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	<title>d el ed &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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	<title>d el ed &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>B.Ed की तरह अब D.El.Ed में एडमिशन के लिए भी देना होगा इन्ट्रेन्स टेस्ट</title>
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		<pubDate>Mon, 20 Jun 2022 17:41:58 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[•डी0एल0एड0 (D.El.Ed.) में प्रवेश लेने वाले छात्रों की परेशानियों एवं मेघा को अनदेखा करने की शिकायतों को देखते हुये बिहार सरकार ने पहली बार राज्य के सभी संस्थानों (निजी संस्थानों सहित ) में डी०एल०एड० (D.El.Ed.) के वर्ष 2022 &#8211; 24 के सत्र में प्रवेश के लिए संयुक्त Computer Based Test लेने का निर्णय किया है. आज शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग अध्यक्ष बिहार विद्यालय परीक्षा समिति निदेशक शोध एवं प्रशिक्षण; निदेशक, राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान तथा प्रबंध निदेशक, बेल्ट्रॉन की संयुक्त बैठक में यह निर्णय लिया गया. वर्ष 2022-24 में प्रवेश के लिए राज्य सरकार द्वारा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के माध्यम से प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जायेगा. इससे मेधावी छात्रों को लाभ होगा तथा मेधा के अनुसार ही प्रवेश मिलेगा. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को निदेश दिया गया कि वे एक सप्ताह के अंदर परीक्षा के लिये आवेदन लेने का कार्य प्रारंभ कर दें तथा परीक्षा अगस्त माह के उत्तरार्द्ध में आयोजित किये जाने हेतु निदेश दिया गया. इस वर्ष किसी भी संस्थान द्वारा इस प्रवेश परीक्षा से भिन्न छात्रों का प्रवेश डी०एल०एड० (D.El.Ed.) कोर्स में नहीं लिया जायेगा. pncb]]></description>
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<p>•डी0एल0एड0 (D.El.Ed.) में प्रवेश लेने वाले छात्रों की परेशानियों एवं मेघा को अनदेखा करने की शिकायतों को देखते हुये बिहार सरकार ने पहली बार राज्य के सभी संस्थानों (निजी संस्थानों सहित ) में डी०एल०एड० (D.El.Ed.) के वर्ष 2022 &#8211; 24 के सत्र में प्रवेश के लिए संयुक्त Computer Based Test लेने का निर्णय किया है. आज शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग अध्यक्ष बिहार विद्यालय परीक्षा समिति निदेशक शोध एवं प्रशिक्षण; निदेशक, राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान तथा प्रबंध निदेशक, बेल्ट्रॉन की संयुक्त बैठक में यह निर्णय लिया गया. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="400" height="400" src="https://www.patnanow.com/assets/2021/03/pnc-bihar-education-department-logo.jpg" alt="" class="wp-image-51521" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2021/03/pnc-bihar-education-department-logo.jpg 400w, https://www.patnanow.com/assets/2021/03/pnc-bihar-education-department-logo-350x350.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2021/03/pnc-bihar-education-department-logo-250x250.jpg 250w" sizes="(max-width: 400px) 100vw, 400px" /></figure>



<p>वर्ष 2022-24 में प्रवेश के लिए राज्य सरकार द्वारा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के माध्यम से प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जायेगा. इससे मेधावी छात्रों को लाभ होगा तथा मेधा के अनुसार ही प्रवेश मिलेगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="383" src="https://www.patnanow.com/assets/2017/12/bseb-2-650x383.jpg" alt="" class="wp-image-27176" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2017/12/bseb-2.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2017/12/bseb-2-350x206.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को निदेश दिया गया कि वे एक सप्ताह के अंदर परीक्षा के लिये आवेदन लेने का कार्य प्रारंभ कर दें तथा परीक्षा अगस्त माह के उत्तरार्द्ध में आयोजित किये जाने हेतु निदेश दिया गया. इस वर्ष किसी भी संस्थान द्वारा इस प्रवेश परीक्षा से भिन्न छात्रों का प्रवेश डी०एल०एड० (D.El.Ed.) कोर्स में नहीं लिया जायेगा.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>NIOS से D.El.Ed.शिक्षक बने फुटबॉल!</title>
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		<dc:creator><![CDATA[dnv md]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 16 May 2020 06:51:59 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[राज्य सरकार NCTE के पत्र का कर रही है इंतजार! तू डाल डाल तो हम पात पात । जी हां आपने सही सुना आजकल भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय और बिहार सरकार का शिक्षा विभाग एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं. हम बात कर रहे हैं एनआईओएस d.el.ed प्रशिक्षित शिक्षकों के बारे में जो केंद्र सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय, NCTE और बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के बीच फुटबॉल बने हुए हैं. कभी केंद्र सरकार का मानव संसाधन विकास मंत्रालय राज्य के शिक्षा विभाग पर तो कभी बिहार के शिक्षा विभाग NCTE के उस आदेश पर अपना पल्ला झाड़ रही है. आपको बता दें कि सारा खेल अवर सचिव डॉक्टर प्रभु कुमार यादव ने अपने पत्र में एन सी टी ई के 23 अगस्त 2010 और 29 जुलाई 2011 के आदेश के हवाले कहा कि कक्षा 1 से 5 और कक्षा 6 से 8 में नियुक्ति के लिए वही अभ्यार्थी योग्य होंगे जिनके पास एलिमेंट्री एजुकेशन में 2 वर्षीय डिप्लोमा की योग्यता होगी. एनसीटीई ने यह भी कहा था कि एनआईओएस ने एनआरसी एनसीटीई के 22 सितंबर 2017 के आदेश से सरकारी, प्राइवेट और अनुदानित प्रारंभिक विद्यालयों में कार्यरत अप्रशिक्षित शिक्षकों को in-service ट्रेनिंग के रूप में डीएलएड कार्यक्रम चलाया है इसकी अवधि भी 18 माह की थी. इस पत्राचार के बाद बिहार सरकार ने छठे चरण की नियोजन प्रक्रिया से इंटर शिक्षकों को बाहर कर दिया जिसके बाद इस सभी प्रशिक्षित शिक्षकों ने पटना हाई कोर्ट का शरण लिया. जहां से माननीय हाईकोर्ट ने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong> राज्य सरकार NCTE के पत्र का कर रही है इंतजार!</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="640" height="360" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/09/PNC-NIOS-DElEd-Pradarshan-1.png" alt="" class="wp-image-41338" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/09/PNC-NIOS-DElEd-Pradarshan-1.png 640w, https://www.patnanow.com/assets/2019/09/PNC-NIOS-DElEd-Pradarshan-1-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /><figcaption>File Pic</figcaption></figure>



<p>तू डाल डाल तो हम पात पात । जी हां आपने सही सुना आजकल भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय और बिहार सरकार का शिक्षा विभाग एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे  हैं. हम बात कर रहे हैं एनआईओएस d.el.ed प्रशिक्षित शिक्षकों के बारे में जो केंद्र सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय, NCTE और बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के बीच फुटबॉल बने हुए हैं. कभी केंद्र सरकार का मानव संसाधन विकास मंत्रालय राज्य के शिक्षा विभाग पर तो कभी बिहार के शिक्षा विभाग NCTE के उस आदेश पर अपना पल्ला झाड़ रही है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="300" src="https://www.patnanow.com/assets/2020/05/pnc-new-Secretariat-vikas-bhawan-patna.jpg" alt="" class="wp-image-45908" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2020/05/pnc-new-Secretariat-vikas-bhawan-patna.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2020/05/pnc-new-Secretariat-vikas-bhawan-patna-350x162.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>आपको बता दें कि सारा खेल अवर सचिव डॉक्टर प्रभु कुमार यादव ने अपने पत्र में एन सी टी ई के 23 अगस्त 2010 और 29 जुलाई 2011 के आदेश के हवाले कहा कि कक्षा 1 से 5 और कक्षा 6 से 8 में नियुक्ति के लिए वही अभ्यार्थी योग्य होंगे जिनके पास एलिमेंट्री एजुकेशन में 2 वर्षीय डिप्लोमा की योग्यता होगी. एनसीटीई ने यह भी कहा था कि एनआईओएस ने एनआरसी एनसीटीई के 22 सितंबर 2017 के आदेश से सरकारी, प्राइवेट और अनुदानित प्रारंभिक विद्यालयों में कार्यरत अप्रशिक्षित शिक्षकों को in-service ट्रेनिंग के रूप में डीएलएड कार्यक्रम चलाया है इसकी अवधि भी 18 माह की थी. इस पत्राचार के बाद बिहार सरकार ने छठे चरण की नियोजन प्रक्रिया से इंटर शिक्षकों को बाहर कर दिया जिसके बाद इस सभी प्रशिक्षित शिक्षकों ने पटना हाई कोर्ट का शरण लिया. जहां से माननीय हाईकोर्ट ने इन प्रशिक्षित शिक्षकों के पक्ष में अपना फैसला सुनाया और इन्हें बहाली प्रक्रिया में शामिल करने का आदेश दिया. उसके बाद से लेकर आज तक केंद्र और राज्य सरकारों ने इन अप्रशिक्षित शिक्षकों के साथ फुटबॉल की स्थिति बना दी है. गुरुवार को मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने भारत के सभी शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार अपितु पूरे भारत में जितने भी एनआईओएस डीएलएड शिक्षक शिक्षक हैं उनके साथ इंसाफ किया जाएगा साथी सहित पटना हाई कोर्ट के उस आदेश और अपनी सहमति भी जताई और कहां पटना हाईकोर्ट के आदेश का हम सम्मान करेंगे. मानव संसाधन विकास मंत्री के इस आदेश के बाद अब एक बार फिर गेंद बिहार सरकार के पाले हैं.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="640" height="360" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/09/PNC-NIOS-DElEd-Pradarshan-5.png" alt="" class="wp-image-41342" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/09/PNC-NIOS-DElEd-Pradarshan-5.png 640w, https://www.patnanow.com/assets/2019/09/PNC-NIOS-DElEd-Pradarshan-5-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></figure>



<p>सूत्रों के हवाले से मालूम चला है कि बिहार सरकार ने भारत सरकार पर भी आरोप लगाते हुए कहा कथनी और करनी में फर्क है अगर आदेश जारी करना है तो एनसीटीई को तत्काल आदेश दे कि बिहार सरकार के पत्र का जवाब जल्द से जल्द मुहैया कराएं. बिहार के शिक्षा विभाग एक बड़े अधिकारी ने कहा कि हमने पत्र एनसीटीई को लिखा है इसका अगर जवाब आ जाता है तो हम इस नियोजन प्रक्रिया में उस पर अमल करेंगे. अब देखना है कि केंद्र सरकार कितना जल्द एनसीटीई को आदेश देती है कि बिहार सरकार द्वारा जारी किया हुआ पत्र का जवाब बिहार सरकार के शिक्षा विभाग को देती है.</p>



<p><strong>राजेश तिवारी</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>13 लाख शिक्षकों के लिए खुशखबरी, इस राज्य में 18 माह का डीएलएड मान्य</title>
		<link>https://www.patnanow.com/nios-deled-teachers-update/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[dnv md]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 19 Apr 2020 18:27:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[करीब 13 लाख शिक्षकों के लिए अच्छी खबर है. 18 माह का डीएलएड कोर्स किए हुए शिक्षकों के लिए त्रिपुरा से एक बड़ी खबर आ रही है. त्रिपुरा हाई कोर्ट के फैसले को त्रिपुरा सरकार कोर्ट के हर फैसले को मानने के लिए तैयार है इसके लिए त्रिपुरा शिक्षा विभाग ने अपने अधिकारी वेबसाइट पर सूचना जारी कर दिया है. शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि लॉक डाउन खत्म होने के बाद विधिवत इस पर आगे कदम बढ़ाया जाएगा . एनआईओएस से डीएलएड किए हुए शिक्षकों की नियुक्ति के लिए मान्य घोषित करने के पटना हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ बिहार सरकार ने एनसीटीई को पत्र जारी कर यह पूछा है कि एनसीटीई पटना हाई कोर्ट के फैसले को डबल बेंच पर चुनौती देगी या नहीं. हालांकि त्रिपुरा शिक्षा विभाग के फैसले के बाद बिहार में भी शिक्षकों की एक उम्मीद की किरण दिखाई देने लगी है. 18 महीने के डीएलएड कार्यक्रम को उन 15 लाख शिक्षकों के लिए आयोजित किया गया था, जो अप्रशिक्षित थे और आरटीई कानून के चलते उनकी नौकरी जाने का खतरा मंडरा रहा था. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) ने करीब 13 लाख शिक्षकों को यह कोर्स कराया था. इसके लिए संसद में कानून पारित कर विशेष रूप से मंजूरी ली गई थी. हालांकि, कोर्स करने के बाद जब बिहार के निजी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों ने सरकारी भर्ती के लिए आवेदन किया तो बिहार सरकार ने एनसीटीई से इस बारे में राय मांगी कि क्या ये शिक्षक भर्ती के लिए योग्य [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><br>करीब 13 लाख शिक्षकों के लिए अच्छी खबर है. 18 माह का डीएलएड कोर्स किए हुए शिक्षकों के लिए त्रिपुरा से एक बड़ी खबर आ रही है. त्रिपुरा हाई कोर्ट के फैसले को त्रिपुरा सरकार कोर्ट के हर फैसले को मानने के लिए तैयार है इसके लिए त्रिपुरा शिक्षा विभाग ने अपने अधिकारी वेबसाइट पर सूचना जारी कर दिया है. शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि लॉक डाउन खत्म होने के बाद विधिवत इस पर आगे कदम बढ़ाया जाएगा .</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="640" height="360" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/09/PNC-NIOS-DElEd-Pradarshan-1.png" alt="" class="wp-image-41338" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/09/PNC-NIOS-DElEd-Pradarshan-1.png 640w, https://www.patnanow.com/assets/2019/09/PNC-NIOS-DElEd-Pradarshan-1-350x197.png 350w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /><figcaption>File Pic</figcaption></figure>



<p>एनआईओएस से डीएलएड किए हुए शिक्षकों की नियुक्ति के लिए मान्य घोषित करने के पटना हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ बिहार सरकार ने एनसीटीई को पत्र जारी कर यह पूछा है कि एनसीटीई पटना हाई कोर्ट के फैसले को डबल बेंच पर चुनौती देगी या नहीं.  हालांकि त्रिपुरा शिक्षा विभाग के फैसले के बाद बिहार में भी शिक्षकों की एक उम्मीद की किरण दिखाई देने लगी है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="425" src="https://www.patnanow.com/assets/2019/08/PNC-NCTE-CONFERENCE-SHIKSHA-MANTRI-NISHANK-1-650x425.jpg" alt="" class="wp-image-40639" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2019/08/PNC-NCTE-CONFERENCE-SHIKSHA-MANTRI-NISHANK-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2019/08/PNC-NCTE-CONFERENCE-SHIKSHA-MANTRI-NISHANK-1-350x229.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption>केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री</figcaption></figure>



<p>18 महीने के डीएलएड कार्यक्रम को उन 15 लाख शिक्षकों के लिए आयोजित किया गया था, जो अप्रशिक्षित थे और आरटीई कानून के चलते उनकी नौकरी जाने का खतरा मंडरा रहा था. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) ने करीब 13 लाख शिक्षकों को यह कोर्स कराया था. इसके लिए संसद में कानून पारित कर विशेष रूप से मंजूरी ली गई थी. हालांकि, कोर्स करने के बाद जब बिहार के निजी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों ने सरकारी भर्ती के लिए आवेदन किया तो बिहार सरकार ने एनसीटीई से इस बारे में राय मांगी कि क्या ये शिक्षक भर्ती के लिए योग्य हैं? जवाब में एनसीटीई ने 18 माह के डीएलएड को अमान्य करार दे दिया. इसके बाद शिक्षक पटना हाईकोर्ट की शरण में गए थे. हाईकोर्ट ने 21 जनवरी 2020 को.इस कोर्स को नई नियुक्तियों के लिए भी मान्य घोषित किया था.</p>



<p>राजेश तिवारी की रिपोर्ट</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>&#8217;31 मार्च तक किसी भी हाल में पूरा होगा अनट्रेंड शिक्षकों का प्रशिक्षण&#8217;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/nios-chairman-exclusive/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[dnv md]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 15 Jul 2018 18:00:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[NIOS से D EL ED कर रहे छात्रों के लिए अहम खबर है. प्रशिक्षण में ढिलाई बरत रहे शिक्षकों के लिए एनआईओएस के चेयरमैन सी बी शर्मा ने साफ कर दिया है कि अनट्रेंड टीचर्स के लिए केन्द्र सरकार की ये महत्वाकांक्षी योजना किसी भी हाल में 31 मार्च 2019 तक पूरी कर ली जाएगी. क्योंकि संसद से पारित आदेश के मुताबिक इस कोर्स को इसी डेट तक पूरा करना है और सभी अप्रशिक्षित शिक्षकों को 31 मार्च 2019 तक ट्रेंड हो जाना है. इस डेट के बाद देश में कोई भी शिक्षक किसी सरकारी या निजी स्कूल में बिना ट्रेनिंग लिए नहीं पढ़ा सकेगा. पटना नाउ से एक्सक्लूसिव बातचीत में राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान के अध्यक्ष चन्द्र भूषण शर्मा ने बताया कि ये एनआईओएस का ऐसा प्रोजेक्ट है जिसमें करीब 15 लाख शिक्षकों को एक साथ प्रशिक्षण दिया जा रहा है. विश्व में ऐसा कोई दूसरा उदाहरण नहीं है. शिक्षकों को याद रखना है कि उन्हें परीक्षा देने का अवसर फिर से जरूर मिलेगा, लेकिन 31 मार्च तक ही. इस डेट तक जो शिक्षक अपना प्रशिक्षण पूरा नहीं कर पाए, उन्हें फिर मौका नहीं मिलेगा. पटना से राजेश तिवारी देखें विडियो]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>NIOS से D EL ED कर रहे छात्रों के लिए अहम खबर है. प्रशिक्षण में ढिलाई बरत रहे शिक्षकों के लिए एनआईओएस के चेयरमैन सी बी शर्मा ने साफ कर दिया है कि अनट्रेंड टीचर्स के लिए केन्द्र सरकार की ये महत्वाकांक्षी योजना किसी भी हाल में 31 मार्च 2019 तक पूरी कर ली जाएगी. क्योंकि संसद से पारित आदेश के मुताबिक इस कोर्स को इसी डेट तक पूरा करना है और सभी अप्रशिक्षित शिक्षकों को 31 मार्च 2019 तक ट्रेंड हो जाना है. इस डेट के बाद देश में कोई भी शिक्षक किसी सरकारी या निजी स्कूल में बिना ट्रेनिंग लिए नहीं पढ़ा सकेगा.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-34713 size-large" src="http://www.patnanow.com/assets/2018/07/PNC-NIOS-CHAIRMAN-CB-SHARMA-650x559.jpg" alt="" width="650" height="559" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2018/07/PNC-NIOS-CHAIRMAN-CB-SHARMA.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2018/07/PNC-NIOS-CHAIRMAN-CB-SHARMA-350x301.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p>पटना नाउ से एक्सक्लूसिव बातचीत में राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान के अध्यक्ष चन्द्र भूषण शर्मा ने बताया कि ये एनआईओएस का ऐसा प्रोजेक्ट है जिसमें करीब 15 लाख शिक्षकों को एक साथ प्रशिक्षण दिया जा रहा है. विश्व में ऐसा कोई दूसरा उदाहरण नहीं है. शिक्षकों को याद रखना है कि उन्हें परीक्षा देने का अवसर फिर से जरूर मिलेगा, लेकिन 31 मार्च तक ही. इस डेट तक जो शिक्षक अपना प्रशिक्षण पूरा नहीं कर पाए, उन्हें फिर मौका नहीं मिलेगा.</p>
<p>पटना से राजेश तिवारी</p>
<p>देखें विडियो</p>
<p><iframe loading="lazy" title="अनट्रेंड शिक्षकों का प्रशिक्षण - 31 मार्च तक सारी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी" width="640" height="360" src="https://www.youtube.com/embed/zbjIIHs-wPk?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
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