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		<title>राजगीर और पटना में साइबर फॉरेंसिक लैब बनाने की तैयारी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 27 Jul 2025 17:43:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[एफएसएल के अंतर्गत बनाए जाएंगे ये खास तरह के साइबर फॉरेंसिक प्रयोगशाला पटना, 27 जुलाई।। राज्य में तेजी से बढ़ते साइबर अपराध के मामलों का अनुसंधान ठोस और प्रमाणिक तरीके से करने के लिए दो साइबर फॉरेंसिक प्रयोगशाला बनाने की योजना है. पटना और राजगीर में एक-एक ऐसा विशेष लैब स्थापित करने की तैयारी शुरू हो गई है. वर्तमान में सीआईडी के अंतर्गत कार्यरत फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) के साथ ही इसका संचालन किया जाएगा. इससे संबंधित विस्तृत कार्ययोजना के अमलीजामा पहनाने में सीआईडी लगा हुआ है. एनएफएसयू निभाएगा कंसल्टेंट की भूमिकासाइबर फॉरेंसिक लैब को स्थापित करने के लिए गुजरात के गांधीनगर स्थित नेशनल फॉरेंसिक साइंस विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) की विशेष टीम जल्द ही बिहार आने जा रही है. यह खास संस्थान दोनों साइबर फॉरेंसिक लैब में विशेष कंसल्टेंट भी भूमिका भी निभाएगा. इसकी टीम पुलिस मुख्यालय के सीआईडी विंग के साथ समन्वय स्थापित कर साइबर फॉरेंसिक लैब को स्थापित करने को लेकर सभी महत्वपूर्ण पहलु पर मंथन करेगी. गौरतलब है कि एनएफएसयू देश की अपनी तरह की एकमात्र विश्वविद्यालय है, जो फॉरेंसिक साइंस अनुसंधान और इससे संबंधित कोर्स की पढ़ाई के लिए खासतौर से जाना जाता है. आपराधिक घटनाओं का अनुसंधान वैज्ञानिक तरीके से करके सभी महत्वपूर्ण साक्षयों को एकत्र करने से संबंधित तमाम आयामों का अध्ययन किया जाता है. बिहार के दोनों लैब की स्थापना एनएफएसयू के विशेषज्ञों की देखरेख में किया जाएगा. Pics courtesy social media वैज्ञानिक तरीके से होंगे साइबर अनुसंधानसाइबर लैब स्थापित होने से साइबर अपराध से जुड़े तमाम मामलों का अनुसंधान वैज्ञानिक तरीके से हो [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>एफएसएल के अंतर्गत बनाए जाएंगे ये खास तरह के साइबर फॉरेंसिक प्रयोगशाला</strong></p>



<p>पटना, 27 जुलाई।। राज्य में तेजी से बढ़ते साइबर अपराध के मामलों का अनुसंधान ठोस और प्रमाणिक तरीके से करने के लिए दो साइबर फॉरेंसिक प्रयोगशाला बनाने की योजना है. पटना और राजगीर में एक-एक ऐसा विशेष लैब स्थापित करने की तैयारी शुरू हो गई है. वर्तमान में सीआईडी के अंतर्गत कार्यरत फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) के साथ ही इसका संचालन किया जाएगा. इससे संबंधित विस्तृत कार्ययोजना के अमलीजामा पहनाने में सीआईडी लगा हुआ है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="901" height="718" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-cyber-forensic-lab.jpg" alt="" class="wp-image-91250" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-cyber-forensic-lab.jpg 901w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-cyber-forensic-lab-650x518.jpg 650w" sizes="(max-width: 901px) 100vw, 901px" /></figure>



<p><strong>एनएफएसयू निभाएगा कंसल्टेंट की भूमिका</strong><br>साइबर फॉरेंसिक लैब को स्थापित करने के लिए गुजरात के गांधीनगर स्थित नेशनल फॉरेंसिक साइंस विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) की विशेष टीम जल्द ही बिहार आने जा रही है. यह खास संस्थान दोनों साइबर फॉरेंसिक लैब में विशेष कंसल्टेंट भी भूमिका भी निभाएगा. इसकी टीम पुलिस मुख्यालय के सीआईडी विंग के साथ समन्वय स्थापित कर साइबर फॉरेंसिक लैब को स्थापित करने को लेकर सभी महत्वपूर्ण पहलु पर मंथन करेगी. गौरतलब है कि एनएफएसयू देश की अपनी तरह की एकमात्र विश्वविद्यालय है, जो फॉरेंसिक साइंस अनुसंधान और इससे संबंधित कोर्स की पढ़ाई के लिए खासतौर से जाना जाता है. आपराधिक घटनाओं का अनुसंधान वैज्ञानिक तरीके से करके सभी महत्वपूर्ण साक्षयों को एकत्र करने से संबंधित तमाम आयामों का अध्ययन किया जाता है. बिहार के दोनों लैब की स्थापना एनएफएसयू के विशेषज्ञों की देखरेख में किया जाएगा.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="884" height="680" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-cyber-crime.jpg" alt="" class="wp-image-91249" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-cyber-crime.jpg 884w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/pnc-cyber-crime-650x500.jpg 650w" sizes="(max-width: 884px) 100vw, 884px" /></figure>



<p><em>Pics courtesy social media </em><br><strong>वैज्ञानिक तरीके से होंगे साइबर अनुसंधान</strong><br>साइबर लैब स्थापित होने से साइबर अपराध से जुड़े तमाम मामलों का अनुसंधान वैज्ञानिक तरीके से हो सकेगा. इससे साक्ष्यों को जुटाने में सहूलियत होगी और किसी मामले के अनुसंधान में प्रमाणिक साक्ष्य जुटाने में आसानी होगी. इनकी मदद से आरोपियों को सजा दिलाने में आसानी होगी. वर्तमान में साइबर अपराध में सबसे महत्वपूर्ण है, इन मामलों में अपराधियों के खिलाफ ठोस साक्ष्य जुटाना. इसमें साइबर फॉरेंसिक लैब की भूमिका काफी अहम होगी. इसके अतिरिक्त साइबर अपराध के जटिल मामलों का अनुसंधान करने में भी यह काफी सहायक साबित होगा. नया कानून बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के लागू होने के बाद से डिजिटल साक्ष्यों को महत्वपूर्ण सबूत माना जाने लगा है. ऐसे में साइबर मामलों में डिजिटल साक्ष्य एकत्र करने में साइबर लैब की भूमिका बेहद खास होगी.<br><strong>कहते हैं अधिकारी</strong><br>इस मामले में एडीजी (सीआईडी) पारसनाथ का कहना है कि बिहार में साइबर क्राइम तेजी से बढ़ रहे हैं. इनका समय पर सटीक अनुसंधान करना पुलिस के समक्ष चुनौती के तौर पर है. इसमें साइबर फॉरेंसिक लैब की भूमिका काफी बढ़ जाती है. इलेक्ट्रॉनिक गैजेट का अवलोकन करना या इनका विश्लेषण करने के लिए इस तरह का विशेष संस्थान और विशेषज्ञों की टीम की सख्त आवश्यकता है. वर्तमान में एक यूनिट काम कर रही है, लेकिन वह नाकाफी है. इसे देखते हुए साइबर फॉरेंसिक लैब की जरूरत समझी जा रही है. सरकार ने इसे स्थापित करने की अनुमति दे दी है. अब इसे लेकर कवायद तेज कर दी गई है.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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		<title>हजारों लोग जब लुट गए तब खुली सीएम नीतीश की नींद</title>
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		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 06 Aug 2022 03:45:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
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		<category><![CDATA[nitish kumar]]></category>
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					<description><![CDATA[साइबर क्राइम और आर्थिक अपराध कांडों में बढ़ोतरी साइबर अपराधियों पर अब कसेगी सरकार नकेल पटना: कानून व्यवस्था को बेहतर करने की दिशान में नीतीश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों में 1258 पदों पर नियुक्ति और सृजन करने का निर्णय लिया है. इन पदों में गृह विभाग में ही कुल 995 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के नये पद बनाये गये हैं. इसके अलावा वित्त विभाग में वित्तीय विशेषज्ञ और बजट पदाधिकारी का भी एक-एक पद है. पुलिस विभाग में जिन 995 नए पदों का सृजन किया गया है, उनमें साइबर क्राइम की रोकथाम पर विशेष जोर दिया गया है. बिहार पुलिस सेवा संवर्ग के तहत साइबर क्राइम और आर्थिक अपराध कांडों में बढ़ोतरी को देखते हुए अनुसंधान और अनुश्रवण के लिये 181 पदों का सृजन किया गया है जिसमें इसमें स्टॉफ आफिसर (ग्रामीण एसपी) के 15 पद, अपर पुलिस अधीक्षक के 12 पद, वरीय पुलिस उपाधीक्षक के 114 पद और पुलिस उपाधीक्षक के 40 पद शामिल हैं. कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने बताया कि साइबर क्राइम की बढ़ती घटनाओं पर रोकथाम के लिए आर्थिक अपराध इकाई पटना में डीआइजी, एसपी (साइबर) अनुसंधान एवं अभियान, पुलिस अधीक्षक (साइबर) प्रशिक्षण, पोर्टल एवं समन्वय, पुलिस उपाधीक्षक (साइबर), पुलिस निरीक्षक, पुलिस निरीक्षक, प्रवाचक, पुलिस अवर निरीक्षक और आशु सहायक अवर निरीक्षक कोटि के पद शामिल किये गये हैं. PNCDESK]]></description>
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<p><strong>साइबर क्राइम और आर्थिक अपराध कांडों में बढ़ोतरी</strong></p>



<p><strong>साइबर अपराधियों पर अब कसेगी सरकार नकेल</strong></p>



<p>पटना: कानून व्यवस्था को बेहतर करने की दिशान में नीतीश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों में 1258 पदों पर नियुक्ति और सृजन करने का निर्णय लिया है. इन पदों में गृह विभाग में ही कुल 995 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के नये पद बनाये गये हैं. इसके अलावा वित्त विभाग में वित्तीय विशेषज्ञ और बजट पदाधिकारी का भी एक-एक पद है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="376" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/nitish.png" alt="" class="wp-image-65182" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/nitish.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/08/nitish-350x202.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption><strong>सीएम नीतीश कुमार </strong></figcaption></figure>



<p>पुलिस विभाग में जिन 995 नए पदों का सृजन किया गया है, उनमें साइबर क्राइम की रोकथाम पर विशेष जोर दिया गया है. बिहार पुलिस सेवा संवर्ग के तहत साइबर क्राइम और आर्थिक अपराध कांडों में बढ़ोतरी को देखते हुए अनुसंधान और अनुश्रवण के लिये 181 पदों का सृजन किया गया है जिसमें इसमें स्टॉफ आफिसर (ग्रामीण एसपी) के 15 पद, अपर पुलिस अधीक्षक के 12 पद, वरीय पुलिस उपाधीक्षक के 114 पद और पुलिस उपाधीक्षक के 40 पद शामिल हैं.</p>



<p>कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने बताया कि साइबर क्राइम की बढ़ती घटनाओं पर रोकथाम के लिए आर्थिक अपराध इकाई पटना में डीआइजी, एसपी (साइबर) अनुसंधान एवं अभियान, पुलिस अधीक्षक (साइबर) प्रशिक्षण, पोर्टल एवं समन्वय, पुलिस उपाधीक्षक (साइबर), पुलिस निरीक्षक, पुलिस निरीक्षक, प्रवाचक, पुलिस अवर निरीक्षक और आशु सहायक अवर निरीक्षक कोटि के पद शामिल किये गये हैं.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
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		<title>पीटी परीक्षा रद्द, साइबर सेल से जांच की सिफारिश</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bpsc-pt-cancel/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 08 May 2022 16:09:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[UPSC/PCS]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
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					<description><![CDATA[बिहार लोक सेवा आयोग ने 67वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा रद्द कर दी है. पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद आयोग ने परीक्षा रद्द करने का फैसला किया. नई परीक्षा की तारीख बाद में घोषित की जाएगी. अब तक मिली जानकारी के मुताबिक आरा के एक परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों ने धांधली का आरोप लगाते हुए हंगामा किया. उस परीक्षा केंद्र का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. बिहार लोक सेवा आयोग ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई थी जिसे 24 घंटे का वक्त दिया गया था लेकिन इस कमेटी ने 3 घंटे में ही अपनी रिपोर्ट आयोग को दे दी, जिसमें पेपर लीक की पुष्टि हुई. प्रश्न पत्र परीक्षा शुरू होने के एक घंटा पहले ही लीक हो गया था. प्रश्न पत्र का सेट सी सोशल मीडिया पर वायरल था जिसे कई मीडिया ने प्रसारित भी किया. आयोग ने बिहार के डीजीपी को पत्र लिखकर पूरे मामले की साइबर सेल से जांच कराने की मांग की है जिससे यह जानकारी मिल सके कि आखिर प्रश्न पत्र कहां से लीक हुआ. pncb]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>बिहार लोक सेवा आयोग ने 67वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा रद्द कर दी है.  पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद आयोग ने परीक्षा रद्द करने का फैसला किया. नई परीक्षा की तारीख बाद में घोषित की जाएगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="394" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220508-WA0082.jpg" alt="" class="wp-image-61882" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220508-WA0082.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220508-WA0082-350x212.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption><strong>वायरल फोटो</strong></figcaption></figure>



<p>अब तक मिली जानकारी के मुताबिक आरा के एक परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों ने धांधली का आरोप लगाते हुए हंगामा किया. उस परीक्षा केंद्र का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. बिहार लोक सेवा आयोग ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई थी जिसे 24 घंटे का वक्त दिया गया था लेकिन इस कमेटी ने 3 घंटे में ही अपनी रिपोर्ट आयोग को दे दी, जिसमें पेपर लीक की पुष्टि हुई. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="364" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/pnc-bpsc-office-patna-1.jpg" alt="" class="wp-image-61869" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/pnc-bpsc-office-patna-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/pnc-bpsc-office-patna-1-350x196.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>प्रश्न पत्र परीक्षा शुरू होने के एक घंटा पहले ही लीक हो गया था. प्रश्न पत्र का सेट सी सोशल मीडिया पर वायरल था जिसे कई मीडिया ने प्रसारित भी किया. आयोग ने बिहार के डीजीपी को पत्र लिखकर पूरे मामले की साइबर सेल से जांच कराने की मांग की है जिससे यह जानकारी मिल सके कि आखिर प्रश्न पत्र कहां से लीक हुआ.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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