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	<title>Dakhil kharij &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>सख्ती: 15 दिनों के भीतर निपटाएं 3.10 लाख लंबित दाखिल-खारिज आवेदन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 May 2026 08:32:30 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री का सख्त निर्देश मामूली त्रुटियों के नाम पर आवेदन लौटाने पर होगी जवाबदेही तय, अंचल अधिकारी करेंगे अनिवार्य सत्यापन सभी जिलाधिकारी अभियान चलाकर 15 दिन के भीतर कराएं निष्पादन पटना।। राज्य में लंबित दाखिल-खारिज आवेदनों के त्वरित निष्पादन को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल के निर्देश पर विभागीय सचिव जय सिंह ने सभी समाहर्त्ताओं को पत्र जारी कर राज्यभर में डिफेक्ट चेक स्तर पर लंबित लगभग 3.10 लाख दाखिल-खारिज आवेदनों का अधिकतम 15 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. जारी निर्देश में कहा गया है कि राजस्व कर्मचारियों एवं अंचल अधिकारियों के सामूहिक अवकाश के कारण बड़ी संख्या में आवेदन स्क्रूटनी स्तर पर लंबित हो गए हैं. राज्य सरकार के सात निश्चय पार्ट-3 अंतर्गत ईज ऑफ लिविंग के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इन मामलों का अविलंब निष्पादन आवश्यक है. मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि आम लोगों को छोटी-मोटी तकनीकी त्रुटियों के नाम पर अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाए. उन्होंने कहा कि दाखिल-खारिज प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना सरकार की प्राथमिकता है तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार राजस्व कर्मचारियों को आवेदनों की स्क्रूटनी सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ करनी होगी तथा मामूली या तकनीकी कारणों से आवेदनों को अनावश्यक रूप से वापस नहीं किया जाएगा. सभी लंबित आवेदनों का डिफेक्ट चेक अधिकतम 15 दिनों के भीतर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री का सख्त निर्देश </strong></p>



<p><strong>मामूली त्रुटियों के नाम पर आवेदन लौटाने पर होगी जवाबदेही तय, अंचल अधिकारी करेंगे अनिवार्य सत्यापन</strong></p>



<p><strong>सभी जिलाधिकारी अभियान चलाकर 15 दिन के भीतर कराएं निष्पादन</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="501" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-and-land-reforms-department-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96909" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-and-land-reforms-department-1-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-revenue-and-land-reforms-department-1-650x318.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>पटना।।  राज्य में लंबित दाखिल-खारिज आवेदनों के त्वरित निष्पादन को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल के निर्देश पर विभागीय सचिव जय सिंह ने सभी समाहर्त्ताओं को पत्र जारी कर राज्यभर में डिफेक्ट चेक स्तर पर लंबित लगभग 3.10 लाख दाखिल-खारिज आवेदनों का अधिकतम 15 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.</p>



<p>जारी निर्देश में कहा गया है कि राजस्व कर्मचारियों एवं अंचल अधिकारियों के सामूहिक अवकाश के कारण बड़ी संख्या में आवेदन स्क्रूटनी स्तर पर लंबित हो गए हैं. राज्य सरकार के सात निश्चय पार्ट-3 अंतर्गत ईज ऑफ लिविंग के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इन मामलों का अविलंब निष्पादन आवश्यक है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="753" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-Dilip-Jaiswal-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-96910" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-Dilip-Jaiswal-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/05/pnc-Dilip-Jaiswal-650x478.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि आम लोगों को छोटी-मोटी तकनीकी त्रुटियों के नाम पर अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाए. उन्होंने कहा कि दाखिल-खारिज प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना सरकार की प्राथमिकता है तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.<br>विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार राजस्व कर्मचारियों को आवेदनों की स्क्रूटनी सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ करनी होगी तथा मामूली या तकनीकी कारणों से आवेदनों को अनावश्यक रूप से वापस नहीं किया जाएगा. सभी लंबित आवेदनों का डिफेक्ट चेक अधिकतम 15 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.<br>इसके साथ ही विभाग ने एक नया प्रावधान लागू किया है, जिसके तहत यदि कोई राजस्व कर्मचारी किसी आवेदन को त्रुटिपूर्ण (Defected) चिह्नित करता है, तो संबंधित अंचल अधिकारी द्वारा उस त्रुटि की अनिवार्य जांच की जाएगी. यदि त्रुटि अनुचित पाई जाती है तो आवेदन सीधे आवेदक को वापस नहीं किया जाएगा, बल्कि संबंधित कर्मचारी को पुनः भेजा जाएगा ताकि आवेदन स्वीकार कर आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके.<br>सचिव जय सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए विशेष अभियान चलाया जाए तथा इसकी दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए. विभाग ने इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>खराब प्रदर्शन वाले पदाधिकारियों पर कार्रवाई का आदेश</title>
		<link>https://www.patnanow.com/action-on-poor-performance/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 02 Apr 2025 16:59:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
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					<description><![CDATA[राजस्व मामलों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारियों पर होगी कार्रवाई पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री संजय सरावगी ने अपर मुख्य सचिव तथा सचिव की मौजूदगी में विभागीय समीक्षा बैठक की. बैठक में मंत्री ने अधिकारियों से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा प्रदत ऑनलाइन सेवाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली. दाखिल- खारिज मामलों में विगत छह महीनों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारियों पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुये मंत्री ने अनुशासनात्मक कार्यवाही के आदेश दिए हैं. मंत्री ने कहा कि कई छोटे-मोटे कारणों की वजह से अंचलाधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज के मामलों को अस्वीकृत कर दिया जाता है. जिस कारण आवेदनों को निरस्त करने का प्रतिशत काफी ज्यादा हो जाता है. प्राप्त आवेदनों को अस्वीकृत करने के आधार पर खराब प्रदर्शन करने वाले अंचलों में लखीसराय का पिपरिया अंचल पहले स्थान पर है. इस अंचल में अंचलाधिकारी द्वारा विगत वर्ष में दाखिल खारिज के कुल प्राप्त आवेदनों में से 65.12% आवेदनों को अस्वीकृत कर दिया गया है. दूसरे स्थान पर दरभंगा का जाले है जहाँ दाखिल खारिज आवेदनों को अस्वीकृत करने का प्रतिशत 62.96 है , तीसरे स्थान पर भोजपुर का अगियांव(55.21%), चौथे स्थान पर किशनगंज का ठाकुरगंज(55.15%), पांचवें स्थान पर जहानाबाद का मोदागंज(53.91%), छठे स्थान पर भोजपुर का बड़हरा(53.52%), सातवें स्थान पर अररिया का जोकीहाट(52.38%), आठवें स्थान पर मधुबनी का जयनगर(50.30%), नौवें स्थान पर खगड़िया का बेलदौर(50.09%) तथा दसवें स्थान पर दरभंगा का कुशेश्वर स्थान पूर्वी (49.62%) है. इसी आधार पर कैमूर के नुआंव अंचल का प्रदर्शन सबसे अच्छा है. यहाँ कुल [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>राजस्व मामलों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारियों पर होगी कार्रवाई</strong> </p>



<p>पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री संजय सरावगी ने अपर मुख्य सचिव तथा सचिव की मौजूदगी में विभागीय समीक्षा बैठक की. बैठक में मंत्री ने अधिकारियों से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा प्रदत ऑनलाइन सेवाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली. दाखिल- खारिज मामलों में विगत छह महीनों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारियों पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुये मंत्री ने अनुशासनात्मक कार्यवाही के आदेश दिए हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-revenue-minister-sanjay-sarawagi-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-89496" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-revenue-minister-sanjay-sarawagi-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-revenue-minister-sanjay-sarawagi-650x488.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मंत्री ने कहा कि कई छोटे-मोटे कारणों की वजह से अंचलाधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज के मामलों को अस्वीकृत कर दिया जाता है. जिस कारण आवेदनों को निरस्त करने का प्रतिशत काफी ज्यादा हो जाता है.</p>



<p>प्राप्त आवेदनों को अस्वीकृत करने के आधार पर खराब प्रदर्शन करने वाले अंचलों में लखीसराय का पिपरिया अंचल पहले स्थान पर है. इस अंचल में अंचलाधिकारी द्वारा विगत वर्ष में दाखिल खारिज के कुल प्राप्त आवेदनों में से 65.12% आवेदनों को अस्वीकृत कर दिया गया है. दूसरे स्थान पर दरभंगा का जाले है जहाँ दाखिल खारिज आवेदनों को अस्वीकृत करने का प्रतिशत 62.96 है , तीसरे स्थान पर भोजपुर का अगियांव(55.21%), चौथे स्थान पर किशनगंज का ठाकुरगंज(55.15%), पांचवें स्थान पर जहानाबाद का मोदागंज(53.91%), छठे स्थान पर भोजपुर का बड़हरा(53.52%), सातवें स्थान पर अररिया का जोकीहाट(52.38%), आठवें स्थान पर मधुबनी का जयनगर(50.30%), नौवें स्थान पर खगड़िया का बेलदौर(50.09%) तथा दसवें स्थान पर दरभंगा का कुशेश्वर स्थान पूर्वी (49.62%) है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="409" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-revenue-and-land-reforms-department.jpg" alt="" class="wp-image-54601" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-revenue-and-land-reforms-department.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2021/07/pnc-revenue-and-land-reforms-department-350x220.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>इसी आधार पर कैमूर के नुआंव अंचल का प्रदर्शन सबसे अच्छा है. यहाँ कुल प्राप्त आवेदनों में से मात्र 6.74% आवेदनों को हीं अस्वीकृत किया गया है. दूसरे स्थान पर नालंदा का एकंगरसराय(7.44%), तीसरे स्थान पर लखीसराय का हलसी(8.93%), चौथे स्थान पर कैमूर का मोहनियां(9.24%), पांचवें स्थान पर मुजफ्फरपुर का मुरौल अंचल(9.54%), छठे स्थान पर वैशाली का पातेपुर(9.60%), सातवें स्थान पर पूर्णिया का श्रीनगर अंचल(9.71%), आठवें स्थान पर सीतामढ़ी का बाजपट्टी(10.26%), नौवें स्थान पर लखीसराय का बड़हिया(10.53%) तथा दसवें स्थान पर कैमूर का रामपुर अंचल(11.06%) है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-sanjay-sarawagi-bjp-mantri-revenue-department-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-89520" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-sanjay-sarawagi-bjp-mantri-revenue-department-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/03/pnc-sanjay-sarawagi-bjp-mantri-revenue-department-650x433.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान यह भी कहा कि आमजनों को दाखिल खारिज हेतु आवेदन करते समय अपना ही मोबाइल नंबर डालना चाहिये. सीएससी सेंटर या साइबर कैफे से आवेदन करते वक्त भी यह ध्यान रखें कि मोबाइल नंबर कैफे वाले का ना डालें, बल्कि आवेदक सजग होकर अपना फोन नंबर दें.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
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		<title>जानबूझकर आवेदन अस्वीकृत करनेवाले सीओ की होगी पहचान</title>
		<link>https://www.patnanow.com/co-meet-me-chetawani/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 25 Sep 2024 16:30:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[CITY/OFFICE]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
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		<category><![CDATA[Co meeting]]></category>
		<category><![CDATA[Dakhil kharij]]></category>
		<category><![CDATA[Mutation]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा कई प्रकार की ऑनलाइन सेवाएं दी जा रही हैं. इनमें से कई सेवाओं में अस्वीकृति की दर काफी अधिक है.कई बार अस्वीकृति का यह निर्णय जल्दबाजी में या निहित स्वार्थवश लिया जाता है. इससे निर्दोष लोगों के साथ अन्याय होता है. यह नहीं होना चाहिए. कई बार डीसीएलआर, एडीएम या डीएम के स्तर पर सुनवाई में पता चलता है कि आपका निर्णय गलत था. तबतक नुकसान हो चुका होता है. कई मामलों में वरीय पदाधिकारियों का आदेश लेकर रैयत भटकता रहता है, अंचल अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं. लोग सालों तक दौड़ते रहते हैं. ये आपराधिक कृत्य हैं, जिनको नजर अंदाज नहीं किया जा सकता. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल आज दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन संस्थान में अंचल अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे. डॉ जायसवाल ने जानबूझकर आवेदनों को अस्वीकृत करनेवाले अंचल अधिकारियों की पहचान करके उनके खिलाफ कार्रवाई करने का निदेश विभाग के अधिकारियों को दिया. आज की बैठक में म्युटेशन के मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई. दाखिल-खारिज के सर्वाधिक 47.93 फीसदी अस्वीकृति के मामले सीतामढ़ी के सुप्पी अंचल में पाए गए. 44 फीसदी अस्वीकृति के साथ पटना का पंडारक दूसरे जबकि 39.9 फीसदी अस्वीकृति के साथ बेगूसराय का साम्हो अखा कुरहा तीसरे स्थान पर था.निर्धारित समय सीमा के बाद लंबित आवेदनों की संख्या सर्वाधिक 7018 रोहतास के सदर अंचल में पाई गई जबकि 6748 लंबित आवेदनों के साथ पटना सदर अंचल दूसरे स्थान पर और 6428 लंबित आवेदनों के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना।। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा कई प्रकार की ऑनलाइन सेवाएं दी जा रही हैं. इनमें से कई सेवाओं में अस्वीकृति की दर काफी अधिक है.कई बार अस्वीकृति का यह निर्णय जल्दबाजी में या निहित स्वार्थवश लिया जाता है. इससे निर्दोष लोगों के साथ अन्याय होता है. यह नहीं होना चाहिए. कई बार डीसीएलआर, एडीएम या डीएम के स्तर पर सुनवाई में पता चलता है कि आपका निर्णय गलत था. तबतक नुकसान हो चुका होता है. कई मामलों में वरीय पदाधिकारियों का आदेश लेकर रैयत भटकता रहता है, अंचल अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं. लोग सालों तक दौड़ते रहते हैं. ये आपराधिक कृत्य हैं, जिनको नजर अंदाज नहीं किया जा सकता. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091449-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87125" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091449-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091449-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091449-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091447-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87122" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091447-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091447-650x433.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091447-1536x1024.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091447-2048x1365.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल आज दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन संस्थान में अंचल अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे. डॉ जायसवाल ने जानबूझकर आवेदनों को अस्वीकृत करनेवाले अंचल अधिकारियों की पहचान करके उनके खिलाफ कार्रवाई करने का निदेश विभाग के अधिकारियों को दिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091450-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87126" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091450-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091450-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091450-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>आज की बैठक में म्युटेशन के मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई. दाखिल-खारिज के सर्वाधिक 47.93 फीसदी अस्वीकृति के मामले सीतामढ़ी के सुप्पी अंचल में पाए गए. 44 फीसदी अस्वीकृति के साथ पटना का पंडारक दूसरे जबकि 39.9 फीसदी अस्वीकृति के साथ बेगूसराय का साम्हो अखा कुरहा तीसरे स्थान पर था.<br>निर्धारित समय सीमा के बाद लंबित आवेदनों की संख्या सर्वाधिक 7018 रोहतास के सदर अंचल में पाई गई जबकि 6748 लंबित आवेदनों के साथ पटना सदर अंचल दूसरे स्थान पर और 6428 लंबित आवेदनों के साथ पटना का संपतचक अंचल तीसरे स्थान पर रहा.<br>पटना सदर अंचल अधिकांश मापदंडों पर फिसड्डी रहा और अंचल अधिकारियों की मासिक रैंकिंग में पटना सदर को अगस्त माह में सबसे नीचे यानि 534वां स्थान प्राप्त हुआ. सदर अंचल अधिकारी ने मात्र 2 फीसदी दस्तावेजों पर डिजिटल हस्ताक्षर किए जबकि वहां मात्र 25 फीसदी सरकारी जमीन की इंट्री की गई. इन्हीं मामलों में जिला का स्कोर क्रमशः 35 फीसदी एवं 90 फीसदी रहा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091448-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-87127" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091448-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091448-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/09/1000091448-1536x1152.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>आज की बैठक में म्युटेशन प्लस के अलावे परिमार्जन प्लस की प्रगति की समीक्षा की गई. परिमार्जन प्लस में डिजिटाइज्ड जमाबंदी एवं छूटी हुई जमाबंदी की अलग-अलग समीक्षा की गई. दोनों में प्रगति को असंताषजनक पाया गया. यह तथ्य भी सामने आया कि 86 अंचल अधिकारियों ने जून माह से अबतक परिमार्जन प्लस में आए एक भी आवेदन का निष्पादन नहीं किया था.<br>अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने सभी अंचल अधिकारियों को अक्टूबर तक अपने प्रदर्शन में सुधार करने की चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि परिमार्जन प्लस पोर्टल पर दिए गए आवेदनों में से 50 फीसदी आवेदनों का निष्पादन हर हाल में अक्टूबर माह के आखिर तक हो जाना चांहिए. इसी तरह उन्होंने म्युटेशन के 6 लाख लंबित मामलों को घटाकर 2 लाख लाने की लक्ष्य दिया है.<br>अपर मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को म्युटेशन एवं परिमार्जन के रिजेक्टेड एवं रिवर्टेड मामलों की रैंडमली यानि बेतरतीब ढंग से जांच करने का आदेश विभागीय अधिकारियों को दिया ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अस्वीकृति के पीछे कोई वाजिब कारण है या उसके पीछे अंचल अधिकारियों की मनमानी है.<br>अपर मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि जिन अंचल अधिकारियों की मासिक रैंकिंग लगातार खराब रहेगी, वह उनके खिलाफ कार्रवाई का सबसे मजबूत आधार बनेगी. उन्होंने आईटी मैनेजर को कहा कि अक्टूबर माह से हरेक अंचल अधिकारी का पिछले 6 माह का रैंकिंग भी तैयार करें.<br>सचिव श्री जय सिंह ने कहा कि अंचल अधिकारी दैनिक और साप्ताहिक आधार पर अपने कर्मचारियों के साथ बैठक करें. लंबित मामलों की रोज प्रगति देखें. जिन मामलों में कागजी साक्ष्य कम हैं उनका फील्ड विजिट कर सत्यापन कर लें.<br>आज की बैठक में पूरे बिहार से 170 अंचल अधिकारियों को बुलाया गया था. बाढ़ के कारण बेगूसराय एवं भागलपुर के अंचल अधिकारी बैठक में शामिल नहीं हुए. बैठक का उद्देश्य ऑनलाइन सेवाओं में जोड़ी गई नई विशेषताओं के बारे में अंचल अधिकारियों को जानकारी देना और उनके फीडबैक के आधार पर इन सेवाओं में और सुधार करना है. बैठक में विभाग के अपर सचिव अरूण कुमार सिंह समेत विशेष सचिव, संयुक्त सचिव एवं अन्य सभी पदाधिकारी मौजूद थे.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>दाखिल खारिज आवेदन रिजेक्ट करने से पहले आवेदकों को भी मिलेगा पक्ष रखने का मौका</title>
		<link>https://www.patnanow.com/revenue-and-land-records-order/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 May 2024 17:09:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना।। बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है और इसे लागू करने का आदेश भी विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने जारी कर दिया है. विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने अपने आदेश में कहा है कि दाखिल-खारिज आवेदनों की समीक्षा के क्रम में यह ज्ञात हुआ है कि इन आवेदनों पर कर्मचारी द्वारा किसी भी प्रकार की आपत्ति लगाने पर, बिना आवेदक का पक्ष सुने अंचल अधिकारी/राजस्व अधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज अस्वीकृत कर दिया जाता है. अगर एक बार दाखिल-खारिज का आवेदन अस्वीकृत हो जाता है तो आवेदक को उसकी अपील में भूमि सुधार उपसमाहर्त्ता के न्यायालय में जाना पड़ता है जबकि कई बार कोई दस्तावेज अपठनीय रहने अथवा प्रासंगिक दस्तावेज छूट जाने के कारण भी आवेदन में आपत्तियाँ लगायी जा सकती हैं. उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए कहा है कि दाखिल-खारिज की संपूर्ण प्रक्रिया अधिनियम के तहत प्रावधानित है एवं इस अधिनियम में सुनवाई एवं साक्ष्य दोनों के प्रावधान दिये हुए हैं. दाखिल-खारिज अधिनियम-2011 के अध्याय-1 की धारा 5 (5) के तहत यह प्रावधानित है कि यदि अंचल अधिकारी, कर्मचारी एवं अंचल निरीक्षक की जाँच पड़ताल से संतुष्ट नहीं हो तो उस रीति से, जिसे वह उचित समझे, वह स्वयं जाँच कर सकेगा तथा अपना निष्कर्ष विहित रीति से अभीलिखित करेगा. इसी प्रकार से अध्याय की धारा-6 (2) के तहत आपत्ति की प्राप्ति. के उपरांत संबंधित पक्षों को सुनवाई एवं साक्ष्य का अवसर देने का प्रावधान किया गया है. इसी अध्याय की धारा-6 (5) के तहत यह [&#8230;]]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="274" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/05/PNC-revenue-and-land-records-Bihar-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-84104" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/05/PNC-revenue-and-land-records-Bihar-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/05/PNC-revenue-and-land-records-Bihar-650x174.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>पटना।। बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है और इसे लागू करने का आदेश भी विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने जारी कर दिया है. विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने अपने आदेश में कहा है कि दाखिल-खारिज आवेदनों की समीक्षा के क्रम में यह ज्ञात हुआ है कि इन आवेदनों पर कर्मचारी द्वारा किसी भी प्रकार की आपत्ति लगाने पर, बिना आवेदक का पक्ष सुने अंचल अधिकारी/राजस्व अधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज अस्वीकृत कर दिया जाता है. अगर एक बार दाखिल-खारिज का आवेदन अस्वीकृत हो जाता है तो आवेदक को उसकी अपील में भूमि सुधार उपसमाहर्त्ता के न्यायालय में जाना पड़ता है जबकि कई बार कोई दस्तावेज अपठनीय रहने अथवा प्रासंगिक दस्तावेज छूट जाने के कारण भी आवेदन में आपत्तियाँ लगायी जा सकती हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="300" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/04/PNC-DEEPAK-KUMAR-SINGH-PS-FOREST-ENVIRONMENT-AND-CLIMATE-CHANGE.jpg" alt="" class="wp-image-44559" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/04/PNC-DEEPAK-KUMAR-SINGH-PS-FOREST-ENVIRONMENT-AND-CLIMATE-CHANGE.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/04/PNC-DEEPAK-KUMAR-SINGH-PS-FOREST-ENVIRONMENT-AND-CLIMATE-CHANGE-350x162.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए कहा है कि दाखिल-खारिज की संपूर्ण प्रक्रिया अधिनियम के तहत प्रावधानित है एवं इस अधिनियम में सुनवाई एवं साक्ष्य दोनों के प्रावधान दिये हुए हैं. दाखिल-खारिज अधिनियम-2011 के अध्याय-1 की धारा 5 (5) के तहत यह प्रावधानित है कि यदि अंचल अधिकारी, कर्मचारी एवं अंचल निरीक्षक की जाँच पड़ताल से संतुष्ट नहीं हो तो उस रीति से, जिसे वह उचित समझे, वह स्वयं जाँच कर सकेगा तथा अपना निष्कर्ष विहित रीति से अभीलिखित करेगा. इसी प्रकार से अध्याय की धारा-6 (2) के तहत आपत्ति की प्राप्ति. के उपरांत संबंधित पक्षों को सुनवाई एवं साक्ष्य का अवसर देने का प्रावधान किया गया है. इसी अध्याय की धारा-6 (5) के तहत यह प्रावधानित है कि दाखिल-खारिज याचिका को अस्वीकृत किये जाने की स्थिति में अंचलाधिकारी अपने आदेश फलक में उन आधारों को अभिलिखित करेगा जिनके आधार पर उसे अस्वीकृत किया गया हो तथा याचिकाकर्त्ता को उन आधारों का, जिनपर याचिका अस्वीकृत की गयी हो, संक्षिप्त विवरणी देते हुए विहित रीति से सूचित करेगा. उन्होंने कहा कि धारा-6 (5) के अनुपालन के लिए एवं प्राकृतिक न्याय की दृष्टिकोण से यह आवश्यक एवं न्यायोचित हैं कि किसी भी वाद को अस्वीकृत करने से पूर्व संबंधित याचिकाकर्त्ता को आपत्ति की सूचना देते हुए उन्हें अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाये. अतः अपने अधीनस्थ अंचलाधिकारी एवं राजस्व पदाधिकारियों को यह निदेशित करने की कृपा करें कि जिन भी दाखिल-खारिज आवेदनों में कर्मचारी द्वारा अथवा अन्य किसी माध्यम से प्राप्त आपत्ति के आधार पर अस्वीकृति की स्थिति बनती हो तो अस्वीकृत करने से पूर्व संबंधित याचिकाकर्ता को नोटिस देते हुए प्रासंगिक आपत्ति से अवगत कराया जाय एवं उन्हें अपना पक्ष एवं आवश्यक साक्ष्य देने का अवसर प्रदान करने तथा सुनवाई के उपरांत ही, यदि वैधानिक हो, तो अस्वीकृत करने की कार्रवाई की जाय अर्थात् किसी भी परिस्थिति में अस्वीकृति का आदेश बिना आवेदक को सूचित किये एवं उसकी सुनवाई किये बगैर नहीं की जाय। साथ ही आदेश में इस सुनवाई के दौरान आवेदक द्वारा प्रस्तुत किये गये कागजातों एवं साक्ष्यों को दर्ज किया जाय एवं तदोपरांत आत्मभारित आदेश के द्वारा ही यदि अस्वीकृत करना वैधानिक हो तो दाखिल-खारिज को अस्वीकृत किया जाय. इस निदेश की प्रति सभी अंचलाधिकारियों एवं राजस्व पदाधिकारियों को भी दी जा रही है। आपसे भी अनुरोध है कि अपने स्तर से भी इस आदेश को परिचारित कर इसका सम्यक अनुपालन सुनिश्चित करने की कृपा करें तथा अंचलों की समीक्षा में दाखिल-खारिज अभिलेखों की इस दृष्टिकोण से भी समीक्षा करें.</p>



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<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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