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	<title>CM Bihar &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>बिहार में125 यूनिट मुफ़्त बिजली, 10,000 मेगावॉट सोलर लक्ष्य</title>
		<link>https://www.patnanow.com/125-units-of-free-electricity-in-bihar-10000-mw-solar-power-target/</link>
		
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		<pubDate>Thu, 17 Jul 2025 07:03:00 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[विकास-प्लस-राजनीति दोनों कोणों से चर्चा तेज़ गुरुवार, 17 जुलाई 2025 मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की है कि 1 अगस्त 2025 से बिहार के पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति माह पहले 125 यूनिट तक बिजली मुफ़्त मिलेगी. सरकार का अनुमान है कि इससे लगभग 1.67 करोड़ परिवारों को सीधा लाभ होगा. इसके समानांतर राज्य ने अगले तीन वर्षों में 10,000 मेगावॉट सौर ऊर्जा क्षमता विकसित करने की मंशा जताई है, जिसमें सबसे गरीब परिवारों के लिए पूर्ण समर्थन (जैसे ‘कुटीर ज्योति’ जैसी लक्षित सहायता) और बाक़ी उपभोक्ताओं के लिए अनुदान/साझा-वित्त पोषण मॉडल पर विचार शामिल है. यह निर्णय बिहार विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आया है, जिससे नीति पर विकास-प्लस-राजनीति दोनों कोणों से चर्चा तेज़ है. 125 यूनिट तक मुफ़्त बिजली निम्न-आय तथा छोटे उपभोग वाले परिवारों के ऊर्जा व्यय को उल्लेखनीय रूप से घटा सकती है—विशेषकर ग्रामीण व शहरी ग़रीब जिनका बिजली बिल मासिक आय का बड़ा अंश ले लेता है. हिमाचल प्रदेश में 2022 से शुरू 125-यूनिट मुफ़्त बिजली योजना ने प्रारम्भिक वर्षों में उपभोक्ताओं को राहत दी; बाद में वित्तीय दबाव के चलते आंशिक पुनरीक्षण करना पड़ा, जो यह दिखाता है कि लाभ लोकप्रिय होते हैं पर लागत प्रबंधन जरूरी है. बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) आँकड़े दर्शाते हैं कि 2015-16 से 2021-22/2022-23 के बीच बिहार में गरीबी में तेज़ गिरावट आई लेकिन स्तर अभी भी ऊँचा है (लगभग 33% के आसपास के आकलन उद्धृत). गरीब परिवारों के लिए यूटिलिटी व्यय में कटौती प्रत्यक्ष सामाजिक सुरक्षा-जैसा प्रभाव दे सकती है.मुफ़्त बिजली सब्सिडी, यदि उपभोग ऊपरी स्लैब में सीमित [&#8230;]]]></description>
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<p><strong> </strong></p>



<p><strong>विकास-प्लस-राजनीति दोनों कोणों से चर्चा तेज़ </strong></p>



<p><strong>गुरुवार, 17 जुलाई 2025</strong> </p>



<p>मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की है कि 1 अगस्त 2025 से बिहार के पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति माह पहले 125 यूनिट तक बिजली मुफ़्त मिलेगी. सरकार का अनुमान है कि इससे लगभग 1.67 करोड़ परिवारों को सीधा लाभ होगा. इसके समानांतर राज्य ने अगले तीन वर्षों में 10,000 मेगावॉट सौर ऊर्जा क्षमता विकसित करने की मंशा जताई है, जिसमें सबसे गरीब परिवारों के लिए पूर्ण समर्थन (जैसे ‘कुटीर ज्योति’ जैसी लक्षित सहायता) और बाक़ी उपभोक्ताओं के लिए अनुदान/साझा-वित्त पोषण मॉडल पर विचार शामिल है. यह निर्णय बिहार विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आया है, जिससे नीति पर विकास-प्लस-राजनीति दोनों कोणों से चर्चा तेज़ है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="770" height="431" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/NITISH_KUMAR.avif" alt="" class="wp-image-91111" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/NITISH_KUMAR.avif 770w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/NITISH_KUMAR-650x364.avif 650w" sizes="(max-width: 770px) 100vw, 770px" /></figure>



<p><strong>125 यूनिट तक मुफ़्त बिजली निम्न-आय तथा छोटे उपभोग वाले परिवारों के ऊर्जा व्यय को उल्लेखनीय रूप से घटा सकती है—विशेषकर ग्रामीण व शहरी ग़रीब जिनका बिजली बिल मासिक आय का बड़ा अंश ले लेता है</strong>. हिमाचल प्रदेश में 2022 से शुरू 125-यूनिट मुफ़्त बिजली योजना ने प्रारम्भिक वर्षों में उपभोक्ताओं को राहत दी; बाद में वित्तीय दबाव के चलते आंशिक पुनरीक्षण करना पड़ा, जो यह दिखाता है कि लाभ लोकप्रिय होते हैं पर लागत प्रबंधन जरूरी है.</p>



<p>बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) आँकड़े दर्शाते हैं कि 2015-16 से 2021-22/2022-23 के बीच बिहार में गरीबी में तेज़ गिरावट आई लेकिन स्तर अभी भी ऊँचा है (लगभग 33% के आसपास के आकलन उद्धृत). गरीब परिवारों के लिए यूटिलिटी व्यय में कटौती प्रत्यक्ष सामाजिक सुरक्षा-जैसा प्रभाव दे सकती है.मुफ़्त बिजली सब्सिडी, यदि उपभोग ऊपरी स्लैब में सीमित न हुई, तो वार्षिक सब्सिडी बोझ तेज़ी से बढ़ा सकती है—अन्य राज्यों के अनुभव चेतावनी देते हैं. पंजाब में 300-यूनिट मुफ़्त बिजली व अन्य सब्सिडियों ने राजस्व दबाव व ऊँचे ऋण-जीएसडीपी अनुपात को बढ़ाया; केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने भी चेतावनी दी थी कि उधार लेकर मुफ़्त बिजली देना राज्यों को ऋण-जाल में धकेल सकता है.</p>



<p>बिहार बजट 2025-26 (PRS विश्लेषण) और बिहार आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 संकेत देते हैं कि राज्य का व्यय आकार बड़ा है, राजस्व पर केंद्र-निर्भरता ऊँची है, तथा 2024-25 संशोधित अनुमानों में राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के ~9% तक उछला (अनुमानित). कुल व्यय 2023-24 में ~₹2.52 लाख करोड़ रहा और 2024-25 में बढ़ने का अनुमान है; अत: अतिरिक्त सब्सिडी के लिए सुव्यवस्थित वित्तीय स्रोत की आवश्यकता होगी ताकि घाटा नियंत्रण में रहे.आर्थिक निष्कर्ष: परिवारों को तात्कालिक राहत मिल सकती है, पर राज्य को चरणबद्ध रोलआउट, उपभोग कैप, लक्ष्य-आधारित सब्सिडी, तथा केंद्र/कार्बन-फंडिंग/आरईसी राजस्व जैसे वित्तीय बैकस्टॉप ढूँढने होंगे ताकि दीर्घकालिक बोझ असंतुलित न हो.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="948" height="533" src="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/nitish-kumar-123.avif" alt="" class="wp-image-91113" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2025/07/nitish-kumar-123.avif 948w, https://www.patnanow.com/assets/2025/07/nitish-kumar-123-650x365.avif 650w" sizes="(max-width: 948px) 100vw, 948px" /></figure>



<p>घोषणा में सबसे गरीब परिवारों (उदाहरणतः ‘कुटीर ज्योति’ जैसे लक्षित कार्यक्रमों की तर्ज़ पर) के लिए पूर्ण वित्तपोषण/सोलर इंस्टॉलेशन सहायता का संकेत है, जबकि अन्य श्रेणियों को आंशिक सहायता दी जा सकती है—यह स्तरीकृत मॉडल सामाजिक न्याय के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है.बिहार में बिजली कनेक्शन का विस्तार हुआ है, पर विश्वसनीय आपूर्ति व गुणवत्ता चुनौती बनी रही; राज्य की ऊर्जा जरूरतों में बड़े पैमाने पर केंद्रीय उत्पादकों (NTPC आदि) पर निर्भरता रही है—जिससे वितरण लागत व असमान आपूर्ति पैटर्न उत्पन्न होते हैं. पिछली रिपोर्टें बताती हैं कि राज्य ने अपने तापीय संयंत्रों को NTPC को स्थानांतरित किया और वितरण कंपनियों की बिजली खरीद का बड़ा हिस्सा केंद्रीय आवंटनों से आता है. सामाजिक निष्कर्ष: यदि योजना में स्मार्ट-मीटर आधारित सत्यापन, लक्षित सब्सिडी और ग्रामीण सौर मिनी-ग्रिड/रूफ़टॉप विकल्प जुड़ते हैं तो यह ग्रामीण गरीबों की जीवन-गुणवत्ता व उत्पादक उपयोग (पानी पम्प, सूक्ष्म-उद्यम) को बढ़ा सकती है.</p>



<p>राज्य का 10 GW सौर लक्ष्य, यदि तीन वर्षों में आंशिक रूप से भी प्राप्त हुआ, तो आयातित/केंद्रीय थर्मल पर निर्भरता घटेगी, वितरण नुक़सान कम करने हेतु स्थानीय उत्पादन बढ़ेगा और कार्बन फुटप्रिंट घटेगा. घोषणा में यह स्पष्ट कहा गया कि अगले तीन वर्षों में वैकल्पिक स्रोत (मुख्यतः सौर) से 10,000 मेगावॉट क्षमता लाई जाएगी.</p>



<p>रिपोर्टें बताती हैं कि बिहार में बड़े नवीकरणीय प्रोजेक्ट्स को भूमि उपलब्धता बाधित करती है; रूफ़टॉप, फ्लोटिंग या विकेन्द्रित सौर विकल्प अधिक व्यवहार्य हो सकते हैं. राज्य की नवीकरणीय प्रगति लक्ष्यों से पीछे रही है (2023 तक ~415 MW बनाम कहीं अधिक लक्षित क्षमता), जो दर्शाता है कि आकांक्षा व निष्पादन में अंतर है—पर यही अंतर अब नए लक्ष्य को प्रेरित भी करता है. बिहार की मुख्यमन्त्री ग्रामीण सौर स्ट्रीट लाइट योजना समय पर लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी; भुगतान, गुणवत्ता व स्थानीय स्वीकृति की चुनौतियों ने प्रगति धीमी की. यह बड़े पैमाने की किसी भी नवीकरणीय पहल (जैसे 10 GW) के लिए महत्त्वपूर्ण सबक है—ठोस कार्यान्वयन ढाँचा, गुणवत्ता निगरानी लैब, अग्रिम भुगतान तंत्र आदि आवश्यक होंगे.  पर्यावरण/ऊर्जा निष्कर्ष: लक्ष्य महत्वाकांक्षी पर दिशात्मक रूप से सकारात्मक है; सफल होने के लिए रूफ़टॉप/विकेन्द्रित मॉडल, भंडारण (BESS) व ग्रिड-अपग्रेड निवेश की आवश्यकता होगी.</p>



<p>घोषणा विधानसभा चुनावों से पहले आई है; मुफ़्त बिजली जैसी लोक-कल्याणकारी योजनाएँ मतदाताओं को प्रभावित करती रही हैं ,सब्सिडी बिल समय के साथ तेज़ी से बढ़ा, यद्यपि प्रारंभिक चरण में यह बजट पर बहुत अधिक बोझ नहीं था. अन्य रिपोर्टों के अनुसार राज्य की विपक्षी पार्टियों (जैसे आरजेडी) ने भी मुफ़्त बिजली वादे किए थे; नीतीश सरकार की घोषणा को “पोल पावर प्ले” के रूप में देखा जा रहा है. यह कदम राजनीतिक रूप से समर्थन समेकित कर सकता है, बशर्ते क्रियान्वयन विश्वसनीय हो.</p>



<p>नीतिगत पलट (policy flip-flop) का जोखिम रहता है; अन्य राज्यों में वित्तीय दबाव से योजनाओं में कटौती (जैसे हिमाचल में संशोधन) हुआ है—यदि बिहार में भी राजस्व दबाव बढ़ा तो सीमा, लक्ष्य-समूह या दर संरचना बदली जा सकती है, जिससे भरोसा प्रभावित होगा. बिहार ने हालिया क्षेत्रीय ऊर्जा बैठक में स्काडा आधारित निगरानी, बड़े पैमाने बैटरी ऊर्जा भंडारण, तथा अतिरिक्त केंद्रीय आवंटन की माँग उठाई—यह दर्शाता है कि राज्य को वितरण-ग्रिड उन्नयन व भंडारण में निवेश चाहिए ताकि मुफ़्त सप्लाई व सौर एकीकरण व्यावहारिक हो.</p>



<p>अल्पकालिक रूप से, यह कदम लोकप्रिय और समावेशी दोनों दिख सकता है—ऊर्जा गरीबी झेल रहे परिवारों को वास्तविक राहत देगा, यदि क्रियान्वयन समय पर हुआ. मध्यम अवधि में वित्तीय अनुशासन की परीक्षा होगी; सब्सिडी बिल नियंत्रण से बाहर गया तो राज्य की विकास व्यय क्षमता सिमट सकती है (अन्य राज्यों और केंद्र की चेतावनियाँ सीख देती हैं). दीर्घकालिक सफलता काफी हद तक 10 GW सौर (विशेषकर रूफ़टॉप/विकेन्द्रित मॉडल) को ठोस आधार पर खड़ा करने, ग्रिड उन्नयन, और पारदर्शी लक्ष्यीकरण पर निर्भर करेगी. शुभ संकेत यह है कि राज्य ने सौर प्रचार, गरीब-केंद्रित सहायता और ग्रिड-आधुनिकीकरण के मुद्दे एक साथ उठाए हैं. यदि ये घटक समन्वित होकर चलते हैं तो पहल बिहार को ऊर्जा-सुरक्षा, हरित विकास और सामाजिक न्याय के नए चरण में पहुँचा सकती है.</p>
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		<title>महिलाओं पर विवादित बयान पर नीतीश ने हाथ जोड़कर माफी मांगी</title>
		<link>https://www.patnanow.com/nitish-folded-his-hands-and-apologized-for-his-controversial-statement-on-women/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Nov 2023 05:56:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
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					<description><![CDATA[बोले- ठेस पहुंचाने के लिए नहीं कहा; पॉपुलेशन कंट्रोल के लिए शिक्षा जरूरी पटना:विधानसभा में मंगलवार को जनसंख्या नियंत्रण को लेकर दिए गए बयान पर सीएम नीतीश कुमार ने माफी मांगी हैं. उन्होंने कहा कि मेरे बयान से किसी को ठेस पहुंची हो तो मैं माफी मांगता हूं. मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए शिक्षा बहुत जरूरी है. मेरे मकसद सिर्फ शिक्षा के बाद जनसंख्या वृद्धि में आ रहे परिवर्तन को बताना था. बिहार विधानसभा में मंगलवार को सीएम नीतीश कुमार ने जनसंख्या नियंत्रण पर बयान दिया था. इस दौरान उन्होंने कुछ ऐसी बातें भी कहीं, जिसे हम यहां लिख नहीं सकते. इन्हीं बातों पर भाजपा और कांग्रेस की महिला विधायकों ने नाराजगी जताई, तो डिप्टी सीएम ने कहा- मुख्यमंत्री की बातों को सेक्स एजुकेशन के तौर पर लेना चाहिए. मुख्यमंत्री ने विधानसभा में अपने तर्क देते हुए कई आंकड़े बताए. उन्होंने कहा कि राज्य में 6 वर्ष से छोटे बच्चों की संख्या 2011 में 18.46% था, जो घटकर 13.6% रह गया है. बिहार में पिछले साल प्रजनन दर 2.9% पर पहुंच गया है, जो पहले 4.3% हुआ करता था. जनसंख्या नियंत्रण में बड़ी भूमिका बालिका शिक्षा की है. यही कारण है कि राज्य में बालिकाओं की शिक्षा पर हमने जोर दिया गया. PNCDESK]]></description>
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<p><strong>बोले- ठेस पहुंचाने के लिए नहीं कहा; पॉपुलेशन कंट्रोल के लिए शिक्षा जरूरी</strong></p>



<p>पटना:विधानसभा में मंगलवार को जनसंख्या नियंत्रण को लेकर दिए गए बयान पर सीएम नीतीश कुमार ने माफी मांगी हैं. उन्होंने कहा कि मेरे बयान से किसी को ठेस पहुंची हो तो मैं माफी मांगता हूं. मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए शिक्षा बहुत जरूरी है. मेरे मकसद सिर्फ शिक्षा के बाद जनसंख्या वृद्धि में आ रहे परिवर्तन को बताना था. बिहार विधानसभा में मंगलवार को सीएम नीतीश कुमार ने जनसंख्या नियंत्रण पर बयान दिया था. इस दौरान उन्होंने कुछ ऐसी बातें भी कहीं, जिसे हम यहां लिख नहीं सकते. इन्हीं बातों पर भाजपा और कांग्रेस की महिला विधायकों ने नाराजगी जताई, तो डिप्टी सीएम ने कहा- मुख्यमंत्री की बातों को सेक्स एजुकेशन के तौर पर लेना चाहिए.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/11/nitish-1-650x488.png" alt="" class="wp-image-80109" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/11/nitish-1-650x488.png 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/11/nitish-1-350x263.png 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/11/nitish-1.png 670w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>मुख्यमंत्री ने विधानसभा में अपने तर्क देते हुए कई आंकड़े बताए. उन्होंने कहा कि राज्य में 6 वर्ष से छोटे बच्चों की संख्या 2011 में 18.46% था, जो घटकर 13.6% रह गया है. बिहार में पिछले साल प्रजनन दर 2.9% पर पहुंच गया है, जो पहले 4.3% हुआ करता था. जनसंख्या नियंत्रण में बड़ी भूमिका बालिका शिक्षा की है. यही कारण है कि राज्य में बालिकाओं की शिक्षा पर हमने जोर दिया गया.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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		<title>इंडिया में सीटों का बंटवारा जल्द हो: नीतीश कुमार</title>
		<link>https://www.patnanow.com/seats-should-be-distributed-soon-in-india-nitish-kumar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 28 Aug 2023 04:29:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[इंडिया गठबंधन की मुंबई बैठक से पहले बोले – मेरी कोई इच्छा नहीं मुंबई में 31 अगस्त और 1 सितंबर को होनेवाली इंडिया गठबंधन की बैठक   पटना : सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी कोई इच्छा नहीं है, बस सीटों का बंटवारा जल्द हो, कौन कहां से लड़ेगा तय हो। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नेकहा है कि ‘इंडिया’ गठबंधन में कुछ और दल शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि हम विपक्षी एकता की अगली बैठक में भाग लेने मुंबई जा रहे हैं.वहां हम सब दोबारा एक साथ मिल बैठकर 2024 लोकसभा चुनाव की तैयारी पर निर्णय लेंगे.उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव को लेकर मेरी कोई व्यक्तिगत इच्छा नहीं है. हम तो शुरू से यह बात बोल रहे हैं. हम सभी विपक्षी दलों को एकजुट करना चाहते हैं. हम चाह रहे हैं कि लोकसभा चुनाव की सीटों का बंटवारा जल्द हो और तय हो जाए कि कौन-कौन, कहां-कहां से लड़ेगा. पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने कहा कि विपक्ष क्या बोलता है, उसका कोई मतलब नहीं है। भाजपा के लोग क्या बोलते हैं,हम  ध्यान नहीं देते .&#8217; मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि भाजपा के लोग जान रहे हैं कि हम इतने लोगों को एकजुट कर रहे हैं तो उनको नुकसान होनेवाला है। इसलिए भाजपा के लोग अनाप-शनाप बोलते रहते हैं.मुख्यमंत्री ने कहा कि हमको सिर्फ काम करना है. काम से ही मतलब रखते हैं. दिन कोई मायने नहीं रखता है. मालूम हो कि विपक्षी एकता पर अगली बैठक मुंबई में एक सितंबर को होनी है। इससे पहले दो बैठकें हो [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>इंडिया गठबंधन की मुंबई बैठक से पहले बोले – मेरी कोई इच्छा नहीं</strong></p>



<p><strong>मुंबई में 31 अगस्त और 1 सितंबर को होनेवाली इंडिया गठबंधन की बैठक  </strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large is-resized"><img decoding="async" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/नितीश-3-edited.jpg" alt="" class="wp-image-77607" width="709" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/नितीश-3-edited.jpg 539w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/नितीश-3-edited-350x233.jpg 350w" sizes="(max-width: 539px) 100vw, 539px" /></figure>



<p>पटना : सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी कोई इच्छा नहीं है, बस सीटों का बंटवारा जल्द हो, कौन कहां से लड़ेगा तय हो। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नेकहा है कि ‘इंडिया’ गठबंधन में कुछ और दल शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि हम विपक्षी एकता की अगली बैठक में भाग लेने मुंबई जा रहे हैं.वहां हम सब दोबारा एक साथ मिल बैठकर 2024 लोकसभा चुनाव की तैयारी पर निर्णय लेंगे.उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव को लेकर मेरी कोई व्यक्तिगत इच्छा नहीं है. हम तो शुरू से यह बात बोल रहे हैं. हम सभी विपक्षी दलों को एकजुट करना चाहते हैं. हम चाह रहे हैं कि लोकसभा चुनाव की सीटों का बंटवारा जल्द हो और तय हो जाए कि कौन-कौन, कहां-कहां से लड़ेगा. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="613" height="650" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/nitish-1-613x650.jpg" alt="" class="wp-image-77608" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/08/nitish-1-613x650.jpg 613w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/nitish-1-330x350.jpg 330w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/nitish-1-768x815.jpg 768w, https://www.patnanow.com/assets/2023/08/nitish-1.jpg 1018w" sizes="auto, (max-width: 613px) 100vw, 613px" /></figure>



<p>पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने कहा कि विपक्ष क्या बोलता है, उसका कोई मतलब नहीं है। भाजपा के लोग क्या बोलते हैं,हम  ध्यान नहीं देते .&#8217; मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि भाजपा के लोग जान रहे हैं कि हम इतने लोगों को एकजुट कर रहे हैं तो उनको नुकसान होनेवाला है। इसलिए भाजपा के लोग अनाप-शनाप बोलते रहते हैं.मुख्यमंत्री ने कहा कि हमको सिर्फ काम करना है. काम से ही मतलब रखते हैं. दिन कोई मायने नहीं रखता है. मालूम हो कि विपक्षी एकता पर अगली बैठक मुंबई में एक सितंबर को होनी है। इससे पहले दो बैठकें हो चुकी हैं। पहली बैठक 23 जून को पटना में हुई थी, जिसमें 15 दलों के शीर्ष नेता भाग लिये थे. दूसरी बैठक मेंबेंगलुरु में 17-18 जुलाई को हुई थी, जिसमें 26 दलों के नेता शामिल हुए थे. इसी बैठक मेंविपक्षी महागठबंधन का नाम ‘इंडिया’ दिया गया था.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
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		<title>खतरे में पड़े VKSU के अस्तित्व को मिला हाथों का सहारा, बनी मानव श्रृंखला</title>
		<link>https://www.patnanow.com/hands-for-save-vksu/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 21 Feb 2023 03:32:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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		<category><![CDATA[Education department]]></category>
		<category><![CDATA[Governor Bihar]]></category>
		<category><![CDATA[Journalist O P Pandey]]></category>
		<category><![CDATA[NATIONAL GREEN TRIBUNAL]]></category>
		<category><![CDATA[O P Lila Pandey]]></category>
		<category><![CDATA[O P Pandey]]></category>
		<category><![CDATA[O P Pandey Report]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA NOW]]></category>
		<category><![CDATA[R k Singh]]></category>
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		<category><![CDATA[VC VKSU]]></category>
		<category><![CDATA[VKSU ARA]]></category>
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					<description><![CDATA[जनता ने थामा एक दूसरे का हाथ, विश्वविद्यालय को बचाने के लिए एकजुट हुए आम जन कृषि विभाग स्काडा की भूमि प्राप्ति के लिए आयोजित हुई विशाल मानव श्रृंखला आरा,21 फरवरी. विश्विद्यालय की जमीन को बन्दरबाँट कर अलग-अलग महाविद्यालयों के लिए भूमि को आवंटन के बाद अब VKSU के पास तय मानक के अनुसार विवि की अपनी भूमि नही बच गयी है जिसके बाद VKSU के अस्तित्व पर ही खतरा मंडराने लगा है. अब विवि के लिए तय पैमाने पर अगर विवि ही नही रहेगा तो इसके अधीन महाविद्यालयों के पैमाने का क्या होगा इसकी कल्पना की जा सकती है. विवि को आवंटित भूमि पर मेडिकल और कृषि विवि बनाने का आदेश तो पारित हो गया जिसमें मेडिकल कॉलेज के लिए काम भी शुरू हो गया. आलम ये है कि उस भूमि पर पहले से लगे 6200 पेड़ों को बिना वन विभाग की अनुमति के बगैर काट भी दिया गया. जब छात्रों ने पर्यावरण के इस मुद्दे पर आवाज उठाया तो इसे मेडिकल कॉलेज के विरोध का स्वर सरकार द्वारा माना जाने लगा. जबकि हकीकत यह है कि भोजपुर जिले में मेडिकल, इंजीनियरिंग या कृषि महाविद्यालय के निर्माण के लिए सभी उसके पक्ष में हैं लेकिन क्या पर्यावरण और विवि के अस्तित्व को नजरअंदाज कर नए निर्माण का होना सही है? इन्ही मुद्दों पर जिले के आम जन और बुद्धिजीवियों ने सोमवार को VKSU के अस्तित्व को बचाने के लिए एक दूसरे का हाथ थाम मानव श्रृंखला बनाया. मानव श्रृंखला में जुटे लोगों ने पटना नाउ को बताया कि सरकार [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>जनता ने थामा एक दूसरे का हाथ, विश्वविद्यालय को बचाने के लिए एकजुट हुए आम जन</strong></p>



<p><strong>कृषि विभाग स्काडा की भूमि प्राप्ति के लिए आयोजित हुई विशाल मानव श्रृंखला</strong></p>



<p>आरा,21 फरवरी. विश्विद्यालय की जमीन को बन्दरबाँट कर अलग-अलग महाविद्यालयों के लिए भूमि को आवंटन के बाद अब VKSU के पास तय मानक के अनुसार विवि की अपनी भूमि नही बच गयी है जिसके बाद VKSU के अस्तित्व पर ही खतरा मंडराने लगा है. अब विवि के लिए तय पैमाने पर अगर विवि ही नही रहेगा तो इसके अधीन महाविद्यालयों के पैमाने का क्या होगा इसकी कल्पना की जा सकती है. विवि को आवंटित भूमि पर मेडिकल और कृषि विवि बनाने का आदेश तो पारित हो गया जिसमें मेडिकल कॉलेज के लिए काम भी शुरू हो गया. आलम ये है कि उस भूमि पर पहले से लगे 6200 पेड़ों को बिना वन विभाग की अनुमति के बगैर काट भी दिया गया. जब छात्रों ने पर्यावरण के इस मुद्दे पर आवाज उठाया तो इसे मेडिकल कॉलेज के विरोध का स्वर सरकार द्वारा माना जाने लगा. जबकि हकीकत यह है कि भोजपुर जिले में मेडिकल, इंजीनियरिंग या कृषि महाविद्यालय के निर्माण के लिए सभी उसके पक्ष में हैं लेकिन क्या पर्यावरण और विवि के अस्तित्व को नजरअंदाज कर नए निर्माण का होना सही है? इन्ही मुद्दों पर जिले के आम जन और बुद्धिजीवियों ने सोमवार को VKSU के अस्तित्व को बचाने के लिए एक दूसरे का हाथ थाम मानव श्रृंखला बनाया. मानव श्रृंखला में जुटे लोगों ने पटना नाउ को बताया कि सरकार से हमारी मांग इतनी ही है कि विवि के लिए निर्धारित भूमि को सरकार कायम रखे ताकि वर्षों आंदोलन के बाद बने VKSU के अस्तित्व पर कोई आंच नही आये. लोगों की मांग थी कि कृषि विभाग की भूमि से कुछ हिस्से विवि को आवंटित किया जाए ताकि VKSU का अस्तित्व बरकरार रहे.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="346" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Manav-shrikhla-for-VKSU.jpg" alt="" class="wp-image-71687" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Manav-shrikhla-for-VKSU.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Manav-shrikhla-for-VKSU-350x186.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>सोमवार को वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के पुराने परिसर में कृषि विभाग स्काडा की भूमि को विश्वविद्यालय के नाम हस्तांतरित करने की माँग को लेकर मानव श्रृंखला आयोजित की गयी. वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा पर सुबह से ही शिक्षकों, छात्रों और आम नागरिकों का जुटान शुरु हो गया. पूर्व से निर्धारित 11 बजे से शुरु हुई इस मानव श्रृंखला में धीरे-धीरे शाहाबाद के विभिन्न जिलों से आये अंगीभूत एवं सम्बद्ध कॉलेजों के शिक्षक, छात्र, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं आम नागरिकों ने एक दूसरे का हाथ थामा और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों के समर्थन में खड़े हो गए. विरोध के मानक के रूप में वे इस तरह आधे घण्टे तक मानव श्रृंखला के रूप में साथ खड़े रहे. इस सर्वदलीय मानव श्रृंखला का आयोजन वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय भूमि प्राप्ति अभियान समिति के बैनर तले हुआ.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="357" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Manav-shrikhla-for-VKSU-1.jpg" alt="" class="wp-image-71688" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Manav-shrikhla-for-VKSU-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Manav-shrikhla-for-VKSU-1-350x192.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>अभियान समिति की मांग है कि मेडिकल कॉलेज को जीरो माईल पर दी गयी भूमि के बदले विश्वविद्यालय को पुराने परिसर से सटे जापानी फॉर्म की भूमि दे दी जाये ताकि विश्वविद्यालय का स्वरूप क़ायम रहे. </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="361" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Dr-Vinod-singh-senator-VKSU.jpg" alt="" class="wp-image-71690" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Dr-Vinod-singh-senator-VKSU.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_Dr-Vinod-singh-senator-VKSU-350x194.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>अभियान समिति के सदस्य सीनेटर डॉ विनोद कुमार सिंह ने कहा कि हम ना तो मेडिकल कॉलेज का विरोध कर रहे हैं और ना ही केंद्र एवं राज्य सरकार का. उन्होंने कहा कि हम लम्बे संघर्ष के बाद स्थापित विश्वविद्यालय के अस्तित्व को बचाने के समर्थन में हैं. जापानी फॉर्म की भूमि विश्वविद्यालय को केंद्र एवं राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से ही मिलेगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="384" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_prof.-Baliraj-Thakur-VKSU.jpg" alt="" class="wp-image-71689" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_prof.-Baliraj-Thakur-VKSU.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/02/PNC_prof.-Baliraj-Thakur-VKSU-350x207.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>अध्यक्षता कर रहे प्रो बलिराज ठाकुर ने कहा कि शाहाबाद का विकास तभी सम्भव है जब विश्वविद्यालय की गरिमा बची रहेगी.</p>



<p>सामाजिक कार्यकर्ता विजय मेहता और भोजपुरिया जन मोर्चा के कुमार शीलभद्र ने आह्वान किया कि विश्वविद्यालय के अस्तित्व पर आये संकट के समाधान के लिए शाहाबाद के जन प्रतिनिधियों की पहल आवश्यक है.</p>



<p>मानव श्रृंखला में विश्वविद्यालय के शिक्षक दिवाकर पाण्डेय, के के सिंह, अवध बिहारी चौधरी, जमील अख्तर, दूधनाथ चौधरी, उमेश कुमार, कुंदन कुमार, सुधा निकेतन रंजनी, निलंबुज सिंह, प्रसूंजय सिन्हा, अंकुर त्रिपाठी, प्रसूंजय सिन्हा, आनंद भूषण पाण्डेय आदि के साथ विभिन्न छात्र संगठनों में आइसा के शबीर कुमार, पप्पू कुमार, एन एस यू आई के मुनमुन तिवारी, नवीन शंकर पाठक, छात्र जदयू के कृष्णा तिवारी, मुन्नू यादव, अभिषेक मेहता, ए बी वी पी के सोहित सिन्हा के अलावा, अमित सम्राट, गुड्डू बबुआन, रिज़वान, अविनाश मिश्र, रवि शंकर सिंह आदि शामिल थे.</p>



<p>मानव श्रृंखला की समाप्ति के बाद अभियान समिति की आम बैठक भोजपुरी विभाग में हुई. बैठक को सम्बोधित करते हुए भाई दिनेश ने कहा कि यह मांग बिल्कुल उचित है तथा इस अभियान को उन्होंने अपना समर्थन दिया. बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि चरणबद्ध तरीके से गांधीवादी स्वरूप में यह आंदोलन तब तक चलता रहेगा जब तक केंद्र और राज्य सरकार का ध्यान इस मुद्दे पर आकृष्ट ना हो जाये और वे छात्रहित में जापानी फॉर्म की भूमि विश्वविद्यालय को हस्तांतरित ना कर दे. बैठक में जदयू के प्रदेश महासचिव मुकेश सिंह, कुंवर वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष धीरज कुमार सिंह उर्फ़ लव जी ने शिक्षा के इस संघर्ष में जन-जन को जुड़ने का आह्वान किया.</p>



<p>आरा से <strong>ओ पी पांडेय</strong> की रिपोर्ट</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जनता दरबार में खुलती है नीतीश के सुशासन की पोल</title>
		<link>https://www.patnanow.com/the-truth-of-nitishs-good-governance-opens-in-the-public-court/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 08 Aug 2022 16:39:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[PATNA]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[CM Bihar]]></category>
		<category><![CDATA[Janata Darbar]]></category>
		<category><![CDATA[nitish kumar]]></category>
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					<description><![CDATA[अधिकारियों को मिलते हैं कार्रवाई के निर्देश कोरोना से पिता की हुई मौत पर मुआवजे की राशि नहीं मिली जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री &#160;50 लोगों की सुनी समस्यायें तीरंदाजी खेल के लिए आधुनिक प्रशिक्षण दिलाने की सुविधा मिले मुख्यमंत्री नीतीश मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में शामिल हुए. &#8216;जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से आये 50 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए.&#8217;जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, वित्त विभाग, संसदीय कार्य विभाग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग, सूचना प्रावैधिकी विभाग, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, श्रम संसाधन विभाग तथा आपदा प्रबंधन विभाग से संबंधित मामलों की सुनवाई हुई. &#8216;जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में बेगूसराय से आए एक युवक ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि विकास मित्र के चयन प्रक्रिया में अनियमितता हुई है. मेघा सूची में प्रथम आने के बाद भी बिना आवेदन किए हुए व्यक्ति को नियुक्ति पत्र दे दिया गया. रोहतास से आए एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री से पंचायत शिक्षा मित्र की बहाली में अनियमितता की शिकायत की तो वहीं कटिहार से आयी एक दिव्यांग महिला ने आंगनबाड़ी सेविका के चयन में अनियमितता की शिकायत की. मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया. [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p></p>



<p></p>



<p></p>



<p><strong>अधिकारियों को मिलते हैं कार्रवाई के निर्देश</strong></p>



<p><strong>कोरोना से पिता की हुई मौत पर मुआवजे की राशि नहीं मिली</strong></p>



<p><strong>जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री</strong></p>



<p><strong>&nbsp;50 लोगों की सुनी समस्यायें</strong></p>



<p><strong>तीरंदाजी खेल के लिए आधुनिक प्रशिक्षण दिलाने की सुविधा</strong> <strong>मिले </strong></p>



<p>मुख्यमंत्री नीतीश मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में शामिल हुए. &#8216;जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से आये 50 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए.&#8217;जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, वित्त विभाग, संसदीय कार्य विभाग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग, सूचना प्रावैधिकी विभाग, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, श्रम संसाधन विभाग तथा आपदा प्रबंधन विभाग से संबंधित मामलों की सुनवाई हुई. </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="367" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/janata-darbaar.jpg" alt="" class="wp-image-65215" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/janata-darbaar.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/08/janata-darbaar-350x198.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>&#8216;जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में बेगूसराय से आए एक युवक ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि विकास मित्र के चयन प्रक्रिया में अनियमितता हुई है. मेघा सूची में प्रथम आने के बाद भी बिना आवेदन किए हुए व्यक्ति को नियुक्ति पत्र दे दिया गया. रोहतास से आए एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री से पंचायत शिक्षा मित्र की बहाली में अनियमितता की शिकायत की तो वहीं कटिहार से आयी एक दिव्यांग महिला ने आंगनबाड़ी सेविका के चयन में अनियमितता की शिकायत की. मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया.</p>



<p>समस्तीपुर से आयी एक महिला ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि वर्ष 2021 में कोरोना से उनके पिता की मृत्यु हो गई लेकिन अब तक मुआवजे की राशि नहीं मिली है. वहीं शेखपुरा से आयी एक महिला ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि उनके पति का कोरोना संक्रमण के कारण वर्ष 2021 में पटना के एनएमसीएच में मृत्यु हो गई थी. सरकार द्वारा मिलनेवाली मुआवजे की राशि अब तक नहीं मिल पायी है. मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="394" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/janta-durbar.jpg" alt="" class="wp-image-65216" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/janta-durbar.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/08/janta-durbar-350x212.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>भोजपुर जिला के जगदीशपुर के के मंडल कॉलेज से आयी छात्रा ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि मैं वर्ष 2020 में स्नातक कर चुकी हूं लेकिन अब तक हमें प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है. वहीं भागलपुर के गोपालपुर से आए एक युवक ने बताया कि वर्ष 2016 में मैट्रिक उत्तीर्ण करने के बाद भी अब तक मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना की राशि नहीं मिल पायी है. सीवान से आए एक युवक ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि मेरे भाई की नगर निगम की गाड़ी से दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, लेकिन अब तक किसी प्रकार का मुआवजा नहीं मिला है.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="431" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/janta-durbar.jpg2_.jpg" alt="" class="wp-image-65217" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/08/janta-durbar.jpg2_.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/08/janta-durbar.jpg2_-350x232.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>संतोष कुमार सुमन, श्रम संसाधन सह सूचना प्रावैधिकी मंत्री जिवेश कुमार, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री श्री आलोक रंजन, विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री सुमित कुमार सिंह, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक एस के सिंघल, संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव / प्रधान सचिव / सचिव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ० एस० सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह तथा वरीय पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो उपस्थित थे.</p>



<p><strong>PNCDESK</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>होने लगी डिमांड भोजपुरी पेंटिंग की !</title>
		<link>https://www.patnanow.com/bhojouri-painting-on-demand/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 08 May 2022 07:35:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
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		<category><![CDATA[Bhojpuri painting]]></category>
		<category><![CDATA[CM Bihar]]></category>
		<category><![CDATA[nitish kumar]]></category>
		<category><![CDATA[जीविका]]></category>
		<category><![CDATA[भोजपुरी]]></category>
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					<description><![CDATA[जीविका ने खरीदी पांच भोजपुरी पेंटिंग आरा, 8 मई. भोजपुरी पेंटिंग के आंदोलन करने वाले कलाकारों और जिलावासियों के लिए अच्छी खबर है. भोजपुरी पेंटिंग के लिए अब लगता है जैसे अच्छे दिन आने वाले हैं. क्योंकि अबतक उपेक्षित भोजपुरी पेंटिंग को जीविका, की भोजपुर इकाई ने खरीदने का काम शुरू कर दिया है. भोजपुर की इकाई ने पांच भोजपुरी पेंटिंग को खरीदा है. इन पेंटिंगो को भारत सरकार के संयुक्त सचिव, नीता केजरीवाल, वर्ल्ड बैंक के कंसल्टेंट आदित्य कुमार को भेंट स्वरूप दिया जाएगा.बाकि की तीन पेंटिंग मढ़ने के लिए दी गई है. बाकि की तीन पेंटिंग भी आने वाले अतिथियों को भेंट दिया जाएगा.बता दें कि आगामी 11मई को को वर्ल्ड बैंक की टीम भोजपुर दौरे पर आने वाली है. वर्ल्ड बैंक के तीन भारत के प्रतिनिधियों/अधिकारियों को दिया जाएगा. बता दें कि भोजपुरी पेंटिंग को मान सम्मान एवम बाजार देने का सिलसिला सर्वप्रथम जीविका ने देना शुरू किया है. भोजपुरी पेंटिंग को सर्वप्रथम जब रेलवे ने आरा रेलवे स्टेशन पर सम्मान स्वरूप जगह दिया था तो जीविका ने कदम बढ़ाते हुए अस्पताल में स्थित दीदी की रसोई को भोजपुरी पेंटिंग से सुसज्जित करने के लिए कलाकारों को आमंत्रित किया था ताकि कलाकारों को काम के साथ भोजपुरी पेंटिंग को सम्मान तो मिले ही इसका प्रचार प्रसार भी लोगों तक लगातार होता रहे. अब जीविका ने एक कदम और बढ़ाते हुए भोजपुरी पेंटिंग को खरीदकर इसका बाजार बनाने की अनोखी पहल की है. जीविका के इस पहल पर कलाकारों में जहां खुशी है वही आम लोगों के बीच [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जीविका ने खरीदी पांच भोजपुरी पेंटिंग</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220507-WA0056.jpg" alt="" class="wp-image-61791" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220507-WA0056.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/05/IMG-20220507-WA0056-350x158.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>आरा, 8 मई. भोजपुरी पेंटिंग के आंदोलन करने वाले कलाकारों और जिलावासियों के लिए अच्छी खबर है. भोजपुरी पेंटिंग के लिए अब लगता है जैसे अच्छे दिन आने वाले हैं. क्योंकि अबतक उपेक्षित भोजपुरी पेंटिंग को जीविका, की भोजपुर इकाई ने खरीदने का काम शुरू कर दिया है. भोजपुर की इकाई ने पांच भोजपुरी पेंटिंग को खरीदा है. इन पेंटिंगो को भारत सरकार के संयुक्त सचिव, नीता केजरीवाल, वर्ल्ड बैंक के कंसल्टेंट आदित्य कुमार को भेंट स्वरूप दिया जाएगा.<br>बाकि की तीन पेंटिंग मढ़ने के लिए दी गई है. बाकि की तीन पेंटिंग भी आने वाले अतिथियों को भेंट दिया जाएगा.<br>बता दें कि आगामी 11मई को को वर्ल्ड बैंक की टीम भोजपुर दौरे पर आने वाली है. वर्ल्ड बैंक के तीन भारत के प्रतिनिधियों/अधिकारियों को दिया जाएगा.</p>



<p>बता दें कि भोजपुरी पेंटिंग को मान सम्मान एवम बाजार देने का सिलसिला सर्वप्रथम जीविका ने देना शुरू किया है. भोजपुरी पेंटिंग को सर्वप्रथम जब रेलवे ने आरा रेलवे स्टेशन पर सम्मान स्वरूप जगह दिया था तो जीविका ने कदम बढ़ाते हुए अस्पताल में स्थित दीदी की रसोई को भोजपुरी पेंटिंग से सुसज्जित करने के लिए कलाकारों को आमंत्रित किया था ताकि कलाकारों को काम के साथ भोजपुरी पेंटिंग को सम्मान तो मिले ही इसका प्रचार प्रसार भी लोगों तक लगातार होता रहे. अब जीविका ने एक कदम और बढ़ाते हुए भोजपुरी पेंटिंग को खरीदकर इसका बाजार बनाने की अनोखी पहल की है. जीविका के इस पहल पर कलाकारों में जहां खुशी है वही आम लोगों के बीच भी एक खुशी की लहर है कि अब भोजपुरी पेंटिंग के लिए सभी सजग हो रहे हैं.</p>



<p>आरा से<strong> ओ पी पांडेय</strong> की खबर</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गोढना रोड का कायाकल्प शुरू</title>
		<link>https://www.patnanow.com/godhna-road-ka-kayakalp-shuru/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 13 Apr 2022 17:07:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
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		<category><![CDATA[Road construction]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना नाउ ने उठाई थी आवाज, जिसके 11 महीने बाद शुरू हुआ निर्माण कार्य आरा,13 अप्रैल. भोजपुर जिला मुख्यालय स्थित वार्ड 45 का सबसे खराब अवस्था की लिए प्रसिद्ध गोढना रोड की अब काया कल्प होने वाला है. कई सालों से इसके कायाकल्प के लिए उठती आवाजों और सड़क की मरमत्ती के बाद भी अपनी बदहाली पर आंसू बहाता गोढना रोड के निर्माण का कार्य शुरू हो गया है. सड़क के निर्माण का कार्य शुरू होते ही इसकी चर्चा आजकल लोगों के बीच पुनः है. यह चर्चा आमजन से लेकर सोशल मीडिया पर भी आम है. पूर्व वार्ड इस वार्ड के पूर्व पार्षद अमरेंद्र चौबे ने इसके मरम्मती के कार्य शुरू करने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता,पूर्व मेयर, और मीडिया से लेकर आम लोगों तक को बधाई दिया है. उन्होंने लिखा है उन सभी लोगों का शुक्रिया जिनके आवाज और सहयोग के कारण इस रोड का निर्माण हो पाया है. बताते चलें कि गोढना रोड के नरकीय स्थिति को सबसे पहले पटना नाउ ने उठाया था जब बारिश के दिनो से पूर्व ही मई 2021में जल जमाव से लोगों के आने जाने में परेशानी हुई थी. खबर को 25 मई 2021 को पब्लिश भी किया था. पुरी खबर के लिए इस लिंक पर क्लिक करें&#x1f447; हालांकि इसके पहले भी उक्त मुहल्ले के निवासियों और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नगर निगम के सुस्त रवैया से नाराज हो रोड पर हुए जल जमाव में ही धान रोपनी कर अपना विरोध जताया था जिसकी चर्चा तमाम मीडिया में हुई थी. लेकिन बावजूद उसके ढाक [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><em><strong>पटना नाउ ने उठाई थी आवाज, जिसके 11 महीने बाद शुरू हुआ निर्माण कार्य</strong></em> </p>



<p>आरा,13 अप्रैल. भोजपुर जिला मुख्यालय स्थित वार्ड 45 का सबसे खराब अवस्था की लिए प्रसिद्ध गोढना रोड की अब काया कल्प होने वाला है. कई सालों से इसके कायाकल्प के लिए उठती आवाजों और सड़क की मरमत्ती के बाद भी अपनी बदहाली पर आंसू बहाता गोढना रोड के निर्माण का कार्य शुरू हो गया है. सड़क के निर्माण का कार्य शुरू होते ही इसकी चर्चा आजकल लोगों के बीच पुनः है. यह चर्चा आमजन से लेकर सोशल मीडिया पर भी आम है. पूर्व वार्ड इस वार्ड के पूर्व पार्षद अमरेंद्र चौबे ने इसके मरम्मती के कार्य शुरू करने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता,पूर्व मेयर, और मीडिया से लेकर आम लोगों तक को बधाई दिया है. </p>



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<p>उन्होंने लिखा है उन सभी लोगों का शुक्रिया जिनके आवाज और सहयोग के कारण इस रोड का निर्माण हो पाया है.</p>



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<p>बताते चलें कि गोढना रोड के नरकीय स्थिति को सबसे पहले <strong>पटना नाउ </strong>ने उठाया था जब बारिश के दिनो से पूर्व ही मई 2021में जल जमाव से लोगों के आने जाने में परेशानी हुई थी. खबर को 25 मई 2021 को पब्लिश भी किया था.</p>



<p><em><strong>पुरी खबर के लिए इस लिंक पर क्लिक करें</strong></em>&#x1f447;</p>



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<p>हालांकि इसके पहले भी उक्त मुहल्ले के निवासियों और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नगर निगम के सुस्त रवैया से नाराज हो रोड पर हुए जल जमाव में ही धान रोपनी कर अपना विरोध जताया था जिसकी चर्चा तमाम मीडिया में हुई थी. लेकिन बावजूद उसके ढाक के तीन पात वाली कहावत चरितार्थ हुई. पिछले साल जब बारिश के दिनो मे पुनः स्थिति नरकीय हुई तो <strong>पटना नाउ </strong>ने इसे पुनः उठाया जिसके बाद उपमुख्यमंत्री तक इसकी गूंज पहुंची और उसी समय आरा के 14 महत्वपूर्ण सड़को की मरम्मती के लिए सरकार की ओर से आदेश किया गया. जिसे धरातल तक आते आते कुछ समय जरूर लग गया. अब देखना होगा कि देर से सही लेकिन इस चर्चित रोड के कायाकल्प का काम कितना दुरुस्त होता है.</p>



<p><strong>PNCB</strong></p>
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		<title>राजगीर के संरक्षण पर मुख्यमंत्री गंभीर, कहा विरासत के संरक्षण हेतु राज्य सरकार तत्पर</title>
		<link>https://www.patnanow.com/cm-serious-on-protection-of-rajgir/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Nikhil]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 30 Dec 2018 16:20:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
		<category><![CDATA[काम की ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
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		<category><![CDATA[rajgir]]></category>
		<category><![CDATA[नीतीश कुमार]]></category>
		<category><![CDATA[राजगीर]]></category>
		<category><![CDATA[सीएम बिहार]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) &#124; मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज राजगीर स्थित जरासंध अखाड़े के विकास एवं संरक्षण को लेकर अखाड़े का भ्रमण एवं निरीक्षण किया. उन्होंने लगभग 20 मिनट तक इसकी संरचना एवं मिट्टी का बारीकी से अवलोकन किया तथा इसके ऐतिहासिक महत्व के बारे में विस्तृत रूप से चर्चा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह धराेहर ASI द्वारा प्रोटेक्टेड माेनुमेंट की सूची में शामिल है इसलिए इसके संरक्षण एवं विकास के लिए राज्य सरकार सीधे तौर पर स्वयं कार्रवाई नहीं कर सकती है. उन्होंने कहा कि इस धरोहर के विकास एवं संरक्षण हेतु राज्य सरकार एएसआई को आर्थिक एवं अन्य आवश्यक मदद करने के लिए सदैव तैयार है. ASI द्वारा इस विरासत के सौंदर्यीकरण एवं संरक्षण हेतु कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने इसके लिए अपने स्तर से भी महत्वपूर्ण सुझाव दिये. मुख्यमंत्री ने अखाड़े की बाहरी दीवार का निर्माण एवं अंदर की संरचना को लोहे के ग्रिल के माध्यम से घेराबंदी कर सुरक्षित करने की आवश्यकता बताई. पर्यटकों के दर्शन हेतु मूल संरचना से बगैर छेड़छाड के लोहे का प्लेटफार्म बनाने का सुझाव भी दिया. उन्होंने कहा कि पूर्व में राज्य स्तर पर अधिकारियों की एक बैठक की गई है. पुनः ASI के साथ बैठक कर इसके सौंदर्यीकरण एवं संरक्षण हेतु कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि राजगीर की हर धरोहर एवं ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित रखने हेतु राज्य सरकार सदैव तत्पर है. इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, सांसद कौशलेंद्र कुमार, मुख्यमंत्री के परामर्शी अंजनी कुमार सिंह, प्रधान सचिव [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div dir="auto"><strong><img loading="lazy" decoding="async" class="size-full wp-image-37228 aligncenter" src="https://www.patnanow.com/assets/2018/12/IMG-20181230-WA0027.jpg" alt="" width="650" height="366" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2018/12/IMG-20181230-WA0027.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2018/12/IMG-20181230-WA0027-350x197.jpg 350w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" />पटना (ब्यूरो रिपोर्ट)</strong> | मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज राजगीर स्थित जरासंध अखाड़े के विकास एवं संरक्षण को लेकर अखाड़े का भ्रमण एवं निरीक्षण किया. उन्होंने लगभग 20 मिनट तक इसकी संरचना एवं मिट्टी का बारीकी से अवलोकन किया तथा इसके ऐतिहासिक महत्व के बारे में विस्तृत रूप से चर्चा की.</div>
<div dir="auto"><img loading="lazy" decoding="async" class="alignleft size-full wp-image-37249" src="https://www.patnanow.com/assets/2018/12/IMG-20181230-WA0036.jpg" alt="" width="281" height="244" />मुख्यमंत्री ने कहा कि यह धराेहर ASI द्वारा प्रोटेक्टेड माेनुमेंट की सूची में शामिल है इसलिए इसके संरक्षण एवं विकास के लिए राज्य सरकार सीधे तौर पर स्वयं कार्रवाई नहीं कर सकती है. उन्होंने कहा कि इस धरोहर के विकास एवं संरक्षण हेतु राज्य सरकार एएसआई को आर्थिक एवं अन्य आवश्यक मदद करने के लिए सदैव तैयार है. ASI द्वारा इस विरासत के सौंदर्यीकरण एवं संरक्षण हेतु कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने इसके लिए अपने स्तर से भी महत्वपूर्ण सुझाव दिये. मुख्यमंत्री ने अखाड़े की बाहरी दीवार का निर्माण एवं अंदर की संरचना को लोहे के ग्रिल के माध्यम से घेराबंदी कर सुरक्षित करने की आवश्यकता बताई. पर्यटकों के दर्शन हेतु मूल संरचना से बगैर छेड़छाड के लोहे का प्लेटफार्म बनाने का सुझाव भी दिया. उन्होंने कहा कि पूर्व में राज्य स्तर पर अधिकारियों की एक बैठक की गई है. पुनः ASI के साथ बैठक कर इसके सौंदर्यीकरण एवं संरक्षण हेतु कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि राजगीर की हर धरोहर एवं ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित रखने हेतु राज्य सरकार सदैव तत्पर है.</div>
<div dir="auto">इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, सांसद कौशलेंद्र कुमार, मुख्यमंत्री के परामर्शी अंजनी कुमार सिंह, प्रधान सचिव पर्यटन रवि मनुभाई परमार, प्रधान सचिव ऊर्जा प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, पुलिस उप महानिरीक्षक पटना प्रक्षेत्र राजेश कुमार, जिलाधिकारी नालंदा डॉ त्याग राजन एस एम, पुलिस अधीक्षक नालंदा सुधीर कुमार पोरिका, वन प्रमंडल पदाधिकारी नालंदा नेशामनी के, आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) के सहायक पुरातत्त्वविद शंकर शर्मा, संरक्षक सहायक अमरेश पाठक आदि उपस्थित थे.</div>
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