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		<title>फरमान: हर महीने चार अंचलों का निरीक्षण करेंगे डीसीएलआर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 14 Aug 2026 14:40:18 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[&#8216;अंचल कार्यालयों की कार्यप्रणाली की होगी गहन समीक्षा&#8217; पटना : नवपदस्थापित 47 भूमि सुधार उप समाहर्ता के पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन के मौके पर राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने अधिकारियों को राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सभी डीसीएलआर प्रत्येक माह कम-से-कम चार अंचलों का नियमित एवं प्रभावी निरीक्षण करेंगे. मंत्री ने कहा कि अंचल कार्यालयों का निरीक्षण केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए. डीसीएलआर निरीक्षण के दौरान कार्यालय की पूरी कार्यप्रणाली, लंबित मामलों, राजस्व कर्मचारियों, अमीन एवं डेटा एंट्री ऑपरेटरों के कार्यों की गुणवत्ता तथा रिपोर्टिंग की समीक्षा करें. गलत या कमजोर रिपोर्टिंग को गंभीरता से लेते हुए उसके कारणों की पहचान कर सुधार सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारियों की जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनके निर्णय का सीधा प्रभाव आम लोगों के जीवन और संपत्ति पर पड़ता है. इसलिए अधिकारियों को कानून के अनुरूप न्यायपूर्ण, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निर्णय लेना होगा. किसी भी प्रकार के दबाव में आकर गलत निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए. ‘आमजन में विभाग का विश्वास स्थापित करने की जिम्मेवारी आपकी’ विभाग के सचिव जय सिंह ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रति आमजन का विश्वास और मजबूत करने की सबसे बड़ी जिम्मेवारी फील्ड के अधिकारियों की है. उन्होंने कहा कि आम नागरिक के लिए राजस्व कार्यालय और वहां कार्यरत अधिकारी ही सरकार का प्रत्यक्ष चेहरा होते हैं. इसलिए अधिकारी का व्यवहार, निर्णय और कार्यप्रणाली ही [&#8230;]]]></description>
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<p>&#8216;<strong>अंचल कार्यालयों की कार्यप्रणाली की होगी गहन समीक्षा&#8217; </strong></p>



<p>पटना : नवपदस्थापित 47 भूमि सुधार उप समाहर्ता के पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन के मौके पर राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने अधिकारियों को राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सभी डीसीएलआर प्रत्येक माह कम-से-कम चार अंचलों का नियमित एवं प्रभावी निरीक्षण करेंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075296-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98528" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075296-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075296-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075296-1536x1023.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मंत्री ने कहा कि अंचल कार्यालयों का निरीक्षण केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए. डीसीएलआर निरीक्षण के दौरान कार्यालय की पूरी कार्यप्रणाली, लंबित मामलों, राजस्व कर्मचारियों, अमीन एवं डेटा एंट्री ऑपरेटरों के कार्यों की गुणवत्ता तथा रिपोर्टिंग की समीक्षा करें. गलत या कमजोर रिपोर्टिंग को गंभीरता से लेते हुए उसके कारणों की पहचान कर सुधार सुनिश्चित किया जाए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075293-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98532" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075293-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075293-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075293-1536x1023.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारियों की जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनके निर्णय का सीधा प्रभाव आम लोगों के जीवन और संपत्ति पर पड़ता है. इसलिए अधिकारियों को कानून के अनुरूप न्यायपूर्ण, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निर्णय लेना होगा. किसी भी प्रकार के दबाव में आकर गलत निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए.</p>



<p>‘<strong>आमजन में विभाग का विश्वास स्थापित करने की जिम्मेवारी आपकी’</strong></p>



<p>विभाग के सचिव जय सिंह ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रति आमजन का विश्वास और मजबूत करने की सबसे बड़ी जिम्मेवारी फील्ड के अधिकारियों की है. उन्होंने कहा कि आम नागरिक के लिए राजस्व कार्यालय और वहां कार्यरत अधिकारी ही सरकार का प्रत्यक्ष चेहरा होते हैं. इसलिए अधिकारी का व्यवहार, निर्णय और कार्यप्रणाली ही विभाग की छवि तय करती है.<br>उन्होंने कहा कि एक अधिकारी का सही और पारदर्शी निर्णय विभाग के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ा सकता है, जबकि एक गलत या लापरवाहीपूर्ण निर्णय वर्षों में अर्जित विश्वास को प्रभावित कर सकता है. इसलिए प्रत्येक अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि आम लोगों को अपने काम के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े और उन्हें निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण सेवा मिले.<br>श्री जय सिंह ने कहा कि अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी को केवल नौकरी या पद के रूप में नहीं, बल्कि जनसेवा और न्याय सुनिश्चित करने के अवसर के रूप में देखना चाहिए.</p>



<p><strong>लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन करना प्राथमिकता</strong></p>



<p>मंत्री डॉ. जायसवाल ने राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि पक्षकारों को सुनने के बाद कानून के अनुरूप स्पष्ट कारणों के साथ निर्णय दिया जाए. विशेष रूप से अंचल अधिकारियों के निर्णय में परिवर्तन करते समय उचित कानूनी आधार और स्पष्ट रीजनिंग जरूरी है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075295-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98534" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075295-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075295-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075295-1536x1023.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>उन्होंने सभी राजस्व कार्यों की ऑनलाइन एंट्री उसी दिन सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि डिजिटल माध्यम से कार्य करने से पारदर्शिता बढ़ेगी और आम लोगों का विभाग पर विश्वास मजबूत होगा.<br><strong>निरीक्षण में कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की भी होगी समीक्षा</strong>7<br>डॉ. जायसवाल ने कहा कि डीसीएलआर निरीक्षण के दौरान राजस्व कर्मचारियों और अमीनों की रिपोर्टिंग की गुणवत्ता, कार्यभार, लंबित कार्यों तथा उनके समक्ष आ रही समस्याओं की भी समीक्षा करें. जहां कमी मिले, वहां केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन भी दिया जाए.<br>उन्होंने कहा कि राजस्व प्रशासन एक पूरी व्यवस्था है और प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी का ईमानदारी से निर्वहन जरूरी है. किसी एक स्तर की लापरवाही का असर पूरी व्यवस्था पर पड़ता है. विभाग मानव संसाधन की कमी दूर करने तथा कर्मचारियों, डेटा एंट्री ऑपरेटरों एवं अन्य स्तरों की समस्याओं के समाधान के लिए भी काम कर रहा है. मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तकनीकी या प्रशासनिक कठिनाई होने पर विभागीय विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन लें, लेकिन कानून और प्रक्रिया के विपरीत किसी भी प्रकार का निर्णय न लें. उन्होंने कहा कि राजस्व प्रशासन में लोगों को खुश करना नहीं, बल्कि कानून और न्याय के अनुरूप निर्णय देना ही अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075294-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98536" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075294-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075294-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001075294-1536x1023.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस मौके पर राजस्व (सर्वे)प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना के प्राचार्य दिव्य राज गणेश, सहायक निदेशक सुबोध कुमार, चकबंदी निदेशालय के उप निदेशक राजेश कुमार सिंह, विजय कुमार राय, पल्लवी समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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