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	<title>Dpo &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>डीईओ और डीपीओ अब सिर्फ शिक्षा का काम देखेंगे</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 11 Feb 2025 03:43:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। शिक्षा विभाग में करप्शन की शिकायत को देखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. बिहार के विद्यालयों अथवा अन्य शैक्षणिक भवनों समेत किसी भी तरह के निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी से जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को मुक्त कर दिया गया है. नयी व्यवस्था में अब सभी तरह के निर्माण कार्य बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम (BSIDC) के माध्यम से ही कराये जायेंगे. विद्यालय शिक्षा समिति के जरिए होने वाले निर्माण का दायित्व भी BSIDC को दिया जा रहा है. शिक्षा विभाग में ये बड़ा बदलाव नये वित्तीय वर्ष की शुरुआत यानी एक अप्रैल, 2025 से लागू होगा. इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारियों और अन्य के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने दिशा-निर्देश जारी किया है. इस महत्वपूर्ण फैसले का मकसद विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना और इस बात पर है कि जिला शिक्षा पदाधिकरी अपना पूरा ध्यान शिक्षा के विकास और शैक्षणिक गतिविधियों की मॉनिटरिंग आदि कार्यों में दें. इसी मकसद से यह नयी व्यवस्था लागू की जा रही है. निर्माण कार्य के लिए निविदा जारी करने समेत एजेंसियों के चयन आदि कार्यों में डीईओ का काफी समय लगता है. इन कार्यों से मुक्त होने पर वह पूरा समय बच्चों के पठन-पाठन को दुरुस्त कराने में दे सकेंगे. हेडमास्टर के पास रहेगा 50 हजार का अधिकार विद्यालय के प्रधानाध्यापकों को मरम्मत आदि कार्यों के लिए 50 हजार तक का कार्य कराने का अधिकार दिया गया है. कमरों की मरम्मत, पेयजल के लिए नल आदि [&#8230;]]]></description>
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<p>पटना।। शिक्षा विभाग में करप्शन की शिकायत को देखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. बिहार के विद्यालयों अथवा अन्य शैक्षणिक भवनों समेत किसी भी तरह के निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी से जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को मुक्त कर दिया गया है. नयी व्यवस्था में अब सभी तरह के निर्माण कार्य बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम (BSIDC) के माध्यम से ही कराये जायेंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="779" height="553" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-shiksha-vibhag-education-department.jpg" alt="" class="wp-image-85473" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-shiksha-vibhag-education-department.jpg 779w, https://www.patnanow.com/assets/2024/07/PNC-shiksha-vibhag-education-department-650x461.jpg 650w" sizes="(max-width: 779px) 100vw, 779px" /></figure>



<p>विद्यालय शिक्षा समिति के जरिए होने वाले निर्माण का दायित्व भी BSIDC को दिया जा रहा है. शिक्षा विभाग में ये बड़ा बदलाव नये वित्तीय वर्ष की शुरुआत यानी एक अप्रैल, 2025 से लागू होगा. इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारियों और अन्य के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने दिशा-निर्देश जारी किया है. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="374" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-ias-s-Siddharth-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-88267" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-ias-s-Siddharth-scaled.jpg 374w, https://www.patnanow.com/assets/2024/12/pnc-ias-s-Siddharth-561x1536.jpg 561w" sizes="(max-width: 374px) 100vw, 374px" /></figure>



<p>इस महत्वपूर्ण फैसले का मकसद विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना और इस बात पर है कि जिला शिक्षा पदाधिकरी अपना पूरा ध्यान शिक्षा के विकास और शैक्षणिक गतिविधियों की मॉनिटरिंग आदि कार्यों में दें. इसी मकसद से यह नयी व्यवस्था लागू की जा रही है. निर्माण कार्य के लिए निविदा जारी करने समेत एजेंसियों के चयन आदि कार्यों में डीईओ का काफी समय लगता है. इन कार्यों से मुक्त होने पर वह पूरा समय बच्चों के पठन-पाठन को दुरुस्त कराने में दे सकेंगे.</p>



<p><strong>हेडमास्टर के पास रहेगा 50 हजार का अधिकार</strong></p>



<p>विद्यालय के प्रधानाध्यापकों को मरम्मत आदि कार्यों के लिए 50 हजार तक का कार्य कराने का अधिकार दिया गया है. कमरों की मरम्मत, पेयजल के लिए नल आदि को ठीक कराने आदि कार्य के लिए प्रधानाध्यपकों के पास यह अधिकार जारी रखने का निर्णय हुआ है. वहीं, अब 50 हजार रुपये से अधिक लागत के सभी तरह के निर्माण कार्य निगम को दिये जायेंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="355" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/pnc-school-Play-game.jpg" alt="" class="wp-image-67066" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/09/pnc-school-Play-game.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/09/pnc-school-Play-game-350x191.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>अब तक ये व्यवस्था है</strong></p>



<p>राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम का गठन वर्ष 2010 में हुआ था. बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम का गठन वर्ष 2010 में किया गया था. बेहतर शैक्षणिक भवनों के निर्माण कराने को लेकर ही इस निगम का गठन हुआ था. 50 लाख रुपये से अधिक की लागत के निर्माण निगम के माध्यम से कराये जाते रहे हैं। वहीं, 50 लाख रुपये से कम के निर्माण कार्य जिला स्तर पर किये जाते हैं. इसके लिए डीईओ के स्तर से विभिन्न एजेंसियों को निर्माण कार्य की जिम्मेदारी दी जाती है. वहीं, छोटे-मोटे निर्माण कार्य, जिनमें अतिरिक्त कमरों, शौचालयों आदि का निर्माण शामिल हैं, उसे विद्यालय स्तर पर भी कराये जाते हैं. इसके लिए विद्यालय शिक्षा समिति गठित है, जो इस पर निर्णय लेती है और निर्माण कार्य कराती है. अब, विद्यालय शिक्षा समिति के द्वारा किया जाने वाला निर्माण भी निगम के माध्यम से होगा.</p>



<p><strong>आउटसोर्स कर्मी हटाए जाएंगे </strong></p>



<p>विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिला और प्रखंड स्तर पर आउटसोर्सिंग के जरिये कार्य कर रहे कर्मी 31 मार्च, 2025 के बाद हटाये जा सकते हैं. विद्यालयों के निरीक्षण कार्य के लिए नियोजित किये गये कर्मियों को लेकर पदाधिकारियों की बैठक में इस पर चर्चा हुई है. बैठक में कहा गया है कि एक महीने का नोटिस देकर 31 मार्च के प्रभाव से इन्हें हटाया जाएगा. हालांकि, इस संबंध में अभी आदेश जारी नहीं हुआ है. मालूम हो कि मध्याह्न भोजन योजना के अंतर्गत भी ऐसे कर्मियों को रखा गया है, जिनकी संख्या 582 है. ये कर्मी निदेशालय, जिला और प्रखंड स्तर पर कार्यरत हैं.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>शिक्षकों को समय पर नहीं मिला वेतन तो डीईओ-डीपीओ पर हो गई बड़ी कार्रवाई</title>
		<link>https://www.patnanow.com/deo-dpo-per-action/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 May 2024 07:49:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। पिछले कुछ समय से बिहार के शिक्षकों को समय पर वेतन देने के बार-बार आदेश देने के बावजूद जब शिक्षकों को समय पर वेतन नहीं मिला तो शिक्षा विभाग ने इसकी समीक्षा की. समीक्षा में इसके लिए सीधे तौर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को दोषी मानते हुए शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक ने सभी 38 जिलों के डीईओ और डीपीओ के वेतन पर रोक लगा दी है. वेतन पर रोक का आदेश ACS के के पाठक के निर्देश पर विभाग के निदेशक (प्रशासन) सुबोध कुमार चौधरी ने सभी डीईओ और डीपीओ स्थापना को मंगलवार को इस संबंध में पत्र भेजा है. विभाग ने राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीईओ) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ स्थापना) के अप्रैल के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है. बिहार लोक सेवा आयोग से नियुक्त शिक्षकों और पूर्व से नियोजित शिक्षकों के समय पर वेतन भुगतान नहीं होने के कारण यह कार्रवाई विभाग ने की है. बता दें कि बिहार के तीन लाख से अधिक नियोजित शिक्षकों को मार्च के वेतन का भुगतान नहीं हो सका है. वहीं, बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा पौने दौ लाख शिक्षक नियुक्त हैं. इनके वेतन भुगतान में भी जिलों की उदासीनता सामने आयी है. विभाग ने साफ किया है कि इन शिक्षकों का वेतन भुगतान जिलों के स्तर पर हुई लापरवाही के कारण लंबित है. जिलों को यह भी निर्देश है लंबित वेतन का भुगतान शीघ्र कराएं. 24 घंटे में देना होगा स्पष्टीकरण डीईओ-डीपीओ को यह भी निर्देश [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। पिछले कुछ समय से बिहार के शिक्षकों को समय पर वेतन देने के बार-बार आदेश देने के बावजूद जब शिक्षकों को समय पर वेतन नहीं मिला तो शिक्षा विभाग ने इसकी समीक्षा की. समीक्षा में इसके लिए सीधे तौर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को दोषी मानते हुए शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक ने सभी 38 जिलों के डीईओ और डीपीओ के वेतन पर रोक लगा दी है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="552" height="536" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/11/pnc-ias-kk-Pathak.jpg" alt="" class="wp-image-79948" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/11/pnc-ias-kk-Pathak.jpg 552w, https://www.patnanow.com/assets/2023/11/pnc-ias-kk-Pathak-350x340.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 552px) 100vw, 552px" /></figure>



<p><strong>वेतन पर रोक का आदेश</strong></p>



<p>ACS के के पाठक के निर्देश पर विभाग के निदेशक (प्रशासन) सुबोध कुमार चौधरी ने सभी डीईओ और डीपीओ स्थापना को मंगलवार को इस संबंध में पत्र भेजा है. विभाग ने राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीईओ) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ स्थापना) के अप्रैल के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है. बिहार लोक सेवा आयोग से नियुक्त शिक्षकों और पूर्व से नियोजित शिक्षकों के समय पर वेतन भुगतान नहीं होने के कारण यह कार्रवाई विभाग ने की है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="389" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/01/PNC-Shiksha-vibhag-education-department.jpg" alt="" class="wp-image-58640" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/01/PNC-Shiksha-vibhag-education-department.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/01/PNC-Shiksha-vibhag-education-department-350x209.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>बता दें कि बिहार के तीन लाख से अधिक नियोजित शिक्षकों को मार्च के वेतन का भुगतान नहीं हो सका है. वहीं, बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा पौने दौ लाख शिक्षक नियुक्त हैं. इनके वेतन भुगतान में भी जिलों की उदासीनता सामने आयी है. विभाग ने साफ किया है कि इन शिक्षकों का वेतन भुगतान जिलों के स्तर पर हुई लापरवाही के कारण लंबित है. जिलों को यह भी निर्देश है लंबित वेतन का भुगतान शीघ्र कराएं.</p>



<p><strong>24 घंटे में देना होगा स्पष्टीकरण </strong></p>



<p>डीईओ-डीपीओ को यह भी निर्देश दिया गया है कि 24 घंटे के अंदर उक्त आरोप के संबंध में अपना स्पष्टीकरण विभाग को समर्पित करें. स्पष्टीकरण में इन्हें कहा गया है कि बतायें कि क्यों नहीं आप सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की जाये? निदेशक प्रशासन ने पत्र में कहा है कि आपके स्पष्टीकरण प्राप्त होने के बाद विभाग उस पर आगे का निर्णय लेगा. तब तक आप सभी का अप्रैल का वेतन स्थगित रहेगा.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>दरभंगा, मुजफ्फरपुर और वैशाली में नये डीईओ</title>
		<link>https://www.patnanow.com/deo-dpo-transfer/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 01 Jul 2022 01:55:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
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					<description><![CDATA[13 जिलों के डीईओ बदले गए जून के आखिरी दिन शिक्षा विभाग ने बड़ी संख्या में शिक्षा सेवा के अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किया. लगभग एक दर्जन जिला शिक्षा पदाधिकारियों को इधर से उधर किया गया है. इनमें प्रमुख रूप से वैशाली, दरभंगा और मुजफ्फरपुर समेत कई प्रमुख जिले हैं जहां से लगातार शिकायतें मिल रही थी. माध्यमिक शिक्षा के दो उपनिदेशकों को क्षेत्रिय शिक्षा उप निदेशक (आरडीडीई) बनाया गया है. दिनेश कुमार चौधरी को मधुबनी, कौशल किशोर को सारण, जयशंकर प्रसाद ठाकुर को मधेपुरा, मो. नजीबुल्लाह को सहरसा, अनिल कुमार द्विवेदी को बक्सर, ओम प्रकाश सिंह को शेखपुरा, अश्वनी कुमार को मुंगेर, समर बहादुर सिंह को दरभंगा, अजय कुमार सिंह को मुजफ्फरपुर, वीरेंद्र नारायण को वैशाली और पवन कुमार को बांका का जिला शिक्षा पदाधिकारी बनाया गया है. कई जिलों के डीईओ को दूसरे काम में लगाया गया है. मधुबनी के डीईओ नसीम अहमद को माध्यमिक शिक्षा में संयुक्त निदेशक के साथ ही बिहार स्टूडेन्ट क्रेडिट कार्ड योजना के प्रभारी पदाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार भी गया है. विजय कुमार झा को एससीईआरटी में संयुक्त निदेशक प्रशासन, सचिन्द्र कुमार को विशेष निदेशक माध्यमिक शिक्षा, दरभंगा की डीईओ विभा कुमारी को उप निदेशक उच्च शिक्षा, माध्यमिक के उप निदेशक विजय कुमार सिंह को मुख्यालय में अवकाश रक्षित पदाधिकारी, बक्सर के डीईओ दिलीप कुमार सिंह को डीपीओ सारण, नवादा के डीईओ संजय कुमार चौधरी को उप निदेशक प्राथमिक शिक्षा, प्राथमिक के उपनिदेशक शैलेन्द्र कुमार को बीबोस, अमर भूषण को उप निदेशक माध्यमिक, मुजफ्फरपुर के डीईओ अब्दुल सलाम अंसारी को उप निदेशक [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>13 जिलों के डीईओ बदले गए</p>



<p>जून के आखिरी दिन शिक्षा विभाग ने बड़ी संख्या में शिक्षा सेवा के अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किया. लगभग एक दर्जन जिला शिक्षा पदाधिकारियों को इधर से उधर किया गया है. इनमें प्रमुख रूप से वैशाली, दरभंगा और मुजफ्फरपुर समेत कई प्रमुख जिले हैं जहां से लगातार शिकायतें मिल रही थी. माध्यमिक शिक्षा के दो उपनिदेशकों को क्षेत्रिय शिक्षा उप निदेशक (आरडीडीई) बनाया गया है. दिनेश कुमार चौधरी को मधुबनी, कौशल किशोर को सारण, जयशंकर प्रसाद ठाकुर को मधेपुरा, मो. नजीबुल्लाह को सहरसा, अनिल कुमार द्विवेदी को बक्सर, ओम प्रकाश सिंह को शेखपुरा, अश्वनी कुमार को मुंगेर, समर बहादुर सिंह को दरभंगा, अजय कुमार सिंह को मुजफ्फरपुर, वीरेंद्र नारायण को वैशाली और पवन कुमार को बांका का जिला शिक्षा पदाधिकारी बनाया गया है. कई जिलों के डीईओ को दूसरे काम में लगाया गया है. मधुबनी के डीईओ नसीम अहमद को माध्यमिक शिक्षा में संयुक्त निदेशक के साथ ही बिहार स्टूडेन्ट क्रेडिट कार्ड योजना के प्रभारी पदाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार भी गया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="389" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/01/PNC-Shiksha-vibhag-education-department.jpg" alt="" class="wp-image-58640" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/01/PNC-Shiksha-vibhag-education-department.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/01/PNC-Shiksha-vibhag-education-department-350x209.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>विजय कुमार झा को एससीईआरटी में संयुक्त निदेशक प्रशासन, सचिन्द्र कुमार को विशेष निदेशक माध्यमिक शिक्षा, दरभंगा की डीईओ विभा कुमारी को उप निदेशक उच्च शिक्षा, माध्यमिक के उप निदेशक विजय कुमार सिंह को मुख्यालय में अवकाश रक्षित पदाधिकारी, बक्सर के डीईओ दिलीप कुमार सिंह को डीपीओ सारण, नवादा के डीईओ संजय कुमार चौधरी को उप निदेशक प्राथमिक शिक्षा, प्राथमिक के उपनिदेशक शैलेन्द्र कुमार को बीबोस, अमर भूषण को उप निदेशक माध्यमिक, मुजफ्फरपुर के डीईओ अब्दुल सलाम अंसारी को उप निदेशक माध्यमिक, शेखपुरा के डीईओ रंजीत पासवान को बीबोस, अरवल के डीईओ यदुवंश राम को विवि सेवा आयोग, बेगूसराय के डीपीओ नीरज कुमार को उप निदेशक प्राथमिक बनाया.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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