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	<title>Devendra Singh &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>Devendra Singh &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>साहित्यिक महोत्सव में रैप का रंग, स्लो चीता ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध</title>
		<link>https://www.patnanow.com/sahitya-ke-manch-per-rap-ka-jalwa/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 16 Mar 2026 04:14:25 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल में स्लो चीता का रैप, संगीत की लय में झूमे दर्शक नालंदा, 16मार्च।(ओ पी पाण्डेय) नालंदा इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल में उस समय माहौल पूरी तरह संगीतमय हो उठा, जब ‘स्लो चीता’ के नाम से मशहूर रैपर चैतन्य शर्मा ने अपनी दमदार प्रस्तुति से मंच पर ऊर्जा की लहर दौड़ा दी। साहित्य के इस प्रतिष्ठित मंच पर रैप संगीत की आधुनिक धुनों ने ऐसा रंग जमाया कि दर्शक देर तक तालियों और उत्साह के साथ झूमते नजर आए। अपनी अनोखी शैली और तेज़ लय वाले रैप के लिए पहचाने जाने वाले चैतन्य शर्मा ने शुरुआत अपने लोकप्रिय गीत “चीता” से की। जैसे ही यह गीत गूंजा, पूरे सभागार में जोश का माहौल बन गया। इसके बाद “ऑल आई नीड” की प्रस्तुति ने दर्शकों को और भी रोमांचित कर दिया। कार्यक्रम के दौरान जब उन्होंने “मिर्जापुर” गीत प्रस्तुत किया, तो पूरा सभागार मानो उनकी लय के साथ थिरकने लगा। दर्शकों ने तालियों और उत्साह के साथ उनका भरपूर स्वागत किया। चैतन्य शर्मा की प्रस्तुति ने यह भी दिखाया कि रैप केवल युवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा अभिव्यक्ति का माध्यम बन चुका है जो हर पीढ़ी को जोड़ने की क्षमता रखता है। उनकी ऊर्जावान परफॉर्मेंस ने कुछ समय के लिए पूरे माहौल को संगीत और लय में डुबो दिया। नालंदा इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल में यह प्रस्तुति साहित्य और आधुनिक संगीत के अद्भुत मेल का उदाहरण बनकर सामने आई, जिसे दर्शकों ने लंबे समय तक यादगार बताया।]]></description>
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<p><strong>नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल में स्लो चीता का रैप, संगीत की लय में झूमे दर्शक</strong></p>



<p>नालंदा, 16मार्च।(<strong>ओ पी पाण्डेय</strong>) नालंदा इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल में उस समय माहौल पूरी तरह संगीतमय हो उठा, जब ‘स्लो चीता’ के नाम से मशहूर रैपर चैतन्य शर्मा ने अपनी दमदार प्रस्तुति से मंच पर ऊर्जा की लहर दौड़ा दी। साहित्य के इस प्रतिष्ठित मंच पर रैप संगीत की आधुनिक धुनों ने ऐसा रंग जमाया कि दर्शक देर तक तालियों और उत्साह के साथ झूमते नजर आए।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="435" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097308-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95615" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097308-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097308-650x276.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097308-1536x652.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001097308-2048x870.jpg 2048w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>अपनी अनोखी शैली और तेज़ लय वाले रैप के लिए पहचाने जाने वाले चैतन्य शर्मा ने शुरुआत अपने लोकप्रिय गीत “चीता” से की। जैसे ही यह गीत गूंजा, पूरे सभागार में जोश का माहौल बन गया। इसके बाद “ऑल आई नीड” की प्रस्तुति ने दर्शकों को और भी रोमांचित कर दिया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="620" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001112698-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95737" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001112698-scaled.jpg 620w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001112698-393x650.jpg 393w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001112698-930x1536.jpg 930w" sizes="(max-width: 620px) 100vw, 620px" /></figure>



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<p>कार्यक्रम के दौरान जब उन्होंने “मिर्जापुर” गीत प्रस्तुत किया, तो पूरा सभागार मानो उनकी लय के साथ थिरकने लगा। दर्शकों ने तालियों और उत्साह के साथ उनका भरपूर स्वागत किया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="700" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001112700-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95738" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001112700-scaled.jpg 700w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001112700-444x650.jpg 444w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001112700-1050x1536.jpg 1050w" sizes="auto, (max-width: 700px) 100vw, 700px" /></figure>



<p>चैतन्य शर्मा की प्रस्तुति ने यह भी दिखाया कि रैप केवल युवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा अभिव्यक्ति का माध्यम बन चुका है जो हर पीढ़ी को जोड़ने की क्षमता रखता है। उनकी ऊर्जावान परफॉर्मेंस ने कुछ समय के लिए पूरे माहौल को संगीत और लय में डुबो दिया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="825" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001112699-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95739" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001112699-scaled.jpg 825w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001112699-524x650.jpg 524w" sizes="auto, (max-width: 825px) 100vw, 825px" /></figure>



<p>नालंदा इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल में यह प्रस्तुति साहित्य और आधुनिक संगीत के अद्भुत मेल का उदाहरण बनकर सामने आई, जिसे दर्शकों ने लंबे समय तक यादगार बताया।</p>
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		<item>
		<title>कविताओं में जीवंत हुआ नालंदा का गौरव, कवि सम्मेलन में गूंजा ‘ज्ञान’ का स्वर</title>
		<link>https://www.patnanow.com/kavitao-me-jiwant-hua-nalanda/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 16 Mar 2026 04:05:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[शब्दों की सरगम में डूबा नालंदा, कवियों की आवाज़ में झलकी मिट्टी की महक कविता, विरासत और भावनाओं का संगम: नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल में सजी काव्य संध्या नालंदा,16 मार्च(ओ पी पाण्डेय)। इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल के अंतिम दिन एम्फीथियेटर में सजी काव्य संध्या ने साहित्य और संवेदना का ऐसा वातावरण रचा कि देर शाम तक श्रोता शब्दों की उस मधुर धारा में डूबे रहे। देश के प्रतिष्ठित युवा कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से नालंदा की विरासत, मिट्टी और मानवीय भावनाओं को स्वर दिया। साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार से सम्मानित और डार्क हॉर्स, औघड़ तथा विश्वगुरु जैसी चर्चित पुस्तकों के लेखक कवि नीलोत्पल मृणाल ने अपनी संवेदनशील कविता से श्रोताओं को गहराई से छू लिया। उनकी पंक्तियाँ &#8211;“थोड़ा सा नदी का पानी,मुट्ठी भर रेत रख लो,धान-गेहूं-सरसों वालेपीले-हरे खेत रख लो…आने वाली पीढ़ियों कोचल कर दिखाएंगे-दुनिया ऐसी हुआ करती थी।” -ने बदलते समय के बीच स्मृतियों और प्रकृति को बचाए रखने का भाव जगाया। नई दिल्ली में रहकर भी अपनी मिट्टी से जुड़े रहने वाले नालंदा के कवि संजीव कुमार मुकेश ने अपनी कविताओं में राजगीर, मगध और बिहार की गौरवशाली पहचान को स्वर दिया। उनकी पंक्तियाँ-“मगध का, राष्ट्र का, जन-जन का है अभिमान नालंदा,विरासत, संस्कृति, जन-मन का गौरव गान नालंदा…पुनः फैला रहा है विश्व भर में ‘ज्ञान’ नालंदा।” &#8211; सुनते ही सभागार तालियों से गूंज उठा। उन्होंने राजगीर की आध्यात्मिकता को भी शब्द दिए-“जब मोह मनुज के ज्ञान को रुद्ध कर देता है,तब मगध का रज गौतम को बुद्ध कर देता है।” कवि सम्मेलन का संचालन मेरठ के चर्चित हास्य [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>शब्दों की सरगम में डूबा नालंदा, कवियों की आवाज़ में झलकी मिट्टी की महक</strong></p>



<p><strong>कविता, विरासत और भावनाओं का संगम: नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल में सजी काव्य संध्या</strong></p>



<p>नालंदा,16 मार्च(ओ पी पाण्डेय)। इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल के अंतिम दिन एम्फीथियेटर में सजी काव्य संध्या ने साहित्य और संवेदना का ऐसा वातावरण रचा कि देर शाम तक श्रोता शब्दों की उस मधुर धारा में डूबे रहे। देश के प्रतिष्ठित युवा कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से नालंदा की विरासत, मिट्टी और मानवीय भावनाओं को स्वर दिया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001107950-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95721" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001107950-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001107950-650x434.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार से सम्मानित और डार्क हॉर्स, औघड़ तथा विश्वगुरु जैसी चर्चित पुस्तकों के लेखक कवि नीलोत्पल मृणाल ने अपनी संवेदनशील कविता से श्रोताओं को गहराई से छू लिया। उनकी पंक्तियाँ &#8211;<br>“थोड़ा सा नदी का पानी,<br>मुट्ठी भर रेत रख लो,<br>धान-गेहूं-सरसों वाले<br>पीले-हरे खेत रख लो…<br>आने वाली पीढ़ियों को<br>चल कर दिखाएंगे-<br>दुनिया ऐसी हुआ करती थी।”</p>



<p>-ने बदलते समय के बीच स्मृतियों और प्रकृति को बचाए रखने का भाव जगाया।</p>



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<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" data-id="95722" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001107922-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95722" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001107922-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001107922-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>
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<p>नई दिल्ली में रहकर भी अपनी मिट्टी से जुड़े रहने वाले नालंदा के कवि संजीव कुमार मुकेश ने अपनी कविताओं में राजगीर, मगध और बिहार की गौरवशाली पहचान को स्वर दिया। उनकी पंक्तियाँ-<br>“मगध का, राष्ट्र का, जन-जन का है अभिमान नालंदा,<br>विरासत, संस्कृति, जन-मन का गौरव गान नालंदा…<br>पुनः फैला रहा है विश्व भर में ‘ज्ञान’ नालंदा।”</p>



<p>&#8211; सुनते ही सभागार तालियों से गूंज उठा।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="851" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001107942-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95723" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001107942-scaled.jpg 851w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001107942-540x650.jpg 540w" sizes="auto, (max-width: 851px) 100vw, 851px" /></figure>



<p>उन्होंने राजगीर की आध्यात्मिकता को भी शब्द दिए-<br>“जब मोह मनुज के ज्ञान को रुद्ध कर देता है,<br>तब मगध का रज गौतम को बुद्ध कर देता है।”</p>



<p>कवि सम्मेलन का संचालन मेरठ के चर्चित हास्य कवि डॉ. प्रतीक गुप्ता ने अपने चुटीले अंदाज में किया। उन्होंने श्रोताओं से संवाद करते हुए कहा-<br>“साहित्यिक उत्सव मनाकर खुश हो ना,<br>ऊँची हस्तियाँ यहाँ बुलाकर खुश हो ना,<br>पूछ रहा हूँ राजगीर में मैं-<br>नालंदा की माटी को माथे से लगाकर खुश हो ना।”</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001107939-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95724" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001107939-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001107939-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>दरभंगा से आईं चर्चित कवयित्री डॉ. तिष्या श्री ने अपनी सुरीली आवाज़ और भावपूर्ण प्रस्तुति से काव्य संध्या को और भी मधुर बना दिया। उनकी पंक्तियाँ-<br>“बड़े आसान लफ़्ज़ों में उसे सरेआम लिखती हूँ,<br>सुनो तो गीत लगता है मगर पैग़ाम लिखती हूँ…<br>मुहब्बत जब कहे कोई, उसी का नाम लिखती हूँ।”</p>



<p>&#8211; ने श्रोताओं के दिलों को छू लिया।</p>



<p>कवियों की रचनाओं, शब्दों की लय और भावनाओं की गर्माहट ने ऐसा समां बाँधा कि देर शाम तक लोग काव्य-रस में डूबे रहे।</p>



<p>कार्यक्रम के अंत में सभी कवियों को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ और प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावशेष का प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान आयोजक वैशाली सेता और अदिति नंदन द्वारा प्रदान किया गया।</p>



<p>कुल मिलाकर, यह काव्य संध्या केवल कविताओं का पाठ नहीं थी, बल्कि नालंदा की मिट्टी, उसकी स्मृति और उसके ज्ञान की उस परंपरा का उत्सव थी, जो आज भी शब्दों के माध्यम से दुनिया भर में फैल रही है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल में आज शब्दों की शाम, देश के चर्चित कवि देंगे प्रस्तुति</title>
		<link>https://www.patnanow.com/nilf-me-aaj-shabdo-ki-shaam-aaj/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 14 Mar 2026 05:42:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[एंटरटेनमेंट]]></category>
		<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
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		<category><![CDATA[पटना नाउ]]></category>
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					<description><![CDATA[राजगीर, 14 मार्च। नालंदा इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल के तीसरे दिन शनिवार को एम्पीथियेटर में संध्या 7 बजे अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस काव्य संध्या में देश के चर्चित और युवा कवि अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। कार्यक्रम में बेस्टसेलर पुस्तकों डार्क हॉर्स, औघड़ और विश्वगुरु के लेखक तथा साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार से सम्मानित कवि नीलोत्पल मृणाल अपनी काव्य प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही नालंदा के मूल निवासी और “गाँव का लड़का” नाम से चर्चित कवि एवं गीतकार संजीव कुमार मुकेश भी मंच से अपनी कविताएँ सुनाएंगे। मेरठ के प्रसिद्ध हास्य कवि डॉ. प्रतीक गुप्ता, जो “सब कुछ ऑरिजनल है” के लिए जाने जाते हैं, अपने व्यंग्य और हास्य से श्रोताओं को गुदगुदाएंगे। वहीं दरभंगा की चर्चित कवयित्री डॉ. तिष्या श्री, जिन्हें “बिहार की बेटी” के नाम से पहचान मिली है, अपनी संवेदनशील कविताओं से श्रोताओं को भावुक करेंगी। राजगीर की पंच पहाड़ियों के बीच आयोजित इस कवि सम्मेलन में कविता के विविध रंग देखने को मिलेंगे। यहाँ गाँव की सोंधी खुशबू के साथ हास्य और व्यंग्य की शीतल फुहार भी होगी। गीतों की मिठास, प्रेम और मनुहार के साथ यह काव्य संध्या श्रोताओं को शब्दों की दुनिया में डुबो देगी। PNCB]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>राजगीर, 14 मार्च। नालंदा इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल के तीसरे दिन शनिवार को एम्पीथियेटर में संध्या 7 बजे अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस काव्य संध्या में देश के चर्चित और युवा कवि अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।</p>



<p><br>कार्यक्रम में बेस्टसेलर पुस्तकों डार्क हॉर्स, औघड़ और विश्वगुरु के लेखक तथा साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार से सम्मानित कवि नीलोत्पल मृणाल अपनी काव्य प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही नालंदा के मूल निवासी और “गाँव का लड़का” नाम से चर्चित कवि एवं गीतकार संजीव कुमार मुकेश भी मंच से अपनी कविताएँ सुनाएंगे।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001103848-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95677" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001103848-scaled.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001103848-488x650.jpg 488w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001103848-1152x1536.jpg 1152w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /></figure>



<p><br>मेरठ के प्रसिद्ध हास्य कवि डॉ. प्रतीक गुप्ता, जो “सब कुछ ऑरिजनल है” के लिए जाने जाते हैं, अपने व्यंग्य और हास्य से श्रोताओं को गुदगुदाएंगे। वहीं दरभंगा की चर्चित कवयित्री डॉ. तिष्या श्री, जिन्हें “बिहार की बेटी” के नाम से पहचान मिली है, अपनी संवेदनशील कविताओं से श्रोताओं को भावुक करेंगी।</p>



<p><br>राजगीर की पंच पहाड़ियों के बीच आयोजित इस कवि सम्मेलन में कविता के विविध रंग देखने को मिलेंगे। यहाँ गाँव की सोंधी खुशबू के साथ हास्य और व्यंग्य की शीतल फुहार भी होगी। गीतों की मिठास, प्रेम और मनुहार के साथ यह काव्य संध्या श्रोताओं को शब्दों की दुनिया में डुबो देगी।</p>



<p><strong>PNCB</strong> </p>
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		<title>नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल में ट्रांसजेंडर अधिकारों पर हुई खुली बहस</title>
		<link>https://www.patnanow.com/the-pain-comes-out-of-transgender-on-international-stage/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 14 Mar 2026 05:18:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[एजुकेशन]]></category>
		<category><![CDATA[कला और साहित्य]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
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					<description><![CDATA[ज्ञान की धरती नालंदा में समाज के हाशिये से सिनेमा तक की चर्चा राजगीर, 14 मार्च। नालंदा की ऐतिहासिक धरती पर आयोजित नालंदा इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल में ज्ञान, साहित्य, समाज और सिनेमा से जुड़े विविध विषयों पर गंभीर विमर्श हुआ। पूरे दिन चले विभिन्न सत्रों में प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा, साहित्य में संवेदनाओं की अभिव्यक्ति, बिहार की ब्रांडिंग में मीडिया की भूमिका, फिल्म और समाज के संबंध तथा ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। इनमें ट्रांसजेंडर समुदाय की सामाजिक स्थिति और अधिकारों पर हुआ विमर्श कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा पर हुआ विचार-मंथन फेस्टिवल के प्रथम सत्र में “प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा” विषय पर वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, पूर्व राष्ट्रपति के प्रेस सचिव एवं वरिष्ठ पत्रकार अजय सिंह, चिंतक मनुदास तथा विदुषी डॉ. कविता शर्मा ने अपने विचार रखे। डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा शास्त्रार्थ, तर्क और संवाद की समृद्ध परंपरा से विकसित हुई है। उन्होंने बताया कि हजारों वर्षों तक यह ज्ञान मौखिक परंपरा के माध्यम से संरक्षित रहा और गुरु-शिष्य परंपरा ने इसे पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाया। अजय सिंह ने कहा कि भारत की पहचान एक संवाद प्रधान समाज के रूप में रही है। उन्होंने कहा कि केवल अतीत के गौरव में जीना पर्याप्त नहीं है, बल्कि नालंदा की मूल ज्ञान-परंपरा और संवाद की भावना को वर्तमान समय में पुनर्जीवित करना जरूरी है। वहीं डॉ. कविता शर्मा ने महाभारत के प्रसंगों के माध्यम से जीवन की नैतिक शिक्षाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>ज्ञान की धरती नालंदा में समाज के हाशिये से सिनेमा तक की चर्चा</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="572" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001103787-scaled.png" alt="" class="wp-image-95670" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001103787-scaled.png 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001103787-650x363.png 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>राजगीर, 14 मार्च। नालंदा की ऐतिहासिक धरती पर आयोजित नालंदा इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल में ज्ञान, साहित्य, समाज और सिनेमा से जुड़े विविध विषयों पर गंभीर विमर्श हुआ। पूरे दिन चले विभिन्न सत्रों में प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा, साहित्य में संवेदनाओं की अभिव्यक्ति, बिहार की ब्रांडिंग में मीडिया की भूमिका, फिल्म और समाज के संबंध तथा ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। इनमें ट्रांसजेंडर समुदाय की सामाजिक स्थिति और अधिकारों पर हुआ विमर्श कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100849-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95651" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100849-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100849-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100849-1536x1152.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100849-2048x1536.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



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<p><strong>प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा पर हुआ विचार-मंथन</strong></p>



<p>फेस्टिवल के प्रथम सत्र में “प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा” विषय पर वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, पूर्व राष्ट्रपति के प्रेस सचिव एवं वरिष्ठ पत्रकार अजय सिंह, चिंतक मनुदास तथा विदुषी डॉ. कविता शर्मा ने अपने विचार रखे।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100008-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95654" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100008-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100008-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100008-1536x1152.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100008-2048x1536.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



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<p>डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा शास्त्रार्थ, तर्क और संवाद की समृद्ध परंपरा से विकसित हुई है। उन्होंने बताया कि हजारों वर्षों तक यह ज्ञान मौखिक परंपरा के माध्यम से संरक्षित रहा और गुरु-शिष्य परंपरा ने इसे पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100106-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95656" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100106-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100106-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100106-1536x1152.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100106-2048x1536.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>अजय सिंह ने कहा कि भारत की पहचान एक संवाद प्रधान समाज के रूप में रही है। उन्होंने कहा कि केवल अतीत के गौरव में जीना पर्याप्त नहीं है, बल्कि नालंदा की मूल ज्ञान-परंपरा और संवाद की भावना को वर्तमान समय में पुनर्जीवित करना जरूरी है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100101-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95655" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100101-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100101-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100101-1536x1152.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100101-2048x1536.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>वहीं डॉ. कविता शर्मा ने महाभारत के प्रसंगों के माध्यम से जीवन की नैतिक शिक्षाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि यह महाकाव्य मानव स्वभाव और कर्तव्य के गहरे प्रश्नों पर विचार करने के लिए प्रेरित करता है।</p>



<p><strong>कला के माध्यम से नालंदा की विरासत को उकेरा</strong></p>



<p>कार्यक्रम के दूसरे सत्र में लाइव पेंटिंग का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन किन्नर समुदाय का प्रतिनिधित्व कर रहीं डॉ. भारती और सलमा चौधरी ने किया।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100227-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95658" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100227-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100227-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100227-1536x1152.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100227-2048x1536.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001102319-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95657" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001102319-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001102319-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001102319-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस सत्र में कलाकारों ने अपनी चित्रकला के माध्यम से आर्यभट्ट और आचार्य चाणक्य जैसे महान व्यक्तित्वों को कैनवास पर उकेरा। पटना कॉलेज ऑफ आर्ट्स के छात्र अमन अयाज, प्रियांशु कुमार, सुमित कुमार, ज्योति चौरसिया और टीना यादव ने इसमें भाग लिया। कार्यक्रम की प्रस्तुति परिधि आर्ट ग्रुप द्वारा की गई।</p>



<p><strong>शोक से सृजन तक की यात्रा पर चर्चा</strong></p>



<p>तीसरे सत्र “पेनिंग ग्रीफ: अनुभव से अभिव्यक्ति तक” में चर्चित कवयित्री डॉ. नीना वर्मा और प्रख्यात लेखिका गगन गिल ने साहित्य में संवेदना और शोक की भूमिका पर चर्चा की।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001102340-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95659" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001102340-1-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001102340-1-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001102340-1-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>डॉ. नीना वर्मा ने कहा कि शोक केवल पीड़ा नहीं, बल्कि आत्मिक समझ और संवेदनशीलता की यात्रा भी है। वहीं गगन गिल ने कहा कि जीवन में बिछड़ने की पीड़ा कई बार रचनात्मक अभिव्यक्ति का आधार बन जाती है।</p>



<p><strong>बिहार की ब्रांडिंग में मीडिया की भूमिका</strong><br>चौथे सत्र में “ब्रांडिंग ऑफ रीजन, स्पेशली बिहार में मीडिया की भूमिका” विषय पर ओम थानवी और टीवी9 भारतवर्ष के डिजिटल एग्जीक्यूटिव एडिटर पंकज कुमार ने चर्चा की।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="672" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001102337-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95661" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001102337-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001102337-650x427.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="428" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100651-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95660" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100651-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100651-650x272.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100651-1536x642.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100651-2048x856.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस दौरान कहा गया कि मीडिया में अक्सर बिहार को नकारात्मक संदर्भों से जोड़ा जाता है, जबकि राज्य की बौद्धिक और सांस्कृतिक उपलब्धियों को पर्याप्त स्थान नहीं मिलता। वक्ताओं ने कहा कि बिहार की प्रतिभाओं और उपलब्धियों को सकारात्मक रूप में सामने लाने की आवश्यकता है।</p>



<p><strong>सिनेमा और समाज पर भी हुई चर्चा</strong></p>



<p>फेस्टिवल के एक सत्र में सिनेमा और उसकी आलोचना पर भी विचार-विमर्श हुआ, जिसमें प्रसिद्ध फिल्म समीक्षक भावना सोमाया और अजय ब्रह्मात्मज शामिल हुए। दोनों अतिथि फिल्म क्रिटिक्स गिल्ड के सदस्य हैं, जिसके लगभ 56 देशों में सदस्य हैं और वे लंबे समय तक पत्रिका स्क्रीन की संपादक भी रह चुकी हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="779" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001103660-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95663" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001103660-scaled.jpg 779w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001103660-494x650.jpg 494w" sizes="auto, (max-width: 779px) 100vw, 779px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100853-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95662" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100853-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100853-650x366.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100853-1536x864.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस अवसर पर अजय जय ब्रह्मात्मज ने बिहार की ओर से उनका स्वागत किया। भावना सोमाया ने कहा कि बिहार आने का यह उनका पहला अवसर है और पटना से इतनी दूर आना उनके लिए नया अनुभव रहा। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि यहाँ उन्हें “लिट्टी-चोखा और लिटरेचर” दोनों का स्वाद मिला।</p>



<p>उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग में अक्सर दो फिल्में फ्लॉप होते ही किसी कलाकार को असफल मान लिया जाता है, लेकिन कई कलाकार फिर मजबूत वापसी करते हैं। उन्होंने रणवीर सिंह और अक्षय कुमार का उदाहरण देते हुए कहा कि एक अच्छी फिल्म कलाकार के करियर को फिर से नई दिशा दे सकती है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="564" height="1024" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001103661-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95664" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001103661-scaled.jpg 564w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001103661-358x650.jpg 358w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001103661-846x1536.jpg 846w" sizes="auto, (max-width: 564px) 100vw, 564px" /></figure>



<p>भावना सोमैया ने कहा कि हर फिल्म दर्शकों के बीच दो हिस्सों में बंट जाती है- कुछ लोगों को पसंद आती है और कुछ को नहीं। उनके अनुसार वे उसी फिल्म के बारे में सकारात्मक लिखती हैं जिसमें उन्हें सच्चा कंटेंट और संदेश दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि आजकल फिल्मों में साहित्य आधारित कहानियाँ बहुत कम बन रही हैं क्योंकि फिल्म उद्योग में अधिकांश लोग केवल मनी-मेकिंग पर ध्यान दे रहे हैं। उनके अनुसार सौ फिल्मों में मुश्किल से दो ही फिल्में साहित्य पर आधारित बनती हैं। अतिथियों ने दर्शकों के कई सवालों का बड़े ही सहजता से जवाब भी दिया।</p>



<p>&#8220;बिफोर एंड आफ्टर धुरंधर&#8217; सत्र में सिनेमा के बदलते स्वरूप पर गंभीर चर्चा&#8221;</p>



<p>राजगीर में आयोजित साहित्यिक सत्र &#8220;बिफोर एंड आफ्टर धुरंधर&#8221; में वरिष्ठ फिल्म पत्रकार एवं आलोचक अजय ब्रह्मात्मज और प्रसिद्ध फिल्म पत्रकार-लेखिका पद्मश्री भावना सोमाया ने हिंदी सिनेमा की बदलती प्रवृत्तियों पर विस्तार से चर्चा की। सत्र के दौरान दोनों वक्ताओं ने फिल्मों की सामग्री, सामाजिक प्रभाव और बदलते फिल्मी परिदृश्य पर अपने विचार साझा किए।</p>



<p>फिल्म धुरंधर के संदर्भ में चर्चा करते हुए वक्ताओं ने कहा कि तकनीकी दृष्टि से फिल्म का ग्राफिक्स, संदेश और प्रस्तुति प्रभावशाली है, लेकिन आज के सिनेमा में बढ़ती हिंसा एक चिंताजनक प्रवृत्ति बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में फिल्म उद्योग में दक्षिण भारतीय फिल्मों की शैली से प्रेरित होकर अत्यधिक हिंसा को सामान्य बनाने की प्रवृत्ति दिखाई दे रही है, जिससे फिल्मों का मूल उद्देश्य कहीं न कहीं कमजोर पड़ता दिख रहा है।</p>



<p>उन्होंने ने यह भी कहा कि कभी भारतीय सिनेमा का उद्देश्य समाज को जोड़ना और सकारात्मक संदेश देना होता था, लेकिन आज कई फिल्मों में &#8220;डिवाइड एंड रूल&#8221; की मानसिकता झलकने लगी है। तथ्य और कल्पना के मिश्रण के कारण दर्शकों के सामने भ्रम की स्थिति भी उत्पन्न होती है।</p>



<p>चर्चा के दौरान सामाजिक-राजनीतिक संदर्भों पर भी बात हुई। अजय जी ने कहा कि फिल्मों में कई बार कमजोर वर्गों को निशाना बनाया जाता है और जटिल अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को भी एकतरफा दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया जाता है। पहले की फिल्मों में विभिन्न समुदायों के बीच समरसता का संदेश प्रमुख होता था, जबकि आज कई फिल्मों में विभाजन की प्रवृत्ति अधिक दिखाई देती है।</p>



<p>सत्र के दौरान भावना सोमाया ने साहित्य और लेखन की कठिन साधना पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एक लेखक अपनी रचना के लिए दिन-रात परिश्रम करता है और अनेक व्यक्तिगत संघर्षों से गुजरता है। अपने पुस्तक कराची से भारत के संदर्भ में उन्होंने भारत-पाक विभाजन के समय अपने परिवार और लाखों लोगों के विस्थापन के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने संयुक्त परिवार की परंपरा की सुंदरता का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे परिवारों में बच्चों को माता-पिता के अतिरिक्त कई और संरक्षक मिलते हैं।</p>



<p>गंभीर और विचारोत्तेजक चर्चा के साथ यह सत्र संपन्न हुआ, जिसमें सिनेमा, साहित्य और समाज के संबंधों पर महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए गए।</p>



<p><strong>ट्रांसजेंडर समुदाय के मुद्दे बने चर्चा का केंद्र</strong></p>



<p>फेस्टिवल के छठे सत्र “भाषा, क्षेत्र और ट्रांसजेंडर” में किन्नर समुदाय की सामाजिक स्थिति और उनके अधिकारों पर गंभीर विमर्श हुआ।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="428" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100846-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95666" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100846-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100846-650x272.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100846-1536x642.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001100846-2048x856.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



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<p>डॉ. भारती ने कहा कि समाज अक्सर किन्नर समुदाय को हाशिये पर धकेल देता है और फिर उनकी ओर मुड़कर देखने की भी जरूरत नहीं समझता। उन्होंने कहा कि सम्मान और अवसर की कमी के कारण कई बार उन्हें मजबूरी में भीख मांगने जैसे कार्य करने पड़ते हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001103682-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-95668" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001103682-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001103682-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/03/1001103682-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



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<p>वहीं सलमा चौधरी ने बताया कि उनके प्रयासों से उत्तर प्रदेश में ऐसा शौचालय बनाया गया है जिसका उपयोग पुरुष, महिलाएँ और ट्रांसजेंडर तीनों कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि उनका अगला लक्ष्य ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए आश्रय स्थल स्थापित करना है।</p>



<p>उन्होंने सरकार से अपील की कि ट्रांसजेंडर समुदाय को शिक्षा, रोजगार और राजनीति में समान अवसर दिए जाएँ ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।</p>



<p><strong>समावेशी समाज का संदेश</strong><br>वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब उसके सभी वर्गों को समान सम्मान और अवसर मिलें। नालंदा इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल के इन सत्रों ने ज्ञान, कला, सिनेमा और सामाजिक न्याय के विभिन्न पहलुओं पर विचार करते हुए एक समावेशी और संवेदनशील समाज के निर्माण का संदेश दिया।</p>



<p>नालंदा इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल से <strong>ओ पी पाण्डेय</strong> की रिपोर्ट</p>
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		<title>12,000 करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रतिबद्धता को GTRI ने सुगम बनाया</title>
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		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 26 Oct 2024 08:05:55 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[GTRI की वजह से बिहार के लिए आकर्षित हुई 100 से अधिक अग्रणी कम्पनियां GTRI का ‘आइडियाज फॉर बिहार: एन इनोवेशन समिट 3.0’ बिहार में तकनीक आधारित नवाचार को बढ़ावा देने और परसेप्शन चेंज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा: विजय सिन्हा GTRI संवाद के तीसरे संस्करण में तकनीकी विशेषज्ञों और इनोवेशन लीडर्स द्वारा बिहार के उद्योगों और स्टार्टअप इकोसिस्टम को पुनर्जीवित करने पर किया गया मंथन पटना. “मैं प्रौद्योगिकी और नवाचार पर केंद्रित ऐसे महत्वपूर्ण समिट की संकल्पना और आयोजन के लिए GTRI को बधाई देता हूं. मैं यह देखकर अभिभूत हूं कि देश के जाने-माने तकनीकी विशेषज्ञ, उद्यमी और स्टार्टअप लीडर इस आयोजन में भाग लेने आए हैं. यह बिहार के लिए एक शुभ संकेत है. वैसे तो हमारी सरकार राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और सर्वांगीण विकास के लिए लगातार काम कर रही है, लेकिन इस अहम कार्य में दूसरों का सहयोग भी बहुत जरूरी है. इस संदर्भ में GTRI ने सराहनीय प्रयास किए हैं. महज तीन वर्षों की छोटी सी अवधि में इस फोरम ने देश के कई शीर्ष उद्योगपतियों को बिहार में आमंत्रित किया है और राज्य की आर्थिक संभावनाओं और अवसरों पर सार्थक चर्चा को प्रोत्साहित किया है. ऐसे प्रयास न केवल बिहार के बारे में बनी नकारात्मक छवि को दूर करने में मदद करते हैं, बल्कि युवाओं की सोच को बदलने और उन्हें उद्यमिता की ओर प्रेरित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. दूसरे शब्दों में, ‘परसेप्शन चेंज’ के मद्देनजर इस तरह के प्रयास बहुत महत्वपूर्ण हैं.” उक्त बातें उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>GTRI की वजह से बिहार के लिए आकर्षित हुई 100 से अधिक अग्रणी कम्पनियां</strong></p>



<p><strong>GTRI का ‘आइडियाज फॉर बिहार: एन इनोवेशन समिट 3.0’ बिहार में तकनीक आधारित नवाचार को बढ़ावा देने और परसेप्शन चेंज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा: विजय सिन्हा</strong></p>



<p><strong>GTRI संवाद के तीसरे संस्करण में तकनीकी विशेषज्ञों और इनोवेशन लीडर्स द्वारा बिहार के उद्योगों और स्टार्टअप इकोसिस्टम को पुनर्जीवित करने पर किया गया मंथन</strong></p>



<p>पटना. “मैं प्रौद्योगिकी और नवाचार पर केंद्रित ऐसे महत्वपूर्ण समिट की संकल्पना और आयोजन के लिए GTRI को बधाई देता हूं. मैं यह देखकर अभिभूत हूं कि देश के जाने-माने तकनीकी विशेषज्ञ, उद्यमी और स्टार्टअप लीडर इस आयोजन में भाग लेने आए हैं. यह बिहार के लिए एक शुभ संकेत है. वैसे तो हमारी सरकार राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और सर्वांगीण विकास के लिए लगातार काम कर रही है, लेकिन इस अहम कार्य में दूसरों का सहयोग भी बहुत जरूरी है. इस संदर्भ में GTRI ने सराहनीय प्रयास किए हैं. महज तीन वर्षों की छोटी सी अवधि में इस फोरम ने देश के कई शीर्ष उद्योगपतियों को बिहार में आमंत्रित किया है और राज्य की आर्थिक संभावनाओं और अवसरों पर सार्थक चर्चा को प्रोत्साहित किया है. ऐसे प्रयास न केवल बिहार के बारे में बनी नकारात्मक छवि को दूर करने में मदद करते हैं, बल्कि युवाओं की सोच को बदलने और उन्हें उद्यमिता की ओर प्रेरित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. दूसरे शब्दों में, ‘परसेप्शन चेंज’ के मद्देनजर इस तरह के प्रयास बहुत महत्वपूर्ण हैं.”</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/10/1000955679-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87585" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/10/1000955679-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/10/1000955679-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/10/1000955679-1536x1023.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उक्त बातें उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने होटल लेमन ट्री प्रीमियर में ग्रैंड ट्रंक रोड इनिशिएटिव्स (GTRI) द्वारा आयोजित आइडियाज़ फ़ॉर बिहार: एन इनोवेशन समिट&#8217; के तीसरे संस्करण के उद्घाटन सत्र में कहीं. उन्होंने आगे कहा कि प्राचीन काल से ही बिहार में नवाचार का समृद्ध इतिहास रहा है और यह हमारी जीवनशैली का अहम हिस्सा रहा है. मुझे विश्वास है कि यह समिट बिहार को नवाचार में अग्रणी बनाने में अहम भूमिका निभाएगा. मैं यह भी दोहराना चाहूंगा कि राज्य सरकार से जो भी सहयोग अपेक्षित होगा, हम उसे देने में पीछे नहीं हटेंगे. इस दौरान उद्योग और पर्यटन मंत्री नीतीश मिश्रा और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव तथा बिहार के मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ एस सिद्धार्थ विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/10/1000955678-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87586" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/10/1000955678-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/10/1000955678-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/10/1000955678-1536x1023.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कार्यक्रम के दौरान बिहार निवासी और जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल में सहायक प्रोफेसर डॉ निखिल नरेन द्वारा लिखित &#8216;आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड लॉ&#8217; नामक पुस्तक का उपमुख्यमंत्री द्वारा विमोचन किया गया. चार तकनीकी सत्रों में तकनीक-आधारित उद्यमिता, एडटेक और कौशल विकास और विकसित बिहार के लिए डिजिटल बुनियादी ढांचे के निर्माण जैसे प्रमुख विषयों पर उद्योग जगत के नेताओं और डोमेन विशेषज्ञों द्वारा चर्चा की गई.<br>बिहार में उद्योग परिदृश्य के बारे में बात करते हुए उद्योग एवं पर्यटन मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार बिहार में उद्योगों को पुनर्जीवित करने के लिए अथक प्रयास कर रही है. प्रौद्योगिकी के यथोचित इस्तेमाल के अलावा, उद्यमिता को बढ़ावा देना इस संबंध में बेहद महत्वपूर्ण है. स्टार्टअप के क्षेत्र में भी बिहार में असीम संभावनाएं हैं और हम स्टार्टअप सिस्टम को अधिक से अधिक लचीला बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं. यह समिट इस दिशा में एक सार्थक क़दम है. बिहार एक युवा राज्य है और इसके मद्देनज़र नौकरी और उद्यम को लेकर उनकी सोच में सकारात्मक बदलाव लाना भी हमारी प्राथमिकता है. हमने तकनीक का इस्तेमाल कर ‘माय ब्लॉक, माय प्राइड’ नमक एक पोर्टल लॉन्च किया है जिसपर बिहार के निवासी अपने ब्लॉक के विकास संबंधी ज़रूरतों पर अपनी राय दे सकते हैं. हम अन्य कार्यक्रमों में भी तकनीक का अधिकाधिक प्रयोग कर रहे हैं. मुझे पूरा विश्वास है कि ‘विकसित भारत 2047’ में बिहार की अहम भूमिका होगी.</p>



<p><strong>क्या कहा GTRI 3.0 में आये अतिथियों ने</strong></p>



<p>बिहार के उद्योग और पर्यटन मंत्री नीतीश मिश्रा ने GTRI के मंच पर कहा कि फ्रीडम बेस्ड स्टार्ट अप के लिए मेरे दिल मे बहुत सम्मान है. स्टार्टअप में सारे यंग हैं. वे कभी ऑफिस के चक्कर लगाकर भी कभी थके नही. इस सिस्टम को जितना आसान हो पायेगा उसके लिए मैं कोशिश कर रहा हूँ. यूथ के एडवांटेज हैं और हमारी भी जिम्मेदारी बनती है कि उनके लिए हम कुछ कर सके ताकि बिहार के बाहर भी इसकी बात हो. इसके इकोसिस्टम को बेहतर बनाने की कोशिश कर पाएंगे जल्द यह उम्मीद है. बहुत बड़ा चेंज आने वाला है उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से लेकर कई प्रदेशों में कॉरिडोर बन रहा है जिसको बिजनेस और मैन्यूफैक्चरिंग के हिसाब से बनाया जा रहा है. हाइवे और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जो सरकार का सपोर्ट मिला है इससे 10 से 30 लाख तक की जॉब की ऑपर्चुनिटी मिलने वाली है. गया का इलाका भी एक बड़ा ऑपर्चुनिटी का केंद्र बनने वाला है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/10/1000955677-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87587" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/10/1000955677-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/10/1000955677-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/10/1000955677-1536x1023.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मैंने हमेशा टेक्नोलॉजी और को प्रमोट किया है. हाउसिंग की बात याद करते हुए कहा कि उसमें करप्शन मिटाने के लिए वीडियो बनाकर यूट्यूब पर डालने को कहा उससे काफी करप्शन कम हुआ. बहुत से ट्रेवेल एजेंसी है लेकिन सभी लोग सेफ्टी चाहते हैं इसके लिए हमने एक एप बनाया है कि जिसे आगन्तुक वे अपने पास रखेंगे और उन्हें हम ट्रैक कर सकेंगे. इसतरह के बहुत आधुनिकता और तकनीक पर काम कर रहे जो बदलते बिहार की तस्वीर दुनिया के सामने दिखायेगा. हम लोगों के फीडबैक के लिए भी काम कर रहे हैं ताकि लोगों की क्या जरूरत और मांग है उसके अनुरूप हम सुविधाओं को मुहैया करा सकें.</p>



<p>वही शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ एस सिद्धार्थ ने GTRI के मंच पर TV 9 के एडिटर पंकज कुमार से बात करते हुए कई मुद्दों पर बेहद सरलता से कहा कि टेक्नोलॉजी के माधयम से बच्चों का कांउसलिग करना पड़ेगा, तकनीक से इन्हें ब्रिज करना पड़ेगा जो एक गैपिंग बन गया है उसको तकनीक ही ब्रिज कर सकता है.</p>



<p>सब्जेक्ट में मास्टर और तकनीक में जीरो वाले लोगों के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमारे पास सभी 95 के बाद के लोग हैं जो तकनीक में ठीक हैं. बॉयमेट्रिक की बात करते हुए कहा कि एक टीचर ने सिखा तो उन्होंने बाकियो को सिखाया. उन्होंने कहा कि 12 लाख टीचर बायोमेट्रिक अटेंडेंस करते हैं ये एक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनने लायक है.<br>यहाँ तक कि बैंक से अपना पैसा निकलने के लिए सभी तकनीक का ही इस्तेमाल करते हैं.</p>



<p>डिजिटल डिवाइड वह नही है कि सभी लोग तकनीक सीखें. वह दूसरे से भी सीख ले या उसे करवा लें वही डिजिटल डिवाइड है. गांव के लोग अपना काम किसी स्किल व्यक्ति से अपना फॉर्म भरवा लेता है.</p>



<p>2000 के बाद स्किल मिशन के तहत स्किल मैन फोर्स और स्किल यूनिवर्सिटी की भी बात चल रही है. हम नई पीढ़ी को 12 के बाद नही चहते कि वह स्नातक करे उसे कुछ स्किल वाला काम सिखाते हैं चाहे व्यूटीशियन बने, फिटर बने, प्लम्बर बने फोटोग्राफर बनें, म्यूजिशियन बनिये… ITI, और पोलटेक्निक इसलिए ही बना है.</p>



<p>उन्होंने बताया कि वे लुधियाना गए थे. 95 प्रतिशत स्किल वाले बिहार से थे. बिहारी का एक क्वालिटी है कि अगर उसे थोड़ा भी आता होगा तो तुरंत स्किल पकड़ लेता है. सीखने की तेजी से कला है. (ability to learn the skill.. ). 21वें फ्लोर पर हैंग कर के फिटिंग कर रहा है ये स्किल सिखाने की जरूरत है?</p>



<p>वही असेंचर वेंचर इन इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर अवनीश सभरवाल ने कहा कि AI इज लाइक आ जिनि, आउटसाइड ऑफ बॉटल नाउ. आगे जाने वाले जेनरेशन जिसको डिजिटल लिटिल हैं. AI will not disrupt you… But the people who is using they will finish your job. पहले 50 लड़कों के लिए एक पढ़ाई थी लेकिन अब तकनीक के जरिये आप उसको कई ऑप्शन दे सकते हैं.</p>



<p>डिजिटली अरेस्ट जैसे सवाल पर कहा कि इनोवेशन धीरे-धीरे होता है. तकनीक पर जैसे ही काम करते हैं वो एक चुनौती होती है और फिर उसका सॉल्यूशन खोजना पड़ता है. तकनीक का इस्तेमाल करके हमें ही इन्वेस्टमेंट के लिए भेज दिया गया. इसको हमने पकड़ लिया. इसके लिए एजुकेशन का होना जरूरी है. हमें अपने आपको काबिल करना पड़ेगा. ये AI का सबसे बुरा काम यही है…इससे बचना होगा..</p>



<p>आगे जाकर रोबोट जब यह काम करेंगे तो लोगों की एक काम करने की संख्या घने वाली है. ड्रोन ऑपरेटर जैसे जॉब आएंगे कभी नही सोचा था.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/10/1000955680-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87584" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/10/1000955680-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/10/1000955680-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/10/1000955680-1536x1023.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>वही पूर्व DIG विकास वैभव ने कहा कि स्टार्टअप्स, तकनीक के आधार पर जो काम कर रहे हैं बेगूसराय में हमरा कैब और अर्बन क्लैप की तरह खगड़िया में म्याय फॉग कर के बच्चे सर्विस स्टार्ट किये हैं वह सराहनीय है. अब पहले की तरह बाहर जाने की जरूरत नए जेनेरेशन को जरूरत नही पड़ेगी जो भी तकनीक को जानेंगे और उसे अपनाएंगे.</p>



<p>GTRI के क्यूरेटर अदिति नंदन ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया. इस शिखर सम्मेलन के उद्देश्य को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि उद्योग जगत के नेता और डोमेन विशेषज्ञ डिजिटल युग में नवाचार को बढ़ावा देने, प्रौद्योगिकी के बेहतर उपयोग और बिहार की अर्थव्यवस्था में गुणात्मक सुधार के लिए उद्यमिता की संस्कृति को प्रोत्साहित करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर मंथन करेंगे. GTRI की यात्रा और इसकी उपलब्धियों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि जीटीआरआई राज्य का एकमात्र ऐसा विशिष्ट मंच है जो देश के शीर्ष उद्योगपतियों को एक साथ लाता है और बिहार की आर्थिक क्षमता और अवसरों के बारे में सार्थक चर्चाओं को बढ़ावा देता है. GTRI ने 100 से अधिक अग्रणी कंपनियों को बिहार में आकर्षित किया है और राज्य में व्यापार विस्तार और निवेश पर केंद्रित महत्वपूर्ण संवाद और चर्चाएँ शुरू की हैं. हमने बिहारी मूल के 35 से अधिक सीईओ और संस्थापकों को सफलतापूर्वक आकर्षित किया है और उन्हें राज्य के उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र से फिर से जोड़ा है.</p>



<p>इसके अलावा, GTRI ने शीर्ष कंपनियों से ₹12,000 करोड़ से अधिक के निवेश प्रतिबद्धताओं को सुगम बनाया है, जिससे बिहार में औद्योगिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिला है. हमने बिहार भर में सीईओ और संस्थापकों के लिए 20 से अधिक दौरे आयोजित किए, जिससे उन्हें राज्य के मौजूदा व्यावसायिक पारिस्थितिकी तंत्र और पर्यटन अवसरों को समझने में मदद मिली ताकि दीर्घकालिक साझेदारी को बढ़ावा मिले. बिहारी पाक विरासत को बढ़ावा देने के लिए, हमने &#8216;पंगत&#8217; नामक एक संवाद कार्यक्रम की मेजबानी की, जिसमें बिहार के भूले-बिसरे व्यंजनों पर ध्यान केंद्रित किया गया. इस पहल को भारत, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, इंग्लैंड और यूरोप के शेफ़्स के बीच वैश्विक स्तर पर साझा किया गया.</p>



<p>पटना से <strong>ओ पी पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>
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		<title>जानिए किस शिक्षक की विदाई में पहुँचे दिग्गज लोग</title>
		<link>https://www.patnanow.com/janiye-kis-shikshak-ki-giraye-me-pahunche-vip/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 07 Apr 2024 18:13:07 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[शिक्षक एवं समाजसेवी सम्मान सह विदाई समारोह आरा,7 अप्रैल. बड़हरा क्षेत्र के छ्परापर ग्राम के रहने रहने वाले मशहूर शिक्षक महेंद्र सिंह का विदाई समारोह आयोजित किया गया, जिसमें वर्तमान बड़हरा विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने शिक्षक महेंद्र सिंह के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्हें उत्कृष्ट शिक्षक, प्रबल समाजसेवी तथा प्रख्यात व्यक्तित्व बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. शिक्षक के विदाई समारोह में बिहार सरकार के पूर्व मंत्री सह जद यु नेता मांझी के गौतम सिंह भी उपस्थित हुए. उन्होंने शिक्षक महेंद्र सिंह को मित्रवत सह छोटे भाई के सामान बताया तथा उनके संघर्षशील जीवन को अनुकरणीय बताते हुए शिक्षक के रूप को प्रेरणादायी कहा. पूर्व IAS सह भाजपा नेता उदय सिंह ने महेंद्र सिंह को बेहद ही प्रतिभाशाली व्यक्ति कहा. वही इस मौके पर उपस्थित बिहार राज्य शिक्षक संघ से मिथलेश शर्मा और दिनेश सिंह भी देखे गए. उन्होंने अपने आशीर्वचनो से भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि आज के वर्तमान समय में विद्यालयों में ऐसे ही शिक्षक की जरूरत है. शिक्षक संघ भोजपुर से उपस्थित महानुभावों में अध्यक्ष हरेंद्र प्रसाद राय, प्रधान सचिव उमेश सिंह, परमात्मा पांडेय , मुकेश सिंह ने कुशलता पूर्वक मंच संचालन एवं विदाई भाषण दिया. इस अवसर पर सेवानिवृत शिक्षक महेंद्र सिंह को अनुशासित व्यक्ति सह असल समाजसेवी करार दिया और अंगवस्त्र देकर उन्हें विदा किया. महेन्द्र सिंह के अनुज देवेंद्र सिंह ने कहा कि भैया का जीवन अनुकरणीय रहा है एक शिक्षक या किसी भी प्रोफेशन में होने के साथ-साथ समाज का काम भी किया जा सकता है. यह उन्होंने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>शिक्षक एवं समाजसेवी सम्मान सह विदाई समारोह</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="790" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/04/PNC-advertising-sambhavna-school-7042024-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-83574" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/04/PNC-advertising-sambhavna-school-7042024-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/04/PNC-advertising-sambhavna-school-7042024-650x501.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>आरा,7 अप्रैल. बड़हरा क्षेत्र के छ्परापर ग्राम के रहने रहने वाले मशहूर शिक्षक महेंद्र सिंह का विदाई समारोह आयोजित किया गया, जिसमें वर्तमान बड़हरा विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने शिक्षक महेंद्र सिंह के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्हें उत्कृष्ट शिक्षक, प्रबल समाजसेवी तथा प्रख्यात व्यक्तित्व बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/04/1000527779.jpg" alt="" class="wp-image-83583" /></figure>



<p>शिक्षक के विदाई समारोह में बिहार सरकार के पूर्व मंत्री सह जद यु नेता मांझी के गौतम सिंह भी उपस्थित हुए. उन्होंने शिक्षक महेंद्र सिंह को मित्रवत सह छोटे भाई के सामान बताया तथा उनके संघर्षशील जीवन को अनुकरणीय बताते हुए शिक्षक के रूप को प्रेरणादायी कहा. पूर्व IAS सह भाजपा नेता उदय सिंह ने महेंद्र सिंह को बेहद ही प्रतिभाशाली व्यक्ति कहा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/04/1000527778.jpg" alt="" class="wp-image-83584" /></figure>



<p>वही इस मौके पर उपस्थित बिहार राज्य शिक्षक संघ से मिथलेश शर्मा और दिनेश सिंह भी देखे गए. उन्होंने अपने आशीर्वचनो से भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि आज के वर्तमान समय में विद्यालयों में ऐसे ही शिक्षक की जरूरत है. शिक्षक संघ भोजपुर से उपस्थित महानुभावों में अध्यक्ष हरेंद्र प्रसाद राय, प्रधान सचिव उमेश सिंह, परमात्मा पांडेय , मुकेश सिंह ने कुशलता पूर्वक मंच संचालन एवं विदाई भाषण दिया.</p>



<p>इस अवसर पर सेवानिवृत शिक्षक महेंद्र सिंह को अनुशासित व्यक्ति सह असल समाजसेवी करार दिया और अंगवस्त्र देकर उन्हें विदा किया.</p>



<p>महेन्द्र सिंह के अनुज देवेंद्र सिंह ने कहा कि भैया का जीवन अनुकरणीय रहा है एक शिक्षक या किसी भी प्रोफेशन में होने के साथ-साथ समाज का काम भी किया जा सकता है. यह उन्होंने अपने बड़े भैया से ही सीखा है.</p>



<p>इस अवसर पर स्थानीय फरना पंचायत निवासी सैकड़ों ग्रामीण सह पंचायत प्रतिनिधि भी उपस्थित हुए और इस भावुक पल को देख सभी भावुक हो गए.</p>



<p><strong>PNCB</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
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		<title>आज सुमिरेंगे पवन कुमार को विश्व पटल पर गिरमिटिया</title>
		<link>https://www.patnanow.com/aaj-sumirenge-pawan-kumar-ko-girmitiya/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 28 Mar 2023 00:47:32 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्रीराम का देश कह कर लाये थे पूर्वजों को 150 साल पहले क्रूर अंग्रेज क्या बल, बुद्धि और विद्या देंगे हनुमान पूर्वजो ने हर संकट में पढ़ा हनुमान चालीसा, अब नई पीढ़ी ने इसे हार्ड रॉक में ढाला बल, बुद्धि और विद्या बिखेरने आ रहा है गिरमिटिया वंशजों द्वारा निर्मित “श्री हनुमान चालीसा” इस रामनवमी धूम मचायेगा गिरमिटीया वंशजों का हनुमान चालीसा patna now Special पटना, 28 मार्च (ओ पी पाण्डेय). मंगलवार को मंगलकारी बनाने के लिए लोग सबसे शक्तिशाली आराध्य देव पवन पुत्र हनुमान की आराधना करते हैं. ये वैसे आराध्य देव हैं जिन्हें अपनी शक्ति का खुद अंदाजा नही है लेकिन जब भक्त उनका सुमिरन करने लगते हैं तो उन्हें अपने शक्ति का एहसान हो जाता है और वे अपने बजरंग रूप में आकर इतने प्रबल हो जाते हैं कि भक्तों के सारे कष्ट को हर लेते हैं. यही कारण हैं कि पवन कुमार बजरंगबली और हनुमान भी कहे जाते हैं. अष्ट सिद्धि और नौ निधि के दाता पवन कुमार को जगाने के लिए कुछ और नही बल्कि हनुमान चालीसा का पाठ ही काफी है. उनकी प्रबलता का इसी से अंदाज लगाया जा सकता है कि बल, बुद्धि और विद्या को बढ़ाने वाले हनुमान 9 ग्रहों से घिरे अपने भक्तों के कष्ट को भी छूमंतर कर देते हैं. वैसे तो हनुमान चालीसा हजारों साल से गया जा रहा है. कई धुन में हनुमान चालीसा कई तरह के वाद्य यंत्रों के युगलबन्दी के बीच गाया गया है. लेकिन आज इस हनुमान चालीसा के गाने वाले खास इसलिए हैं क्योंकि [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>श्रीराम का देश कह कर लाये थे पूर्वजों को 150 साल पहले क्रूर अंग्रेज</strong></p>



<p><strong>क्या बल, बुद्धि और विद्या देंगे हनुमान</strong></p>



<p><strong>पूर्वजो ने हर संकट में पढ़ा हनुमान चालीसा, अब नई पीढ़ी ने इसे हार्ड रॉक में ढाला</strong></p>



<p><strong>बल, बुद्धि और विद्या बिखेरने आ रहा है गिरमिटिया वंशजों द्वारा निर्मित “श्री हनुमान चालीसा”</strong></p>



<p><strong>इस रामनवमी धूम मचायेगा गिरमिटीया वंशजों का हनुमान चालीसा</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="263" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Dayara-Hanuman-Chalisa-004.jpg" alt="" class="wp-image-72790" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Dayara-Hanuman-Chalisa-004.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Dayara-Hanuman-Chalisa-004-350x142.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p class="has-vivid-red-color has-text-color"><strong><em>patna now Special</em></strong></p>



<p>पटना, 28 मार्च (<strong>ओ पी पाण्डेय</strong>). मंगलवार को मंगलकारी बनाने के लिए लोग सबसे शक्तिशाली आराध्य देव पवन पुत्र हनुमान की आराधना करते हैं. ये वैसे आराध्य देव हैं जिन्हें अपनी शक्ति का खुद अंदाजा नही है लेकिन जब भक्त उनका सुमिरन करने लगते हैं तो उन्हें अपने शक्ति का एहसान हो जाता है और वे अपने बजरंग रूप में आकर इतने प्रबल हो जाते हैं कि भक्तों के सारे कष्ट को हर लेते हैं. यही कारण हैं कि पवन कुमार बजरंगबली और हनुमान भी कहे जाते हैं. अष्ट सिद्धि और नौ निधि के दाता पवन कुमार को जगाने के लिए कुछ और नही बल्कि हनुमान चालीसा का पाठ ही काफी है. उनकी प्रबलता का इसी से अंदाज लगाया जा सकता है कि बल, बुद्धि और विद्या को बढ़ाने वाले हनुमान 9 ग्रहों से घिरे अपने भक्तों के कष्ट को भी छूमंतर कर देते हैं. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="600" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Dhara-Hanuman-Chalisa.jpg" alt="" class="wp-image-72783" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Dhara-Hanuman-Chalisa.jpg 600w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Dhara-Hanuman-Chalisa-350x350.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Dhara-Hanuman-Chalisa-250x250.jpg 250w" sizes="auto, (max-width: 600px) 100vw, 600px" /></figure>



<p>वैसे तो हनुमान चालीसा हजारों साल से गया जा रहा है. कई धुन में हनुमान चालीसा कई तरह के वाद्य यंत्रों के युगलबन्दी के बीच गाया गया है. लेकिन आज इस हनुमान चालीसा के गाने वाले खास इसलिए हैं क्योंकि ये कोई और नही बिहार की धरती के वे लोग हैं जिन्हें गिरमिटिया बनाकर अंग्रेजों ने हमसे दूर कर दिया था. लेकिन दूर देश मे बसने के बाद भी उन्होंने अपनी संस्कृति और जडों को नही छोड़ा बल्कि उसे निरन्तर इतना सींचा कि उन गिरमिटिया की पाँचवी पीढ़ी ने विश्व पटल के लिए एक नए धुन में हार्ड रॉक के साथ हनुमान चालीसा को गाया और इसका वीडियो निर्माण भी कर डाला. दायरा नाम से तैयार गाने के इस बैंड का गाया हनुमान चालीसा आज विश्व पटल के लिए आज रिलीज हो रहा है. मंगलवार का शुभ दिन और रामनवमी के ठीक दो दिन पहले प्रभु श्रीराम के परम भक्त हनुमान का सुमिरन क्या गुल खिलायेगा ये तो हनुमान ही बताएंगे पर फिलहाल हाजिर है श्री हनुमान चालीसा हम सबके लिए तो आइए इसे आज सुनते हैं और बल, बुद्धि ,विद्या की गुहार पवन पुत्र से लगाते हैं क्या पता गिरमिटिया के इस पुकार को वे सुन विश्व का कल्याण कर दें.</p>



<p><strong>देखिए श्री हनुमान चालीसा का टीजर </strong>&#x1f447;</p>



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<p><strong>दायरा म्यूजिक” (यूरोपियन बैंड) का चैनल कर रहा रिलीज़</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="600" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Dhara-Hanuman-Chalisa-1.jpg" alt="" class="wp-image-72784" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Dhara-Hanuman-Chalisa-1.jpg 600w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Dhara-Hanuman-Chalisa-1-350x350.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Dhara-Hanuman-Chalisa-1-250x250.jpg 250w" sizes="auto, (max-width: 600px) 100vw, 600px" /></figure>



<p>सात समुन्दर पार बैठे गिरमिटीया वंशज “श्री हनुमान चालीसा “ को पहली बार हार्ड रॉक वर्जन में लेके आ रहे हैं. ये हनुमान चालीसा भारतीय संस्कृति और सभ्यता को वैश्विक पटल पर मजबूती से रखने के प्रयास है. इस हनुमान चालीसा का रिलीज़ 28 मार्च 2023 को रामनवमी एवं हनुमान जयंती के उपलक्ष्य में रखा गया है जो “दायरा म्यूजिक” (यूरोपियन बैंड) के चैनल से रिलीज़ होगा. इसे बनाने में मुख्यतः राज मोहन जो नीदरलैंड वासी चौथी पीढ़ी के गिरमिटिया वंशज हैं, मानव-डी जो सूरीनामवासी पांचवीं पीढ़ी के गिरमिटिया वंशज और बिहार के आरा निवासी फिल्मकार देवेन्द्र सिंह हैं. इस हनुमान चालीसा का म्यूजिक कम्पोजीशन यूरोप में हुआ है जबकि इसकी शूटिंग भारत, नीदरलैंड(यूरोप) और सूरीनाम(दक्षिण अमेरिका) में हुयी है.</p>



<p><strong>श्रीराम का देश कह कर लाये थे 150 साल पहले क्रूर अंग्रेज</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="276" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Dayara-Hanuman-Chalisa-002.jpg" alt="" class="wp-image-72788" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Dayara-Hanuman-Chalisa-002.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Dayara-Hanuman-Chalisa-002-350x149.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="266" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Dayara-Hanuman-Chalisa-003.jpg" alt="" class="wp-image-72789" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Dayara-Hanuman-Chalisa-003.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Dayara-Hanuman-Chalisa-003-350x143.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>“श्री हनुमान चालीसा” दायरा म्यूजिक के मुख्य रैप गायक मानव-डी का कहना है कि आज से ठीक डेढ़ सौ साल पहले 1883 में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से मेरे पूर्वजों को गिरमिटिया मजदुर बनाकर समुंद्री जहाज में बिठा श्रीराम के देश कहके दक्षिण अमेरिकी देश सूरीनाम लेकर आये. हमारे पूर्वज अपने साथ इस दूर देश में श्रीराम का नाम, अपनी संस्कृति,भाषा,जड़ी-बूटी,पहनावा,खान-पान और एक हनुमान चालीसा लेकर आये थे. हनुमान चालीसा पाठ उन्हें कठिन समय में शक्ति देता था जो आज भी उनकी पांचवीं,छठी पीढ़ी को भी प्रेरणा और शक्ति दे रहा है. इसलिए हम हनुमान चालीसा को इतने बड़े स्तर का बनाना चाह रहे थे. हम आज खुश हैं की हम अपने प्रयास में सफल हैं. ये हमारे पूर्वजों, हमारे अस्तित्व और हमारी पहचान का प्रतीक है.</p>



<p><strong>नीदरलैंड के पॉपुलर सिंगर राज मोहन क्या कहते हैं </strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="306" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Dayara-Hanuman-Chalisa-Raj-mohan-1.jpg" alt="" class="wp-image-72785" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Dayara-Hanuman-Chalisa-Raj-mohan-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Dayara-Hanuman-Chalisa-Raj-mohan-1-350x165.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption>नीदरलैंड के स्टार सिंगर गिरमिटिया राज मोहन</figcaption></figure>



<p>“श्री हनुमान चालीसा” के मुख्य गायक राज मोहन के अनुसार हार्ड रॉक वर्जन में हनुमान चालीसा का निर्माण अपने आप में बहुत चुनौतीपूर्ण कार्य है. मेरे शिष्य मानव-डी ये आईडिया लेकर मेरे पास आये थे. चौथी पीढ़ी का गिरमिटिया वंशज होने के नाते मैं भी जनता हूँ कि जब भी हमारे पूर्वजों पर कोई विपति आई उनका सहारा “हनुमान चालीसा“ होता था. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="262" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Dayara-Hanuman-Chalisa-raj-mohan.jpg" alt="" class="wp-image-72786" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Dayara-Hanuman-Chalisa-raj-mohan.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Dayara-Hanuman-Chalisa-raj-mohan-350x141.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption>राज मोहन</figcaption></figure>



<p>हमने इसमें हनुमान जी के विकट रूप को ध्यान में रख कर संगीत और विडियो का निर्माण किया है. वैसे भी अभी पूरा विश्व तरह-तरह की उलझनों में हैं हनुमान जी की दया दृष्टि रही तो पूर्ण विश्व में स्थायित्व एवं शांति स्थापित होगी.</p>



<p><strong>भारत में दायरा के प्रोडक्शन और मीडिया हेड देवेन्द्र से बातचीत</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="451" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Dhara-Hanuman-Chalisa-2.jpg" alt="" class="wp-image-72787" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Dhara-Hanuman-Chalisa-2.jpg 451w, https://www.patnanow.com/assets/2023/03/PNC_-Dhara-Hanuman-Chalisa-2-263x350.jpg 263w" sizes="auto, (max-width: 451px) 100vw, 451px" /><figcaption>स्टार सिंगर राज मोहन के साथ दायरा के इंडिया हेड देवेंद्र सिंह</figcaption></figure>



<p>भारत में दायरा म्यूजिक के प्रोडक्शन और मीडिया हेड देवेन्द्र सिंह के अनुसार अभी तक हनुमान चालीसा को इतने बृहत् और विस्तृत रूप में नही बनाया गया है. इसमें शामिल कलाकार पुरे विश्व के कोने-कोने से हैं. म्यूजिक और विडियो की गुणवत्ता का खासा ख्याल रखा गया है ताकि ये आज के वैश्विक परिपेक्ष्य में ये बेहतर साबित हो. पुरे प्रोजेक्ट में ये अचंभित करने वाला था की आज से लगभग डेढ़ सौ साल पहले भारत से विभिन्न उपनिवेशों में ले जाये गए भारतवंशियों के वंशज अपनी सभ्यता और संस्कृति को लेके इतने सजग और जागरूक हैं कि अपनी जड़ों से इतने दूर होने के बाद भी सबकुछ समेट के बचा रखे हैं. अभी भी अपनी सभ्यता संस्कृति को अपने सीने से लगा कर रखें है. मुख्य कलाकारों में राज मोहन, मानव–डी , शैलेश बहोरन और बाल कलाकार रिदा सिंह शामिल हैं. बाल कलाकार रिदा ने इसके पूर्व एक म्यूजिक वीडियो में भी काम किया था जो एक पिता-पुत्री के सम्बंध पर आधारित था. रिदा का भी जड़ आरा से जुड़ा है जो गोवा रहती है और उसकी यह अंतरष्ट्रीय स्तर पर पहली प्रस्तुति है.</p>



<p>अब देखना यह होगा कि सात समंदर पार से गिरमिटिया की चौथी और पांचवी पीढ़ी की पुकार को क्या पवन कुमार सुन पाते हैं? क्या अपने भव्य रूप में कोई करतब नवमी से पूर्व जागृत हो दिखाते हैं?</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>क्या ! ये सब बिहारी हैं!</title>
		<link>https://www.patnanow.com/kya-ye-sab-bihari-hain/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 Feb 2023 02:21:30 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[The biggest platform of Biharies]]></category>
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					<description><![CDATA[दुनिया भर से जुटे बिहारियों का सबसे बड़ा मंच बना GTRI GTRI 3.0 में जुटे देश के दिग्गज कहा &#8211; &#8220;भगवान और बिहारी हर जगह मिलते हैं&#8221; पटना, 25 फरवरी. बिहार की राजधानी पटना में रविवार को दो दिवसीय एक ऐसा कार्यक्रम का उद्घाटन हुआ जिसमें आने वाले सारे बिहारी ही थे. यही नही ये बिहारी देश में शीर्षस्थ कम्पनियों में अपने बेहतरीन काम के लिए ही नही बल्कि विश्व के कई देशों में अपने बेहतरीन काम के लिए जाने जाते हैं. जी हाँ हम बात कर रहे हैं GTRi (grand trunck Road Initiative) द्वारा आयोजित तीसरे साल के दो दिवसीय कार्यक्रम GTRI 3.0 की. GTRI 3.0 का शुभारंभ स्थानीय लेमन ट्री प्रीमियर होटल में रविवार को हुआ. 25-26 फरवरी तक चलने वाले देश के सबसे बड़े बिहारी प्रतिभाओं के इस कार्यक्रम के पहले दिन का उद्घाटन प्यूमा के प्रबंध निदेशक अभिषेक गांगुली, CNN की पॉलिटिकल एडिटर, फेमस न्यूज एंकर और जीडी गोईनिका अवार्ड से सम्मानित प्रसिद्ध पत्रकार मरिया शकील, लीगल पे के मास्टरमाइंड CEO कुंदन शाही, ड्रूल्‌स के CEO डॉ. शशांक सिन्हा, रिलायंस ट्रेंड फुटवियर के CEO कुमार नितेश,बजाज ग्रुप के वॉयस प्रेजिडेंट नीरज झा, डालमिया ग्रुप के जीएम राजेश कुमार, प्रोफेसर नागेंद्र शर्मा ने बतौर विशिष्ट अतिथि और GTRI के क्यूरेटर अदिति नन्दन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. आये हुए अतिथियों का स्वागत GTRI के क्यूरेटर अदिति नन्दन ने पुष्प गुच्छ देकर किया. पॉलिटिकल विल की वजह से नही बदल रहा बिहार कार्यक्रम के पहले दिन तीन सत्र हुए जिसमें पहले सत्र के वक्ता के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>दुनिया भर से जुटे बिहारियों का सबसे बड़ा मंच बना GTRI</strong></p>



<p><strong>GTRI 3.0 में जुटे देश के दिग्गज कहा &#8211; &#8220;भगवान और बिहारी हर जगह मिलते हैं&#8221;</strong></p>



<p>पटना, 25 फरवरी. बिहार की राजधानी पटना में रविवार को दो दिवसीय एक ऐसा कार्यक्रम का उद्घाटन हुआ जिसमें आने वाले सारे बिहारी ही थे. यही नही ये बिहारी देश में शीर्षस्थ कम्पनियों में अपने बेहतरीन काम के लिए ही नही बल्कि विश्व के कई देशों में अपने बेहतरीन काम के लिए जाने जाते हैं. जी हाँ हम बात कर रहे हैं GTRi (grand trunck Road Initiative) द्वारा आयोजित तीसरे साल के दो दिवसीय कार्यक्रम GTRI 3.0 की. GTRI 3.0 का शुभारंभ स्थानीय लेमन ट्री प्रीमियर होटल में रविवार को हुआ. 25-26 फरवरी तक चलने वाले देश के सबसे बड़े बिहारी प्रतिभाओं के इस कार्यक्रम के पहले दिन का उद्घाटन प्यूमा के प्रबंध निदेशक अभिषेक गांगुली, CNN की पॉलिटिकल एडिटर, फेमस न्यूज एंकर और जीडी गोईनिका अवार्ड से सम्मानित प्रसिद्ध पत्रकार मरिया शकील, लीगल पे के मास्टरमाइंड CEO कुंदन शाही, ड्रूल्‌स के CEO डॉ. शशांक सिन्हा, रिलायंस ट्रेंड फुटवियर के CEO कुमार नितेश,बजाज ग्रुप के वॉयस प्रेजिडेंट नीरज झा, डालमिया ग्रुप के जीएम राजेश कुमार, प्रोफेसर नागेंद्र शर्मा ने बतौर विशिष्ट अतिथि और GTRI के क्यूरेटर अदिति नन्दन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. आये हुए अतिथियों का स्वागत GTRI के क्यूरेटर अदिति नन्दन ने पुष्प गुच्छ देकर किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="285" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-14.jpg" alt="" class="wp-image-71830" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-14.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-14-350x153.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



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<p><strong>पॉलिटिकल विल की वजह से नही बदल रहा बिहार</strong></p>



<p>कार्यक्रम के पहले दिन तीन सत्र हुए जिसमें पहले सत्र के वक्ता के रूप <strong><em>अभिषेक गांगुली</em></strong> (प्यूमा इंडिया एन्ड साउथ एशिया के प्रबंध निदेशक), <strong><em>मारिया शकील</em></strong> पॉलिटिकल एडिटर और न्यूज एंकर CNN व लीगल पे फाउंडर और CEO <strong><em>कुंदन शाही</em></strong> रहे. पहले सत्र का विषय था- &#8216;<em><strong>बिहार द लैंड ऑफ ऑपर्चुनिटी.&#8217;</strong></em><br>पहले सत्र में जब विषय पर हुआ वाद-विवाद बड़ा ही रोचक हुआ जिसमें बिहार को संभावना और उसमें आने वाली दिक्कतों को बड़े ही तर्क के साथ वक्ताओं ने रखा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="290" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-3.jpg" alt="" class="wp-image-71818" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-3.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-3-350x156.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>विषय पर बात करते हुए अभिषेक गांगुली ने सबको गर्मजोशी से अभिवादन करते हुए कहा कि मैं बिहारी हूँ ये गौरव की बात है. उन्होंने कहा कि पटना हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण था मैं भागलपुर से हूँ और मेरे पिताजी देवघर में बढ़े थे और पटना कॉलेज से पढाई हुई थी. इसलिए मेरे लिए इमोशनल बात है. अगर ये पटना में नही होता तो मैं इस कार्यक्रम में नही आता. TNB कॉलेज में पढ़ने वाले अभिषेक ने कहा कि उनके समय मे 3 साल की डिग्री जगह 5 साल लग जाता था. पहले उन्हें डिफेंस करना पड़ा कि मैंने फेल नही किया बल्कि रिजल्ट ही लेट मिला है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="295" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-10.jpg" alt="" class="wp-image-71821" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-10.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-10-350x159.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि बिहारी टेडेंसी इज आउटस्टेंडिंग इसका रीजन है कयोंकि जब आपको कुछ नही मिलता है तो आप अंडर डॉग बन जाते हैं. जो टेंयूसीटी और रेजिलियेन्स बिहार में है वो कहीं नही है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="272" height="462" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-6.jpg" alt="" class="wp-image-71819" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-6.jpg 272w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-6-206x350.jpg 206w" sizes="auto, (max-width: 272px) 100vw, 272px" /></figure>



<p>हर जगह IAS और सिविल सर्विसेज की फैक्ट्री है यहां. यहाँ सबके ज्यादा उर्वर दिमाग है. साथ ही उन्होंने माना कि हमारे पास बहुत चैलेंज है. अगर रिसोर्स कम है तो सकरात्मक है काम और मेहनत के लिए. बिहार कास्ट की भूमि हो गया है यहाँ आपके नाम से पहले आपका कास्ट पूछा जाता है. बिहार इस द लैंड फ़ॉर इमेन्स अपॉरचुनिटी फ़ॉर न्यू कम्पनी. उन्होंने कहा कि इंटरप्रेनरशिप इज द हाईएस्ट पे ऑफ लीडरशिप.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="286" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-5.jpg" alt="" class="wp-image-71820" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-5.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-5-350x154.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>वही पटना से स्नातक करने वाली और फिर CNN के दिल्ली में काम करने वाली फेमस पत्रकार मारिया शकील ने कहा कि 17 साल 6 महीने काम के बाद भी मैं अपने जमीन से जुड़ी हूँ. अच्छा लगता है बिहारी कहलाना. यह मेरे पापा की कर्मभूमि है. उन्होंने कहा कि मैंने पूरे भारत के सभी राज्यों का भ्रमण किया है लेकिन इनमें बिहार कहीं का नही दिखता है. रायपुर और उदयपुर और बेहतर है. जब सरकारी लोगों से पूछा जाता है इसका कारण तो जवाब मिलता है लैंड लॉक है. उन्होंने कहा कि क्या यूपी नही है लैंड लॉक. हिमाचल और बिहार की सड़कों में जमीन आसमान का अंतर है. इसके पीछे उन्होंने अबसेन्सऑफ पोलिटिकल विल का होना बताया. मेरा गाँव मखदूम पुर है और वहां जाने में कई घण्टे लग जाते है. उन्होंने अपने टोकियो के जर्नी को याद करते हुए कहा कि चैन ऑफ रेस्टुरेंट टोकियो में मिला जहां बिहारी मिले और वे वहाँ अपने रेस्टोरेंट की वजह से जाने जाते हैं. लेकिन यह प्राइड कम हो रहा है कि जो पोलिटिकल एक्सेस में जाने जाते थे जो आज नही है. हम आज टाइम वॉर में फंसे हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="287" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-1.jpg" alt="" class="wp-image-71822" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-1-350x155.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>वही कुंदन शाही ने इस विषय पर बोलते हुए कहा कि अगर आप भूखे हैं तो आपका प्रॉब्लम भोजन हैं जब भजन मिकता है तो हमर 100 प्रॉब्लम और याद आता है. हमे सरकार से ज्यादा ही अपेक्षा है. हम दिल्ली या कहीं और जाते हैं तो रूल फॉलो करते हैं लेंकिन यहाँ नही करते हैं. यहाँ भाई होते हैं और बाहर भइया बन जाते हैं. हमें चनपटिया मॉडल पर ध्यान देने की जरूरत है. हमारे रोल मॉडल जो रहे हैं वे ठेकेदार रहे हैं, कभी बिजिनेस मैन नही रहा है. यहाँ धंधा करने वाले को अच्छे से पेश ही नही किया गया है.<br>उन्होंने कहा कि 1962 के बाद कोई सरकार स्थिर नही थी लेकिन लालू के आने के बाद स्थिरता आयी. 2000 के बाद चन्जेज आये हैं. पॉलिसी कहीं ना कहीं इसके पीछे एक बड़ा कारण है. लेकिन पिछले 30 सालों में कुछ चेंज हुए हैं. पिछले 10 सालों में धंधा करना आसान हो गया है. नए इंटरप्रेन्योर आये हैं. उन्होंने कहा कि कम से कम मैंने बियार्डा द्वारा 20 कम्पनियों को स्थापित होते देखा है. इस दौरान कई लोगों ने सवाल भी पूछे जिसका वक्ताओं ने उत्तर भी दिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="285" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-11.jpg" alt="" class="wp-image-71827" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-11.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-11-350x153.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इस सेशन में ऐड गुरु राज कुमार झा ने कहा कि 35 साल से नौकरी करने के बाद आज गॉंव में हूँ और दिल्ली से 17 घण्टे में गाँव आ जाता हूँ. ब्यूरोक्रेट्स अच्छे हैं ब्यूरोक्रेसी अच्छी नही है.</p>



<p>इस पर जवाब देते हुए मारिया शकील ने कहा कि कम्पेरेटिव स्टडी जब होती है तो लगता है कि हम पीछे हैं, तब दुख होता है. जब भी बिहार की बात होती है आज के पॉलिटिशियन की तुलना 15 साल पहले वाले पॉलिटिशियनप से होती है.</p>



<p>वही एक सज्जन ने पूछा कि हाऊ कैन वे चेंज दिस पोलिटिकल विल? जवाब मिला- समय लगेगा, जब हम आईडिया,सकरात्मक सोच, कुछ नया विचारों, बेकार की चीजों को अलग कर इसे बेहतर कर सकेंगे.</p>



<p>पॉलिटिकल विल (राजनीतिक इच्छा) पर जवाब करते हुए कुंदन शाह ने कहा कि दारू बन्द हो गया ये पॉलिटिकल विल है. अब इसके फायदे और घाटे अलग-अलग हो सकते हैं. दहेज पर पॉलिसी बनी लेकिन कितने लोग हैं जो उसे फॉलो करते हैं. इसलिए ये विल जरूरी है.</p>



<p><strong>इन्टरप्रेनरशिप ही लाएगा बदलाव बिहार में</strong></p>



<p>दूसरे सत्र में वक्ता के रूप में रिलायंस ट्रेंड फुटवियर के CEO कुमार नितेश, द्रुल्स के CEO डॉ शशांक सिन्हा, बजाज ग्रुप के जीएम नीरज कुमार, शार्क इंडिया के क्यूरेटर और दुबई रॉयल फैमिली के प्रेजेंटर रविरंजन शामिल हुए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="287" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-8.jpg" alt="" class="wp-image-71823" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-8.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-8-350x155.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p><strong>प्रभु और बिहारी कहीं भी मिलते हैं</strong></p>



<p>इस सत्र में बोलते हुए बेगूसराय में जन्में और पटना में पढ़ाई सम्पन्न करने वाले कुमार नितेश ने कहा कि अमूल से विजनेस की जर्नी स्टार्ट की. फिर शराब कंपनी में काम किया तो पिताजी ने कहा कि कंपनी चेंज करो नही तो शराब के नाम पर शादी नही होगी. फिर दूसरे कम्पनी में काम किया. बाटा के MD के रूप में थाईलैंड काम किया. लोग बिहारी कहते हैं तो अच्छा लगता है. हां मैं बिहारी हूँ. उन्होंने भारत के बाहर भी काम करते हुए बिहारियों को हर जगह पाया और कहा कि प्रभु और बिहारी कहीं भी मिलते हैं.</p>



<p>द्रुल्स के CEO डॉ शशांक सिन्हा ने एक सवाल -&#8216;कौन सा विद्द्या है जो बिना सरकार के बिना चल सके&#8217; का जवाब देते हुए कहा कि इन्वेस्टमेंट किस लेवल और किस कारण से चाहिए ये पहले जानना जरूरी है. बंगलोर में 8 किमी मोबिलिटी है फिर भी वहां ग्रोथ कैसे है. ये एक चैलेंज है. बैंकॉक से 7 फ्लाइट हर रोज बोधगया के लिए है पर बिहार में या देश मे क्यों नही है. पर्यटन के क्षेत्र बहुत बड़ा क्षेत्र है. हर बुद्धिज्म देश को इसके लिए तैयार करना होगा. हमने अपना इमेज खुद खराब किया है.</p>



<p>बजाज ग्रुप के नीरज कुमार ने कहा कि सहरसा के गांव से हूँ भागलपुर से कनेक्शन मेरा भी है. माता जी वहीं की हैं. पेशे से पत्रकार हैं.</p>



<p>रविरंजन क्यूरेटर शार्क इंडिया ने कहा कि PC नेटवर्क से लाइफ स्टार्ट किया. मीडिया हाउस से स्टार्ट किया. इन्टरप्रेनरशिप से स्टार्ट किया. जब मैंने स्टार्ट किया तो लोग इसको मानते नही थे. अब तो इसी का जमाना है. दुबई रॉयल फैमली के प्रेजेंटर बना. टीवी शो और फिल्मों से बहुत चीढ़ है क्योंकि इनलोगों अच्छी चीजें नही पेश किया. शार्क इंडिया स्टार्ट किया जो काफी पॉपुलर हुआ. इन्टरप्रेनरशिप ही है जो बदलाव ला सकता है. पलामु फ्लोराइड का गढ़ है पानी बेकार है लेकिन सरकार का ध्यान नही है. पॉलिसी नही बनी है इसलिए चीजे नही हो पा रही है.</p>



<p><strong>अगले 10 सालों में पर्यटन,कृषि और नई कम्पनियों के लिए सम्भावनाओं से भरा हैं बिहार</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="288" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-9.jpg" alt="" class="wp-image-71824" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-9.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-9-350x155.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>तीसरे सत्र का विषय रहा -&#8216;<strong>इंटरप्रेनरशिप एंड ऐन आईडिया टू ग्रोन.&#8217;</strong> इसके लिए पैनल में जीविका के हेड, IAS राहुल कुमार, ज्योति भारद्वाज फाउंडर टिफिट इंडिया ऑफ शार्क टैंक,राज कुमार झा, क्रिएटिव, रेडियो मधुबनी<br>अमरेंद्र सिंह फाउंडर देहात, ग्लोबल ब्यूटी सीक्रेट्स की संस्थापक/सीईओ ऐश्वर्या नीर शामिल हुए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-12.jpg" alt="" class="wp-image-71826" width="365" height="159" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-12.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-12-350x153.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 365px) 100vw, 365px" /></figure>



<p>विषय पर बात करते हुए जीविका के CEO, IAS <strong><em>राहुल कुमार </em></strong>ने सभी पैनेलिस्टों और आये लोगों का स्वगत किया. 2011 बैच के IAS, जीविका के साथ जन जीवन हरियाली के भी मिशन डायरेक्टर हैं. उन्होंने कहा कि जीविका महिलाओं पर काम करने वाली दुनिया की सबसे बड़ी संस्था है. जिसमें 1 करोड़ 30 लाख महिलाएँ जुड़ी हैं. जहां एक परिवार से सिर्फ एक ही महिला आती है. मतलब लगभग 6.5 करोड़ परिवार से जीविका जुड़ा हुआ है.</p>



<p>शार्क टैंक से चर्चा में आयी टिफिट इंडिया की फाउंडर <strong><em>ज्योति भारद्वाज</em></strong> ने पैनल में बुलाने के लिए सबका आभार व्यक्त करते हुए कहा इस कार्यक्रम से बेटर नरेशन मैंने आज तक नही देखा. मुम्बई में रहती हूँ. मै बिहार से हूँ ये कहना अच्छा लगता है मैं गर्व से कहती हूँ शार्क टैंक में भी जब गयी तो मैंने शान से कहा कि बिहारी हूँ.</p>



<p><strong>ऑगलीवियो के क्रिएटिव डायरेक्टर ऐड गुरु और रेडियो मधुबनी </strong>पर अपनी आवाज के लिए जाने जाने वाले <strong>राज कुमार झा</strong> ने कहा कि हम कुछ भी बेच लेते हैं. साबुन,तेल, नमक,पेपर कपड़ा कुछ भी. उन्होंने माहौल को बड़ा ही सरल बनाते हुए बताया कि वे बचपन मे घर से भाग गए थे. बहुत कुछ किया जो किया अपने आप से मेहनत कर किया. पिछले 5 साल से गांव में हूँ. कुछ भी करता हूँ खेती बारी, लिखना,विजनेस, एडवर्टिजमेंट आदि. मैं एडवरटाइजिंग वाला आदमी हूँ जी. टेढ़ा है पर मेरा है ये हम जानते हैं. इंटरप्रेनरशिप के बारे में बता दूं कि हमारे यहाँ बिजनेस का सेंस ही नही है. कोई आइडिया सोच भी ले तो परिवार वाले को लगता है कि इसको भूत पकड़ लिया है. उन्होंने बताया कि पिताजी ब्युरोकेट्स थे लेकिन ऑफिस जाते बहुत कम देखा था. हम जब रात-रात भर एडवरटाइजिंग में गायब रहते तो वे पूछा करते थे कि कौन सा काम करता है जो रातभर गायब रहता है. सोशल असेप्टेन्स नही है हमारे यहाँ बिजनेस का. उन्होंने कहा कि अब एग्रीकल्चर में इन्फॉर्मेशन कौन समझेगा? किसान हैं भाई, हिंदी चाहिए वो अंग्रेजी नही जानते.</p>



<p>11 लाख उद्यमियों और किसान इससे जुड़े <strong>अमरेंद्र सिंह फाउंडर देहात </strong>ने बताया कि 2011 से शुरू हुई कंपनी. कंप्यूटर साइंस से फायदा नही हुआ. हम पांच हैं इस कंपनी में और सभी ने पढ़ाई की है कहीं-कहीं से. उन्होंने शुरुआती दिनों की याद करते हुया बताया कि पैसे नही थे घर वाले नौकरी छोड़ने पर नाराज थे. सलाह देने वाली काफी कम्पनियां तो जाती थी किसानों के पास लेकिन किसानों की समस्या से किसी को कोई वास्ता नही था. हमने उनकी खेती को आसान करने के लिए सोचा. इसमें तकनीक को आजमाया.. डेढ़ लाख जगह तक पहुंच है. छोटे लोगों को आज चेंज किया. सपना है किसान के खेती को आसान करना. 300 बिलियन का एग्रीकल्चर का धंधा है..14 करोड़ किसान हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="287" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-13.jpg" alt="" class="wp-image-71828" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-13.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-13-350x155.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>ऐश्वर्या नीर, ग्लोबल ब्यूटी सीक्रेट्स की संस्थापक/सीईओ ने कहा कि ऐश्वर्या हेल्थ केयर बिहारियो का एक ब्रांड है 2006 में शुरू हुआ था. जिसमें बहुत ही बिहारी लोग जुड़े हैं. फिर मैंने अपना कम्पनी शुरू की जो शहनाज हुसैन के बाद मेरी दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है. उन्होंने हर्बल ब्यूटी को ग्लोबल बनाया है. उन्होंने कहा कि इंडिया मदर है और बिहार ग्रैंड मदर है. बिहार को उसका हक मिलना चाहिए. मीडिया में थी CNBC में तो बिजनेस तो देखती रहती थी. बहुत सारे बिजनेस को सीखा देखा और बचपन से बिजनेस को देखते आयी इसलिए कुछ करने की ठाना.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="291" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one.jpg" alt="" class="wp-image-71825" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_GTRI3-day-one-350x157.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>कार्यक्रम का शानदार मंच संचालन शैलेश कुमार ने किया. आयोजन को आयोजित करने वालों में क्यूरेटर अदिति नन्दन, वैशाली श्वेता, प्रत्यूष गौरव, देवेन्द्र सिंह, संध्या नंदन, दिव्यम आर्यन,राहुल कुशवाहा, और निखिल कुमार की विशेष भूमिका रही. दूसरे दिन भी तीन सत्र में कई नामी चेहरे देखने को मिलेंगे. तीन सत्र के बाद कार्यक्रम का समापन होगा.</p>



<p>पटना से<strong> ओ पी पाण्डेय</strong> की रिपोर्ट</p>
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