<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>cyber crime &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<atom:link href="https://www.patnanow.com/tag/cyber-crime/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<description>Patna News Portal - हर ख़बर पर नज़र</description>
	<lastBuildDate>Wed, 31 Dec 2025 12:58:46 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.8.3</generator>

<image>
	<url>https://www.patnanow.com/assets/2022/08/cropped-PatnaNow_Logo_2022-32x32.png</url>
	<title>cyber crime &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
	<link>https://www.patnanow.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>फर्जी ट्रैफिक चालान लिंक से रहें सावधान, केवल विभागीय पोर्टल पर ही करें भुगतान</title>
		<link>https://www.patnanow.com/pnc-e-challan-digital-traffic-challan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 31 Dec 2025 12:58:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Crime]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar crime]]></category>
		<category><![CDATA[cyber crime]]></category>
		<category><![CDATA[Digital traffic challan]]></category>
		<category><![CDATA[E challan]]></category>
		<category><![CDATA[Farji challan]]></category>
		<category><![CDATA[Online fraud]]></category>
		<category><![CDATA[Transport Department]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=93930</guid>

					<description><![CDATA[पटना।। परिवहन विभाग ने आम नागरिकों को ट्रैफिक चालान के नाम पर भेजे जा रहे फर्जी लिंक और संदेशों से सतर्क रहने की अपील की है. परिवहन सचिव राजकुमार ने बताया कि हाल के दिनों में यह देखा गया है कि कुछ साइबर अपराधी मोबाइल संदेश (sms/whatsapp) के माध्यम से ट्रैफिक नियम उल्लंघन के नाम पर चालान भुगतान हेतु फर्जी वेबसाइट लिंक भेज रहे हैं, जिससे लोगों की गाढ़ी कमाई और व्यक्तिगत जानकारी खतरे में पड़ सकती है. परिवहन विभाग ने कहा है कि किसी भी स्थिति में ऐसे संदिग्ध या अनजान लिंक पर क्लिक न करें. ऐसे लिंक के माध्यम से किया गया भुगतान किसी भी वास्तविक ट्रैफिक चालान को समाप्त नहीं करता, बल्कि इससे बैंक विवरण, ओटीपी और व्यक्तिगत जानकारी चोरी होने की आशंका रहती है. परिवहन सचिव राज कुमार ने कहा है कि ट्रैफिक चालान की स्थिति जांचने और भुगतान करने के लिए केवल भारत सरकार के अधिकृत पोर्टल echallan.parivahan.gov.in का ही उपयोग करें. नागरिक स्वयं ब्राउज़र में आधिकारिक वेबसाइट टाइप कर चालान की जानकारी देखें और उसी पोर्टल के माध्यम से भुगतान करें. परिवहन विभाग की अपील ट्रैफिक चालान से संबंधित किसी भी प्रकार का संदिग्ध संदेश, लिंक या कॉल मिलने पर उसे नजरअंदाज करें. किसी भी परिस्थिति में ऐसे लिंक पर क्लिक न करें और न ही अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करें. विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं सतर्क रहें और अपने परिवारजनों एवं परिचितों को भी इस प्रकार के साइबर फ्रॉड से बचाव के प्रति जागरूक करें, ताकि किसी भी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<ul class="wp-block-list">
<li>परिवहन सचिव राज कुमार ने आम लोगों से अपील की है कि ट्रैफिक चालान की जानकारी एवं भुगतान के लिए केवल भारत सरकार के अधिकृत<br>पोर्टल <a href="https://echallan.parivahan.gov.in/"><strong>echallan.parivahan.gov.in</strong></a> का ही उपयोग करें.</li>



<li>ट्रैफिक चालान से संबंधित किसी भी प्रकार का संदिग्ध संदेश, लिंक या कॉल मिलने पर उसे नजरअंदाज करें<br>…………………………………………</li>
</ul>



<p>पटना।। परिवहन विभाग ने आम नागरिकों को ट्रैफिक चालान के नाम पर भेजे जा रहे फर्जी लिंक और संदेशों से सतर्क रहने की अपील की है. परिवहन सचिव राजकुमार ने बताया कि हाल के दिनों में यह देखा गया है कि कुछ साइबर अपराधी मोबाइल संदेश (sms/whatsapp) के माध्यम से ट्रैफिक नियम उल्लंघन के नाम पर चालान भुगतान हेतु फर्जी वेबसाइट लिंक भेज रहे हैं, जिससे लोगों की गाढ़ी कमाई और व्यक्तिगत जानकारी खतरे में पड़ सकती है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="789" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-e-challan-digital-traffic-challan-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93937" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-e-challan-digital-traffic-challan-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-e-challan-digital-traffic-challan-650x501.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>परिवहन विभाग ने कहा है कि किसी भी स्थिति में ऐसे संदिग्ध या अनजान लिंक पर क्लिक न करें. ऐसे लिंक के माध्यम से किया गया भुगतान किसी भी वास्तविक ट्रैफिक चालान को समाप्त नहीं करता, बल्कि इससे बैंक विवरण, ओटीपी और व्यक्तिगत जानकारी चोरी होने की आशंका रहती है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="638" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-transport-secretary-rajkumar-1-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93478" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-transport-secretary-rajkumar-1-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/pnc-transport-secretary-rajkumar-1-650x405.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>परिवहन सचिव राज कुमार ने कहा है कि ट्रैफिक चालान की स्थिति जांचने और भुगतान करने के लिए केवल भारत सरकार के अधिकृत पोर्टल <a href="https://echallan.parivahan.gov.in/">echallan.parivahan.gov.in</a> का ही उपयोग करें. नागरिक स्वयं ब्राउज़र में आधिकारिक वेबसाइट टाइप कर चालान की जानकारी देखें और उसी पोर्टल के माध्यम से भुगतान करें.</p>



<p><strong>परिवहन विभाग की अपील </strong></p>



<p>ट्रैफिक चालान से संबंधित किसी भी प्रकार का संदिग्ध संदेश, लिंक या कॉल मिलने पर उसे नजरअंदाज करें. किसी भी परिस्थिति में ऐसे लिंक पर क्लिक न करें और न ही अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करें. विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं सतर्क रहें और अपने परिवारजनों एवं परिचितों को भी इस प्रकार के साइबर फ्रॉड से बचाव के प्रति जागरूक करें, ताकि किसी भी प्रकार की आर्थिक क्षति से बचा जा सके.</p>



<p>pncb</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>&#8220;सावधान! आपका अंगूठा बन सकता है खतरा : भोजपुर में बड़ा साइबर खुलासा&#8221;</title>
		<link>https://www.patnanow.com/savdhan-aapka-angutha-ban-gaya-hai-hathiyar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 09 Dec 2025 03:33:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Crime]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[गांव -शहर]]></category>
		<category><![CDATA[देश दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Adhar]]></category>
		<category><![CDATA[Adhar enabled Payment system]]></category>
		<category><![CDATA[ARA]]></category>
		<category><![CDATA[BHOJPUR]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
		<category><![CDATA[cyber crime]]></category>
		<category><![CDATA[Cyber Dysp Ara]]></category>
		<category><![CDATA[Journalist O P Pandey]]></category>
		<category><![CDATA[oppandeyarticle]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[POLICE]]></category>
		<category><![CDATA[Sneh Setu]]></category>
		<category><![CDATA[पटना नाउ]]></category>
		<category><![CDATA[भोजपुर पुलिस]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=93419</guid>

					<description><![CDATA[आधार फिंगरप्रिंट बन गया हथियार, ठगों ने उड़ाए करोड़ोंभोजपुर पुलिस ने खोला साइबर ठगी का जाल भोजपुर में AEPS साइबर फ्रॉड का बड़ा खुलासा: करोड़ों की ठगी, पुलिस अलर्ट; साइबर डीएसपी ने जारी की एडवाइजरी आरा, 9 दिसंबर। भोजपुर पुलिस ने आधार फिंगरप्रिंट (Aadhaar Enabled Payment System) के जरिए संचालित बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह जिले की महिलाओं, विशेषकर जीविका समूह से जुड़ी लाभुकों के खातों से करोड़ों की निकासी में संलिप्त पाया गया।अब तक 178 पीड़ितों ने शिकायतें दर्ज कराई हैं, जिनके खातों से न्यूनतम ₹10,000 से लेकर लाखों रुपये तक AEPS के माध्यम से गायब किए गए है। डिजिटल मनी ट्रेल और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने ठगों के नेटवर्क का पता लगाया। कई संदिग्धों की पहचान हो चुकी है और पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। भोजपुर में AEPS साइबर ठगी का बड़ा खुलासा भोजपुर पुलिस ने इस ठगी के मामले में एक संदिग्ध देवानंद कुमार (पिता–जगदीश विश्वास, निवासी–लखनारे, थाना जलालगढ़, जिला पूर्णिया) को गिरफ्तार पूर्णिया से नाटकीय घटनाक्रम के बाद किया है। आरोपी देवानंद ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह गाँव के दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ साइबर गिरोह में सक्रिय था और आधार-बायोमेट्रिक के माध्यम से खातों से निकासी करता था। केस स्टडी: पीड़िता अंकिता कुमारी का मामलापीड़िता: अंकिता कुमारीपिता: संजय झानिवासी: शाहपुर, भोजपुर * दिनांक 23.09.2025 को मुख्यमंत्री बालिका योजना की ₹50,000 राशि खाते में आने की सूचना मिली * फिंगरप्रिंट सत्यापन के बहाने स्थानीय AEPS पॉइंट पर आधार [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>आधार फिंगरप्रिंट बन गया हथियार, ठगों ने उड़ाए करोड़ों<br>भोजपुर पुलिस ने खोला साइबर ठगी का जाल</strong><br><br><strong>भोजपुर में AEPS साइबर फ्रॉड का बड़ा खुलासा: करोड़ों की ठगी, पुलिस अलर्ट; साइबर डीएसपी ने जारी की एडवाइजरी</strong><br><br><br>आरा, 9 दिसंबर। भोजपुर पुलिस ने आधार फिंगरप्रिंट (Aadhaar Enabled Payment System) के जरिए संचालित बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह जिले की महिलाओं, विशेषकर जीविका समूह से जुड़ी लाभुकों के खातों से करोड़ों की निकासी में संलिप्त पाया गया।<br>अब तक 178 पीड़ितों ने शिकायतें दर्ज कराई हैं, जिनके खातों से न्यूनतम ₹10,000 से लेकर लाखों रुपये तक AEPS के माध्यम से गायब किए गए है।<br><br>डिजिटल मनी ट्रेल और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने ठगों के नेटवर्क का पता लगाया। कई संदिग्धों की पहचान हो चुकी है और पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।<br><br><strong>भोजपुर में AEPS साइबर ठगी का बड़ा खुलासा</strong><br><br>भोजपुर पुलिस ने इस ठगी के मामले में एक संदिग्ध देवानंद कुमार (पिता–जगदीश विश्वास, निवासी–लखनारे, थाना जलालगढ़, जिला पूर्णिया) को गिरफ्तार पूर्णिया से नाटकीय घटनाक्रम के बाद किया है। आरोपी देवानंद ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह गाँव के दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ साइबर गिरोह में सक्रिय था और आधार-बायोमेट्रिक के माध्यम से खातों से निकासी करता था।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="736" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000710429-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93421" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000710429-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000710429-650x467.jpg 650w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>केस स्टडी:</strong> पीड़िता अंकिता कुमारी का मामला<br>पीड़िता: अंकिता कुमारी<br>पिता: संजय झा<br>निवासी: शाहपुर, भोजपुर<br><br> * दिनांक 23.09.2025 को मुख्यमंत्री बालिका योजना की ₹50,000 राशि खाते में आने की सूचना मिली<br><br>* फिंगरप्रिंट सत्यापन के बहाने स्थानीय AEPS पॉइंट पर आधार व अंगूठा स्कैन कराया गया<br><br>* 09.10.2025 को पैसा निकालने पहुंची तो खाते में सिर्फ ₹120 शेष मिले<br><br>* बैंक स्टेटमेंट में स्पष्ट हुआ कि 27.09.2025 से 08.10.2025 तक खाते से पूरी राशि AEPS के जरिए अवैध रूप से निकाली गई</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="751" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000710430-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93424" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000710430-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000710430-650x477.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br><br>इसके बाद साइबर थाना में आवेदन पर FIR दर्ज, तकनीकी जांच में रकम देवानंद के खाते में ट्रांसफर पाए जाने की पुष्टि<br>पीड़िता अंकिता की तरह ही भोजपुर में 178 आवेदन इस साइबर फ्रॉड का पुलिस को मिला है जिसपर जांच के बाद पुलिस ने साइबर फ्रोडो के गिरोह को पकड़ने में बड़ी कामयाबी हासिल किया है। हालांकि अभी एक अपराधी ही पुलिस के हत्थे चढ़ा है लेकिन उसके पास से मिले कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और मोबाइल के साथ ट्रांसेक्शन का आईडी और apk फाइल पुलिस के हाथ लगा है जिसके आधार पर इस ठगी से जुड़े बाकी गिरोह के लोगों पर पुलिस की रडार काम कर रही है। इस गिरोह का तार बिहार से बाहर यूपी,झारखंड,मध्य प्रदेश और बंगाल के सीमावर्ती राज्यों सहित कई जिलों से जुड़ा है जहां पर ठगी के पैसों को ठगों ने तकनीक का उपयोग कर पैसे उड़ा इन राज्यों में अपने संगठित गिरोह के शातिरों तक पैसों को भेजा है। पुलिस यह मान रही है कि बाकी के लोग भले ही अभी कानून की गिरफ्त से बाहर हैं पर कानून के पंजे से भाग नहीं पाएंगे और बहुत जल्द सभी सलाखों के पीछे होंगे।<br><br><strong>साइबर डीएसपी का जनता से विशेष निवेदन</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="595" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000710431-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93422" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000710431-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000710431-650x377.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000710431-1536x892.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>भोजपुर के साइबर डीएसपी स्नेह सेतु ने लोगों से अपील की है कि साइबर ठगों से बचने के लिए नीचे दिए गए 5 सावधानियों का पालन अवश्य करेंः<br><br>1. अगर निकासी का संदेह हो तो तुरंत आधार लॉक करें। यदि आपको लगता है कि आपने किसी दुकान या लोकल पॉइंट पर फिंगरप्रिंट दिए हैं और बाद में खाते से संदिग्ध निकासी हुई है, तो तुरंत नजदीकी अधिकृत आधार केंद्र से अपने आधार को लॉक कराएं।<br><br>2. सिर्फ L1 डिवाइस वाले पॉइंट पर ही फिंगरप्रिंट दें<br>AEPS निकासी के लिए केवल L1 डिवाइस मान्य हैं। यदि कहीं L0 या MFS-100 डिवाइस का प्रयोग हो रहा है, तो इसकी त्वरित सूचना भोजपुर साइबर थाना को दें<br><br>3. आधार अपडेट सिर्फ अधिकृत केंद्र पर ही कराएं<br>लोकल दुकानदारों या अनधिकृत स्टॉलों पर आधार अपडेट, मोबाइल लिंक, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन न कराएं। हमेशा UIDAI अधिकृत आधार सेवा केंद्र पर ही यह प्रक्रिया कराएं।<br><br>4. यदि आपके खाते से आधार फिंगरप्रिंट सिस्टम के माध्यम से राशि कट गई है, तो तुरंत थाना में शिकायत दर्ज करें। पुलिस या साइबर थाना में आवेदन करते समय पूरा बैंक स्टेटमेंट साथ लाएं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किस तारीख, किस चैनल और किस डिवाइस से आपके खाते से निकासी हुई।<br><br>5. AEPS फ्रॉड होने पर 90 दिनों के भीतर बैंक अपनी प्राथमिक रिपोर्ट को लेकर जाएं। शिकायत की प्रति के साथ 90 दिनों के भीतर बैंक जाएं। नियम के अनुसार बैंक आपके पैसे रिफंड करने के लिए बाध्य है<br><br><strong>बड़ा साइबर नेटवर्क होने की आशंका</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="562" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000710428-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-93423" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000710428-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000710428-650x357.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2025/12/1000710428-1536x844.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><br><br>जांच में यह संकेत मिले हैं कि आधार आधारित AEPS ठगी का यह खेल संगठित साइबर माफिया नेटवर्क के जरिए चलाया जा रहा है। कई आरोपी पुलिस रडार पर हैं और लगातार रेड जारी है।<br><br>भोजपुर पुलिस ने सभी नागरिकों से एहतियात बरतते हुए आधार और फिंगरप्रिंट किसी अनधिकृत व्यक्ति या उपकरण पर उपयोग न करने की सख्त सलाह दी है।<br><br>पुलिस ने लोगों से जागरूक रहने, सुरक्षित रहने की सलाह दी है। किसी भी संदेह की स्थिति में तुरंत भोजपुर साइबर थाना से संपर्क करें। एईपीएस के जरिए निकासी की सूचना मिलते ही फिंगरप्रिंट लॉक कराएं और रिपोर्ट दर्ज कराएं।<br><br>अब देखना यह दिलचस्प होगा कि तकनीक का उपयोग कर लोगों से पैसे उड़ाने वाले इस गिरोह पर पुलिस तकनीक और संसाधनों का उपयोग कर कबतक गिरोह के लोगों पर शिकंजा कसती है।</p>



<p>आरा से<strong> ओ पी पाण्डेय</strong> की रिपोर्ट </p>



<p><br></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>राजगीर और पटना में साइबर फॉरेंसिक लैब बनाने की तैयारी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/cyber-forensic-lab/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 27 Jul 2025 17:43:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Crime]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar crime]]></category>
		<category><![CDATA[Cyber cell]]></category>
		<category><![CDATA[cyber crime]]></category>
		<category><![CDATA[Cyber forensic lab]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=91247</guid>

					<description><![CDATA[एफएसएल के अंतर्गत बनाए जाएंगे ये खास तरह के साइबर फॉरेंसिक प्रयोगशाला पटना, 27 जुलाई।। राज्य में तेजी से बढ़ते साइबर अपराध के मामलों का अनुसंधान ठोस और प्रमाणिक तरीके से करने के लिए दो साइबर फॉरेंसिक प्रयोगशाला बनाने की योजना है. पटना और राजगीर में एक-एक ऐसा विशेष लैब स्थापित करने की तैयारी शुरू हो गई है. वर्तमान में सीआईडी के अंतर्गत कार्यरत फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) के साथ ही इसका संचालन किया जाएगा. इससे संबंधित विस्तृत कार्ययोजना के अमलीजामा पहनाने में सीआईडी लगा हुआ है. एनएफएसयू निभाएगा कंसल्टेंट की भूमिकासाइबर फॉरेंसिक लैब को स्थापित करने के लिए गुजरात के गांधीनगर स्थित नेशनल फॉरेंसिक साइंस विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) की विशेष टीम जल्द ही बिहार आने जा रही है. यह खास संस्थान दोनों साइबर फॉरेंसिक लैब में विशेष कंसल्टेंट भी भूमिका भी निभाएगा. इसकी टीम पुलिस मुख्यालय के सीआईडी विंग के साथ समन्वय स्थापित कर साइबर फॉरेंसिक लैब को स्थापित करने को लेकर सभी महत्वपूर्ण पहलु पर मंथन करेगी. गौरतलब है कि एनएफएसयू देश की अपनी तरह की एकमात्र विश्वविद्यालय है, जो फॉरेंसिक साइंस अनुसंधान और इससे संबंधित कोर्स की पढ़ाई के लिए खासतौर से जाना जाता है. आपराधिक घटनाओं का अनुसंधान वैज्ञानिक तरीके से करके सभी महत्वपूर्ण साक्षयों को एकत्र करने से संबंधित तमाम आयामों का अध्ययन किया जाता है. बिहार के दोनों लैब की स्थापना एनएफएसयू के विशेषज्ञों की देखरेख में किया जाएगा. Pics courtesy social media वैज्ञानिक तरीके से होंगे साइबर अनुसंधानसाइबर लैब स्थापित होने से साइबर अपराध से जुड़े तमाम मामलों का अनुसंधान वैज्ञानिक तरीके से हो [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>एफएसएल के अंतर्गत बनाए जाएंगे ये खास तरह के साइबर फॉरेंसिक प्रयोगशाला</strong></p>



<p>पटना, 27 जुलाई।। राज्य में तेजी से बढ़ते साइबर अपराध के मामलों का अनुसंधान ठोस और प्रमाणिक तरीके से करने के लिए दो साइबर फॉरेंसिक प्रयोगशाला बनाने की योजना है. पटना और राजगीर में एक-एक ऐसा विशेष लैब स्थापित करने की तैयारी शुरू हो गई है. वर्तमान में सीआईडी के अंतर्गत कार्यरत फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) के साथ ही इसका संचालन किया जाएगा. इससे संबंधित विस्तृत कार्ययोजना के अमलीजामा पहनाने में सीआईडी लगा हुआ है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="901" height="718" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-cyber-forensic-lab.jpg" alt="" class="wp-image-91250" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-cyber-forensic-lab.jpg 901w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-cyber-forensic-lab-650x518.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 901px) 100vw, 901px" /></figure>



<p><strong>एनएफएसयू निभाएगा कंसल्टेंट की भूमिका</strong><br>साइबर फॉरेंसिक लैब को स्थापित करने के लिए गुजरात के गांधीनगर स्थित नेशनल फॉरेंसिक साइंस विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) की विशेष टीम जल्द ही बिहार आने जा रही है. यह खास संस्थान दोनों साइबर फॉरेंसिक लैब में विशेष कंसल्टेंट भी भूमिका भी निभाएगा. इसकी टीम पुलिस मुख्यालय के सीआईडी विंग के साथ समन्वय स्थापित कर साइबर फॉरेंसिक लैब को स्थापित करने को लेकर सभी महत्वपूर्ण पहलु पर मंथन करेगी. गौरतलब है कि एनएफएसयू देश की अपनी तरह की एकमात्र विश्वविद्यालय है, जो फॉरेंसिक साइंस अनुसंधान और इससे संबंधित कोर्स की पढ़ाई के लिए खासतौर से जाना जाता है. आपराधिक घटनाओं का अनुसंधान वैज्ञानिक तरीके से करके सभी महत्वपूर्ण साक्षयों को एकत्र करने से संबंधित तमाम आयामों का अध्ययन किया जाता है. बिहार के दोनों लैब की स्थापना एनएफएसयू के विशेषज्ञों की देखरेख में किया जाएगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="884" height="680" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-cyber-crime.jpg" alt="" class="wp-image-91249" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-cyber-crime.jpg 884w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-cyber-crime-650x500.jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 884px) 100vw, 884px" /></figure>



<p><em>Pics courtesy social media </em><br><strong>वैज्ञानिक तरीके से होंगे साइबर अनुसंधान</strong><br>साइबर लैब स्थापित होने से साइबर अपराध से जुड़े तमाम मामलों का अनुसंधान वैज्ञानिक तरीके से हो सकेगा. इससे साक्ष्यों को जुटाने में सहूलियत होगी और किसी मामले के अनुसंधान में प्रमाणिक साक्ष्य जुटाने में आसानी होगी. इनकी मदद से आरोपियों को सजा दिलाने में आसानी होगी. वर्तमान में साइबर अपराध में सबसे महत्वपूर्ण है, इन मामलों में अपराधियों के खिलाफ ठोस साक्ष्य जुटाना. इसमें साइबर फॉरेंसिक लैब की भूमिका काफी अहम होगी. इसके अतिरिक्त साइबर अपराध के जटिल मामलों का अनुसंधान करने में भी यह काफी सहायक साबित होगा. नया कानून बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के लागू होने के बाद से डिजिटल साक्ष्यों को महत्वपूर्ण सबूत माना जाने लगा है. ऐसे में साइबर मामलों में डिजिटल साक्ष्य एकत्र करने में साइबर लैब की भूमिका बेहद खास होगी.<br><strong>कहते हैं अधिकारी</strong><br>इस मामले में एडीजी (सीआईडी) पारसनाथ का कहना है कि बिहार में साइबर क्राइम तेजी से बढ़ रहे हैं. इनका समय पर सटीक अनुसंधान करना पुलिस के समक्ष चुनौती के तौर पर है. इसमें साइबर फॉरेंसिक लैब की भूमिका काफी बढ़ जाती है. इलेक्ट्रॉनिक गैजेट का अवलोकन करना या इनका विश्लेषण करने के लिए इस तरह का विशेष संस्थान और विशेषज्ञों की टीम की सख्त आवश्यकता है. वर्तमान में एक यूनिट काम कर रही है, लेकिन वह नाकाफी है. इसे देखते हुए साइबर फॉरेंसिक लैब की जरूरत समझी जा रही है. सरकार ने इसे स्थापित करने की अनुमति दे दी है. अब इसे लेकर कवायद तेज कर दी गई है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>साइबर फ्रॉड के दो दिनों में 15 केस दर्ज, 16 लाख की हुई ठगी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/15-cases-registered-in-two-days-of-cyber-fraud-fraud-of-rs-16-lakh/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 27 Sep 2023 02:27:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[Crime]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
		<category><![CDATA[cyber crime]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.patnanow.com/?p=78605</guid>

					<description><![CDATA[केवाईसी, क्रेडिट कार्ड के नाम पर ठगी, गुगल से नंबर लेना खतरनाक आवास बोर्ड के अधिकारी और ईंट व्यवसायी से भी ठगी शादी के लिए लड़की ढूंढ दूंगा स्पेशल केस में बिहार में साइबर शातिरों ने एक बार फिर अधिकारी, डॉक्टर और व्यवसायी सहित 15 लोगों को निशाना बनाया है. सिर्फ दो दिन 23 और 24 सितंबर को पटना साइबर थाना में 15 एफआईआर दर्ज किया गया है. साइबर शातिरों ने 15 लोगों से कुल 16 लाख तीन हजार 214 रुपए की ठगी की है. सभी मामले में पुलिस छानबीन कर रही है. जिन जिन खातों में रुपया गया है उसकी छानबीन की जा रही है. साथ ही संबंधित बैंकों से खाता के बारे में पूरी डिटेल मांगी गई है. एफआईआर को खंगालने पर यह बात सामने आती है कि साइबर शातिर कुछ फिक्स पैटर्न पर ही ठगी कर रहे हैं. अधिकांश मामलों में शातिर केवाईसी अपडेट या क्रेडिट कार्ड अपडेट करने का झांसा देते हैं. कुछ मामले में लोग खुद शातिर के पास पहुंच रहे हैं. लोग अपनी जरूरतों के लिए कस्टमर केयर का नंबर गुगल से तलाशते हैं और वहां मोबाइल नंबर शातिरों का मिलता है. इसके बाद शातिर उनके साथ ठगी कर लेते हैं. पत्रकार नगर में रहने वाले आवास बोर्ड के अधिकारी सुभाष प्रसाद को शातिर ने फोन किया और कहा कि आपके क्रेडिट कार्ड को अपडेट करना होगा. नहीं करने पर पैसे कटेंगे. इसके बाद शातिर के कहने पर सुभाष प्रसाद ने अपने मोबाइल में एनी डेस्क एप इंस्टॉल कर लिया और उनके खाता से [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p></p>



<p></p>



<p><strong>केवाईसी, क्रेडिट कार्ड के नाम पर ठगी, गुगल से नंबर लेना खतरनाक</strong></p>



<p><strong>आवास बोर्ड के अधिकारी और ईंट व्यवसायी से भी ठगी</strong></p>



<p><strong>शादी के लिए लड़की ढूंढ दूंगा स्पेशल केस में</strong></p>



<p>बिहार में साइबर शातिरों ने एक बार फिर अधिकारी, डॉक्टर और व्यवसायी सहित 15 लोगों को निशाना बनाया है. सिर्फ दो दिन 23 और 24 सितंबर को पटना साइबर थाना में 15 एफआईआर दर्ज किया गया है. साइबर शातिरों ने 15 लोगों से कुल 16 लाख तीन हजार 214 रुपए की ठगी की है. सभी मामले में पुलिस छानबीन कर रही है. जिन जिन खातों में रुपया गया है उसकी छानबीन की जा रही है. साथ ही संबंधित बैंकों से खाता के बारे में पूरी डिटेल मांगी गई है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="366" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/cyber-1-650x366.png" alt="" class="wp-image-78607" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/09/cyber-1-650x366.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/cyber-1-350x197.png 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/cyber-1-768x432.png 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/09/cyber-1.png 1200w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>एफआईआर को खंगालने पर यह बात सामने आती है कि साइबर शातिर कुछ फिक्स पैटर्न पर ही ठगी कर रहे हैं. अधिकांश मामलों में शातिर केवाईसी अपडेट या क्रेडिट कार्ड अपडेट करने का झांसा देते हैं. कुछ मामले में लोग खुद शातिर के पास पहुंच रहे हैं. लोग अपनी जरूरतों के लिए कस्टमर केयर का नंबर गुगल से तलाशते हैं और वहां मोबाइल नंबर शातिरों का मिलता है. इसके बाद शातिर उनके साथ ठगी कर लेते हैं.</p>



<p>पत्रकार नगर में रहने वाले आवास बोर्ड के अधिकारी सुभाष प्रसाद को शातिर ने फोन किया और कहा कि आपके क्रेडिट कार्ड को अपडेट करना होगा. नहीं करने पर पैसे कटेंगे. इसके बाद शातिर के कहने पर सुभाष प्रसाद ने अपने मोबाइल में एनी डेस्क एप इंस्टॉल कर लिया और उनके खाता से 1.39 लाख रुपया शातिर ने निकाल लिया. इधर, आर्मी ऑफिसर बन शातिर ने नौबतपुर के ईंट भट्‌ठा व्यवसायी शैलेश कुमार सिंह को फोन किया और बोला कि उनके कैंट में निर्माण कार्य के लिए छह हजार ईंट की जरूरत है.</p>



<p>दिए गए पता पर शैलेश ने तीन हजार ईंट भेज दिए. तब किसी ने फोन नहीं उठाया. इसके बाद अधिकारी बताने वाले शातिर ने फोन किया और कहा कि आर्मी के रूल के हिसाब से मैं आपको एक रुपया पेटीएम कर रहा हूं. आप बदले में मुझे 30 हजार रुपया पेटीएम करेंगे फिर मैं आपको 60 हजार रुपया पेटीएम कर दूंगा. शैलेश ने 30 हजार पेटीएम कर दिया. इसके बाद शातिर ने फोन बंद कर लिया.</p>



<p>डॉक्टर को दिया झांसा शादी के लिए लड़की ढूंढ दूंगा |इसी तरह शातिरों ने शेखपुरा बगीचा के रहने वाले डॉ. अभिषेक प्रताप को फोन किया और उन से 21 हजार 700 रुपए की ठगी कर ली. अभिषेक एक मेट्रिमोनियल वेबसाइट पर रजिस्टर्ड हैं. फोन करने वाले ने खुद को उस वेबसाइट का कर्मी बताया और कहा कि 21 हजार 700 रजिस्ट्रेशन शुल्क देने पर आपका प्रोफाइल गोल्ड हो जाएगा. हमलोग आपके लिए अच्छी लड़की का प्रोफाइल ढूंढकर आपको देंगे. शातिर के झांसे में डॉक्टर आ गए और उन्होंने शातिर के खाता में 21 हजार 700 रुपया जमा कर दिया. इसके बाद शातिर ने मोबाइल बंद कर लिया.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
