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		<title>एम्स पटना-स्टेट हेल्थ सोसाइटी में ऐतिहासिक करार, अब सरकारी अस्पतालों में मिलेगा एक समान आपातकालीन इलाज.</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Pnc Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 06 Aug 2026 15:46:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
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		<category><![CDATA[State health society Bihar]]></category>
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					<description><![CDATA[गंभीर मरीजों के लिए ऐतिहासिक पहल पटना।अजीत।। बिहार में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एम्स पटना और स्टेट हेल्थ सोसाइटी (एसएचएस) बिहार के बीच गुरुवार को महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए. इस पहल का उद्देश्य राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए एक समान मानक लागू करना है, ताकि मरीजों को हर जिले में गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध इलाज मिल सके. समझौते के तहत सड़क दुर्घटना, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, सर्पदंश, विषाक्तता, जलने की घटनाओं और प्रसूति आपातकाल जैसी गंभीर स्थितियों में पूरे राज्य में एक समान क्लिनिकल प्रोटोकॉल, आधुनिक ट्रायेज प्रणाली और वैज्ञानिक उपचार व्यवस्था लागू की जाएगी. इससे मरीजों को &#8220;गोल्डन ऑवर&#8221; के भीतर बेहतर इलाज उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी. एमओयू पर स्टेट हेल्थ सोसाइटी की ओर से संयुक्त सचिव सह प्रभारी (प्रशिक्षण) बृंदा लाल और एम्स पटना की ओर से चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. प्रशांत कुमार सिंह ने हस्ताक्षर किए. कार्यक्रम एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल की उपस्थिति में संपन्न हुआ. इस पहल के तहत एम्स पटना को राज्य का शीर्ष तकनीकी संसाधन केंद्र बनाया गया है. संस्थान जिला अस्पतालों और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को प्रशिक्षण, क्लिनिकल मेंटरिंग, टेली-इमरजेंसी परामर्श, गुणवत्ता ऑडिट और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएगा. साथ ही एम्स पटना को केंद्रीय हब और 13 सरकारी मेडिकल कॉलेजों को क्षेत्रीय हब बनाकर हब एंड स्पोक इमरजेंसी केयर नेटवर्क विकसित किया जाएगा. प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने कहा कि यह समझौता बिहार की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>गंभीर मरीजों के लिए ऐतिहासिक पहल</strong></p>



<p>पटना।अजीत।। बिहार में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एम्स पटना और स्टेट हेल्थ सोसाइटी (एसएचएस) बिहार के बीच गुरुवार को महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए. इस पहल का उद्देश्य राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए एक समान मानक लागू करना है, ताकि मरीजों को हर जिले में गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध इलाज मिल सके.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/aiims-1.png" alt="" class="wp-image-65708" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/aiims-1.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/08/aiims-1-350x263.png 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>समझौते के तहत सड़क दुर्घटना, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, सर्पदंश, विषाक्तता, जलने की घटनाओं और प्रसूति आपातकाल जैसी गंभीर स्थितियों में पूरे राज्य में एक समान क्लिनिकल प्रोटोकॉल, आधुनिक ट्रायेज प्रणाली और वैज्ञानिक उपचार व्यवस्था लागू की जाएगी. इससे मरीजों को &#8220;गोल्डन ऑवर&#8221; के भीतर बेहतर इलाज उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1024" height="768" src="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001062000-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-98370" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001062000-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001062000-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2026/08/1001062000-1536x1152.jpg 1536w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>एमओयू पर स्टेट हेल्थ सोसाइटी की ओर से संयुक्त सचिव सह प्रभारी (प्रशिक्षण) बृंदा लाल और एम्स पटना की ओर से चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. प्रशांत कुमार सिंह ने हस्ताक्षर किए. कार्यक्रम एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल की उपस्थिति में संपन्न हुआ.</p>



<p>इस पहल के तहत एम्स पटना को राज्य का शीर्ष तकनीकी संसाधन केंद्र बनाया गया है. संस्थान जिला अस्पतालों और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को प्रशिक्षण, क्लिनिकल मेंटरिंग, टेली-इमरजेंसी परामर्श, गुणवत्ता ऑडिट और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएगा. साथ ही एम्स पटना को केंद्रीय हब और 13 सरकारी मेडिकल कॉलेजों को क्षेत्रीय हब बनाकर हब एंड स्पोक इमरजेंसी केयर नेटवर्क विकसित किया जाएगा.</p>



<p>प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने कहा कि यह समझौता बिहार की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव लाने वाला कदम है. वहीं बृंदा लाल ने कहा कि यह साझेदारी राज्य के सरकारी अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने और गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित होगी.</p>



<p><strong><em>pncb</em></strong></p>
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