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	<title>DRDO &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>हथियारों से लैस मानवरहित नावों का सफल परीक्षण</title>
		<link>https://www.patnanow.com/successful-test-of-armed-unmanned-boats/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 06 Oct 2022 07:46:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[मिलों दूर समुद्र में  निगरानी में मिलेगी मदद 10 समुद्री मील/घंटा की गति से चल सकती है   आगे बढ़ाकर 25 समुद्री मील तक किया जाएगा सागर डिफेंस इंजीनियरिंग नाम की कंपनी के साथ बनाया गया 24 घंटे पानी में रहकर पेट्रोलिंग कर सकती ​है महाराष्ट्र के पुणे में समुद्र तट पर मानवरहित हथियारबंद नावों का परीक्षण किया गया. डीआरडीओ ने पुणे में 3 मानव रहित हथियारबंद नावों का परीक्षण किया है. ग्रुप निदेशक पी.एम नाइक ने कहा कि जहाज पर कोई मानव नहीं होने के कारण वीडियो को ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन पर स्थानांतरित किया जाएगा जो निगरानी करने में उपयोगी होगा. इस मानवरहित नाव को डीआरडीओ ने विकसित किया है. अभी इस नाव का नाम नहीं दिया गया है. डीआरडीओ के निदेशक पीएम नाइक ने बताया कि हथियारों से लैस नाव को रिमोट कंट्रोल के जरिए नियंत्रित किया गया. इसका इस्तेमाल समुद्री सीमा की निगरानी और दुश्मनों को निशाना बनाने के लिए आसानी से किया जा सकता है. यह नाव पूरी तरह से भारत में निर्मित है, जिसे सागर डिफेंस इंजीनियरिंग नाम की कंपनी ने डीआरडीओ के साथ मिलकर विकसित किया है. डीआरडीओ के ग्रुप निदेशक ने कहा कि नाव के परीक्षण के दौरान उस पर कोई भी सवार नहीं था. नाव का इस्तेमाल दुश्मनों की निगरानी और उन पर हमला करने के लिए किया जा सकेगा. पीएम नाइक ने कहा कि यह नाव गश्त के लिए उपयोगी है. किसी भी आपातकालीन स्थिति में नाव पर हथियार भी लगाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि हम वर्तमान में भामा [&#8230;]]]></description>
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<p></p>



<p></p>



<p><strong>मिलों दूर समुद्र में  निगरानी में मिलेगी मदद</strong></p>



<p><strong>10 समुद्री मील/घंटा की गति से चल सकती है  </strong></p>



<p><strong>आगे बढ़ाकर 25 समुद्री मील तक किया जाएगा</strong></p>



<p><strong>सागर डिफेंस इंजीनियरिंग नाम की कंपनी के साथ बनाया गया</strong></p>



<p><strong>24 घंटे पानी में रहकर पेट्रोलिंग कर सकती ​है</strong></p>



<p>महाराष्ट्र के पुणे में समुद्र तट पर मानवरहित हथियारबंद नावों का परीक्षण किया गया. डीआरडीओ ने पुणे में 3 मानव रहित हथियारबंद नावों का परीक्षण किया है. ग्रुप निदेशक पी.एम नाइक ने कहा कि जहाज पर कोई मानव नहीं होने के कारण वीडियो को ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन पर स्थानांतरित किया जाएगा जो निगरानी करने में उपयोगी होगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="332" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/man-less-boat.png" alt="" class="wp-image-67375" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/man-less-boat.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/10/man-less-boat-350x179.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इस मानवरहित नाव को डीआरडीओ ने विकसित किया है. अभी इस नाव का नाम नहीं दिया गया है. डीआरडीओ के निदेशक पीएम नाइक ने बताया कि हथियारों से लैस नाव को रिमोट कंट्रोल के जरिए नियंत्रित किया गया. इसका इस्तेमाल समुद्री सीमा की निगरानी और दुश्मनों को निशाना बनाने के लिए आसानी से किया जा सकता है. यह नाव पूरी तरह से भारत में निर्मित है, जिसे सागर डिफेंस इंजीनियरिंग नाम की कंपनी ने डीआरडीओ के साथ मिलकर विकसित किया है.</p>



<p>डीआरडीओ के ग्रुप निदेशक ने कहा कि नाव के परीक्षण के दौरान उस पर कोई भी सवार नहीं था. नाव का इस्तेमाल दुश्मनों की निगरानी और उन पर हमला करने के लिए किया जा सकेगा. पीएम नाइक ने कहा कि यह नाव गश्त के लिए उपयोगी है. किसी भी आपातकालीन स्थिति में नाव पर हथियार भी लगाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि हम वर्तमान में भामा आस्केड बांध में अपनी टीम का भरोसा बनाने के लिए इसका परीक्षण कर रहे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="306" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/boat.png" alt="" class="wp-image-67377" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/boat.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/10/boat-350x165.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>य​ह मानवरहित नाव इलेक्ट्रिक और मोटर इंजन से चलती है और एक बार में लगातार 24 घंटे पानी में रहकर पेट्रोलिंग कर सकती ​है. दुश्मनों से इस नाव को बचाने के लिए इसमें खास तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. अगर नाव दुश्मन के कब्जे में आ जाती है, तो इसके अंदर मौजूद कंट्रोल बोर्ड खुद ही डिस्ट्रॉय हो जाएंगे. ताकि कोई गोपनीय सूचना या महत्वपूर्ण डाटा दुश्मन के हाथ न लगे. इसमें लगे सोनार और रडार सिस्टम की मदद से सरफेस सर्विलांस के अलावा यह नाव एंटी सबमरीन वॉरफेर और माइंस काउंटर मेसर में भी काम कर सकती है.</p>



<p><strong>PNCDESK </strong></p>
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		<title>डीआरडीओ ने सफलतापूर्वक किया ‘अभ्यास’ उड़ान का परीक्षण</title>
		<link>https://www.patnanow.com/drdo-does-successful-launch-of-abhyas/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nikhil]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 May 2019 15:59:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली / पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) &#124; रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने आज ओडिशा स्थित चांदीपुर के एकीकृत परीक्षण केंद्र ‘अभ्यास’- हाई स्पीड एक्सपेंडेबल एरियल टार्गेट (हीट) उड़ान का सफलतापूर्वक परीक्षण किया. इस उड़ान की विभिन्न रडारों एवं इलेक्ट्रो-ऑप्टिक प्रणाली के जरिए निगरानी की और इसने स्वत: दिशा निर्धारित करने के अपने प्रदर्शन को साबित किया है. &#8216;अभ्यास&#8217; एक छोटे गैस टरबाइन इंजन पर काम करता है और यह अपने नेविगेशन और दिशा निर्देश के लिए स्वदेशी रूप से विकसित एमईएमएस आधारित नेविगेशन प्रणाली का उपयोग करता है. यह एक बेहतरीन एयरक्राफ्ट है जो नवीन तकनीक का उदाहरण है और देश की रक्षा प्रणाली को मजबूती देगा.]]></description>
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<figure class="wp-block-image"><img decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/05/pnc-abhyas-missile-650x366.png" alt="" class="wp-image-39341" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/05/pnc-abhyas-missile.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/05/pnc-abhyas-missile-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>नई दिल्ली / पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) </strong>| रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने आज ओडिशा स्थित चांदीपुर के एकीकृत परीक्षण केंद्र ‘अभ्यास’- हाई स्पीड एक्सपेंडेबल एरियल टार्गेट (हीट) उड़ान का सफलतापूर्वक परीक्षण किया. इस उड़ान की विभिन्न रडारों एवं इलेक्ट्रो-ऑप्टिक प्रणाली के जरिए निगरानी की और इसने स्वत: दिशा निर्धारित करने के अपने प्रदर्शन को साबित किया है.<br> &#8216;अभ्यास&#8217; एक छोटे गैस टरबाइन इंजन पर काम करता है और यह अपने नेविगेशन और दिशा निर्देश के लिए स्वदेशी रूप से विकसित एमईएमएस आधारित नेविगेशन प्रणाली का उपयोग करता है. यह एक बेहतरीन एयरक्राफ्ट है जो नवीन तकनीक का उदाहरण है और देश की रक्षा प्रणाली को मजबूती देगा.</p>
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