<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Deepawali &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<atom:link href="https://www.patnanow.com/tag/deepawali/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<description>Patna News Portal - हर ख़बर पर नज़र</description>
	<lastBuildDate>Sat, 22 Oct 2022 03:54:10 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.6.1</generator>

<image>
	<url>https://www.patnanow.com/assets/2022/08/cropped-PatnaNow_Logo_2022-32x32.png</url>
	<title>Deepawali &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>धनतेरस पर नमक जरूर खरीदें, दूर होगी दरिद्रता, चमकेगी किस्मत</title>
		<link>https://www.patnanow.com/must-buy-salt-on-dhanteras-poverty-will-go-away-your-luck-will-shine/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 22 Oct 2022 03:47:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[सुख समृद्धि]]></category>
		<category><![CDATA[Deepawali]]></category>
		<category><![CDATA[dhateras salt]]></category>
		<category><![CDATA[jhadu]]></category>
		<category><![CDATA[salt]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=67885</guid>

					<description><![CDATA[धनतेरस को त्रयोदशी और धन्वंतरि जंयती भी कहते हैं. मान्यताओं के अनुसार, भगवान धन्वंतरि की उत्पत्ति समुद्र मंथन के दौरान हुई थी. जब वे प्रकट हुए थे तो उनके हाथ में अमृत से भरा कलश भी मौजूद था. इसी कारण धनतेरस के दिन बर्तन खरीदने की परंपरा है, जो बेहद शुभ भी माना जाता है. धनतेरस के दिन से ही रोशनी के त्योहार दीपावली की भी शुरुआत हो जाती है. धनतेरस पर सोना, चांदी, कई तरह के शुभ धातुओं जैसे पीतल, तांबा आदि के बर्तन, धनिया, झाड़ू, गोमती चक्र आदि खरीदना तो शुभ माना ही गया है, लेकिन इस दिन नमक भी अवश्य खरीदना चाहिए. आइए जानते हैं क्यों खरीदना चाहिए धनतेरस पर नमक और इससे क्या-क्या उपाय किए जाते हैं. धनतेरस पर नमक खरीदने का महत्व श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ. मृत्युञ्जय तिवारी के अनुसार, धनतेरस के दिन नमक खरीद कर घर लाने से धन लाभ होता है. घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है. यदि आप धनतेरस के लिए शॉपिंग करने वाले हैं तो एक पैकेट नमक का भी अवश्य खरीदें. इस नमक को ही भोजन में इस्तेमाल करें. ऐसा करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं. मान्यता है कि यदि दीपावली के दिन घर में नमक वाले पानी से पूरे घर में पोछा लगाया जाए, तो दुख, गरीबी, दरिद्रता, नकारात्मकता दूर होती है. धनतेरस पर नमक से करें ये उपाय -धनतेरस के शुभ अवसर पर आप नमक का नया पैकेट खरीदें और उसका ही इस्तेमाल करें. इससे घर की आर्थिक स्थिति अच्छी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="433" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/salt.png" alt="" class="wp-image-67886" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/salt.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/10/salt-350x233.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>धनतेरस को त्रयोदशी और धन्वंतरि जंयती भी कहते हैं. मान्यताओं के अनुसार, भगवान धन्वंतरि की उत्पत्ति समुद्र मंथन के दौरान हुई थी. जब वे प्रकट हुए थे तो उनके हाथ में अमृत से भरा कलश भी मौजूद था. इसी कारण धनतेरस के दिन बर्तन खरीदने की परंपरा है, जो बेहद शुभ भी माना जाता है. धनतेरस के दिन से ही रोशनी के त्योहार दीपावली की भी शुरुआत हो जाती है. धनतेरस पर सोना, चांदी, कई तरह के शुभ धातुओं जैसे पीतल, तांबा आदि के बर्तन, धनिया, झाड़ू, गोमती चक्र आदि खरीदना तो शुभ माना ही गया है, लेकिन इस दिन नमक भी अवश्य खरीदना चाहिए. आइए जानते हैं क्यों खरीदना चाहिए धनतेरस पर नमक और इससे क्या-क्या उपाय किए जाते हैं.</p>



<p><strong>धनतेरस पर नमक खरीदने का महत्व</strong></p>



<p>श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ. मृत्युञ्जय तिवारी के अनुसार, धनतेरस के दिन नमक खरीद कर घर लाने से धन लाभ होता है. घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है. यदि आप धनतेरस के लिए शॉपिंग करने वाले हैं तो एक पैकेट नमक का भी अवश्य खरीदें. इस नमक को ही भोजन में इस्तेमाल करें. ऐसा करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं. मान्यता है कि यदि दीपावली के दिन घर में नमक वाले पानी से पूरे घर में पोछा लगाया जाए, तो दुख, गरीबी, दरिद्रता, नकारात्मकता दूर होती है.</p>



<p><strong>धनतेरस पर नमक से करें ये उपाय</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="344" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/salt-solution-these-dhanteras-650x344.jpg" alt="" class="wp-image-67887" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/salt-solution-these-dhanteras-650x344.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/10/salt-solution-these-dhanteras-350x185.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2022/10/salt-solution-these-dhanteras.jpg 700w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<figure class="wp-block-pullquote"><blockquote><p>-धनतेरस के शुभ अवसर पर आप नमक का नया पैकेट खरीदें और उसका ही इस्तेमाल करें. इससे घर की आर्थिक स्थिति अच्छी होती है. धन में इजाफा होता है.</p><p>-इस दिन घर के उत्तर और पूर्व दिशा में कोने में एक शीशे की कटोरी में थोड़ा सा नमक डालकर रख देने से दरिद्रता दूर होती है. धीरे-धीरे आर्थिक स्थिति बेहतर होने लगती है.</p><p>-घर से नकारात्मकता को दूर करने के लिए इस दिन पूरे घर में नमक वाले पानी से पोछा भी लगाने की मान्यता है. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है.</p><p>-यदि आपकी शादीशुदा जिंदगी में कोई अनबन चल रही है, किसी प्रकार का तनाव है तो रात में अपने कमरे में किसी कोने में थोड़ा सा सेंधा या सफेद नमक रख दें. इससे सारे लड़ाई-झगड़े कम हो जाएंगे और आपके बीच आपसी प्यार और स्नेह बढ़ेगा.</p><p>-धनतेरस के दिन आप घर के छोटे बच्चे को नमक वाले पानी से स्नान कराएं, इससे आपका बच्चा और घर किसी की बुरी नज़र से बचा रहेगा. बच्चे की सेहत भी अच्छी रहेगी.</p><p>-यदि आपका बिजनेस फल-फूल नहीं रहा है, लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है तो नमक को अपने हाथों में लें और उसे अपने सिर पर कम से कम तीन बार घुमाकर अपने शॉप के बाहर फेंक दें. ऐसा करने से व्यापार में तरक्की होनी शुरू हो जाएगी. आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर होने लगेगी.</p></blockquote></figure>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>धनतेरस पर झाड़ू खरीदना है तो भूलकर भी न करें ऐसी गलतियां</title>
		<link>https://www.patnanow.com/if-you-want-to-buy-a-broom-on-dhanteras-dont-make-such-mistakes/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[pnc]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 21 Oct 2022 03:01:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[सुख समृद्धि]]></category>
		<category><![CDATA[Deepawali]]></category>
		<category><![CDATA[dhanteras]]></category>
		<category><![CDATA[dhanvantari]]></category>
		<category><![CDATA[diwali]]></category>
		<category><![CDATA[jhadu]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=67852</guid>

					<description><![CDATA[नई झाड़ू को किचन या बेडरूम के अंदर न रखें पलंग के नीचे या पैसों की अलमारी के आस-पास न रखें धनतेरस के दिन माता लक्ष्मी, धन कुबेर और धनवंतरी की पूजा का विधान है. इस दिन सोना-चांदी, बर्तन धनिया और गोमती चक्र जैसी चीजों खरीदने शुभ माना जाता है. इसके अलावा, धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदना भी बहुत अच्छा माना जाता है. कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस मनाया जाता है. धनतेरस के दिन माता लक्ष्मी, धन कुबेर और धनवंतरी की पूजा का विधान है. इस दिन सोना-चांदी, बर्तन धनिया और गोमती चक्र जैसी चीजों को खरीदना शुभ माना जाता है. इसके अलावा, धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदना भी बहुत अच्छा होता है. कहते हैं कि धन त्रयोदशी पर झाड़ू खरीदने से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं. इस दिन झाड़ू खरीदते वक्त कुछ विशेष गलतियां करने से बचना चाहिए. कैसी झाड़ू खरीदें- धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने से आर्थिक संपन्नता बढ़ती है. लेकिन इस दिन यूं ही कोई भी झाड़ू न खरीद लाएं. इस दिन केवल और केवल सीक या फूल वाली झाड़ू ही खरीदें. नई झाड़ू को किचन या बेडरूम के अंदर न रखें. इसे पलंग के नीचे या पैसों की अलमारी के आस-पास न रखें. घनी झाड़ू खरीदें- झाड़ू खरीदते वक्त ध्यान रहे कि वो पतली या मुरझाई सी न हों. उसकी तीलियां अच्छी कंडीशन में होनी चाहिए और ये जितनी ज्यादा घनी होगी, उतना अच्छा होगा. इसकी तीलियां टूटी नहीं होनी चाहिए. इसकी तीलियां साफ-सुथरी और मजबूत होनी चाहिए. लाभ प्लास्टिक वाली [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p></p>



<p><strong>नई झाड़ू को किचन या बेडरूम के अंदर न रखें</strong></p>



<p><strong>पलंग के नीचे या पैसों की अलमारी के आस-पास न रखें</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="650" height="438" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/1_2017070113200623.jpg" alt="" class="wp-image-67853" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/1_2017070113200623.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/10/1_2017070113200623-350x236.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p class="has-vivid-green-cyan-color has-text-color"><strong>धनतेरस के दिन माता लक्ष्मी, धन कुबेर और धनवंतरी की पूजा का विधान है. इस दिन सोना-चांदी, बर्तन धनिया और गोमती चक्र जैसी चीजों खरीदने शुभ माना जाता है. इसके अलावा, धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदना भी बहुत अच्छा माना जाता है.</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="371" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/jhadu-650x371.jpg" alt="" class="wp-image-67854" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/jhadu-650x371.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/10/jhadu-350x200.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2022/10/jhadu.jpg 700w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस मनाया जाता है. धनतेरस के दिन माता लक्ष्मी, धन कुबेर और धनवंतरी की पूजा का विधान है. इस दिन सोना-चांदी, बर्तन धनिया और गोमती चक्र जैसी चीजों को खरीदना शुभ माना जाता है. इसके अलावा, धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदना भी बहुत अच्छा होता है. कहते हैं कि धन त्रयोदशी पर झाड़ू खरीदने से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं. इस दिन झाड़ू खरीदते वक्त कुछ विशेष गलतियां करने से बचना चाहिए.</p>



<p class="has-luminous-vivid-orange-color has-text-color"><strong>कैसी झाड़ू खरीदें- धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने से आर्थिक संपन्नता बढ़ती है. लेकिन इस दिन यूं ही कोई भी झाड़ू न खरीद लाएं. इस दिन केवल और केवल सीक या फूल वाली झाड़ू ही खरीदें. नई झाड़ू को किचन या बेडरूम के अंदर न रखें. इसे पलंग के नीचे या पैसों की अलमारी के आस-पास न रखें.</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/images.jpg" alt="" class="wp-image-67855" width="752" height="451"/></figure>



<p class="has-vivid-purple-color has-text-color"><strong>घनी झाड़ू खरीदें- झाड़ू खरीदते वक्त ध्यान रहे कि वो पतली या मुरझाई सी न हों. उसकी तीलियां अच्छी कंडीशन में होनी चाहिए और ये जितनी ज्यादा घनी होगी, उतना अच्छा होगा. इसकी तीलियां टूटी नहीं होनी चाहिए. इसकी तीलियां साफ-सुथरी और मजबूत होनी चाहिए.</strong></p>



<p class="has-vivid-red-color has-text-color">लाभ</p>



<p>प्लास्टिक वाली झाड़ू- धनतेरस के दिन प्लास्टिक की झाड़ू खरीदने से बचें. इस शुभ अवसर पर प्लास्टिक का सामान खरीदने से भी बचना चाहिए. प्लास्टिक एक अशुद्ध धातु है, जिसकी धनतेरस पर खरीदारी नहीं करनी चाहिए. धनतेरस पर अशुद्ध धातु की खारीदारी फलदायी नहीं मानी जाती है. झाड़ू लाने के बाद क्या करें- धनतेरस पर नई झाड़ू लाने के बाद उसका सीधे प्रयोग न करने लगें. पहले पुरानी झाड़ू की पूजा करें. फिर नई झाड़ू को कुमकुम और अक्षत अर्पित करें. इसके बाद ही इसका इस्तेमाल शुरू करें.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="540" height="403" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/dhateras.png" alt="" class="wp-image-67856" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/10/dhateras.png 540w, https://www.patnanow.com/assets/2022/10/dhateras-350x261.png 350w" sizes="(max-width: 540px) 100vw, 540px" /></figure>



<p class="has-vivid-red-color has-text-color">धनतेरस की पूजा विधि</p>



<p>शाम को उत्तर दिशा की ओर कुबेर और धनवंतरी की स्थापना करें. दोनों के सामने घी का एकमुखी दीपक जलाएं. कुबेर को सफेद मिठाई और धन्वंतरी को पीली मिठाई चढ़ाएं. पहले &#8220;ॐ ह्रीं कुबेराय नमः&#8221; का जाप करें. फिर &#8221; धन्वंतरी स्तोत्र&#8221; का पाठ करें और प्रसाद खाएं. दिवाली के दिन कुबेर को धन स्थान पर रखें. धनवंतरी को पूजा वाली जगह पर स्थापित करें.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>दीपावली महापर्व पर श्री महालक्ष्मी पूजन के श्रेष्ठ मुहूर्त</title>
		<link>https://www.patnanow.com/deepawali-ke-shubh-muhurat/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nikhil]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 06 Nov 2018 22:30:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[सुख समृद्धि]]></category>
		<category><![CDATA[Deepawali]]></category>
		<category><![CDATA[diwali]]></category>
		<category><![CDATA[Shubh Muhurat]]></category>
		<category><![CDATA[दीपावली]]></category>
		<category><![CDATA[श्री महालक्ष्मी पूजन के श्रेष्ठ मुहूर्त]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=36653</guid>

					<description><![CDATA[7 नवंबर 2018 बुधवार श्री शुभ संवत 2075 कार्तिक कृष्ण अमावस्या बुधवार दिनांक 7 नवंबर 2018 को सायंकाल सूर्यास्त समय 5:42 से रात्रि में 8:17 तक शास्त्र सम्मत स्पष्ट प्रदोष काल में महालक्ष्मी पूजन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त है. धर्म सिंधु के अनुसार &#8212; प्रदोषे दीपदानं लक्ष्मीपूजनादि विहितम्. इस प्रदोष काल के समय में शाम 6:11 से 8:09 तक वृषभ स्थिर लग्न में श्री महालक्ष्मी पूजन का विशिष्ट महत्व है. अन्य स्थिर लग्न में वृश्चिक लग्न प्रातः 7:21 से 9:00 बज कर 36 मिनट तक तथा सिंह लग्न मध्य रात्रि में 12:00 बज कर 39 मिनट से 2:51 तक रहेगा. चौघड़िया के मान से प्रातः 6:39 से 8:02 तक लाभ प्रातः 8:03 से 9:25 तक अमृत दिन में 10:48 से 12:01 तक शुभ का चौघड़िया रात्रि में 7:19 से 8:56 तक शुभ तथा रात्रि 8:57 से 10:33 तक अमृत का चौघड़िया रहेगा. शास्त्र प्रमाणित होरा को भी पूजन व अन्य शुभ कार्यों में प्रशस्त माना गया है तदनुसार प्रातः काल 6:39 से 8:37 तक बुध चंद्र की होरा दिन में 9:39 से 10:38 तक गुरु की होरा दिन में 12:00 बजकर 39 मिनट से 3:38 तक शुक्र बुध चंद्र की होरा सायंकाल 4:39 से 5:38 तक गुरु की होरा एवं रात्रि में 7:39 से 10:38 तक शुक्र बुध चंद्र की होरा रहेगी. ऊपर लिखित किसी भी लग्न चौघड़िया होरा के मुहूर्त समय में अपनी कुल परंपरा अनुसार श्रद्धा भक्ति तथा प्रसन्न चित्त होकर सहपरिवार महालक्ष्मी पूजन करें मध्य रात्रि निशिथ काल का समय 11:46 से 12:38 तक है जिसमें महालक्ष्मी की [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><figure id="attachment_36654" aria-describedby="caption-attachment-36654" style="width: 650px" class="wp-caption aligncenter"><img loading="lazy" decoding="async" class="size-full wp-image-36654" src="https://www.patnanow.com/assets/2018/11/Untitled-1-copy.png" alt="" width="650" height="366" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2018/11/Untitled-1-copy.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2018/11/Untitled-1-copy-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption id="caption-attachment-36654" class="wp-caption-text">श्री महालक्ष्मी पूजन के श्रेष्ठ मुहूर्त</figcaption></figure></p>
<p>7 नवंबर 2018 बुधवार श्री शुभ संवत 2075 कार्तिक कृष्ण अमावस्या बुधवार दिनांक 7 नवंबर 2018 को सायंकाल सूर्यास्त समय 5:42 से रात्रि में 8:17 तक शास्त्र सम्मत स्पष्ट प्रदोष काल में महालक्ष्मी पूजन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त है.<br />
<span style="text-decoration: underline;"><strong>धर्म सिंधु के अनुसार</strong></span> &#8212;<br />
प्रदोषे दीपदानं लक्ष्मीपूजनादि विहितम्.<br />
इस प्रदोष काल के समय में शाम 6:11 से 8:09 तक वृषभ स्थिर लग्न में श्री महालक्ष्मी पूजन का विशिष्ट महत्व है.<br />
अन्य स्थिर लग्न में<strong> वृश्चिक लग्न</strong> प्रातः 7:21 से 9:00 बज कर 36 मिनट तक<br />
तथा <strong>सिंह लग्न</strong> मध्य रात्रि में 12:00 बज कर 39 मिनट से 2:51 तक रहेगा.<br />
<span style="text-decoration: underline;"><strong>चौघड़िया के मान से</strong> </span><br />
प्रातः 6:39 से 8:02 तक <strong>लाभ</strong><br />
प्रातः 8:03 से 9:25 तक <strong>अमृत</strong><br />
दिन में 10:48 से 12:01 तक<strong> शुभ</strong> का चौघड़िया<br />
रात्रि में 7:19 से 8:56 तक <strong>शुभ</strong><br />
तथा<br />
रात्रि 8:57 से 10:33 तक <strong>अमृत</strong> का चौघड़िया रहेगा.<br />
शास्त्र प्रमाणित होरा को भी पूजन व अन्य शुभ कार्यों में प्रशस्त माना गया है तदनुसार प्रातः काल 6:39 से 8:37 तक बुध चंद्र की होरा<br />
दिन में 9:39 से 10:38 तक गुरु की होरा दिन में 12:00 बजकर 39 मिनट से 3:38 तक शुक्र बुध चंद्र की होरा सायंकाल 4:39 से 5:38 तक गुरु की होरा एवं रात्रि में 7:39 से 10:38 तक शुक्र बुध चंद्र की होरा रहेगी.<br />
ऊपर लिखित किसी भी लग्न चौघड़िया होरा के मुहूर्त समय में अपनी कुल परंपरा अनुसार श्रद्धा भक्ति तथा प्रसन्न चित्त होकर सहपरिवार महालक्ष्मी पूजन करें मध्य रात्रि निशिथ काल का समय 11:46 से 12:38 तक है जिसमें महालक्ष्मी की उपासना जप हवन आदि के लिए श्रेयस्कर होगा.<br />
उपर्युक्त समय अवधि में से किसी भी मुहूर्त काल में अपनी सुविधा एवं कुल परंपरा अनुसार शास्त्रोंक्त पद्धति से श्रद्धा अनुसार यथा विधि श्री गणेश महाकाली (मूर्ति कलम स्याही) महालक्ष्मी (मूर्ति श्री यंत्र आदि) कुबेर इंद्र तथा महासरस्वती (मूर्ति पुस्तक बहीखाता आदि) का पूजन अर्चन जप व पाठ आदि श्रद्धा भक्ति पूर्वक संपन्न करें दीपावली के शुभ अवसर पर श्री महालक्ष्मी मूर्ति अथवा चित्र आदि का ही पूजन करें सोना चांदी की मुद्रा तथा रुपैया नोटों की पूजा शास्त्र के विरुद्ध है मुद्रा तो श्री महालक्ष्मी का प्रसाद अनुग्रह है.<br />
जैसा कि शास्त्रों में स्पष्ट उल्लेख है &#8212;<br />
<em><strong>प्रायः दीपमाला वसरे लोका: रजत स्वर्ण मुद्रा रुप्यादी पूजयन्ति तत्र सम्यक शास्त्र विरुद्धत्वात अत्राभिष्टा वर्तते श्री लक्ष्मी पूजा सा च मूर्ति विधाय तदैव श्रेयस्करम्.</strong></em> ( कर्मठ गुरु)<br />
आजकल महालक्ष्मी महासरस्वती आदि की छाप वाले चांदी के सिक्के उपलब्ध है इनका भी पूजन किया जा सकता है.<br />
<span style="color: #800000;"><strong>विशेष &#8211;</strong></span><br />
<em>प्रदोष समय लक्ष्मी पूजनानि कृत्वा भोजनं कार्यम्।</em><br />
<em>अत्र दर्शे बाल वृद्धादिर्भिन्ने दिवा न भोक्तव्यम् रात्रौ भोक्तव्यम्।।</em> (धर्मसिंधु)<br />
बाल वृद्ध को छोड़कर अन्य आस्तिक जनों को लक्ष्मी पूजन के दिन में भोजन नहीं करना चाहिए लक्ष्मी पूजा होने के बाद रात्रि में भोजन करना चाहिए.</p>
<p>जय श्री महाकाल<br />
ज्योतिषाचार्य पंडित अजय दुबे, उज्जैन</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
