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		<title>आप भी जानिए धनतेरस का महत्व</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Amit Verma]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 17 Oct 2017 12:27:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[सुख समृद्धि]]></category>
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					<description><![CDATA[धनतेरस के बारे में आप क्या जानते हैं दिवाली से पहले धनतेरस पर पूजा का विशेष महत्व होता है और इस दिन धन और आरोग्य के लिए भगवान धन्वंतरि पूजे जाते हैं. इस दिन कुबेर की पूजा की जाती है. इसी दिन भगवान धनवन्‍तरी का जन्‍म हुआ था जो कि समुन्‍द्र मंथन के दौरान अपने साथ अमृत का कलश और आयुर्वेद लेकर प्रकट हुए थे और इसी कारण से भगवान धनवन्‍तरी को औषधि का जनक भी कहा जाता है. धनतेरस के दिन सोने-चांदी के बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है. इस दिन धातु खरीदना भी बेहद शुभ माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि भगवान धन्वंतरि की पूजा करने से किस्मत चमक जाती है. कब की जाती है धनतेरस की पूजा हिंदू कैलेंडर के मुताबिक धनतेरस कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी के दिन यानि दिवाली दो दिन पहले मनाया जाता है. धन का मतलब समृद्धि और तेरस का मतलब तेरहवां दिन होता है. धनतेरस यानी अपने धन को तेरह गुणा बनाने और उसमें वृद्धि करने का द‌िन. कारोबारियों के लिए धनतेरस का खास महत्व होता है क्योंकि धारणा है कि इस दिन लक्ष्मी पूजा से समृद्धि, खुशियां और सफलता मिलती है। साथ ही सभी के लिए इस पूजा का खास महत्व होता है। कब करें खरीदारी और कब है शुभ मुहूर्त खरीदारी करने का शुभ मुहूर्त धनतेरस वाले दिन शाम 7.19 बजे से 8.17 बजे तक का है. जानिए कब करें किस चीज की खरीदारी. काल- सुबह 7.33 बजे तक दवा और खाद्यान्न. शुभ- सुबह 9.13 बजे तक [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>धनतेरस के बारे में आप क्या जानते हैं</strong></p>
<p>दिवाली से पहले धनतेरस पर पूजा का विशेष महत्व होता है और इस दिन धन और आरोग्य के लिए भगवान धन्वंतरि पूजे जाते हैं. इस दिन कुबेर की पूजा की जाती है. इसी दिन भगवान धनवन्‍तरी का जन्‍म हुआ था जो कि समुन्‍द्र मंथन के दौरान अपने साथ अमृत का कलश और आयुर्वेद लेकर प्रकट हुए थे और इसी कारण से भगवान धनवन्‍तरी को औषधि का जनक भी कहा जाता है. धनतेरस के दिन सोने-चांदी के बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है. इस दिन धातु खरीदना भी बेहद शुभ माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि भगवान धन्वंतरि की पूजा करने से किस्मत चमक जाती है.</p>
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<p><strong>कब की जाती है धनतेरस की पूजा</strong></p>
<p>हिंदू कैलेंडर के मुताबिक धनतेरस कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी के दिन यानि दिवाली दो दिन पहले मनाया जाता है. धन का मतलब समृद्धि और तेरस का मतलब तेरहवां दिन होता है. धनतेरस यानी अपने धन को तेरह गुणा बनाने और उसमें वृद्धि करने का द‌िन. कारोबारियों के लिए धनतेरस का खास महत्व होता है क्योंकि धारणा है कि इस दिन लक्ष्मी पूजा से समृद्धि, खुशियां और सफलता मिलती है। साथ ही सभी के लिए इस पूजा का खास महत्व होता है।</p>
<p><strong>कब करें खरीदारी और कब है शुभ मुहूर्त</strong></p>
<p>खरीदारी करने का शुभ मुहूर्त धनतेरस वाले दिन<strong> शाम 7.19 बजे से 8.17 बजे तक का है.</strong></p>
<p><strong>जानिए कब करें किस चीज की खरीदारी.</strong></p>
<p>काल- सुबह 7.33 बजे तक दवा और खाद्यान्न.<br />
शुभ- सुबह 9.13 बजे तक वाहन, मशीन, कपड़ा, शेयर और घरेलू सामान.<br />
चर- 14.12 बजे तक गाड़ी, गतिमान वस्तु और गैजेट.<br />
लाभ- 15.51 बजे तक लाभ कमाने वाली मशीन, औजार, कंप्यूटर और शेयर.<br />
अमृत- 17.31 बजे तक जेवर, बर्तन, खिलौना, कपड़ा और स्टेशनरी.<br />
काल- 19.11 बजे तक घरेलू सामान, खाद्यान्न और दवा.</p>
<p><strong>कैसे करें धनतेरस की पूजा</strong><br />
&#8211; सबसे पहले मिट्टी का हाथी और धन्वंतरि भगवानजी की फोटो स्थापित करें.<br />
&#8211; चांदी या तांबे की आचमनी से जल का आचमन करें.<br />
&#8211; भगवान गणेश का ध्यान और पूजन करें.<br />
&#8211; हाथ में अक्षत-पुष्प लेकर भगवान धन्वंतरि का ध्यान करें.</p>
<p><strong>पूजा के समय इस मंत्र का करें जप</strong></p>
<p>ॐ धन्वन्तरि देवाय नमः ध्यानार्थे अक्षत पुष्पाणि समर्पयामि&#8230;</p>
<p>ये हैं धन प्राप्ति 10 अचूक उपाय, धनतेरस पर कोई 1 आजमाएं</p>
<p>इस बार धनतेरस 17अक्टूबर, तथा दीपावली 19अक्टूबर, को है। धनतेरस के दिन देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेरदेव तथा दीपावली पर धन की देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है।</p>
<p>ऐसा माना जाता है कि धनतेरस व दीपावली के दिन किया गया दान, हवन, पूजन व उपायों का फल अक्षय (संपूर्ण) होता है. तंत्र शास्त्र के अनुसार, अगर इस दिन कुछ विशेष उपाय किए जाएं या कुछ विशेष वस्तुओं को घर में रखा जाए तो मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और उपाय करने वाले को मालामाल भी कर सकती हैं.</p>
<p><strong>जानिए धनतेरस के उपाय</strong></p>
<p>1. धनतेरस की शाम को मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करें और उसके बाद मां लक्ष्मी के चरणों में सात लक्ष्मीकारक कौडिय़ां रखें. आधी रात के बाद इन कौडिय़ों को घर के किसी कोने में गाड़ दें. इस प्रयोग से शीघ्र ही आर्थिक उन्नति होने के योग बनेंगे.</p>
<p>2.धन लाभ चाहने वाले लोगों के लिए कुबेर यंत्र अत्यन्त सफलतादायक है. धनतेरस या दीपावली के दिन बिल्व-वृक्ष के नीचे बैठकर इस यंत्र को सामने रखकर कुबेर मंत्र को शुद्धता पूर्वक जाप करने से यंत्र सिद्ध होता है तथा यंत्र सिद्ध होने के पश्चात इसे गल्ले या तिजोरी में स्थापित किया जाता है. इसके स्थापना के पश्चात् दरिद्रता का नाश होकर, प्रचुर धन व यश की प्राप्ति होती है.</p>
<p><strong>मंत्र</strong></p>
<p>ऊँ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धन्य धन्याधिपतये धन धान्य समृद्धि में देहित दापय स्वाहा</p>
<p>3. धनतेरस पर महालक्ष्मी यंत्र का पूजन कर विधि-विधान पूर्वक इसकी स्थापना करें. यह यंत्र धन वृद्धि के लिए अधिक उपयोगी माना गया है. कम समय में ज्यादा धन वृद्धि के लिए यह यंत्र अत्यन्त उपयोगी है. इस यंत्र का प्रयोग दरिद्रता का नाश करता है. यह स्वर्ण वर्षा करने वाला यंत्र कहा गया है. इसकी कृपा से गरीब व्यक्ति भी एकाएक अमीर बन सकता है.</p>
<p>4. पुराने चांदी के सिक्के और रुपयों के साथ कौड़ी रखकर उनका लक्ष्मी पूजन के समय केसर और हल्दी से पूजन करें. पूजा के बाद इन्हे तिजोरी में रख दें। इस उपाय से बरकत बढ़ती है.</p>
<p>5. धनतेरस की सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कामों से निपट कर किसी लक्ष्मी मंदिर में जाएं और मां लक्ष्मी को कमल के फूल अर्पित करें और सफेद रंग की मिठाई का भोग लगाएं। मां लक्ष्मी से धन संबंधी समस्याओं के निवारण के लिए प्रार्थना करें। कुछ ही समय में आपकी समस्या का समाधान हो सकता है।</p>
<p>6. धनतेरस की शाम को घर के ईशान कोण में गाय के घी का दीपक लगाएं। बत्ती में रुई के स्थान पर लाल रंग के धागे का उपयोग करें, साथ ही दीए में थोड़ी सी केसर भी डाल दें। इस उपाय से भी धन का आगमन होने लगता है।</p>
<p>7. धनतेरस को विधिवत पूजा के बाद चांदी से निर्मित लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति को घर के पूजा स्थल पर रखना चाहिए। इसके बाद प्रतिदिन इनकी पूजा करने से घर में कभी धन की कमी नहीं होती और घर में सुख-शांति भी बनी रहती है।</p>
<p>8. श्रीकनकधारा धन प्राप्ति व दरिद्रता दूर करने के लिए अचूक यंत्र है। इसकी पूजा से हर मनचाहा काम हो जाता है। यह यंत्र अष्टसिद्धि व नवनिधियों को देने वाला है। इसका पूजन व स्थापना भी धनतेरस के दिन करें।</p>
<p>9. धनतेरस की रात को शुद्धता के साथ स्नान कर पीली धोती धारण करें और एक आसन पर उत्तर की ओर मुंह करके बैठ जाएं। अब अपने सामने सिद्ध लक्ष्मी यंत्र को स्थापित करें, जो विष्णु मंत्र से सिद्ध हो और स्फटिक माला से नीचे लिखे मंत्र का 21 माला जाप करें। मंत्र जाप के बीच उठे नहीं, चाहे घुंघरुओं की आवाज सुनाई दे या साक्षात लक्ष्मी ही दिखाई दे।</p>
<p>मंत्र</p>
<p>ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं ऐं ह्रीं श्रीं फट्</p>
<p>इस टोटके को विधि-विधान पूर्वक संपन्न करने से धन की देवी मां लक्ष्मी प्रसन्न हो जाती हैं और साधक को मालामाल कर सकती हैं.</p>
<p>10. धनतेरस पर श्रीमंगल यंत्र का पूजन कर स्थापना करें. इस यंत्र के नियमित पूजन से शीघ्र ही सभी प्रकार के कर्जों से मुक्ति मिल जाती है। मंगल भूमि कारक ग्रह है। अत: जो इस यंत्र को पूजता है वह अचल संपत्ति का मालिक होता है.</p>
<p>(निखिल के डी वर्मा)</p>
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