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	<title>Civil court Ara &#8211; Patna Now &#8211; Local News Patna and Bihar | Breaking News Patna | Patna News</title>
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		<title>विशेश्वर ओझा के दो हत्यारों को उम्रकैद, 5 को 10 साल की सजा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Apr 2024 10:29:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Big News]]></category>
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					<description><![CDATA[हत्यारे ब्रजेश और हरेश मिश्रा को सश्रम उम्रकैद की हुई सजा बिहार के चर्चित नेता को 8 साल बाद मिला न्याय सगे भाई ब्रजेश मिश्रा और हरेश मिश्रा समेत 7 लोग हत्या के दोषी, 5 अन्य दोषियों को 10 साल की सजा मुख्य गवाह की हत्या मामले में मिश्रा बंधुओं को एक माह पूर्व ही कोर्ट ने दिया था आजीवन कारावास आरा, 22 अप्रैल( ओ पी पांडेय). कहा जाता है कि कानून के हाथ लम्बे होते हैं और उसके पंजे से कोई नही बच पाता है. लेकिन कानून के दाव और साक्ष्य के इस पेंच में फैसला आते-आते बहुत देरी हो जाता है तो निराशा और हताशा उम्मीदों के दिये को बुझा हौसले को पस्त कर देती है. बड़े-बड़े नामों में भी फैसले आने में काफी वक्त लग जाते हैं. हम बात कर रहे हैं आरा के बहुचर्चित नेता विशेश्वर ओझा हत्याकांड की जिन्हें 8 साल पहले सरेआम गोलियों से भून उनकी हत्या कर दी गयी थी. भोजपुर के चर्चित विशेश्वर ओझा हत्याकांड में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए इस कांड के किंग पिन मिश्रा बंधुओ को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. ADJ 8 की कोर्ट ने नामजद मुख्य आरोपी, सगे भाइयों हरेश मिश्रा व ब्रजेश मिश्रा को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही कोर्ट ने दोनों के ऊपर 85-85 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है. वहीं अन्य पांच दोषियों को 10 साल की सजा के साथ उनपर 35 हजार रुपए की आर्थिक दंड भी लगाया है. आरा सिविल कोर्ट में पिछले आठ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>हत्यारे ब्रजेश और हरेश मिश्रा को सश्रम उम्रकैद की हुई सजा</strong></p>



<p><strong>बिहार के चर्चित नेता को 8 साल बाद मिला न्याय</strong></p>



<p><strong>सगे भाई ब्रजेश मिश्रा और हरेश मिश्रा समेत 7 लोग हत्या के दोषी,</strong> <strong>5 अन्य दोषियों को 10 साल की सजा</strong></p>



<p><strong>मुख्य गवाह की हत्या मामले में मिश्रा बंधुओं को एक माह पूर्व ही कोर्ट ने दिया था आजीवन कारावास</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="363" height="519" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/04/1000541084.jpg" alt="" class="wp-image-83837" /></figure>



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<p>आरा, 22 अप्रैल( <strong>ओ पी पांडेय</strong>). कहा जाता है कि कानून के हाथ लम्बे होते हैं और उसके पंजे से कोई नही बच पाता है. लेकिन कानून के दाव और साक्ष्य के इस पेंच में फैसला आते-आते बहुत देरी हो जाता है तो निराशा और हताशा उम्मीदों के दिये को बुझा हौसले को पस्त कर देती है. बड़े-बड़े नामों में भी फैसले आने में काफी वक्त लग जाते हैं. हम बात कर रहे हैं आरा के बहुचर्चित नेता विशेश्वर ओझा हत्याकांड की जिन्हें 8 साल पहले सरेआम गोलियों से भून उनकी हत्या कर दी गयी थी.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="529" height="600" src="https://www.patnanow.com/assets/2018/04/IMG_20180416_111339.png" alt="" class="wp-image-32687" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2018/04/IMG_20180416_111339.png 529w, https://www.patnanow.com/assets/2018/04/IMG_20180416_111339-309x350.png 309w" sizes="(max-width: 529px) 100vw, 529px" /></figure>



<p>भोजपुर के चर्चित विशेश्वर ओझा हत्याकांड में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए इस कांड के किंग पिन मिश्रा बंधुओ को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. ADJ 8 की कोर्ट ने नामजद मुख्य आरोपी, सगे भाइयों हरेश मिश्रा व ब्रजेश मिश्रा को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही कोर्ट ने दोनों के ऊपर 85-85 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है. वहीं अन्य पांच दोषियों को 10 साल की सजा के साथ उनपर 35 हजार रुपए की आर्थिक दंड भी लगाया है.</p>



<p>आरा सिविल कोर्ट में पिछले आठ सालों से चल रहे इस ह्त्याकांड के मामले में पिछले 9 अप्रैल को कोर्ट ने कांड में नामजद अभियुक्त ब्रजेश मिश्रा और हरेश मिश्रा समेत सात आरोपियों उमाकांत मिश्रा, टुन्नी मिश्रा, बसंत मिश्रा, हरेंद्र सिंह, पप्पू सिंह को दोषी करार दिया था जबकि साक्ष्य के अभाव में 6 आरोपियों को कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया था.</p>



<p>ब्रजेश मिश्रा और हरेश मिश्रा दोनों सगे भाई हैं, जिन्हें साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने इस हत्याकांड को अंजाम देने वाला मान उन्हें सजा सुनाई है. दोनों भाईयों ने अपने साथियों के साथ मिलकर भाजपा के तत्कालीन प्रदेश उपाध्यक्ष विशेश्वर ओझा को गोलियों से भून उनकी हत्या को अंजाम दिया था.</p>



<p>9 अप्रैल को अपना फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने 7 लोगों को उक्त हत्याकांड का दोषी माना था. आरा की ADJ-8 की कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए अभियुक्त ब्रजेश मिश्रा और हरेश मिश्रा समेत सात को दोषी ठहराया था, जिन्हें आज आजीवन सजा मुकर्रर कर दी गयी. वहीं, साक्ष्य के अभाव में पिछली बार ही छह को दोषमुक्त भी कर दिया गया.</p>



<p><strong>मुख्य गवाह हत्याकांड में मिश्रा बंधुओं को आजीवन कारावास</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="634" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/04/1000540935-scaled.jpg" alt="" class="wp-image-83832" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2024/04/1000540935-scaled.jpg 1024w, https://www.patnanow.com/assets/2024/04/1000540935-650x403.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2024/04/1000540935-1536x951.jpg 1536w, https://www.patnanow.com/assets/2024/04/1000540935-2048x1269.jpg 2048w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>जिला अभियोजन पदाधिकारी सह अपर लोक अभियोजक माणिक कुमार सिंह ने बताया कि मुख्य गवाह कमल किशोर मिश्रा की हत्या के मामले में मिश्रा बंधु ब्रजेश मिश्रा व उसके एक भाई के साथ-साथ उसके सहयोगी दोषी साबित हो चुके हैं. एडीजे -2 अखिलेश सिंह की अदालत ने पिछले महीने ही उन सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.</p>



<p><strong>ये हैं दोषी</strong><br>कोर्ट ने हरेश मिश्रा और उसके भाई ब्रजेश मिश्रा को हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के मामले का दोषी पाया है. वहीं उमाकांत, टुनी, बसंत, पप्पू और हरेन्द्र सिंह को 307 IPC एवं 27 आर्म्स एक्ट में दोषी पाया है.</p>



<p><strong>6 आरोपी हुए दोषमुक्त</strong></p>



<p>कोर्ट ने इस कांड में आरोपी बनाये गये कुंदन, संतोष, विनोद, भृगु, मदन, बबलू को संदेह का लाभ देते हुए इन सभी 6 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया.</p>



<p><strong>8 साल पहले ऐसे हुई थी हत्या</strong></p>



<p>शाहाबाद के बहुचर्चित समाजसेवी व नेता विशेश्वर ओझा की हत्या के 8 साल पुराने केस का पटाक्षेप हो गया. 12 फरवरी, 2016 की शाम अपराधियों ने विशेश्वर ओझा की हत्या कर दी थी. अपनी सफारी गाड़ी से ड्राइवर राकेश कुमार ओझा और चार अन्य समर्थकों के साथ वे बभनौली निवासी चंदेश्वर उपाध्याय के भतीजे की बारात में सम्मिलित होने परसोंडा टोला स्थित मृत्युंजय मिश्रा के गए थे. वहां से निकलने के बाद एक दूसरी गाड़ी उनके काफिले में शामिल हो गई. विशेश्वर ओझा के घर लौटने के दौरान सोनबरसा मैदान में मिश्रा बंधुओ ने अपने सहयोगियों के साथ उनकी गाड़ी को रोक लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इस फायरिंग में विशेश्वर ओझा एवं उनके ड्राइवर राकेश कुमार ओझा को गोली लगी और अस्पताल ले जाने के क्रम में ही उनकी मृत्य हो गयी. अस्पताल पहुंचने पर डाक्टरों ने उन्हें मृत बताया.</p>



<p>विशेश्वर ओझा उस समय भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष थे. विशेश्वर ओझा की हत्या के बाद प्रदेश की राजनीति में तूफान मच गया. राजनाथ ओझा के बयान पर शाहपुर थाना कांड संख्या- 48/2016 अंकित किया गया, जिसमें कुल सात नामजद एवं तीन-चार अन्य अज्ञात का जिक्र किया गया था. पुलिस ने अपनी जांच के बाद कुल 13 अभियुक्त के विरुद्ध न्यायालय में 2 आरोप पत्र समर्पित किये थे.</p>



<p><strong>कोर्ट में चिकित्सकों की भी हुई थी गवाही</strong></p>



<p>इस मामले के ट्रायल में शहर के तीन नामी चिकित्सकों की गवाही अभियोजन ने कराई. जिला अभियोजन पदाधिकारी सह अपर लोक अभियोजक माणिक कुमार सिंह ने बताया कि डॉक्टर कृपा शंकर चौबे की अध्यक्षता में एक तीन सदस्य मेडिकल टीम का गठन पोस्टमार्टम कराने के लिए किया गया था. जिस टीम ने पोस्टमार्टम किया था, उस टीम का नेतृत्व करने वाले डॉक्टर कृपा शंकर चौबे का इस कांड में साक्ष्य परीक्षण कराया गया. इसके अलावा शहर के विख्यात चिकित्सक डॉ. विकास सिंह की भी गवाही करायी गयी. जिनके यहां गोलियां निकाली गई थी. शाहपुर रेफरल अस्पताल में विशेश्वर ओझा का प्रथम इलाज करने वाले डॉक्टर रमाशंकर चौबे की भी इस कांड में गवाही करवाई गई. डॉ. रमाशंकर चौबे ने विशेश्वर ओझा के ड्राइवर रमाशंकर ओझा का इलाज भी किया था, जिसकी गोलियां निकल गई थी और इस संबंध में भी चिकित्सकों ने अपने साक्ष्य परीक्षण में जिक्र किया था.</p>



<p><strong>गवाही देने वाले थे 10 लोग</strong></p>



<p>विशेश्वर ओझा हत्याकांड में कुल 10 गवाह की गवाही अभियोजन की ओर से कराई गई. इसमें चार प्रत्यक्षदर्शी, तीन चिकित्सक, एक जांच अधिकारी, दो स्वतंत्र जब्ती सूची गवाह शामिल हैं.</p>



<p><strong>जब मुख्य गवाह कमल किशोर मिश्रा की ही हो गयी हत्या</strong></p>



<p>अपराधियों की घृष्टता और धौंस इसी से समझा जा सकता है कि इस कांड में मुख्य साजिशकर्ता और अभियुक्त ब्रजेश मिश्रा के मामले के ट्रायल के दौरान ही गवाही से पहले मुख्य गवाह व चश्मदीद कमल किशोर मिश्रा की हत्या 28 सितंबर, 2018 को अपराधियों ने कर दी. उसके बाद तो ऐसा लगा जैसे कोई भी डर के मारे गवाह नही बनेगा और गवाह के अभाव में यह केस बन्द हो जाएगा और न्याय अधूरा रह जाएगा. लेकिन बाद में जिला अभियोजन पदाधिकारी माणिक कुमार सिंह ने ट्रायल के दौरान कमल किशोर मिश्रा की गवाही और प्रति परीक्षण को उनकी हत्या के उपरांत प्रदर्श के रूप में अंकित कराया. जिसे न्यायालय ने बहस के दौरान साक्ष्य परीक्षण के तौर पर स्वीकार कर लिया और उसी के आधार पर को उक्त फैसला सुनाया गया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="400" src="https://www.patnanow.com/assets/2024/04/1000541461.jpg" alt="" class="wp-image-83852" /></figure>



<p>कोर्ट के आये फैसले पर स्व. विशेश्वर ओझा के पुत्र राकेश ओझा ने खुशी जाहिर की है. उन्होंने <strong>पटना नाउ</strong> से बात करते हुए कहा कि कोर्ट के फैसले का हम सम्मान करते हैं. फैसला आने में देरी का कारण अपराधियों द्वारा गवाहों को डराने-धमकाने और उनकी हत्या तक जैसे संगीन अपराध कर्म है. केस को कई तरह से कमजोर करने की अपराधियों ने षड़यंत्र चला लेकिन सत्य आखिर सत्य होता है जो न्याय के कटघरे में सम्मान पाता ही है. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो उच्च न्यायालय में भी अपराधियों के हाई पनिशमेंट के लिए रुख करेंगे.</p>
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		<title>बिहार युवा अधिवक्ता कल्याण समिति की बैठक संपन्न</title>
		<link>https://www.patnanow.com/adhivakta-kalyan-samiti-ki-baithak/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 14 May 2023 15:59:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[We Care]]></category>
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		<category><![CDATA[पटना नाउ]]></category>
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					<description><![CDATA[अधिवक्ताओं के संघर्ष के लिए प्रस्तावित मांगो व अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम पर हुई चर्चा आरा, 14 मई. बिहार युवा अधिवक्ता कल्याण समिति की प्रवर समिति द्वारा गठित विस्तृत कार्यदल की बैठक पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिला बार एशोसियेशन, सिविल कोर्ट, आरा के मुख्य सभागार में समिति के पूर्व प्रदेश महामंत्री गणेश पाण्डेय की अध्यक्षता तथा नीतीश कुमार सिंह के संचालन में सम्पन्न हुई. बैठक में संगठन की मजबूती हेतु सभी शाखाओं को विशेष रूप से क्रियाशील करने, वर्तमान परिप्रेक्ष्य में अधिवक्ताओं की भूमिका एवं अधिवक्ताओं के संघर्ष के लिए प्रस्तावित मांगो, अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम सहित समिति की प्रमुख मांगों की पूर्ति हेतु आन्दोलनात्मक रणनीति, अधिवक्ताओं की मांगों की पूर्ति के लिए चलाये जा रहे दमन चक्र के विरुद्ध उचित कार्रवाई, समिति के महाधिवेशन संबंधित आवश्यक बिन्दुओं आदि पर गहन विचार विमर्श किया गया एवं आवश्यक निर्णय लिए गये. अपनी अध्यक्षीय भाषण के दौरान गणेश पाण्डेय ने समिति के मध्य एकजुटता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया. बैठक में समिति के पूर्व राज्याध्यक्ष आशुतोष कुमार, जिला बार एशोसियेशन आरा के महासचिव जयंत कुमार सिंह एवं अध्यक्ष राकेश कुमार मिश्रा तथा कोषाध्यक्ष एवं समिति के शाखाध्यक्ष मनोरंजन कुमार सिंह, समिति के पूर्व उपाध्यक्ष अरशद मोहम्मद जफर, पूर्व संगठन मंत्री विजय चन्द्र पाठक, आरा के सुनील कुमार सिंह, धीरेन्द्र प्रताप सिंह एवं अजय कुमार दुबे, रोसड़ा के संजीव कुमार महाराज,पूर्व संगठन मंत्री एवं पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सुनील कुमार सिंह, सासाराम के आशुतोष कुमार सिंह एवं सरदार विनय सागर सिंह, अरवल के सियाराम शर्मा, जहानाबाद के श्रीराम,विकास कुमार, धनंजय कुमार, पटना [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>अधिवक्ताओं के संघर्ष के लिए प्रस्तावित मांगो व अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम पर हुई चर्चा</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/PNC_Advocate-committee-meeting-02-650x488.jpg" alt="" class="wp-image-74351" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/PNC_Advocate-committee-meeting-02-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/PNC_Advocate-committee-meeting-02-350x263.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/PNC_Advocate-committee-meeting-02.jpg 720w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>आरा, 14 मई. बिहार युवा अधिवक्ता कल्याण समिति की प्रवर समिति द्वारा गठित विस्तृत कार्यदल की बैठक पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिला बार एशोसियेशन, सिविल कोर्ट, आरा के मुख्य सभागार में समिति के पूर्व प्रदेश महामंत्री गणेश पाण्डेय की अध्यक्षता तथा नीतीश कुमार सिंह के संचालन में सम्पन्न हुई.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/PNC_Advocate-committee-meeting-01-650x488.jpg" alt="" class="wp-image-74347" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/PNC_Advocate-committee-meeting-01-650x488.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/PNC_Advocate-committee-meeting-01-350x263.jpg 350w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/PNC_Advocate-committee-meeting-01.jpg 720w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>बैठक में संगठन की मजबूती हेतु सभी शाखाओं को विशेष रूप से क्रियाशील करने, वर्तमान परिप्रेक्ष्य में अधिवक्ताओं की भूमिका एवं अधिवक्ताओं के संघर्ष के लिए प्रस्तावित मांगो, अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम सहित समिति की प्रमुख मांगों की पूर्ति हेतु आन्दोलनात्मक रणनीति, अधिवक्ताओं की मांगों की पूर्ति के लिए चलाये जा रहे दमन चक्र के विरुद्ध उचित कार्रवाई, समिति के महाधिवेशन संबंधित आवश्यक बिन्दुओं आदि पर गहन विचार विमर्श किया गया एवं आवश्यक निर्णय लिए गये.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/PNC_Advocate-committee-meeting.jpg" alt="" class="wp-image-74348" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/PNC_Advocate-committee-meeting.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/PNC_Advocate-committee-meeting-350x158.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>अपनी अध्यक्षीय भाषण के दौरान गणेश पाण्डेय ने समिति के मध्य एकजुटता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया. बैठक में समिति के पूर्व राज्याध्यक्ष आशुतोष कुमार, जिला बार एशोसियेशन आरा के महासचिव जयंत कुमार सिंह एवं अध्यक्ष राकेश कुमार मिश्रा तथा कोषाध्यक्ष एवं समिति के शाखाध्यक्ष मनोरंजन कुमार सिंह, समिति के पूर्व उपाध्यक्ष अरशद मोहम्मद जफर, पूर्व संगठन मंत्री विजय चन्द्र पाठक, आरा के सुनील कुमार सिंह, धीरेन्द्र प्रताप सिंह एवं अजय कुमार दुबे, रोसड़ा के संजीव कुमार महाराज,पूर्व संगठन मंत्री एवं पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सुनील कुमार सिंह, सासाराम के आशुतोष कुमार सिंह एवं सरदार विनय सागर सिंह, अरवल के सियाराम शर्मा, जहानाबाद के </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="292" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/PNC_Advocate-committee-meeting-04.jpg" alt="" class="wp-image-74349" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/PNC_Advocate-committee-meeting-04.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/PNC_Advocate-committee-meeting-04-350x157.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>श्रीराम,विकास कुमार, धनंजय कुमार, पटना सिविल कोर्ट के उपेन्द्र कुमार, उदय शंकर सिंह, सतीश कुमार वर्मा एवं कुंजन कुमार मण्डल, पूर्व महामंत्री दिगंबर कुमार सिंह, पटना उच्च न्यायालय के धीरज कुमार सहगल, कृष्ण बिहारी श्रीवास्तव, अंजना, राजेश सिंह, सुनील कुमार सिन्हा, समिति की प्रखर नेत्री एवं पूर्व संयोजिका नीलिमा सिन्हा, पूर्व महामंत्री सुधीर कुमार सिन्हा, पूर्व राज्याध्यक्ष प्रभाकर महाराज, पू,पूर्व राज्याध्यक्ष बिनोद कुमार गुप्ता, पूर्व प्रभारी महामंत्री शशांक कुमार सिंह, छपरा के यशराज वर्धन, अजय कुमार तिवारी,पंकज कुमार, रवि कुमार, सत्येंद्र कुमार, प्रेम कुमार, सुनील कुमार, चंदेश्वर राय,सतीश चंद्र गुप्ता, कमलेश कुमार साह, राजेश्वर प्रसाद,नंदजी कुमार, राकेश कुमार पांडेय, रैश अहमद आदि अधिवक्ताओं ने सम्बोधित किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="293" src="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/PNC_Advocate-committee-meeting-05.jpg" alt="" class="wp-image-74350" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2023/05/PNC_Advocate-committee-meeting-05.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2023/05/PNC_Advocate-committee-meeting-05-350x158.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>बैठक की अगली कड़ी में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया तथा समिति दिवंगत पूर्व पदाधिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई जिसमें समिति के पूर्व राज्याध्यक्ष स्वर्गीय रामचन्द्र लाल दास, पूर्व राज्याध्यक्ष स्वर्गीय दीप नारायण दूबे, पूर्व राज्याध्यक्ष स्वर्गीय अजीत कुमार सिंह एवं पूर्व राज्याध्यक्ष स्वर्गीय संजय कुमार &#8220;मनु&#8221; तथा पूर्व प्रदेश महामंत्री स्वर्गीय कमलेश्वर झा प्रमुख हैं. अंत में दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शान्ति के लिए प्रार्थना की गई.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने के लिए आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन</title>
		<link>https://www.patnanow.com/advocate-protection-law-ke-liye-pradarshan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 28 Jul 2022 06:10:31 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पटना, 28 जुलाई. पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता एवं आरा बार संघ के सदस्य,बिहार युवा अधिवक्ता कल्याण समिति के प्रमण्डलीय मंत्री नीतीश कुमार सिंह ने बिहार स्टेट बार काउंसिल के प्रांगण में क्रांतिकारी अधिवक्ता मंच के बैनर तले एकदिवसीय धरना प्रदर्शन में कहा कि कोरोना काल मे बहुसन्ख्यक अधिवक्ता साथी दवा के अभाव में काल के गाल में समा गये. सरकार ने सभी वर्गो की आर्थिक सहायता की लेकिन अधिवक्ता वर्ग की उपेक्षा की. जिन्हें कोरोना के बाद भी अभी तक सरकार द्वारा कोई वित्तीय सहायता नहीं दी गई है. 20% अधिवक्ता बंधु इस पेशे को छोड़ चुके है. इस कारण सरकार को डेथ क्लेम, मेडी क्लेम बढाने के आलावा अविलंब वित्तीय सहायता देनी चाहिए. नीतीश कुमार सिंह ने वादकारियों के लिए सस्ते दर पर नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराने, नए अधिवक्ताओं को दस हजार रुपये मासिक धनराशि देने, अधिवक्ताओं की आकस्मिक मृत्यु पर उनके परिजनों को 50 लाख रुपये देने एवं बीमार होने पर नि:शुल्क चिकत्सा देने की मांग रखी. कार्यक्रम की अध्यक्षता विंध्यकेशरी सिंह और मंच का संचालन रणविजय सिंह ने किया. अध्यक्षीय भाषण में डेथ क्लेम को 5 लाख से 15 लाख करने, मेडीक्लेम को 1 लाख से 2 लाख करने, वेलफेयर ट्रस्टी कमिटी फण्ड घोषित करने, एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने जैसे बहुप्रतीक्षित मांगों को लेकर हुये आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन को संबोधित करते हुये विंध्यकेशरी सिंह ने कहा की अगर डेथ क्लेम मेडी क्लेम को सरकार नहीं बढ़ाती है तो हमलोग एडवोकेट जेनरल का घेराव करेंगे. अधिवक्ता रणविजय सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में अग्रणी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>पटना, 28 जुलाई. पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता एवं आरा बार संघ के सदस्य,बिहार युवा अधिवक्ता कल्याण समिति के प्रमण्डलीय मंत्री नीतीश कुमार सिंह ने बिहार स्टेट बार काउंसिल के प्रांगण में क्रांतिकारी अधिवक्ता मंच के बैनर तले एकदिवसीय धरना प्रदर्शन में कहा कि कोरोना काल मे बहुसन्ख्यक अधिवक्ता साथी दवा के अभाव में काल के गाल में समा गये. सरकार ने सभी वर्गो की आर्थिक सहायता की लेकिन अधिवक्ता वर्ग की उपेक्षा की. जिन्हें कोरोना के बाद भी अभी तक सरकार द्वारा कोई वित्तीय सहायता नहीं दी गई है. 20% अधिवक्ता बंधु इस पेशे को छोड़ चुके है. इस कारण सरकार को डेथ क्लेम, मेडी क्लेम बढाने के आलावा अविलंब वित्तीय सहायता देनी चाहिए. नीतीश कुमार सिंह ने वादकारियों के लिए सस्ते दर पर नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराने, नए अधिवक्ताओं को दस हजार रुपये मासिक धनराशि देने, अधिवक्ताओं की आकस्मिक मृत्यु पर उनके परिजनों को 50 लाख रुपये देने एवं बीमार होने पर नि:शुल्क चिकत्सा देने की मांग रखी.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Advocate-protection-law-Patna-3.jpg" alt="" class="wp-image-64889" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Advocate-protection-law-Patna-3.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Advocate-protection-law-Patna-3-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>कार्यक्रम की अध्यक्षता विंध्यकेशरी सिंह और मंच का संचालन रणविजय सिंह ने किया. अध्यक्षीय भाषण में डेथ क्लेम को 5 लाख से 15 लाख करने, मेडीक्लेम को 1 लाख से 2 लाख करने, वेलफेयर ट्रस्टी कमिटी फण्ड घोषित करने, एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने जैसे बहुप्रतीक्षित मांगों को लेकर हुये आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन को संबोधित करते हुये विंध्यकेशरी सिंह ने कहा की अगर डेथ क्लेम मेडी क्लेम को सरकार नहीं बढ़ाती है तो हमलोग एडवोकेट जेनरल का घेराव करेंगे.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="509" height="311" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Advocate-protection-law-Patna-2.jpg" alt="" class="wp-image-64890" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Advocate-protection-law-Patna-2.jpg 509w, https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Advocate-protection-law-Patna-2-350x214.jpg 350w" sizes="(max-width: 509px) 100vw, 509px" /></figure>



<p>अधिवक्ता रणविजय सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाला अधिवक्ता समाज आजादी के बाद से ही उपेक्षित रहा है. आज देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है लेकिन अधिवक्ता वर्ग हाशिये पर है. आज अधिवक्ताओं को पुनः एकजुट होकर अपने हक की आवाज बुलंद करने की जरूरत है. रामसन्देश राय अधिवक्ता ने कहा कि अधिवक्ताओं की अपनी संस्था बार काउंसिल द्वारा अधिवक्ता हितों की उपेक्षा की जाती है लेकिन अबकी बार आर-पार की लड़ाई होगी.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Advocate-protection-law-Patna-4.jpg" alt="" class="wp-image-64891" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Advocate-protection-law-Patna-4.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Advocate-protection-law-Patna-4-350x263.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>शिवानंद गिरी ने अक्षम एवं वृद्ध वकीलों को पेंशन तथा पारिवारिक पेंशन की व्यवस्था करने की बात कही. कुलदीप नारायण दुबे ने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार में 18 कैबिनेट मंत्री है लेकिन अधिवक्ताओ के प्रति गूंगे बहरे बने हुये हैं. राजकुमार राजेश ने अधिवक्ताओं से अपने हक की लड़ाई के लिए एकजुट होने का आहवान किया.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="400" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Advocate-protection-law-Patna-1.jpg" alt="" class="wp-image-64892" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Advocate-protection-law-Patna-1.jpg 650w, https://www.patnanow.com/assets/2022/07/PNC_Advocate-protection-law-Patna-1-350x215.jpg 350w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p>बिहार स्टेट बार कौंसिल सदस्य पंकज कुमार,नीतू झा,जयप्रकाश सिंह एवं काँआर्डरनिशन कमिटि के चेयरमैन योगेन्द्र प्रसाद वर्मा इस धरणा के समर्थन में अपनी उपस्थिती दर्ज करवाई अन्य वक्ताओं में प्रमुख रूप से रश्मीराज कौसिक विकी, सुनील कुमार मिश्रा, शभुशरण शर्मा,जगदीश्वर प्रसाद सिंह,जय शंकर प्रसाद सिंह,गिरीश चन्द्र, प्रभुकुमार सिंह,सृष्टि,धन्जय कुमार,फिरोज अहमद, मनीष कुमार,देव नारायण प्रसाद, ए० के० सिद्दीकी, नवल किशोर सिंह ने अपनी अपनी बात रखी. कार्यक्रम के बीच में बिहार स्टेट बार काउंसिल के चैयरमैन रमाकांत शर्मा ने एडवोकेट वेलफेयर के लिए आश्वासन दिया एवं इस मंच की माँगों को एडवोकट जेनरल ने भी सरकार तक पहुँचाने का आश्वासन दिया वो सर्वसम्मति से निर्णय हुआ कि अधिवक्ता की मांगो को एक माह में पूरा नहीं किया गया तो क्रांतिकारी अधिवक्ता मंच के बैनर तले चल रहे चरणबद्धआंदोलण को और तेज किया जायगा.</p>
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		<title>सिविल कोर्ट में पवन सिंह का क्या है मामला !</title>
		<link>https://www.patnanow.com/pawan-ka-kya-hai-kort-me-mamala/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 28 Apr 2022 13:13:55 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आरा,28 अप्रैल. भोजपुरी गायक व अभिनेता सिंह अपने हर चीज के लिए अपने चाहने वालों के बीच खासा चर्चे में रहते हैं. चाहे वह कोई फिल्म हो या गाना. चर्चा के साथ विवाद ने भी भोजपुरी के तथाकथित इस स्टार का पीछा नहीं छोड़ा है. जुबानी जंग हो या किसी गाने को लेकर जंग, जग जाहिर है. इस बार फिर से पवन सुर्खियों में हैं और इस बार वजह है उनकी पत्नी से तलाक की खबर. पवन सिंह अपनी दूसरी पत्नी ज्योति से तलाक ले रहे हैं जिसकी अर्जी उन्होंने बहुत पहले आरा सिविल कोर्ट में दिया था. इसी अर्जी पर समन मिलने के बाद उनकी पत्नी ज्योति सिंह आरा पहुंची तो यह खबर दवानल की तरह पूरे प्रदेश ही नहीं देश में फैल गई. पवन ने 7 मार्च 2018 मे उत्तर प्रदेश के बलिया जिला के मिढि थाना के मिढि गाँव के रहने वाले रामबाबू सिंह की पुत्री ज्योति सिंह से शादी हिंदू रीति रिवाज के अनुसार शादी किया था. लेकिन कुछ ही समय बाद दोनों के रिश्तों में दरार पड़गई. स्थिति ऐसी बिगड़ी कि मामला कोर्ट तक पहुंच गया. तालाक की अर्जी आने के बाद ज्योति सिंह भी गुरुवार को आरा कोर्ट में अपने वकील के साथ आईं. हालांकि मीडिया के सवालों से उनके वकील और ज्योति बचते नजर आए. ज्योति ने तो मीडिया कर्मियों से कहा कि पवन सिंह से ही पूछ लीजिए. सूत्रों की माने तो ज्योति समन मिलने के बाद अपने वकील विष्णुधर पांडेय के साथ आरा सिविल कोर्ट में पेश होकर पवन सिंह द्वारा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="359" height="479" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/IMG-20220428-WA0007.jpg" alt="" class="wp-image-61332" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/IMG-20220428-WA0007.jpg 359w, https://www.patnanow.com/assets/2022/04/IMG-20220428-WA0007-262x350.jpg 262w" sizes="(max-width: 359px) 100vw, 359px" /><figcaption>पवन सिंह और ज्योति सिंह (फाइल फोटो)</figcaption></figure>



<p>आरा,28 अप्रैल. भोजपुरी गायक व अभिनेता सिंह अपने हर चीज के लिए अपने चाहने वालों के बीच खासा चर्चे में रहते हैं. चाहे वह कोई फिल्म हो या गाना. चर्चा के साथ विवाद ने भी भोजपुरी के तथाकथित इस स्टार का पीछा नहीं छोड़ा है. जुबानी जंग हो या किसी गाने को लेकर जंग, जग जाहिर है. इस बार फिर से पवन सुर्खियों में हैं और इस बार वजह है उनकी पत्नी से तलाक की खबर. पवन सिंह अपनी दूसरी पत्नी ज्योति से तलाक ले रहे हैं जिसकी अर्जी उन्होंने बहुत पहले आरा सिविल कोर्ट में दिया था. इसी अर्जी पर समन मिलने के बाद उनकी पत्नी ज्योति सिंह आरा पहुंची तो यह खबर दवानल की तरह पूरे प्रदेश ही नहीं देश में फैल गई.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="409" height="438" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/Screenshot_20220428-163924.jpg" alt="" class="wp-image-61331" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/Screenshot_20220428-163924.jpg 409w, https://www.patnanow.com/assets/2022/04/Screenshot_20220428-163924-327x350.jpg 327w" sizes="(max-width: 409px) 100vw, 409px" /><figcaption>विष्णुधार पांडेय ज्योति सिंह के वकील</figcaption></figure>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="517" height="445" src="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/Screenshot_20220428-163901.jpg" alt="" class="wp-image-61330" srcset="https://www.patnanow.com/assets/2022/04/Screenshot_20220428-163901.jpg 517w, https://www.patnanow.com/assets/2022/04/Screenshot_20220428-163901-350x301.jpg 350w" sizes="(max-width: 517px) 100vw, 517px" /><figcaption>पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह </figcaption></figure>



<p>पवन ने 7 मार्च 2018 मे उत्तर प्रदेश के बलिया जिला के मिढि थाना के मिढि गाँव के रहने वाले रामबाबू सिंह की पुत्री ज्योति सिंह से शादी हिंदू रीति रिवाज के अनुसार शादी किया था. लेकिन कुछ ही समय बाद दोनों के रिश्तों में दरार पड़<br>गई. स्थिति ऐसी बिगड़ी कि मामला कोर्ट तक पहुंच गया. तालाक की अर्जी आने के बाद ज्योति सिंह भी गुरुवार को आरा कोर्ट में अपने वकील के साथ आईं. हालांकि मीडिया के सवालों से उनके वकील और ज्योति बचते नजर आए. ज्योति ने तो मीडिया कर्मियों से कहा कि पवन सिंह से ही पूछ लीजिए. सूत्रों की माने तो ज्योति समन मिलने के बाद अपने वकील विष्णुधर पांडेय के साथ आरा सिविल कोर्ट में पेश होकर पवन सिंह द्वारा दिये गए अर्जी पर दुख जाहिर करते न्यायलय के सामने अपने पक्ष को रखा.अगली सुनवाई 26 मई को होगी.</p>



<p><strong>PNCB</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>वर्चुअल मीटिंग कर अधिवक्ताओं ने अपने साथी अधिवक्ता की सुरक्षा की मांग की</title>
		<link>https://www.patnanow.com/adhivaktaon-ne-ki-surksha-ki-maang/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[om prakash pandey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 29 May 2021 10:43:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Crime]]></category>
		<category><![CDATA[अपना शहर]]></category>
		<category><![CDATA[फीचर]]></category>
		<category><![CDATA[Advocate of Ara]]></category>
		<category><![CDATA[ARA]]></category>
		<category><![CDATA[BHOJPUR]]></category>
		<category><![CDATA[Civil court Ara]]></category>
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					<description><![CDATA[आरक्षी अधीक्षक से अपराधियों की गिरफ्तारी समेत अधिवक्ता को सुरक्षा देने की मांग आरा,29 मई. बिहार युवा अधिवक्ता कल्याण समिति,शाखा-आरा की वर्चुअल बैठक प्रातः बुधवार(27 मई) को 11.00 बजे हुई, जिसकी अध्यक्षता मनोरंजन कुमार सिंह तथा शाहाबाद प्रमंडलीय मंत्री नीतिश कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से की. इस बैठक में आरा बार के सदस्य अधिवक्ता विजय शंकर तिवारी पिता- अधिवक्ता स्व० श्री राम तिवारी, ग्राम-पिलीयाँ,थाना-जगदीशपुर की जान से मारने की धमकी की तीव्र भर्त्सना करते हुए भोजपुर आरक्षी अधीक्षक से अपराधियों की अविलम्ब गिरफ्तारी,अधिवक्ता को सुरक्षा देने की माँग तथा दोषी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की गई. नीतिश कुमार सिंह ने अपने मित्र स्व० प्रीतम नारायण सिंह, अधिवक्ता की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि अगर प्रीतम नारायण सिंह को सुरक्षा मुहैया कराई जाती तो वे बच सकते थे. साथ ही समिति ने अधिवक्ताओं की व्यापक सुरक्षा हेतु अविलम्ब अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू करने की भी मांग की. इसके साथ ही भारतीय विधिज्ञ परिषद,राज्य विधिक परिषद एवं राज्य सरकार से अविलंब आर्थिक पैकेज की माँग की गई. इस वैश्विक संकट के समय अपने हमें,अपना,अपने परिवार अपने कनिष्ठ अधिवक्ताओं व मुंशियों/टाइपिस्ट आदि का ख्याल रखने की अपील की गई. सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशो का पालन करने व समाज को जागरुक कर सही दिशा दिखाने की अपील भी की गई. बैठक में स्वागत भाषण व बैठक की शुरुआत अधिवक्ता रश्मिराज कौशिक विक्की ने किया. उन्होंने कहा कि सरकार को अधिवक्ताओं की सुरक्षा पर ध्यान देना होगा. जिला प्रशासन को अधिवक्ताओं की सुरक्षा के हित मेें कदम [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>आरक्षी अधीक्षक से अपराधियों की गिरफ्तारी समेत अधिवक्ता को सुरक्षा देने की मांग</strong></p>



<p>आरा,29 मई. बिहार युवा अधिवक्ता कल्याण समिति,शाखा-आरा की वर्चुअल बैठक प्रातः बुधवार(27 मई) को 11.00 बजे हुई, जिसकी अध्यक्षता मनोरंजन कुमार सिंह तथा शाहाबाद प्रमंडलीय मंत्री नीतिश कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से की. इस बैठक में आरा बार के सदस्य अधिवक्ता विजय शंकर तिवारी पिता- अधिवक्ता स्व० श्री राम तिवारी, ग्राम-पिलीयाँ,थाना-जगदीशपुर की जान से मारने की धमकी की तीव्र भर्त्सना करते हुए भोजपुर आरक्षी अधीक्षक से अपराधियों की अविलम्ब गिरफ्तारी,अधिवक्ता को सुरक्षा देने की माँग तथा दोषी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की गई.</p>



<p>नीतिश कुमार सिंह ने अपने मित्र स्व० प्रीतम नारायण सिंह, अधिवक्ता की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि अगर प्रीतम नारायण सिंह को सुरक्षा मुहैया कराई जाती तो वे बच सकते थे. साथ ही समिति ने अधिवक्ताओं की व्यापक सुरक्षा हेतु अविलम्ब अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू करने की भी मांग की. इसके साथ ही भारतीय विधिज्ञ परिषद,राज्य विधिक परिषद एवं राज्य सरकार से अविलंब आर्थिक पैकेज की माँग की गई.</p>



<p>इस वैश्विक संकट के समय अपने हमें,अपना,अपने परिवार अपने कनिष्ठ अधिवक्ताओं व मुंशियों/टाइपिस्ट आदि का ख्याल रखने की अपील की गई. सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशो का पालन करने व समाज को जागरुक कर सही दिशा दिखाने की अपील भी की गई. बैठक में स्वागत भाषण व बैठक की शुरुआत अधिवक्ता रश्मिराज कौशिक विक्की ने किया. उन्होंने कहा कि सरकार को अधिवक्ताओं की सुरक्षा पर ध्यान देना होगा. जिला प्रशासन को अधिवक्ताओं की सुरक्षा के हित मेें कदम उठाने चाहिए. बैठक में अधिवक्ता नीतीश कुमार सिंह,रश्मिराज कौशिक विक्की , रंजीत सिंह,उपेन्द्र सिंह,दीपक कुमार,संतोष कुमार,सुनिल कुमार चौधरी आदि सम्मिलित हुए.</p>



<p><strong>PNCB</strong></p>
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