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	<title>Dilip jaisawal &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>Dilip jaisawal &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>भ्रष्टाचार पर राजस्व विभाग में फिर प्रहार; आठ और अंचल अधिकारियों पर कार्रवाई</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 02 Jun 2026 17:47:02 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार कार्रवाई जारी, एक सप्ताह में 23 अधिकारियों पर गिरी गाज पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करते हुए मंगलवार को आठ अंचल अधिकारियों एवं राजस्व अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की है. विभागीय संचिका पर राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल द्वारा अनुमोदित निर्णय के तहत विभिन्न मामलों में विभागीय कार्रवाई, आरोप पत्र गठन, वेतन वृद्धि पर रोक तथा विशेष जांच जैसे कदम उठाए गए हैं. मंत्री डॉ. जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन, दाखिल-खारिज, परिमार्जन तथा राजस्व प्रशासन से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, भ्रष्टाचार या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. विभाग की &#8220;जीरो टॉलरेंस&#8221; नीति के तहत दोषी अधिकारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी कार्रवाई की सूची में सबसे पहला नाम रोहतास जिले के डिहरी की तत्कालीन अंचल अधिकारी एवं वर्तमान में सेवानिवृत्त सीमा रानी का है. उन पर सरकारी भूमि से संबंधित अभिलेखों में जालसाजी कर सरकारी जमीन के बंदरबांट के मामले को गंभीरता से नहीं लेने, दाखिल-खारिज अपील के आदेश का अनुपालन नहीं करने तथा नियमों के विरुद्ध अपने चहेते कर्मी को लाभ पहुंचाने के आरोप हैं. इस मामले में विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया है.औरंगाबाद के तत्कालीन राजस्व अधिकारी तथा वर्तमान में बक्सर जिले के इटाढ़ी अंचल अधिकारी संतोष कुमार प्रीतम पर गैरमजरूआ मालिक खाते की भूमि को रैयती बताकर दाखिल-खारिज की अनुशंसा करने का आरोप सिद्ध होने पर संचयी प्रभाव के बिना एक वेतन [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार कार्रवाई जारी, एक सप्ताह में 23 अधिकारियों पर गिरी गाज</strong></p>



<p>पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करते हुए मंगलवार को आठ अंचल अधिकारियों एवं राजस्व अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की है. विभागीय संचिका पर राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल द्वारा अनुमोदित निर्णय के तहत विभिन्न मामलों में विभागीय कार्रवाई, आरोप पत्र गठन, वेतन वृद्धि पर रोक तथा विशेष जांच जैसे कदम उठाए गए हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-department-meeting-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96783" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-department-meeting-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-department-meeting-650x488.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मंत्री डॉ. जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन, दाखिल-खारिज, परिमार्जन तथा राजस्व प्रशासन से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, भ्रष्टाचार या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. विभाग की &#8220;जीरो टॉलरेंस&#8221; नीति के तहत दोषी अधिकारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="501" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-and-land-reforms-department-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96909" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-and-land-reforms-department-1-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-and-land-reforms-department-1-650x318.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कार्रवाई की सूची में सबसे पहला नाम रोहतास जिले के डिहरी की तत्कालीन अंचल अधिकारी एवं वर्तमान में सेवानिवृत्त सीमा रानी का है. उन पर सरकारी भूमि से संबंधित अभिलेखों में जालसाजी कर सरकारी जमीन के बंदरबांट के मामले को गंभीरता से नहीं लेने, दाखिल-खारिज अपील के आदेश का अनुपालन नहीं करने तथा नियमों के विरुद्ध अपने चहेते कर्मी को लाभ पहुंचाने के आरोप हैं. इस मामले में विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया है.<br>औरंगाबाद के तत्कालीन राजस्व अधिकारी तथा वर्तमान में बक्सर जिले के इटाढ़ी अंचल अधिकारी संतोष कुमार प्रीतम पर गैरमजरूआ मालिक खाते की भूमि को रैयती बताकर दाखिल-खारिज की अनुशंसा करने का आरोप सिद्ध होने पर संचयी प्रभाव के बिना एक वेतन वृद्धि पर रोक लगाने का दंड दिया गया है.<br>गोपालगंज जिले के बरौली के तत्कालीन राजस्व अधिकारी  विजय कुमार सिंह, जिन्हें निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने जनवरी 2026 में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था, उनके विरुद्ध आरोप पत्र गठित किया गया है. वर्तमान में वे निलंबित हैं.<br>मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर की तत्कालीन अंचल अधिकारी  रूचि कुमारी पर बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) की भूमि को निजी व्यक्ति के पक्ष में दाखिल-खारिज करने के गंभीर आरोप लगे हैं. मामले की गहन जांच के लिए मुख्यालय स्तर पर दो सदस्यीय जांच दल गठित किया गया है.<br>बेगूसराय जिले के साहेबपुरकमाल के तत्कालीन प्रभारी अंचल अधिकारी तथा वर्तमान में सुपौल के अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी चंदन कुमार पर बाढ़ राहत मद की राशि में 11.47 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता का आरोप है। इस मामले में भी आरोप पत्र गठित किया गया है.<br>पश्चिम चंपारण के बगहा-1 के अंचल अधिकारी उदय शंकर मिश्रा पर गैरमजरूआ खाते की भूमि का खाता बदलकर बिना स्थलीय जांच के दाखिल-खारिज स्वीकृत करने के आरोप में आरोप पत्र गठित किया गया है.<br>पूर्वी चंपारण के रामगढ़वा अंचल अधिकारी राजा कुमार पर राजस्व कार्यों में बिचौलियों के माध्यम से रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार तथा परिमार्जन जैसे महत्वपूर्ण मामलों के समय पर निष्पादन में विफल रहने के आरोप लगे हैं. उनके विरुद्ध भी आरोप पत्र गठित किया गया है.<br>वहीं पश्चिम चंपारण के रामनगर के तत्कालीन अंचल अधिकारी एवं वर्तमान में भू-अर्जन कार्यालय, पश्चिम चंपारण में पदस्थापित राजस्व अधिकारी-सह-कानूनगो विनोद कुमार मिश्रा पर विभिन्न दाखिल-खारिज वादों में गैरमजरूआ भूमि का खाता-खेसरा बदलकर स्वीकृति देने के आरोप में आरोप पत्र गठित किया गया है.<br>बता दें कि राजस्व मंत्री ने इससे पहले 27 मई को 14 अंचल अधिकारियों एवं राजस्व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की थी. इसके बाद 1 जून को सासाराम सदर अंचल के अंचल अधिकारी पर भी विभागीय कार्रवाई की गई थी. मंगलवार की कार्रवाई को जोड़ दें तो पिछले एक सप्ताह के भीतर कुल 23 अधिकारियों पर विभाग की गाज गिर चुकी है.<br>मंत्री डॉ जायसवाल ने कहा है कि सरकारी भूमि की सुरक्षा, राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता तथा आम नागरिकों को भ्रष्टाचार-मुक्त सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसी उद्देश्य से अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है.<br>ऐसी कार्रवाई से राजस्व प्रशासन में जवाबदेही बढ़ेगी, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा तथा आम लोगों का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत होगा.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>सख्ती: 15 दिनों के भीतर निपटाएं 3.10 लाख लंबित दाखिल-खारिज आवेदन</title>
		<link>https://www.patnanow.com/revenue-minister-strict-direction/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 May 2026 08:32:30 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री का सख्त निर्देश मामूली त्रुटियों के नाम पर आवेदन लौटाने पर होगी जवाबदेही तय, अंचल अधिकारी करेंगे अनिवार्य सत्यापन सभी जिलाधिकारी अभियान चलाकर 15 दिन के भीतर कराएं निष्पादन पटना।। राज्य में लंबित दाखिल-खारिज आवेदनों के त्वरित निष्पादन को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल के निर्देश पर विभागीय सचिव जय सिंह ने सभी समाहर्त्ताओं को पत्र जारी कर राज्यभर में डिफेक्ट चेक स्तर पर लंबित लगभग 3.10 लाख दाखिल-खारिज आवेदनों का अधिकतम 15 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. जारी निर्देश में कहा गया है कि राजस्व कर्मचारियों एवं अंचल अधिकारियों के सामूहिक अवकाश के कारण बड़ी संख्या में आवेदन स्क्रूटनी स्तर पर लंबित हो गए हैं. राज्य सरकार के सात निश्चय पार्ट-3 अंतर्गत ईज ऑफ लिविंग के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इन मामलों का अविलंब निष्पादन आवश्यक है. मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि आम लोगों को छोटी-मोटी तकनीकी त्रुटियों के नाम पर अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाए. उन्होंने कहा कि दाखिल-खारिज प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना सरकार की प्राथमिकता है तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार राजस्व कर्मचारियों को आवेदनों की स्क्रूटनी सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ करनी होगी तथा मामूली या तकनीकी कारणों से आवेदनों को अनावश्यक रूप से वापस नहीं किया जाएगा. सभी लंबित आवेदनों का डिफेक्ट चेक अधिकतम 15 दिनों के भीतर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री का सख्त निर्देश </strong></p>



<p><strong>मामूली त्रुटियों के नाम पर आवेदन लौटाने पर होगी जवाबदेही तय, अंचल अधिकारी करेंगे अनिवार्य सत्यापन</strong></p>



<p><strong>सभी जिलाधिकारी अभियान चलाकर 15 दिन के भीतर कराएं निष्पादन</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="501" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-and-land-reforms-department-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96909" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-and-land-reforms-department-1-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-and-land-reforms-department-1-650x318.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>पटना।।  राज्य में लंबित दाखिल-खारिज आवेदनों के त्वरित निष्पादन को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल के निर्देश पर विभागीय सचिव जय सिंह ने सभी समाहर्त्ताओं को पत्र जारी कर राज्यभर में डिफेक्ट चेक स्तर पर लंबित लगभग 3.10 लाख दाखिल-खारिज आवेदनों का अधिकतम 15 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.</p>



<p>जारी निर्देश में कहा गया है कि राजस्व कर्मचारियों एवं अंचल अधिकारियों के सामूहिक अवकाश के कारण बड़ी संख्या में आवेदन स्क्रूटनी स्तर पर लंबित हो गए हैं. राज्य सरकार के सात निश्चय पार्ट-3 अंतर्गत ईज ऑफ लिविंग के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इन मामलों का अविलंब निष्पादन आवश्यक है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="753" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-Dilip-Jaiswal-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96910" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-Dilip-Jaiswal-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-Dilip-Jaiswal-650x478.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि आम लोगों को छोटी-मोटी तकनीकी त्रुटियों के नाम पर अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाए. उन्होंने कहा कि दाखिल-खारिज प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना सरकार की प्राथमिकता है तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.<br>विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार राजस्व कर्मचारियों को आवेदनों की स्क्रूटनी सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ करनी होगी तथा मामूली या तकनीकी कारणों से आवेदनों को अनावश्यक रूप से वापस नहीं किया जाएगा. सभी लंबित आवेदनों का डिफेक्ट चेक अधिकतम 15 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.<br>इसके साथ ही विभाग ने एक नया प्रावधान लागू किया है, जिसके तहत यदि कोई राजस्व कर्मचारी किसी आवेदन को त्रुटिपूर्ण (Defected) चिह्नित करता है, तो संबंधित अंचल अधिकारी द्वारा उस त्रुटि की अनिवार्य जांच की जाएगी. यदि त्रुटि अनुचित पाई जाती है तो आवेदन सीधे आवेदक को वापस नहीं किया जाएगा, बल्कि संबंधित कर्मचारी को पुनः भेजा जाएगा ताकि आवेदन स्वीकार कर आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके.<br>सचिव जय सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए विशेष अभियान चलाया जाए तथा इसकी दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए. विभाग ने इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>राजस्व महा-अभियान के लंबित आवेदनों के निष्पादन के लिए फिर चलेगा विशेष अभियान</title>
		<link>https://www.patnanow.com/revenue-minister-order-2/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 15 May 2026 15:52:26 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[31 मई तक सभी आवेदनों को अपलोड करने का निर्देश, 30 जून तक 48 हजार लंबित ई-मापी मामलों के निष्पादन का लक्ष्य 30 जून तक चलने वाले एग्रिस्टैक अभियान को देखते हुए 6.60 लाख जमाबंदियों में सुधार के निर्देश पटना : राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने विभागीय कक्ष में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की. बैठक में विभाग के सचिव जय सिंह समेत विभाग के सभी वरीय अधिकारी उपस्थित रहे. समीक्षा के दौरान मंत्री ने निर्देश दिया कि पिछले वर्ष अगस्त–सितंबर में संचालित राजस्व महा-अभियान के दौरान प्राप्त सभी आवेदनों का निष्पादन विशेष अभियान चलाकर प्राथमिकता के आधार पर किया जाए. उन्होंने कहा कि अब तक 81 प्रतिशत आवेदनों को स्कैन कर अपलोड किया जा चुका है। 31 मई तक सभी आवेदनों को अपलोड करने का निर्देश दिया गया है. इसके बाद निर्धारित शेड्यूल के अनुसार लंबित आवेदनों का निष्पादन किया जाएगा. बैठक में फॉर्मर रजिस्ट्री अभियान की भी समीक्षा की गई. मंत्री ने कहा कि राज्य में 30 जून तक चलने वाले एग्रिस्टैक अभियान को देखते हुए 6.60 लाख जमाबंदियों में सुधार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जमाबंदी सुधार के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, क्योंकि इसके पूर्ण होने के बाद ही फॉर्मर रजिस्ट्री अभियान में तेजी आएगी. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा कर किसानों को लाभ पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है. ई-मापी मामलों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>31 मई तक सभी आवेदनों को अपलोड करने का निर्देश, 30 जून तक 48 हजार लंबित ई-मापी मामलों के निष्पादन का लक्ष्य</strong></p>



<p><strong>30 जून तक चलने वाले एग्रिस्टैक अभियान को देखते हुए 6.60 लाख जमाबंदियों में सुधार के निर्देश</strong></p>



<p>पटना : राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने विभागीय कक्ष में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की. बैठक में विभाग के सचिव जय सिंह समेत विभाग के सभी वरीय अधिकारी उपस्थित रहे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="920" height="456" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-and-land-reforms-department.jpg" alt="" class="wp-image-96779" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-and-land-reforms-department.jpg 920w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-and-land-reforms-department-650x322.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 920px) 100vw, 920px" /></figure>



<p>समीक्षा के दौरान  मंत्री ने निर्देश दिया कि पिछले वर्ष अगस्त–सितंबर में संचालित राजस्व महा-अभियान के दौरान प्राप्त सभी आवेदनों का निष्पादन विशेष अभियान चलाकर प्राथमिकता के आधार पर किया जाए. उन्होंने कहा कि अब तक 81 प्रतिशत आवेदनों को स्कैन कर अपलोड किया जा चुका है। 31 मई तक सभी आवेदनों को अपलोड करने का निर्देश दिया गया है. इसके बाद निर्धारित शेड्यूल के अनुसार लंबित आवेदनों का निष्पादन किया जाएगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-dilip-jaisawal-meeting-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96781" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-dilip-jaisawal-meeting-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-dilip-jaisawal-meeting-650x488.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बैठक में फॉर्मर रजिस्ट्री अभियान की भी समीक्षा की गई.  मंत्री ने कहा कि राज्य में 30 जून तक चलने वाले एग्रिस्टैक अभियान को देखते हुए 6.60 लाख जमाबंदियों में सुधार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जमाबंदी सुधार के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, क्योंकि इसके पूर्ण होने के बाद ही फॉर्मर रजिस्ट्री अभियान में तेजी आएगी. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा कर किसानों को लाभ पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-minister-dilip-jaisawal-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96782" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-minister-dilip-jaisawal-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-minister-dilip-jaisawal-650x488.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>ई-मापी मामलों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि जमीन मापी से जुड़े मामलों का निष्पादन तय समय सीमा के भीतर हो. उन्होंने कहा कि हाल में अंचल अधिकारियों एवं राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल के कारण करीब 48 हजार मापी के मामले लंबित हो गए हैं. सभी लंबित मामलों का निष्पादन 30 जून तक करने का निर्देश दिया गया है.<br>बैठक में भू अभिलेखों के डिजिटलीकरण की प्रगति की भी समीक्षा हुई. अधिकारियों ने बताया कि राज्य के करीब 33 करोड़ पन्नों को स्कैन कर ऑनलाइन अपलोड किया जा चुका है. इसके माध्यम से अब आम लोगों को भू अभिलेख की नकल ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही है. अभी तक 15 लाख से अधिक लोगों को ऑनलाइन नकल उपलब्ध कराई जा चुकी है. जिससे लोगों को काफी सुविधा मिल रही है. उन्होंने कहा कि राज्य के करीब आठ हजार गांवों का कैडेस्ट्रल खतियान गायब है. इसके लिए विभिन्न माध्यमों से विज्ञापन निकालकर लोगों से इसमें मदद ली जाएगी. अगर किसी व्यक्ति के पास वह उपलब्ध है तो वह सरकार को उपलब्ध करा सकता है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-department-meeting-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96783" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-department-meeting-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-department-meeting-650x488.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मंत्री ने भू-लगान की स्थिति की भी समीक्षा की तथा अधिकारियों को भू-लगान की दरों में वृद्धि की संभावनाओं पर विमर्श करने का निर्देश दिया. इस दौरान अपर सचिव आजीव वत्सराज, अपर सचिव डॉ. महेंद्र पाल, विशेष कार्य पदाधिकारी मणि भूषण किशोर, उप सचिव संजय कुमार सिंह, सहायक निदेशक सह जिला जन संपर्क पदाधिकारी जूही कुमारी, आईटी मैनेजर आनंद शंकर समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>&#8216;अशोक चौधरी ने खरीदी दो महीने में 200 करोड़ की जमीन&#8217;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 19 Sep 2025 17:55:12 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[Politics]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। चुनाव से पहले प्रशांत किशोर ने भाजपा और जदयू नेताओं पर एक साथ बड़ा हमला बोला है. प्रशांत किशोर ने ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पीके ने दस्तावेजों को दिखाते हुए दावा किया कि नीतीश कुमार के करीबी मंत्री अशोक चौधरी ने भ्रष्टाचार का रिकॉर्ड बना दिया है. पीके ने कहा कि मंत्री अशोक चौधरी मुख्यमंत्री के दाहिने हाथ हैं. इनका इतना दस्तावेज है कि हम लोग समेट कर थक गए हैं. इनके एक पीए थे योगेंद्र दत्त, जिनके नाम पर बिक्रम में करीब एकड़ जमीन 34 लाख में खरीदी. दो साल के बाद दत्त साहब ने वो जमीन उनकी बेटी शांभवी चौधरी को 34 लाख में ट्रांसफर कर दी. लेकिन अशोक चौधरी ने उनके बैंक अकाउंट में सिर्फ 10 लाख रुपया भेजा. इनकी बेटी जब 20 फरवरी 2021 को चुनाव लड़ी तो इनकम टैक्स के नोटिस पर इन्होंने 27 अप्रैल 2025 को 25 लाख रुपया फिर से दत्त साहब को ट्रांसफर किया. पीके ने कहा कि अशोक चौधरी ने पिछले दो साल में 200 करोड़ रुपए से ज़्यादा का संपत्ति अपने परिवार और परिवार से जुड़ा मानव वैभव विकास ट्रस्ट के नाम पर जमीन खरीदी है. इनकी बेटी के इंगेजमेंट के बाद यह ट्रस्ट जो किशोर कुणाल के परिवार से जुड़ा है, सैकड़ों करोड़ रुपए की जमीन कैसे खरीदी जा रही है. इसके ट्रस्टी किशोर कुणाल की पत्नी, बेटे हैं, उनके बैंक अकाउंट का ट्रांजैक्शन डिटेल भी हमारे पास है. प्रशांत किशोर ने कहा कि 12.5.2022 को पहली जमीन, उसी दिन दूसरी जमीन, [&#8230;]]]></description>
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<p>पटना।। चुनाव से पहले प्रशांत किशोर ने भाजपा और जदयू नेताओं पर एक साथ बड़ा हमला बोला है. प्रशांत किशोर ने ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पीके ने दस्तावेजों को दिखाते हुए दावा किया कि नीतीश कुमार के करीबी मंत्री अशोक चौधरी ने भ्रष्टाचार का रिकॉर्ड बना दिया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="981" height="770" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-jansuraj-pk-pc.jpg" alt="" class="wp-image-92103" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-jansuraj-pk-pc.jpg 981w, https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-jansuraj-pk-pc-650x510.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 981px) 100vw, 981px" /></figure>



<p>पीके ने कहा कि मंत्री अशोक चौधरी मुख्यमंत्री के दाहिने हाथ हैं. इनका इतना दस्तावेज है कि हम लोग समेट कर थक गए हैं. इनके एक पीए थे योगेंद्र दत्त, जिनके नाम पर बिक्रम में करीब एकड़ जमीन 34 लाख में खरीदी. दो साल के बाद दत्त साहब ने वो जमीन उनकी बेटी शांभवी चौधरी को 34 लाख में ट्रांसफर कर दी. लेकिन अशोक चौधरी ने उनके बैंक अकाउंट में सिर्फ 10 लाख रुपया भेजा. इनकी बेटी जब 20 फरवरी 2021 को चुनाव लड़ी तो इनकम टैक्स के नोटिस पर इन्होंने 27 अप्रैल 2025 को 25 लाख रुपया फिर से दत्त साहब को ट्रांसफर किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="629" height="595" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/09/pnc-prashant-kishore-pk-pc.jpg" alt="" class="wp-image-92086"/></figure>



<p>पीके ने कहा कि अशोक चौधरी ने पिछले दो साल में 200 करोड़ रुपए से ज़्यादा का संपत्ति अपने परिवार और परिवार से जुड़ा मानव वैभव विकास ट्रस्ट के नाम पर जमीन खरीदी है. इनकी बेटी के इंगेजमेंट के बाद यह ट्रस्ट जो किशोर कुणाल के परिवार से जुड़ा है, सैकड़ों करोड़ रुपए की जमीन कैसे खरीदी जा रही है. इसके ट्रस्टी किशोर कुणाल की पत्नी, बेटे हैं, उनके बैंक अकाउंट का ट्रांजैक्शन डिटेल भी हमारे पास है.</p>



<p>प्रशांत किशोर ने कहा कि 12.5.2022 को पहली जमीन, उसी दिन दूसरी जमीन, फिर तीसरी जमीन, दो महीने के बाद चौथी जमीन, चार दिन बाद पांचवीं जमीन ख़रीदी गई. इन सभी जमीनों का मालिकाना हक अशोक चौधरी की पत्नी, दामाद सयान कुणाल और परिवार के लोगों के नाम पर है. अशोक चौधरी से संबंध बनने के बाद इस ट्रस्ट के द्वारा इतनी जमीन कैसे खरीदी गई. इस ट्रस्ट के एक ट्रस्टी मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की माताजी भी हैं.</p>



<p><strong>मंगल पांडे, दिलीप और संजय जयसवाल पर भी आरोप लगाया </strong></p>



<p>प्रशांत किशोर ने कहा कि कोविड में मंगल पांडेय ने दिलीप जायसवाल से पैसा लेकर दिल्ली में फ्लैट खरीदा. दिलीप जायसवाल ने कहा कि हमने जरूरत पड़ने पर पिताजी से 25 लाख रुपया कर्ज लिया. 1499000141819- इस अकाउंट में करीब सवा दो करोड़ रुपया जमा किया गया है, जिसका कोई प्रमाण नहीं है कि ये पैसा आया कहां से? वो नहीं बताएंगे तो हम बताएंगे कि यह दो करोड़ 12 लाख रुपया रुपया कहां से आया है.</p>



<p><strong>संजय जायसवाल पर किया पलटवार </strong></p>



<p>पश्चिम चंपारण सांसद संजय जायसवाल पर हमला बोलते हुए पीके ने कहा कि ये छुटभैया नेता हैं, ज़्यादा छटपटा रहे हैं. इनका पेट्रोल पंप है, जिसके पास फ्लाईओवर नहीं बनने दे रहे थे क्योंकि इनके पम्प की कमाई बंद हो जाती. इन्होंने सार्वजनिक तौर पर बोर्ड लगाया था कि फ्लाईओवर का निर्माण मेरे नहीं, राज्य सरकार की वजह से रुका है. साल 2015 में जदयू के जिलाध्यक्ष एनएन शाही ने इनको गलत बताया तो टाउन हॉल में सैकड़ों लोगों के सामने सार्वजनिक चर्चा हुई.</p>



<p>PK ने कहा कि आपके पिताजी सज्जन व्यक्ति थे, उनकी इज्जत है, आपकी इज्जत नहीं है. राजद छोड़कर भागे तो 5000 वोट आया था. बोले थे कि हमको जेल भिजवाएंगे, सात जन्म लगेगा तब भी मेरा हाथ नहीं पकड़ पाएंगे.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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