<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Eco tourism &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<atom:link href="https://www.patnanow.com/tag/eco-tourism/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<description>Patna News Portal - हर ख़बर पर नज़र</description>
	<lastBuildDate>Tue, 24 Mar 2026 00:42:44 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.8.5</generator>

<image>
	<url>https://www.patnanow.com/assets/2022/08/cropped-PatnaNow_Logo_2022-32x32.png</url>
	<title>Eco tourism &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>बिहार दिवस में दिखेगी इकोटूरिज्म की झलक</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bihar-diwas-2026/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 22 Mar 2026 04:26:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar diwas]]></category>
		<category><![CDATA[bihar news]]></category>
		<category><![CDATA[Eco tourism]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=95802</guid>

					<description><![CDATA[पटना।। आज बिहार दिवस है. इस मौके पर पटना में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है. इस बार के बिहार दिवस में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उदेश्य से बेहद खास है. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से खास तरह के स्टॉल लगाए गए हैं. इस स्टॉल को खासतौर से जंगल थीम पर तैयार किया गया है. प्रवेश द्वार पर पहाड़नुमा आकृति बनाई गई है, जिससे अंदर प्रवेश करते ही लोगों को जंगल जैसा अनुभव होगा. पूरे परिसर को हरियाली, पेड़-पौधों, वन्य जीवों और प्राकृतिक वातावरण के मॉडल से सजाया गया है, जो लोगों को प्रकृति के करीब होने का एहसास कराएगा. इस प्रदर्शनी में बिहार के विभिन्न ईको टूरिज्म स्थलों का समेकित रूप प्रस्तुत किया गया है. अलग-अलग मॉडलों के माध्यम से राज्य के पहाड़, जंगल, झरने और प्राकृतिक स्थलों की झलक एक ही स्थान पर देखने को मिल रही है. यह मॉडल न केवल लोगों को पर्यटन स्थलों की जानकारी दे रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं. प्रदर्शनी में कई जागरूकता आधारित मॉडल भी प्रदर्शित किए गए हैं. इनमें वायु प्रदूषण मुक्त बिहार, जल-जीवन-हरियाली मिशन और प्लास्टिक बैन से संबंधित मॉडल प्रमुख हैं. वायु प्रदूषण मुक्त बिहार के मॉडल में हरियाली, स्वच्छ वातावरण और प्रदूषण रहित परिवहन के साधनों को दर्शाया गया है. वहीं जल-जीवन-हरियाली मिशन के मॉडल में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पौधारोपण को दिखाया गया है. प्लास्टिक बैन मॉडल के माध्यम से लोगों को कपड़े और जूट के थैलों का [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<ul class="wp-block-list">
<li><strong>जंगल थीम पर बने प्रवेश द्वार से हरियाली का संदेश</strong></li>



<li><strong>⁠ईको टूरिज्म स्थलों की झलक</strong></li>
</ul>



<p>पटना।। आज बिहार दिवस है. इस मौके पर पटना में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है. इस बार के बिहार दिवस में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उदेश्य से बेहद खास है. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से खास तरह के स्टॉल लगाए गए हैं. इस स्टॉल को खासतौर से जंगल थीम पर तैयार किया गया है. प्रवेश द्वार पर पहाड़नुमा आकृति बनाई गई है, जिससे अंदर प्रवेश करते ही लोगों को जंगल जैसा अनुभव होगा. पूरे परिसर को हरियाली, पेड़-पौधों, वन्य जीवों और प्राकृतिक वातावरण के मॉडल से सजाया गया है, जो लोगों को प्रकृति के करीब होने का एहसास कराएगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2017/03/PNC-BIHAR-DIWAS-650x366.jpg" alt="" class="wp-image-15433" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/03/PNC-BIHAR-DIWAS.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/03/PNC-BIHAR-DIWAS-350x197.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इस प्रदर्शनी में बिहार के विभिन्न ईको टूरिज्म स्थलों का समेकित रूप प्रस्तुत किया गया है. अलग-अलग मॉडलों के माध्यम से राज्य के पहाड़, जंगल, झरने और प्राकृतिक स्थलों की झलक एक ही स्थान पर देखने को मिल रही है. यह मॉडल न केवल लोगों को पर्यटन स्थलों की जानकारी दे रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="948" height="556" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-bihar-diwas-karyakram.jpg" alt="" class="wp-image-95804" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-bihar-diwas-karyakram.jpg 948w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-bihar-diwas-karyakram-650x381.jpg 650w" sizes="(max-width: 948px) 100vw, 948px" /></figure>



<p>प्रदर्शनी में कई जागरूकता आधारित मॉडल भी प्रदर्शित किए गए हैं. इनमें वायु प्रदूषण मुक्त बिहार, जल-जीवन-हरियाली मिशन और प्लास्टिक बैन से संबंधित मॉडल प्रमुख हैं. वायु प्रदूषण मुक्त बिहार के मॉडल में हरियाली, स्वच्छ वातावरण और प्रदूषण रहित परिवहन के साधनों को दर्शाया गया है. वहीं जल-जीवन-हरियाली मिशन के मॉडल में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पौधारोपण को दिखाया गया है. प्लास्टिक बैन मॉडल के माध्यम से लोगों को कपड़े और जूट के थैलों का उपयोग करने तथा प्लास्टिक का उपयोग बंद करने का संदेश दिया जा रहा है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="466" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-bihar-diwas-dance-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95805" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-bihar-diwas-dance-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-bihar-diwas-dance-650x296.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/pnc-bihar-diwas-dance-1536x699.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कार्यक्रम के दौरान नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन किया जा रहा है. इसके माध्यम से लोगों को हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है. नाटक के जरिए कलाकार पेड़-पौधों की महत्ता, जल संरक्षण और प्लास्टिक के दुष्प्रभाव को सरल और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करेंगे. इस तरह के आयोजन का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और अधिक से अधिक पेड़ लगाने, जल संरक्षण करने तथा प्लास्टिक का उपयोग कम करने के लिए प्रेरित करना है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पर्यटन और पर्यावरण विभाग की संयुक्त बैठक में शामिल हुए मंत्री</title>
		<link>https://www.patnanow.com/tourism-and-forest-minister-meeting/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 21 Jun 2024 18:18:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Eco tourism]]></category>
		<category><![CDATA[Forest department]]></category>
		<category><![CDATA[Tourism department]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=85040</guid>

					<description><![CDATA[राज्य एवं केन्द्र की योजनाओं पर हुई चर्चा, ईको टूरिज्म को समृद्ध बनाने हेतु मंत्रियों ने दी सहमति पटना, 21 जून : पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग बिहार और पर्यटन विभाग बिहार की संयुक्त बैठक आज अरण्य भवन पटना में संपन्न हुई जिसमें दोनों विभाग के मंत्री डॉ. प्रेम कुमार और नीतीश मिश्रा मौजूद रहे। इस अवसर पर दोनों मंत्रियों द्वारा राज्य एवं केंद्र की लंबित योजनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा हई। साथ ही बिहार में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के सुझावों पर भी सहमति बनी. बैठक के उपरांत मंत्रियों द्वारा अरण्य भवन में पौधारोपण भी किया गया। इस दौरान दोनों मंत्रियों ने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा &#8220;एक पेड़ मां के नाम&#8221; और Plant4Mother कैंपेन को आगे बढ़ाने की अपील की. बैठक में गया जिलान्तर्गत गुरपा में पर्यटन विभाग द्वारा राशि 917.52 लाख रूपया की योजना स्वीकृत किया गया है योजना का कार्यान्वयन वन प्रमंडल पदाधिकारी, गया द्वारा किया जा रहा है। इसके अलावा बोधगया स्थित माया सरोवर की भूमि रकवा 5.64 एकड़ पर्यावरण विभाग को हस्तानांतरण का प्रस्ताव, साथ ही इस भूमि के बदले पर्यटकीय विकास हेतु जे.पी. पार्क, बोधगया की सम्पूर्ण भूमि को पर्यटन विभाग को हस्तानांतरित करने पर निर्णय लिया गया. साथ ही इको पर्यटन के विकास हेतु पर्यावरण विभाग एवं पर्यटन विभाग द्वारा MoU किया जाना है. कैमुर जिलान्तर्गत मुंडेश्वरी पर्वत पर रोपवे अधिष्ठापन हेतु वन मंजूरी, राजगीर स्थित जू एवं नेचर सफारी में ग्रुप पर्यटकों हेतु एवं टूर ऑपरेटर हेतु प्राथमिकता, रियायती दर पर बल्क टिकट की सुविधा जैसे मुद्दों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>राज्य एवं केन्द्र की योजनाओं पर हुई चर्चा, ईको टूरिज्म को समृद्ध बनाने हेतु मंत्रियों ने दी सहमति</strong> </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="904" height="712" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/PNC-prem-kumar-nitish-mishra.jpg" alt="" class="wp-image-85044" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/PNC-prem-kumar-nitish-mishra.jpg 904w, https://www.patnanow.com/assets/2024/06/PNC-prem-kumar-nitish-mishra-650x512.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 904px) 100vw, 904px" /></figure>



<p>पटना, 21 जून : पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग बिहार और पर्यटन विभाग बिहार की संयुक्त बैठक आज अरण्य भवन पटना में संपन्न हुई जिसमें दोनों विभाग के मंत्री डॉ. प्रेम कुमार और नीतीश मिश्रा मौजूद रहे। इस अवसर पर दोनों मंत्रियों द्वारा राज्य एवं केंद्र की लंबित योजनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा हई। साथ ही बिहार में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के सुझावों पर भी सहमति बनी. बैठक के उपरांत मंत्रियों द्वारा अरण्य भवन में पौधारोपण भी किया गया। इस दौरान दोनों मंत्रियों ने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा &#8220;एक पेड़ मां के नाम&#8221; और Plant4Mother कैंपेन को आगे बढ़ाने की अपील की. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="808" height="480" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/PNC-tourism-forest-meeting.jpg" alt="" class="wp-image-85046" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/PNC-tourism-forest-meeting.jpg 808w, https://www.patnanow.com/assets/2024/06/PNC-tourism-forest-meeting-650x386.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 808px) 100vw, 808px" /></figure>



<p>बैठक में गया जिलान्तर्गत गुरपा में पर्यटन विभाग द्वारा राशि 917.52 लाख रूपया की योजना स्वीकृत किया गया है  योजना का कार्यान्वयन वन प्रमंडल पदाधिकारी, गया द्वारा किया जा रहा है। इसके अलावा बोधगया स्थित माया सरोवर की भूमि रकवा 5.64 एकड़ पर्यावरण विभाग को हस्तानांतरण का प्रस्ताव, साथ ही इस भूमि के बदले पर्यटकीय विकास हेतु जे.पी. पार्क, बोधगया की सम्पूर्ण भूमि को पर्यटन विभाग को हस्तानांतरित करने पर निर्णय लिया गया. साथ ही इको पर्यटन के विकास हेतु पर्यावरण विभाग एवं पर्यटन विभाग द्वारा MoU किया जाना है. कैमुर जिलान्तर्गत मुंडेश्वरी पर्वत पर रोपवे अधिष्ठापन हेतु वन मंजूरी, राजगीर स्थित जू एवं नेचर सफारी में ग्रुप पर्यटकों हेतु एवं टूर ऑपरेटर हेतु प्राथमिकता, रियायती दर पर बल्क टिकट की सुविधा जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की गई.</p>



<p>इसके अलावा निम्नलिखित विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई.</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>स्वर्गीय दशरथ मांझी स्थल, गया में पर्यटकीय विकास.</li>
</ul>



<p>वाणावर जहानाबाद में पर्यटकीय विकास.</p>



<p>रोहतासगढ़ किला, रोहतास में पर्यटकीय विकास.</p>



<p>शेरगढ़ किला, रोहतास में पर्यटकीय विकास.</p>



<p>धुआँ कुण्ड, सासाराम में पर्यटकीय विकास.</p>



<p>मांझर कुण्ड, सासाराम में पर्यटकीय विकास.</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>तुतला भवानी, रोहतास में पर्यटकीय विकास.</li>
</ul>



<p>गुप्ताधाम, रोहतास में पर्यटकीय विकास.</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>संयुक्त रूप से पर्यटन स्थलों को विकसित करना.</li>



<li>मों मंगला गौरी गया में पर्यटकीय विकास करना.</li>
</ul>



<p>डुंगेश्वरी पर्वत बोधगया में पर्यटकीय विकास करना.</p>



<p>करमचट डैम, रोहतास में पर्यटकीय विकास करना.</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>वाल्मीकिनगर, पश्चिम चम्पारण में पर्यटकीय विकास करना।</li>



<li>घोड़ा-कटोरा, राजगीर में पर्यटकीय विकास करना।</li>



<li>मंदार में पर्यटकीय विकास करना।</li>
</ul>



<p>जहानाबाद जिलान्तर्गत होटल नार्गाजुन विहार तथा अन्य होटलों के संचालन हेतु 60:40 के अनुपात में राजस्व पर MOU का निर्णय.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="872" height="680" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/PNC-plantation-by-ministers.jpg" alt="" class="wp-image-85045" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/06/PNC-plantation-by-ministers.jpg 872w, https://www.patnanow.com/assets/2024/06/PNC-plantation-by-ministers-650x507.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 872px) 100vw, 872px" /></figure>



<p>दोनों विभागों के संयुक्त बैठक में आश्रयणियों एवं वन क्षेत्रों तथा उससे सटे इलाकों में ईको टूरिज्म / टूरिज्म बढ़ाने हेतु वनक्षेत्र के भीतर वन विभाग द्वारा तथा वन क्षेत्र के बाहर पर्यटन विभाग द्वारा योजनाबद्ध रूप से समन्वय बिठा कर आधारभूत संरचनाओं का विकास, ईको टूरिज्म क्षेत्रों एवं सुविधाओं के वृहत प्रचार-प्रसार हेतु अतिरिक्त निधि की प्राप्ति एवं पर्यटन विभाग के पास इस हेतु उपलब्ध श्रोतों का उपयोग, पर्यटन विभाग द्वारा वानिकी क्षेत्रों के प्रचार-प्रसार में अपने विभाग के लोगो के साथ-साथ वन विभाग का भी लोगो प्रदर्शित करना और पर्यटन विभाग द्वारा पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ स्थानीय ईको टूरिज्म स्थलों का भी प्रचार-प्रसार एक पैकेज के रूप में किए जाने के साथ वन विभाग के ईको टूरिज्म विंग में पर्यटन विभाग से अधियाचित मानव बल उपलब्ध कराए जाने, वन विभाग तथा पर्यटन विभाग द्वारा सूचीबद्ध किए गए आर्किटेक्ट/कंसलटेंट / इंजीनियर आदि के परस्पर उपयोग किए जाने पर निर्णय, दोनों विभाग अपनी योजनाएँ (स्वीकृत एवं प्रस्तावित) एक दूसरे से साझा करें, जिससे किसी भी स्थल पर क्षमता के अनुरूप कार्य हो सके एवं योजना के दोहराव की संभावना न हो, दोनों विभाग कम से कम दो परियोजनाओं को Priority Projects के रूप में चिन्हित कर प्रारंभ करने पर विचार करें, किसी भी विभाग के स्तर से पर्यटन/ईको-पर्यटन संबंधी कार्यशालायें / कार्यक्रम / समारोह आयोजित किए जाने की स्थिति में दूसरे विभाग के संबंधित पदाधिकारी/कंसलटेंट / विशेषज्ञ आदि को आमंत्रित किए जाने के विषय पर विचार किया गया. इसके अलावा वन क्षेत्रों से सटे एवं वनों पर आधारित समुदायों को आतिथ्य, गाईड आदि विषयों में कौशल एवं क्षमता विकास पर प्रशिक्षण दिए जाने, स्थानीय समुदायों द्वारा लघु वन उत्पाद से निर्मित सामग्री का विपणन पर्यटन विभाग के आयुटलेट (Outlet) से किये जाने पर विचार करने, Promotional activities में वन विभाग के पदाधिकारी/कर्मचारी एवं मानव बल का उपयोग भी किया जाना और परस्पर पर्यटन संबंधी ऑकड़ों को शेयर (Share) करने पर भी जोर दिया गया.</p>



<p>बैठक में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव, बंदना प्रेयषी, सचिव पर्यटन विभाग, अभय कुमार सिंह के साथ विभाग के वरीय पदाधिकारी एन. जवाहर बाबू, प्रभात कुमार गुप्ता, सुरेंद्र सिंह, अभय कुमार सिंह एवं नंद किशोर उपस्थित रहे.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>&#8216;बिहार में बर्ड टूरिज्म की व्यापक संभावनाएं&#8217;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bird-tourism-in-bihar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 05 Feb 2024 17:06:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bird tourism]]></category>
		<category><![CDATA[Eco tourism]]></category>
		<category><![CDATA[Environment]]></category>
		<category><![CDATA[Wetlands]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=82454</guid>

					<description><![CDATA[पटना।। बिहार में 4000 वर्ग किलोमीटर से भी अधिक वेटलैंड्स हैं जिनकी वजह से हर साल लाखों की संख्या में देसी और विदेशी पक्षी बिहार का रुख करते हैं और लंबा समय यहां बिताते हैं. इन देसी विदेशी पंछियों की वजह से वातावरण बेहद आकर्षक हो जाता है. वेटलैंड्स और विभिन्न पक्षियों की वजह से पर्यटन की व्यापक संभावनाओं को लेकर बिहार के वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से कार्यशाला का आयोजन हो रहा है. पटना में आयोजित इस तीन दिवसीय लेकर कार्यशाला के पहले दिन पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार सरकार के द्वारा बॉम्बे नेचुरूल हिस्ट्री सोसाईटी, मुंबई के सहयोग से तीन दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय पक्षी-कार्यशाला (5-7 फरवरी, 2024) का उद्घाटन विभाग के सचिव, वंदना प्रेयषी के द्वारा किया गया. वंदना प्रेयषी ने कहा कि बिहार राज्य में पाँच पक्षी-आश्रयणी, एक-एक पक्षी संरक्षण आरक्ष एवं सामुदायिक संरक्षण आरक्ष हैं. राज्य में 4000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र आर्द्र-भूमि है जो प्रवासी-पक्षियों के लिए सर्वोत्तम अधिवास है. इनके संरक्षण के लिए विभाग ने सक्रिय भूमिका निभायी है. उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्यशाला में न सिर्फ देश के विभिन्न राज्यों से बल्कि कई देशों से पक्षी-विशेषज्ञ एकत्रित हुए हैं. उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला से पक्षी-संरक्षण के क्षेत्र में चुनौतियों की पहचान होगी और उसका सही समाधान और तदनुरूप कार्य-योजना बनेगी. पक्षी-संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है. राज्य में पक्षी-पर्यटन की प्रचुर संभावनाएं हैं, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं आय के अवसर भी सृजित होंगे. इस अवसर पर विंग्स ऑफ सुंदरबन और भागलपुर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। बिहार में 4000 वर्ग किलोमीटर से भी अधिक वेटलैंड्स हैं जिनकी वजह से हर साल लाखों की संख्या में देसी और विदेशी पक्षी बिहार का रुख करते हैं और लंबा समय यहां बिताते हैं. इन देसी विदेशी पंछियों की वजह से वातावरण बेहद आकर्षक हो जाता है. वेटलैंड्स और विभिन्न पक्षियों की वजह से पर्यटन की व्यापक संभावनाओं को लेकर बिहार के वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से कार्यशाला का आयोजन हो रहा है. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="432" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/02/PNC-adra-bhumi-bird-tourism-650x432.jpg" alt="" class="wp-image-82460" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/02/PNC-adra-bhumi-bird-tourism.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/02/PNC-adra-bhumi-bird-tourism-350x233.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2024/02/PNC-adra-bhumi-bird-tourism-768x511.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2024/02/PNC-adra-bhumi-bird-tourism-1536x1021.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>पटना में आयोजित इस तीन दिवसीय लेकर कार्यशाला के पहले दिन पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार सरकार के द्वारा बॉम्बे नेचुरूल हिस्ट्री सोसाईटी, मुंबई के सहयोग से तीन दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय पक्षी-कार्यशाला (5-7 फरवरी, 2024) का उद्घाटन विभाग के सचिव, वंदना प्रेयषी के द्वारा किया गया. वंदना प्रेयषी ने कहा कि बिहार राज्य में पाँच पक्षी-आश्रयणी, एक-एक पक्षी संरक्षण आरक्ष एवं सामुदायिक संरक्षण आरक्ष हैं. राज्य में 4000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र आर्द्र-भूमि है जो प्रवासी-पक्षियों के लिए सर्वोत्तम अधिवास है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="419" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/03/pnc-wetland-and-birds.jpg" alt="" class="wp-image-59577" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/03/pnc-wetland-and-birds.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/03/pnc-wetland-and-birds-350x226.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इनके संरक्षण के लिए विभाग ने सक्रिय भूमिका निभायी है. उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्यशाला में न सिर्फ देश के विभिन्न राज्यों से बल्कि कई देशों से पक्षी-विशेषज्ञ एकत्रित हुए हैं. उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला से पक्षी-संरक्षण के क्षेत्र में चुनौतियों की पहचान होगी और उसका सही समाधान और तदनुरूप कार्य-योजना बनेगी. पक्षी-संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है. राज्य में पक्षी-पर्यटन की प्रचुर संभावनाएं हैं, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं आय के अवसर भी सृजित होंगे. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="449" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/08/pnc-birds-in-the-sky-1.jpg" alt="" class="wp-image-48685" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/08/pnc-birds-in-the-sky-1.jpg 449w, https://www.patnanow.com/assets/2020/08/pnc-birds-in-the-sky-1-262x350.jpg 262w" sizes="auto, (max-width: 449px) 100vw, 449px" /></figure>



<p>इस अवसर पर विंग्स ऑफ सुंदरबन और भागलपुर बर्ड-एटलस का पोस्टर का विमोचन सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार के कर कमलों के द्वारा किया गया.</p>



<p>इस अवसर पर प्रभात कुमार गुप्ता, प्रधान मुख्य वन संरक्षक-सह-मुख्य वन्यप्राणी प्रतिपालक, बिहार ने अपने उद्बोधन में बताया कि विभाग के द्वारा 2015 से कदवा दियारा, भागलपुर में स्थानीय गैर सरकारी संगठन, जो वर्षों से इस क्षेत्र में कार्य कर रहे थे, के साथ मिलकर गरूड़-संरक्षण का कार्य वैज्ञानिक विधि से शुरू किया गया और गरूड़-बचाव एवं पुर्नवास केन्द्र भी स्थापित किया गया. परिणामस्वरूप गरूड़ की संख्या में वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि होने लगी. विदित हो कि गरूड़ के समूह दुनिया में मात्र तीन स्थान पर ही है. इस सफलता ने कदवा दियारा को अन्तर्राष्ट्रीय बर्ड मैप पर ला दिया. उन्होंने कहा कि पक्षी-संरक्षण के क्षेत्र में शोध एवं विस्तार के उद्देश से बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाईटी के सहयोग से वर्ष 2020 में भागलपुर में बर्ड रिंगिंग एवं मॉनिटीरिंग स्टेशन स्थापित किया गया. राज्य में वर्ष 2022 से प्रत्येक वर्ष जल-पक्षी गणना की जा रही है और सुखद रूप से उनकी संख्या में प्रत्येक वर्ष वृद्धि हो रही है. वर्ष 2021 से पक्षी-महोत्सव आयोजन की परंपरा शुरू की गयी है जिससे लोगों में जागरूकता बढ़े. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="482" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/05/pnc-duck-near-sachivalaya.jpg" alt="" class="wp-image-52739" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/05/pnc-duck-near-sachivalaya.jpg 482w, https://www.patnanow.com/assets/2021/05/pnc-duck-near-sachivalaya-281x350.jpg 281w" sizes="auto, (max-width: 482px) 100vw, 482px" /></figure>



<p>मो० साजिद सुल्तान, सहायक वन महानिरीक्षक, NTCA, भारत सरकार ने लदाख में उनके द्वारा ब्लैक नेक्ड क्रेन के संरक्षण के बारे में विस्तार से बताया.</p>



<p>बांग्लादेश वन विभाग के पक्षी-विशेषज्ञ मो अलामा शिबली सादिक ने बताया कि बांग्लादेश में 700 से अधिक प्रजातियों के पक्षी हैं. उन्होंने इस बात पर बल दिया पक्षी अन्तर्राष्ट्रीय सीमा को नहीं जानते है और एक देश से दूसरे देश जाते है. देशों के बीच आपसी सहयोग से उनका बेहतर संरक्षण होगा. भूटान के वन विभाग की प्रतिनिधि सुश्री शेरिंग पेल्डन ने इस प्रकार के अन्तर्राष्ट्रीय कार्यशाला के आयोजन को पक्षी-संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया.</p>



<p>आज कार्यशाला के पहले दिन पक्षी-संरक्षण के विषय पर विमर्श किया गया. अगले दिन पक्षियों के गैर-कानूनी शिकार, व्यापार तथा उसके रोकथाम के विषय पर विमर्श होना है। इस कार्यशाला में भूटान के  शांतालाल गजमेर, नेपाल के मोहन विक्रम श्रेष्ठ, कजाकिस्तान के आर्टीयोम खोखो, श्रीलंका की गायोमिनी पानागोडा, सेवानिवृत अपर महानिदेशक, वाईल्ड लाइफ,  सौमित्र दास गुप्ता, भरत ज्योति, सेवानिवृत निदेशक, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय अकादमी, राजेश कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, पश्चिम बंगाल, गीतांजली कँवर, वर्ल्ड वाइल्ड फंड, डॉ धनंजय मोहन एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक, उत्तराखंड सहित अनेक पक्षी-विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए और पक्षी-संरक्षण के विषय पर आपसी विमर्श किया. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/02/1000079435-650x293.jpg" alt="" class="wp-image-82462" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/02/1000079435.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/02/1000079435-350x158.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2024/02/1000079435-768x346.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इस कार्यशाला में आठ देशों (नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, श्रीलंका, म्यानमार, कजाकिस्तान, सिंगापुर तथा नीदरलैंड) के 15 पक्षी-विशेषज्ञों ने भी भाग लिया.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong> </p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भोजपुर में आज नीतीश कुमार</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bhojpur-me-nitish-kumar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 19 Jan 2023 04:48:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[ARA]]></category>
		<category><![CDATA[BHOJPUR]]></category>
		<category><![CDATA[BIHAR CM]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar tourism]]></category>
		<category><![CDATA[CM NITISH]]></category>
		<category><![CDATA[Eco tourism]]></category>
		<category><![CDATA[jdu]]></category>
		<category><![CDATA[koilwar]]></category>
		<category><![CDATA[nitish kumar]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[Sakaddi]]></category>
		<category><![CDATA[Smadhan yatra]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=70881</guid>

					<description><![CDATA[विकास कार्यों का भोजपुर में आज करेंगे निरीक्षण CM के आगमन को ले प्रशासनिक तैयारी पूरी, बड़े वाहनों का परिचालन रहेगा बंद आरा,19 जनवरी. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों समाधान यात्रा पर हैं बुधवार को बक्सर के बाद इसी क्रम में आज वे भोजपुर जिले का दौरा करेंगे. वे भोजपुर में छह घंटे का प्रवास करेंगे. इस दौरान वे गाँवों में हुए विकास कार्यों का निरीक्षण करेंगे और जीविका दीदीओं के साथ संवाद भी करेंगे. भोजपुर में मुख्यमंत्री का मुख्य फोकस कोईलवर और संदेश में विकास कार्यों पर रहेगा, जिसे प्रशासन पूरी तरह से तैयारियों के साथ मुस्तैद है. इन स्थानों का लेंगे जायजा : कोईलवर प्रखंड के धनडीहा में खनन विभाग की राशि से हाईटेक स्कूल के किये गए कार्यों का जायजा सकड्डी गांव में बायो-फ्लॉक संयंत्र का जायजा संदेश में उन्नत तकनीक से की गई मछली पालन और पंचायत में मनरेगा से बनाए गए अपशिष्ट प्रबंधन इकाई का जायजा संदेश पंचायत के वार्ड नंबर 02, 03 एवं 04 में नल जल के कार्यों का भी लेंगे जायजा समाधान यात्रा के दौरान भोजपुर में CM का कार्यक्रम : 10:30 बजे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना से कोईलवर के लिए प्रस्थान करेंगे.. 11:08 बजे कोईलवर प्रखंड के कुल्हड़िया पंचायत के सकड्डी गांव के वार्ड 1 में मत्स्य उत्पादन प्रसंस्करण केंद्र,मत्स्य कोल्डरूम, आइस प्लांट,बायो फ्लॉक टैंक,बायो फ्लॉक पॉन्ड तथा एवं एक्वा टूरिज्म केंद्र का निरीक्षण. 11:30 बजे धंडीहां स्थित +2 राजकीय विद्यालय एवं जिला खनन ट्रस्ट के माध्यम से चलाए जा रहे मिशन कायाकल्प के अंतर्गत नवीनीकृत+2 राजकीय विद्यालय,धनडीहाँ का [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><br><strong>विकास कार्यों का भोजपुर में आज करेंगे निरीक्षण</strong></p>



<p><strong>CM के आगमन को ले प्रशासनिक तैयारी पूरी, बड़े वाहनों का परिचालन रहेगा बंद</strong></p>



<p><br>आरा,19 जनवरी. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों समाधान यात्रा पर हैं बुधवार को बक्सर के बाद इसी क्रम में आज वे भोजपुर जिले का दौरा करेंगे. वे भोजपुर में छह घंटे का प्रवास करेंगे. इस दौरान वे गाँवों में हुए विकास कार्यों का निरीक्षण करेंगे और जीविका दीदीओं के साथ संवाद भी करेंगे. भोजपुर में मुख्यमंत्री का मुख्य फोकस कोईलवर और संदेश में विकास कार्यों पर रहेगा, जिसे प्रशासन पूरी तरह से तैयारियों के साथ मुस्तैद है.</p>



<p><strong>इन स्थानों का लेंगे जायजा :</strong></p>



<ul class="wp-block-list"><li>कोईलवर प्रखंड के धनडीहा में खनन विभाग की राशि से हाईटेक स्कूल के किये गए कार्यों का जायजा</li><li>सकड्डी गांव में बायो-फ्लॉक संयंत्र का जायजा</li><li>संदेश में उन्नत तकनीक से की गई मछली पालन और पंचायत में मनरेगा से बनाए गए अपशिष्ट प्रबंधन इकाई का जायजा</li><li>संदेश पंचायत के वार्ड नंबर 02, 03 एवं 04 में नल जल के कार्यों का भी लेंगे जायजा</li></ul>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="596" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/PNC_Nitish-kumar.jpg" alt="" class="wp-image-70882" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/PNC_Nitish-kumar.jpg 596w, https://www.patnanow.com/assets/2023/01/PNC_Nitish-kumar-348x350.jpg 348w" sizes="auto, (max-width: 596px) 100vw, 596px" /></figure>



<p><strong>समाधान यात्रा के दौरान भोजपुर में CM का कार्यक्रम :</strong></p>



<ul class="wp-block-list"><li>10:30 बजे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना से कोईलवर के लिए प्रस्थान करेंगे..</li><li>11:08 बजे कोईलवर प्रखंड के कुल्हड़िया पंचायत के सकड्डी गांव के वार्ड 1 में मत्स्य उत्पादन प्रसंस्करण केंद्र,मत्स्य कोल्डरूम, आइस प्लांट,बायो फ्लॉक टैंक,बायो फ्लॉक पॉन्ड तथा एवं एक्वा टूरिज्म केंद्र का निरीक्षण.</li><li>11:30 बजे धंडीहां स्थित +2 राजकीय विद्यालय एवं जिला खनन ट्रस्ट के माध्यम से चलाए जा रहे मिशन कायाकल्प के अंतर्गत नवीनीकृत+2 राजकीय विद्यालय,धनडीहाँ का निरीक्षण.</li><li>12:05 बजे संदेश पंचायत के तीर्थकौल गांव में आगमन एवं वार्ड 2,3,4 का भ्रमण</li><li>12:35 बजे तीर्थकौल गांव से भ्रमण के बाद जिला अतिथि गृह में 2:30 बजे तक रहेंगे.</li><li>2:35 बजे नगरी प्रचारिणी में जीविका दीदियों के साथ संवाद और स्टॉल का निरीक्षण.<br>3:35 बजे नागरी प्रचारिणी से समाहरणालय सभागार के लिए प्रस्थान.</li></ul>



<p><strong>CM के आगमन को ले प्रशासनिक तैयारी पूरी, बड़े वाहनों का परिचालन रहेगा बंद</strong></p>



<p>समाधान यात्रा के दौरान CM नीतीश कुमार के भोजपुर आगमन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है. प्रशासन ने CM के कार्यक्रम को लेकर रूट चार्ट भी तैयार कर लिया है. CM के आगमन के दौरान बड़े वाहनों का परिचालन बंद रहेगा. बाजार समिति फ्लाई ओवर से कतीरा,धरहरा से सपना सिनेमा मोड़ व प्राइवेट बस स्टैंड की ओर बड़े वाहनों का परिचालन पूरी तरह से बंद रहेगा. यात्री बसों का परिचालन नियंत्रित ढंग से रेलवे ओवरब्रिज, बिहारी मिल व जीरो माइल की ओर होगा. इसके अलावा धरहरा–सपना सिनेमा प्राइवेट बस स्टैंड, पूर्वी गुमटी, पंचमुखी मंदिर, स्टेशन रोड, जैन कॉलेज, कतीरा मोड़, बजाज शोरूम, सर्किट हाउस, पकड़ी चौक, जज कोठी, सांस्कृतिक भवन और रमना मैदान के चारों ओर के रूट पर बड़े एवं छोटे वाहनों का प्रवेश विनियमित रहेगा. यह नियम सुबह 10:30 बजे से CM के पटना जाने तक लागू रहेगा.</p>



<p><strong>कई योजनाओं का होगा शिलान्यास, जीविका दीदीओं से करेंगे संवाद</strong></p>



<p>CM नीतीश कुमार कोईलवर एवं संदेश प्रखंड में विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के निरीक्षण के बाद आरा समाहरणालय परिसर में करोड़ों रुपए की लागत से बनने वाली कई योजनाओं का शिलान्यास करेंगे. जिसके बाद वे नागरी प्रचारिणी सभागार में जीविका दीदीओं के साथ संवाद भी करेंगे. कार्यक्रम उपरांत समाहरणालय सभागार में अलग-अलग विभागों के प्रधान सचिव, सचिव,जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं अन्य पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी करेंगे.</p>



<p>आरा से <strong>ओ पी पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
