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		<title>नृत्य से तनाव दूर होने में  मिलती है मदद</title>
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		<pubDate>Fri, 29 Apr 2022 04:42:28 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[विश्व नृत्य दिवस 29 अप्रैल&#160;पर विशेष न्यूरोलॉजिस्ट डॉ उदयन नारायण का कहना है कि तनाव को दूर करने के लिए संगीत और डांस थेरेपी बेहद कारगर सालभर में हर एक दिन का अपना महत्व होता है, जैसे 29 अप्रैल का. हर साल इस दिन अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस मनाया जाता है. इस दिन को मनाने का उद्देश्य नृत्य की शिक्षा और उसके आयोजनों में भागीदारी के लिए प्रोत्साहन बढ़ाने के लिए मनाया जाता है. दुनिया के कोने-कोने में इस दिन को एक उत्सव की तरह मनाया जाता है. तो चलिए जानते हैं अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस के इतिहास और इस साल की थीम के बारे में.अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस के मौके पर हर साल एक थीम होती है ये बात सभी जानते हैं कि नृत्य करने से तनाव दूर होने में मदद मिलती है. जिस वक्त पूरी दुनिया कोरोना वायरस महामारी से जूझ रही है, ऐसे में लोगों को तनाव में राहत देने के लिए थीम रखी गई .अंतरराष्ट्रीय नाट्य संस्थान ने साल 1982 में अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस को मनाने का फैसला किया था. आईटीआई यूनेस्को के कला प्रदर्शन की सहयोगी थी. वहीं, बात अगर इसकी करें कि इस दिन के लिए 29 अप्रैल ही क्यों चुना गया, तो यहां आपको बता दें कि आईटीआई ने 29 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस आधुनिक बैले के निर्माता जीन जॉर्जेस नोवरे को सम्मानित करने के लिहाज से इस दिन को चुना.जीन जॉर्जेस नोवरे का इसी दिन यानी 29 अप्रैल को ही जन्मदिन होता है. ऐसे में उनकी जयंती के मौके पर पूरी दुनिया में इस [&#8230;]]]></description>
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<h4 class="wp-block-heading"><strong>विश्व नृत्य दिवस <strong>29 अप्रैल&nbsp;</strong>पर विशेष</strong></h4>



<h5 class="wp-block-heading"><strong>न्यूरोलॉजिस्ट डॉ उदयन नारायण का कहना है कि तनाव को दूर करने के लिए संगीत और डांस थेरेपी बेहद कारगर<br></strong><br></h5>



<p>सालभर में हर एक दिन का अपना महत्व होता है, जैसे 29 अप्रैल का. हर साल इस दिन अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस मनाया जाता है. इस दिन को मनाने का उद्देश्य नृत्य की शिक्षा और उसके आयोजनों में भागीदारी के लिए प्रोत्साहन बढ़ाने के लिए मनाया जाता है. दुनिया के कोने-कोने में इस दिन को एक उत्सव की तरह मनाया जाता है. तो चलिए जानते हैं अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस के इतिहास और इस साल की थीम के बारे में.<br>अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस के मौके पर हर साल एक थीम होती है ये बात सभी जानते हैं कि नृत्य करने से तनाव दूर होने में मदद मिलती है. जिस वक्त पूरी दुनिया कोरोना वायरस महामारी से जूझ रही है, ऐसे में लोगों को तनाव में राहत देने के लिए थीम रखी गई .<br>अंतरराष्ट्रीय नाट्य संस्थान ने साल 1982 में अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस को मनाने का फैसला किया था. आईटीआई यूनेस्को के कला प्रदर्शन की सहयोगी थी. वहीं, बात अगर इसकी करें कि इस दिन के लिए 29 अप्रैल ही क्यों चुना गया, तो यहां आपको बता दें कि आईटीआई ने 29 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस आधुनिक बैले के निर्माता जीन जॉर्जेस नोवरे को सम्मानित करने के लिहाज से इस दिन को चुना.<br>जीन जॉर्जेस नोवरे का इसी दिन यानी 29 अप्रैल को ही जन्मदिन होता है. ऐसे में उनकी जयंती के मौके पर पूरी दुनिया में इस दिन को नृत्य कला को प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है. इस दिन लोग अपनी नृत्य कला को दुनिया के सामने रखते हैं. कोरोना वायरस का असर अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस पर भी पड़ा है. ऐसे में लोग एक देश से दूसरे देश तो नहीं जा सकते, इसलिए इस दिन को भी बाकी चीजों की तरह ही वर्चुअल मंच पर ही मनाने का फैसला किया गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="527" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/know-the-ways-dancing-can-fight-depression-inside-1.jpg" alt="" class="wp-image-61350" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/know-the-ways-dancing-can-fight-depression-inside-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/04/know-the-ways-dancing-can-fight-depression-inside-1-350x284.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>भावों की अभिव्यक्त करने की कला नृत्य अब लोगों के लिए सिर्फ शौक नहीं रहा, बल्कि जीवन में विभिन्न कारणों से उत्पन्न तनाव को दूर करने का जरिया बन रहा है. राजधानी पटना में ऐसे कई उदाहरण हैं जब लोगों ने तनाव दूर करने के लिए डांस क्लास ज्वाइन की. आज नृत्य उनके जीवन का हिस्सा बन गया है. लोग इसे योग की तरह अपनी दिनचर्या में शामिल कर रहे हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-resized"><img decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/31091914_1012490422237869_643080943514419200_n.jpg" alt="" class="wp-image-61351" width="441" height="468"/><figcaption><strong>डॉ उदयन नारायण</strong></figcaption></figure>



<p>न्यूरोलॉजी के चिकित्सक डॉ उदयन नारायण का कहना है कि तनाव को दूर करने के लिए संगीत और डांस थेरेपी बेहद कारगर है. कई स्थानों पर डिप्रेशन के शिकार लोगों के इलाज के लिए इसे उपयोग किया जा रहा है. नृत्य के बाद पसीना निकलने से शरीर से काफी हानिकारक तत्व दूर हो जाते हैं. खुशी बढ़ाने वाले हॉर्मोंस विकसित होते हैं. ऐसी स्थिति में मन ओर शरीर दोनों को स्वस्थ रहते हैं. यह एकमात्र ऐसा माध्यम है जो किसी भी आयु वर्ग के व्यक्ति को तनाव से मुक्त कर सकता है. बशर्ते व्यक्ति को इसके लिए फिट होना चाहिए. यदि नृत्य अच्छा हो तो इसे करने वाला ही नहीं, बल्कि देखने वाला व्यक्ति भी तनाव मुक्त हो जाता है. यह तो आपने सुना ही होगा कि डिप्रेशन से लड़ने का सबसे अच्छा तरीका है एक्सरसाइज. व्यायाम डोपामाइन और एंर्डोफिन के स्तर को बढ़ाता है, जिससे आप हैप्पीनेस का अहसास करते हैं. लेकिन अगर आप अवसाद से ग्रस्त हैं तो शायद ही आप एक्सरसाइज करना पसंद करें. इस स्थिति में डांस करना आपके काफी अच्छा रहेगा. यह भी एक तरह की एक्सरसाइज ही है, जिसे करने से आपके भीतर हैप्पी हार्मोन रिलीज होते हैं और तनाव का स्तर दूर होता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/Madhuri-Dixit-dancingpnc.jpg" alt="" class="wp-image-61353" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/Madhuri-Dixit-dancingpnc.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/04/Madhuri-Dixit-dancingpnc-350x233.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>आपने कभी नोटिस किया हो, जब आप परेशान होते हैं और अपना मनपसंद संगीत सुनते हैं तो आपका मन काफी शांत हो जाता है. कुछ देर के लिए तो आप संगीत में इस कदर खो जाते &nbsp;है कि अपनी परेशानी को भूल जाती हैं. डांस करते समय भी आप किसी न किसी तरह के संगीत का इस्तेमाल करती हैं. इस प्रकार संगीत की धुन आपके मन को सुकून पहुंचाती है और साथ में डांस करने से सारा तनाव छूमंतर हो जाता है.जब आप नियमित रूप से डांस करते  हैं, तो इससे आपके शरीर की उर्जा बढ़ने लगती है. जब आपका स्टेमिना बढ़ता है, तो इससे आप खुद को अधिक एक्टिव महसूस करने लगती हैं. वैसे उर्जा में यह बदलाव सिर्फ आपके शरीर तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि आपकी मानसिक उर्जा भी डांस से बढ़़ने लगती है. इस तर नृत्य करने से आप मानसिक तौर पर काफी अच्छा महसूस करती हैं. डांस आपको सिर्फ डिप्रेशन से ही निजात नहीं दिलाता, बल्कि अन्य मानसिक परेशानियों जैसे अल्जाइमर, डिमेंशिया व अन्य कई तरह की परेशानियों में भी लाभदायक है. आजकल तो नृत्य को बतौर इलाज इस्तेमाल किया जा रहा है. चिकित्सा की वैकल्पिक विधि में डांस थेरेपी को भी अब शामिल किया जाने लगा है.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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