है और इसमें शिक्षा मंत्री सुनील कुमार और एसीएस एस सिद्धार्थ की सकारात्मक भूमिका की सराहना की है. उन्होंने एक ऐसी स्थिति को सामान्य बनाया जिसने अब तक विश्वविद्यालयों के कामकाज को ठप्प कर रखा था. फुटाब के कार्यकारी अध्यक्ष कन्हैया बहादुर सिन्हा और महासचिव विधान पार्षद संजय कुमार सिंह ने कहा कि जिस तरह से शिक्षा विभाग ने कुलाधिपति और कुलपतियों को उचित सम्मान देकर गतिरोध को समाप्त करने का काम किया है, वह इस आमधारणा की पुष्टि करता है कि उच्च शिक्षा संस्थानों के वैधानिक अधिकारियों को नीचा दिखाकर और संविधान के साथ-साथ विश्वविद्यालय अधिनियम और क़ानून के प्रावधानों को दरकिनार करके एक व्यक्ति की मर्जी से नहीं चलाया जा सकता है.उन्होंने आशा व्यक्त की है कि वेतन, पेंशन और बकाया भुगतान के तरीके और अवधि के संबंध में लिए गए निर्णय तय समय सीमा के भीतर लागू किए जाएंगे.विदित है कि विवादों की वजह से बैंक खातों पर प्रतिबंध लग गया, कुलपतियों के वेतन पर रोक और शिक्षा विभाग के कुछ अवैध और अनधिकृत निर्णयों के खिलाफ असहमति व्यक्त करने वाले शिक्षकों के वेतन/पेंशन पर रोक , जिससे न केवल गंभीर नाराजगी हुई, बल्कि हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों को महिनों वगैर वेतन/ पेंशन ‌गंभीर आर्थिक कठिनाइयों से गुजरना पड़ा.सबसे अधिक पीड़ित पारिवारिक पेंशनभोगी और गंभीर रूप से बीमार लोग हुए हैं. इतना अमानवीय रवैया पहले कभी नहीं देखा गया था. [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटीज टीचर्स एसोसिएशन ऑफ बिहार (फुटाब) ने राजभवन, विश्वविद्यालयों और शिक्षा विभाग के बीच कई महीनों से चल रहे गतिरोध के समाधान का स्वागत किया है और इसमें शिक्षा मंत्री सुनील कुमार और एसीएस एस सिद्धार्थ की सकारात्मक भूमिका की सराहना की है. उन्होंने एक ऐसी स्थिति को सामान्य बनाया जिसने अब तक विश्वविद्यालयों के कामकाज को ठप्प कर रखा था.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="340" height="332" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/05/PNC-futab-kb-Sinha-Sanjay-Kumar-Singh.jpg" alt="" class="wp-image-84044"/></figure>



<p>फुटाब के कार्यकारी अध्यक्ष कन्हैया बहादुर सिन्हा और महासचिव विधान पार्षद संजय कुमार सिंह ने कहा कि जिस तरह से शिक्षा विभाग ने कुलाधिपति और कुलपतियों को उचित सम्मान देकर गतिरोध को समाप्त करने का काम किया है, वह इस आमधारणा की पुष्टि करता है कि उच्च शिक्षा संस्थानों के वैधानिक अधिकारियों को नीचा दिखाकर और संविधान के साथ-साथ विश्वविद्यालय अधिनियम और क़ानून के प्रावधानों को दरकिनार करके एक व्यक्ति की मर्जी से नहीं चलाया जा सकता है.<br>उन्होंने आशा व्यक्त की है कि वेतन, पेंशन और बकाया भुगतान के तरीके और अवधि के संबंध में लिए गए निर्णय तय समय सीमा के भीतर लागू किए जाएंगे.<br>विदित है कि विवादों की वजह से बैंक खातों पर प्रतिबंध लग गया, कुलपतियों के वेतन पर रोक और शिक्षा विभाग के कुछ अवैध और अनधिकृत निर्णयों के खिलाफ असहमति व्यक्त करने वाले शिक्षकों के वेतन/पेंशन पर रोक , जिससे न केवल गंभीर नाराजगी हुई, बल्कि हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों को महिनों वगैर वेतन/ पेंशन ‌गंभीर आर्थिक कठिनाइयों से गुजरना पड़ा.<br>सबसे अधिक पीड़ित पारिवारिक पेंशनभोगी और गंभीर रूप से बीमार लोग हुए हैं. इतना अमानवीय रवैया पहले कभी नहीं देखा गया था. उन्होंने आगे कहा कि सम्मानजनक समाधान और कुलपतियों की गरिमा की बहाली के बाद, अब यह कुलपतियों का दायित्व है कि वे विश्वविद्यालयों को अधिनियम और परिनियमों के प्रावधानों के अनुसार विश्वविद्यालय को अत्यधिक पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन चलाने का गंभीर प्रयास करेंगे.<br>उन्होंने कहा कि FUTAB विश्वविद्यालय की स्वायत्तता और उसकी गरिमा की रक्षा के लिए चट्टान की तरह खड़ा रहा है ऐसे में विश्वविद्यालयों में किसी भी अनियमितता के खिलाफ आवाज उठाने से महासंघ कभी भी पीछे नहीं हटेगा. विश्वविद्यालयों को ऐसा कुछ भी नहीं करना चाहिए जिससे सरकार को हस्तक्षेप करने पर मजबूर होना पड़े.<br>उन्होंने बताया कि फेडरेशन ने पहले नए एसीएस को एक ज्ञापन भेजकर शिक्षकों को किसी भी संघ को बनाने या उसमें शामिल होने से रोकने वाले आदेश को वापस लेने की मांग की थी. विभाग द्वारा इसे अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखते हुए कठोर दंडात्मक कार्रवाई का आदेश दिया था जबकि ऐसा करना संविधान अनुच्छेद 19 से 21 के अनुसार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जीवन के अधिकार के विरुद्ध था.<br>ज्ञापन में शिक्षा विभाग से सीधे भुगतान के प्रस्तावित तरीके को खत्म करने की भी मांग की गई थी.<br>इसमें एनपीएस के प्रभावी कार्यान्वयन, बाल देखभाल अवकाश कानूनों की मंजूरी और पीएचडी धारक नव नियुक्त शिक्षकों को अग्रिम वेतन वृद्धि की भी मांग की गई.<br>वेतन और पेंशन का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने, एनईपी के प्रभावी कार्यान्वयन और शैक्षणिक सुधार और छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रक्रिया पर विचार हेतु सरकार के साथ विस्तृत बातचीत करने की भी इच्छा जताई.<br>उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल हितधारकों के साथ नियमित बातचीत ही सुधार ,सहयोग और समझ के लिए एक प्रभावी साधन हो सकती है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
