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	<title>doctor &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>लुटेरों और बेशर्म डॉक्टरों की दुकान बंद करे सरकार &#8211; कुमुद</title>
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		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 May 2023 10:10:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[जनता को जागरूक हो एकजुट होने का किया आह्वान आरा,28 मई. आरा विधानसभा के प्रत्याशी और युवा क्रांतिकारी पूर्व छात्र नेता कुमुद पटेल ने पिछले दिनों डॉ कन्हैया सिंह के लापरवाही से भले चंगे मरीज की हुई मौत और परिजनों के आक्रोश के साथ जन आक्रोश को देखते हुए इस मुद्दे पर अपनी बेवाक आवाज को रखते हुए कहा कि आरा के सभी 80% डॉक्टर जो निहायत ही लुटेरे और डकैत किस्म के हैं उन में खलबली मच गई है और सभी जनाक्रोश को देखकर भ‌याक्रांत हो चुके हैं, जिसकी वजह से आनन-फानन में बैठक करके सभी लुटेरों की जमात IMA के बैनर के तहत एकजुट होने का प्रयास कर रही है. डॉक्टरों को बार-बार IMA के बैनर के तहत आकर जनता को धमकाने को उन्होंने आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आरा की क्रांतिकारी जनता सब कुछ भली-भांति जानती और समझती है. डॉक्टरी की आड़ में 80% ये लुटेरे जिस प्रकार जांच के नाम पर कमीशन खाते हैं,महंगी और बेकार दवाइयों में 80% तक कमीशन लेते हैं, गैरजरूरी ऑपरेशन करते हैं और 15 से 20 दिन में ही पुनः फीस वसूलते हैं. मरीज इन डाक्टरों के भरोसे नही, राम भरोसे ही चलता है. उन्हों कहा कि इन बेशर्म हत्यारों और लुटेरों की दुकान चकाचक चलती रहती है.नई-नई जमीनों पर नई इमारतें बनती रहती है. आरा की जनता लुटती और मरती रहती है और यहां पर नेता कहे जाने वाले लोग उन्हीं लुटेरों को गुलदस्ता भेंट कर उनके धनबल के आगे नतमस्तक हो जाते हैं. यहां के नेता यह भूल [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जनता को जागरूक हो एकजुट होने का किया आह्वान</strong></p>



<p>आरा,28 मई. आरा विधानसभा के प्रत्याशी और युवा क्रांतिकारी पूर्व छात्र नेता कुमुद पटेल ने पिछले दिनों डॉ कन्हैया सिंह के लापरवाही से भले चंगे मरीज की हुई मौत और परिजनों के आक्रोश के साथ जन आक्रोश को देखते हुए इस मुद्दे पर अपनी बेवाक आवाज को रखते हुए कहा कि आरा के सभी 80% डॉक्टर जो निहायत ही लुटेरे और डकैत किस्म के हैं उन में खलबली मच गई है और सभी जनाक्रोश को देखकर भ‌याक्रांत हो चुके हैं, जिसकी वजह से आनन-फानन में बैठक करके सभी लुटेरों की जमात IMA के बैनर के तहत एकजुट होने का प्रयास कर रही है. डॉक्टरों को बार-बार IMA के बैनर के तहत आकर जनता को धमकाने को उन्होंने आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आरा की क्रांतिकारी जनता सब कुछ भली-भांति जानती और समझती है. डॉक्टरी की आड़ में 80% ये लुटेरे जिस प्रकार जांच के नाम पर कमीशन खाते हैं,महंगी और बेकार दवाइयों में 80% तक कमीशन लेते हैं, गैरजरूरी ऑपरेशन करते हैं और 15 से 20 दिन में ही पुनः फीस वसूलते हैं. मरीज इन डाक्टरों के भरोसे नही, राम भरोसे ही चलता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="383" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/PNC_Kumud-Patel.jpg" alt="" class="wp-image-74814" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/PNC_Kumud-Patel.jpg 383w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/PNC_Kumud-Patel-223x350.jpg 223w" sizes="(max-width: 383px) 100vw, 383px" /></figure>



<p>उन्हों कहा कि इन बेशर्म हत्यारों और लुटेरों की दुकान चकाचक चलती रहती है.नई-नई जमीनों पर नई इमारतें बनती रहती है. आरा की जनता लुटती और मरती रहती है और यहां पर नेता कहे जाने वाले लोग उन्हीं लुटेरों को गुलदस्ता भेंट कर उनके धनबल के आगे नतमस्तक हो जाते हैं. यहां के नेता यह भूल जाते हैं कि इन कमीशनखोर डॉक्टरों के आलीशान भवन गांव के गरीब मजदूर और लाचार लोगों के खून पसीने की कमाई को लूट कर बनाई गई है. इन डॉक्टरों के कुर्सी के नीचे ना जाने कितनों की आत्मा दबी हुई है जो आज भी इन लुटेरों की लापरवाही से हुई अपनी मौत पर न्याय का इंतजार कर रही है.</p>



<p>कुमुद पटेल ने कहा कि मैं सभी आरा वासियों को बताना चाहता हूं कि इन लुटेरों का इलाज इसी क्रांतिकारी धरती पर होगा. जरूरत है आप सभी को जागरूक होने की, एकजुट होने की और इस लूट तंत्र का विरोध करने की. अगर जिला प्रशासन सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को सुलभ और सुदृढ़ कर दे तो यह लुटेरे अपना बोरिया बिस्तर समेट कर यहां से चले जाएंगे.</p>



<p>उन्होंने कहा कि मैं बिहार सरकार और भोजपुर के जिलाधिकारी से मांग करता हूं कि जिले की तमाम अवैध रूप से चल रहे अस्पतालों की जांच करें और सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करके हमारी भोली-भाली जनता को लूटने और मरने से बचाएं.</p>



<p><strong>PNCB</strong></p>
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			</item>
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		<title>शीत लहर से बच्चे और बुजुर्गों को बचाकर रखने की जरूरत</title>
		<link>https://www.patnanow.com/need-to-protect-children-and-elders-from-cold-wave/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 04 Jan 2023 02:09:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
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		<category><![CDATA[pain in head]]></category>
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					<description><![CDATA[शीत लहर से हार्ट और अस्थमा के मरीज रहें अलर्ट कोविड की वजह से लंग्स हो गए हैं कमजोर; हो सकती है मौत अब शीत लहर से बचने के लिए पूरे दिन आप कमरे में हीटर, ब्लोअर ऑन कर नहीं बैठ सकते हैं, बाहर तो निकलना ही होगा. इसलिए इसे हल्के में न लें, क्योंकि इस मौसम में थोड़ी सी भी लापरवाही मौत का कारण बन सकती है.भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार नार्थ इंडिया में न्यूनतम तापमान जब 4.5 डिग्री सेल्सियस से कम हो जाए और ओवरऑल टेम्प्रेचर 10 डिग्री या उससे कम रहे, तो इस कंडीशन को शीत लहर या कोल्ड वेव कहा जाता है. हिमालय से आने वाली सर्द हवाओं और ला नीना की वजह से इस समय नार्थ इंडिया शीत लहर की चपेट में है. प्रशांत महासागर की समुद्री सतह के तापमान में होने वाले परिवर्तन का जिक्र ला नीना से करते हैं. ला नीना की वजह से पैसिफिक ओशन में डिस्टरबेंस होता है और समुद्र का ठंडा पानी सतह पर आ जाता है. इसी वजह से दिसम्बर 2022 से फरवरी 2023 तक देश में ठंड बढ़ी रहेगी. हर व्यक्ति के लिए इसके सिंप्टम्स यानी लक्षण अलग-अलग है. कुछ कॉमन सिंप्टम्स नीचे लिखे जा रहे हैं, आपमें ये दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिले . सिरदर्द सीने में जकड़न और दर्द मांसपेशियों में दर्द खांसी-जुकाम सांस लेने में दिक्कत बुखार हाथ-पैर ठंडे और सुन्न होना यदि किसी व्यक्ति को लगातार ठंड लग रही है, तो डॉक्टर अंतर्निहित कारण का निदान करने में मदद कर सकता है. [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p></p>



<p></p>



<p><strong>शीत लहर से हार्ट और अस्थमा के मरीज रहें अलर्ट</strong></p>



<p><strong>कोविड की वजह से लंग्स हो गए हैं कमजोर; हो सकती है मौत</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="405" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/cold-wave.jpg" alt="" class="wp-image-70405" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/cold-wave.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/01/cold-wave-350x218.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>अब शीत लहर से बचने के लिए पूरे दिन आप कमरे में हीटर, ब्लोअर ऑन कर नहीं बैठ सकते हैं, बाहर तो निकलना ही होगा. इसलिए इसे हल्के में न लें, क्योंकि इस मौसम में थोड़ी सी भी लापरवाही मौत का कारण बन सकती है.भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार नार्थ इंडिया में न्यूनतम तापमान जब 4.5 डिग्री सेल्सियस से कम हो जाए और ओवरऑल टेम्प्रेचर 10 डिग्री या उससे कम रहे, तो इस कंडीशन को शीत लहर या कोल्ड वेव कहा जाता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/download-1.jpg" alt="" class="wp-image-70406" width="660" height="378"/></figure>



<p>हिमालय से आने वाली सर्द हवाओं और ला नीना की वजह से इस समय नार्थ इंडिया शीत लहर की चपेट में है. प्रशांत महासागर की समुद्री सतह के तापमान में होने वाले परिवर्तन का जिक्र ला नीना से करते हैं. ला नीना की वजह से पैसिफिक ओशन में डिस्टरबेंस होता है और समुद्र का ठंडा पानी सतह पर आ जाता है. इसी वजह से दिसम्बर 2022 से फरवरी 2023 तक देश में ठंड बढ़ी रहेगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/first-aid-common-cold-in-hindi-2-edited.png" alt="" class="wp-image-70408" width="662" height="423" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/first-aid-common-cold-in-hindi-2-edited.png 385w, https://www.patnanow.com/assets/2023/01/first-aid-common-cold-in-hindi-2-edited-350x224.png 350w" sizes="(max-width: 662px) 100vw, 662px" /></figure>



<p>हर व्यक्ति के लिए इसके सिंप्टम्स यानी लक्षण अलग-अलग है. कुछ कॉमन सिंप्टम्स नीचे लिखे जा रहे हैं, आपमें ये दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिले .</p>



<p>सिरदर्द</p>



<p>सीने में जकड़न और दर्द</p>



<p>मांसपेशियों में दर्द</p>



<p>खांसी-जुकाम</p>



<p>सांस लेने में दिक्कत</p>



<p>बुखार</p>



<p>हाथ-पैर ठंडे और सुन्न होना</p>



<p>यदि किसी व्यक्ति को लगातार ठंड लग रही है, तो डॉक्टर अंतर्निहित कारण का निदान करने में मदद कर सकता है. ऐसा करने के लिए, वे कर सकते हैं:</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="371" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/Viral-Infection-In-Children2.jpg" alt="" class="wp-image-70409" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/Viral-Infection-In-Children2.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/01/Viral-Infection-In-Children2-350x200.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p></p>



<p>रक्तचाप, नाड़ी, श्वसन और तापमान रीडिंग लेकर किसी व्यक्ति के महत्वपूर्ण संकेतों की जाँच करेंपहले से मौजूद स्थितियों, यात्रा, दवाओं और अन्य चिकित्सा उपचार को कवर करते हुए एक संपूर्ण चिकित्सा इतिहास लें अन्य लक्षणों के बारे में पूछें, जैसे कि खांसी, पाचन संबंधी समस्याएं, चकत्ते या अन्य चिंताएं आंख, कान, नाक, गला, गर्दन और पेट जैसे प्रमुख क्षेत्रों को कवर करते हुए एक शारीरिक परीक्षा करें.</p>



<p>डॉक्टर अतिरिक्त परीक्षण कर सकते हैं, जैसे छाती का एक्स &#8211; रे, रक्त परीक्षण, और मूत्र कल्चर यदि उन्हें किसी विशेष अंतर्निहित स्थिति पर संदेह है.</p>



<p>किसी को COVID-19 है या नहीं, यह सुनिश्चित करने का एकमात्र तरीका टेस्टिंग है. हालाँकि, सीडीसी वर्तमान में अनुशंसा नहीं करता है कि हर कोई परीक्षण करवाए क्योंकि ये परीक्षण सीमित हैं. उनका ध्यान स्वास्थ्य कर्मियों और बहुत बीमार लोगों पर है.</p>



<p>यह पता लगाने के लिए कि क्या परीक्षण उपलब्ध हैं, कोई व्यक्ति अपने स्थानीय या राज्य के स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर सकता है.</p>



<p><strong>इलाज</strong></p>



<p>ठंड लगना एक लक्षण है, बीमारी नहीं, इसलिए ठंड लगने का इलाज काफी हद तक इसके कारण पर निर्भर करता है.यदि हल्के संक्रमण के कारण ठंड लगती है, तो बिस्तर पर आराम के साथ घरेलू उपचार, बहुत सारे तरल पदार्थ, और बिना पर्ची के मिलने वाली दर्दनिवारक दवाएं राहत प्रदान कर सकती हैं.अगर ठंड से परेशानी हो रही है, तो परत चढ़ाना और गर्म रहना सबसे अच्छा है.मधुमेह वाले लोगों को अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के साथ निम्न रक्त शर्करा के जोखिम और संभावित लक्षणों पर चर्चा करनी चाहिए और इन समस्याओं के होने पर उन्हें प्रबंधित करने की योजना बनानी चाहिए.जब कोई व्यक्ति इस स्थिति के लिए उपचार प्राप्त करता है तो अन्य अंतर्निहित चिकित्सा स्थितियों के कारण होने वाली ठंड लगनी चाहिए.</p>



<p><strong>डॉक्टर के पास कब जाएं?</strong></p>



<p></p>



<p>यदि घरेलू देखभाल के 48 घंटों के बाद भी आपके बुखार और ठंड में सुधार नहीं होता है, या यदि आपके पास निम्न में से कोई भी लक्षण हैं, तो अपने डॉक्टर को बुलाएँ:</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="540" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/child.png" alt="" class="wp-image-70410" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/01/child.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/01/child-350x291.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>घरघराहट खांसी साँसों की कमी भ्रम सुस्ती चिड़चिड़ापन पेटमें दर्द मूत्र त्याग करने में दर्द हिंसक उल्टी बार-बार पेशाब आना या पेशाब की कमी उज्ज्वल प्रकाश के लिए असामान्य संवेदनशीलता.</p>



<p>यदि आपके बच्चे में निम्न में से कोई भी लक्षण दिखाई दे तो बाल रोग विशेषज्ञ को बुलाएँ:</p>



<p>3 महीने से कम उम्र के बच्चे में बुखार 3 से 6 महीने के बच्चे में बुखार और बच्चा सुस्त या चिड़चिड़ा हो6 से 24 महीने की उम्र के बच्चे में बुखार जो एक दिन से अधिक समय तक रहता है24 महीने से 17 साल की उम्र के बच्चे में बुखार जो तीन दिनों से अधिक समय तक रहता है और उपचार का असर नहीं होता है</p>



<p><strong>घरेलू उपचार:</strong></p>



<p><strong>वयस्कों के लिए घरेलू देखभाल:</strong></p>



<p>उपचार आमतौर पर इस बात पर आधारित होता है कि बुखार के साथ ठंड लगना बंद हो गया है या नहीं. यदि आपका बुखार हल्का है और आपको अन्य गंभीर लक्षण नहीं हैं, तो आपको डॉक्टर को दिखाने की आवश्यकता नहीं है. अधिक आराम करें और खूब पानी या जूस पिएं. हल्का बुखार 38.6 डिग्री सेल्सियस या उससे कम होता है.</p>



<p>अपने आप को एक हल्के कंबल से ढकें और एक भारी कंबल या कपड़ों से बचें, जो आपके शरीर का तापमान बढ़ा सकता है. अपने शरीर को गर्म पानी से पोंछने या ठंडे पानी से नहाने से बुखार कम करने में मदद मिल सकती है. हालांकि, ठंडे पानी से ठंड लग सकती है.</p>



<p>ओवर-द-काउंटर (OTC) दवाएं बुखार को कम कर सकती हैं और ठंड से लड़ सकती हैं, जैसे:</p>



<p>एस्पिरिन (बायर)</p>



<p>एसिटामिनोफेन (टाइलेनॉल)</p>



<p>इबुप्रोफेन (एडविल)</p>



<p>जैसा कि किसी भी दवा के साथ होता है, निर्देशों का सावधानीपूर्वक पालन करें और निर्देशानुसार उन्हें लें. एस्पिरिन और इबुप्रोफेन बुखार कम करेंगे और सूजन कम करेंगे. एसिटामिनोफेन बुखार को कम करेगा, लेकिन यह सूजन को कम नहीं करेगा. एसिटामिनोफेन यकृत के लिए विषाक्त हो सकता है यदि निर्देशित के रूप में नहीं लिया जाता है, और इबुप्रोफेन का दीर्घकालिक उपयोग गुर्दे और पेट की क्षति का कारण बन सकता है.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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			</item>
		<item>
		<title>सचमुच भगवान हैं डॉक्टर विकास!</title>
		<link>https://www.patnanow.com/sachmuch-bhagvan-hain-doctor-vikas/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 24 Jun 2021 07:10:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[ARA]]></category>
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		<category><![CDATA[doctor]]></category>
		<category><![CDATA[Doctor as god]]></category>
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					<description><![CDATA[आरा,24 जून. भगवान को हम तब याद करते हैं जब किसी काम को करने में असमर्थ हो जाते हैं. बस उनकी प्रार्थना पर टिक जाती है हमारी उम्मीदों की एक बड़ी बोझ. धरती का असली भगवान कोई है तो वो है डॉक्टर. डॉक्टरों ने हमेशा मरीजों को उनके रोगों से मुक्ति दिया है. कोरोना जैसे महामारी में भी अगर कोई मानव जीवन के लिए खड़ा है तो वे हैं डॉक्टर. वैसे तो सभी डॉक्टर भगवान के दूसरे रूप ही हैं. इस धरती पर आरा में इस भगवान का टैग किसी पर लगा है तो वे हैं डॉक्टर विकास. कारण यह है कि गोली से जख्मी सैकड़ो लोगों की जान किसी ने बचाई है तो वे हैं डॉक्टर विकास. इनकी चर्चा शहर के बाहर भी काफी होती है. गुरुवार को डॉक्टर विकास ने लगभग 100 साल के ऊपर की एक महिला का हर्निया का सफल ऑपरेशन कर एक बार फिर अपने नाम का डंका बजाया है. बुजुर्ग महिला वार्ड 10 के पिंटू यादव की दादी बतायी जा रही हैं. जिनके हर्निया का ऑपरेशन काफी रिस्की था. वार्ड 10 के वार्ड पार्षद भीम लाल ने डॉक्टर विकास से बात कर इस ऑपरेशन के रिस्क को अपने जिम्मा लिया. डॉक्टर ने ऑपरेशन किया और फिर ऑपरेशन सफल भी रहा. ऑपरेशन के बाद न सिर्फ पिंटू यादव का पूरा परिवार बल्कि पूरा मुहल्ला खुश है और एक बार फिर डॉक्टर विकाश के जादुई ऑपरेशन वाले हाथ की चर्चा है. बस लोगों में तो यही चर्चा है कि डॉक्टर विकास भगवान के अवतार हैं,जो यहाँ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>आरा,24 जून. भगवान को हम तब याद करते हैं जब किसी काम को करने में असमर्थ हो जाते हैं. बस उनकी प्रार्थना पर टिक जाती है हमारी उम्मीदों की एक बड़ी बोझ. धरती का असली भगवान कोई है तो वो है डॉक्टर. डॉक्टरों ने हमेशा मरीजों को उनके रोगों से मुक्ति दिया है. कोरोना जैसे महामारी में भी अगर कोई मानव जीवन के लिए खड़ा है तो वे हैं डॉक्टर. वैसे तो सभी डॉक्टर भगवान के दूसरे रूप ही हैं. इस धरती पर आरा में इस भगवान का टैग किसी पर लगा है तो वे हैं डॉक्टर विकास. कारण यह है कि गोली से जख्मी सैकड़ो लोगों की जान किसी ने बचाई है तो वे हैं डॉक्टर विकास. इनकी चर्चा शहर के बाहर भी काफी होती है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-style-default"><img loading="lazy" decoding="async" width="271" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_doctor-vikas.jpg" alt="" class="wp-image-53563" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_doctor-vikas.jpg 271w, https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_doctor-vikas-158x350.jpg 158w" sizes="(max-width: 271px) 100vw, 271px" /><figcaption>ऑपरेशन करते डॉक्टर विकास</figcaption></figure>



<p>गुरुवार को डॉक्टर विकास ने लगभग 100 साल के ऊपर की एक महिला का हर्निया का सफल ऑपरेशन कर एक बार फिर अपने नाम का डंका बजाया है. बुजुर्ग महिला वार्ड 10 के पिंटू यादव की दादी बतायी जा रही हैं. जिनके हर्निया का ऑपरेशन काफी रिस्की था. वार्ड 10 के वार्ड पार्षद भीम लाल ने डॉक्टर विकास से बात कर इस ऑपरेशन के रिस्क को अपने जिम्मा लिया. डॉक्टर ने ऑपरेशन किया और फिर ऑपरेशन सफल भी रहा. </p>



<figure class="wp-block-image size-large is-style-default"><img loading="lazy" decoding="async" width="264" height="335" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/06/PNC_doctor-vikas-n-Bhim-lal.jpg" alt="" class="wp-image-53564" /><figcaption>डॉक्टर विकास(दाएं) भीम लाल (बाएं) (फ़ाइल फ़ोटो)</figcaption></figure>



<p>ऑपरेशन के बाद न सिर्फ पिंटू यादव का पूरा परिवार बल्कि पूरा मुहल्ला खुश है और एक बार फिर डॉक्टर विकाश के जादुई ऑपरेशन वाले हाथ की चर्चा है. बस लोगों में तो यही चर्चा है कि डॉक्टर विकास भगवान के अवतार हैं,जो यहाँ डॉक्टर का रूप धर मरीजों की सेवा कर रहे हैं.</p>



<p>आरा से <strong>ओ पी पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कोरोना से निपटने के लिए 2500 से ज्यादा डॉक्टर और 35000 चिकित्साकर्मियों की तैनाती करेगा ये संगठन</title>
		<link>https://www.patnanow.com/covid-19-support-from-indian-railways/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 18 Apr 2020 07:56:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Corona]]></category>
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		<category><![CDATA[rail hospital]]></category>
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					<description><![CDATA[कोरोना से पूरे विश्व में अब तक 30 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं. जबकि करीब 1.5 लाख लोगों की मौत हो चुकी है. अमेरिका और इटली समेत पूरा विश्व इस महामारी से निपटने में लगा है लेकिन इन बड़े देशों में भी चिकित्सा उपकरणों और स्वास्थ्यकर्मियों की कमी बाधक बन रही है जिसके कारण लोगों की जान जा रही है. दूसरे देशों के अनुभव से सीख लेते हुए भारत ने पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है. और इसमें बड़ा योगदान दे रहा है भारत का सबसे बड़ा संगठन रेलवे. कोविड-19 के खिलाफ संघर्ष जारी रखते हुए भारतीय रेलवे भारत सरकार के स्&#x200d;वास्&#x200d;थ्&#x200d;य सेवा संबंधी प्रयासों में सहयोग प्रदान करने के लिए हरसंभव कोशिश कर रहा है. रेलवे के मौजूदा अस्&#x200d;पतालों को कोविड-19 संबंधी जरूरतें पूरी करने लायक बनाना, आपात स्थितियों से निपटने के लिए अस्&#x200d;पताल के बिस्&#x200d;तर निर्धारित करना और डॉक्&#x200d;टरों एवं अर्द्ध चिकित्&#x200d;सा कर्मि&#x200d;यों की भर्ती करना, पेसेंजर कोचों को आइसोलेशन कोच में परिवर्तित करना, चिकित्&#x200d;सा उपकरण उपलब्&#x200d;ध कराना, PPE और वेंटीलेटर्स आदि का आंतरिक स्&#x200d;तर पर निर्माण करना आदि शामिल हैं.&#160; रेलवे का स्वास्थ्य विभाग कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में भारत सरकार के स्वास्थ्य संबंधी प्रयासों में सहयोग देने के लिए तैयार और चाक-चौबंद हो रहा है. रेलवे के पास देश भर में 586 स्वास्थ्य इकाइयां, 45 सब डिविजनल अस्पताल, 56 डिविजनल अस्पताल, 8 उत्पादन इकाइयां अस्पताल और 16 ज़ोनल अस्पताल हैं. इन सुविधाओं का काफी बड़ा भाग अब से कोरोना वायरस से निपटने के लिए समर्पित रहेगा. &#160; डॉक्टरों के कुल 2546 [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>कोरोना से पूरे विश्व में अब तक 30 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं. जबकि करीब 1.5 लाख लोगों की मौत हो चुकी है.  अमेरिका और इटली समेत पूरा विश्व इस महामारी से निपटने में लगा है लेकिन इन बड़े देशों में भी चिकित्सा उपकरणों और स्वास्थ्यकर्मियों की कमी बाधक बन रही है जिसके कारण लोगों की जान जा रही है. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="333" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/03/Novel-Coronavirus-2019-nCoV-Lunge-01.png" alt="" class="wp-image-43752" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/03/Novel-Coronavirus-2019-nCoV-Lunge-01.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/03/Novel-Coronavirus-2019-nCoV-Lunge-01-350x179.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>दूसरे देशों के अनुभव से सीख लेते हुए भारत ने पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है. और इसमें बड़ा योगदान दे रहा है भारत का सबसे बड़ा संगठन रेलवे.</p>



<p>कोविड-19 के खिलाफ संघर्ष जारी रखते हुए भारतीय रेलवे भारत सरकार के स्&#x200d;वास्&#x200d;थ्&#x200d;य सेवा संबंधी प्रयासों में सहयोग प्रदान करने के लिए हरसंभव कोशिश कर रहा है. रेलवे के मौजूदा अस्&#x200d;पतालों को कोविड-19 संबंधी जरूरतें पूरी करने लायक बनाना, आपात स्थितियों से निपटने के लिए अस्&#x200d;पताल के बिस्&#x200d;तर निर्धारित करना और डॉक्&#x200d;टरों एवं अर्द्ध चिकित्&#x200d;सा कर्मि&#x200d;यों की भर्ती करना, पेसेंजर कोचों को आइसोलेशन कोच में परिवर्तित करना, चिकित्&#x200d;सा उपकरण उपलब्&#x200d;ध कराना, PPE और वेंटीलेटर्स आदि का आंतरिक स्&#x200d;तर पर निर्माण करना आदि शामिल हैं.&nbsp;</p>



<figure class="wp-block-gallery columns-1 is-cropped wp-block-gallery-1 is-layout-flex wp-block-gallery-is-layout-flex"><ul class="blocks-gallery-grid"><li class="blocks-gallery-item"><figure><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/01/pnc-railway-recruitment-650x366.png" alt="" data-id="37927" data-full-url="https://www.patnanow.com/assets/2019/01/pnc-railway-recruitment.png" data-link="https://www.patnanow.com/indian-railways-announces-mega-recruitment-during-next-two-years/pnc-railway-recruitment/" class="wp-image-37927" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/01/pnc-railway-recruitment.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/01/pnc-railway-recruitment-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure></li></ul></figure>



<p>रेलवे का स्वास्थ्य विभाग कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में भारत सरकार के स्वास्थ्य संबंधी प्रयासों में सहयोग देने के लिए तैयार और चाक-चौबंद हो रहा है. रेलवे के पास देश भर में 586 स्वास्थ्य इकाइयां, 45 सब डिविजनल अस्पताल, 56 डिविजनल अस्पताल, 8 उत्पादन इकाइयां अस्पताल और 16 ज़ोनल अस्पताल हैं. इन सुविधाओं का काफी बड़ा भाग अब से कोरोना वायरस से निपटने के लिए समर्पित रहेगा. &nbsp;</p>



<p>डॉक्टरों के कुल 2546 पदों और नर्सिंग स्टाफ, फार्मासिस्ट और अन्य श्रेणी के कर्मचारियों सहित 35153 अर्द्धचिकित्&#x200d;सा कर्मि&#x200d;यों के साथ रेलवे कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है. एक नई पहल के तहत देश भर में केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों के लिए अब रेलवे स्वास्थ्य सेवाओं को उपलब्ध कराया गया है. इन सेवाओं में कुछ विशिष्टताओं में प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक देखभाल सेवाएं शामिल हैं.</p>



<p><strong>कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में भारतीय रेलवे द्वारा निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं: &#8211;</strong></p>



<ol class="wp-block-list" type="1"><li>क्&#x200d;वारंटीन/आइसोलेशन सुविधाओं के रूप में काम करने के लिए कोचों का रूपांतरण: भारतीय रेलवे कोविड-19 के लिए 80000 बिस्&#x200d;तरों का प्रबंध करने हेतु क्&#x200d;वारंटीन/आइसोलेशन सुविधाओं के रूप में काम करने के लिए देश भर में 5000 ट्रेन कोचों को परिवर्तित कर रहा है. इसके लिए जोनल रेलवे द्वारा युद्धस्तर पर कार्य शुरू कर दिया गया है. 3250 डिब्बों का रूपांतरण कार्य पहले ही पूरा हो चुका है.</li><li>&nbsp;कोविड-19 रोगियों के उपचार के लिए 5000 बिस्&#x200d;तर निर्धारित किए गए: कोविड-19 रोगियों के उपचार के लिए 17 समर्पित अस्&#x200d;पतालों और रेलवे अस्&#x200d;पतालों के&nbsp; 33 अस्&#x200d;पताल ब्&#x200d;लॉकों में लगभग 5000 बिस्&#x200d;तर चिन्हित किए गए हैं. ये अस्&#x200d;पताल और ब्&#x200d;लॉक&nbsp; इस उद्देश्&#x200d;य के लिए तैयार किए जा रहे हैं.&nbsp;&nbsp;</li><li>11,000 क्&#x200d;वारंटीन बिस्&#x200d;तर : कोविड-19 से लड़ने के लिए भारतीय रेलवे के प्रतिष्ठानों में 11,000 क्&#x200d;वारंटीन बिस्&#x200d;तर उपलब्ध कराए गए हैं.</li><li>चिकित्सा उपकरणों -वेंटिलेटर और पीपीई की उपलब्धता: कोविड -19 के खिलाफ लड़ाई में व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (<strong>PPE</strong>), वेंटिलेटर आदि की पर्याप्&#x200d;त संख्&#x200d;या में उपलब्धता महत्वपूर्ण होगी. कोविड -19 से लड़ने के लिए आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वेंटिलेटर, पीपीई और चिकित्सा उपकरणों को जुटाने हेतु रेलवे के ज़ोन्&#x200d;स और उत्पादन इकाइयों द्वारा कदम उठाए गए हैं.</li><li>उल्&#x200d;लेखनीय है कि रेलवे व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) का आतंरिक स्&#x200d;तर पर निर्माण &nbsp;पहले ही शुरू कर चुका है. वह प्रतिदिन लगभग 1000 पीपीई का निर्माण करने के लिए प्रयासरत है, आगे चलकर इनकी संख्&#x200d;या और बढ़ाया जा सकता है.</li><li>केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों को रेलवे स्वास्थ्य सेवाओं की पेशकश: देश भर में केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों को रेलवे अस्पतालों/ स्वास्थ्य केंद्रों में पहचान पत्र दिखाए जाने पर रेलवे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्&#x200d;ध कराई गई हैं.</li></ol>



<p><strong>PNC</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>छेड़खानी के आरोप में मशहूर डॉक्टर गिरफ्तार</title>
		<link>https://www.patnanow.com/patna-docor-arrested/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Amit Verma]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Nov 2017 08:23:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Crime]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[chhedkhani]]></category>
		<category><![CDATA[doctor]]></category>
		<category><![CDATA[ramanuj prasad singh]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना पुलिस ने राजधानी के राजाबाजार इलाके से आंखों के मशहूर डॉक्टर रामानुज प्रसाद को उनके क्लिनिक से गिरफ्तार कर लिया. डॉक्टर पर अपनी नाबालिग नौकरानी के यौन शोषण का आरोप है. जानकारी के मुताबिक घटना शुक्रवार रात की है जब डॉक्टर घर में अकले थे और उनके घर में सिर्फ एक दस साल की बच्ची थी. डॉक्टर की पत्नी कल ही गोवा चली गई थी. लड़की को घर में अकेला पाकर डॉक्टर ने उससे नापाक हरकत की, जिसके बाद वो लड़की डरकर उनके घर से निकल गई और रात भर बाहर पड़ी रही. सुबह उसने आपबीती पड़ोसियों को बताई तब पुलिस को सूचना दी गई. ये मामला शास्त्रीनगर इलाके का है जहां डॉक्टर का घर है. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया और डॉक्टर को उनके राजा बाजार स्थित क्लिनिक से गिरफ्तार कर लिया.]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-25523" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/11/patna-docor-breaking-gfx.png" alt="" width="498" height="395" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/11/patna-docor-breaking-gfx.png 498w, https://www.patnanow.com/assets/2017/11/patna-docor-breaking-gfx-350x278.png 350w" sizes="(max-width: 498px) 100vw, 498px" /></p>
<p>पटना पुलिस ने राजधानी के राजाबाजार इलाके से आंखों के मशहूर डॉक्टर रामानुज प्रसाद को उनके क्लिनिक से गिरफ्तार कर लिया. डॉक्टर पर अपनी नाबालिग नौकरानी के यौन शोषण का आरोप है. जानकारी के मुताबिक घटना शुक्रवार रात की है जब डॉक्टर घर में अकले थे और उनके घर में सिर्फ एक दस साल की बच्ची थी. डॉक्टर की पत्नी कल ही गोवा चली गई थी. लड़की को घर में अकेला पाकर डॉक्टर ने उससे नापाक हरकत की, जिसके बाद वो लड़की डरकर उनके घर से निकल गई और रात भर बाहर पड़ी रही. सुबह उसने आपबीती पड़ोसियों को बताई तब पुलिस को सूचना दी गई.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-25158" src="http://www.patnanow.com/assets/2017/11/PNC-AD-SREELEATHERS.jpg" alt="" width="300" height="250" /></p>
<p>ये मामला शास्त्रीनगर इलाके का है जहां डॉक्टर का घर है. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया और डॉक्टर को उनके राजा बाजार स्थित क्लिनिक से गिरफ्तार कर लिया.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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